गुरुवार, 3 मार्च 2022

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

आपको किसी तरह का कोई तनाव न हो। आपका मन शांत हो। आप सुकून महसूस करें। लेकिन अमूमन ये हो नहीं पाता। दिनभर चाहे आप दफ्तर में रहें, कॉलेज जाएं या घर के कामों में उलझे रहें… तनाव हो ही जाता है। तनाव यानी स्ट्रेस। ये तनाव आपको रात को सोने नहीं देता। ये आपको मानसिक और शारीरिक तरीके से नुकसान पहुंचाता है। अगर आप छोटी सी कोशिश करें तो तनाव को मिनटों में दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस एक तेज़ पत्ता चाहिए ।
 

तेज़ पत्ता हर किसी की किचन में बड़े ही आराम से मिल जाता है।


ये सिर्फ 5 मिनट में आपके तनाव को दूर करने की क्षमता रखता है। एक रशियन साइंटिस्ट ने इस पर स्टडी की और पाया कि यह हमारे तनाव को दूर कर सकता है। यही वजह है कि तेज पत्‍ते को अरोमाथैरेपी के लिये इस्‍तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, तेज़ पत्ता यह त्‍वचा की बीमारियों और सांस से संबन्‍धित समस्‍याओं को भी ठीक करने के लिये जाना जाता है।

कैसे करें इस्तेमाल :

एक तेज पत्‍ता लें और उसे किसी कटोरी या एैशट्रे में जला लें। अब इसे कमरे के अंदर लाकर 15 मिनट के लिए रख देंगे। आप पाएंगे कि तेज पत्‍ते की खुशबू पूरे कमरे में भर जाएगी। साथ ही आपको कमरे का माहौल काफी सुकून वाला लगेगा। ये आपको स्पा एक्सपीरियेंस देगा। कुछ देर इस कमरे में रिलेक्स होकर बैठ जाएं, आपको अपने अंदर सुकून बहता हुआ महसूस होगा और आपका तनाव कम होने लगेगा।

तेज पत्ते को जलाने के फायदे :

हमारा अच्छा , बुरा व्यवहार हमारे आस पास के वातावरण पर निर्भर करता है, हमारे आस पास की सुगंध–दुर्गन्ध हमारे व्यवहार को प्रभावित करती है | हमारे आस पास की नकारात्मक उर्जा हमारे अच्छे व्यवहार को बुरे व्यवहार की तरफ तब्दील कर देती है


आज हम आपको बताये गे प्राचीन काल से चला आ रहा नकारात्मक वायु के परभाव को कम करने वाला नुख्सा  तेज पत्ते को जलाने से आपके व्यवहार में हैरानीजनक बदलाव आ जायेगा 

तेज पत्ते को जलाने से निकलने वाला धुआं आपके आस पास के वातावरण को कुछ इस तरेह से बदल देगा के आपका और आपके आस पास के लोग का व्यवहार खुशमिजाज हो जायेगा  अपने घर में या अपने आप पास की किसी भी जगह पर तेज पत्ते को जलाये और इस का जादू देखें

तेज पत्ते के जलाने के फायदे बस यही पर ही ख़त्म नहीं होते तेज पत्ता प्राचीन काल से बिमारिओ को ठीक करने के लिए रामबाण माना जाता है आप इसको अपने खाने में पका सकते है तथा पानी में उबाल कर पी सकते है !

अच्छी नींद के लिए -

रात को सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है. तेजपत्ते के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है.
 

पेट के लिए -

अगर आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं तो आप तेजपत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं. पेट से जुड़ी कई समस्याओं में ये कारगर उपाय है. चाय में तेजपत्ते का इस्तेमाल करके कब्ज, एसिडिटी और मरोड़ जैसी समस्याओं से राहत पा सकते हैं.

डायबिटीज रोगियों के लिए -

तेजपत्ते का इस्तेमाल टाइप 2 डायबिटीज में करना फायदेमंद होता है. ये ब्लड शुगर के लेवल को सामान्य बनाए रखता है और दिल की क्रियाशीलता पर भी सकरात्मक प्रभाव डालता है. ऐसे में जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं उनके लिए इसका सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है.

पथरी में लाभदायक -

किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीने से किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं में फायदा मिलता है.

सर दर्द में -

दर्द में राहत के लिए भी तेजपत्ता एक कारगर उपाय है. तेजपत्ते के तेल से प्रभावित जगह पर मसाज करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा अगर तेज सिर दर्द हो रहा हो तो भी इसके तेल से मसाज करना अच्छा रहता है.
 

मिर्गी के रोगियों के लिए - 

तेज पत्ता Anti Inflammatory होता है, अगर आप मिर्गी के मरीज हो तो तेज पत्ते का धुआ आपके लिए वरदान है 
 

काकरोच को दूर भगाने के लिए - 

काकरोच को भगाने के लिए बाजार में बहुत सारे प्रोडक्ट्स पाए जाते है जो के बेहद महंगे और हमारे लिए तथा बचों की सेहत के लिए नुकसानदायक होते है
अगर आप काकरोच से परेशान है तो तेज पत्तो को जला कर अपनी रसोई , गार्डन के कोनो में रखे और यह आपकी सेहत के लिए बिलकुल भी हानिकारक नहीं है!
 
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।   
 

मंगलवार, 1 मार्च 2022

आज से ही गर्म पानी पीने की आदत डालें,  इन 15 बीमारियों का है रामबाण इलाज

आज से ही गर्म पानी पीने की आदत डालें, इन 15 बीमारियों का है रामबाण इलाज

कहा जाता है कि व्‍यक्ति का शरीर में 70 प्रतिशत पानी ही होता है इसलिए हमारे शरीर में सबसे ज्‍यादा पानी की आवश्‍यकता होती है। अगर कोई व्‍यक्ति पानी पर्याप्‍त सेवन नहीं करता है तो उसे कई तरह की बिमारीयों का सामना करना सकता है इसलिए कहा गया है कि पानी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद जरूरी है। 
 
लोगों के जहन में अक्‍सर ये सवाल आता है कि रोजाना कितना पानी पीना चाहिए, इसे लेकर हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है। इस मुद्दे पर कई साल तक बहस भी हो चुकी है वहीं ये भी जरूरी है कि शरीर में न तो पानी की कमी होनी चाहिए और न ही अति लेकिन वहीं आपको ये भी बता दें कि अगर आप दूषित पानी पीते हैं तो आपको अनेकों बिमारियाँ हो सकती है।
 


वहीं अगर सर्दीयों की बात करें तो एक आदत आपके जीवन शैली में बहुत जरूरी है क्‍योंकि माना जाता है कि अगर सर्दियों में आप रोजाना गर्म पानी पीते हैं तो आपके शरीर में कोई बीमारी नहीं उत्पन्न होगी साथ ही आज हम आपको गर्म पानी पीने के कुछ ऐसे फायदे बताने जा रहे हैं जो सच में बहुत ही लाभकारी साबित हुए है आइए जानते हैं कि कैसे एक महिला को गर्म पानी पीने के पॉजिटीव परिणाम मिले।
 

1. कीटाणु की समस्‍या-

गर्म पानी का सेवन करने से पानी के अंदर मौजूद सभी कीटाणु मर जाते है। साथ ही अगर आप वहीं पानी बिना गर्म करे पीते हैं तो कीटाणु आपके शरीर के अंदर प्रवेश डायरेक्‍त प्रवेश कर जाते हैं जो कि कई खतरनाक बिमारियों को जन्‍म दे सकते हैं इसलिए ध्‍यान रहे कि आप हमेशा पानी को गर्म करके ही पिये।

2. मोटापे की समस्‍या-

मोटापे से परेशान लोगों के लिए रोज़ सुबह खाली पेट गर्म पानी में निम्बू का रस डाल कर पीना बेहद फायदेमंद साबित होगा इसका असर आपको शुरवात के कुछ ही दिनों में दिखना शुरू हो जायेगा। जानकारी के अनुसार निम्बू में सिट्रिक अमल होता है। जो की सीधा मोटापे पर हमला करता है।
 

3. पाचन की समस्‍या-

वहीं अगर किसी व्‍यक्ति को खाना पचाने में समस्‍या होती है तो उसके लिए उसे बस रोज़ सुबह उठकर खाली पेट गर्म पानी में 2 चम्‍मच काला नमक मिलाकर पीना चाहिए ऐसा करने से वो स्‍वस्‍थ हो जाएगा।

4. गैस की समस्‍या-

वहीं अगर किसी व्‍यक्ति को गैस की समस्‍या है तो वो रोज़ सुबह गर्म पानी में तुलसी डाल कर पिये तो उसके शरीर से गैस की दिक्कत हमेशा से खत्म जाएगी।
 

5. खांसी की समस्या-

किसी व्‍यक्ति को खांसी की समस्या है तो आप पानी में अदरक डाल कर गर्म करले और उसका प्रतिदिन सेवन करे। इससे आपको खासी में आराम मिलेगा।

6. सर्दी-जुकाम से राहत -

कभी कभी ऐसा होता है की बिना मौसम भी आपको छाती में जकड़न और जुकाम शिकायत हो जाती है, तो ऐसे में आप गर्म पानी पीना किसी रामबाण से कम नहीं है. और गर्म पानी पीने से आपका गला भी ठीक रहता है.
 
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7. पीरियड्स बनाए आसान -

पीरियड्स का दर्द अक्सर महिलाओं के सभी कामों पर एक रोक लगा देता है ऐसे में गर्म पानी पीने से इस दर्द में राहत मिल सकती है. इस दौरान आप गर्म पानी से पेट की सिकाई भी कर सकती है निश्चित ही काफी लाभ मिलेगा.

8. बढ़ती उम्र थाम लें-

एक उम्र के बाद चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियां आपको परेशान करने लगती हैं तो अब चिंता करने की कोई बात नहीं है. आज से ही गर्म पानी पीना शुरू कर दीजिये और कुछ ही हफ्तों में आप इसका कमाल देखेंगे. त्‍वचा में कसाव आने लगेगा और आपकी स्किन चमकदार भी होने लगेगी.
 
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9. बॉडी करे डिटॉक्‍स-

रोजाना गर्म पानी पीने से आपकी बॉडी डिटॉक्‍स होने लगती है  जिससे ये शरीर की सारी अशुद्धियां को आसानी से साफ कर देता है. क्योंकी गर्म पानी पीने से आपके शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, जिसकी वजह से आपको पसीना आता है और इसके माध्यम से आपके शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं.

10. बालों के लिए है फायदेमंद-

त्वचा के साथ साथ गर्म पानी का सेवन बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इससे बाल चमकदार बनते हैं और यह बालों की ग्रोथ के लिए के लिए भी बहुत अच्छा होता है.
 
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11. पेट को रखे दुरुस्‍त-

गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है और गैस की समस्या में भी राहत देता है. खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीने की आदत जरूर डालें. ऐसा करने से खाना जल्‍दी पचेगा और पेट हल्‍का रहता है.

12. ब्‍लड सर्कुलेशन को रखे सही-

हमारे शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी बॉडी में खून का संचार सही से होना बहुत जरूरी होता है और इसमें गर्म पानी पीना बहुत फायदेमंद रहता है.
 
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13. जोड़ों का दर्द करे दूर-

गर्म पानी शरीर के जोड़ों को चिकना बनाता है और जोड़ों का दर्द भी कम करता है. हमारी मांसपेशियों का 80 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है ऐसे में गर्म पानी पीने से मांसपेशियों की ऐंठन भी दूर होती है. 

डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।   

सोमवार, 28 फ़रवरी 2022

दिखें ये 8 संकेत, तो जान लें कि आपके किडनी में है स्टोन !

दिखें ये 8 संकेत, तो जान लें कि आपके किडनी में है स्टोन !

किडनी स्टोन होने पर असहनीय दर्द होता है। अगर इस दर्द से बचना चाहते है, तो पहले से जान लें ये संकेत। जिससे इससे आसानी से पा सकते निजात...

आज के समय में दुनियाभर में किडनी के मरीज दिनों-दिन बढ़ते जा रहे है। वह मेडिकल साइंस की बात करें तो इसे क्रॉनिक कि़डनी डिजीज कहते है। इस बीमारी को लेकर जागरुकता फैलाने के लिए 8 मार्च को पुरी दुनिया में वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है। आज किडनी दिवस में जानिए ऐसे संकेतो के बारें में जिससे आप खुद को फिट रख सके।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक, 13 प्रतिशत पुरुषों और सात प्रतिशत महिलाओं में गुर्दे की पथरी की समस्या पाई जाती है। आईएमए के अनुसार, पूरे दिन में तरल पदार्थो का सेवन बढ़ाने से गुर्दे की पथरी के बार-बार होने का जोखिम आधा रह जाता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता।
 

गलत खान-पान व जरुरत से कम पानी पीना किडनी की पथरी का अहम कारण है। शरीर में पानी की कमी किडनी की पथरी का मुख्य कारण है। यूरिक एसिड (मूत्र का एक घटक) पतला करने के लिए पर्याप्त पानी चाहिए होता है और ऐसा न होने पर मूत्र अधिक अम्लीय बन जाता है। यह अम्लीय किडनी की पथरी बनने का कारण होता है। किडनी की पथरी गोल्फ की एक गेंद के रूप में बड़ी हो सकती है। यह एक क्रिस्टल जैसी संरचना होती है। जिसमें असहनीय दर्द होता है।

अगर आप किडनी के स्टोन से बचना चाहते है, तो इन संकेतो को ध्यान रखें। जिससे आप इसकी पहचान कर जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें। जानिए इन संकेतों के बारे में।

किडनी की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटो या घंटो तक बना रह सकता है। इसमें दर्द के साथ जी मिचलाने तथा उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। यदि मूत्र संबंधी प्रणाली के किसी भाग में संक्रमण है तो इसके लक्षणों में बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, पेशाब आने के साथ-साथ दर्द होना आदि भी शामिल हो सकते हैं मूत्र में रक्त भी आ सकता है।
 
जो लोग इस समस्या से ग्रसित होते है। इन लोगों को यूरीन अक्सर गुलाबी, लाल या भूरे रंग का आने लगता है। जो कि आगे चलकर स्टोन बढ़ जाता है। जिसके कारण मूत्रमार्ग ब्लॉक हो जाता है, जिसके कारण यूरिन जाते समय खून के टिग्नेस आ सकते हैं।

हमेशा फीवर बना रहना -

किडनी स्टोन होने पर अक्‍सर तेज बुखार और ठंड लगने की समस्‍या बनी रहती है। इसका कारण मूत्र पथ के संक्रमण (या यूटीआई) की संभावना बढ़ जाती है। अगर ऐसा होतो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
 
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हो रही हो बैठने में परेशानी -

अगर आपको बैठने में परेशानी हो रही है, तो यह किडनी में स्टोन होने के कारण हो सकता  है, क्योंकि किडनी स्‍टोन के बड़े या काफी उत्तेजक होने पर उस क्षेत्र पर दबाव पड़ने के कारण होता है।

किडनी या पेट में सूजन -

अगर आपके पेट या किडनी में सूजन रहती है, तो यह स्टोन के कारण हो सकती है।

यूरीन करते समय दर्द होना -

अगर आपको यूरिन करते समय तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। यह किडनी में स्‍टोन होने का एक लक्षण है। ऐसा तब होता है जब किडनी स्‍टोन मूत्रमार्ग से मूत्राशय में चले जाते है। ये बेहद दर्दनाक होता है और यह अक्सर मूत्र पथ के संक्रमण (यूरिनरी ट्रेक्ट इंफैक्शन) का कारण भी बनता है।
अगक आपके पीठ में अक्सर दर्द बना रहता है। यानी कि निचले हिस्से में इसके साथ ही जांध के बीच वाले भाग में दर्द रहता है। जिसमें थोड़ा आराम मिलने के बाद फिर दर्द होने लगता है, तो यह किडनी में स्टोन होने का एक कारण है।

उल्टी -

अगर आपको हमेशा पेट में गड़बड़ी, उल्टी या मिचली आती है, तो स्टोन होने का संकेत हो सकता है। उल्टियां दो कारण के कारण आ सकती है। पहला स्टोन के स्थानांतरण के कारण तथा दूसरा किडनी शरीर के भीतर की गंदगी यानी कि टॉक्सिक को बाहर करने में मदद करते हैं और जब स्टोन के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं तो इन टॉक्सिकों को शरीर से बाहर निकालने के लिए उल्टी ही एकमात्र रास्ता बचता है।
 
अगर आपके किडनी में स्टोन है, तो यूरिन का रंग बदलने के साथ-साथ उससे बदबू भी आती है। इसका कारण शरीर में मौजूद हाई केमिकल्स है। जो कि स्टोन बनाने का कारण बनते है।
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।   

शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2022

अगर आप भी खाते है यह दवाई तो पहले ध्यान से पढ़ लें !

अगर आप भी खाते है यह दवाई तो पहले ध्यान से पढ़ लें !


हमारे शरीर को स्वस्थ रहने के लिए सभी प्रकार के विटामिन की जरूरत होती है। लेकिन विटामिन ई हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है। विटामिन ई बादाम, मूंगफली और अखरोट के साथ साथ हरी सब्जियों में पाया जाता है। लेकिन आप इसको आसानी से कैप्सूल के रूप में भी ले सकते हैं। बाजार में आपको यह आसानी से मिल जाते है और इसके लिए आपके ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं होते है।


आज हम बात करने वाले है की इन विटामिन ई के कैप्सूल के सेवन से आपको क्या क्या फायदे होते हैं और कितनी मात्रा में हमें इसका इस्तेमाल करना चाहिए। तो चलिए जानते है।
 
 

विटामिन ई के कैप्सूल के फायदे :-

विटामिन ई के कैप्सूल के इस्तेमाल से हमें जो फायदे (vitamin e capsule ke fayde) होते है वह कुछ इस प्रकार है।

बालों के लिए लाभदायक :-

बालों के लिए विटामिन ई बहुत अधिक लाभदायक होता हैं। अगर आपके बाल कमजोर है और बालों का गिरना शुरू हो रहा है तो आप इसको दो की मात्रा में दिन में एक बार सेवन जरूर करें और जैतून के तेल में इसका रस निकाल कर बालों पर लगाने से बालों की कमजोरी दूर होती है और बाल मजबूत व घने होने लगते है। इसीलिए जिस भी व्यक्ति या महिला को बालों से संबंधित कोई भी समस्या क्यों न हो उसको इसका इस्तेमाल जरूर करके देखना चाहिए।
 

चेहरे के दाग धब्बों को करे दूर :-

विटामिन ई के कैप्सूल में छेद कर लें और फिर इसके अंदर का सारा ऑयल बाहर निकाल लें। उसके बाद इसको दाग धब्बों वाली जगह पर लगाएं। ऐसा करने से चेहरा साफ हो जाता है लेकिन अच्छे परिणाम के लिए इसे रात भर ऐसे ही लगाकर रहने दें और सुबह पानी से चेहरा साफ कर लें।
 

चेहरे की झुर्रियों से दिलाए छुटकारा :-

विटामिन ई के कैप्सूल में छेद कर लें और फिर इसके अंदर का सारा ऑयल बाहर निकाल लें और इसमें बादाम तेल के 6 बूंदे मिलाकर एक पेस्ट तैयार और इसको रात में सोने से पहले अपनी आंखों के पास वाली झुर्रियों पर लगाएं। ऐसा करने से कुछ ही दिनों आपको अपने चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा मिल जाता है।
 

फटे होठों के लिए फायदेमंद :-

होठों के फटने पर विटामिन ई के कैप्सूल के अंदर से निकाल कर ऐसे अपने होठों पर अच्छे से लगा ले ऐसा करने से रात भर में ही सब ठीक हो जाता है। विटामिन ई के कैप्सूल के इस्तेमाल से हमें जो फायदे होते है अब आप सब जान चुके होंगे।

विटामिन ई कैप्सूल के नुकसान

विटामिन ई कैप्सूल के साइड इफ़ेक्ट (vitamin e capsule ke nuksan) भी हो सकते हैं जिन्हे आपको जरूर जानना चाहिए। किसी भी चीज का ज्यादा सेवन भी हानिकारक होता हैं, चाहे वह चीज कितनी भी लाभकारी क्यों न हो, विटामिन ई कैप्सूल के साथ भी ऐसा ही हैं। इसके ज्यादा इस्तेमाल से शरीर को नुकसान पहुंच सकता हैं। 
 
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1. चेहरे और बालों की हेल्थ लिए विटामिन ई कैप्सूल के साथ-साथ संतुलित आहार लेना भी बहुत जरूरी हैं। विटामिन ई कैप्सूल के फायदे प्राप्त करने के लिए अपने भोजन में प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन व मिनरल्स को अवश्य शामिल करें। इसके बगैर आपको विटामिन ई कैप्सूल के लाभ प्राप्त नहीं होंगे।    

2. किसी भी तरह की स्किन एलर्जी में विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करने से बचे, नहीं तो आपको विटामिन ई कैप्सूल के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं और आपकी स्किन और ज्यादा खराब हो सकती हैं।

3. विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करने से यदि स्किन में किसी तरह की कोई भी परेशानी होती हैं तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें और पानी से इसे साफ कर दें।  
 
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4. विटामिन ई कैप्सूल के ज्यादा इस्तेमाल से स्किन में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसका ज्यादा इस्तेमाल भी न करें।  

5.  कुछ लोगों को विटामिन ई कैप्सूल से एलर्जी हो सकती हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले इसको एक बार हथेली के पीछे लगाकर चेक जरूर कर लें।  

नोट : विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल आप अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें, इस आर्टिकल को पढ़ने मात्र से ही इसके इस्तेमल के बारे में न सोचे, हर किसी की स्किन अलग-अलग  हैं जिससे इसका प्रभाव भी अलग हो सकता हैं। विटामिन ई कैप्सूल के नुकसान से बचें। 

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2022

अगर बच्चे में दिखने लगे ये लक्षण, तो समझ लें उसके पेट में हैं भयंकर कीड़े।

अगर बच्चे में दिखने लगे ये लक्षण, तो समझ लें उसके पेट में हैं भयंकर कीड़े।


बच्चों को अगर कोई परेशानी या समस्या होती है, तो वो जल्दी अपने पेरेंट्स को बता नहीं पाते हैं, अगर बच्चा थोड़ा बड़ा हो, तो कई बार ऐसी चीजें वो अपने घर वालों को इसलिये नहीं बताता क्योंकि उन्हें डर रहता है कि बाहरी खानपान और घर से मिलने वाली पॉकेट मनी पर कहीं रोक ना लग जाए। जबकि छोटे बच्चे तो बोल ही नहीं पाते, ऐसे में माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों का फर्ज बनता है कि वो अपने बच्चों में इन लक्षणों को महसूस करें।

 अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है और आपको लगता है कि उसके पेट में कीड़े हो सकते हैं लेकिन आप उसके लिए आश्वस्त नहीं हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आज हम पेट में कीड़े (pet me keede hone ke lakshan) होने के कुछ सामान्य से लक्षण और उसके घरेलु उपचार (pet ke keedo ka gharelu ilaaj) बता रहे हैं।
 


कई बार अचानक ही पेट में दर्द (pet dard ka karan) होना शुरू हो जाता है। डॉक्टर से मिलने के बाद पता चलता है कि पेट में कीड़े (pet ke keedo ka ilaj) हैं। ये कीड़े ज्यादातर बच्चों के पेट में पाए जाते हैं। पेट में कीडे पड़ना एक आम बात है। इसमें पाचन संबंधी विकार जैसे भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना और कमजोरी होने लगती है। जब कीड़ों के लार्वे फेफड़े तक पहुंच जाते हैं, तो दमा रोग भी हो सकता है। बच्चों द्वारा मिट्टी खाने, दूषित भोजन खाने, गंदे कपड़े पहनने, शरीर की उचित सफाई न करने, बाहर का दूषित खाना खाने, मांस-मछली, गुड़, दही, सिरका आदि अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में कीड़े हो जाते हैं।
 
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पेट में कीड़े के लक्षण -

- जीभ सफेद और आंखे लाल हो जाती हैं।
- होंठ सफेद, गालों पर धब्बे और शरीर में सूजन आदि के लक्षण दिखाई देते हैं।
- गुदाद्वार तथा उसके आस-पास की त्वचा पर खुजली होती है।
- मल में खून आना और उल्टी होना।
 
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घरेलू उपचार -

- पेट के कीड़ों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है- स्वच्छता। खाने-पीने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोना, ढ़ककर रखें भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले कटे फलों से दूर ही रहना चाहिए।
- आधा चम्मच हल्दी लेकर तवे पर सूखी भून लें। फिर इसे रात को सोते समय पानी से लें।
- छाछ में नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण डालकर चार दिन तक पिएं।
- लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर सुबह-शाम चाटें। आराम मिलेगा।
- दही में शहद मिलाकर तीन-चार दिन तक सुबह-शाम खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
- एक चम्मच करेले का रस लेकर गर्म पानी में मिलाकर पिएं।
- दो चम्मच अनार का जूस रोजाना लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
- अजवाइन के सत्व की चार-पांच बूंदे पानी में डालकर सेवन करें।
- बच्चों को आधा चम्मच प्याज का रस दो- तीन दिन तक पिलाने से काफी लाभ होता है।
 
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आयुर्वेदिक उपचार -

1. नीम की कोपलों को कुचलकर इसका एक चम्मच रस निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर चाटें। इससे पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।
2. नीम को पत्तियों को सुखाकर पीस लें और दो चुटकी चूर्ण शहद के साथ सेवन करें।
3. करेले के पत्तों का जूस निकाल कर उसे गुनगुने पानी के साथ पिलाएं।
4. यदि आपको यह रोग सता रहा हो तो रोजाना सुबह खाली पेट ही टमाटर को आधा काटकर उस पर थोड़ी-सी हल्दी और सेंधा नमक लगाकर खिलाने से काफी लाभ होता है।
5. पेट में कीड़े हो तो कद्दू की सब्जी भी उपयोगी रहती है। एक सप्ताह तक खाली पेट ही कद्दू के आठ-दस बीज खाएं।
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।  

रविवार, 20 फ़रवरी 2022

Immunity Booster Foods : इम्यूनिटी बूस्ट करेंगी ये 15 चीजें, ज़रूर करें डाइट में शामिल

Immunity Booster Foods : इम्यूनिटी बूस्ट करेंगी ये 15 चीजें, ज़रूर करें डाइट में शामिल

कोरोना के खिलाफ हर व्यक्ति मास्क लगाने से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तक हर संभव प्रयास कर रहा है. पर क्या आपको लगता है कि महज इतना करना पर्याप्त है? जी नहीं, कोरोना वयरस से लड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है शरीर का स्वस्थ होना. शरीर तब स्वस्थ रहता है, जब हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. क्योंकि इम्यून सिस्टम शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है. इसलिए कहा जाता है स्वस्थ शरीर निरोगी काया. इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट अनिवार्य है. तो आइए जानते हैं डाइट में किन चीजों को शामिल करने से आप शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं.

Immunity Booster Foods : इम्यूनिटी बूस्ट करेंगी ये 15 चीजें, ज़रूर करें डाइट में शामिल


लहसुन-

लहसुन करीब हर घर में पाया जाता है. ये भोजन का स्वाद बढ़ाता है और आपको स्वस्थ भी रखता है. संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में उसका महत्व शुरुआती सभ्यता से बरकरार है. लहसुन के इम्यूनिटी बढ़ानेवाले गुम सल्फर युक्त यौगिकों जैसे एलीसिन से आते हैं.

कीवी-

कीवी में फोलेट, पोटैशियम, विटामिन के और विटामिन सी समेत कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. एक तरफ विटामिन सी संक्रमण से लड़ने के लए सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है जबकि दूसरी तरफ कीवी के दूसरे पोषक तत्व आपके शरीर के बाकी काम को मुनासिब रखते हैं.

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पपीता-

पपीता विटामिन सी से भरपूर होता है. उसमें एक पाचक एंजाइम पपाइन भी पाया जाता है जो सूजन रोधी प्रभाव रखता है. उसके अलावा, पपीता में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फोलेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है. ये सभी आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं.      

हल्दी-

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी में करक्यूमिन नामक एक एक्टिव यौगिक होता है, जो स्वस्थ्य के लिए कई तरह से लाभदायक होता है. अपनी डाइट में हल्दी और काली मिर्च को शामिल करें. आयुर्वेद के अनुसार, ये इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए एक सदियों पुराना, आजमाया हुआ और परखा हुआ नुस्खा है. एक गिलास पानी में हल्दी, दालचीनी, लौंग, इलायची, केसर आदि डालकर इसे चाय के रूप में ले सकते हैं. इसके अलावा, हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए कारगर माना जाता है.

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लाल शिमला मिर्च-

खट्टे फलों की तुलना में लाल शिमला मिर्च में तीन गुना विटामिन सी होता है. इसमें बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ-साथ आंखों को भी स्वस्थ रखता है.

आंवला -

आंवले को विटामिन सी से भरपूर माना जाता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में यह काफी सहायक हो सकता है। खाली पेट आंवले के जूस का सेवन करने से आपको तमाम तरह के लाभ मिल सकते हैं। 

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शहद -

खाली पेट गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद का सेवन वजन घटाने के साथ त्वचा और प्रतिरक्षा के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

चक्रफूल -

स्टार ऐनीज यानी चक्रफूल में एक शिकिमिक एसिड नामक यौगिग होता है, जो पिछले 15 से अधिक वर्षों से एंटीवायरल दवाओं को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें कई गुणकारी तत्व होते हैं, जो चोट को जल्दी भरने में मदद करते हैं. थाई स्टाइल सूप और करी बनाने में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा, पानी में 2 स्टार एनीज डालकर लगभग 15 मिनट तक उबाल लें. इसे गर्म ही पिएं.

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नारियल का तेल -

अपने दिन की शुरुआत 1-2 चम्मच ऑर्गेनिक नारियल तेल से करें. ये सूजन को कम करने में मदद करता है. नारियल के तेल में एंटीवायरल गुण होते हैं जो कई तरह के बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं.

फर्मेंटेड फूड -

सिर्फ एक चम्मच फर्मेंटेड फूड आपकी आंत में अच्छे बैक्टीरिया के विकास को प्रोत्साहित करते हैं. इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है. सौकरकूट, मिसो, केफिर, दही, किमची, घर का बना अचार और कांजी पानी जैसे फर्मेंटेड फूड को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

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मुलेठी -

मुलेठी में कई एंटी-वायरल, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. ये कई वायरल बीमारियों को ठीक करने में कारगर माना जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दी-जुकाम होने पर मुलेठी की चाय ले सकते हैं.

एंटी-ऑक्सीडेंट्स रिच फूड -

बेरीज, प्याज, लहसुन, अदरक, गाजर और यहां तक कि कद्दू जैसे सुपरफूड में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, बी और ई भी पाया जाता है. आप रोजाना इनमें से किसी एक को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा और इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलेगी.

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विटामिन सी युक्त चीजें -

इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए विटामिन सी अहम भूमिका निभाता है. अमरूद, संतरा, आंवला, बेरी, नींबू आदि खट्टे फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर अपनी इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकते हैं. इसके अलावा, अपनी डाइट में मोरिंगा, तुलसी के पत्ते, स्पिरुलिना, नीम, ग्रीन टी भी शामिल करें.

तनाव को दूर रखें -

तनाव शरीर में ऐसा हार्मोन पैदा करता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को गहराई से प्रभावित करता है. इसलिए इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए तनाव से दूर रहना सबसे महत्वपूर्ण है. नियमित व्यायाम, योग, ध्यान आदि करें. ऐसा करने से मन शांत रहता है और आप तनाव मुक्त रहते हैं.

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पर्याप्त नींद लें -

काम के बढ़ते बोझ के कारण अक्सर लोग कैफीनयुक्त ड्रिंक्स का सेवन ज्यादा करते हैं. ऐसा करने से नींद की समस्या होने लगती है, जो तनाव का कारण बनता है. इससे इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है. इसलिए इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए जरूरी है पर्याप्त नींद लें.

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मंगलवार, 15 फ़रवरी 2022

जानिए उकडू अवस्था में बैठने से कई हैरान कर देने वाले फायदे

जानिए उकडू अवस्था में बैठने से कई हैरान कर देने वाले फायदे



दोस्तों आज हम आपके साथ बहुत ही दिलचस्प जानकारी शेयर करने वाले हैं. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे एक सिंपल सी पोजीशन में बैठने मात्र से आप अपने शरीर को कई सारे फायदे पहुंचा सकते हैं. आप लोगो ने गाँव के लोगो को अक्सर उकडू अवस्था में बैठा देखा होगा. जहाँ एक तरफ गाँव में इस तरह से बैठना आम बात माना जाता हैं तो वहीँ यदि को व्यक्ति शहर में इस तरह से चार लोगो के बीच बैठ जाए तो लोग उसे अजीब निगाहों से देखते हैं.

वे उसे गवार समझने लगते हैं और कई बार उसका मजाक भी उड़ाते हैं. उकडू बैठने की वजह से कई बार साथ के लोग खुद की बेज्जती भी महसूस करते हैं. यदि उनकी जान पहचान का व्यक्ति ऐसा बैठ जाए तो उन्हें बड़ी शर्मिंदगी होती हैं और वो उसे सीधा बैठने के लिए टोक देते हैं.
 

लेकिन आपको जान हैरानी होगी कि उकडू अवस्था में बैठने से कई हैरान कर देने वाले फायदे होते हैं. गाँव में मजदूर और किसान वर्ग अक्सर इस अवस्था में बैठता हैं जिसकी वजह से वो हम शहरी लोगो की तुलना में ज्यादा मजबूत भी होते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको बताएँगे कि किन किन कामो को करते समय आपको उकडू अवस्था में बैठना चाहिए. तो चलिए एक एक कर इन कामो के बारे में जानते हैं…

 

उकडू बैठ ये काम करेंगे तो होंगे कई फायदें :  

 

शौच करते समय: 

दोस्तों विज्ञान भी ये बात मानता हैं कि उकडू अवस्था में बैठ कर शौच करने से हमारा पाचन तंत्र मजबूत बनता हैं और पेट जल्दी साफ़ होता हैं. दरअसल हमारे आँतों की बनावट कुछ ऐसी होती हैं कि इस अवस्था में बैठने पर ये मल को हमारे शरीर से जल्दी बिना तकलीफ के बाहर निकाल देती हैं. ये तकनीक धीरे धीरे पश्चिमी देशों में भी पॉपुलर हो रही हैं.
 

इसलिए अगली बार से आपका पेट साफ़ ना हो तो वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने की बजाए इस देशी तरीके को अपना लेना. पेट अच्छे से साफ़ हो जाएगा. जब आप इस तकनीक में शौच करने जाए तो पहले एक से डेढ़ लीटर पानी पी ले. इसके बाद इस पोजीशन में बैठ जाए और बीच बीच में पंजे के बल आगे आकर अपने दांत पीसे. ऐसा करने से बड़ी से बड़ी कब्ज भी ठीक हो जाएगी और पेट जल्दी साफ़ होगा.
 

दातुन करते समय : 

उकडू अवस्था में बैठ आप उंगलियों से दांतों की मालिश करे और अपने कंठ को साफ़ करे. ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, नेत्रों की ज्योति बढ़ेगी और बालों का झड़ना भी कम होगा.
 

खाना खाते समय : 

उकडू बैठ खाना खाने से खाना जल्दी पचता हैं. खाते समय इस अवस्था में बैठने से गुरुत्व नाभि में जाता हैं जिससे भोजन पचाने में आसानी होती हैं. साथ ही इससे एसिडिटी नहीं होगी, पेट बाहर नहीं निकलेगा और डकार आएगी. इस अवस्था में बैठ भोजन करने या दूध निकालने से महिलाओं को अधिक लाभ मिलता हैं. इससे एड़ी, कमर, जोड़ो का दर्द इत्यादि की समस्यां नहीं आती हैं.
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।  

शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022

हफ्ते में एक दिन लगाएं बालों में घी, डैमेज बाल भी रिपेयर हो जाएंगे

हफ्ते में एक दिन लगाएं बालों में घी, डैमेज बाल भी रिपेयर हो जाएंगे

 

हेलो फ्रेंड्स, घी में विटामिन-ए और विटामिन-ई जैसे तत्व होते हैं जो बालों के लिए काफी उपयोगी माने जाते हैं. अगर हफ्ते में एक दिन भी घी (Benefits of using desi ghee for hair) बालों में लगा लिया जाए तो बालों की तमाम समस्याएं आसानी से दूर हो सकती है. यह को शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. ये शरीर को ताकत देता है. घी में बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं. घी में विटामिन-ए और विटामिन-ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं, जो स्किन, आंखों और बालों को भी लंबे समय तक हेल्दी बनाकर रखते हैं.

कहा जाता है कि अगर घी को गुनगुना करके हफ्ते में एक बार भी बालों में लगाया जाए तो इससे डैमेज बालों की रिपेयरिंग हो जाती है. ये बालों को अंदर तक मॉइश्चराइज कर देता है. इससे बालों का रूखापन समाप्त होकर बाल मुलायम होते हैं. इसके अलावा भी घी के तमाम फायदे हैं. यहां जानिए इसके बारे में.


 

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बालों को सॉफ्ट बनाता :

घी फैटी एसिड से बना होता है जो बालों को पोषण और नमी प्रदान करता है. इससे बालों को मजबूती मिलती है, बाल हेल्दी होते हैं. इससे बालों का रूखापन दूर होता है और बाल मुलायम बनते हैं।

दो मुंहे बालों से छुटकारा :

कभी-कभी बाल ड्राई या अधिक हीट के संपर्क में आने के कारण दो मुंहे हो जाते हैं। ऐसे में बालों में घी लगा कर दो मुंहे बालों की समस्या को कम किया सकता है। जैसा कि हमने लेख में बताया है कि घी त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि बालों के ड्राईनेस को कम कर घी उन्हें दोमुंहा होने से बचा सकता है।

Benefits of using desi ghee for hair
Benefits of using desi ghee for hair

मजबूत बालों के लिए :

मजबूत बाल पाने के लिए भी सिर में देसी घी लगाने के फायदे देखे जा सकते हैं। जैसा कि हम लेख में बता चुके हैं कि बालों को मजबूती प्रदान कराने के लिए केराटिन नामक प्रोटीन का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, घी में विटामिन-ई मौजूद होता है। बताया जाता है कि विटामिन-ई केराटिन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जो बालों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकता है।

बालों को सुलझाने में सहायक :

घी के उपयोग से बालों के उलझने की भी समस्या कम हो सकती है। दरअसल, घी त्वचा की नमी को बरकरार रखने में मदद कर सकता है। इससे बाल मुलायम बने रह सकते हैं। ऐसे में बालों को सुलझाने में कम समस्या हो सकती है। फिलहाल, बालों के लिए घी के इस गुण को लेकर और शोध किया जा रहा है।

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स्कैल्प इंफेक्शन में सहायक :

बालों में देसी घी लगाने के फायदों में स्कैल्प इंफेक्शन से राहत पाना भी शामिल है। बता दें कि घी वसायुक्त डेयरी उत्पाद है, जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद कई कंपाउंड एंटी-माइक्रोबियल गुण प्रदर्शित कर सकते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मददगार साबित हो सकते हैं। ऐसे में माना जा सकता है कि घी स्कैल्प इंफेक्शन की समस्या को दूर करने में मददगार हो सकता है।

डैंड्रफ दूर करता :

सर्दियों में डैंड्रफ की समस्या कहीं ज्यादा बढ़ जाती है. घी मालसेजिया फुरफुर नामक फंगस को बढ़ने से रोकता है. इससे डैंड्रफ से काफी हद तक निजात मिलती है।

Benefits of using desi ghee for hair
Benefits of using desi ghee for hair

हेयर टेक्सचर में करता सुधार :

कैराटिन बालों का एक प्रोटीन होता है, जो बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाने में सहायक माना जाता है. आजकल लोग बालों का कैराटिन ट्रीटमेंट कराते हैं और हजारों रुपए खर्च करते हैं. घी विटामिन-ई से समृद्ध होता है और कैराटिन को बढ़ावा देता है. इससे आपके बालों का टेक्सचर खुद ही इंप्रूव हो जाता है।

बालों को सफेद होने से रोकता :

आजकल असमय बाल सफेद होने की भी परेशानी सामने आने लगी है. सूरज की हानिकारक किरणें कैराटिन को नुकसान पहुंचाती हैं, जिसके कारण बालों का रंग बदलने लगता है. चूंकि घी कैराटिन को बढ़ावा देता है. ऐसे में ये बालों को असमय सफेद होने से बचाता है।

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बालों की ग्रोथ बेहतर करता :

घी बालों की ग्रोथ के लिए भी उपयोगी माना जाता है. घी में विटामिन-ए व ई जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों की ग्रोथ को बेहतर करते हैं. साथ ही स्कैल्प इंफेक्शन से भी राहत दिलाते हैं।

बालों के लिए घी का उपयोग कैसे करें?

बालों में देसी घी लगाने के फायदे तो आप जान ही चुके हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है कि बालों के लिए घी का उपयोग कैसे किया जाए।

आवश्यक सामग्री :

3 से 4 चम्मच घी

शॉवर कैप

Benefits of using desi ghee for hair
Benefits of using desi ghee for hair

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले घी को गुनगुना कर लें।
  • अब बालों को छोटे-छोटे भाग में बांट लें।
  • फिर हाथों की उंगलियों की मदद से जड़ से लेकर पूरे बाल में घी लगाएं।
  • बाल में जब घी अच्छी तरह से लग जाए, तो शॉवर कैप पहन लें।
  • फिर 20 मिनट तक बालों में ऐसे ही कैप को लगा रहने दें।
  • इसके बाद बालों को गुनगुने पानी और शैम्पू से धो लें।
  • 15 दिन में एक बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

सोमवार, 6 सितंबर 2021

पुरुषों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं ये 5 विटामिन, इन फूड्स का सेवन करें सेवन

पुरुषों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं ये 5 विटामिन, इन फूड्स का सेवन करें सेवन

विटामिन हमारे न्यूट्रिशनल ग्रोथ में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले सभी फूड्स की मदद से कवर किया जाना चाहिए. पुरुषों को वे सभी आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते हैं जिनकी उन्हें अपने द्वारा खाए जाने वाले फूड्स से जरूरत होती है. यही कारण है कि उन्हें उन सभी पोषक तत्वों को विटामिन से प्राप्त करने की जरूरत होती है. अपनी डेली डाइट में विटामिन शामिल करके वे अपने स्वास्थ्य और सेहत में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं. दो प्रकार के विटामिन मौजूद हैं, एक वसा में घुलनशील है और दूसरा पानी में घुलनशील है. यहां उन विटामिनों को बारे में बताया गया है.


विटामिन ए -

विटामिन ए आपकी त्वचा, नाक और मुंह की परत के लिए अच्छा है, क्यों? यह उन्हें सबसे अच्छे आकार में रखता है. इसके अतिरिक्त, यह आपकी दृष्टि में मदद करता है और आपके पाचन और मूत्र पथ को सबसे अच्छे स्वास्थ्य में रखता है. विटामिन ए की कमी से रतौंधी हो सकती है, और आपकी त्वचा शुष्क और परतदार हो सकती है. आपको गाजर, लीवर, दूध, मक्खन, पनीर और पालक का सेवन करना चाहिए.

विटामिन बी2 -

यह विटामिन आपके शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने के लिए जिम्मेदार है और यह हेल्दी स्किन, अच्छी दृष्टि और तंत्रिका तंत्र को भी बढ़ावा देता है. अगर आपके पास इस विटामिन की कमी है, तो आपके मुंह के कोनों में दरारें, गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं. आप बिटामिन बी2 से भरपूर ब्रेड और अनाज, डेयरी प्रोडक्ट्स, हरी सब्जियां भी खा सकते हैं.

विटामिन सी -

यह विटामिन अच्छा है क्योंकि यह आपका इम्यूनिटी बूस्टर है और हड्डियों, दांतों के रखरखाव और मरम्मत में भी सहायता करता है. आयरन को अवशोषित करने में इसकी भूमिका के लिए विटामिन सी भी बहुत अच्छा है. साथ ही यह पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है. इसकी कमी से आपको एनीमिया होने का उच्च जोखिम है; आप दांत खो सकते हैं, जोड़ों के दर्द से पीड़ित हो सकते हैं और बाल भी झड़ सकते हैं. खट्टे फल विटामिन सी का एक अच्छे स्रोत हैं. आप लाल शिमला मिर्च, ब्रोकोली, पालक, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, जामुन, टमाटर, आलू, गोभी और कीवीफ्रूट में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं.

विटामिन डी -

डी विटामिन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी मांसपेशियों, हड्डियों और दांतों में ताकत बनाए रखने में मदद करता है. यह कैल्शियम को अवशोषित करके ऐसा करता है जो मांसपेशियों के संकुचन, हड्डियों के घनत्व, दिल की धड़कन के नियमन और तंत्रिका संचरण के लिए जरूरी खनिज है. इस विटामिन की कमी होने पर बच्चे रिकेट्स हो सकता है जो एक हड्डी रोग है. विटामिन डी के लिए दूध, मछली का तेल, मक्खन और अंडे की जर्दी का सेवन करें.

विटामिन के -

के विटामिन आपके शरीर के लिए अच्छा है क्योंकि यह रक्त के थक्के जमने की क्षमता विकसित करता है जो आपके कट और घावों को ठीक करने में मदद करता है. अगर आपके पास इस विटामिन की कमी है तो आपकी त्वचा में बहुत आसानी से खून बहने की प्रवृत्ति हो सकती है. आपको हरी और पत्तेदार सब्जियां और सोयाबीन खाना चाहिए.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. AyurvedPlus इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

मंगलवार, 3 नवंबर 2020

जानिए कोरोना में कैसे सहायता करता है पल्स ऑक्सीमीटर, ये है उपयोग करने का तरीका

जानिए कोरोना में कैसे सहायता करता है पल्स ऑक्सीमीटर, ये है उपयोग करने का तरीका

 

हेल्लो दोस्तों दुनियाभर के कई डॉक्टर तथा हेल्थ एक्सपर्ट ने कोविड -19 महामारी के दौरान मरीजो को अपने घर में एक (Pulse Oximeter) पल्स ऑक्सीमीटर रखने की सलाह दे रहे है। वैसे अस्पतालों में मरीजो की बढती तादात को देखते हुए सरकार ने ये निर्णय लिया है की जिन मरीज़ों के लक्षण गंभीर नहीं हैं, उन्हें घर पर रहकर इस बीमारी से इलाज दिया जाये क्योंकि इस बीमारी में ज्यादातर मरीज बिना इलाज लिए खुद ही ठीक हो जाते है| Pulse Oximeter For Covid19


कोरोना संक्रमित लोगों के ऑक्सीजन लेवल पर नजर रखने की जरूरत होती है क्योंकि बीमारी के शुरुआती दिनों में कम ऑक्सीजन का असर मरीज के फेफड़ो पर नहीं पड़ता जिससे साँस लेने में कठिनाई की समस्या कम ही आती है | इसलिए शुरुआत में ही ये उपकरण हालात बता देगा की कोरोना मरीज के फेफड़ों पर क्या असर डाल रहा है।

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ऐसे में कुछ जरुरी उपकरणों की सहायता से मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखना भी बहुत आवश्यक कदम है जैसे शरीर में ऑक्सिजन की मात्रा बताने वाला पल्स ऑक्सीमीटर, मरीज के बुखार को चैक करने के लिए थर्मामीटर या अन्य कुछ उपकरण भी रखे तो अच्छा रहेगा

जैसे रक्तचाप मापने के लिए, शुगर मापने के लिए इनमे से कई उपकरण आपके पास पहले से ही मौजूद होंगे लेकिन आज हम इस आर्टिकल में पल्स ऑक्सीमीटर के विषय में बताएँगे की यह क्यों जरुरी है ? यह कैसे काम करता है ? सही रीडिंग क्या होती है ? इसे इस्तमाल कैसे किया जाता है ? तथा इसके प्रयोग से जुडी कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ |

Pulse Oximeter For Covid19
Pulse Oximeter For Covid19

क्या है पल्स ऑक्सीमीटर ?

ऑक्सीमीटर छोटे आकार का एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो खून में ऑक्सीजन का प्रवाह कितना है यह पता लगाती है | ऑक्सीमीटर को उंगली या कान पर क्लिप की तरह लगाना होता है जो यहाँ तस्वीर में दिखाया गया है | इसकी रीडिंग ऑक्सीमीटर की स्क्रीन पर दिखती है जो नंबर में आती है | सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीज इसे अक्सर अपने पास रखते है, इससे मरीज को यह अंदाजा हो जाता है की उसे अलग से ऑक्‍सीजन लेने की जरूरत है या नहीं ।

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यह कैसे काम करता है ?

पल्‍स ऑक्‍सीमीटर दरअसल आपकी त्वचा पर एक लाइट छोड़ता है। फिर खून के सेल्‍स के रंग और उनकी गति को मापता है। जिन ब्‍लड सेल्‍स में सही मात्रा में ऑक्‍सीजन मौजूद होती है वे चमकदार लाल दिखाई देती हैं जबकि बाकी गहरी लाल दिखती हैं। इन दोनों जानकारियों को आधार बनाकर यह मशीन ऑक्‍सीजन की मात्रा को पर्सेंटेज में नापती है। मान लीजिये अगर मशीन 97% की रीडिंग दे रही है इसका मतलब ये हुआ की 3% खून के सेल्‍स कोशिकाओं में ऑक्‍सीजन नहीं है।

कितनी होनी चाहिए रीडिंग्स ?

एक स्वस्थ आदमी के खून में ऑक्‍सीजन का लेवल 95 % से 100 % के बीच रहता है इस बीच की रीडिंग पल्स ऑक्सीमीटर में नार्मल रेंज है। अगर ऑक्‍सीजन की मात्रा 92 % से नीचे आए तो मरीज की हालत गंभीर है और उसे तुरंत सप्‍लीमेंट्री ऑक्‍सीजन की देने की जरूरत पडती है | यह पल्‍स ऑक्‍सीमीटर मरीज के दिल की धडकनों (Pulse Rate) को भी बताता है एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य हार्ट रेट लगभग 60 से 100 बीट प्रति मिनट तक होती है |

Pulse Oximeter For Covid19
Pulse Oximeter For Covid19

Pulse Oximeter इस्तेमाल करने का तरीका :

ऑक्सीमीटर में रीडिंग देखने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की मदद लेनी चाहिए। क्योंकि कई बार मरीज उलटी रीडिंग पढ़ कर घबरा जाते हैं। इसलिए जब भी आप ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करें तो आप इन बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखें जिससे आपको सही परिणाम प्राप्त हो सकें :

 उँगलियों पर किसी तरह का कोई रंग या मेहँदी ना हो :

ऑक्‍सीमीटर्स से रीडिंग लेते वक्‍त यह ध्यान रखें की मरीज की उँगलियों पर किसी तरह का कोई रंग या मेहँदी ना लगी हो, साथ ही नाखून पर कोई नेल पोलिश ना लगा हो तथा नाखून लंबे न हों वर्ना मशीन ठीक से शरीर में ऑक्‍सीजन की मात्रा नहीं बता पाएगी।

यह भी पढ़ें : गिलोय का काढ़ा बनाने का तरीका और इसे पीने के फायदे

ऑक्सीमीटर ठंडे हाथों की अपेक्षा गर्म हाथों से बेहतर काम करता है दिन में तापमान के उतार चढाव से ऑक्सीजन लेवल में भी उतार-चढ़ाव होता रहता है इसलिए सटीक जानकारी के लिए दिन में दो तीन बार माप लेना चाहिए। आप अलग-अलग पोजीशन में भी माप ले सकते हैं जैसे कि आपकी पीठ के बल लेटते समय या चलते समय।

– तर्जनी ऊँगली पर ही लगाएं :

ऑक्सीमीटर तर्जनी उंगली में सबसे सटीक माप देता है। इसके अलावा हाथ के तीसरी उंगली को भी प्रयोग किया जा सकता है। अगर आप पल्स ऑक्सीमीटर से माप के लिए दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं तो दाईं मध्यम उंगली का उपयोग करें। अगर आप बाएं हाथ का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं तो बाईं मध्यम उंगली का उपयोग करें। वैसे ज्यादातर डॉक्टर पल्स ऑक्सीमीटर के लिए तर्जनी उंगली का इस्तेमाल करते हैं।

Pulse Oximeter For Covid19
Pulse Oximeter For Covid19

पैर के अंगूठे पर इसे ना लगायें मशीन की क्लिप की साइज़ के अनुसार ही हाथो की ऊँगली में लगायें यदि आपका हाथ का अंगूठा इसकी क्लिप से बड़ा है वहां भी इसे ना लगायें |

– अच्छी तरह से फिट होना आवश्यक :

यह संभव है कि कई बार बिना अनुभव के या ऑक्सीमीटर का ठीक से उपयोग नहीं करने से यह गलत रीडिंग दे सकता है इसे सुनिश्चित करने के लिए की ये मशीन ठीक से काम कर रही है या नहीं आप पहले इसे किसी स्वस्थ व्यक्ति पर इसका परीक्षण कर सकते हैं ।

ये भी पढ़िए : गिलोय का काढ़ा बनाने का तरीका और इसे पीने के फायदे

पल्स ऑक्सीमीटर उंगली पर अच्छी तरह से फिट होना चाहिए, इसे ना तो ऊँगली पर बहुत टाइट लगायें (इससे यह रक्त के प्रवाह को बाधित करेगी) और ना ही बहुत ढीली लगायें (इससे यह ऊँगली से निकल कर गिर सकती है या बाहरी लाइट इस मशीन के अंदर आ सकती है) ऐसा होने पर यह रीडिंग सही नहीं बता पायेगी |

 तेज रौशनी घातक :

सूरज की तेज रौशनी या किसी अन्य तेज बल्ब की रौशनी में इसका प्रयोग ना करें क्योंकि इससे यह सही रीडिंग नहीं बताएगा रीडिंग लेते समय शारीरिक गतिविधि कम से कम रखें| ज्यादा हिलने डुलने से शरीर में ऑक्‍सीजन के स्तर में उतार चढाव आता है |

Pulse Oximeter For Covid19
Pulse Oximeter For Covid19

ये लक्षण होने पर लगाएं पल्स ऑक्सीमीटर :

कई कारणों से घर में पल्स ऑक्सीमीटर प्रयोग करने से यह गलत जानकारी दे सकता है इसलिए मरीज के लक्षणों पर भी ध्यान देना जरुरी है शरीर में ऑक्सीजन स्तर कम होने के लक्षण ये हैं |

  • हृदय की धडकन में बढ़ोतरी|
  • जल्दी जल्दी सांस लेना |
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस होना या हांफना |
  • शारीरिक गतिविधि करने में असमर्थता |
  • अगर पल्स ऑक्सीमीटर के प्राइस की बात करें तो इसकी कीमत 1,900 रूपये से शुरू होकर 4,000 तक होती है |