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मंगलवार, 23 जनवरी 2018

मौत को छोड़ कर सभी बीमारियों का इलाज सम्भव है इस छोटी सी हरड़ से

मौत को छोड़ कर सभी बीमारियों का इलाज सम्भव है इस छोटी सी हरड़ से


हमारे आयुर्वेद में बहुत सी ऐसी चीज़े है जिनके बारे में हमें नहीं पता, और वो इतनी गुणकारी है कि हमारी लगभग सभी समस्याएँ ठीक हो जाए, लेकिन उससे पहले हमें उनके बारे में जानने की जरुरत है. इसी तरह कुदरत की दी हुई एक बहुत ही अनमोल औषधि है, हरड़ ये इतनी गुणकारी है कि शायद ही आपको इसका ज्ञान होगा. हरड़ को संस्कृत में ‘हरीतकी’ के नाम से जाना जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार हरीतकी के सात प्रकार होते हैं, जिन्हें चेतकी हरड़, अभ्या हरड़, रोहिणी हरड़, बड़ी हरड़, काली हरड़ तथा पीली हरड़ के रूप में जाना जाता है. हरड़, बहेड़ा और आंवला के मिश्रित चूर्ण को त्रिफला कहा जाता है. इस छोटी-सी हरड़ में किन-किन बीमारियों को दूर करने की शक्तिनिश्चित है, उस पर एक नजर डालते हैं. बड़ी हरड़ के छिलके, अजवाइन एवं सफेद जीरा बराबर बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इस चूर्ण को प्रतिदिन सुबह-शाम दही में मिलाकर लेते रहने से सूखी आंव तथा मरोड़ में लाभ पहुंचता है.
ये भी पढ़िए : त्रिफला के पानी से दूर करें आंखों की सूजन और डार्क सर्कल

मौत को छोड़कर सभी चीजों का इलाज हो सकता है इससे, इतनी गुणकारी है ये औषधि

हमारे आयुर्वेद में बहुत सी ऐसी चीज़े है जिनके बारे में हमें नहीं पता, और वो इतनी गुणकारी है कि हमारी लगभग सभी समस्याएँ ठीक हो जाए, लेकिन उससे पहले हमें उनके बारे में जानने की जरुरत है. इसी तरह कुदरत की दी हुई एक बहुत ही अनमोल औषधि है, हरड़ ये इतनी गुणकारी है कि शायद ही आपको इसका ज्ञान होगा. हरड़ को संस्कृत में ‘हरीतकी’ के नाम से जाना जाता है.
आयुर्वेद के अनुसार हरीतकी के सात प्रकार होते हैं, जिन्हें चेतकी हरड़, अभ्या हरड़, रोहिणी हरड़, बड़ी हरड़, काली हरड़ तथा पीली हरड़ के रूप में जाना जाता है. हरड़, बहेड़ा और आंवला के मिश्रित चूर्ण को त्रिफला कहा जाता है. इस छोटी-सी हरड़ में किन-किन बीमारियों को दूर करने की शक्ति निश्चित है, उस पर एक नजर डालते हैं.

बड़ी हरड़ के छिलके, अजवाइन एवं सफेद जीरा बराबर बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इस चूर्ण को प्रतिदिन सुबह-शाम दही में मिलाकर लेते रहने से सूखी आंव तथा मरोड़ में लाभ पहुंचता है.

काली हरड़ को महीन पीसकर मुंह तथा जीभ के छालों पर लगाते रहने से छालों से मुक्ति मिलती है. प्रतिदिन दो-चार बार लगाते रहने से हरेक प्रकार के छालों से मुक्ति मिलती है. पीली हरड़ के छिलके का चूर्ण तथा पुराना गुड़ बराबर मात्रा में लेकर गोली बनाकर रख लें. मटर के दानों के बराबर वाली इन गोलियों को दिन में दो बार सुबह-शाम पानी के साथ एक महीनें तक लेते रहने से यकृत लीवर एवं प्लीहा के रोग दूर हो जाते हैं.

छोटी हरड़ के चूर्ण को गाय के घी के साथ मिलाकर सुबह -शाम खाते रहने से पांडुरोग में लाभ मिलता है. पुराने कब्ज के रोगी को नित्यप्रति भोजन के आधा घंटा बाद डेढ़-दो ग्रामकी मात्रा में हरड़ का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेते रहने से फायदा होता है.

एक मध्यम आकार की पीली हरड़ के दो टुकड़े छिलके सहित कांच के गिलास में इस तरह भिगो दें कि वह भीगने पर पूरी तरह फूल जाये. चौदह घण्टे भीगने के बाद हरड़ की गुल्ली को निकालकर उसके अन्दर के बीजों को निकालकर गुल्ली को खूब चबा-चबाकर खायें तथा ऊपर से हरड़ वाला पानी पी लें. एक माह तक इस विधि का सेवन लगातार करते रहने से ‘प्रोस्टेट ग्लैण्ड’ की सूजन ठीक हो जाती है.

गर्मी के कारण नेत्र में जलन होती हो, नेत्र लाल हो जाते हों, नेत्र से पानी गिरता हो तो त्रिफला के जल से आंखों को धोते रहने से आराम मिलता है. सुबह खाली पेट एक चम्मच त्रिफला का क्वाथ काढ़ा पीते रहने से खून की कमी दूर हो जाती है हरड़ के काढ़े में चाशनी मिलाकर पीने से गले के रोगों में लाभ मिलता है.

जिन नवजात शिशुओं के भौहें नहीं हों, हरड़ को लोहे पर घिसकर, सरसों तेल के साथ मिलाकर शिशु के भौंह वाले स्थान पर धीरे-धीरे मालिश करते रहने से धीरे-धीरे भौंह उगने लगते हैं. अगर सप्ताह में एक बार बच्चे को हरड़ पीसकर खिलाया जाता रहे, तो उसे जीवन में कब्ज का सामना कभी नहीं करना पड़ता है.

जिन स्त्रियों को गर्भपात की बार-बार शिकायत हो, उन्हें त्रिफला चूर्ण के साथ लौह भस्म मिलाकर लेते रहना चाहिए.

रात को सोते समय थोड़ा-सा त्रिफला चूर्ण दूध के साथ पीते रहने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और शीघ्र स्खलन का भय दूर हो जाता है. छोटी पीपल और बड़ी हरड़ का छिलकासमान मात्रा में लेकर पीस लें. तीन ग्राम की मात्रा में सुबह ताजे जल के साथ लेते रहने पर बैठा गला खुल जाता है. पेटदर्द होने पर हरड़ को घिसकर गुनगुने पानी के साथ लेने पर तत्काल लाभ होता है.

हरड़, सेंधा नमक तथा रसौंत को पानी में पीसकर आंख के ऊपरी भाग के चारों तरफ लेप करने से आंख आना, आंखों की सूजन, व दर्द नष्ट हो जाते हैं. नित्यप्रति प्रात: काल शीतल जल के साथ तीन ग्राम की मात्रा में छोटी हरड़ का चूर्ण सेवन करते रहने से सफेद दाग मिटाने शुरू हो जाते हैं. शरीर के जिन अंगों पर दाद हो, वहां बड़ी हरड़ को सिरके के साथ घिसकर लगाने से लाभ होता है.

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

इन आसान उपायों से कब्ज़ और गैस से हमेशा के लिए पाएं छुटकारा

इन आसान उपायों से कब्ज़ और गैस से हमेशा के लिए पाएं छुटकारा


खाने पीने की गलत आदतों और खराब जीवन शैली के चलते अधिकतर लोग पेट से जुडी बीमारियों से ग्रसित रहते है| पेट में गैस बनना, पेट फूलना, एसिडिटी, पेट में दर्द के साथ जलन होना, ये पेट से जुड़े कुछ ऐसे रोग है, जिनसे अधिकतर लोग परेशान हैं| आजकल पेट से जुड़ा एक और रोग सामने आया है, और वो रोग है , पेट ठीक से साफ ना होना|

पेट साफ़ ना होने पर व्यक्ति को समय पर और ठीक प्रकार से लैट्रिन नहीं आती| जिसके कारण व्यक्ति के पेट में दर्द भी होने लगता है| पेट साफ़ ना होने से व्यक्ति का किसी काम में मन नहीं लगता| कभी कभी पेट साफ़ ना होने के कारण सिर दर्द, थकान और तनाव की कंडीशन भी पैदा हो जाती है|
पेट के साफ ना होने को कब्ज का रोग भी कह सकते है| पेट के ठीक से साफ़ ना होने के कारण ही कब्ज की बीमारी होती है| पेट साफ करने के लिए आजकल मार्किट में अनेक प्रकार दवाइयां और पेट सफा चूर्ण मौजूद है| पेट साफ़ करने के लिए लोग इन दवा और चूरन का खूब इस्तेमाल करते है, लेकिन इनके इस्तेमाल से कभी कभी कुछ साइड इफ़ेक्ट भी हो जाते है, इसीलिए इसका सेवन करना अधिक सेफ नहीं रहा| इस पोस्ट में हम आपको पेट साफ करने के घरेलू उपचार के बारे में बतायेगे| इन घरेलू उपचार के माध्यम से बिना किसी साइड इफ़ेक्ट आपका पेट साफ़ रहेगा|

पेट साफ करने के देशी घरेलू उपाय (Constipation Home Remedy in Hindi)

अरंडी का तेल (Castor oil) – पेट साफ करने के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते है| पेट साफ करने के लिए यह बढ़िया घरेलू उपाय है| पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में थोड़ी मात्रा में अरंडी का तेल मिलाकर पियें| ऐसा करने से अगली सुबह ही आपका पेट साफ हो जायेगा|

दही (Curd) – पेट साफ रहे इसके लिए हमारे पेट में कुछ बैक्टीरिया होते है| दही में ये बैक्टीरिया मौजूद होते है| इन बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने के लिए रोजाना एक कटोरी दही खानी चाहिए| दही खाने से पेट साफ रहता है|

बेकिंग सोडा (Baking soda) – बेकिंग सोडा पेट साफ करके पुराने से पुराने कब्ज के इलाज में सहायक है| पेट साफ करके कब्ज की समस्या दूर करने के लिए आधे गिलास पानी में आधी चम्मच बैकिंग सोडा डालकर पियें|

नारियल पानी (Coconut Water) – नारियल पानी जहाँ एक ओर आपकी सुंदरता में चार चाँद लगा देता है, वही दूसरी ओर यह पेट साफ करने के लिए भी उपयोग किया जाता है| पेट साफ रखने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने की आदत डाले| नारियल पानी पीने से त्वचा में निखार आता है|

त्रिफला (Triphala) – पेट साफ करने के लिए गुनगुने दूध के साथ त्रिफला पाउडर का सेवन करे| त्रिफला पेट साफ करने के आयुर्वेदिक उपचार में से एक है| त्रिफला पाउडर आसानी से मार्किट में मिल जाता है|

शहद (Honey) – पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में शहद डालकर पियें| इससे अगले दिन सुबह ही आपका पेट साफ हो जायेगा| शहद से पेट साफ़ करने का नुस्खा ये काफी लाभकारी है|

लहसुन (Garlic) – लहसुन में Anti Inflammatory गुण पाया जाता है| जिसके कारण यह हमारे कठोर मल को पतला करने का काम करता है| इससे मल आंतो से आसानी से गुजर जाता है, और आपका पेट साफ हो जाता है| पेट साफ करने के अलावा लहसुन के अनेक गुण है| इन गुणों के बारे में आपको आगे जानकारी देंगे|

अलसी के बीज (Linseed Seed) – अलसी के बीज का पाउडर या अलसी के बीज रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में डालकर पियें| इससे पेट साफ होता है|

नींबू (Lemon) – नींबू के अनेक फायदे है| पेट साफ करने में भी नींबू कारगर है| एक गिलास गुनगुने पानी में नमक, शहद और नींबू का रस डालकर सुबह खाली पेट पीने से पेट साफ हो जाता है| पेट साफ करने का ये सबसे आसान उपाय है|

मेथी (Fenugreek) – मेथी हर घर में मौजूद होती है| पेट साफ करने के लिए मेथी का इस्तेमाल भी करते है| मेथी से पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले पानी के साथ एक चम्मच मेथी का सेवन करे|

सेब का सिरका (Apple Vinegar) – सेब का सिरका पाचन किर्या को दुरुस्त करके पेट को साफ करता है| सेब का सिरका कब्ज की बीमारी में भी लाभदायक है| पेट साफ करने के लिए रोजाना दिन में तीन बार खाना खाने से पहले 2 चम्मच सेब के सिरके का सेवन करे|

पानी (Water) – एक शोध के अनुसार जो लोग पानी कम पीते है, उन्हें पेट साफ ना होने और कब्ज जैसे पेट के रोग अधिक होते है| शरीर में पानी की कमी के कारण हमारा पाचन तंत्र एक्टिव नहीं रह पाता| जिसके कारण पेट साफ नहीं रहता| पानी अधिक पीने से हमारा पाचन तंत्र एक्टिव रहेगा और मल आंतो से आसानी से निकल जायेगा| आंतों में खुश्की की प्रॉब्लम भी शरीर में पानी की कमी के कारण होती है, इसीलिए खूब पानी पियें|

पेट साफ रखने के टिप्स (Pet Saaf Karne Ke Tips) –

1. पानी की कमी के कारण कब्ज और पेट साफ ना होने की प्रॉब्लम होती है, इसीलिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए|

2. कैफीन की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है, इसीलिए कैफीन युक्त चीजे जैसे चाय और कॉफी का सेवन कम करे|

3. आपको जानकर हैरानी होगी कि मानसिक और शारीरिक तनाव के कारण कब्ज और पेट साफ ना होने की प्रॉब्लम हो जाती है| इन सब प्रॉब्लम से बचने के लिए तनाव से दूर रहे| हमेशा खुश रहने की आदत डाले|

4. रोज सुबह खाली पेट एक से दो गिलास गुनगुना पानी पियें| इससे पेट जल्दी साफ होता है, और आपको वाशरूम में अधिक समय नहीं बैठना पड़ता|

5. पेट साफ करने के घरेलू उपाय आपको कैसे लगे, हमें जरूर बताये| अगर आपके पास पेट साफ करने का कोई अन्य नुस्खा है, तो अपना नुस्खा आप कमेंट के माध्यम से हमारे साथ साँझा कर सकते है|

सोमवार, 8 जनवरी 2018

जानिए कैसे खजूर आपके शादीशुदा जीवन को बेहतर बना सकता है

जानिए कैसे खजूर आपके शादीशुदा जीवन को बेहतर बना सकता है


ऐसे कई लोग होंगे जिनके मुँह में खजूर का नाम सुनते ही पानी आ गया होगा। खजूर कई लोगों के मनपंसद ड्राई फ्रूट्स में शामिल है। फिर अभी तो रमजान भी चल रहे हैं। इस दौरान तो खजूर खाने का बहुत अधिक महत्व होता है। रमजान में खजूर खाने के मुख्य कारणों में से एक इसका पोषक तत्वों व शक्ति से भरपूर होना है। छोटा सा खजूर विभिन्न विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर्स से भरपूर होता है। खजूर में ऑइल, कैल्शियम, सल्फर, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज, कॉपर और मैग्नेशियम जैसे तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं।

कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि हर दिन एक खजूर खाना बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट के लिए जरुरी है। यह स्वादिष्ट फल कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाने के साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ और मजबूत रखता है।

तो आइए आज हम खजूर से होने वाले ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में जानते हैं।

कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए खजूर वरदान की तरह है। इन्हें रातभर पानी में रखकर सुबह सिरप की तरह हो जाने पर खाने से अधिक लाभ होता है। खजूर में सॉल्युबल फाइबर होते हैं। जिनकी मदद से खाने का मूवमेंट बेहतर तरीके से होता है, इससे कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

हड्डियां होती है मजबूत
खजूर कई तरह के मिनरल्स से भरपूर होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव करता है। इसमें मौजूद कॉपर, सेलेनियम, मैंगनीज और मैग्नीशियम स्वस्थ हड्डियों के विकास में मदद करते हैं।उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होने पर खजूर फायदेमंद साबित होते हैं।
एनीमिया से लड़ने में मदद
आज की जनरेशन में खासतौर पर महिलाओं में एनीमिया की समस्या बेहद आम होती जा रही है। एनीमिया से पीड़ित लोग खून भी नहीं दे सकते हैं। अगर आप भी ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं तो खजूर आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।खजूर में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है, जो खून में हीमोग्लोबीन के स्तर में सुधार करता है। इससे एनीमिया से पीड़ित मरीजों में ताकत और ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे थकान और सुस्ती भी दूर होती है।
एलर्जी से करता है बचाव
जैसे ही मौसम बदलता है कई लोगों को सर्दी-जुकाम होने लगता है। कुछ लोगों को धूल में मौजूद पराग कणों से भी एलर्जी होती है। इस तरह की एलर्जी को सीजनल एलर्जी कहा जाता है। खजूर में आर्गेनिक सल्फर होता है, जो आमतौर पर सभी फलों में नहीं पाया जाता है। मगर सल्फर कई तरह की एलर्जिक रिएक्शंस और सीजनल रिएक्शंस को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए सल्फर की कमी को पूरा करने के लिए खजूर को डाइट में शामिल करना चाहिए।
वजन बढ़ाने में करता है मदद
वजन कम करने और मोटापा घटाने के लिए तो कई तरह के नुस्खे दिए जाते हैं। मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें वजन बढ़ाना होता है, पर उनके लिए कोई ख़ास टिप्स मौजूद नहीं होते हैं। तो चलिए आज हम ही आपकी थोड़ी मदद कर देते हैं। खजूर में शुगर, प्रोटीन और कई आवश्यक विटामिन्स होते हैं। इसे ककड़ी के पेस्ट के साथ खाने से वजन बैलेंस्ड रहता है। 1 किलोग्राम खजूर में 3000 कैलोरी होती है, इन्हें डाइट में शामिल करके आप दुबलापन, कमजोरी और अन्य समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

बनी रहती है ऊर्जा
सुबह-सुबह जिम में वर्कआउट करते वक्त थकान हो जाना या फिर दिन में खाना खाने के बाद सुस्ती या आलस महसूस होना बेहद आम बात है। ऐसे समय में खजूर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनमें ग्लूकोज, फ्रूक्टोज और सुक्रोस जैसे शुगर एलिमेंट मौजूद होते हैं। इसे दोपहर में क्विक स्नेक की तरह लेने से सुस्ती भाग जाती है। साथ ही एक्सरसाइज आदि करते वक्त 2-3 खजूर मुँह में डालने से आप एक बार फिर ऊर्जा से भरपूर महसूस करने लगते हैं।

दिमाग होता है तेज
खजूर में मौजूद विटामिन्स नर्वस सिस्टम के स्वस्थ क्रियान्वन में मदद करते हैं। इसमें पोटेशियम की मौजूदगी नर्वस सिस्टम को और भी रेस्पॉन्सिव बनाती है और दिमाग को भी अधिक एक्टिव और अलर्ट बनाती है। बढ़ती उम्र के साथ दिमाग और नर्वस सिस्टम दोनों ही कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में खजूर आपके बहुत काम आते हैं। साथ ही आप तीव्र बुद्धि के लिए भी इनका सेवन कर सकते हैं।

दिल संबंधी रोगों को भी करता है दूर
खजूर आपके दिल का भी ध्यान रखते हैं। खजूर को रातभर भिगोकर रखने के बाद सुबह क्रश करके खाने से दिल मजबूत होता है। इसमें मौजूद पोटेशियम, हार्ट स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी रोगों के खतरे को कम करता है। यह दिल का दौरा और स्ट्रोक आदि को बढ़ावा देने वाले एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखता है। हफ्ते में दो बार खजूर खाने से दिल पूरी तरह स्वस्थ रहता है।

सेक्सुअल वीकनेस होती है कम
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि खजूर सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मुट्ठीभर खजूर को बकरी के ताजे दूध में भिगोकर सुबह इस मिश्रण को इलायची और शहद के साथ पीसकर खाने से यह सेक्सुअल डिसऑर्डर्स से लड़ने में टॉनिक की तरह काम आता है।

हैंगओवर में भी मदद करता है खजूर
हैंगओवर को दूर करने के लिए नींबू पानी तो आपने कई बार पिया होगा। मगर इस बार हैंगओवर होने पर खजूर खाकर देखिएगा, आपको फायदा जरूर मिलेगा। हाँ इसके लिए आपको उन्हें रातभर भिगोकर रखना होगा। इतना ही नहीं, नशे की अवस्था में होने पर भी खजूर खाने से राहत मिलती है।

कैंसर से राहत
कुछ रिसर्चों के अनुसार खजूर खाने से पेट के कैंसर का रिस्क और प्रभाव कम होता है। खजूर के बारे में एक अच्छी बात यह है कि यह सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए लाभदायक होता है। इनसे कोई नुकसान भी नहीं होता है

गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

रोज सुबह खाली पेट जीरे वाला पानी पीने से होंगे अद्भुत चमत्कार

रोज सुबह खाली पेट जीरे वाला पानी पीने से होंगे अद्भुत चमत्कार


जीरा खाने को स्वाद देने वाला मसाला है. जीरा एक ऐसा मसाला है तो हर भारतीय की किचन में मिल जाता है. ये केवल एक मसाला ही नहीं बल्कि जीरे से स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं. अभी तक आप जीरे को केवल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही इस्तेमाल करते आए होंगे. आज हम आपको जीरे से होने वाले स्वास्थ्य लाभ बता रहे हैं. जीरे में कई ऐसे गुण होते हैं जो आपको कई बीमारियों से बचाते हैं. जीरे का पानी पीने से आपको कई बीमारियों से छुटकारा मिलेगा. चलिए जानते हैं कैसे बनाना है जीरे वाला पानी.

ऐसे बनाए जीरे वाला पानी :  रात को एक ग्लास साफ़ पानी में दो चम्मच जीरा भिगो दें और सुबह इस पानी को गैस पर उबाल लें. पानी ठंडा होने के बाद आप इसे पी सकते हैं. आप हर रोज जीरे का पानी पी सकते हैं. जीरे के पानी को पीने से आपको बहुत से फायदे होंगे. जीरे वाला पानी आपके वजन को कम करने में सबसे ज्यादा मदद करता है. चलिए जानते हैं जीरे के पानी से और क्या-क्या फायदे होते हैं .
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जीरे के पानी के फायदें

1. सुबह जीरे वाला पानी पीने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता हैं.

2. रोज सुबह जीरे का पानी पीने से मांसपेशियों का दर्द खत्म होता है.

3. ब्लड प्रेशर के मरीज अगर रोज जीरे वाला पानी पियेंगे तो उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रित स्थिति में रहता हैं.

4. स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है जीरे वाला पानी. जीरे वाले पानी से स्किन हेल्दी रहती है.

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5. कब्ज और एसिडिटी के लिए भी फायदेमंद है जीरे वाला पानी.

6. वजन घटाने में भी मदद करता है. रोज सुबह खाली पेट जीरे वाला पानी पीने से शरीर की चर्बी कम होती है.

7.  जीरे का पानी बॉडी के ग्लूकोज लेवल कण्ट्रोल करने में मदद करता हैं. जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें रोज सुबह जीरे का पानी पीना चाहिए

गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

शहद में मिलाकर खाएं लहसुन, तेजी से घटेगा मोटापा

शहद में मिलाकर खाएं लहसुन, तेजी से घटेगा मोटापा


वैसे तो रोज लहसुन खाने के कई फायदे हैं। लेकिन लहसुन को अगर शहद के साथ खाएं तो इसके हेल्थ बेनिफिट्स और बढ़ जाते हैं. इस कॉम्बिनेशन को रोज सुबह खाली पेट खाने से मोटापा तेजी से कम होने लगता है. शहद के साथ लहसुन खाने के 7 फायदे

मोटापा करे कम – लहसुन में शहद मिलकर खाने से फैट बर्निंग की प्रोसेस तेज होती है जिससे मोटापा ख़त्म होता है और वजन कम होता है.
दिल की बिमारियों में – इससे कोलेस्ट्रोल कम होता है. कोलेस्ट्रोल हमारे शरीर में रक्त को मोटा करता है जिससे हमारे शरीर में हार्ट के रोग होने शुरू हो जाते हैं और सबसे खतरनाक रोग हार्ट अटैक भी आ सकता है, तो लहसून के साथ शहद मिलकर खाने से शरीर में दिल की बिमारियों का खतरा कम हो जाता है
किडनी लीवर में – इससे बॉडी के टोक्सिंस दूर होते हैं यह किडनी, लीवर प्रॉब्लम से बचाता है.

स्किन में – इसमें मौजूद एंटीओक्सिडेंटस स्किन सेल्स को रिजनरेट करते हैं. इससे स्किन की चमक बढती है और पिंपल्स दूर होते हैं
शरीर की कमजोरी – इन दोनों में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं इससे कमजोरी दूर होती है बॉडी को एनर्जी मिलती है

कब्ज में – लहसुन और शहद दोनों में फिबेर्स होते हाँ इससे कब्ज जैसी पेट की प्रॉब्लम दूर होती है.

सर्दी खांसी – लहसून में शहद मिला कर खाने से बॉडी की इमुनिटी बढती है. यह सर्दी- खांसी जैसे इन्फेक्शन से बचाता है

शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

90% लोग नही जानते की कब दही ज़हर बन जाता है, जाने दही कब और क्यों खाना चाहिए

90% लोग नही जानते की कब दही ज़हर बन जाता है, जाने दही कब और क्यों खाना चाहिए


आज हम आपको बताएँगे दही क़ब, कैसे और क्यों सेवन करना चाहिए। दूध जैसे डेयरी प्रॉडक्ट खाने की अक्सर खाने को कहा जाता है। लोग दही को अपने खाने में शामिल करते हैं लेकिन इसके सेवन का सही समय भी होना बहुत जरूरी है। रात के समय खाना खाने के बाद कोई शारीरिक काम नहीं करते हम जिससे दही पचने की बजाए शरीर में कफ बनना शुरू हो जाता है इसके अलावा भी शरीर में बहुत नुकसान हो जाते हैं रात को दही खाने से ।

रात के समय दही क्यों नही खाना चाहिए


पाचन क्रिया :
रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते है। जिससे दिक्कत बढ़ने लगती है।

खांसी और जुखाम :
रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है।

सूजन :
शरीर में कुछ हिस्सों में अगर सूजन है तो रात के समय दही कभी न खाएं। इससे सूजन कम होने की बजाए बढ़ जाएगी।

गठिया या जोड़ों का दर्द :
गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा।

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दही कब, क्यों और कैसे खाना चाहिए

दही खाने का सबसे बढ़िया समय सुबह का है। हाथों पैरों की जलन, पेट की इंफैक्शन, अपच, भूख न लगना, कमजोरी के अलावा और भी बहुत से शिकायतें सुबह दहीं खाने से दूर हो जाती हैं। नाश्ते में दही की एक कटोरी में शक्कर मिलाकर खाने से खून की कमी दूर होती है।

दही को हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करना फायदेमंद होता है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।

दही में प्रोटीन की क्वालिटी सबसे अच्छी होती हैं। दही जमाने की प्रक्रिया में बी विटामिनों में विशेषकर थायमिन, रिबोफ्लेवीन और निकोटेमाइड की मात्रा दुगुनी हो जाती है। दूध की अपेक्षा दही आसानी से पच जाता है। दही, जिसे हम आये दिन प्रयोग में लाते हैं, हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में बहुत लाभकारी होती है | ऐसा कहा जाता है कि मनुष्य पिछले लगभग 4000 वर्षों से दहीं का इस्तेमाल कर रहे हैं | दही में उपस्थित कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाते हैं | दही को अलग-अलग तरह से प्रयोग में लाकर हमें निम्नलिखित 16 तरह के स्वास्थ्यप्रद लाभ मिल सकते हैं | कृपया ध्यान दें कि सर्दी या खांसी होने पर, अथवा अगर आप अस्थमा के रोगी हैं तो दही का प्रयोग ना करें

दही के 8 फायदे :

अनिद्रा :
रात में नींद न आने की परेशानी हो तो रोज खाने के साथ एक कटोरी दही का सेवन करें। धीरे-धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी।

पाचन सकती बढ़ता है :
दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है तब उसकी शुगर एसिड में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है। जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है।
पेट की गर्मी दूर करते है : 
दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है।

पेट के रोग :
अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही के नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं।

दिल के रोग :
दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखती है।
हड्डियों की मजबूती : 
दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।

जोड़ो का दर्द : 
हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है।

बवासीर :
बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है।

रविवार, 26 नवंबर 2017

रोज़ाना एक गिलास पानी में चुटकीभर काली मिर्च मिलाकर पीने के अद्भुत फ़ायदे

रोज़ाना एक गिलास पानी में चुटकीभर काली मिर्च मिलाकर पीने के अद्भुत फ़ायदे


काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जो स्वाद के साथ ही औषधिय गुणों से भी भरपूर है। इसे सलाद, कटे फल या दाल शाक पर बुरक कर उपयोग लिया जाता है। इसका उपयोग घरेलु इलाज में भी किया जा सकता है। काली मिर्च खाने के बड़े ही फायदे हैं, (ब्लॅक पेपर) के कई घरेलू नुस्खे और उपाय हैं, जिससे आपको कई बीमारियो और समस्याओं में बहुत लाभ मिलता हैं। काली मिर्च के तीखे स्वाद के कारण इसका बहुत ही कम इस्तेमाल किया जाता हैं, लेकिन अनेक प्रकार की बीमारियो में काली मिर्च का इस्तेमाल घरेलू नुस्खे के तौर पर किया जाता हैं। पेट, स्किन और हड्डियो से जुड़ी प्रॉब्लम्स को डोर करने में काली मिर्च बहुत ज़्यादा असरदार होती हैं। आज जाँएंगे की इसका कैसे और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करके रोगो को दूर किया जा सकता हैं।

काली मिर्च खाने के स्वाद को बढ़ाने का काम करती है|पर क्या आपको पता है की काली मिर्च ना सिर्फ आपके खाने के स्वाद को बढ़ाती है बल्कि आपकी सेहत का भी विशेष ख्याल रखती है|आयुर्वेद में काली मिर्च को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है|कई बीमारियों के इस्तेमाल में काली मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है| काली मिर्च का पानी पीने से शरीर को हर बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है|अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो रोज़ाना एक गिलास पानी में काली मिर्च को मिलाकर पिए, इसे पीने से आपका शरीर कई बीमारियों से बचा रहेगा।
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काली मिर्च को पानी में मिलाकर पीने के 4 फ़ायदे :

  • एक गिलास गर्म पानी में थोड़ी सी काली मिर्च डालकर पीने से बॉडी की इम्युनिटी पावर बढ़ती है|इसके अलावा ये हमारे बॉडी सेल्स को पोषण देने का काम भी करती है। इससे शरीर स्वस्थ बना रहता है।
  • काली मिर्च के पानी को पीने से बॉडी को भरपूर पोषण मिलता है| इसके अलावा इस पानी के सेवन से हमारे शरीर में होने वाली पानी की कमी दूर हो जाती है|गर्म पानी के साथ कालीमिर्च के सेवन से स्किन हाइट्रेट होती है|साथ ही शरीर में पानी की कमी ना होने से थकान का अनुभव भी नहीं होता है।
  • काली मिर्च के पानी का सेवन करने से हमारी बॉडी का स्टेमिना मजबूत बनता है|इसके अलावा इसके सेवन से बॉडी का मेटॉलिज्म लेवल भी बढ़ता है। जिससे शरीर को मजबूती मिलती है।
  • अगर आपको कब्ज़ की समस्या है तो काली मिर्च का सेवन गर्म पानी के साथ करने से आपको इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इसके सेवन से हमारे शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है जिससे बवासीर और कब्ज जैसे रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।

काली मिर्च के अन्य अद्भुत फायदे :

  • उम्र बढ़ने के साथ ही होने वाला गठिया रोग काली मिर्च का इस्तेमाल बहुत ही फयदेमंद होता हैं। इसे तिल के तेल में जलने तक गरम करे। उसके बाद इस तेल को ठंडा होने पर दर्द वाली जगह आदि पर लगाए आपको बहुत ही आराम मिलेगा।
  • जंक फुड के कारण बवासीर की समस्या आजकल ज़्यादातर लोगो को रोग कर रही हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए जीरा, काली मिर्च और चीनी या मिशरी को पीस कर एक साथ मिला ले। सुबह-शाम दो से तीन बार इसे लेने से बवासीर में राहत मिलती हैं।
  • पेट दर्द का कारण सिर्फ़ खराब ख़ान-पान ही नही होता हैं, बल्कि कीड़े भी इसकी वजह हो सकते हैं। इससे भूख कम लगती हैं और वजन तेज़ी के साथ घटने लगता हैं। इन्हे डोर करने के लिए च्छच्छ में काली मिर्च का पाउडर मिला कर पिए इसके अलावा काली मिर्च को किसमिस के साथ मिला कर खाने से भी पेट के कीड़े दूर होते हैं।
  • त्वचा पर कहीं भी फुंसी उठने पर, काली मिर्च पानी के साथ पत्थर पर घिस कर अनामिका अंगुली से सिर्फ फुंसी पर लगाने से फुंसी बैठ जाती है।
  • काली मिर्च को सुई से छेद कर दीये की लौ से जलाएं। जब धुआं उठे तो इस धुएं को नाक से अंदर खीच लें। इस प्रयोग से सिर दर्द ठीक हो जाता है। हिचकी चलना भी बंद हो जाती है।
  • ब्लड प्रेशर लो रहता है, तो दिन में दो-तीन बार पांच दाने कालीमिर्च के साथ 21 दाने किशमिश का सेवन करें।
  • काली मिर्च 20 ग्राम, जीरा 10 ग्राम और शक्कर या मिश्री 15 ग्राम कूट पीस कर मिला लें। इसे सुबह शाम पानी के साथ फं।क लें। बावासीर रोग में लाभ होता है।
  • आधा चम्मच पिसी काली मिर्च थोड़े से घी के साथ मिला कर रोजाना सुबह-शाम नियमित खाने से नेत्र ज्योति बढ़ती है।
  • काली मिर्च 20 ग्राम, सोंठ पीपल, जीरा व सेंधा नमक सब 10-10 ग्राम मात्रा में पीस कर मिला लें। भोजन के बाद आधा चम्मच चूर्ण थोड़े से जल के साथ फांकने से मंदाग्रि दूर हो जाती है।
  • शहद में पिसी काली मिर्च मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से खांसी बंद हो जाती है।
  • बुखार में तुलसी, कालीमिर्च तथा गिलोय का काढ़ा लाभ करता है।
  • चार-पांच दाने कालीमिर्च के साथ 15 दाने किशमिश चबाने से खांसी में लाभ होता है।
  • कालीमिर्च सभी प्रकार के संक्रमण में लाभ देती है।
  • हर साल अप्रैल के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में निम के कोमल 7 ताजा पत्ते, 7 कालिमिर्ची और चुटकी भर सेंधा नमक पानी डालकर पीसकर 5 चम्मच पानी में घोलकर सुबह भूखे पेट एक बार एक दिन में पियें। इसके बाद 2 घंटो तक कुछ न खाएं। यह एक व्यक्ति की खुराक हैं ऐसे लेने से साल भर बुखार नहीं आएगा। हर साल इसी तरह लेते रहे और बुखार से बचें रहे।
  • कालिमिर्ची में मौजूद पाईपरिन नामक तत्व कीटाणुनाशक होता हैं। यह मलेरिया और वायरस जैसे ज्वरो के विषाणुओं को नष्ट कर देता हैं। 60 ग्राम पीसी हुई कालिमिर्ची 2 ग्लास पानी में इतना उबालें की आधा ग्लास पानी रह जाये फिर इसे छानकर हर 4 घंटे से उसके 3 भाग करके पियें। इससे मलेरिया बुखार ठीक हो जाता हैं।
  • सिर में डेंड्रफ और खुजली के वजह से बाल गिरते हो तो कालिमिर्ची, प्याज, नमक सबको पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। बालो का झड़ना बंद हो जायेगा।

शनिवार, 18 नवंबर 2017

सिर्फ एक चीज से दूर होगी महिलाओं की सभी समस्याएं

सिर्फ एक चीज से दूर होगी महिलाओं की सभी समस्याएं


आजकल महिलाओं को कोई भी समस्यां हो वो तुरंत उसके लिए दवाइयों का सहारा लेती है। आपको आज के टाइम में ऐसी कोई महिला नहीं मिलेगी जो दवाई न लेती हो। महिलाओं को ऐसी बहुत सी प्रॉब्लम होती है जिसका सही समय पर इलाज न होने पर वो किसी बड़ी बीमारी का रुप ले लेती है। वैसे तो लहसुन का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है लेकिन इससे महिलाओं की कई तरह की समस्याएं दूर हो सकती है। रोजाना केवल एक लहसुन का सेवन करने से आप कई तरह बीमारियों से छुटकारा पा सकते है और इसके लिए आपको दवाइयों का सहारा भी नहीं लेना पड़ेगा।

1. कब्ज की समस्या :
बहुत सी लड़कियों को कब्ज की समस्यां होना आम बात है लेकिन ज्यादातर लड़कियां ये बात किसी से कह नहीं पाती। जिसके कारण उनकी ये समस्यां किसी बड़ी बीमारी का रुप ले लेती है। रोजाना एक लहसुन की कली को शहद में मिला कर खाने से शरीर के विषाक्त पदार्थों बाहर निकल जाएंगे और आपकी कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।
2. पैरों की झनझनाहट :
पैरों में झनझनाहट होने पर आप इसे छोटी सी प्रॉब्लम समझ कर इसे इग्नोर कर देते है। लहसुन में मौजुद प्रोटीन, वसा, कार्बोज, खनिज पदार्थ नसों की झनझनाहट की समस्यां दूर हो जाती है। रोजाना एक लहसुन की कली खाने से बार-बार पैरों में झनझनाहट होनी बंद हो जाएगी। इसके अलावा इसे सूखा कर पाउडर बनाने के बाद पानी में डाल कर टैगोर भी कर सकते है।
3. ब्लड प्रैशर :
आज के समय में ब्लड प्रैशर की समस्यां ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार हाई बल्ड प्रैशर होने पर खाली पेट लहसुन का सेवन करने से इस समस्यां से छुटकरा पाया जा सकता है। ये ब्लड सर्कुलेशल को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा लहसुन खाना दिल के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

4. इम्युन सिस्टम मजबूत :
शरीर की ज्यादातर बीमारियां इम्यून सिस्टम के कमजोर होने पर होती है। रोजाना खाली पेट एक लहसुन का पेस्ट बनाकर नींबू और शहद मिला कर खाने से इम्यून सिस्टम तो ठीक रहता ही है साथ ही इससे कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में होता है। लहसुन इन दोनों को बूस्ट करके शरीर से बीमारियों को दूर रखता है।

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

पेट पानी की तरह साफ़ करना चाहते है तो रोज सुबह करें ये अद्भुत उपाय

पेट पानी की तरह साफ़ करना चाहते है तो रोज सुबह करें ये अद्भुत उपाय


हम आपको  एक ऐसी समस्या के निदान के बारे में बताएँगे जो लगभग 70% लोगों को होती है वो है पेट से जुड़ी समस्या क़ब्ज़ की जिससे सुबह पेट अच्छे से साफ़ नही होता तो दिन भर निकलना मुश्किल हो जाता है। सुबह जब तक पेट खुल कर साफ़ न हो तब तक व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक शांति नहीं मिलती और इसके साथ साथ पेट खुल कर साफ़ न होने से आपको कब्ज की समस्या भी उतपन हो सकती है।

ऐसे में आपको बहुत अधिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है क्योंकि जब किसी का पेट खराब हो जाता है या उसे कब्ज हो जाती है तो बहुत सारे शारीरिक समस्या लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता हैं।
ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हमारा पूरा शरीर पेट पर ही आधारित होता है अगर पेट में कही कोई भी छोटी बड़ी समस्या आ जाये तो आपको उसके लिए तुरंत कोई न कोई अच्छा सा उपाय जरूर कर लेना चाहिए ताकि आपको शारीरिक समस्या का सामना न करना पड़े।
लेकिन आज आपको सभी लोग तरह तरह के उपाय बताते है लेकिन उनका आपके पेट के ऊपर कोई भी असर नहीं पड़ता ऐसे में आप ये सोच लेते है की घरेलु उपाय काम नहीं करता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होता अगर हम सही घरेलु उपाय का इस्तेमाल करते है तो आपके खुल कर पेट साफ़ न होने की सभी समस्या पहले दिन के इस्तेमाल से ही समाप्त हो जाती है और आप खुल कर सुबह अपना पेट साफ़ कर सकते हैं। तो चलिए जानते है की कैसे हम घरेलु उपाय को घर पर बनाते है।
आवश्यक सामग्री :
  • 3-5 ग्राम त्रिफला पाउडर
  • एक चम्मच शहद
  • एक गिलास गरम पानी
बनाने की विधि और सेवन का तरीका : 
रात को सोने से पहले 1 चम्मच शहद में 3-5 ग्राम त्रिफला पाउडर को 1 गिलास गर्म पानी के साथ मिलकर इसका सेवन करना है ऐसा करने से पहले दिन से आपको कब्ज में आराम देखने को मिलता है और आपके पेट के सभी रोग समाप्त हो जाते है। इसीलिए पेट की समस्या या कब्ज की समस्या के रोगी को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। आपका पेट सुबह पानी की तरह साफ़ और हल्का हो जाएगा।

सोमवार, 13 नवंबर 2017

जानिए भोजन के बाद सौंफ खाने के है इतने सारे फायदे

जानिए भोजन के बाद सौंफ खाने के है इतने सारे फायदे


स्‍वस्‍थ शरीर के लिए यह जरूरी है की आपका पाचन सही हो, यदि पाचन तंत्र में कोई गड़बड़ी होती है तो हमारे शरीर में तमाम तरह की समस्‍याएं आने लगती हैं जैसे गैस की समस्या, एसिडिटी, कब्‍ज, डायरिया, अपच आदि। मगर कुछ घरेलु नुस्खों को अपनाकर आप अपने पेट को गैस, अपच जैसी बीमारियों से बेहद आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। यदि आप खाना खाने के बाद कुछ खास चीजों का सेवन से आपका स्वास्थ्य और पेट दोनों को एकदम दुरुस्त रख सकते है।

अक्सर हम जब भी किसी रेस्तरा से खा कर निकलते है तो हम सौंफ खाते है, आप कहते तो जरूर है मगर क्या आपने सोचा है की सौंफ ही क्यू दिया जाता है, उसके अलावा कुछ और क्यो नहीं। इसके पीछे एक बड़ी वजह है, असल मे इससे हमारा पाचन शक्ति मजबूत होता है, मुंह की दुर्गंध कम होता है। सांस और ह्दय संबंधी बीमारी से भी छुटकारा मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार सौंफ को खाना खाने के बाद हर हाल में लेना चाहिए क्योंकि यह शरीर में वजन कम करने में भी मददगार साबित होता है। कहा जाता है की सौंफ के साथ मिश्री लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि सौंफ में विटामिन सी, पोटेशियम, मैंगनीज, लोहा, फोलेट और फाइबर शामिल है।

सौंफ खाने के फायदे जानकार आप भी हैरान हो जायेंगे क्योंकि इसमे इतनी सारी खूबिया है की आप इसे चाह कर भी मना नहीं कर पायेंगे।अगर देखा जाए तो इसमें जीवाणुरोधी और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पीड़ादायक मसूड़ों को शांत करने में सौंफ काफी सहायक होता है। बात करे तो सौंफ एक तरह से माउथ फ़्रेश्नर की तरह है, इससे मुंह की बदबू दूर होती है। सौंफ के बीज में अपच, सूजन और पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से पेट में दर्द और पेट के अंदर सूजन से राहत मिलती है।

आपको बता दे की सौंफ से पेशाब की रुकावट भी दूर होती है इसलिए कहा जाता है की सौंप की चाय पीने से पेशाब के रास्ते की सभी समस्या दूर हो जाती है। आंखों की सूजन कम करने के लिए भी सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है। सर्दी-खांसी, फ्लू और साइनस से श्वसन तंत्र के संक्रमण से राहत दिलाने में भी यह मददगार साबित होता है। आपको बता दे की यह पोटेशियम का अच्छा स्त्रोत है, बीपी को कम करता है। विटामिन सी एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, यह ह्दय रोग से बचाता है। यह भूख को कम करता है, सौंफ का ताजा बीज प्राकृतिक वसा नाशक के रूप में कार्य करता है इसलिए इसके इस्तेमाल से वजन घटता है।

रविवार, 12 नवंबर 2017

ठण्ड में इनके सेवन से होंगे फायदे, जरुर शेयर करें

ठण्ड में इनके सेवन से होंगे फायदे, जरुर शेयर करें


शीत ऋतू की शुरुआत हो चुकी है यदि इसमें खानपान का ध्यान रखा जाता है तो बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है सभी जानता है की ठण्ड में क्या खाने से शरीर गर्म रखा जा सकता है फिर भी कुछ चीजों के बारे में चौकाने वाली बातें जो आपके लिए लाभदायक है

बाजरा : यह शरीर को जबर्दस्त तरह से गर्म रखता है बच्चों को यह खिलाने से कफ नहीं होगा.
कारण : बाजरा में दुसरे अन्न के मुकाबले प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैग्नीज, फाइबर, विटामिन बी, भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं
अदरक : सभी जानते हैं कि अदरक से कफ, खांसी आदि का नाश होता है साथ ही पेट साफ़ भी रहता है
कारण : दरअसल अदरक में जिंजेराल नाम का ओलिओरेसिन कम्पौंड रहता है यही इसमें सबसे ज्यादा तीखापन लाता है और यही शीत से लड़ने में मदद करता है
शहद : शहद तर्जिनी या ऑर्डर फिंगर से जबान के अग्रभाग पर रखने मात्र से न्यूरोलॉजिकल बैलेंस हो जाता है
कारण : शहद में 75 फीसदी शर्करा होती है जो दिमाग को शांत करती है साथ ही इसमें प्रोटीन, एल्ब्यूमिन, एंजाइम, आयोडीन, लोहा, तांबा, पोटेशियम, विटामिन पाया जाता है

लहसुन : यह शीत में पेट साफ़ रखने के साथ साथ शरीर को गर्म रखता है कफ़ होने पर खाली पेट लहसुन खाने से लाभ होगा
कारण : इसका तीखापन पूरे शरीर में पसीना ला देता है, पसीना अपने आप में एक गंदगी है जो इससे दूर होती है इसके सेवन से मल साफ़ होता है जबकि शीत में कब्ज़ की शिकायत अधिकांश लोगों को रहती है इसमें एल्लिसिन नामक एंटीबायोटिक होता है जो बहुत से रोगों से बचाव करता है

मूंगफली : मूंगफली के सेवन से ठण्ड के दिनों में भी त्वचा कोमल और नर्म बनी रहती है
कारण : यह ओमेगा 6 से भरपूर होती है यह कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होती है, जिससे हड्डियाँ दुरुस्त रहती है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तो यहाँ तक कहा है की मूंगफली के तत्व गर्मी देते हैं जो कुपोषण के शिकार बच्चों को बचाने में मदद करते हैं

शुक्रवार, 27 अक्तूबर 2017

शंख सिर्फ हिन्दू धर्म का पवित्र धार्मिक प्रतीक ही नहीं है बल्कि सेहत का खज़ाना भी है

शंख सिर्फ हिन्दू धर्म का पवित्र धार्मिक प्रतीक ही नहीं है बल्कि सेहत का खज़ाना भी है


शंख बजाने के अलावा इसमें रखा पानी कई बीमारियों में फ़ायदा करता है शंख में कैल्शियम और फास्फोरस के अलावा कई मिनरल्स होते हैं जो हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं शंख से जुड़े ऐसे हेल्थ बेनिफिट्स जिनके बारे में शायद आप भी नहीं जानते होंगे.

1. शंख बजाने से फेंफडे फैलते हैं अस्थमा और सांस से जुड़ी समस्याओं में फायदा होता है.
2. रेक्टल मसल्स सिकुड़ती और फैलती है इससे उनकी एक्सरसाइज होती है गैस्ट्रिक और पेट की कई प्रॉब्लम दूर होती है.
3. प्रोटेस्ट मसल्स की एक्सरसाइज होती है पर उनमे सूजन नहीं आती.
4. यूरिनरी ब्लैडर की एक्सरसाइज होती है और इनसे रिलेटेड बिमारियों से बचाव होता है.

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5. शंख बजाने से चेस्ट की मसल्स की टोनिंग होती है.
6. गले की मसल्स की एक्सरसाइज होती है. वोकल कार्ड और थाइरायड से जुडी प्रॉब्लम्स में फायदा होता है.
7. ब्रेन और पूरी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है. हेयर फॉल की प्रॉब्लम भी दूर होती है.
8. फेस की मसल्स की एक्सरसाइज होती है. झुर्रियों से बचाव होता है.
9. रातभर शंख में रखे पानी से सुबह स्किन की रेगुलर मसाज करे. स्किन डिजीज में फायदा होता है. इस रखे पानी में गुलाब जल मिलाकर बाल धोने से बाल काले, मुलायम और घने होते है. इसके अलावा इसको तीन चम्म्च सुबह खाली पेट पीने से कब्ज जैसी तकलीफों में फायदा होता है. और इसमें उतना ही सादा पानी मिलाकर आँखों को धोने से आँखें हेल्दी रहती है.
10. नहाने के बाद शंख को स्किन पर हल्के-हल्के रगड़ने से स्किन ग्लो करती है.

गुरुवार, 26 अक्तूबर 2017

रोज लें पालक का जूस, इन बीमारियों से रहेंगे दूर

रोज लें पालक का जूस, इन बीमारियों से रहेंगे दूर


पालक की पत्त‍ियों में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मिनरल्स, विटामिन और दूसरे कई न्यूट्रीएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते है। अगर पालक का पूरा फायदा चाहिए तो पालक का जूस पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। पालक के जूस में विटामिन ए, सी, ई, के और बी कॉम्प्लेक्स अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें मैगनीज, कैरोटीन, आयरन, आयोडीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम, फॉस्फोरस और आवश्यक अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं।

ये हैं वो कारण जिसकी वजह से दी जाती है पालक का जूस पीने की सलाह:


1. पालक में मौजूद कैरोटीन और क्लोरोफिल कैंसर से बचाव में सहायक हैं। इसके अलावा ये आंखों की रोशनी के लिए भी अच्छा है। पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है।

2. ये शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार है. इसके अलावा अगर आपको कब्ज की समस्या है तो भी पालक का जूस आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
3. पालक में विटामिन के की अच्छी मात्रा होती है. ऐसे में पालक का जूस पीने से हड्ड‍ियां मजबूत होती हैं।

4. अगर आपको त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है तो पालक का जूस पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. पालक का जूस पीने से त्वचा निखरी और जवान बनी रहती है.ये बालों के लिए भी अच्छा है।
5. गर्भवती महिलाओं को भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है. पालक का जूस पीने से गर्भवती महिला के शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है.
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शुक्रवार, 20 अक्तूबर 2017

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय


कब्ज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है यह छोटे से लेकर बड़े तक किसी को भी और कभी भी हो सकती है कब्ज एक ऐसी समस्या है अगर इससे छुटकारा नहीं पाया गया तो बहुत पेट में दर्द होता है तकलीफ होती है और यह असहनीय दर्द भी हो जाता है। कब्ज का इलाज आज हम आपको बताएंगे कि कब्ज का इलाज कैसे करें कब्ज एक आम समस्या बन गई है यह हर व्यक्ति को परेशान करती है जब किसी व्यक्ति का खाना पूरी तरह से पच नहीं पाता है तो उसे गैस की समस्या हो जाती है और गैस की समस्या होने पर ही कब्ज़ा का होना संभव होता है।

कब्ज से मतलब है, कि मल-त्याग न होना, मल-त्याग कम होना, मल में गांठें निकलना, लगातार पेट साफ न होना, रोजाना टट्टी नहीं जाना, भोजन पचने के बाद पैदा मल पूर्ण रूप से साफ न होना, मल त्यागने के बाद पेट हल्का और साफ न होना आदि को कब्ज कहते हैं।

क़ब्ज़ होने के कारण :

खानपान सम्बंधी गलत आदतें जैसे- समय पर भोजन न करना, बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन, मैदा आदि से बनाया गया मांसाहारी भोजन, भोजन में फाइबर की कमी, अधिक भारी भोजन अधिक खाना, शौच को रोकने की आदत, शारीरिक श्रम न करना, विश्राम की कमी, मानसिक तनाव (टेंशन), आंतों का कमजोर होना, पानी की कमी, गंदगी में रहना, मादक द्रव्यों का सेवन, एलोपैथी दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण, भोजन के साथ अधिक पानी पीने, मिर्च-मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे-पूरी-कचौड़ी, नमकीन, चाट-पकौड़े खाने, अधिक गुस्सा, दु:ख आलस्य आदि कारणों से कब्ज हो जाती है।
कब्ज और पेट की गैस के कुछ और भी कारण होते हैं जैसे कि हमारा खाने का सही ढंग से ना पचना खाना खाने के बाद बैठ जाना हल्का ना टहलना आदि कारण हो सकते हैं कब्ज को दूर करने के लिए हम यहां पर कुछ उपाय बता रहे हैं जिनको प्रयोग करके आप अपनी कब्ज को दूर कर सकते हैं।

कब्ज और पेट की गैस के 15 अचूक घरेलु उपाय :

धनिया : धनिया कब्ज तोड़ने में भी सहायता करता है। धनिये के चूर्ण से पुराना से पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है। इसके लिए 50 ग्राम धनिया, 10 ग्राम सोंठ, 2 चुटकी कालानमक तथा 3 ग्राम हरड़ लेकर सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़े से छानकर रख लेना चाहिए। इस चूर्ण को थोड़ी सी मात्रा में भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से लें। इससे कब्ज नष्ट होता है और मल भी खुलकर आने लगता है। इससे पेट का दर्द भी कम हो जाता है और आंतों की खुश्की भी दूर हो जाती है। इससे भूख खुलकर आती है। मलावरोध समाप्त हो जाता है। यदि पुराना कब्ज हो तो इस चूर्ण को लगातार 40 दिनों तक लेना चाहिए।कब्ज न रहने पर भी यह चूर्ण लिया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की हानि की संभावना नहीं होती है।
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त्रिफला (छोटी हरड़, बहेड़ा तथा आंवला) : त्रिफला का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में लेकर हल्के गर्म पानी के साथ रात को सोते समय लेने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) समाप्त होती है।

अजवायन : अजवायन 10 ग्राम, त्रिफला 10 ग्राम और सेंधानमक 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना 3 से 5 ग्राम इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से काफी पुरानी कब्ज समाप्त हो जाती है।
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मुनक्का : रोजाना प्रति 10 मुनक्का को गर्म दूध में उबालकर सेवन करने से लाभ मिलता है।

आंवला : सूखे आंवले का चूर्ण रोजाना 1 चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद ने से लाभ होता हैं। या फिर 1 चम्मच आंवले का चूर्ण शहद के साथ रात में लें।
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गिलोय : गिलोय का मिश्रण या चूर्ण 1 चम्मच गुड़ के साथ खाने से कब्ज दूर होती है।

लहसुन : पेट में गैस बनने पर सुबह 4 कली लहसुन की खाये इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और गैस दूर होती है।
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देशी घी : देशी घी में कालीमिर्च मिलाकर गर्म दूध में घी के साथ पीने से आंतों में रुका मल नरम और ढीला हो करके बाहर निकल जाता है।

दूध : 250 मिलीलीटर गाय का दूध, 250 ग्राम पानी और 5 कालीमिर्च साबुत लेकर आग पर चढ़ा दें और जब पानी जल जाये, तब उतारकर छान लें। इसमें मिश्री मिलाकर पीने से वायुगोला अर्थात गैस का दर्द मिट जाता है।

मुलहठी : मुलहठी 5 ग्राम को गुनगुने गर्म दूध के साथ सोने से पहले पीने से सुबह शौच साफ आती है।

नीम : नीम के सूखे फल को रात में गर्म पानी के साथ खाने से शौच खुलकर आती है।

ईसबगोल : ईसबगोल 6 ग्राम को 250 मिलीलीटर गुनगुने दूध के साथ सोने से पहले पी लें। कभी-कभी ईसबगोल की भूसी लेने से पेट फूल जाता है। ऐसा बड़ी आंतों में ईसबगोल पर बैक्टीरिया के प्रभाव से पैदा होने वाली गैस से होता है। इसलिए ध्यान रखें कि ईसबगोल की मात्रा कम से कम ही लें, क्योंकि ईसबगोल आंतों में पानी को सोखती है, जिससे मल की मात्रा बढ़ती है और मल की मात्रा बढ़ने से आंतों की कार्यशीलता बढ़ जाती है, जिससे मल ठीक से बाहर निकल आता है। ईसबगोल लेने के बाद दो-तीन बार पानी पीना चाहिए। इससे ईसबगोल अच्छी तरह फूल जाता है। इसलिए ईसबगोल रात को ही लेना चाहिए और खाने के तुरंत बाद लें।

सौंफ : सौंफ 50 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम को कूटकर छान लें। सुबह-शाम इसे 5-5 ग्राम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ लेने से लाभ होता है। या सौंफ का चूर्ण रात को खाकर ऊपर से पानी पीने से कब्ज दूर होती है।
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अंजीर : अंजीर 5 से 6 पीस को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, पानी को छानकर पीने से कब्ज में राहत मिलती है।

नींबू : नींबू का रस, 5 मिलीलीटर अदरक का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है।

क़ब्ज़ से बचने के लिए कैसा भोजन करे :
दालों में मूंग और मसूर की दालें, सब्जियों में कम से कम मिर्च-मसालें डालकर परवल, तोरई, टिण्डा, लौकी, आलू, शलजम, पालक और मेथी आदि को खा सकते हैं। आधे से ज्यादा चोकर मिलाकर गेहूं तथा जौ की रोटी खाएं। भूख से एक रोटी कम खाएं। अमरूद, आम, आंवला, अंगूर, अंजीर, आलूचा, किशमिश, खूबानी और आलूबुखारा, चकोतरा और संतरे, खरबूजा, खीरा, टमाटर, नींबू, बंदगोभी, गाजर, पपीता, जामुन, नाशपाती, नींबू, बेल, मुसम्मी, सेब आदि फलों का सेवन करें। दिन भर में 6-7 गिलास पानी अवश्य पीयें। मूंग की दाल की खिचड़ी खायें। फाइबर से बने खाने की चीजें का अधिक मात्रा में सेवन करें, जैसे- फजियां, ब्रैन (गेहूं, चावल और जई आदि का छिलका), पत्ते वाली सब्जियां, अगार, कुटी हुई जई, चाइनाग्रास और ईसबगोल आदि को कब्ज से परेशान रोगी को खाने में देना चाहिए।

क़ब्ज़ में परहेज़ :
तले पदार्थ, अधिक मिर्च मसाले, चावल, कठोर पदार्थ, खटाई, रबड़ी, मलाई, पेड़े आदि का सेवन न करें। कब्ज दूर करने के लिए हल्के व्यायाम और टहलने की क्रिया भी करें। पेस्ट्रियां, केक और मिठाइयां कम मात्रा में खानी चाहिए।

शनिवार, 14 अक्तूबर 2017

अगर हो जाएं मुंह में छाले तो अमरूद के ताजे पत्तों से करें दूर

अगर हो जाएं मुंह में छाले तो अमरूद के ताजे पत्तों से करें दूर


कब्ज और पेट की गर्मी के कारण अक्सर मुंह में छाले हो जाते हैं। छाले होने पर कुछ भी खाना-पीना व निगलना बहुत मुश्किल हो जाता हे। छाले जीभ पर हो जाएं तो बहुत असहनीय हालत हो जाती है। आयुर्वेद चिकित्सक ने बताया कि नारियल के तेल को पानी में मिलाकर गलगला करने से मुंह के छाले दूर होते हैं। मुंह के छाले दूर करने के और भी कई घरेलु उपचार हैं-  

1. सूखे पान के पत्ते का चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में तीन-चार बार चाटना चाहिए। 
2. शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर करें और लार को मुंह से बाहर टपकने दें।
3. छोटी हरड़ को महीन पीसकर छालों पर लगाने से मुंह तथा जीभ के छालों से निश्चित रूप से छुटकारा मिलता है। इसे दिन में दो तीन बार लगायें।
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4. पान लगाने वाले कत्थे को मुहँ के छालों में लगाने से जल्द लाभ मिलता है । 
5. अमरूद के ताजे पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से भी मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। 
6. दिन में तीन-चार बार शुद्ध घी या मक्खन को मुंह के छालों में लगाना चाहिए ।
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7. मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर छालों में लगाने से भी आराम मिलता है। 
8. नींबू के रस में शहद मिलाकर इसके कुल्ले करने से भी मुंह के छाले दूर होते हैं।
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रविवार, 8 अक्तूबर 2017

आपके लिए यह रामबाण नुस्खा बहुत काम का है , जानिये कैसे ?

आपके लिए यह रामबाण नुस्खा बहुत काम का है , जानिये कैसे ?


सुबह जब तक पेट खुल कर साफ़ न हो तब तक व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक शांति नहीं मिलती और इसके साथ साथ पेट खुल कर साफ़ न होने से आपको कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में आपको बहुत अधिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है क्योंकि जब किसी का पेट खराब हो जाता है या उसे कब्ज हो जाती है तो बहुत सारे शारीरिक समस्या लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता हैं।

ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हमारा पूरा शरीर पेट पर ही आधारित होता है अगर पेट में कही कोई भी छोटी बड़ी समस्या आ जाये तो आपको उसके लिए तुरंत कोई न कोई अच्छा सा उपाय जरूर कर लेना चाहिए ताकि आपको शारीरिक समस्या का सामना न करना पड़े।
लेकिन आज आपको सभी लोग तरह तरह के उपाय बताते है लेकिन उनका आपके पेट के ऊपर कोई भी असर नहीं पड़ता ऐसे में आप ये सोच लेते है की घरेलु उपाय काम नहीं करता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होता अगर हम सही घरेलु उपाय का इस्तेमाल करते है तो आपके खुल कर पेट साफ़ न होने की सभी समस्या पहले दिन के इस्तेमाल से ही समाप्त हो जाती है और आप खुल कर सुबह अपना पेट साफ़ कर सकते हैं।
तो चलिए जानते है की कैसे हम घरेलु उपाय को घर पर बनाते है और इसको बनाने के लिए जो आवश्यक सामग्री आपको चाहिए वह कुछ इस प्रकार है।
  • त्रिफला पाउडर
  • शहद
हमने रात को सोने से पहले शहद को त्रिफला पाउडर के साथ मिलाकर गर्म पानी के साथ इसका सेवन करना है ऐसा करने से पहले दिन से आपको कब्ज में आराम देखने को मिलता है और आपके पेट के सभी रोग समाप्त हो जाते है। इसीलिए पेट की समस्या या कब्ज की समस्या के रोगी को इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से मक्खन की तरह पिघल जाएगी कमर और पेट की चर्बी

सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से मक्खन की तरह पिघल जाएगी कमर और पेट की चर्बी


आज हम आपको जौ और जौ के पानी के फ़ायदों के बारे में बताएँगे। जौ एक किस्म का अनाज होता है जो देखने में गेंहू की तरह लगता है। जौ गेहूं की अपेक्षा हल्का होता है। जौ में लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, फॉस्फोरिक एसिड, पोटैशियम और कैल्शियम होता है। अगर आपके पेट और उसके आसपास अधिक चर्बी जमा हो गई हो तो जौ के पानी का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसको पीने से आपकी पेट की चर्बी कम होने लगती है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये, यह चर्बी कैसे कम करता है।

जौ की रोटी का इस्तेमाल अक्सर डायबिटिज मरीजो के लिए बेहतर माना जाता है। उनके शरीर के लिए यह बहुत ही फायदेमंद होता है। इस तरह की बीमारियों के अलावा और भी कई तरह की बीमारियां है जिसमे यह हमारे शरीर को बहुत फायदा करता है। और हमारे शरीर मे उन बीमारियो से लड़ने की क्षमता पैदा करता है। जौ में भरपूर मात्रा में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, सेलेनियम, जिंक, कॉपर, प्रोटीन, अमीनो एसिड, डायट्री फाइबर्स सहित कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो कि हमारी सेहत को काफी फायदा पहुंचाते है। इसका इस्तेमाल हम अनाज के रुप मे तो करते है हि साथ ही अगर इसका इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएं तो यह हमारे शरीर मे बहुत फायदा पहुंचाता है। यह कई बीमारियों से निजात दिलाने मे हमारी सहायता करता है।

जौ के पानी को तैयार की विधि :

इसके लिए आप कुछ मात्रा में जौ लगभग (100-250 ग्राम) ले लीजिए और उसे अच्छी तरह साफ कर लीजिए उसके बाद इसे करीब चार घंटे तक पानी में भिंगोकर छोड़ दीजिए। फिर इस पानी को तीन से चार कप पानी में मिलाकर धीमी आंच में कम से कम 45 मिनट तक उबाले। इसके बाद गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दे। जब यह ठंडा हो जाएं तो इसे एक बोतल में भरकर इसके पानी को पीने के लिये इस्तेमाल में लेवे, ये एक दिन का प्रयोग है यही प्रक्रिया रोजाना करे लाभ होगा। मोटापे से ग्रसित लोग कृपया जंक फूड को त्याग दे।

जौ को अनाज के रुप मे खाने के साथ-साथ इसके पानी पीने के और क्या-क्या है फायदें :

1. मोटापा, पेट और कमर की चर्बी घटाए :
वजन सबंधी परेशानी मे यह बहुत ही उपयोगी होता है। इसमें ऐसे तत्व पाएं जाते है। जिसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ते है। जौ मोटापे को कम करने मे उपयोगी होता है जिससे आप स्लिम नजर आ सकते है। 

कैसे कम करता है मोटापा : जौ घुलनशील और अघुलनशील फाइबर का स्रोत होता है। इस गुण के कारण आपको देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। दो लीटर पानी में दो बड़े चम्मच जौ डालकर उबालें। उबालने के वक्त ढक्कन को अच्छी तरह से लगा दें ताकि जौ के दाने अच्छी तरह से पक जायें। जब यह मिश्रण पानी के साथ घुलकर हल्के गुलाबी रंग का पारदर्शी मिश्रण बन जायें तो समझ जाना चाहिए कि यह पीने के लिए तैयार है, इसको छानकर रोज इसका सेवन करें। इसमें नींबू, शहद और नमक भी डाल सकते हैं। छिलके वाले में ज्यादा फाइबर होता है और पकाने में ज्यादा समय लगता है इसलिए बिना छिलके वाले पकाने में आसान हैं। और जौ-चने के आटे की चपाती के सेवन से भी पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।

2. यूरीनरी इंफेक्‍शन, डीहाइड्रेशन, शरीर के विषाक्त पदार्थ :
इस मिश्रण को पीने से पेट की चर्बी तो कम होगी साथ ही डीहाइड्रेशन की समस्‍या भी नहीं होगी। यह यूरीनरी इंफेक्‍शन के उपचार में भी मददगार है। यह कब्ज़ को दूर करने के साथ-साथ अमा दोष (आयुर्वेद के अनुसार पेट के विषाक्त अवांछित पदार्थ) से भी राहत दिलाता है। इस अनाज में मूत्रवर्द्धक गुण होता है जो विषाक्त पदार्थों के साथ शरीर के अतिरिक्त पानी को भी निकाल देता है।

3. ह्रदय की बीमारीयो में :
इसमें पाया जाने वाले तत्व कोलेस्ट्रॉल के लेवल को ठीक रहता है। जिसके कारण आपको दिल संबंधी किसी भी तरह की बीमारी नहीं होगी। दिल की बीमारी होने का मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होना होता है।

4. इम्यूनिटी सिस्टम बनाए मजबूत :
इसमें ऐसे तत्व पाए जाते है। जो कि आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकाल देता है। जिससे कि आपका इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत हो जाता है। साथ ही आपकी स्किन में निखार भी आता है। 

5. पेट मे जलन :
गर्मियों के मौसम में इसे पीने से ठंड़क मिलती है। अगर आपने तेज मसालेदार खाना खाया है जिसके कारण आपको पेट में जलन हो रही हो तो इसे दूर करने के लिए आप जौ के पानी का सेवन करे जिससे आपकी पेट की जलन मे काफी फायदा करता है।

6. पैरों की सूजन :
गर्भावस्था के दौरान महिला के पैरों में होने वाली सूजन को कम करता है। और उनके पैरो की सूजन से सबंधी परेशानी को दूर करता है।

7. यूरीन की समस्या :
अगर आपको यूरिन संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या है, तो जौ के पानी का सेवन करना काफी फायदेमंद साबित होता है। यह आपकी यूरीन सबंधी प्रोब्लम को दूर रखता है।

रविवार, 24 सितंबर 2017

किशमिश खाने के ये बेहतरीन फायदे आपको हैरत में डाल देंगे

किशमिश खाने के ये बेहतरीन फायदे आपको हैरत में डाल देंगे


अंगूर को एक विशेष प्रक्रिया के तहत सुखाकर किशमिश बनाया जाता है इसलिए इसमें वो सभी गुण पाए जाते हैं जो अंगूर में होते हैं. किशमिश का इस्तेमाल मुख्य रूप से मीठाई, खीर और दूसरी मीठी चीजों को सजाने या स्वाद के लिए किया जाता है. पर एक बेहतरीन स्वाद के अलावा ये सेहत का भी खजाना है.
  1. किशमिश खाना स्वास्थ्य के लिए वरदान है. खासतौर पर सर्दियों में इसके सेवन से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है:
  2. किशमिश के सेवन से कब्ज में फायदा होता है. अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसके सेवन से फायदा होगा.
  3. अगर आपका वजन बहुत कम है और आप वजन बढ़ाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो किशमिश का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा. इसमें पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता हैजिससे ताकत तो मिलती है ही साथ ही इसमें मौजूद तत्व वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं.
  4. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है. खून के निर्माण के लिए आवश्यक विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की आवश्यकता होती है. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है. ऐसे में खून की कमी होने पर किशमिश का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है.
  5. किशमिश कामेच्छा को प्रोत्साहित करने में भी कारगर है. यौन दुर्बलता को दूर करने के लिए भी किशमिश का सेवन किया जाता है.
  6. किशमिश में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूती देने का काम करते हैं. अगर आपको घुटने में दर्द की शिकायत है तो भी किशमिश का सेवन फायदेमंद होगा.

       7किशमिश में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के बहुत फायदेमंद होता है.
       8. रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी को पीना आपको कई तरह के फायदे देता है। कुछ दिनों तक 
           इसका नियमित सेवन कीजिए और कब्ज, एसिडि‍टी और थकान से बिल्कुल निजात पाइए।
      9. किशमिश का पानी प्रतिदिन पीना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो अधि‍क कोलेस्ट्रॉल लेवल के 
        कारण स्वास्थ्य समस्या का सामना करते हैं। यह आपके शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम     
         करने में मददगार है ।