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शनिवार, 28 अप्रैल 2018

करें ये अचूक उपाय कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक

करें ये अचूक उपाय कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक


हम अक्सर देखते हैं का काम में ऐसे व्यस्त और मग्न हो जाते हैं की अपनी सेहत ध्यान ही नहीं देते। किसी ने खूब कहा है कि पहले हम अधिकतम समय कमाने में गवा देते हैं और बाद में सेहत का ध्यान न रखने के कारन होने वाली बिमारियों पर उसी कमाई को खर्च करते हैं। तो क्यों न पहले ही अपनी सेहत का धयान रखा जाये। आज हम दिल की बिमारी के बारे में बात करने जा रहे हैं। जो लोग रेगुलर सेहत चेकअप करवाते रहते हैं उन्हें तो अपनी सेहत समस्याओं का पता चलता रहता है पर जो लोग रेगुलर सेहत जांच नहीं करवाते उन्हें पता नहीं चलता की उनकी सेहत समस्याएं क्या हैं।  ऐसे में परमात्मा न करें अगर किसी को हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट की समस्या हो तो वो बहुत गंभीर समस्या हो सकती है।

अगर आप की हार्ट में ब्लॉकेज हो रही है तो इसका अर्थ ये है कि आप के ब्लड में एसिडिटी बढ़ रही है। Acidity दो प्रकार की होती है, एक पेट की Acidity और दूसरी खून में Acidity.

जब पेट में एसिडिटी होती है तो हमें पेट में जलन, खट्टे डकारें होती हैं और अगर हार्ट में एसिडिटी हो तो वो hyper-acidity बन जाती है।  जब पेट की एसिडिटी बढ़ के ब्लड में चली जाती है तो वो hyper-acidity बन जाती है। ब्लड में एसिडिटी होने के कारण वो दिल की नालियों में जम जाता है जिसे हार्ट ब्लॉकेज कहते हैं, और ब्लड फ्लो सही न होने के कारण हार्ट अटैक होता है।

हार्ट की ब्लॉकेज हो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय है जिस से ब्लड की अमलता neutral हो जाये यानी ब्लड में एसिडिटी ख़तम हो जाये, और जब ब्लड में एसिडिटी ख़तम हो गयी तो आप को कभी हार्ट अटैक आ ही नहीं सकता।

ऐसे दूर करें हार्ट ब्लॉकेज

सबसे ज़्यादा छारिय चीज़ लौकी (bottle gourd) है। अगर आप के हार्ट में ब्लॉकेज है तो आप हर रोज़ सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी का जूस पीएं। और छारिय बनाने के लिए इसे में सात से दस पत्ती तुलसी और पुदीना के भी डाल सकते हैं। लौकी का जूस निकालने से पहले ये जरूर चेक करें के कढ़वी न हो।  इस जूस में आप काला या सेंधा नमक ज़रूर डालें। याद रखें आप को सफ़ेद नमक (  आयोडीन वाला ) नहीं डालना, ये एसिडिटी बढ़ाता है। 21वें दिन आप को फरक महसूस होने लगेगा। और दो से तीन महीनों में ब्लड की सारी ब्लॉकेज ठीक हो जाएगी।

अगर आप सेहतमंद हैं तो आप फिर भी इस उपयोग का सेवन साल में एक बार कर सकते हैं। लौकी का मौसम जब आता है तब आप एक महीना इस विधि को फॉलो करें ता कि आप का दिल हमेशा सेहतमंद रहे।

शुक्रवार, 23 मार्च 2018

रात को सोते वक़्त नाक में देशी घी की सिर्फ़ 2 बूँदे डालने के ये अचूक फ़ायदे

रात को सोते वक़्त नाक में देशी घी की सिर्फ़ 2 बूँदे डालने के ये अचूक फ़ायदे


देशी गाय के घी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो और किसी चीज़ में नहीं मिलते। यहाँ तक की इसमें ऐसे माइक्रोन्यूट्रींस होते हैं जिनमें कैंसर युक्त तत्वों से लड़ने की क्षमता होती है। साथ ही, देशी गाय का घी शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास एवं रोग-निवारण के साथ पर्यावरण-शुद्धि का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। प्रतिदिन रात को सोते वक़्त नाक में 2–2 बूँद गाय के देशी घी डालना हमें बहुत सारे लाभ देता है। देशी घी को लेट कर नाक में डाले और हल्का सा खिंच ले। और पाच मिनट लेते रहे इसे प्रतिमर्श नस्य कहा जाता है। आज आपको रात को सोते वक़्त नाक में देशी घी की सिर्फ़ 2 बूँदे डालने के अचूक फ़ायदो के बारे में बताएँगे: –

हार्ट अटैक
हार्ट अटैक जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाई खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, ह्रदय मज़बूत होता है।

सोरायसिस और त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक
सोरायसिस गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सोरायसिस के लिए भी कारगर है।

बाल झडना
बाल झडना गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।

आँखों की ज्योति बढ़ती है
आँखों की ज्योति एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है।

कोमा से जगाए
कोमा गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लौट आती है।

हथेली और पांव के तलवो में जलन
हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा।

कफ की शिकायत
कफ की शिकायत गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।

कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता
कैंसर गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है।

नस्य (Desi Ghee) ना लेने का समय
नस्य ना लेने का हर समय सही नहीं होता. कृपया ध्यान रखें कि नीचे बताई गयी अवस्थाओं में इसका इस्तेमाल न करें:
  • बीमार पड़ने पर.
  • आघात होने पर.
  • बहुत थका हुआ होने पर.
  • वर्षा ऋतू में जब सूर्य ना हो.
  • गर्भवती या प्रसव के बाद.
  • बाल धोने के बाद.
  • भूक या प्यास लगने पर.
  • अजीर्ण होने पर.
  • अनुवासन बस्ती या विरेचन के बाद.

बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

“साइलेंट अटैक” आने से पहले देता है ये 5 संकेत, आप भी जान लीजिए…

“साइलेंट अटैक” आने से पहले देता है ये 5 संकेत, आप भी जान लीजिए…


बीते दिन बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन हो गया। उनकी मौत का कारण कार्डिक अटैक यानि साइलेंट हार्ट अटैक बताया जा रहा है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार हार्ट अटैक के मामलों में 45 प्रतिशत मामले साइलेंट अटैक के ही होते हैं। बता दें कि इससे पहले जयललिता की मौत भी ऐसे ही साइलेंट अटैक के कारण हुई थी।

विशेषज्ञों के अनुसार साइलेंट अटैक का मतलब ये नहीं कि आपको हार्ट डिसीज हो। कई बार हार्ट डिसीज न होने पर भी आपको साइलेंट अटैक आ सकता है। महिलाओं की तुलना में पुरूषों में साइलेंट अटैक के मामले ज्यादा देखने को मिलता है।

होता क्या है साइलेंट हार्ट अटैक-
हार्ट विशेषज्ञ डॉ.राम राजावत के अनुसार साइलेंट हार्टअटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को हार्ट अटैक आने पर सीने में दर्द महसूस नहीं होता। हालांकि कुछ ऐसे संकेत होते हैं, जो अटैक आने से पहले मिलने लगते हैं।

क्यों महसूस नहीं होता दर्द-
साइलेंट अटैक में सीने में दर्द न होने की वजह न्यरोपैथी से जुड़ी है। कई बार ब्रेन तक दर्द का अहसास करानी वालह स्पाइनल कॉर्ड में परेशानी के कारण या फिर साइकोलॉजिकल कारणों से दर्द महसूस नहीं हो पाता। इसके अलावा ज्यादा उम्र के लोगों में ऑटोनाूमिक न्यूरोपैथी के कारण भी दर्द का अहसास नहीं होता।

जानिए ये हैं 5 संकेत-
विशेषज्ञों के अनुसार साइलेंट अटैक आने से पहले व्यक्ति को पांच संकेत जरूर महसूस होते हैं। अगर इन संकतों को वह महसूस कर ले तो काफी हद तक मौत को रोका जा सकता है।
– गैस्ट्रिक प्रॉब्लम या पेट की खराबी
– बिना वजह हो रही कमजोरी और सुस्ती
– थोड़ी सी मेहनत में थकान लगना।
– अचानक ठंडा पसीना आना।
– बार-बार सांस फूलना।

क्यों आता है साइलेंट अटैक-
जो लोग ज्यादा ऑयली, फैटी और प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, उन्हें साइलेंट किलर की समस्या आती हैं। साथ ही जो लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते , उन्हें भी ये बीमारी घेर लेती है। शराब और सिगरेट पीने वाले, डायबिटीज और मोटापे से ग्रसित लोगों के साथ जो लोग टेंशन और स्ट्रेस के शिकार होते हैं उन्हें साइलेंट अटैक आने की संभावना ज्यादा रहती है।

साइलेंट अटैक से बचने के लिए करें ये उपाय-
जिन लोगों को ये सब परेशानी रहती हैं, उन्हें अपनी डाइट में सलाद और सब्जियां शामिल करनी चाहिए। रैग्यूलर वॉक, योगासन और व्यायाम भी इसके लिए बहुत जरूरी है। ऐसे लोगों को स्ट्रेस और टेंशन से कोसों दूर रहना चाहिए।

रविवार, 25 फ़रवरी 2018

क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक ? जिसने ले ली ‘श्रीदेवी’ की जान, जानिए कैसे बच सकते हैं आप

क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक ? जिसने ले ली ‘श्रीदेवी’ की जान, जानिए कैसे बच सकते हैं आप


अचानक आये हार्ट अटैक की वजह से देश और दुनिया के करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में निधन हो गया। वो 55 साल की थीं। बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत इतनी अचानक हुई की किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। करीब 55 साल की उम्र के बावजूद उनकी खूबसूरती में कोई कमी नहीं थी। वो पहले के जैसे ही फिट और खूबसूरत थीं। उन्हें देखकर कोई सोच भी नहीं सकता था कि इस तरह से उनका अचानक निधन हो सकता है। लेकिन, कार्डिएक अरेस्ट की वजह से उनकी अचानक मौत हो गई। अब शायद आप ये सोच रहे होंगे की कार्डिएक अरेस्ट क्या है? तो आइये आपको बताते हैं कि कार्डिएक अरेस्ट क्या है? जिसने श्रीदेवी की जान ले ली।

कार्डिएक अरेस्ट क्या है ( (साइलेंट हार्ट अटैक )) ?

दरअसल, हमारे दिल से जो धक-धक कि आवाज आती है उसकी वजह इसमें होने वाली पंपिग है। पंपिग से ही हमारे शरीर के सारे हिस्सों तक खून पहुंचता है। लेकिन, अब सोचिए कि किसी वजह से ये पंपिंग बंद हो जाये तो क्या होगा। जी हां, आपने सही सोचा अगर ये पंपिग बंद हो जायेगी तो हमारे शरीर के हिस्सों को खून की सप्लाई बंद हो जायेगी। अगर हमारे शरीर में खून हर हिस्से तक न पहुंचे तो इंसान की मौत हो जाती है। मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ही कार्डिएक अरेस्ट कहा जाता है। अब तो आप समझ ही गए होंगे की कार्डिएक अरेस्ट क्या है।

कार्डिएक अरेस्ट क्या है। ये समझने के बाद आपको इसके लक्षण बता देते हैं। कार्डिएक अरेस्ट में आदमी तुरंत गिर जाता है। इस दौरान तो उसकी धड़कनें सुनाई देती हैं और न ही वह सांस लेता है। कार्डिएक अरेस्ट के आने पर सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी या उल्टी महसूस होता है। लेकिन, कार्डिएक अरेस्ट इसलिए बेहद खतरनाक है कि इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। पहले से इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। इसीलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है।

कार्डिएक अरेस्ट से कैसे बचे?

अगर किसी को लगातार सीने में दर्द हो रहा है तो आप तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी या उल्टी महसूस हो रही है तो भी आप डॉक्टर को दिखा लें। ये सभी आपके दिल में कुछ न कुछ गड़बड़ी होने के संकेत हैं। कार्डिएक अरेस्ट का खतरा उन लोगों में ज्यादा होता है जो हार्ट पेशेंट, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्राल के मरीज हैं। कार्डिएक अरेस्ट से पूरी तरह से बचने का अभी तक कोई इलाज सामने नहीं आया है।


लेकिन, कार्डिएक अरेस्ट से बचने के लिए आप अपनी जीवन शैली औऱ खानपान के तरीके में सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा, स्मोकिंग और एल्कोहल का सेवन भी बंद करना इससे बचने का तरीका होता है। तो अब आप कार्डिएक अरेस्ट क्या है? और इसके लक्षण व बचाव के तरीके तो आप जान गये होंगे। आपको बता दें कि कार्डिएक अरेस्ट की वजह से ही श्रीदेवी का निधन हो चुका है। उन्हें भी अचानक कार्डिएक अरेस्ट आया और वो बेहोश हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

सिर्फ़ 3 दिन तक ये चीज़ खाने से जीवन में कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक

सिर्फ़ 3 दिन तक ये चीज़ खाने से जीवन में कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक


हार्ट अटैक एक गम्भीर समस्या है जिसे आमतौर पर दिल का दौरा भी कहते है क्या आप जानते है अधिकतर लोगो में हार्ट अटैक तब पड़ता है जब हमारे दिल तक खून पहुचाने वाली किसी एक या एक से अधिक धमनियों में जमे वसा के धक्के के कारण रुकावट आ जाती है। हम सब लोग अच्छी तरह जानते है कि पहले सिर्फ उम्रदराज और बुजुर्ग लोगो को ही हार्ट अटैक होता था लेकिन आज कल के तनावग्रस्त जीवन की वजह से युवा वर्ग भी हार्ट अटैक के रोगी हो रहे है इसी से बचने के लिए आज हम आपको ऐसी चीज़ के बारे में बता रहे है जिसे लगातार 3 दिनों तक खाने से आपको लाइफ में कभी हार्ट अटैक से नहीं गुजरना पड़ेगा।

आपको बता दे कि हार्ट अटैक आने से कुछ दिनों पहले ही हमें इसके संकेत मिल जाते है अगर आपको एक महीने पहले से ही सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में दिक्कत और ब्लड प्रेशर का लो और हाई हो तो आप इसे नज़र अंदाज़ नहीं करे ये हार्ट अटैक के लक्षण होते है।
अगर आपको भी हार्ट अटैक के लक्षण दिखे तो आपको अंकुरित गेहूं का सेवन करना चाहिए। इनका सेवन करने से पहले आप गेहूं को सबसे पहले 10 मिनिट पानी मे उबालें और फिर उन्हें अंकुरित करने के लिए किसी कपड़े में बांध कर रखे। जब गेंहू में 1 इंच तक लंबे अंकुर हो जाए तो रोज सुबह आधी कटोरी खाली पेट खाएं। ऐसा सिर्फ 3 से 4 दिन तक करने से ही आपको काफी बदलाव देखने को मिलेगा। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट जरूर करें।

शनिवार, 18 नवंबर 2017

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर


अंगूर का सेवन बहुत से लोग करते है। भले ही अंगूर टेस्ट में मीठा हो लेकिन इसमें शुगर की बिल्कुल भी मात्रा नहीं होती है। अंगूर में सभी जरूरी पोषक तत्व जैसे जल, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, मैगनेशियम और आयरन मौजूद होते है जो शरीर को कई बीमारियों से बचाकर रखते है। अगर अंगूर का सेवन सुबह खाली पेट किया जाए तो ज्यादा फायदा मिलता है। हम आपको कुछ ऐसे बीमारियों के बारे में बताएंगे, जिनमें अंगूर का सेवन काफी फायदेमंद होता है।
ये भी पढ़िए : माइग्रेन से बचने के लिए घरेलु उपाय


माइग्रेन का दर्द :
माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सिर का आधा हिस्सा दर्द करने लगता है। अंगूर का जूस माइग्रेन का दर्द दूर करने में सहायक है। इसके अलावा माइग्रेन के दर्द में अंगूर का सेवन करने से भी राहत मिलती है।

एनीमिया :
जब शरीर में खून की कमी हो जाए तो उसे एनीमिया कहते है। एनीमिया का बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अंगूर सबसे अच्छा तरीका है। रोजाना खाली पेट अंगूर का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा।
हार्ट अटैक :
हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में भी अंगूर काफी फायदेमंद है। अंगूर का फल हार्ट अटैक के मरीज के लिए एसप्रिन की गोली की तरह काम करता है क्योंकि एसप्रिन की गोली शरीर में खून के थक्के जमने नहीं देती जिससे हार्ट ठीक रहता है। अगर आप भी हार्ट अटैक के मरीज है तो काले अंगूर का रस पिएं। 

कैंसर :
अंगूर में पॉली-फेनोलिक फाइटोकेमिकल मौजूद होते है जो शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि कोरोनरी हार्ट डिजीज, नर्व डिजीज, अल्जाइमर और फंगल इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

रक्तस्राव के बाद क्षतिपूर्ति :
शरीर के किसी भी भाग से जब ज्यादजा खून वह जाए तो अंगूर के एक गिलास जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इससे रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाएगी। 

फोड़े-फुंसियों और मुंहासों से राहत :
अंगूर फोड़े-फुंसियों और मुहासों को सुखाने में सहायक होता है। अंगूर के रस के गरारे करने से मुंह के घावों और छाले भी दूर हो जाते है।

बुधवार, 15 नवंबर 2017

ये लक्षण बता देते है, हार्ट अटैक कब आने वाला है !, जरुर पहचानिए

ये लक्षण बता देते है, हार्ट अटैक कब आने वाला है !, जरुर पहचानिए


हार्ट अटैक एकदम से नहीं आ जाता है. अटैक के कई महीने पहले से ही लक्षण दिखाई देने लगते है मगर यह इतने मामूली से लगते है की लोग इन्हे नज़र अंदाज़ कर देते है. ऐसा ना करे. सजग रहे. लक्षण को आज परखे और कल बचे हार्ट अटैक से. यह है वो 10 लक्षण जो प्रारंभिक है और आगे जा के हार्ट अटैक का कारण हो सकती है.
  • थकान ज़्यादा लगना एक लक्षण है की फ्यूचर मे हार्ट अटैक हो सकता है. कोलेस्टरॉल चेक करे ( लिपिड प्रोफाइल ) अगर रिपोर्ट में दिखे की लड्ल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड काउंट हाई है. सावधान हो जाए और ट्रीटमेंट शुरू करे और वैदिक उपचार भी करे जो दिल को मजबूत बनाए.
  • सीने मे दबाव यानि कभी भी भविष्य मे हार्ट अटैक हो सकता है. अगर टाइट फीलिंग हो, साँस लेने मे तकलीफ़ हो और दर्द भी हो तो फ़ौरन डॉक्टर के पास पहुँच जाए.
  • कभी कभी वायरल फ़्लू जैसे लक्षण होते है और बुखार भी होता है मगर यह वायरल फ़्लू नहीं, हार्ट अटैक का अर्ली वॉर्निंग साइन है. इसे नजरअंदाज ना करे डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें.
  • गहरी साँस लेने मे तकलीफ़ हो तो यह भी एक लक्षण है. ब्लड सर्क्युलेशन फेफड़े में कम हो जाता है जिससे फेफड़े और मरीज़ गहरी सांस नहीं ले पाता.
  • ठंडा पसीना छूटे तो बिल्कुल सजग हो जाए क्योंकि यह एक संकेत है दिल के दौरे का. बिना कोई श्रम किए कोई इंसान पसीना पसीना हो जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाए.
  • चक्कर आना और बेहोश हो जाना बिना वजह के यह भी संकेत है हार्ट अटैक का. दिल कमजोर हो जाने से दिमाग़ तक खून का नहीं पहुच पाना यानि हार्ट सही तरीके से ब्लड को पंप नहीं कर पाता जिस के कारण आँखों के सामने अंधेरा छा जाता है और बेहोशी भी हो सकती है. डॉक्टर से तुरंत चेकअप करवाए.
  • बदन दर्द करने लगे अलग अलग हिस्से में जैसे की पीठ, गर्दन, जबड़ा में तो यह हार्ट ट्रबल के निशान है. हाथो के अंदर के भाग, गर्दन और कंधे मे अगर दर्द हो तो हार्ट स्पेशलिस्ट से फ़ौरन चेकअप करवाए, यह लक्षण को नज़र अंदाज़ ना करे.
  • दिल की धड़कन कभी तेज और अनियमित हो जाता है और फड़फड़ाहट होने लगे तो यह भी संकेत है हार्ट ट्रबल का.
  • दिल का दौरा आने वाला हो तो पहले उल्टी हो जाता है और बेचैनी महसूस होती है. अगर ऐसा हुआ तो फ़ौरन डॉक्टर से चेकअप करवाए ताकि दिल का दौरा पड़ने से पहले ही ट्रीटमेंट हो सके.
  • दिल घबराया घबराया सा लगता है बिना किसी के कारण के तो यह भी एक निशानी है की दौरा बहुत दूर नहीं है. ख़ास कर के रात मे ऐसा हो तो सावधान हो जाए.

शनिवार, 11 नवंबर 2017

हार्ट अटैक के लक्षण और उससे बचने के उपाय

हार्ट अटैक के लक्षण और उससे बचने के उपाय


यदि आपको दिल या सीने में बार-बार दर्द हो रहा है तो ये हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं, दिल की मांसपेशियों में खून न पहुचने या रुक जाने के कारण हार्ट अटैक होने का खतरा होता हैं, जिसे दिल का दौरा कहते हैं। हम आपको हार्ट अटैक से बचने के कुछ घरेलु उपाय बताते हैं..

अपने कोलेस्ट्रोल स्तर को 130 एमजी-डीएल तक रखिए : कोलेस्ट्रोल के मुख्य स्रोत जीव उत्पाद है , जिनसे जितना अधिक हो , बचने की कोशिश करनी चाहिए । अगर आपको युक्त यानी लीवर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल घटाने वाली दवाओं का सेवन करना पडा सकता है ।
अपना सारा भोजन बगैर तेल के बनाएं , लेकिन मसाले का प्रयोग बंद नहीं : मसाले हमें भोजन का स्वाद देते है, न की तेल का । हमारे ‘जीरो आयल‘ भोजन निर्माण विधि का प्रयोग करें और हजारों हजार जीरो आयल भोजन स्वाद के साथ समझोता किए बगैर तैयार करें । तेल ट्रिगलीराइडस होते है और रक्त स्तर 130 एमजी-डीएल के नीचे रखा जाना चाहिए ।
अपने तनावों को लगभग 50 प्रतिशत तक कम करें : इससे आपको ह्रदय रोग को रोकने में मदद मिलेगी , क्योंकि मनोवेग्नानीक तनाव ह्रदय की बीमारियों की मुख्य वजह है । इससे आपको बेह्तार जीवन स्तर बनाए रखने में भी मदद मिलेगी ।
हमेशा ही रक्त दबाव को 120-80 एमएम एचजी के आस – पास रखे : बढ़ा हुआ रक्त दबाव विशेष रूप से 130-90 से ऊपर ब्लांकेज को दुगुनी रफ्तार से बढ़ाएगा । तनाव में कमी, ध्यान, नमक में कमी तथा यहाँ तक की हल्की दवाएं लेकर भी रक्त दबाव को कम करना चाहिए ।
अपने वजन को सामान्य रखे : आपका बाडी मॉस इंडेक्स 25 से नीचे रहना चाहिए । इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्केयर के साथ घटाकर कर सकते है । तेल नहीं खाकर एवं निम्न रेशो वाले अनाजों तथा उब किस्म के सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते है।
नियमित रूप से आधे घंटे तक टहलना जरूरी : टहलने की स्फ्तार इतनी होनी चाहिए. जिससे सीने में दर्द नहीं हो ओर हांफे भी नहीं । यह आपके अछे कोलेस्ट्रोल को बढाने में आपकी मदद कर सकता है।
15 मिनट तक ध्यान और हलके योगा व्यायाम रोज करें : यह आपके तनाव तथा रक्त दबाव को कम करेगा । आपको ह्रदय रोग को कम नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा ।

भोजन में रेशे और एंटी आक्सीदेट्स : भोजन में अधिक सलाद , सब्जियों तथा फलों का प्रयोग करें । ये आपको भोजन में रेशे और एंटी आक्सीदेट्स के स्रोत है और एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रोल को बढाने में सहायक होते है । 

अगर आप मधुमेह से पीड़ित है, तो शक्कर को नियंत्रित रखे : ब्लड शुगर 100 एमजी डीएल से नीचे होना चाहिए और खाने के दो घंटे बाद उसे 140 एमजी-डीएल से नीचे होना चाहिए । व्यायाम, वजन में कमी, भोजन में अधिक रेशा लेकर तथा मीठे भोज्य पदार्थों से बचते हुए अधुमेह को खतरनाक न बनने दें. अगर आवश्यक हो, तो हल्की दवाओं के सेवन से फायदा पहुँच सकता है ।

हार्ट अटैक से पूरी तरह बचाव : हार्ट अटैक से बचने का सबसे आसान सन्देश है और हार्ट में अधिक रूकवाटे न होने दें । यदि आप इन्हें घटा सकते है , तो हार्ट अटैक कभी नहीं होगा ।

पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें. पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें।

पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें। नमक, चिकनाई का प्रयोग बंद कर दें।

अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने, किशमिश, गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें।

दिल के रोगों के लिए लाभकारी सब्जियां :

प्याज –  इसका प्रयोग सलाद के रूप में कर सकती है । इसके प्रयोग से रक्त का प्रवाह ठीक रहता है । कमजोर ह्रदय होने पर जिनको घबराहट होती है या ह्रदय की धड़कन बढ़ जाती है , उनके लिए प्याज बहुत ही लाभादारक है।

टमाटर – इसमें विटामिन सी , बीताकेरोटिन , लाइकोपीन , विटामिन एक व पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है , जिससे दिल की बीमारी का ख़तरा कम हो जाता है।

लोकी – इसे घिया भी कहते है । इसके प्रयोग से कोलेस्ट्रोल का स्तर सामान्य अवस्था में आना शुरू हो जाता है। ताजी लोकी का रस निकालकर पोदीना पत्ती – 4 व तुलसी के 2 पत्ते डालकर दिन में दो बार पीना चाहिए।

लहसुन – भोजन में इसका प्रयोग करें. खाली पेट सुबह के समय दो कलियाँ पानी के साथ भी निगलने से फायदा मिलता है।

गाजर – बड़ी हुई धड़कन को कम करने के लिए गाजर बहुत ही लाभदायक है। गाजर का रस पिएँ , सब्जी खाए व सलाद के रूप में प्रयोग करें।

रविवार, 29 अक्तूबर 2017

बायें हाथ का दर्द हो तो ना करें अनदेखा हार्ट अटैक समेत हो सकती हैं ये पांच बीमारियाँ

बायें हाथ का दर्द हो तो ना करें अनदेखा हार्ट अटैक समेत हो सकती हैं ये पांच बीमारियाँ


हार्ट अटैक तो आजकल की एक बहुत ही गंभीर समस्या बन गई है । अक्सर हम लोगों का यह मानना होता है कि अगर बायें हाथ में दर्द महसूस हो रहा है तो यह हार्ट अटैक ही होगा और हम लोग डॉक्टर के पास चले जाते हैं, यह एक अच्छी बात है कि हमें कोई दिक्कत समझ आई और हम डॉक्टर के पास चले गये । लेकिन बायें हाथ का दर्द होना सिर्फ हार्ट अटैक का ही लक्षण है या यह और दूसरी बीमारियों की तरफ भी इशारा करता है । चलिये हम आपको बताते हैं । यह सही है कि बायें हाथ में दर्द का होना सबसे सामान्य लक्षण है हार्ट अटैक का लेकिन यह मरीज के उम्र पर भी निर्भर करता है । किसी भी व्यक्ति के बायें हाथ में दर्द है तो डॉक्टर यह जरुर कहते हैं कि यह हार्ट अटैक हो सकता है लेकिन उसके साथ और भी लक्षण जैसे पसीना होना, मिचली आना, उलझन का होना आदि हैं तो यह निश्चित रूप से हार्ट अटैक का लक्षण है ।  हार्ट अटैक के अलावा बायें हाथ में दर्द होने के पांच और भी कारण हैं जो इस आर्टिकल में हम आपको बता रहें हैं ।

1. लोकल मस्कुलोस्केल्टन समस्या: बायें हाथ के कन्धों में आर्थराइटिस का होना या सर्वाइकल स्पोंडीलाइटिस की वजह से भी आपके बायें हाथ में दर्द हो सकता है. जो लोग कम्प्युटर का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं उन्हें अक्सर सर्वाइकल स्पोंडीलाइटिस की समस्या होती है जिसकी वजह से बाएं हाथ में दर्द होता है ।
2. सर्वाइकल कम्प्रेसन: इसका मतलब होता है कि आपके कंधे की कोई नस यानी तंत्रिका दब रही है जिसकी वजह से आपके बाएं हाथ में दर्द होता है ।
3. कंधे की चोट: अगर आपके कंधे में कोई चोट है तो आपके बायें हाथ में दर्द होगा. आपके कंधे में अगर कोई छोटा सा ट्यूमर भी है तो वहां की नसें दबाव महसूस करती हैं जिसकी वजह से उस हाथ में दर्द होने लगता है ।
4. लोकल इन्फेक्शन: जी हाँ यह विश्वास नहीं किया जा सकता है लेकिन अगर आपको कोई इन्फेक्शन है तो उसकी वजह से भी भी बायें हाथ में दर्द हो सकता है. जैसे हर्प्स जोस्टर वायरस की वजह से होंने वाले इन्फेक्शन में आपके हाथ में इन्फ्लामेसन हो जाता है जिससे दर्द हो सकता है ।
5. स्लीपिंग पोजिसन: अगर व्यक्ति गलत तरह से सोता है तो भी उसे दर्द हो सकता है. जैसे मान लीजिये की अगर आप अपने बायें हाथ को दबाकर सोता है तो आपके कंधे नस दब जाती है और हाथ सुन्न हो जाता है जिससे आपके हाथ में दर्द महसूस होने लगता है ।

मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

हार्ट अटैक सहित कई बीमारियों में रामबाण है लाल मिर्च

हार्ट अटैक सहित कई बीमारियों में रामबाण है लाल मिर्च


लालमिर्च का पौधा 60 से 90 सेमी ऊंचा होता है इसके पत्ते लंबे होते हैं। इसके फूल सफेद व पत्तियों का रंग हरा होता है। फल अगर कच्चा है तो हरा और पक जाने पर हल्का पीला व लाल होता है। एक मिर्च में बहुत से बीज होते हैं जोकि बिल्कुल बैंगन के बीजों की तरह होते हैं। लालमिर्च का स्वाद तीखा होता है यह काफी मशहूर है। कच्चे एवं पके मिर्च का आचार बनाया जाता है और इसका उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है। पिसी हुई लालमिर्च में लकड़ी का बुरादा और रंग मिला होता है। 1 चम्मच पिसी हुई लाल मिर्च 1 कप पानी में घोलें। इससे पानी रंगीन हो जायेगा और बुरादा पानी में तैरने लगेगा।

1. हार्ट अटैक (दिल का दौरा):
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब किसको हार्ट अटैक आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं अगर पीड़ित को अस्पताल ले जाने में थोड़ी सी देरी हो गई तो उसकी जान जाने का खतरा रहता है। लेकिन एक ऐसा क्षणिक उपाय है जिसका इस्तेमाल करके आप पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राहत दिला सकते हैं और उसे आराम से अस्पताल पहुंचा सकते हैं। एक शोध के मुताबिक लाल मिर्च हृदय के मरीज के लिए रामबाण है। इसलिए जिस व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा हो उसे एक चम्मच लाल मिर्च पानी में घोलकर पिला दीजिए उसकी हालत स्थिर हो जाएगी। हालांकि, इस घोल को तभी पिलाया जाना चाहिए जब व्यक्ति होश में हो।

1. हैजा (कालरा):
लाल मिर्च के बीजों को अलग करके उसके छिलकों को बारीक पीस लें, फिर उसमें थोड़ा कपूर, हींग और शहद मिलाकर 240 मिलीग्राम की गोलियां बनाकर खायें। इससे हैजा ठीक हो जाता है। हैजा में हर उल्टी और दस्त के बाद रोगी को 1 चम्मच मिर्च का तेल पिलाना चाहिए। इसे तीन चार बार पिलाने से ही हैजा खत्म हो जाता है।
अफीम और भुनी हींग की गोली देने के बाद, मिर्च का काढ़ा पिलाने से हैजा दूर होता है। लालमिर्च को बारीक पीसकर, झड़बेर जैसी गोलियां बनाकर रखें और हैजे के रोगी को हर 1 घंटे पर 1 गोली और 7 लौंग देने से हैजे की बीमारी दूर होती है।

2. मुंह के छाले: लालमिर्च को पानी में घोलकर या काढ़ा बनाकर पीने से मुंह के छाले व घाव जल्द ठीक होते हैं।

3. पेट में पानी का भरना: लालमिर्च के पौधे की 20 ग्राम पत्तियां और 10 दाने कालीमिर्च लेकर ठण्डा करके 1-1 ग्राम की मात्रा में सेंधानमक और नौसादार मिलाकर पिलाने से जलोदर में लाभ होता है।

4. खाज-खुजली: शोथ (सूजन), खुजली और त्वचा के रोगों में लाल मिर्च में पकाया हुआ तेल लगाने से लाभ होता है। बारिश के मौसम में होने वाली फुंसियों के लिये यह बहुत ही लाभदायक है।

5. त्वचा के रोग: 125 ग्राम लालमिर्च और 375 मिलीलीटर सरसों के तेल को मिलाकर आग पर पकाने के लिये रख दें। इसके अच्छी तरह से पकने के बाद उतारकर छान लें। इसे लाल मिर्च का तेल कहते है यह कई सालों पुरानी फुंसियों को भी ठीक कर देती है और यह त्वचा के सारे रोगों में फायदा पहुंचाती है।

6. सिर का दर्द: छोटी लालमिर्च और बड़ी लालमिर्च को बराबर मात्रा में लेकर थूहर के दूध के साथ पीसकर माथे पर लेप करें। इससे सभी प्रकार का सिर दर्द ठीक हो जाता है।

गुरुवार, 17 अगस्त 2017

जाने, आलू का रस पीने के अनोखे फायदे ..!!

जाने, आलू का रस पीने के अनोखे फायदे ..!!


हर इंसान को आलू खाना पंसद होता है। इसे सभी अपने-अपने तरीके से रेसिपी बनाकर खाते है। लेकिन आप जानते है कि यह हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। इसका सेवन करने से आपको कई बीमारियों से निजात मिल जाता है। इसका इस्तेमाल करने से केवल सेहत ही नहीं बल्कि सौंदर्य के लिए भी किया जाता है। कई लोग मानते है कि आलू खाने से आप मोटे हो जाएगे। जबकि ऐसा कुछ नहीं है |

आमतौर पर जब आलू खाएं जाते हैं या तो उसकी सब्जी बनाकर खाई जाती है या फिर चिप्स बनाकर खाएं जाते हैं जो कि बच्चों को बहुत पसंद आता है. दरअसल जब आलू को तला जाता है और डीप फ्राई करने के कारण आलू से मोटापा बढ़ता है. इस वजह से लोग आलू खाने से मना करते हैं. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों के लिए.

क्या आप जानते हैं आलू में बहुत अधिक मात्रा में पोटैशियम पाया जाता हैं. जो कि सेहत के लिए फायदेमंद है. ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए कि जब आप आलू का इस्तेमाल करें तो उसे अच्छे से धोकर बिना छिलका उतारे ही इस्तेमाल करें. ताकि इसमें मौजूद पौटेशियम का पूरा-पूरा फायदा मिल सके.

आलू को उबालकर या गर्म रेत अथवा गर्म राख में भूनकर खाना लाभकारी है। सूखे आलू में 8.5 प्रतिशत प्रोटीन होता है जबकि सूखे चावलों में 6-7 प्रतिशत प्रोटीन होता है। इस प्रकार आलू में अधिक प्रोटीन पाया जाता है। जिस तरह आलू हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है। उससे ज्यादा फायदेमंद इसका रस है। इसका सेवन करने आपको कई बीमारियों से निजात मिल जाता है।

आलू के रस में अधिक मात्रा में आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन ए, बी और सी पाया जाता है। जो कि आपके शरीर में बहुत महत्वपूर्ण है। जानिए इसका रस रोजाना पीने से क्या फायदा है?

आलू का रस पीने के फायदे / benefit of potato juice

  • आलू के जूस को पीने से आप आसानी से अपने कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रण में रख सकते हैं। यह आपके समस्त स्वस्थ्य सम्बन्धी समस्या का हल भी है।
  • आलू का जूस आपके बढ़ते हुए वजन को घटा देता है। इसके लिए सुबह अपने नाश्ते से दो घंटे पहले आलू का जूस का सेवन करें। यह भूख को नियंत्रित करता है और वजन को कम कर देता है।
  • गठिया के रोग में आलू का जूस बेहद कारगर तरह से काम करता है। आलू के जूस को पीने से यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकलता है। और गठिया की सूजन को कम करता है।
  • ह्रदय की बिमारी और स्ट्रोक से बचने और इसे कम करने के लिए आलू सबसे अच्छा उपाय है। यह नब्ज़ के अवरोध, कैंसर, हार्ट अटैक और ट्यूमर को बढ़ने से कम करता है।
  • किडनी की बिमारियों का इलाज करने के लिए आलू का जूस पीने की आदत डालें। यह ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रण में रखने में भी मदद करता है। आलू का जूस मूत्राशय में कैल्शियम का पत्थर बनने नहीं देता।
  • आलू का जूस जोड़ों के दर्द व सूजन को खत्म करता है। अर्थराइटिस से परेशान लोगों को दिन में दो बार आलू का जूस पीना चाहिए। यह दर्द व सूजन में राहत देता है। शरीर में खून के संचार को भी बेहतर बनाता है आलू का जूस।
  • लिवर और गॉल ब्लैडर की गंदगी को निकालने के लिए आलू का जूस काफी मददगार साबित होता है। जापानी लोग हेपेटाइटिस से निजात पाने के लिए आलू के जूस का इस्तमाल  करते हैं ।
  • आपके बालों को जल्दी बड़ा करने के लिए आलू के जूस का नियमित मास्क काफी मददगार साबित होता है। एक आलू को लेकर इसका छिलका निकाल लें। इसके टुकड़ों में काटकर पीस लें। अब इससे रस निकाल लें और इसमें शहद और अंडे का उजला भाग मिला लें। अब इस पेस्ट को सर और बालों पर लगाएं। इसे दो घंटे तक रखें और उसके बाद शैम्पू से धो लें।
  • अगर आप डाइबिटीज के मरीज हैं तो यह आपके लिए बेहद फायदेमंद चीज है। इसका सेवन करने से यह शरीर के खून में शर्करा के स्तर को कम करने में काफी प्रभावकारी साबित होगा।
  • अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो आलू का रस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए इसके रस को रोजना आधा कप पिएं। इससे आपको लाभ मिलेगा।
  • अगर आपके चेहरे में दाग, धब्बे और पिपंल है तो आलू का रस काफी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स के साथ पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जस्त जैसे खनिज पाया जाता है, जोकि हमारी स्किन के लिए फादेमंद है।
  • आलू के रस के साथ, सेलेरी जूस और खीरे का जूस दो चम्मच मिलाकर पीएंगे तो पेट के रोग कम होने लगेंगे. इस जूस को पीने से एसिडिटी, अल्सर और पेट में जलन जैसी समस्याएं दूर होने लगेंगी.

शुक्रवार, 11 अगस्त 2017

प्याज़ के छिलकों को सूप या चाय में डालें, ये हैं इसके 5 फायदे

प्याज़ के छिलकों को सूप या चाय में डालें, ये हैं इसके 5 फायदे


आजकल सब्ज़ियों के प्राइस इतने बढ़ गए हैं कि इंसान टमाटर, प्याज़ को जितना घिस सकता है, उतना कम है। छिलके फेंकते हुए भी लगता है कि थोड़ा और घिस लेते। आपकी इस परेशानी का हल रिसर्च ने ढूंढ निकाला है। फ्रूट्स और वेजिटेबल्स के छिलके अब फेंकने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि इनका भी यूज़ हो सकता है। कई छिलके आप खाद के तौर पर यूज़ कर सकते हो, और कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स का हिस्सा बन सकते हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि अगर फ्रूट्स और वेजिटेबल्स ऑर्गेनिक और फ्रेश हैं, तो छिलके उतारने की ज़रूरत ही नहीं, क्योंकि इनके छिलकों में ही सारा पोषण छिपा होता है।

प्याज़ के छिलकों को यूज़ कैसे करें ?

कहते हैं कि प्याज़ के छिलकों में नेचुरल हेयर डाई करने के गुण होते हैं। सिर्फ यही नहीं, अगर आप इन्हें खाना चाहते हैं, तो बनाते वक्त अपने सूप या करी में डाल लें। फिर सर्व करने से पहले छिलके निकाल दें। आप चाहें तो प्याज़ के छिलके ग्रीन टी या हर्बल टी में भी डाल सकते हैं। छिलके इस्तेमाल करने से पहले सिर्फ इस बात का ध्यान रहे कि प्याज़ ऑर्गेनिक हो। केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स युक्त छिलके यूज़ करने के फायदे नहीं, नुकसान होंगे। आपको बता दें कि आजकल फ्रूट्स और वेजिटेबल्स इसलिए इतने चमकदार लगते हैं, क्योंकि उन पर बहुत सारे केमिकल्स छिड़के होते हैं। इसलिए पास के स्टोर से प्याज़ न लाएं। वहां पर ऑर्गेनिक अनियन्स नहीं मिलेंगे। ऑर्गेनिक अनियन्स में कई हेल्थ बेनिफिट्स और न्यूट्रिशन्स होते हैं।  

प्याज़ के छिलकों के ये हैं 5 फायदे:

1- एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर
रिसर्च के मुताबिक, प्याज़ के छिलकों को इस्तेमाल करने में कोई हर्ज़ नहीं है, क्योंकि इसमें फलों के मुकाबले ज़्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को अंदर से साफ करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। 

2- हार्ट अटैक से बचाता है
इसमें क्वैरसेटीन नाम के फ्लेवोनोल की भारी मात्रा है, जो ब्लड प्रेशर घटाता है और आर्टरीज़ को साफ करके, हार्ट अटैक आने की संभावना को कम करता है।

3- कैंसर का रिस्क कम होता है
'द जर्नल प्लांट फूड्स फॉर ह्यूमन न्यूट्रिशन' में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक प्याज़ के छिलकों में हाई फाइबर होता है और कई कम्पाउंड्स जैसे- फ्लेवोनोइड्स, क्वैरसेटीन और फीनोलिक, जो कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को इम्प्रूव करते हैं,सूजन और कैंसर के रिस्क को कम करते हैं। 

4- गले की खराश कम करता है
अगर आपका गला खराब है, तो पानी में प्याज़ के कुछ छिलके डालकर उबालें। फिर इसे छानकर, इसी पानी से गर्रारे करें। इससे आपके गले को आराम मिलेगा। आप चाहें तो चाय बनाते वक्त भी उसमें प्याज़ के छिलके डाल सकते हैं और फिर छानकर इसे पी सकते हैं। इससे भी गले को फायदा पहुंचता है।

5- चेहरा साफ करने के लिए
प्याज़ के वो छिलके ले लें, जिनमें कुछ रस हो। फिर इन्हें हल्दी में मिक्स कर लें और अपने चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर हो सकते हैं और ग्लो भी आता है।

गुरुवार, 27 जुलाई 2017

क्या लाल मिर्च 1 मिनट में रोक सकती है हार्ट अटैक !

क्या लाल मिर्च 1 मिनट में रोक सकती है हार्ट अटैक !


एक प्रसिद्ध हर्बल उपायों से चिकित्सा करने वाले डॉक्टर ने माना है उनके 35 साल के लंबे करियर में उनके पास आए सभी हार्ट अटैक मरीजों की जान बचाई जा सकी। जिसमें लाल मिर्च के इस्तेमाल से बना एक घोल सबसे ज्यादा कारगर साबित हुआ। लाल मिर्च के खास गुण इसमें पाए जाने वाले स्कोवाइल (Scoville) की वजह से होते हैं। लाल मिर्च में कम से कम 90,000 युनिट स्कोवाइल पाया जाता है।

अगर आप किसी को भी हार्ट अटैक आते देखते हैं तो एक चम्मच लाल मिर्च एक ग्लास पानी में घोलकर मरीज को दे दीजिए। एक मिनट के भीतर मरीज की हालत में सुधार आ जाएगा। इस घोल का असर सिर्फ एक अवस्था में होता है जिसमें मरीज का होश में होना आवश्यक है।

ऐसे हालात जिनमें मरीज बेहोशी की हालत में हो दूसरे उपाय को अपनाया जाना बेहद जरूरी है। लाल मिर्च का ज्यूस बनाकर इसकी कुछ बूंदें मरीज की जीभ के नीचे डाल देने से उसकी हालत में तेजी से सुधार आता है। लाल मिर्च में एक शक्तिशाली उत्तेजक पाया जाता है। जिसकी वजह से इसके उपयोग से ह्रदय गति बढ़ जाती है। इसके अलावा रक्त का प्रवाह शरीर के हर हिस्से में होने लगता है। इसमें हेमोस्टेटिक (hemostatic) प्रभाव होता है जिससे खून निकलना तुरंत बंद हो जाता है। लाल मिर्च के इस प्रभाव के कारण हार्ट अटैक के दौरान मरीज़ को ठीक होने में मदद मिलती है।

हार्ट अटैक से बचाव के लिए तुंरत उपयोग करने हेतु एक बेहद कारगर घोल बनाकर रखा जा सकता है। लाल मिर्च पाउडर, ताज़ी लाल मिर्च और वोदका (50% अल्कोहल के लिए) के इस्तेमाल से यह घोल तैयार किया जाता है।

कांच की बोतल में एक चौथाई हिस्सा लाल मिर्च से भर दीजिए। इस पाउडर के डूबने जितनी वोदका इसमें मिला दीजिए। अब मिक्सर में ताजी लाल मिर्च को अल्कोहल के साथ में सॉस जैसा घोल तैयार कर लीजिए। इस घोल को कांच की बोतल में बाकी बचे तीन चौथाई हिस्से में भर दीजिए। अब आपकी बोतल पूरी तरह से भर चुकी है। कांच की बोतल को कई बार हिलाइए। इस मिश्रण को एक अंधेरी जगह में दो हफ्तों के लिए छोड दीजिए। दो हफ्तों बाद इस मिश्रण को छान लीजिए। अगर आप ज्यादा असरकारक मिश्रण चाहते हैं तो इस घोल के तीन माह के लिए अंधेरी जगह पर छोड़ दीजिए।

हार्ट अटैक आने के बाद होश में बने रहने वाले मरीज़ को इस मिश्रण की 5 से 10 बूंदें दी जानी चाहिए। 5 मिनट के अंतराल के बाद फिर से उतनी मात्रा में यह घोल मरीज को दिया जाना चाहिए। 5 मिनिट के अंतराल के साथ मरीज की हालत में सुधार आने तक यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है। अगर मरीज बेहोश है तो उसकी जीभ के नीचे इस मिश्रण की 1 से 3 बूंदे डाल दी जानी चाहिए। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराया जाना चाहिए जब तक मरीज की हालात में सुधार न आ जाए।

वैज्ञानिक शोधों से साबित हो चुका है लाल मिर्च में 26 अलग प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। कैल्शियम, ज़िंक, सेलेनियम और मैग्निशियम जैसे शक्तिशाली तत्वों से भरपूर लाल मिर्च में कई मिनरल के अलावा विटामिन सी और विटामिन ए की भी भरपूर मात्रा होती है। हर भारतीय घर में मसाले का अभिन्न हिस्सा लाल मिर्च में ह्रदय को स्वस्थ रखने के कुछ बेहद खास और विस्मयकारी गुण पाए जाते हैं। किसी भी तरह की ह्रदय संबंधी समस्या से बचने में लाल मिर्च बहुत कारगर है।

सोमवार, 10 जुलाई 2017

इनके सेवन से आपको पूरी जिंदगी में कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक

इनके सेवन से आपको पूरी जिंदगी में कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक


ह्र्दय रोग होने का मुख्य कारण शरीर में कोलेस्टेरॉल की मात्रा का बढ़ना। इससे शरीर की नसे बंद हो जाती है और जिसके कारण आगे चल के व्यक्ति को दिल का रोग लग जाता है। इसीलिए सबसे महत्वपूर्ण शरीर में कोलेस्टेरॉल हमेशा नियंत्रण में रखे।

दिल का दौरा आने पर आमतौर पर ये लक्षण सामने आते हैं 

  • पसीना आना एवं सांस फूलना।
  • छाती में दर्द होना एवं ऐंठन होना।
  • हाथों, कंधों, में दर्द होना।
  • उल्टी होना।
आज हम ऐसे कई उपाय बताने जा रहे है जिनके सेवन से आप के शरीर में ये कभी नहीं ज़्यादा होगा और आपका दिल बीमारियों से बचा रहेगा।

कच्चा लहसुन :-
कच्चा लहसुन खाने से हमारे शरीर में रक्त प्रभाव सही तरह से होता है अगर शरीर में कहीं कोई नस बंद हो जाती है वो भी इसके सेवन से खुल जाती है। ह्र्दय रोग का मुख्य कारण होता है दिल की नस का रुक जाना तो कच्चा लहसुन उसे कभी रुकने नहीं देगा जिससे आपको जीवन भर दिल का दौरा नहीं पड़ेगा।

घृतकुमारी :-
एलोवेरा हमारे शरीर से कोलेस्ट्रॉल का नष्ट करने का काम करता है जिससे हम कभी ह्र्दय से संबंधित बीमारियां नहीं होती इसीलिए सुबह खाली पेट 50 ग्राम घृतकुमारी का सेवन जरूर करना चाहिए।

दाल चीनी :-
दाल चीनी भी हमारे दिल का स्वस्थ रखने में मदद करती है इसीलिए हम दाल चीनी का सेवन करना चाहिए आप दाल चीनी को दूध में डाल कर भी सेवन कर सकते है।

धनिया :-
धनिया हमारे दिल के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके नियमित सेवन से दिल की बीमारियों से शरीर को बचा या जा सकता है।

अंकुरित दाल :-
अंकुरित दाल खाने से आपको पूरी जिंदगी में कभी भी दिल का दौरा नहीं आता इसीलिए दिल के रोगियों को अंकुरित दाल का सेवन जरूर करना चाहिए।

गुरुवार, 6 जुलाई 2017

हार्ट अटैक से बचाती है राई, जानिए इन छोटे दानों के और भी बड़े गुण

हार्ट अटैक से बचाती है राई, जानिए इन छोटे दानों के और भी बड़े गुण


सभी घरों में राई का इस्तेमाल खाने में किया जाता है। इसके कई हेल्थ बेनिफिट्स होते हैंं। लेकिन राई को अलग तरीके से यूज किया जाए तो इससे हार्ट डिजीज जैसी समस्ययाएं भी दूर की जा सकती है। राई में कॉपर, आयरन, मैग्नेशियम और सेलेनियम जैसे तत्व होते हैं जो शरीर को कई तरह की प्रोब्लम्स से बचाने में सहायक होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं राई से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में...

दिल की बीमारी में राहत :
2 चम्मच राई को पीसकर पेस्ट बनाएं और उससे हाथों और पैरों पर मालिश करें। दिल की समस्याओं में राहत मिलेगी।

सिरदर्द की समस्या में राहत :
राई का पेस्ट रोजाना सिर पर लगाने से सिरदर्द यानी माइग्रेन में राहत मिलती है।

दस्त में आराम :
1 कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच राई​ मिलाकर पीने से दस्त में आराम मिलता है।

जोड़ों के दर्द में आराम :
राई को पीसकर उसमें कपूर मिलाएं। इस पेस्ट से जोड़ों पर मालिश करने पर आराम मिलेगा।

कान दर्द में राहत :
कान दर्द होने पर राई के तेल को गर्म करके 2 या 3 बूंद कान में डालें। इसके कुछ देर बाद साफ कर लें। दर्द में आराम मिलेगा।

दांत दर्द में राहत :
राई के तेल में बारीक नमक मिलाकर मंजन करने से दांत दर्द में राहत मिलकर पायरिया से भी मुक्ति मिलती है।

बुधवार, 5 जुलाई 2017

सिर्फ 3 दिन तक खाएं ये चीज, कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक!

सिर्फ 3 दिन तक खाएं ये चीज, कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक!


हार्ट अटैक एक बहुत ही गंभीर रोग है। हार्ट अटैक को दिल का दौरा पड़ना भी कहते हैं। अधिकतर लोगों को हार्ट अटैक तब पड़ता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी एक या एक से अधिक धमनियों में जमे वसा के थक्के के कारण रुकावट आ जाती है। पहले के समय में सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही हार्ट अटैक होता था। लेकिन आजकल के बिगड़ते लाइफस्टाइल और तनाव भरे जीवन के चलते आजकल नौजवान भी हार्ट अटैक के रोगी हो रहे हैं। हार्ट अटैक के रोगियों को कभी कभी यह पता ही नहीं होता कि वे हृदय रोगी हैं। क्योंकि जब उन्हें अपने शरीर में इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके चलते बाद में गंभीर परिााम भुगतने पड़ते हैं।

हार्ट अटैक के मरीज अगर पहले से ही शरीर में दिखने वाले लक्षणों को गंभीरता से लें तो मामले पर काबू पाया जा सकता है। हार्ट अटैक से करीब एक महीने पहले से सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में दिक्कत, फ्लू की समस्‍या, मितली, ब्लड प्रेशर को लो या हाई होना, अधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, तनाव और घबराहट जैसे लक्षण दिखने देने लगते हैं।

हालांकि जब हार्ट अटैक अपने चरम पर पहुंच जाए तो उस स्थिति में दवाई लेना सही है। लेकिन एक आम इंसान को जिसे कभी हार्ट अटैक नहीं आया है या जिसे हार्ट अटैक के लक्षण शरीर में दिखते हैं तो उसे प्राकृतिक चीजों का सहारा लेना चाहिए। आज हम आपको हार्ट अटैक से बचने के लिए गेंहू के जबरदस्त फायदे बता रहे हैं। यानि कि अंकुरित गेंहू को खाने से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। 

अंकुरित गेंहू के द्धारा हार्ट अटैक से बचने के लिए सबसे पहले गेंहू को 10 मिनट के लिए पानी में उबालें और फिर उन्हें अंकुरित करने के लिए किसी कपडे में बांध कर रख लें। ऐसा करने से गेंहू अच्छी तरह अंकुरित हो जाएंगे। जब गेंहू में करीब 1 इंच तक लंबे अंकुर हो जाएं, तो रोज आधी कटोरी सुबह खाली पेट उन्हें खाएं। सिर्फ 3 से 4 दिन तक ही ऐसा करने से आपको अपने शरीर में काफी बदलाव दिखेगा और जीवन में हार्ट अटैक आने के चांस भी बहुत कम हो जाते हैं।

अब अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि अगर गेंहू को उबालेंगे तो यह अंकुरित कैसे होंगे? तो आपको बता दें कि जब उबले हुए गेंहू को अंकुरण के लिए रखा जाता है तो उनमें से लगभग 5-10% गेंहू में ही वो सामर्थ्य होता है कि वो अंकुरित हो जाएं और जिन गेंहू में उबलने के बाद ये सामर्थ्य होता है वही हार्ट अटैक के लिए औषधी साबित होते हैं।
हार्ट अटैक का खतरा रहेगा कोसो दूर, खाएं ये 5 फूड्स

हार्ट अटैक का खतरा रहेगा कोसो दूर, खाएं ये 5 फूड्स


हमारा लाइफस्टाइल इतना बदल चुका है कि ज्यादातर लोग किसी ने किसी गंभीर बीमारी के शिकार रहते है। इन्हीं गभीर बीमारियों में हार्ट अटैक आम है। गलत खान और दिनचर्या दिल के मरीजों की संख्या में लगातर बढोतरी करते जा रहे है। दुनिया में होने वाली अधिकतर मौते हार्ट अटैक के कारण ही होती है। इस बीमारी से बचने के लिए सतर्क रहना साथ ही अपने खान-पान में सुधार करना बदुत ही जरूरी है क्योंकि आपकी जरा सी लापरवाही जान तक ले सकती है। आज हम आपको कुछ ऐेसे 5 फूड्स के बारे में बताएंगे, जो हार्ट अटैक को खतरे को आपसे कोसो दूर रखेंगे।

1. प्याज
प्याज को सब्जी या सलाद के रूप में खाएं क्योंकि इसका सेवन करने से रक्त प्रवाह सही तरीके से चलाता है। इसी के साथ बढ़ी हुई हृदय की धड़कन को बेहतर रखता है।

2. टमाटर
टमाटर का इस्तेमाल लगभग सभी घरों में होता है। टमाटर में विटामिन सी, बीटाकेरोटीन, लाइकोपीन, विटामिन ए व पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है। जिसका सेवन करने से दिल की बीमारी का खतरा टल जाता है।

3. लौकी
लौकी खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य हो जाता है । अगर ताजी लौकी का रस निकालकर उसमें पुदीने की 4 पत्ती और तुलसी के 2 पत्ते डालकर पीया जाए तो काफी लाभ मिलता है।

4. लहसुन
लहसुन का इस्तेमाल भोजन में करें। सुबह खाली पेट लहसुन की 2 कलियां पानी के साथ निगलने से काफी फायदा मिलता है।

5. गाजर
दिल की धड़कन को कम करने के लिए गाजर बहुत ही लाभदायक है। गाजर का रस पीएं और डाइट में हरी सब्जियां का इस्तेमाल करें।

गुरुवार, 29 जून 2017

केला (Banana) का पत्ता तना फूल सबकुछ है फायदेमंद

केला (Banana) का पत्ता तना फूल सबकुछ है फायदेमंद


हम सभी केले खाने के फायदों को तो अच्छी तरह से जानते ही है. ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी है. लेकिन आप जानते है कि केला का पेड़ एक ऐसा पेड़ होता है. जिसका हर हिस्सा हमारे किसी न किसी काम आ जाता है. केले के फूल, फल और तने भी खाए जाते है. इसकी डिश बहुत ही स्वादिष्ट बनती है. जिसे लोग चाव से खाते है. आप जानते है कि दक्षिण भारत के लोग खाने में प्लेट की जगह इसे इस्तेमाल करते है. इसे ज्यादा शुद्ध माना जाता है. ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है.

केले के पत्तों और तनों के साथ इसका फूल भी हमारी सेहत के लिए काफी लाभकारी है. इसे केला का दिल माना जाता है. इसमें अधिक मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन ई होता है. जो कि आपकी सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. जानिए इसका सेवन करने से आप किन बीमारियों से निजात मिल जाएगा.

केला (Banana) का पत्ता तना फूल सबकुछ है फायदेमंद

कैंसर और हार्ट अटैक से करें बचाव
कैंसर और दिल से संबधी कोई भी समस्या हमारे शरीर पर उपस्थित सेलो पर फ्री रैडिकल के हमला करने से होता है. इससे रक्षा केले का फूल अच्छी तरह से कर सकता है. क्योंकि इन फूलों में ऐंटी-ऑक्सिडेंट नामक तत्व पाया जाता है. जो फ्री रैडिकल्स का मुकाबला कर उन्हें बॉडी डैमेज करने से बचाते हैं.

खून की कमी को करें पूरा
केले के फूल में अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है जो कि हमारे शरीर में जाकर हिमाग्लोबिन की कमी को पूरा करता है. जिससे आपके शरीर पर कभी भी खून की कमी नहीं होती है.

पीरियड्स को करें नियंत्रित
केले के फूल में ऐसे गुण पाए जाते है जो कि अनियमित पीरियड्स को ठीक करता है. इसके लिए एक कप केले के फूल को दही में पकाकर खाने से शरीर में प्रोजेस्ट्रोन लेवल बढ़ता ह साथ ही पीरियड के समय ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है.

शुगर को करें कंट्रोल
केले का फूल डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी लाभाकरी है. एक शोध में पाया गया कि इसका सवन करने से इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है. जिससे शुगर कंट्रोल में रहती हैं, लेकिन इसे आपकी पूरी तरह से सही नहीं माना गया है.

पाचन संबधी समस्या को करें दूर
केले के फूल खाने में बहुत ही हल्के होते है यानी की इन्हे आप आसानी से पचा सकते है. साथ ही ये पाचन संबंधी समस्या जैसे कि पेट का दर्द, एसिडिटी के कारण सूजन आदि से निजात दिलाते है.

किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचाए
केले के फूल में ऐसे तत्व पाए जाते है जो कि पैथोजेनिक बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकते हैं. जिससे आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं होता है.

तनाव को करें कम
केले के फूल का सवन करने से आपका मूड सही हो सकता है. क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है. जो कि नैचुरल ऐंटी-डिप्रेसेंट हैं

शुक्रवार, 2 जून 2017

हार्ट अटैक से पहले महिलाओं में होते हैं ये भयानक बदलाव

हार्ट अटैक से पहले महिलाओं में होते हैं ये भयानक बदलाव


हार्ट अटैक सिर्फ पुरुषों को ही नहीं महिलाओं को भी हो सकता है। इसके कुछ खास लक्षण होते हैं जिनकी अनदेखी करना ठीक नहीं है। आइए जानें ऐसे ही लक्षणों के बारे में।

1. महिलाओं में हार्ट अटैक
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक सिर्फ पुरुषों को होता है महिलाओं को नहीं लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल के दौरान हार्ट अटैक की समस्या किसी को भी हो सकती है। महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें अनदेखा करना महंगा पड़ सकता है। हृदयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर का भी मानना है कि हार्ट अटैक से पहले महिलाओं में कुछ सामान्य लक्षण देखें जाते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो लक्षण जिन्हें महिलाओं को भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

2. जी मिचलाना, उलटी, पेट खराब होना
हार्ट अटैक के समय पुरुषों की तुलना में महिलाओं में जी मिचलाना, उलटी या अपचन जैसे लक्षण अधिक दिखाई देते हैं। यह अक्सर इसलिए होता है क्योंकि दिल को रक्त पहुंचाने वाली दायीं धमनी जो दिल में गहराई तक जाती है, अवरुद्ध हो जाती हैं।

3. शरीर के ऊपरी भाग में तेज दर्द
गर्दन, पीठ, दांत, भुजाएं और कंधे की हड्डी में दर्द होना हार्ट अटैक के लक्षण हैं। इसे ‘रेडीएटिंग’ दर्द कहते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि दिल की कई धमनियां यहां समाप्त होती हैं जैसे उंगलियों के पोर जहां दर्द केंद्रित होता है।

4. चक्कर आना
चक्कर आना या सिर घूमना हार्ट अटैक का एक अन्य लक्षण है। यह हृदय को जाने वाली एक शिरा में अवरोध होने के कारण होता है।

5. सीने में दर्द
महिलाओं में हार्ट अटैक का लक्षण केवल सीने में दर्द नहीं हो सकता परंतु निश्चित तौर पर ऐसा होता है। लक्षणों पर ध्यान देने के बजाय यदि आप को कुछ नए लक्षण महसूस हो रहे हैं और वे दूर नहीं हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टरों के अनुसार बाद में पछताने से अच्छा है कि सुरक्षित रहें।


6. पसीना आना
यदि आप रजोनिवृत्ति के दौर से नहीं गुजर रही हैं और फिर भी आपको अचानक पसीना आने लगे तो संभल जाएं। इस लक्षण की अनदेखी ना करें तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपंर्क करें।

7. जबड़े में दर्द
यदि आपके जबड़े में दर्द है है तो इसका अर्थ है कि आपको हार्ट अटैक आया है क्योंकि इसके पास जो नसें होती हैं वे आपके हृदय से निकलती हैं। यदि दर्द बना रहे तो आपको दांतों की परेशानी है। यदि यह थोड़ी-थोड़ी देर में होता है तथा जब आप थक जाते हैं और यह दर्द बढ़ जाता है तो यह दिल से संबंधित हो सकता है।

8. सांस लेने में परेशानी
एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग 42% महिलाएं जिन्हें हार्ट अटैक आया उन्हें सांस लेने में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि पुरुषों में भी यह लक्षण होता है परंतु महिलाओं में सीने में दर्द के बिना सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बुधवार, 24 मई 2017

नकली घी की पहचान और उसके नुकसान, जरूरी जानें और शेयर करें

नकली घी की पहचान और उसके नुकसान, जरूरी जानें और शेयर करें


आजकल हर जगह अधिकतर मिलावटी चीजें ही मिलती हैं। जिससे कुछ भी खरीदते वक्त मन में यह डर लगा रहता है कि खरीदी हुई चीज असली है या नकली। खासतौर पर देसी घी। देसी घी तो हड्डियों का चूरा, पशुओं की चर्बी, पाम तेल, और कुछ अन्य खतरनाक केमिकल्स को मिलाकर नकली घी तैयार किया जाता है। जिसके हमें न जाने कितने भयानक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। लेकिन आपकी इस बड़ी परेशानी को आज हम कुछ आसान तरीकों से सुलझा देगें।

मिलावटी घी जानने के तरीके

1. एक चम्मच घी में 5 ml हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालें। अगर घी लाल हो जाता है तो समझ जाए कि घी में कोलतार डाई मिलाई गई है।
2. एक चम्मच घी में चार-पांच ड्रॉप्स आयोडीन मिलाने पर इसका रंग नीला हो जाए तो समझ जाएं कि इसमें उबला आलू मिलाया गया है।
3. बाउल में एक-एक चम्मच घी,हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चुटकी चीनी मिलाएं। अगर घी का रंग बदलकर लाल दिखाई दें तो समझ जाएं कि इसमें डालडा मिला है।
4. थोड़ा सा घी लेकर हाथ में रगडें, फिर इसे सूंघकर देखें। अगर कुछ ही देर में इसकी खुशबू आनी बंद हो जाए तो समझ जाएं की यह मिलावटी है।

नकली घी खाने के नुक्सान ही नुक्सान

1. नकली घी खाने से कभी भी हार्टअटैक आ सकता है। आपका बी.पी बढ़ सकता है और आपकी मृत्यु तक हो सकती है।
2. यदि आप ऐसा घी खाते हैं जिसमें हड्डियों का चूरा मिला हो। इसके कारण स्ट्रोक भी हो सकता है।इससे आपका लिवर भी खराब हो सकता है।
3. इसके कारण कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। यदि नियमित तौर पर इसका सेवन किया गया तो ये मूत्रमार्ग और किडनी को खराब कर सकते हैं।
4. यदि घी में लेड जैसे पदार्थ मिले हो तो इसके कारण एनीमिया और ब्रेन से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।
5. मिलावट युक्त घी से प्रेगनेंट औरत का गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसलिए प्रेगनेंट औरत को हमेशा घर पर ही बनाया हुआ घी खाना चाहिए।