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रविवार, 15 अक्तूबर 2017

गाड़ी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो जानिए आपकी राशि के हिसाब से है कौनसा रंग है शुभ

गाड़ी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो जानिए आपकी राशि के हिसाब से है कौनसा रंग है शुभ


गाड़ी लेने का सोच रहे हैं तो कुछ बातें आपको जरूर ध्यान में रखनी चाहिए। ज्योतिष विद्या के अनुसार हर किसी के लिए हर रंग शुभ नहीं होता है। अपनी राशि के अनुसार लिया हुआ वाहन ही आपको सुख देता है। जब आप अपनी गाड़ी पर बहुत सारा पैसा खर्च करते हैं और उसके बाद भी वो आपका साथ नहीं देती है और कभी भी खराब हो जाती है तब वो वाहन आपके लिए शुभ नहीं होता है। कई बार परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि वाहन के कारण किसी बड़ी दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है। इस परेशानी का कारण आपके ग्रहों के अनुकूल आपके वाहन का रंग ना होना हो सकता है। अगर इस धनतेरस में कोई वाहन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो अपनी राशि के अनुकूल वाहन खरीदें। जिससे आपका वाहन आपके लिए समृधि लाए।

आए दिन हो रहे हैं आपके वाहन से दुर्घटनाएं या रोज हो जाता है खराब, तो इस परेशानी की वजह हो सकती है राशि के अनुसार गाड़ी ना लेना।
मेष राशि के स्वामी मंगल देव होते हैं। मेष राशि वाले अगर वाहन लेने की सोच रहे हैं तो उनके वाहन के लिए लाल और मेहरुन रंग लेना शुभ होता है।

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र देव हैं, इनके लिए सफेद या सिल्वर रंग का वाहन लेना शुभ होता है।

मिथुन राशि वालों का शुभ रंग हरा और काला होता है, इनके लिए हरे और काले रंग का वाहन लेना सुखदायी होता है।
कर्क राशि वालों का स्वामी चंद्रमा होता है, इनके लिए सफेद, सिल्वर और क्रीम रंग का वाहन लेना शुभ होता है।

सिंह राशि वालों का स्वामी सूर्य होता है। इस अनुसार उनके लिए लाल, मेहरुन और भूरा रंग शुभ होता है।

कन्या राशि वालों के लिए हरे, काले या स्लेटी रंग के वाहन रखने शुभ होंगे।
तुला राशि वालों के लिए सफेद, चमकीले या सिल्वर रंग की गाड़ीयां लाभदायक होती है।

वृश्चिक राशि के अनुसार लाल, मेहरुन या चॅाकलेटी रंग की गाड़ीयां लाभकारी होती है।

धनु राशि वालों के लिए पीला, क्रीम या सफेद रंग शुभ माना गया है इसलिए धनु राशि वाले इस रंग के वाहन खरीदें तो उनको लाभ होगा।

मकर राशि के स्वामी शनि देव होते हैं और इस राशि वाले लोगों के लिए काला, नीला और भूरा रंग शुभ माना गया है। इस राशि वाले लोगों को इसी रंग के वाहन खरीदने चाहिए।

कुंभ राशि वालों को काले, नीले या जामुनी रंग के वाहन रखना चाहिए।

मीन राशि वालों के लिए पीला, सफेद, और क्रीम रंग भाग्यशाली रंग होता है।
कंगाल और मालामाल दोनों बना सकता है घर का झाड़ू , ध्यान रखे ये बातें

कंगाल और मालामाल दोनों बना सकता है घर का झाड़ू , ध्यान रखे ये बातें



कई बार हम जिन चीजों को बेहद मामूली समझ कर इस्तेमाल कर रहे होतें हैं.. वास्तव में वो हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं और उनका शुभ अशुभ प्रभाव हमारे लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसी ही एक सामान्य सी वस्तु हैं झाड़ू ..घरों में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और इस झाड़ू के कारण व्यक्ति करोड़पति और कंगाल दोनों बन सकता है। शकुन और अपशगुन शास्त्रों में झाड़ू का प्रयोग और उसको प्रयोग करने का समय तथा उसके प्रयोग करने की विधि को अत्यधिक महत्व दिया गया है। वास्तु के अनुसार झाडू से संबंधित कुछ मान्यताओ को अपनाने से परेशानियों से बचा जा सकता है। आज हम आपको झाड़ू से जुड़े कुछ ऐसे ही वास्तु टिप्स बता रहे हैं।

ज्योतिष और शास्त्रों की माने तो झाड़ू का गलत इस्तेमाल जहां एक तरफ दरिद्रता को न्यौता देता है वहीं उसका सही इस्तेमाल लक्ष्मी के लिए घर के द्वार खोल देता है। साथ ही झाड़ू का गलत समय पर किया गया इस्तेमाल घर में गरीबी और कंगाली लाता है दूसरी और झाड़ू का सही उपयोग एक आम व्यक्ति को करोड़पति भी बना सकता है।इसलिए आपको इससे जुड़े कुछ नियम और मान्यताएं हमेशा ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि..

1. भूलकर भी ना करें पैर से स्पर्श
हिंदू धर्म में झाडू को देवी लक्ष्मी का सूचक माना जाता है इसलिए कभी भी झाडू को पैर से नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है.. इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।साथ ही झाड़ू को ऐसे स्थान पर भी नही रखना चाहिए जहां जूते, चप्पल रखे हों।

2.  यहां रखें झाड़ू
घर में झाड़ू रखने के समय ये ध्यान रखना चाहिए कि झाड़ू कभी भी ऐसे स्थान पर ना हो जहां बाहरी लोगों की सीधी नजर उस पर पड़ें..इसे हमेशा छुपा कर रखना चाहिए। साथ ही ये भी ध्यान रहे कि इसे घर के ईशान कोण में नहीं रखनी चाहिए क्योंकि इससे देव आगमन में बाधाएं आती हैं और दुर्भाग्य स्वयं चलकर घर में प्रवेश करता है। झाड़ू को रखने का सबसे उचित स्थान घर का दक्षिण पश्चिम कोण बताया गया है।
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3. सूर्यास्त के बाद ना लगाएं झाड़ू
सूर्यास्त के पश्चात घर में झाडू नहीं लगाना चाहिए.. ऐसा करने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है।घर में झाड़ू लगाने का उचित समय दिन के पहले चार पहर बताए गए हैं। रात के चार पहरों में झाड़ू लगाने से दरीद्रता अपने पैर पसारती है।
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4 खड़ा करके कभी ने रखें झाड़ू
कई बार लोग घर में झाड़ू को खड़ा कर रख देते हैं लेकिन वास्तु की दृष्टि से ये बेहद हानिकारक है इससे घर में बेवजह कलह होता रहता है…साथ ही इससे भाग्य के मार्ग में अनेक बाधाएं आने लगती हैं तथा देवी लक्ष्मी रुष्ट होती हैं.. इसलिए झाड़ू को हमेशा लेटाकर ही रखें।

झाड़ू के इन उपायों से मिलता है सौभाग्य

1 मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किसी भी मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में तीन झाड़ुओं का गुप्त दान करें। साथ ही झाड़ू दान करने के पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देख लें। अगर उस दिन कोई शुभ योग, त्योहार हो तो इस दान की महत्ता बढ़ जाती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है।
2 आप अगर किसी नए घर में प्रवेश करें, तो ये ध्यान रहे कि नई झाड़ू लेकर ही घर के अंदर जाए.. यह शुभ शकुन माना जाता है.. इससे नए घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहेगी।

3 शनिवार वाले दिन नई झाडू का उपयोग करना शुभ माना जाता है।

शनिवार, 30 सितंबर 2017

अगर आप भी इस दिशा की तरफ पैर रखकर सोते हैं तो तुरंत बदल दें वरना हो जाएंगे गरीब

अगर आप भी इस दिशा की तरफ पैर रखकर सोते हैं तो तुरंत बदल दें वरना हो जाएंगे गरीब

sleeping direction according to vastu
शास्‍त्रों में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं जो आपकी रोज की दिनचर्या में फॉलोव करना बेहद जरूरी है इससे आपका पूरा दिन अच्‍छा गुजरता है साथ में कई सारी समस्‍याएं भी दूर रहती हैं। अच्छी सेहत के लिए पौष्ट‍िक आहार, योग-ध्यान के साथ-साथ नियमित दिनचर्या भी जरूरी है। दिनचर्या में सही वक्त पर नींद लेना भी शामिल है। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया है कि सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए? जब भी आप आराम करे मतलब सुबह या शाम या रात को सोये तो हमेशा दिशाओ का ध्यान रख कर सोये।


आज हम आपको उसी दिशा के बारे में ज्ञान कराने जा रहे हैं
दरअसल शास्‍त्रों के अनुसार इस दिशा में पैर रखकर सोना अच्‍छा माना जाता है। बताया गया है कि कभी भी व्‍यक्ति को मुख्‍य दरवाजे की ओर पैर रखकर नहीं सोना चाहिए ऐसा करने से घर से बाहर जाने का संकेत होता है। ऐसा व्‍यक्ति के मृत्‍यु के बाद उसे इस दिशा में लिटाया जाता है ऐसा करने से व्‍यक्ति का स्‍वास्‍थय और आयु दोनों में कमी आती है।

शास्‍त्रों में सोने की सबसे सही दिशा पूर्व व उत्‍तर
दिशा बताया गया है। पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोने से शरीर उर्जावान होता है और स्‍वास्‍थ्‍य भी सही रहता है। पूर्व और उत्‍तर की दिशा को सबसे सही दिशा माना गया है और यही से स्‍वर्ग का भी रास्ता जाता है। इस दिशा में सोने से मा‍नसिक तनाव से दूर रहता है। इस दिशा में सोने वाले व्‍यक्ति को सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए क्‍योंकि इसे सूर्य की दिशा भी माना जाता है और सूर्योदय के पूर्व न उठने से आपका पैर सूर्य की ओर होगा और ये सूर्य देवता का अपमान होगा।
  
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बताया जाता है कि पृथ्वी में चुम्बकीय शक्ति होती है। इसमें दक्षिण से उत्तर की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती है। जब हम दक्षिण की ओर सिर करके सोते हैं, तो यह ऊर्जा हमारे सिर ओर से प्रवेश करती है और पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है। ऐसे में सुबह जगने पर लोगों को ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती है। इसके विपरीत, दक्षिण की ओर पैर करके सोने पर चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करेगी है और सिर तक पहुंचेगी। इस चुंबकीय ऊर्जा से मानसिक तनाव बढ़ता है और सवेरे जगने पर मन भारी-भारी रहता है।

शास्‍त्रों के अनुसार एक पौराणिक कथा भी इससे जुड़ी है एक बार मां पार्वती जब स्‍नान कर रही थी तब भगवान गणेश द्वार पर खड़े थें उन्‍होंने भगवान शिव को अंदर न जाने दिया तो शिव जी ने गणेश जी का सिर काट दिया इससे मां पार्वती बहुत दुखी हो गई और उनके अनुरोध पर भगवान ने आदेश दिया की जो भी उत्‍तर दिशा की ओर सिर करके सोया हो उसका सिर ले आओ। उस समय हर कोइ शास्‍त्र के अनुसार सोता था तभी अचानक एक हाथी का बच्‍चा मिला जो उत्‍तर‍ दिशा की ओर सिर करके सो रहा था इसलिए उसका सिर लाकर गणेश जी को जीवित किया गया। इसलिए भूलकर भी उत्‍तर दिशा की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिए।