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सोमवार, 16 अप्रैल 2018

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी


तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. इससे पेट संबंधी सभी विकार दूर हो जाते हैं. इसका आयुर्वेद में काफी विस्तार से वर्णन है. जानिए तांबे के बर्तन के 10 फायदे.

1. तांबा यानी कॉपर, सीधे तौर पर आपके शरीर में कॉपर की कमी को पूरा करता है और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से सुरक्षा देता है.

2. तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध माना जाता है. यह सभी डायरिया, पीलिया, डिसेंट्री और अन्य प्रकार की बीमारियों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता हैं.

3. तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की समस्या नहीं होने देते. ऑर्थराइटिस की समस्या से निपटने में भी तांबे का पानी फायदेमंद होता है.

4. अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार तांबे कैंसर की शुरुआत को रोकने में मदद करता है और इसमें कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते है.

5. पेट की सभी समस्याओं के लिए तांबे का पानी बेहद फायदेमंद होता है. शाम को तांबे बर्तन में रखा पानी सुबह शौच जाने से पहले खाली पेट पीने से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी परेशानियों से निजात मिलती है.

6. शरीर की आंतरिक सफाई के लिए तांबे का पानी कारगर होता है. इसके अलावा यह लिवर और किडनी को स्वस्थ रखता है और किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से निपटने में तांबे के बर्तन में रखा पानी लाभप्रद होता है.

7. एनीमिया की समस्या में भी इस बर्तन में रखा पानी पीने से लाभ मिलता है. यह खाने से आयरन को आसानी से सोख लेता है जो एनीमिया से निपटने के लिए बेहद जरूरी है.

8. तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा पर किसी प्रकार की समस्याएं नहीं होती. यह फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा संबंधी अन्य रोगों को पनपने नहीं देता जिससे आपकी त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है.

9. तांबे का पानी पाचनतंत्र को मजबूत कर बेहतर पाचन में सहायता करता है. रात के वक्त तांबे के बर्तन में पानी रखकर सुबह पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है. इसके अलावा यह अतिरिक्त वसा को कम करने में भी बेहद मदददगार साबित होता है.

10. यह दिल को स्वस्थ बनाए रखकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. इसके अलावा यह हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है. यह वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करने में मदद करता है.

शनिवार, 17 मार्च 2018

मटके का पानी पीने से होते हैं ये बेशकीमती फायदे, आज ही से पीना शुरू कर दे!

मटके का पानी पीने से होते हैं ये बेशकीमती फायदे, आज ही से पीना शुरू कर दे!


गरीबों के पास फ्रिज की सुविधा नहीं होती इसलिए वह पानी को ठंडा करने के लिए मिट्टी के मटके का इस्तेमाल करते हैं. मिट्टी के मटके से पानी पीने का अपना एक अलग ही मज़ा है. मटके का पानी स्वच्छ, स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में भी मटके का पानी पीने के कई फायदे बताये गए हैं. इतना ही नहीं, इसे ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद लाभकारी माना गया है. घड़े का पानी लोग पीढ़ियों से पीते चले आ रहे हैं. आज भी कई लोगों को घड़े का पानी पीना पसंद होता है. कई लोगों को तो पानी से आने वाली मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू बहुत पसंद आती है. कहते हैं कि व्यक्ति अगर मटके में रखा हुआ पानी पिये तो यह सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है.

दरअसल, मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता होती है. इसमें लाभकारी मिनरल्स मौजूद होते हैं जो शरीर को विषैले तत्वों से मुक्ति दिलाते हैं. इसलिए आज हम आपको इस पोस्ट में बतायेंगे कि किस तरह घड़े का पानी मनुष्य को स्वस्थ बनाये रखने में उसकी मदद करता है. तो आईये जानते हैं मटके का पानी पीने के ये बेशकीमती फायदे.

मटके का पानी पीने के फायदे

त्वचा से संबंधित: मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा संबंधित कई परेशानियां दूर हो जाती हैं. यह फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा से संबंधित अन्य रोगों को होने नहीं देता. इसमें रखा पानी पीने से आपकी त्वचा दमकने लगती है.

ब्लड प्रेशर: मटके का पानी ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखने में आपकी मदद करता है. यह बैड कॉलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है और हार्ट अटैक की संभावनाओं को भी कम कर देता है.

बैक्टीरिया: मिट्टी के बर्तन में रखा पानी बिल्कुल शुद्ध होता है. यह उन सब बैक्टीरिया को खत्म कर देता है जो डायरिया, पीलिया और डीसेंट्री जैसी बीमारियों को जन्म देता है.

शरीर में दर्द, ऐठन या सूजन: मिट्टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह शरीर में दर्द, ऐठन या सूजन जैसी समस्या को नहीं होने देता. इतना ही नहीं, यह आर्थराइटिस बीमारी में भी बेहद लाभकारी माना जाता है.

कैंसर: अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की मानें तो मिट्टी में मौजूद गुण कैंसर की शुरुवात को रोक सकते हैं. क्योंकि मिट्टी के बर्तन में रखे पानी में अनेकों कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते हैं जो उसे बनने से रोकते हैं.

एसिडिटी और कब्ज़: पेट से संबंधित बीमारियों के लिए भी मटके का पानी बहुत फ़ायदेमंद होता है. इसका नियमित उपयोग पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज़ जैसी समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है.

एनीमिया: एनीमिया की बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पीना वरदान साबित हो सकता है. मिट्टी में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है. हम आपको बता दें कि एनीमिया आयरन की कमी से होने वाली एक बीमारी है.

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सोमवार, 8 जनवरी 2018

जानिए कैसे खजूर आपके शादीशुदा जीवन को बेहतर बना सकता है

जानिए कैसे खजूर आपके शादीशुदा जीवन को बेहतर बना सकता है


ऐसे कई लोग होंगे जिनके मुँह में खजूर का नाम सुनते ही पानी आ गया होगा। खजूर कई लोगों के मनपंसद ड्राई फ्रूट्स में शामिल है। फिर अभी तो रमजान भी चल रहे हैं। इस दौरान तो खजूर खाने का बहुत अधिक महत्व होता है। रमजान में खजूर खाने के मुख्य कारणों में से एक इसका पोषक तत्वों व शक्ति से भरपूर होना है। छोटा सा खजूर विभिन्न विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर्स से भरपूर होता है। खजूर में ऑइल, कैल्शियम, सल्फर, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज, कॉपर और मैग्नेशियम जैसे तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं।

कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि हर दिन एक खजूर खाना बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट के लिए जरुरी है। यह स्वादिष्ट फल कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाने के साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ और मजबूत रखता है।

तो आइए आज हम खजूर से होने वाले ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में जानते हैं।

कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए खजूर वरदान की तरह है। इन्हें रातभर पानी में रखकर सुबह सिरप की तरह हो जाने पर खाने से अधिक लाभ होता है। खजूर में सॉल्युबल फाइबर होते हैं। जिनकी मदद से खाने का मूवमेंट बेहतर तरीके से होता है, इससे कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

हड्डियां होती है मजबूत
खजूर कई तरह के मिनरल्स से भरपूर होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव करता है। इसमें मौजूद कॉपर, सेलेनियम, मैंगनीज और मैग्नीशियम स्वस्थ हड्डियों के विकास में मदद करते हैं।उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होने पर खजूर फायदेमंद साबित होते हैं।
एनीमिया से लड़ने में मदद
आज की जनरेशन में खासतौर पर महिलाओं में एनीमिया की समस्या बेहद आम होती जा रही है। एनीमिया से पीड़ित लोग खून भी नहीं दे सकते हैं। अगर आप भी ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं तो खजूर आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।खजूर में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है, जो खून में हीमोग्लोबीन के स्तर में सुधार करता है। इससे एनीमिया से पीड़ित मरीजों में ताकत और ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे थकान और सुस्ती भी दूर होती है।
एलर्जी से करता है बचाव
जैसे ही मौसम बदलता है कई लोगों को सर्दी-जुकाम होने लगता है। कुछ लोगों को धूल में मौजूद पराग कणों से भी एलर्जी होती है। इस तरह की एलर्जी को सीजनल एलर्जी कहा जाता है। खजूर में आर्गेनिक सल्फर होता है, जो आमतौर पर सभी फलों में नहीं पाया जाता है। मगर सल्फर कई तरह की एलर्जिक रिएक्शंस और सीजनल रिएक्शंस को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए सल्फर की कमी को पूरा करने के लिए खजूर को डाइट में शामिल करना चाहिए।
वजन बढ़ाने में करता है मदद
वजन कम करने और मोटापा घटाने के लिए तो कई तरह के नुस्खे दिए जाते हैं। मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें वजन बढ़ाना होता है, पर उनके लिए कोई ख़ास टिप्स मौजूद नहीं होते हैं। तो चलिए आज हम ही आपकी थोड़ी मदद कर देते हैं। खजूर में शुगर, प्रोटीन और कई आवश्यक विटामिन्स होते हैं। इसे ककड़ी के पेस्ट के साथ खाने से वजन बैलेंस्ड रहता है। 1 किलोग्राम खजूर में 3000 कैलोरी होती है, इन्हें डाइट में शामिल करके आप दुबलापन, कमजोरी और अन्य समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

बनी रहती है ऊर्जा
सुबह-सुबह जिम में वर्कआउट करते वक्त थकान हो जाना या फिर दिन में खाना खाने के बाद सुस्ती या आलस महसूस होना बेहद आम बात है। ऐसे समय में खजूर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनमें ग्लूकोज, फ्रूक्टोज और सुक्रोस जैसे शुगर एलिमेंट मौजूद होते हैं। इसे दोपहर में क्विक स्नेक की तरह लेने से सुस्ती भाग जाती है। साथ ही एक्सरसाइज आदि करते वक्त 2-3 खजूर मुँह में डालने से आप एक बार फिर ऊर्जा से भरपूर महसूस करने लगते हैं।

दिमाग होता है तेज
खजूर में मौजूद विटामिन्स नर्वस सिस्टम के स्वस्थ क्रियान्वन में मदद करते हैं। इसमें पोटेशियम की मौजूदगी नर्वस सिस्टम को और भी रेस्पॉन्सिव बनाती है और दिमाग को भी अधिक एक्टिव और अलर्ट बनाती है। बढ़ती उम्र के साथ दिमाग और नर्वस सिस्टम दोनों ही कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में खजूर आपके बहुत काम आते हैं। साथ ही आप तीव्र बुद्धि के लिए भी इनका सेवन कर सकते हैं।

दिल संबंधी रोगों को भी करता है दूर
खजूर आपके दिल का भी ध्यान रखते हैं। खजूर को रातभर भिगोकर रखने के बाद सुबह क्रश करके खाने से दिल मजबूत होता है। इसमें मौजूद पोटेशियम, हार्ट स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी रोगों के खतरे को कम करता है। यह दिल का दौरा और स्ट्रोक आदि को बढ़ावा देने वाले एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखता है। हफ्ते में दो बार खजूर खाने से दिल पूरी तरह स्वस्थ रहता है।

सेक्सुअल वीकनेस होती है कम
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि खजूर सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मुट्ठीभर खजूर को बकरी के ताजे दूध में भिगोकर सुबह इस मिश्रण को इलायची और शहद के साथ पीसकर खाने से यह सेक्सुअल डिसऑर्डर्स से लड़ने में टॉनिक की तरह काम आता है।

हैंगओवर में भी मदद करता है खजूर
हैंगओवर को दूर करने के लिए नींबू पानी तो आपने कई बार पिया होगा। मगर इस बार हैंगओवर होने पर खजूर खाकर देखिएगा, आपको फायदा जरूर मिलेगा। हाँ इसके लिए आपको उन्हें रातभर भिगोकर रखना होगा। इतना ही नहीं, नशे की अवस्था में होने पर भी खजूर खाने से राहत मिलती है।

कैंसर से राहत
कुछ रिसर्चों के अनुसार खजूर खाने से पेट के कैंसर का रिस्क और प्रभाव कम होता है। खजूर के बारे में एक अच्छी बात यह है कि यह सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए लाभदायक होता है। इनसे कोई नुकसान भी नहीं होता है

शनिवार, 18 नवंबर 2017

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर


अंगूर का सेवन बहुत से लोग करते है। भले ही अंगूर टेस्ट में मीठा हो लेकिन इसमें शुगर की बिल्कुल भी मात्रा नहीं होती है। अंगूर में सभी जरूरी पोषक तत्व जैसे जल, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, मैगनेशियम और आयरन मौजूद होते है जो शरीर को कई बीमारियों से बचाकर रखते है। अगर अंगूर का सेवन सुबह खाली पेट किया जाए तो ज्यादा फायदा मिलता है। हम आपको कुछ ऐसे बीमारियों के बारे में बताएंगे, जिनमें अंगूर का सेवन काफी फायदेमंद होता है।
ये भी पढ़िए : माइग्रेन से बचने के लिए घरेलु उपाय


माइग्रेन का दर्द :
माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सिर का आधा हिस्सा दर्द करने लगता है। अंगूर का जूस माइग्रेन का दर्द दूर करने में सहायक है। इसके अलावा माइग्रेन के दर्द में अंगूर का सेवन करने से भी राहत मिलती है।

एनीमिया :
जब शरीर में खून की कमी हो जाए तो उसे एनीमिया कहते है। एनीमिया का बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अंगूर सबसे अच्छा तरीका है। रोजाना खाली पेट अंगूर का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा।
हार्ट अटैक :
हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में भी अंगूर काफी फायदेमंद है। अंगूर का फल हार्ट अटैक के मरीज के लिए एसप्रिन की गोली की तरह काम करता है क्योंकि एसप्रिन की गोली शरीर में खून के थक्के जमने नहीं देती जिससे हार्ट ठीक रहता है। अगर आप भी हार्ट अटैक के मरीज है तो काले अंगूर का रस पिएं। 

कैंसर :
अंगूर में पॉली-फेनोलिक फाइटोकेमिकल मौजूद होते है जो शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि कोरोनरी हार्ट डिजीज, नर्व डिजीज, अल्जाइमर और फंगल इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

रक्तस्राव के बाद क्षतिपूर्ति :
शरीर के किसी भी भाग से जब ज्यादजा खून वह जाए तो अंगूर के एक गिलास जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इससे रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाएगी। 

फोड़े-फुंसियों और मुंहासों से राहत :
अंगूर फोड़े-फुंसियों और मुहासों को सुखाने में सहायक होता है। अंगूर के रस के गरारे करने से मुंह के घावों और छाले भी दूर हो जाते है।

कई बीमारियों की एक दवा है, तांबे के बर्तन में पानी पीना

कई बीमारियों की एक दवा है, तांबे के बर्तन में पानी पीना


पानी पीना सेहत कई बीमारियों  की एक दवा है, तांबे के बर्तन में पानी पीना के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। डाॅक्टर स्वस्थ रहने के लिए हर इंसान को दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते है। धातुओं के बर्तन में रखा हुआ खाना प्राचीन समय से सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है और इसमें तांबे के बर्तन को बहुत शुद्ध माना गया है। आपने कई घरों में देखा होगा कि लोग तांबे के बर्तन में पानी पीते हैं।

आयुर्वेद में कहा गया है कि सुबह के समय तांबे के बर्तन में पानी पीना काफी लाभदायक होता है। इससे शरीर के कई रोग बिना दवा के ही ठीक हो जाते हैं। इसके लिए तांबे के बर्तन में पानी को कम से कम आठ घंटे के लिए रखा होना चाहिए। जब पानी को तांबे के बर्तन में रखा जाता है तो तांबा पानी में उतर आता है और उसके सारे अच्छे तत्व उस पानी में मिल जाते हैं जिससे शरीर के जहरीले तत्व बाहर निकल जाते है।आइए, इससे सेहत को होने वाले लाभों के बारे में जानते है...

1. बुढ़ापा को दूर करता
यदि आप तांबे के बर्तन में जल को रखकर पीएं तो इससे त्वचा का ढीलापन, झुर्रियां आदि दूर हो जाते है। डेड स्किन भी निकल जाती है और चेहरा हमेशा चमकता हुआ दिखाई देता है।
2. गठिया में फायदेमंद
गठिया की शिकायत होने पर तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से लाभ मिलता है। तांबे के बर्तन में ऐसे गुण होते हैं, जिससे शरीर में यूरिक एसिड कम हो जाता है और गठिया व जोड़ों में सूजन के कारण होने वाले दर्द में आराम मिलता है।
3. एनीमिया की समस्या को खत्म करता
एनीमिया यानि खून की कमी एक ऐसी समस्या है जिससे अधिकतर लोग परेशान हैं।  यह शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों को इकट्ठा करने का काम करता है। इसीलिए तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से खून की कमी दूर हो जाती है।
4. मोटापे को कंट्रोल करता
यदि कोई भी व्यक्ति वजन घटाना चाहता है तो एक्सरसाइज के साथ ही उसे तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना चाहिए। इस पानी को पीने से फैट कम हो जाता है। शरीर में कोई कमजोरी भी नहीं आती।

5. पाचन क्रिया के लिए वरदान
एसिडिटी हो या गैस या फिर पेट की कोई दूसरी समस्या, तांबे के बर्तन का पानी अमृत की तरह काम करता है। इससे पाचन की सभी समस्याएं दूर हो जाती है।

गुरुवार, 2 नवंबर 2017

अगर खाने के बाद तुरंत पीते हैं चाय तो हो जाएं सावधान, नहीं तो...

अगर खाने के बाद तुरंत पीते हैं चाय तो हो जाएं सावधान, नहीं तो...


सुबह का नाश्ता या रात के खाने के बाद चाय पीना अधिकतर लोगों को पसंद होता है। लेकिन इस आदत को जितना जल्दी हो सके बदल डालिए, क्योंकि इस दौरान चाय पीने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।

राष्ट्रीय पोषण संस्थान ने भारतीयों के खानपान से संबंधित गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि सुबह नाश्ते के समय हमारे शरीर को सबसे ज्यादा पोषण की आवश्यकता होती है। लेकिन नाश्ते के एक घंटे के भीतर चाय या कॉफी का सेवन करना गंभीर बीमारियों को बुलावा है। इससे शरीर में आयरन की अवशोषण क्षमता घटती है और पोषण के बावजूद व्यक्ति एनिमिया का शिकार हो जाता है। 

इसके अलावा भोजन और चाय का एक साथ सेवन करने से पाचन पर भी असर पड़ता है। पोषण संबंधी मसौदा तैयार करने वाली आहार मार्गदर्शक समिति के संयोजक डॉ. डी रघुनाथ राव ने कहा कि नाश्ते या भोजन के एक घंटे तक चाय और कॉफी से दूरी बनाए रखनी चाहिए। 

कई बीमारियों को बुलावा

एनीमिया : चाय या कॉफी में ‘टैनिन’ रसायन होता है, जो आयरन के अवशोषण को बाधित करता है। इससे मानसिक और शारीरिक थकान लगती है। जिन महिलाओं को आयरन, कैल्शियम की कमी होती है, उन्हें खाने के बाद चाय बिल्कुल नहीं पीना चाहिए।
पाचन पर असर : चाय की पत्ती में अम्लीय गुण होते हैं, जो भोजन के प्रोटीन के साथ मिलकर उसे सख्त बना देते हैं। इससे प्रोटीन को पचाने में मुश्किल होती है और पाचन पर असर पड़ता है।  
डायबिटीज : चाय में मौजूद कैफीन की मात्रा शरीर में कॉर्टिसोल अर्थात स्टेरॉयड हार्मोंस को बढ़ाती है, जिससे शरीर को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इनमें दिल से संबंधित समस्याएं, डायबिटीज और वजन बढ़ना शामिल है।
कॉफी से दूर रहें हृदय रोग पीड़ित : गाइडलाइन में बताया गया है कि हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को कॉफी का उपयोग नहीं करना चाहिए या बहुत कम करना चाहिए। कॉफी पीने के बाद शरीर में रक्तचाप बढ़ता है जो हृदय की धड़कन को अनियमित बनाता है।

शुक्रवार, 18 अगस्त 2017

इसके सेवन से बीमारिया पास भी नहीं फटकती, कई प्रकार के स्वास्थ लाभ

इसके सेवन से बीमारिया पास भी नहीं फटकती, कई प्रकार के स्वास्थ लाभ


जीरा और गुड हमारे घरों में होता है। इनका इस्तेमाल हम खाना बनाने के लिए करते है। लेकिन क्या आपको पता है गुड और जीरे का पानी आपको और आपको कई गंभीर छोटी-छोटी बीमारियों से बचा सकता है जिसकी वजह से आप लोग परेशान हो जाते हो।

गुड और जीरे के पानी के फायदे

बदन का दर्द / Body pain
पीठ का दर्द हो या कमर का दर्द। गुड और जीरे का पानी पीने से आपको इन सभी समस्याओं से निजात मिलता है।

बुखार में / Fever
बुखार होने पर जब शरीर गर्म हो जाता है तब आप बीमार इंसान को गुड और जीरे का पानी पिलाएं। इस पानी से सिर दर्द और बुखार में आराम मिलता है।

शरीर के तापमान को कम करता है/Reduce Body Temperature
यह प्राकृतिक पेय शरीर के तापमान को कम करता है और शरीर के तापमान को नियमित करता है जिससे बुखार, सिरदर्द और जलन आदि से राहत मिलती है।

एनीमिया से बचाता है/Prevents Anemia
शरीर में एनीमिया या खून की कमी को पूरा करने का काम करता है गुड़ और जीरे का बना हुआ पानी। साथ ही यह खून को भी साफ करता है।

शरीर को विषैले पदार्थों से मुक्त करता है /Detoxify Body
जीरा और गुड प्राकृतिक गुणों से भरपूर होते हैं जो शरीर के अंदर की गंदगी को साफ करके हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। जिससे कोई भी गंभीर बीमारी शरीर को आसानी से नहीं लग पाती है।

# कब्ज़ को रोकता है :-
आयुर्वेद में भी यह बताया गया है कि यह मिश्रण कब्ज़ से आराम दिलाने तथा उसे रोकने में सहायक होता है क्योंकि यह मल त्याग की प्रक्रिया को नियमित करता है।

पेट की समस्या/Stomach Problems
पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, गैस, पेट फूलना और पेट दर्द की समस्याओं में यदि आप गुड और जीरे से बना हुआ पानी पीते हैं तो आपको फायदा मिलेगा। साथ ही ये रोग भी धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।

मासिक धर्म की गड़बड़ी/Menstrual Disturbances
मासिक धर्म में समस्या होने पर वह अनियमित हो जाते हैं जिससे पेट में दर्द और कई परेशानियां होने लगती है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे गुड और जीरे का पानी जरूर पीएं।

गुरुवार, 10 अगस्त 2017

बॉडी में हीमोग्लोबिन की कमी है? तो दवा नहीं बल्कि खायें हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले ये फूड्स

बॉडी में हीमोग्लोबिन की कमी है? तो दवा नहीं बल्कि खायें हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले ये फूड्स


क्या आप जानते हैं कि हीमोग्‍लोबिन की कमी से हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? नहीं, तो हम आपको बता दें कि अगर किसी के शरीर में हीमोग्‍लोबिन कि कमी हो जाये तो उस व्यक्ति कि ऑक्‍सीजन को वहन करने की क्षमता कम हो जाती है। शरीर में आवश्यक मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जिससे रेड ब्‍लड सेल्‍स की संख्‍या धीरे-धीरे कम होने लगती है और उस वयक्ति को एनीमिया हो सकता है। इसके अलावा, हीमोग्‍लोबिन की कमी के कारण कई प्रकार कि किड्नी की ज्‍यादातर समस्‍यायें जो जाती हैं। 

 हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले फूड्स :

 1 – आम : फलों का राजा आम भला किसे पसंद नहीं आता, मगर क्या आप जानते हैं कि आम खाने से शरीर में ब्लड भी बनता है और ये एनीमिया दूर करने में मददगार है.

2 – अमरूद : अमरूद को शरीर में हीमोग्‍लोबिन की कमी को दूर करने का सबसे सस्ता और कारगर माना गया है। अमरुद जितना अधिक पका हुआ हो उसमें उतना ही हीमोग्लोबिन मौजुद होता है।

3 – हरी सब्जियां : हरी सब्ज़ियां खाने के अनगिनत फायदे हैं। हरी सब्ज़ियों से न सिर्फ शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है बल्कि यह हीमोग्लोबिन की कमी को भी दूर करने में कारगर है।
4 – सेब
डॉक्टर भी रोज एक सेब खाने कि सलाह देते हैं। सेब में अन्य पोषण तत्वों के अलावा हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने  और एनीमिया जैसी बीमारी में लाभ पहुंचाने की क्षमता होती है।


5 – तिल : तिल खाने से शरीर में खून की मात्रा सही स्तर पर बनी रहती है। हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए रोज़ाना तिल का लड्डू खाएं।

6 – अंगूर : अंगूर भी हीमोग्लोबिन कि कमी को दूर करने में काफी उपयोगी है। अंगूर से खून की कमी से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है।

7 – बीट : खून की कमी यानी एनीमिया से ग्रस्त महिलाओं के लिए बीट एक रामबाण इलाज है। बीट आप चाहें तो कच्चा खा भी खा सकते हैं या इसका जूस भी पी सकते हैं।

8 – गुड़ : गुड़ के अनेकों फायदों में से एक हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाना भी है।

9 – पालक : पालक तो वैसे हरी सब्जियों में शामिल ही है लेकिन पालक को सब्जियों में सबसे पौष्टिक माना जाता है। इसमें हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने की क्षमता अन्य सब्जियों कि तुलना में अधिक होती है।

10 – अंडा : प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, आयरन और कैल्शियम से भरपूर अंडा हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने में लाभदायक है।

मंगलवार, 8 अगस्त 2017

कॉर्न से कीजिए कोलेस्ट्रॉल कम, और पाएं 10 फायदे

कॉर्न से कीजिए कोलेस्ट्रॉल कम, और पाएं 10 फायदे


स्वीटकॉर्न हो या देसी भुट्टा, सेहत और सौंदर्य के फायदों से भरपूर तो हैं ही, आपकी सबसे बड़ी समस्या यानि कोलेस्ट्रॉल का इलाज भी है इसके पास। जी हां, कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हैं, तो कॉर्न आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा। इतना ही नहीं, ये 10 बड़े फायदे भी आपको इससे मिल सकते हैं –  

1  कोलेस्ट्रॉल करे कम – कॉर्न में विटामिन – सी, बायोफ्लेविनॉइड्स, कैरोटेनॉइड, और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करके, धमनियों को ब्लॉक होने से रोकता है। आपके ह्दय को स्वस्थ रखने में कॉर्न सहायक है ।

2  कैंसर की संभावना कम –  कॉर्न में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फ्लेवेनॉइड, कैंसर के खतरे को कम करते हैं। इसके अलावा यह फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से बचाता है। कॉर्न में मौजूद फेरूलिक एसिड, ब्रेस्ट और लीवर के ट्यूमर के आकार को कम करने में मदद करता है। 

3  हड्डियां बनाए मजबूत – क्या आप जानत हैं, कि कॉर्न में मौजूद जिंक, फास्फोरस, मैग्नीशियम और आयरन होता है, जो हड्डियों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। बल्कि कॉर्न गठिया या ऑर्थ्राइटिस की संभावना को कम करता है।

4  त्वचा में लाए निखार – कॉर्न में विटामिन- ए और सी, अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इसके साथ ही एंटी-ऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल से रक्षा कर चेहरे को झुर्रियों से मुक्त रखते हैं, और त्वचा को खूबसूरत बनाने में मदद करते हैं।

5  आंखों को रखे स्वस्थ – कॉर्न में उपस्थित बीटा-कैरोटीन, विटामिन-ए के उत्पादन में सहायक है। यह आंखों की समस्याओं को कम कर, देखने की क्षमता को बेहतर बनाता है, बढ़ती उम्र में होने वाली रतौंधी और मैक्युलर डी-जनरेशन की संभावना हो कम करने में सहायक है। 

6  एनर्जी से भरपूर – कॉर्न में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर में उर्जा का संचार करता है। इसे खाने के बाद पेट जल्दी भर जाता है और आप देर तक उर्जावान  महसूस करते हैं। 

7  कब्ज से दिलाए राहत – कॉर्न में मौजूद फाइबर्स, कब्ज से आपको राहत देने में मदद करते हैं। यह मलाशय या कोलन में जमे खाद्य पदार्थों को निकालने में सहायता करतें है, जि‍ससे कब्ज की तकलीफ से राहत मिलती है।

8  एनीमिया का इलाज – कॉर्न आयरन से भरपूर होता है, और आपके शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है, जिससे एनीमिया से बचाव होता है।एनीमिया के इलाज के लिए कॉर्न फायदेमंद साबित होता है।

9  गर्भावस्था में पोषण – कॉर्न में विटामिन बी- 9 और फॉलिक एसिड होता है, जो गर्भावस्था में बेहद फायदेमंद होता है। इन सभी अलावा कॉर्न एक ऐसा हेल्दी स्नैक्स है जो वज़न को कंट्रोल करने के साथ-साथ आपको हेल्दी और फिट एंड फाइन बनाता है।

10  वजन करे कम – कार्बोहाइड्रेट से भरपूर कॉर्न उर्जा से भरपूर होता है और देर तक पेट भरा रहने का आभास कराता है, जिससे आप अतिरिक्त भोजन नहीं कर पाते और वजन कम होने के साथ भरपूर उर्जा का संचार होता है।

गुरुवार, 3 अगस्त 2017

मक्का नहीं खाते तो इस खबर को ध्यान से पढ़िए

मक्का नहीं खाते तो इस खबर को ध्यान से पढ़िए


भारत देश में मक्का प्रसिद्ध खाद्य पदार्थ है मक्का से हमारे शरीर को फाइबर विटामिन्स कैरोटिनॉइडस मिरुलिक एसिड मिलता है यह हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है इसके सेवन से दिल के रोग कैंसर आंखो की समस्या जैसी बीमारियों के परेशानीयो से दूर रखा जा सकता है.

आइये हम जानते है मक्का खाने के फायदे -

1.पाचन के लिए- मक्के पाचन क्रिया के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा होती है इसके सेवन से पेट के कई विकार ठीक रहते है जैसे- कब्ज बदहज्मी गैस इत्यादि

2.एमिनिया- मक्के में विटामिन बी 12 और फोलिक एसिड होता है जो एमिनिया होने से बचाता है साथ ही इसमें आयरन की मात्रा भरपूर होते है जो नये ब्लड सेल का निर्माण करते है.

3.उर्जा- मक्के में भरपूर मात्रा में स्टार्च और कार्वोहाइड्रेट मौजूद होते है जो तुरंत उर्जा देने के साथ - साथ आपको उर्जावान बनाने में सहायक होते है मक्के के सेवन से बहुत जल्दी ही काम करने की उर्जा मिलती है.

4.वजन- शरीर के वजन को बढ़ाने में मक्के सहायक होते है क्योंकि मक्के में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होता है जो शरीर में मांस लाता है और वजन बढाता है.

5.आँख- मक्के में कैरोटिनोयाड्स नामक तत्व होते हैं जो रेटिना पर लाभकारी प्रभाव डालते हैं जिसके फलस्वरूप आँखों की रोशनी बढ़ती है मक्के में विटामिन ए भी पाया जाता है जो दृष्टिदोष होने से रोकता है.

6.गर्भावस्था- मक्के में फोलिक एसिड पाया जाता है जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभदायक होता है अगर गर्भवती महिला में फोलिक एसिड की कमी हो तो होने वाला बच्चा कमजोर और कुपोषित होता है इसलिए गर्भवती महिला को अपने भोजन में मक्के का सेवन जरुर करना चाहिए.

बुधवार, 26 जुलाई 2017

शहतूत के फ़ायदे

शहतूत के फ़ायदे


कहते है Mulberry (शहतूत), Raspberry (रसभरी) और Strawberry (स्ट्रॉबेरी ) तीनों बहने है। इन रस भरे फलों का नाम कान पर पड़ते ही हम सभी के मुंह में रस आ जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक हर व्यक्ति इन फलों का शौकीन होता हैं ।

अब हम बात करते है गर्मी में होने वाली बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाली औषद्धि गुणों वाले फल शहतूत की । शहतूत से होने वाले लाभ कुछ इस प्रकार है:-

1. शहतूत में पाए जाने वाला रेजवरटेरोल शरीर में फैले प्रदुषण को साफ कर संक्रमित चीजों को बाहर निकालता है ।
2. शहतूत में उम्र पर रोक लगाने का(एंटी एज) गुण होता है । जो झुर्रियों को चेहरे से गायब कर देता हैं ।
3. हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट, टेनिस और बैडमिंटन के रैकेट बनाने में शहतूत की लकड़ियों का प्रयोग किया जाता है। दाजिर्लिंग में तो इसकी लकड़ियों का इस्तेमाल घर बनाने के लिए भी किया जाता है।
4. शहतूत में 79% एंटीओक्सिडेंट होता है जो शरीर में अनेक बिमारियों से लड़ने का कार्य करता है । और आपको बीमार होने से बचाता है ।
5. शहतूत आँखों की गड़बड़ी दूर करता है।
6. दाद और एक्जिमा रोग में इसके पत्ताें का लेप लगाने से राहत मिलती है।
7. शहतूत का सेवन करने से लंग केंसर और प्रोस्टेट केंसर से बचा जा सकता है ।
8. इस मौसमी फल में 91% प्रतिशत पानी की मात्रा होती है जो आपको गर्मी में लू से बचाता है।
9. फ्रकटॉस, ग्लूकोस और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होने से कई बीमारियों में लड़ने में सहायता करता हैं ।
10. पैर की बिवाइयों में शहतूत के बीजों की लुगदी लगाने से लाभ मिलता है।
11. पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, कॉपर जैसे माइक्रो न्यूट्रिंएट तत्वों की भरपूर मात्र होने के कारण यह गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए काफी फायदेमंद है।
12. गले की खराश और सूजन के दौरान शहतूत की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है।
13. कब्ज की शिकायत या एनीमिया के रोगियों को इसके सेवन से फायदा मिलता है। यह खाना पचाने में भी सहायक होता है।

सोमवार, 17 जुलाई 2017

दूध में खजूर भिगोकर खाने के फायदों के बारे में नहीं जानते होंगे आप

दूध में खजूर भिगोकर खाने के फायदों के बारे में नहीं जानते होंगे आप


दूध और खजूर का तो आप उपयोग करते होंगे। लेकिन दूध में खजूर को भिगोकर खाने के अचूक फायदों के बारे में आप कम ही जानते होंगे। आइए जानते हैं खजूर को दूध में भिगोकर खाने के फायदों के बारे में-

ऐसे करें  इस्तेमाल 

एक गिलास दूध में पांच खजूर डालकर धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकने दें। पकने के बाद इसे आंच से उतारें और गुनगुना करके पिए। इसे आप नाश्ते में इस्तेमाल कर सकते हैं। दूध और खजूर ताकत के लिए बेहतर नाश्ता होता है।

खजूर को दूध में है भिगोकर खाने के फायदे

एनीमिया 
दूध और खजूर में आयरन की मात्रा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। इसका सेवन शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया से बचने में मदद करता है।

खूबसूरती बढ़ाए 
खजूर को दूध में मिलाकर पीने से ब्लड सरकुलेशन अच्छा रहता है। जिससे त्वचा में निखार आता है और खूबसूरती बनी रहती है।

मजबूत दांत 
दूध में खजूर भिगोकर पीने से दांतों की मजबूती बनी रहती है। जोकि इस ड्रिंक में मौजूद फास्फोरस की मात्रा का होना है। यह मसूड़ों के लिए भी लाभदायक है।

कमजोरी
इसमें ग्लुकोज कोमा फ्रक्टोज की मात्रा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है जिससे शरीर को ताकत मिलती है।

डाइजेशन 
इस ड्रिंक मैं फाइबर भी काफी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन के लिए फायदेमंद साबित होता है। और इससे कब्ज की शिकायत दूर होती है।

जॉइंटपेन जॉइंट पेन 
दूध और खजूर में मौजूद कैल्शियमसे जोड़ों के दर्द मैं राहत मिलती है। जिससे जॉइंट पेन की समस्या नहीं रहती है।

रविवार, 16 जुलाई 2017

हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे

हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे



हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे

1. बेर में कैंसर की कोशिका को बढ़ने एवं रोकने का गुण पाया जाता हैं जिसके द्वारा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव में मदद मिलती है
2. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बेर खाना चाहिए क्योंकि बेर में कैलोरी ना के बराबर होती है
3. बेर में 18 प्रकार के जरूरी एमिनो एसिड पाये जाते हैं, जो बॉडी में प्रोटीन के संतुलन को बनाए रखते हैं
4. बेर खाने से हम अनिद्रा वाली बीमारी से भी बच सकते हैं
5. मेडिकल रिसर्च के अनुसार बेर के सेवन से लो ब्लड प्रेशर , अनिमिया , लीवर आदि की परेशानी समाप्त होती हैं, इसे खाने से शरीर में ट्यूमर सेल्स पैदा नहीं हो पाता हैं
6. बेर में कैल्शियम एवं आयरन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं , इसीलिए बेर को खाने से आपकी हड्डी मजबूत होती हैं
7. बेर का जूस , खांसी और फेफड़ा से संबंधित बीमारी और फीवर के उपचार में बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं
8. बेर को लस्सी के साथ खाने से पेट का दर्द ठीक हो जाता हैं
9. बेर को प्राकृतिक रक्त शोधक के रूप में जाना जाता हैं, बेर को खाने से खून साफ होता हैं
10. बेर खाने से कब्ज की समस्या से भी बच सकते हैं, और पाचन-क्रिया भी मजबूत होती है
11. आयुर्वेद के अनुसार बेर दिल की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं, बेर खाने से कोलस्ट्रॉल नियंत्रित रहता हैं

मंगलवार, 11 जुलाई 2017

शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए रामबाण इलाज़

शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए रामबाण इलाज़


हमारे रक्त में दो प्रकार के कण पाए जाते हैं एक सफेद कण और दूसरा लाल कण। जब हमारे शरीर के रक्त में लाल कणों की कमी हो जाती है तब मनुष्य के शरीर में रक्त की कमी हो जाती है जिसे मेडिकल भाषा में एनीमिया के नाम से जानते हैं।

हमारे शरीर में लाल रक्त कण के लिए लौह तत्व यानि आयरन की आवश्यक्ता होती है। जब हमारे रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है तब आयरन की भी कमी हो जाती है, ऐसी अवस्था को ही खून की कमी कहते हैं। मानव शरीर में लौह तत्व की कमी हानिकारक होती है। शरीर में इसकी कमी मनुष्य को बीमार कर देती है।

एक स्वस्थ मानव शरीर में कम से कम 20 ग्राम आयरन होना चाहिए, परन्तु शरीर में इसकी अधिकता से भी बहुत से खतरनाक लक्षण पैदा हो सकते हैं। शरीर में आयरन की अधिकता से हीमोक्रोमेटिक रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

आइए जानते हैं एनीमिया से राहत पाने के घरेलू उपाय:

पालक में बहुत अधिक मात्रा में लौह तथा विटामिन B 12 पाया जाता है। इसके साथ ही पालक में फोलिक एसिड (Folic Acid) भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अतः पालक खाने से शरीर में खून की कमी को पूरा किया जा सकता है। पालक का सूप बनाकर या पालक के साग को अपने रोज के खाने में शामिल करना लाभकारी होता है।

अनार का सेवन शरीर में हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) को बहुत अधिक तेजी से बढ़ाता है। अनार में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा पायी जाती है। इसमें आयरन और कैल्शियम भी उपस्थित होता है। यह रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा को तेजी से बढ़ाकर रक्त संचार को अच्छा करता है। एनीमिया में सुबह खाली पेट अनार का जूस पीना लाभकारी होता है।

बादाम का सेवन खून की कमी को दूर करता है। रोज रात को बादाम भिगोकर सुबह पीसकर दूध में मिलाकर पीने से खून की कमी शरीर में नहीं होती है।

मेथी में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है। कच्ची मेथी खाने से उचित मात्रा में शरीर को आयरन मिलता है। किशोरावस्था में लड़कियों में होने वाली खून की कमी को दूर करने के लिए मेथी की पत्तियां उबालकर प्रयोग में लाने से बहुत लाभ होता है। मेथी के बीज अंकुरित कर नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर होती है।

सोयाबीन में आयरन के साथ-साथ प्रोटीन भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। एनिमिया में मनुष्य की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इसलिए सोयाबीन का दूध बनाकर पीना अधिक लाभकारी सिद्ध होता है।

चुकंदर में आयरन के तत्‍व बहुत अधिक मात्रा में होते हैं, यह खून में हीमोग्‍लोबिन का निर्माण कर लाल रक्‍त कणिकाओं की सक्रियता को बढ़ाते हैं। चुकंदर की पत्तियों को सलाद के रूप में प्रयोग करने से भी रक्त में आयरन कि कमी पूरी होती है।

सोमवार, 26 जून 2017

रोजाना एक कच्चा प्याज, बचाता है इन बीमारियों से

रोजाना एक कच्चा प्याज, बचाता है इन बीमारियों से


कच्चे प्याज में बड़ी मात्रा में पोषक तत्व और प्रोटेक्टिव कंपाउंड बड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं। पके हुए प्याज में भी पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। कई बीमारियों में भी बनाई जाने वाली घरेलू दवाओं में भी ज्यादातर प्याज का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मुख्य कारण है कि प्याज में औषधीय गुण होते हैं।

दरअसल, प्याज में सल्फर युक्त यौगिक उच्च मात्रा में होता है, जिसकी वजह से उसमें तेज गंध होती है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी 6, बायोटिन, फोलिक एसिड, क्रोमियम, कैल्शियम और फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। यदि आप रोजाना अपने खाने में प्याज को शामिल करते हैं, तो कई तरह की बीमारियों को दूर रख सकते हैं। यह मूत्राशय के संक्रमण के लक्षणों को कम करता है और प्रोस्टेट स्वास्थ्य को बढ़ाता है। कच्चा प्याज कार्बनिक सल्फर युक्त यौगिकों के समृद्ध स्रोत हैं।

दिल को मजबूत करता है
कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में प्याज काफी प्रभावी है। प्याज में मौजूद सल्फर यौगिक प्राकृतिक रूप से रक्त को पतला करने का काम करता है और प्लेटलेट एग्रीगेशन को रोकता है। क्वेरसेटिन धमनियों की कड़ा होने से रोकती है और दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम करता है।

श्वसन समस्याओं को ठीक करता है
प्याज की तीव्र गंध एयरवे की मांसपेशियों को आराम देती है और अस्थमा व ब्रोंकाइटिस से राहत देती है। यह खांसी, सर्दी, फ्लू, छींकने और एक नाक को रोकने में भी प्रभावी है।

खाद्य-जनित बीमारियों से लड़ने में मददगार
प्याज की रोगाणुरोधी क्रिया माइक्रोबियल संक्रमण के कारण होने वाली भोजन संबंधी बीमारियों के उपचार में उपयोगी बनाती है। प्याज में मौजूद फाइटोकेमिकल्स गैस्ट्रिक अल्सर के जोखिम को कम करते हैं।

कब्ज के लिए बढ़िया इलाज
प्याज में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो आपकी आंत में अच्छे जीवाणु (बैक्टीरिया) की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। रोजाना एक कच्चा प्याज खाने से कब्ज नहीं होता है। कच्चा प्याज खाना हर दिन के लिए सबसे अच्छा स्वास्थ्य लाभ देता है।

टीबी को ठीक करता है
प्याज में एंटीसेप्टिक के साथ ही रोगाणुरोधी गुण भी मौजूद हैं। यह माइकोबैक्टीरियम को निष्क्रिय कर सकता है, जिससे ट्यूबोकुलोसिस यानी टीबी होता है। नमक के साथ कच्चा प्याज खाने से ज्यादा लाभ होता है।

रक्तचाप ठीक रखता है
प्याज में कैलोरी और सोडियम की मात्रा कम होती है। इसमें वसा नहीं होता है। यह रक्त वाहिकाओं की इलास्टिसिटी (लोच) को बढ़ाता है और उच्च रक्तचाप को कम करने में प्रभावी है।

एंटी-कैंसर प्रॉपर्टी
प्याज में मौजूद फाइटोकेमिकल्स डिस्लेफाइड, ट्राइसलफाइड, सेपेनी और क्वैक्सेटीन खून को कम पतला करने में मदद करते हैं। इसमें एंटी कैंसर प्रॉपर्टी भी होती हैं।

पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज
कच्चे प्याज खाने से आपको पाचन समस्याओं के उपचार में मदद मिलेगी जिसमें भूख, अपच, पेट में परेशानी और पित्ताशय की बीमारियां शामिल हैं।

एनीमिया का इलाज
प्याज में बड़ी मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जो एनीमिया के उपचार में उपयोगी होता है। एक मध्यम आकार के प्याज खाने से खून की कमी दूर होती है।

खून में शुगर को नियंत्रण करता है
ब्लड शुगर को मॉडिफाई करने में प्याज अहम भूमिका निभाता है। अपने खाने में चीनी की मात्रा को कम करने के अलावा कच्चा प्याज खाकर आप अपनी ब्लड शुगर को सही ट्रैक पर रख सकते हैं।

गुरुवार, 22 जून 2017

सुबह खाली पेट गौमूत्र पीना है अमृत के समान

सुबह खाली पेट गौमूत्र पीना है अमृत के समान


हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा मिला हुआ है इसलिये इसके गोबर और मूत्र को पवित्रता की नजरों से देखा जाता है। आयुर्वेद में गौ मूत्र का उपयोग औषधी बनाने में किया जाता है। गौमूत्र का नाम सुनकर कई लोगों की नाक-भौं सिकुड़ जाती हैं, लेकिन वे ये नहीं जानते कि गौमूत्र के नियमित सेवन से बडे़-बडे़ रोग तक दूध हो जाते हैं। गौमूत्र से लगभग 108 रोग ठीक होते हैं।
इस बात का दावा किया गया है कि गर्भवती गाय का मूत्र सबसे अच्‍छा होता है क्‍योंकि उसमें विशेष हार्मोन और खनिज पाया जाता है। हम आपकों गौ मूत्र से होने वाले कुछ और फायदों के बारें में बता रहे है।  


-गौ मूत्र का सेवन खाली पेट करना चाहिए और इसकी मात्रा 100 ग्राम ज्यादा नही होना चाहिए। जबकि स्वस्थ लोगों को 50 ग्राम से ज्यादा सेवन नही करना चाहिए।

– अगर गौमूत्र, त्रिफला और गाय का दूध एक साथ मिक्‍स कर के सेवन किया जाए तो शरीर में एनीमिया की कमी दूर होती है। साथ ही खून भी साफ होता है।

-गौमूत्र पीने से दिमाक और दिल दोनों को ताकत मिलती है और ये दोनों कई बीमारियों से बचे रहते थे।

-वात,पित्त और कफ को दूर करने की क्षमता देशी गाय के मूत्र में होती है।


– गौमूत्र शरीर में घुसे कई किस्‍म के कीटाणुओं को नष्ट करता है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीनों दोषों की गड़बड़ी की वजह से बीमारियां फैलती हैं, लेकिन गौमूत्र पीने से बीमारियां दूर हो जाती हैं।

– गौमूत्र पीने से जिगर मजबूती से काम करता है जिससे रक्‍त अच्‍छा और शुद्ध बनता है।

– अगर दर्द वाली जगह पर गौमूत्र से सेकाई की जाए तो आराम मिलता है। सर्दियों में आप गौमूत्र को सोंठ के साथ पियें, लाभ मिलेगा।

– सुबह अगर आधे कप पानी में गौमूत्र के साथ नमक और नींबू का रस मिला कर पिया जाए तो गैस नहीं बनती।

सोमवार, 19 जून 2017

खाली पेट चने खाने से होंगे ये लाभ?? जरूर पढ़ें।

खाली पेट चने खाने से होंगे ये लाभ?? जरूर पढ़ें।


चने की दाल और चने को शरीर के लिए स्वास्थवर्धक बताया गया है। चने के सेवने से कई रोग ठीक हो जाते हैं। क्योंकि इसमें कई सारे प्रोटीन और विटामिन्स पाये जाते हैं। चना दूसरी दालों के मुकाबले सस्ता होता है और सेहत के लिए भी यह दूसरी दालों से पौष्टिक आहार है।
चना शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। साथ ही यह दिमाग को तेज और चेहरे को सुंदर बनाता है। चने के सबसे अधिक फायदे इन्हे अंकुरित करके खाने से होते है।

1. चना खाने के कारण
चाहे भूना हुआ हो या अंकुरित किया हुआ, चना बहुत ही पौष्टिक होता है। चने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, कैल्शियम, आयरन और विटामिन होते हैं। चना हमारे शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति करता है। इसलिए इसे प्रोटीन का राजा भी कहा जा सकता हैै।


2. प्रोटीन से भरपूर
चने में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। चने में लगभग 12 से 15 ग्राम प्रोटीन होता है। यह अनाज के मुकाबले कई गुना ज्‍यादा होता है। इससे शरीर चुस्‍त दुरुस्‍त बना रहता है।


3. मैगनीज का भंडार
खून के लगातार बहाव में कॉपर और मैगनीज जैसे माइक्रोन्‍यूट्रियंट्स का होना बहुत जरुरी है। चना मैगनीज का बहुत अच्‍छा स्रोत है। इसे खाने से शरीर का तापमान सही बना रहता है। 


4. एनीमिया से बचाव
चना आयरन का एक बहुत अच्‍छा स्रोत है। इसके नियमित सेवन से अनीमिया की परेशानी नहीं होती। इसलिए एनीमिया के उच्च जोखिम के दौरान महिलाओं (गर्भवती, स्तनपान कराने वाली और मासिक धर्म), बच्चों और लोगों को एक दैनिक आधार में इसे शामिल करना चाहिए।


5. वजन घटाता है
फाइबर से भरपूर होने के कारण यह वजन घटाने का एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय है। यह न केवल भूख को नियंत्रित करने में मददगार होता है बल्कि लंबे समय तक आपको फुलर महसूस करवाता है। यह शाकाहारियों के लिए आहार प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है और यह भी उचित वजन प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


6. फॉस्फोरस और आयरन का स्रोत
चने में लगभग 28 प्रतिशत फॉस्‍फोरस और आयरन होता है। यह न केवल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं बल्कि हीमोग्‍लोबीन बढा कर किडनी को नमक की अधिकता से भी साफ करते हैं। इसलिए किडनी के स्‍वास्‍थ्‍य को बनाये रखने के लिए इसे अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है। 


7. कोलेस्‍ट्रॉल घटाये
चना कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में भी आपकी मदद करता है। यह आंत में पित्त रस के साथ मिल कर खून में बढे हुए कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में मदद करता है।


8. रक्तचाप पर नियंत्रण
उच्‍च रक्तचाप से ग्रस्‍त लोगों की रक्त वाहिकाओं में परिवर्तन कर चना रक्त ताकत को प्रतिसंहरण होने से बचाता है। चने पोटेशियम और मैग्‍नीशियम की मौजूदगी के कारण एक काया में सही इलेक्ट्रोलाइट परिवर्तन प्रगति में मदद करता है। इस तरह से चने को दैनिक आहार में शमिल कर आपको स्‍वस्‍थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। 


9. पाचन विकार से बचाता है
चना पाचन और आंत के स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रख पाचन तंत्र संबंधी विकारों को दूर करने में मदद करता है। चने में फीटो-न्यूट्रिएंट, उच्‍च प्रोटीन और विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में होता है। जो कब्‍ज, एसिडिटी, अपच जैसे आंत्र जटिलताओं के खतरे को कम करने में मदद करता है। 


10. महिलाओं में हार्मोन का स्तर बनाये
चना फीटो-न्‍यूट्रीएंट का बहुत अच्‍छा स्रोत है। यह स्‍तन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। और एस्ट्रोजन हार्मोन में खून के स्तर को बढ़ा कर विपरीत ऑस्टियोपोरोसिस से रक्षा करता है।

बुधवार, 24 मई 2017

नकली घी की पहचान और उसके नुकसान, जरूरी जानें और शेयर करें

नकली घी की पहचान और उसके नुकसान, जरूरी जानें और शेयर करें


आजकल हर जगह अधिकतर मिलावटी चीजें ही मिलती हैं। जिससे कुछ भी खरीदते वक्त मन में यह डर लगा रहता है कि खरीदी हुई चीज असली है या नकली। खासतौर पर देसी घी। देसी घी तो हड्डियों का चूरा, पशुओं की चर्बी, पाम तेल, और कुछ अन्य खतरनाक केमिकल्स को मिलाकर नकली घी तैयार किया जाता है। जिसके हमें न जाने कितने भयानक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। लेकिन आपकी इस बड़ी परेशानी को आज हम कुछ आसान तरीकों से सुलझा देगें।

मिलावटी घी जानने के तरीके

1. एक चम्मच घी में 5 ml हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालें। अगर घी लाल हो जाता है तो समझ जाए कि घी में कोलतार डाई मिलाई गई है।
2. एक चम्मच घी में चार-पांच ड्रॉप्स आयोडीन मिलाने पर इसका रंग नीला हो जाए तो समझ जाएं कि इसमें उबला आलू मिलाया गया है।
3. बाउल में एक-एक चम्मच घी,हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चुटकी चीनी मिलाएं। अगर घी का रंग बदलकर लाल दिखाई दें तो समझ जाएं कि इसमें डालडा मिला है।
4. थोड़ा सा घी लेकर हाथ में रगडें, फिर इसे सूंघकर देखें। अगर कुछ ही देर में इसकी खुशबू आनी बंद हो जाए तो समझ जाएं की यह मिलावटी है।

नकली घी खाने के नुक्सान ही नुक्सान

1. नकली घी खाने से कभी भी हार्टअटैक आ सकता है। आपका बी.पी बढ़ सकता है और आपकी मृत्यु तक हो सकती है।
2. यदि आप ऐसा घी खाते हैं जिसमें हड्डियों का चूरा मिला हो। इसके कारण स्ट्रोक भी हो सकता है।इससे आपका लिवर भी खराब हो सकता है।
3. इसके कारण कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। यदि नियमित तौर पर इसका सेवन किया गया तो ये मूत्रमार्ग और किडनी को खराब कर सकते हैं।
4. यदि घी में लेड जैसे पदार्थ मिले हो तो इसके कारण एनीमिया और ब्रेन से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।
5. मिलावट युक्त घी से प्रेगनेंट औरत का गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसलिए प्रेगनेंट औरत को हमेशा घर पर ही बनाया हुआ घी खाना चाहिए।

शनिवार, 13 मई 2017

घोड़े जैसा मजबूत बनाता है चना, कई बीमारियों का रामबाण इलाज

घोड़े जैसा मजबूत बनाता है चना, कई बीमारियों का रामबाण इलाज


हम अपने दादा- परदादा से यही से सुनते आ रहे हैं कि जो खाए चना वो रहे बना। चना सदियों से मेहनकश की खुराक का अहम हिस्‍सा रहा है। चने में प्रोटीन,फाइबर, विटामिन, आयरन और कैल्शियम अच्छी खासी मात्रा में होते हैं। आयुर्वेद में भी चने को शरीर के लिए स्वास्थवर्धक बताया गया है।
चने के सेवन से कई रोग ठीक हो जाते हैं। क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, नमी, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स आदि पाये जाते हैं। चना शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। साथ ही यह दिमाग को तेज और चेहरे को सुंदर बनाता है। चने के सबसे अधिक फायदे इन्हें अंकुरित करके खाने से होते है।

हाजमा दुरुस्त करता है
चने को दस्तावर कहा जाता है। कब्ज के शिकार लोगों के लिए यह अच्छी चीज है। इसमें ढेर सारा फाइबर होता है जो आपको पेट साफ करने में मदद करता है। फाइबर आपकी आंतों की सफाई का काम करता है। चने में कई तरह के मिनरल्स और विटामिन होते हैं। सौ ग्राम काले चने में करीब 20 ग्राम फाइबर होता है। यह आपकी रोज की जरूरत का 80 फीसदी है। पेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी कुछ हद तक आप चने पर छोड़ सकते हैं।

ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखता है
डायबिटीज के मरीजों को चना अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इसकी एक वजह यह है कि यह काफी धीमी रफ्तार से ग्लूकोज को बॉडी में रिलीज करता है। इससे अचानक बॉडी का शुगर लेवल नहीं बढ़ता।

वजन कम करने में मददगार
चना दो तरह से वेट कम करने में मदद करता है। एक तो उसमें फाइबर खूब होता है और दूसरा उसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा-भरा महसूस करता है। जो लोग वेट कम करने की कोशिश कर रहे हैं वो अपनी डाइट में कच्‍चे, भुने या अंकुरित चने जरूर शामिल करें।

एनीमिया से बचाता है
काला चना आयरन का सबसे सस्ता स्रोत है। 100 ग्राम में करीब 3 एमजी आयरन होता है। यह आपकी रोज की जरूरत का करीब 20 फीसदी है। यही नहीं चने में पोटेशियम,मैगनीशियम और कैल्शियम की भी अच्छी मात्रा होती है।

कसरत करने वालों के लिये फायदेमंद
चना शाकाहारी प्रोटीन और कैलोरी का सस्ता और उम्दा स्रोत है। 100 ग्राम चने में करीब 15 ग्राम प्रोटीन और करीब 347 कैलोरी होती है। कसरत करने वालों को ताकत के लिए कैलोरी और बदन में हुई टूट फूट की मरम्‍मत और मसल्‍स के लिए प्रोटीन की बहुत जरूरत होती है।

भिगोए कच्चे चने फायदेमंद
चने को पचाना आसान नहीं होता। अगर भिगोए हुए कच्चे चने खा रहे हैं तो उसे खूब चबाकर खाएं। ये मानकर चलें कि उसे जितना आपने अपने दांतों से पीस दिया, वही हजम होगा। वैसे उबाल कर खाएंगे तो उसे पचाना जरा आसान हो जाएगा। उबालते वक्त ध्यान रखें कि उसमें उतना ही पानी डालें, जिसमें वो उबल जाए और पानी फेंकना न पड़े। जिस कटोरे में चने उबालें उसमें इतना पानी डालें कि चने का सिर हल्का-हल्का पानी के ऊपर दिखता रहे। एक दो बार पकाने पर आपको बिल्कुल सही अंदाजा हो जाएगा।

पेट दर्द से राहत
रातभर भीगे हुए चनों से पानी को अलग कर उसमें अदरक, जीरा और नमक को मिक्स कर खाने से कब्ज और पेट दर्द से राहत मिलती है। चने का सत्तू भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद औषघि है। शरीर की क्षमता और ताकत को बढ़ाने के लिए गर्मियों में आप चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पी सकते हैं। यह भूख को भी शांत रखता है। शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए अंकुरित चनों में नींबू, अदरक के टुकड़े, हल्का नमक और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं। आपको पूरे दिन की एनर्जी मिलेगी।

पथरी की समस्या में चना
पथरी की समस्या अब आम हो गई है। दूषित पानी और दूषित खाना खाने से पथरी की समस्या बढ़ रही है। गाल ब्लेडर और किडनी में पथरी की समस्या सबसे अधिक हो रही है। ऐसे में रातभर भिगोए चनों में थोड़ा शहद मिलाकर रोज सेवन करने से आपको आराम हो सकता है। नियमित इन चनों का सेवन करने से पथरी आसानी से निकल जाती है। इसके अलावा आप आटे और चने का सत्तू को मिलाकर बनी रोटियां भी खा सकते हो।

शरीर की गंदगी साफ करना
काला चना शरीर के अंदर की गंदगी को अच्छे से साफ करता है। जिससे डायबिटीज,एनीमिया आदि की परेशानियां दूर होती हैं। और यह बुखार आदि में भी राहत देता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए
चना ताकतवर होता है। यह शरीर में ज्यादा मात्रा में ग्लूकोज को कम करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिलता है। इसलिए अंकुरित चनों को सेवन डायबिटीज के रोगियों को सुबह-सुबह करना चाहिए।

मूत्र संबंधी रोग
मूत्र से संबंधित किसी भी रोग में भुने हुए चनों का सेवन करना चाहिए। इससे बार-बार पेशाब आने की दिक्कत दूर होती है। भुने हुए चनों में गुड़ मिलाकर खाने से यूरीन की किसी भी तरह समस्या में राहत मिलती है।

पुरूषों की कमजोरी दूर करना
अधिक काम और तनाव की वजह से पुरूषों में कमजोरी होने लगती है। ऐसे में अंकुरित चना किसी वरदान से कम नहीं है। पुरूषों को अंकुरित चनों को चबा-चबाकर खाने से कई फायदे मिलते हैं। इससे पुरूषों की कमजोरी दूर होती है। भीगे हुए चनों के पानी के साथ शहद मिलाकर पीने से पौरूषत्व बढ़ता है और नपुंसकता दूर होती है।

पीलिया के रोग में
पीलिया की बीमारी में चने की 100 ग्राम दाल में दो गिलास पानी डालकर अच्छे से चनों को कुछ घंटों के लिए भिगो लें और दाल से पानी को अलग कर लें अब उस दाल में 100 ग्राम गुड़ मिलाकर 4 से 5 दिन तक रोगी को देते रहें। पीलिया से लाभ जरूरी मिलेगा।

चेहरे की चमक के लिए चना
चेहरे की रंगत को बढ़ाने के लिए नियमित अंकुरित चनों का सेवन करना चाहिए। साथ ही आप चने का फेस पैक भी घर पर बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। चने के आटे में हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा मुलायम होती है। महिलाओं को हफ्ते में कम से कम एक बार चना और गुड जरूर खाना चाहिए। नियमित रूप से यदि आप अंकुरित चनों का सेवन करते हो तो आप के उपर बुढ़ापा भी बहुत देर में आता है। त्वचा की समस्या में चने के आटे का नियमित रूप से सेवन करने से थोड़े ही दिनों में खाज, खुजली और दाद जैसी त्वचा से संबंधित रोग ठीक हो जाते हैं।

धातु पुष्ट होती है
दस ग्राम शक्कर और दस ग्राम चने की भीगी हुई दाल को मिलाकर कम से कम एक महीने तक खाने से धातु पुष्ट होती है।

शुक्रवार, 12 मई 2017

गोमूत्र है धरती पर अमृत के समान होता है कई रोगों का इलाज़

गोमूत्र है धरती पर अमृत के समान होता है कई रोगों का इलाज़


प्राचीन काल से ही हम गाय को माता का नाम देते आए हैं क्योंकि यह माता के समान हमारी रक्षा करती है। गाय का दूध, गोबर, घी सभी हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है यहां तक की गाय का मूत्र हमें रोग मुक्त करता है, रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ता है और शरीर के माँस-तंतुओं को स्वस्थ्य रखता है। हमारे देश में गायों की कई नस्लें पाई जाती हैं। वैसे तो सभी प्रकार की गाय हमारे लिए लाभकारी है। लेकिन अगर शुद्ध देसी गाय की नस्ल हमारे पास है तो समझ लीजिये की हमारे हाथ कोई जादुई चिराग लग गया हो। वैसे तो शुद्ध देसी गाय दूध कम देती है लेकिन कम दूध देने की वजह से देसी गाय के मूत्र में औषधीय गुण काफी मात्रा में बढ़ जाते हैं। 

गाय के दूध से होने वाले 100 फायदे तो हम जानते ही हैं लेकिन गौमूत्र से होने वाले अनगिनित फायदों से हम अभी तक अनजान हैं। गौमूत्र के नाम से कई लोगों के मुंह बन जाते हैं, क्योकि वह गौमूत्र के नियमित सेवन से होने वाले बड़े-बडे लाभ से अंजान होते हैं। बूढ़ी, बीमार और गर्भवती गायों के मूत्र को नहीं पीना चाहिए। गौमूत्र को कांच या मिट्टी के बर्तन में लेकर साफ सूती कपड़े से 3 बार छानकर चौथाई कप खाली पेट पीना चाहिए। गाय का मूत्र स्वाद में गरम, कसैला और कड़क लगता है। यह जीवाणु नाशक और जल्द ही पचने वाला होता है। इसमें नाइट्रोजन, कॉपर, फॉस्फेट, यूरिक एसिड, पोटैशियम, क्लोइराइड और सोडियम जैसे कई लाभकारी तत्व पाये जाते हैं।

जानते है गौमूत्र के फायदे:

1) गौमूत्र हमेशा सुबह ही खाली पेट लेना चाहिए। बीमार व्यक्ति को 100 ग्राम गौमूत्र पीना चाहिए। खाली पेट, कुछ भी खाने से 1 घंटे पहले इसे पीना चाहिए और जो बीमार हैं वह दिन में दो बार भी ले सकते हैं। स्वस्थ लोगों को 50 ग्राम से ज्यादा नहीं पीना चाहिए।
2) नियमित तौर पर इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह शरीर को बैक्टीरिया से बचाती है। गाय का मूत्र पीने से रक्त शुद्ध होता है जिसकी वजह से मनुष्य उन बीमारियों से बच सकता है जो रक्त की अशुद्धि की वजह से होती है।
3) त्रिफला और गाय के दूध का सेवन एक साथ किया जाए तो यह शरीर में एनीमिया की बीमारी को दूर करता है।
4) टेंशन की वजह से हमारे नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है। गौमूत्र पीने से दिमाग और दिल दोनों को ही ताकत मिलती है और ये दोनों कई बीमारियों से बचे रहते हैं।
5) वात, पित्त और कफ के रोगों को अकेले खत्म करने की क्षमता देशी गाय के गौमूत्र में होती है। गौमूत्र वात, पित्त, कफ तीनों की समस्या को अकेले की ख़त्म कर सकती है।
6) गौमूत्र में वही 18 सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि मिट्टी में भी होते हैं। शरीर की बीमारियों को ठीक करने के लिए शरीर को जितने घटक चाहिए होते हैं वह सब गौमूत्र में उपलब्ध होते हैं। जैसे-सल्फर की कमी से शरीर में त्वचा के रोग होते हैं। गौमूत्र पीने से सोराइसिस, एक्जिमा, खुजली, दाद-खाज जैसे स्कीन के सभी रोग ठीक हो जाते हैं।
7) गोमूत्र के पीने से टी.वी. जैसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति दुबारा फिर इस बीमारी से पीड़ित नहीं होता है। गोमूत्र से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति इतनी अधिक बढ़ जाती है कि इससे बीमारियाँ शरीर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं। टी.बी. की बीमारी में डाट्स की गोलियों का असर गौमूत्र के साथ 20 गुना बढ़ जाता है। सिर्फ गौमूत्र पीने से टी.बी. 3 से 6 महीने में ठीक होती है तो वहीं सिर्फ डाट्स की गोलियां खाने से टी.बी. 9 महीने में ठीक होती है। जबकि डाट्स की गोलियाँ और गौमूत्र साथ-साथ लेने पर टी.बी. 2 से 3 महीने में ठीक हो जाती है।
8) आंखो में जलन और शरीर में सुस्ती हो तो गौमूत्र में चीनी मिलाकर पीना लाभकारी होता है।
9) गौमूत्र कॉपर और गोल्ड साल्ट्स से भरा होता है। जो हमारे शरीर में मिनरल्स के बैलेंस को कंट्रोल करता है। जिससे हमारी स्मरणशक्ति बढ़ती है और हमारा शरीर रोगों से अच्छी तरह से लड़ सकता है।
10)- करक्यूमिन नामक तत्व की कमी से हम कैंसर जैसी बीमारी से घिर जाते हैं। गौमूत्र में करक्यूमिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और पीने के तुरन्त बाद आसानी से पच जाता है। पेट के कैंसर, गले के कैंसर और आहारनली के कैंसर को गौमूत्र के सेवन से सही किया जा सकता है।
11)- एक गिलास पानी में चार बूंद गौमूत्र के साथ दो चम्मच शहद और 1 चम्मच नींबू का रस मिला कर रोजाना पीने से पेट की चर्बी कम होती है।

आध्यात्मिक उपचार में गौमूत्र का उपयोग:

प्रचीन काल से ये परम्परा चली आ रही है कि गौमूत्र की कुछ बूंदे पानी में मिलाकर घर में छिड़कने से घर पवित्र हो जाता है। इसके साथ ही कुछ बूंदे गौमूत्र की नहाने की बाल्टी में डालकर स्नान करने से हमारा शरीर ऊर्जावान होता है। नीचे दिए गए चित्र की सहायता से हम गौमूत्र से नहाने के फायदे को समझ सकते हैं।

रिसर्च में यह पाया गया है कि गौमूत्र में 95% पानी , 2.5% यूरिया और बाकि 2.5% बचे तत्व मिनरल्स, साल्ट्स, होर्मोनेस और एन्जाइम होते हैं।