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गुरुवार, 3 मार्च 2022

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

आपको किसी तरह का कोई तनाव न हो। आपका मन शांत हो। आप सुकून महसूस करें। लेकिन अमूमन ये हो नहीं पाता। दिनभर चाहे आप दफ्तर में रहें, कॉलेज जाएं या घर के कामों में उलझे रहें… तनाव हो ही जाता है। तनाव यानी स्ट्रेस। ये तनाव आपको रात को सोने नहीं देता। ये आपको मानसिक और शारीरिक तरीके से नुकसान पहुंचाता है। अगर आप छोटी सी कोशिश करें तो तनाव को मिनटों में दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस एक तेज़ पत्ता चाहिए ।
 

तेज़ पत्ता हर किसी की किचन में बड़े ही आराम से मिल जाता है।


ये सिर्फ 5 मिनट में आपके तनाव को दूर करने की क्षमता रखता है। एक रशियन साइंटिस्ट ने इस पर स्टडी की और पाया कि यह हमारे तनाव को दूर कर सकता है। यही वजह है कि तेज पत्‍ते को अरोमाथैरेपी के लिये इस्‍तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, तेज़ पत्ता यह त्‍वचा की बीमारियों और सांस से संबन्‍धित समस्‍याओं को भी ठीक करने के लिये जाना जाता है।

कैसे करें इस्तेमाल :

एक तेज पत्‍ता लें और उसे किसी कटोरी या एैशट्रे में जला लें। अब इसे कमरे के अंदर लाकर 15 मिनट के लिए रख देंगे। आप पाएंगे कि तेज पत्‍ते की खुशबू पूरे कमरे में भर जाएगी। साथ ही आपको कमरे का माहौल काफी सुकून वाला लगेगा। ये आपको स्पा एक्सपीरियेंस देगा। कुछ देर इस कमरे में रिलेक्स होकर बैठ जाएं, आपको अपने अंदर सुकून बहता हुआ महसूस होगा और आपका तनाव कम होने लगेगा।

तेज पत्ते को जलाने के फायदे :

हमारा अच्छा , बुरा व्यवहार हमारे आस पास के वातावरण पर निर्भर करता है, हमारे आस पास की सुगंध–दुर्गन्ध हमारे व्यवहार को प्रभावित करती है | हमारे आस पास की नकारात्मक उर्जा हमारे अच्छे व्यवहार को बुरे व्यवहार की तरफ तब्दील कर देती है


आज हम आपको बताये गे प्राचीन काल से चला आ रहा नकारात्मक वायु के परभाव को कम करने वाला नुख्सा  तेज पत्ते को जलाने से आपके व्यवहार में हैरानीजनक बदलाव आ जायेगा 

तेज पत्ते को जलाने से निकलने वाला धुआं आपके आस पास के वातावरण को कुछ इस तरेह से बदल देगा के आपका और आपके आस पास के लोग का व्यवहार खुशमिजाज हो जायेगा  अपने घर में या अपने आप पास की किसी भी जगह पर तेज पत्ते को जलाये और इस का जादू देखें

तेज पत्ते के जलाने के फायदे बस यही पर ही ख़त्म नहीं होते तेज पत्ता प्राचीन काल से बिमारिओ को ठीक करने के लिए रामबाण माना जाता है आप इसको अपने खाने में पका सकते है तथा पानी में उबाल कर पी सकते है !

अच्छी नींद के लिए -

रात को सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है. तेजपत्ते के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है.
 

पेट के लिए -

अगर आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं तो आप तेजपत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं. पेट से जुड़ी कई समस्याओं में ये कारगर उपाय है. चाय में तेजपत्ते का इस्तेमाल करके कब्ज, एसिडिटी और मरोड़ जैसी समस्याओं से राहत पा सकते हैं.

डायबिटीज रोगियों के लिए -

तेजपत्ते का इस्तेमाल टाइप 2 डायबिटीज में करना फायदेमंद होता है. ये ब्लड शुगर के लेवल को सामान्य बनाए रखता है और दिल की क्रियाशीलता पर भी सकरात्मक प्रभाव डालता है. ऐसे में जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं उनके लिए इसका सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है.

पथरी में लाभदायक -

किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीने से किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं में फायदा मिलता है.

सर दर्द में -

दर्द में राहत के लिए भी तेजपत्ता एक कारगर उपाय है. तेजपत्ते के तेल से प्रभावित जगह पर मसाज करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा अगर तेज सिर दर्द हो रहा हो तो भी इसके तेल से मसाज करना अच्छा रहता है.
 

मिर्गी के रोगियों के लिए - 

तेज पत्ता Anti Inflammatory होता है, अगर आप मिर्गी के मरीज हो तो तेज पत्ते का धुआ आपके लिए वरदान है 
 

काकरोच को दूर भगाने के लिए - 

काकरोच को भगाने के लिए बाजार में बहुत सारे प्रोडक्ट्स पाए जाते है जो के बेहद महंगे और हमारे लिए तथा बचों की सेहत के लिए नुकसानदायक होते है
अगर आप काकरोच से परेशान है तो तेज पत्तो को जला कर अपनी रसोई , गार्डन के कोनो में रखे और यह आपकी सेहत के लिए बिलकुल भी हानिकारक नहीं है!
 
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।   
 

सोमवार, 20 जुलाई 2020

 गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका

गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका



गिलोय ( giloy ) एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई।

इसका वानस्पिक नाम( Botanical name of giloy) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। आइए जानते हैं गिलोय के फायदे…

गिलोय के फायदे – ( Benefits of Giloy )

गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

Giloy Immunity Booster

गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।

ठीक करती है बुखार

Giloy use in Fever

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।

मधुमेह के रोगियों के लिए

giloy for diabetes

गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।

पाचन शक्ति बढ़ाती है


यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।

कम करती है स्ट्रेस

गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है।

बढ़ाती है आंखों की रोशनी

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं।

अस्थमा में भी फायदेमंद

मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

गठिया में मिलेगा आराम

गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है।

अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन

भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है।

बाहर निकलेगा कान का मैल

कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा।

कम होगी पेट की चर्बी

गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है।

यौनेच्छा बढ़ाती है गिलोय

आप बगैर किसी दवा के यौनेच्छा बढ़ाना चाहते हैं तो गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में यौनेच्छा बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जिससे यौन संबंध बेहतर होते हैं।

खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय

गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है….

जवां रखती है गिलोय

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

बालों की समस्या भी होगी दूर

अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

गिलोय का प्रयोग ऐसे करें:-

अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है…

गिलोय जूस

गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है।

काढ़ा

चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं।

पाउडर

यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें।

गिलोय वटी

बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें।

साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम

अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।चीनी के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं।

साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान

वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय का प्रयोग ना करने दें आप .

एक निवेदन :- अभी वर्षाऋतु का काल है अपने घर में, बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें एवं स्वजनों को भी देवें. यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय अवदान है ।

सोमवार, 1 जनवरी 2018

100% सिर्फ दो दिन में आयुर्वेद से करें किसी भी तरह का कितना भी पुराना डेंड्रफ खत्म

100% सिर्फ दो दिन में आयुर्वेद से करें किसी भी तरह का कितना भी पुराना डेंड्रफ खत्म


आज के प्रदूषण भरी और तनावपूर्ण माहौल के कारण सर के बालों की समस्या बहुत ही आम हो गई है जिसमें सबसे आम समस्या है डैंड्रफ हो जाना| डेंड्रफ हो जाने से बाल बहुत ही रूखे और बेजान नजर आते हैं| कई लोगों में यह हीन भावना भी पैदा कर देते हैं| इस समस्या से निजात पाना बहुत ही आसान होता है| इस समस्या के लिए उपयोगी जड़ी बूटी हर एक घर में मौजूद होती है| निम्न उपायों से आप सिर्फ दो से 3 दिन में डेंड्रफ से सदा के लिए निजात पा सकते हैं|

विधि नंबर 1
नारियल के तेल में आप भीमसेनी कपूर मिलाकर लगाएं| सौ ग्राम नारियल के तेल मैं आप 10 ग्राम भीमसेनी कपूर को मिलाएं और इस तेल से रोज दिन में दो बार बालों की मालिश करें| कुछ ही समय में आप अनुभव करेंगे कि बालों की क्षमता बढ़ती जा रही है चमक बढ़ती जा रही है और डेंड्रफ खत्म हो गया है| बालों से डैंड्रफ खत्म करने का यह एक अद्भुत उपाय है, यह प्रयोग करते रहने से डैंड्रफ कभी लौट के नहीं आता|
विधि नंबर दो
दो कागजी नींबू का रस निकालने रस को किसी कपड़े से अच्छी तरह से छान लें, और इसमें तो चम्मच गुनगुना पानी मिला दें, फिर इस मिश्रण से रोज सुबह और शाम बालों में अच्छी तरह से मालिश करें मालिश करने के 15 से 20 मिनट तक यह मिश्रण बालों में लगा रहने दें, इस विधि से बालों के डैंड्रफ की समस्या मात्र 2 दिन में ठीक हो जाती है और लौट के नहीं आती है| इस विधि से आपके बालों की जड़ बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगी बाल घने चमकदार और मुलायम हो जाएगी| इस विधि को करने के बाद आपको कोई भी कंडीशनर या शैंपू का इस्तेमाल नहीं करना है आप को बाल धोने के लिए सदैव रीठा का इस्तेमाल करना है| इस विधि के प्रयोग से बाल अनंत काल तक रेशमी मुलायम और घने बने रहते हैं|
उपरोक्त जो दो विधियां बताई गई है| इन दोनों विधियों का मुकाबला मार्केट में मिलने वाला कोई भी शैंपू या कंडीशनर नहीं कर सकता| यह दोनों विद्या ही हर व्याधि से मुक्त सर्वोत्तम विद्या है इन दोनों विधियों का इस्तेमाल करके आपके बालों को बिना किसी नुकसान के सिर्फ फायदा ही होता|

शुक्रवार, 13 अक्तूबर 2017

पीलिया का आयुर्वेद में है अचूक और रामबाण इलाज

पीलिया का आयुर्वेद में है अचूक और रामबाण इलाज


Remedies for Jaundice in Hindi

पीलिया का आयुर्वेद में अचूक इलाज है। आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार यदि मकोय की पत्तियों को गरम पानी में उबालकर उसका सेवन करें तो रोग से जल्द राहत मिलती है। मकोय पीलिया की अचूक दवा है और इसका सेवन किसी भी रूप में किया जाए स्वास्थ्य के लिए लाभदायक ही होता है।


जब भी रोगी का यह लगे कि उसका शरीर पीला हो रहा है तथा उसे पीलिया हो सकता है, तो वह पानी की मात्रा बढ़ा दे क्योंकि पानी की मात्रा कम होने पर शरीर से उत्सर्जित होने वाले तत्व रक्त में मिल जाते हैं। इससे व्यक्ति की हालत बिगडऩे लगती है। चिकित्सक बताते हैं कि यदि कच्चा पपीता सलाद के रूप में लिया जाए तो भी पीलिया का असर कम होता है। कई लोग यह मानते हैं कि पीलिया के रोगी को मीठा नहीं खाना चाहिए जबकि आयुर्वेद चिकित्सक ऐसा नहीं मानते उनका कहना है कि पीलिया का रोगी गाय के दूध से बना पनीर व छेने का रसगुल्ला आराम से खा सकता है यह रोगी को कोई नुकसान नहीं बल्कि लाभ पहुंचाता है।

👱  नाश्ते में अंगूर, सेवफल पपीता, नाशपती तथा गेहूं का दलिया लें । दलिया की जगह एक रोटी खा सकते हैं।
👱  मुख्य भोजन में उबली हुई पालक, मैथी ,गाजर , दो गेहूं की चपाती और ऐक गिलास छाछ लें।
👱  करीब दो बजे नारियल का पानी और सेवफल का जूस लेना चाहिये।
👱  रात के भोजन में एक कप उबली सब्जी का सूप , गेहूं की दो चपाती ,उबले आलू और उबली पत्तेदार सब्जी जैसे मेथी ,पालक ।
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दही से इतने गोरे हो जाओगे कि दुनिया देखती रह जाएगी, ऐसे करना होगा उपयोग

👱  रात को सोते वक्त एक गिलास मलाई निकला दूध दो चम्मच शहद मिलाकर लें।
👱  सभी वसायुक्त पदार्थ जैसे घी ,तेल , मक्खन ,मलाई कम से कम १५ दिन के लिये उपयोग न करें। इसके बाद थौडी मात्रा में मक्खन या जेतून का तैल उपयोग कर सकते हैं। प्रचुर मात्रा में हरी सब्जियों और फलों का जूस पीना चाहिेये। कच्चे सेवफल और नाशपती अति उपकारी फल हैं।

👱  दालों का उपयोग बिल्कुल न करें क्योंकि दालों से आंतों में फुलाव और सडांध पैदा हो सकती है। लिवर के सेल्स की सुरक्षा की दॄष्टि से दिन में ३-४ बार निंबू का रस पानी में मिलाकर पीना चाहिये।
👱  मूली के हरे पत्ते पीलिया में अति उपादेय है। पत्ते पीसकर रस निकालकर छानकर पीना उत्तम है। इससे भूख बढेगी और आंतें साफ होंगी।
👱  धनिया के बीज को रातभर पानी में भिगो दीजिये और फिर उसे सुबह पी लीजिये। धनिया के बीज वाले पानी को पीने से लीवर से गंदगी साफ होती है।
👱  एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच पिसा हुआ त्रिफला रात भर के लिए भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को छान कर पी जाएँ। ऐसा 12 दिनों तक करें।
👱  जौ आपके शरीर से लीवर से सारी गंदगी को साफ करने की शक्ति रखता है।
👱  टमाटर में विटामिन सी पाया जाता है, इसलिये यह लाइकोपीन में रिच होता है, जो कि एक प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट हेाता है। इसलिये टमाटर का रस लीवर को स्वस्थ्य बनाने में लाभदायक होता है।
👱  इस रोग से पीड़ित रोगियों को नींबू बहुत फायदा पहुंचाता है। रोगी को 20 ml नींबू का रस पानी के साथ दिन में 2 से तीन बार लेना चाहिए।
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👱  आमला मे भी बहुत सारा विटामिन सी पाया जाता है। आप आमले को कच्चा या फिर सुखा कर खा सकते हैं। इसके अलावा इसे लीवर को साफ करने के लिये जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
👱  यह एक प्राकृतिक उपाय है जिसेस लीवर साफ हो सकता है। सुबह सुबह खाली पेट 4-5 तुलसी की पत्तियां खानी चाहिये।
👱  जब आप पीलिया से तड़प रहे हों तो, आपको गन्ने का रस जरुर पीना चाहिये। इससे पीलिया को ठीक होने में तुरंत सहायता मिलती है।
👱  गोभी और गाजर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर एक गिलास रस तैयार करें। इस रस को कुछ दिनों तक रोगी को पिलाएँ।

👱  रोगी को दिन में तीन बार एक एक प्लेट पपीता खिलाना चाहिए।
👱  टमाटर पीलिया के रोगी के बहुत लाभदायक होता है। एक गिलास टमाटर के जूस में चुटकी भर काली मिर्च और नमक मिलाएं। यह जूस सुबह के समय लें। पीलिया को ठीक करने का यह एक अच्छा घरेलू उपचार है।
नीम के पत्तों को धोकर इनका रस निकाले। रोगी को दिन में दो बार एक बड़ा चम्मच पिलाएँ। इससे पीलिया में बहुत सुधार आएगा।
👱  पीलिया के रोगी को लहसुन की पांच कलियाँ एक गिलास दूध में उबालकर दूध पीना चाहिए , लहसुन की कलियाँ भी खा लें। इससे बहुत लाभ मिलेगा।

पीलिया में परहेज :

👱  पीलिया के रोगियों को मैदा, मिठाइयां, तले हुए पदार्थ, अधिक मिर्च मसाले, उड़द की दाल, खोया, मिठाइयां नहीं खाना चाहिए।
👱  पीलिया के रोगियों को ऐसा भोजन करना चाहिए जो कि आसानी से पच जाए जैसे खिचड़ी, दलिया, फल, सब्जियां आदि।

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एक और प्रयोग…
👱  सरसों के तेल की खली १०० ग्राम का चूर्ण बना लें
👱  इस चूर्ण की १ चम्मच मात्रा १०० ग्राम दही में मिलाकर सुबह ८ – ९ बजे लें
👱  स्वाद अनुसार नमक या चीनी भी डाल सकते है

एक सप्ताह लगातार लेने से पीलिया मल मार्ग से बाहर निकलजायेगा..लेकिन घी तेल में तली चीजो से १० दिनो तक परहेज करें एक सप्ताह में पीलिया जड से समाप्त हो जायेगा.

शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

लिंग का आकार बढाने के लिए अब करें आयुर्वेदिक उपचार

लिंग का आकार बढाने के लिए अब करें आयुर्वेदिक उपचार


युवा काल में लिंग के आकार के प्रति चिंता एवं उत्सुकता लगभग हर पुरुष में होती है | हर पुरुष के लिंग की लंबाई,  मुटाई तथा स्थिरता में भिन्नता अवश्य होती है परन्तु इस भिन्नता का प्रभाव यौन संतुष्टी, गर्भाधारण तथा यौन क्षमता पर नहीं पडता है | वास्तव में स्त्री के योनि का उपरी एक तिहाई भाग ही यौन स्पर्श के प्रति संवेदनशील होता है | कई पुरुष अपने साथी को संतुष्ट करने में असमर्थ हो जाते है क्यूंकि उनका लिंग पूरी तरह से अपना आकार नहीं ले पाता | परन्तु अब यह कोई घबराने की बात नहीं है | आज आयुर्वेद में यौन सम्बंधित समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत से उपचार मौजूद है जिनकी मदद से आप अपनी इस परेशानी को दूर करने में सफलता प्राप्त कर सकते है | आइये जाने ऐसे ही कुछ प्राकृतिक उपायों को |

लिंग का आकार बढाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार ….

इन जड़ी बूटियों का उपयोग करें :- शतावर, अश्वगंधा,  कूठ,  जटामांसी और कटेहली के फल को 4 गुने दूध में मिलाकर या तेल में पकाकर लेप करने से लिंग मोटा होता है एवं लिंग की लम्बाई भी बढ़ जाती है।

अश्वगंधा और चमेली का उपयोग करें :- अश्वगंधा चूर्ण को चमेली के तेल के साथ खूब मिलाकर लिंग पर लगाने से लिंग मज़बूत हो जाता है |

सुखा जौ और तिल के तेल का इस्तेमाल करें :- सूखा जौ पीसकर तिल के तेल के साथ मिलाकर लिंग पर लगाने से लिंग समबन्धित सारे दोष दूर हो जाते हैं |

लौंग और तिल के तेल का इस्तेमाल करें :- 50 ग्राम तिल के तेल में 20 ग्राम लोंग को जला कर मालिश करने से लिंग में मजबूती आती है एवं इसके आकार में भी वृद्धि होती है |

हींग का इस्तेमाल करें :- हींग को देशी घी में पकाकर  हल्का ठंडा होने पर लिंग पर लगा लें और ऊपर से सूती कपड़ा बांध दें। इस नुस्खे को कुछ दिन लगातार करने से कुछ ही दिनों में लिंग मजबूत हो जाता है।

सुहागे और शहद का उपयोग करें :- भुने हुए सुहागे को शहद के साथ पीसकर लिंग पर लेप करने से लिंग मजबूत और शक्तिशाली हो जाता है।

और बेलपत्र का इस्तेमाल करें :- शहद को बेलपत्र के रस में मिलाकर लेप करने से हस्तमैथुन की वजह से होने वाले विकार दूर हो जाते हैं और लिंग मजबूत हो जाता है।

तिला का तेल इस्तेमाल करें :- बादाम का तेल, दालचीनी का तेल, जमालगोटा का तेल और पिस्ता का तेल – सभी तेल समान मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर रख लें। इसे एक बूद की मात्रा में रात को सोते समय इंद्रिय पर लगाये और ऊपर से पान का पत्ता बांधकर सोने से एक महिने तक यह बुस्खा अपनाने से लिंग का टेढापन, पतलापन एंव असमानता दूर हो जाती है और वो शक्तिशाली हो जाता है।

सोमवार, 12 जून 2017

ये है आयुर्वेदिक दोहे, आप भी लें स्वास्थ्यलाभ

ये है आयुर्वेदिक दोहे, आप भी लें स्वास्थ्यलाभ


घरेलु नुस्खे जो दोहे के रूप में सोशल मीडिया से आपके लिए लाये है इनके इस्तिमाल से आप सदा स्वस्थ रह सकते हैl नीम, अदरक, अजवाइन, गुड, निम्बू, चंदन, गाजर, आंवला, दालचीनी आदि घर के किचन में रहने वाली वस्तुओं से आप सदा-सदा के लिए स्वस्थ रह सकते है l बड़े-बड़े राजा महाराजा इनका उपयोग कर शक्तिशाली व निरोगी रहे l   

आयुर्वेदिक दोहे :

दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..

बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल, यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..

अजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..

अजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय, फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..

अजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..

ठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल, नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..

अदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..

रोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर, बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर.. 

गाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..

शहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम, बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..

चिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..

लाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह, जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..

प्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह, 
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..

सात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..

सात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..

तुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल, सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..

थोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग..

अजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय, मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..

ऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि, 
उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..

दस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ, दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..

मुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..

कंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट, घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..

बीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग, 
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..

बीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम, सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..

नीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..

मधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय, कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय..

पीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..

ठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..

कफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..

अजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..

छाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

सोमवार, 10 अप्रैल 2017

इन घरेलू उपायों से सिर्फ 1 हफ्ते में पाएं गर्दन की झुर्रियों से निजात !

इन घरेलू उपायों से सिर्फ 1 हफ्ते में पाएं गर्दन की झुर्रियों से निजात !

अगर आप चाहते है कि चेहरे की झुर्रियों ही नहीं बल्कि गले की भी झुर्रियों से निजात मिलें, तो इसके लिए इस घरेलू उपाय का इस्तेमाल करें। सिर्फ 1 हफ्ते में ही अंतर दिखेने लगेगा।

जानिए इन घरेलू उपायों के बारें में...

आज के समय में किसे खूबसूरत चेहरा नहीं पसंद है। इसके लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करते है। अनियमित खानपान, बेकार के प्रोडक्ट का इस्तेमाल,ठीक ढंग से केयर, प्रदूषण के कारण झाईया, झुर्रियां, पिपंल आदि पड़ जाते है। इसी तरह खूबसूरत चेहरे के साथ-साथ सुडौल व तने हुए कंधे और सुराहीदार गर्दन भी आपकी खूबसूरती में चार-चांद लगा देती है। गर्दन पर उम्र का प्रभाव भी जल्दी पड़ता है। चेहरे की तरह गर्दन भी धूल, मिट्टी व धुएं की चपेट में आती है। इससे गर्दन पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं और इसकी त्वचा कांतिहीन हो जाती है।


अगर आप चाहते है कि चेहरे की झुर्रियों ही नहीं बल्कि गले की भी झुर्रियों से निजात मिलें, तो इसके लिए इस घरेलू उपाय का इस्तेमाल करें। सिर्फ 1 हफ्ते में ही अंतर दिखेने लगेगा। जानिए इन घरेलू उपायों के बारें में।

मेथी का मास्‍क
मेथी की छाल, पत्ते, बीज सभी झुर्रियों को कम करने में मददगार है। इसके लिए आप दाने का इस्तेमाल कर लें। इसके लिए मेथी के दानों को पानी में उबालकर उसे ठंडा कर लें और उससे अपना चेहरा साफ करें। या फिर मेथी के हरे पत्तों को अच्छे से पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर सूखने दें।  फिर अपना चेहरा पानी से धो लें।

केले का मास्‍क
केले में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो कि स्किन को कोलेजन के उत्‍पादन को बढ़ाता हैं। इस सामस्क के लि्ए1 पका हुआ केला को लेकर अच्छी तरह से मसल लें फिर इसमें 1 चम्मच शहद और 10 बूंद जैतून के तेल डालकर अच्छी तरह से मिला लें। फिर इस मास्‍क को चेहरे व गर्दन पर लगा लें और कम से कम 15 मिनट लगा रहने के बाद साफ पानी से धो लें।

ऑलिव ऑयल
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ऑलिव ऑयल में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्‍सीडेंट और विटामिन ई, ए पाया जाता है। जो कि स्किन की हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से आपकी रक्षा करते है। इसके लिए एक चम्‍मच ऑलिव ऑयल में आधा चम्‍मच आर्गेनिक शहद और कुछ बूंद मिलाकर गर्दन की स्किन की ऊपर की दिशा में मसाज करें।

अंडे की सफेदी का मास्‍क
इसमें भरपूर मात्रा में त्वचा-पौष्टिक घटक हाइड्रो लिपिड पाया जाता है। जो कि स्किन को ढीली करता है। इसके साथ ही इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन झुर्रियों से निजात दिलाता है। इसके लिए एक अंडा लेकर उसका सफेद भाग निकाल लें। अब इस सफेद भाग के ऊपर एक चम्मच बादाम का तेल डालें  और इसे फेंटकते रहें। इसके बाद इसे प्रभावित जगह पर लगा लेँ।

शहद का मास्‍क
शहद में भरपूर मात्रा में विटामिन बी और पोटेशियम पाया जाता है। जो कि स्किन को मॉइश्‍चराइज करने के अलावा शहद त्‍वचा की गहरी परतों में व्याप्त हो जाता है। इसके लिए एक चम्मच शहद लेकर इसे अपने चेहरे पर पांच मिनट तक मालिश कीजिए।  कम से कम 20 मिनट लगा रहने के बाद साफ पानी से धो लें।
घरेलू उपचार अपनाने से पहले एक बार ये भी जान लीजिये !

घरेलू उपचार अपनाने से पहले एक बार ये भी जान लीजिये !

कई बार हम स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्‍याओं के लिए घरेलू उपायों की मदद लेते हैं और ये हमें इन समस्‍याओं से छुटकारा भी दिला देते हैं. लेकिन क्‍या हर बार ऐसा करना सही होता है. शायद नहीं क्‍योंकि अगर इनके उपयोग में जरा सी भी असावधानी बरती तो ये हमारे लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. आइए जानें ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्‍खों के बारे में जिनका इस्‍तेमाल हमारे लिए घातक भी हो सकता है…



1. मुंहासों पर टूथपेस्ट का इस्‍तेमाल: टूथपेस्ट में कई तरह के केमिकल होते हैं और अगर मुंहासों पर इसे लगाया जाए तो ये बैक्टीरिया को बढ़ा सकते हैं. इसलिए ऐसा करने से बचें.

2. पीलिया की बीमारी में चूने का पानी: पीलिया की बीमारी ठीक करने के लिए कई लोग घरेलू उपचार का सहारा लेते हैं और उसके लिए मरीज को चूने का पानी पिलाया जाता है. ऐसा करने से बचें क्‍योंकि इसमें मौजूद केमिकल्स पीलिया ठीक नहीं करते बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को और बढ़ा देते हैं.

3. मस्सा हटाने के नुस्‍खे: चेहरे और शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में अगर मस्‍सा हो जाए तो उसे धागे, पतले तार या ब्लेड से काटकर हटाने से बचें. ऐसा करने से धागे और तार में मौजूद बैक्टीरिया स्किन के अंदर पहुंचकर इंफेक्शन पैदा करते हैं.

4. जले पर मक्खन लगाना: बहुत से लोग जलने पर मक्खन लगा लेते हैं. अगर आप भी ऐसा ही कुछ उपाय करते हैं तो जान लें कि स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और मक्खन लगाने से घाव में मौजूद बैक्टीरिया आसपास भी फैल सकते हैं.

5. घाव पर कपड़ा बांधना: कई बार चोट लगने पर लोग उसे कपड़े से बांध देते हैं जबकि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से चोट में हवा नहीं लग पाती और बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं. इससे घाव ठीक होने में ज्यादा समय लगता है.

रविवार, 9 अप्रैल 2017

सिर्फ 4 दिन इस चीज का पानी पीने साफ हो जाएगा लीवर व किडनी

सिर्फ 4 दिन इस चीज का पानी पीने साफ हो जाएगा लीवर व किडनी

ड्राई फ्रूट खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें विटामिन के साथ और भी बहुत से ऐसे तत्व होते हैं जो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इनमें से किशमिश लीवर और कीडनी के लिेए बहुत फायदेमंद है। इससे शरीर में जमा विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और खून की कमी भी पूरी होती है। इस बात का ध्यान रखें की इसका इस्तेमाल सर्दीयों के मौसम में करना बेहतर रहता है।


किशमिश को रात को भिगोकर सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से लीवर और कीडनी अच्छे से काम करते हैं। इससे लीवर से जुड़ी परेशानी दूर हो जाती है। इससे कोलेस्ट्राल और दिल से जुड़ी समस्या से निजात पाई जा सकती है। इसके सेवन से एसीडिटी भी दूर हो जाती है। इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। 

बनाने की विधि
सबसे पहले किशमिश को धो लें और एक पैन में पानी उबाल कर इसमें किशमिश डाल कर रात भर भिगोएं। सुबह इसको छान कर हल्का गुनगुना करें और खाली पेट पी लें। इसका सेवन करने के 25-30 मिनट बाद नाश्ता कर लें।

सावधानी
डायबिटीज के रोगी इसके इस्तेमाल से परहेज करें। इसका सेवन एक महीने में सिर्फ चार दिन ही करें और इस दौरान शक्कर का इस्तेमाल थोड़ा कम कर दें।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

दादी माँ के छोटे छोटे नुस्खे लेकिन बड़े काम के, एक बार जरुर आजमाइए !

दादी माँ के छोटे छोटे नुस्खे लेकिन बड़े काम के, एक बार जरुर आजमाइए !

छोटे-छोटे नुस्खे, आजमा कर देखें इन प्रॉब्लम्स में ये करते हैं रामबाण का काम

वर्तमान समय में भागदौड़ भरी दिनचर्या के साथ ही अधिकतर लोगों का खानपान भी अनियमित है। यही कारण है कि छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स परेशान करती रहती हैं। इन हेल्थ प्रॉब्लम्स के लिए बार-बार डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में, अधिकतर लोग इन समस्याओं को या तो अनदेखा करते हैं या बाजार से दवा लाकर खा लेते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो न करें। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ घरेलू नुस्खे जो इन हेल्थ प्रॉब्लम्स में अचूक दवा का काम करते हैं।

- यदि आप अनिद्रा से परेशान हैं, तो 10 बादाम लेकर पीस लें। इस पाउडर को एक गिलास दूध में डालकर गर्म करें। सोने से पहले इस दूध को पिएं। गहरी नींद आएगी।

- रोजाना सोने से पहले गाय के घी से पैरों के तलवों पर मसाज करें, अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।

- नारियल तेल में थोड़ा-सा पानी मिलाकर बालों की जड़ों, हथेलियों व पैरों के तलवों पर लगाएं। इससे अच्छी नींद आएगी।

- पके हुए केले को अच्छी तरह से मैश करें। मैश किए हुए केले को चेहरे पर फेसपैक की तरह लगाएं। करीब 15 मिनट बाद चेहरा धो लें। ऐसा करने से त्वचा में निखार आता है।

- दो चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू के रस का मिश्रण त्वचा पर लगाएं। करीब 20 मिनट बाद इसे साफ कर लें, त्वचा नर्म और मुलायम हो जाएगी।

- एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकालकर इसमें कुछ बूंदें नींबू रस की मिलाएं। इसे लगाने से चेहरा चमकने लगता है।

- थोड़ा सा मस्टर्ड ऑयल लें और हथेली पर रगड़कर अपने शरीर पर लगाएं। उसके बाद गुनगुने पानी से नहा लें। इससे शरीर में होने वाली ऐंठन दूर हो जाती है।

- यदि आपको अक्सर सिर दर्द रहता है तो पांच बादाम पीसकर उसे गर्म दूध में मिलाकर पी लें। कालीमिर्च का पाउडर थोड़ी मात्रा में शहद या दूध के साथ दिन में दो से तीन बार लें, आराम मिलेगा।

- कमर में दर्द रहता है तो खाने में अदरक का इस्तेमाल कीजिए। सरसों के तेल में बना हुआ खाना खाएं। चाय बनाते समय उसमें पांच काली मिर्च, पांच लौंग और एक ग्राम सूखे अदरक का पाउडर डालें। इस चाय को पीने से कमर दर्द मेंं तुरंत राहत मिलती है।

- समान मात्रा में अजवाइन और जीरा एक साथ भून लें। पानी में उबाल कर छान लें। इस पानी में चीनी मिलाकर पिएं, एसिडिटी से राहत मिलेगी।

- बादाम का तेल और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। थोड़ी देर के बाद चेहरा धो लें। ऐसा करने से रूप निखर जाता है।

- दूध की मलाई और पिसी मिश्री मिलाकर खाने से कमजोरी दूर होती है।

- सफेद मूसली का एक चम्मच चूर्ण और एक चम्मच पिसी मिश्री मिलाकर सुबह और रात को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ एक चम्मच लेने से कमजोरी दूर हो जाती है।

- नकसीर की समस्या बार-बार परेशान करती हो, तो रोज सुबह खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाएं। इससे लाभ मिलेगा। तुरंत लाभ के लिए एक पट्टी को ठंडे पानी में भिगो लें और नाक और सिर पर रख लें, आराम मिलेगा।

- काली कोहनियों को साफ करने के लिए नींबू को दो भागों में काटें। उस पर खाने वाला सोडा डालकर कोहनियों पर रगड़ें। मैल साफ हो जाएगा, कोहनियां मुलायम हो जाएंगी।

- व्हीट-ग्रास का जूस सुबह खाली पेट पीने से चेहरे की लालिमा बढ़ती है और खून भी साफ होता है।

- बाल धोने से एक घंटा पहले बालों में मेथी दाने का पेस्ट बनाकर लगाएं, रूसी दूर हो जाएगी।

- धनिया, जीरा और चीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से एसिडिटी के कारण होने वाली जलन शांत हो जाती है।

- रोजाना सुबह एक से दो लहसुन की कलियां पानी से निगल लेने पर जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

- एक गिलास गुनगुने पानी में दो छोटे चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। यह दिन में 8-10 बार करें। आर्थराइटिस के दर्द में आराम मिलेगा।

- आधा चम्मच मेथी का चूर्ण दही में मिलाकर सेवन करने से पेचिश दूर होती है।

- मेथी के पत्तों के रस में काली दाख मिलाकर सेवन करने से भी पेचिश में फायदा होता है।

- 1/2 चम्मच चिरौंजी को 2 चम्मच दूध में पीसकर पेस्ट बनाकर लगाएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं।

- सफेद जीरे को घी में भूनकर इसका हलवा प्रसूता को खिलाने से दूध में बढ़ोत्तरी होती है।

- संतरे के छिलकों का महीन चूर्ण बनाकर उसमें गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। मुहांसे दूर हो जाएंगे।

- सुबह खाली पेट रोजाना एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है।

- कीड़ा लगे दांत में थोड़ा-सा हींग भर देने से दांत व दाढ़ का दर्द दूर हो जाता है।

- त्रिफला चूर्ण चार ग्राम (एक चम्मच भर) को 200 ग्राम हल्के गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होता है।

- प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर दाद-खाज और खुजली वाले स्थान पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है।

- वीर्यवृद्धि के लिए सफेद प्याज के रस के साथ शहद लेने पर फायदा होता है।

- सौंफ, जीरा और धनियां सब 1-1 चम्मच लेकर 1 गिलास पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। आधा गिलास पानी बच जाने पर उसमें एक चम्मच गाय का घी मिलाएं। सुबह-शाम पिएं। खूनी बवासीर से खून गिरना बंद हो जाएगा।

- बुखार की वजह से जलन होने पर पलाश के पत्तों का रस लगाने से जलन का असर कम हो जाता है।

- जीरे को मिश्री की चाशनी बनाकर शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है।

- करी पत्तों को सुबह खाली पेट खाएं। तीन महीने तक नियमित रूप से ये प्रयोग करने पर डायबिटीज कंट्रोल में रहती है और मोटापा घटने लगता है।

शनिवार, 1 अप्रैल 2017

इस फल के बीजो के साथ मिलाइए बकरी का दूध, फिर देखिये चमत्कार !

इस फल के बीजो के साथ मिलाइए बकरी का दूध, फिर देखिये चमत्कार !

शरीफा के फल, पत्तो और बीजो का चमत्कार :
आज
हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे फल के बारे में जिसके सेवन से आपको बालों से जुड़े सभी रोगों को सदा के लिए छुटकारा मिल जायेगा साथ ही साथ आगे भविष्य में भी बालों से जुड़े रोग जैसे की सफ़ेद होना, झड़ना, गंजापन आपको सता नही पाएंगे। इसके लिए बस आपको इस फल का सेवन करना है।

सीताफल एक बड़ा ही स्वादिष्ट फल है लेकिन लोग इसके बारे में थोड़ा कम जानकारी रखते हैं। सीताफल अगस्त से नवम्बर के आस-पास अर्थात् आश्विन से माघ मास के बीच आने वाला फल है। अगर आयुर्वेद की बात माने तो सीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है। यह पित्तशामक, तृषाशामक, उलटी बंद करने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवंरक्तवर्धक,बलवर्धक, वातदोषशामक एवं हृदय के लिए बहुत ही लाभदायी होता है। सीताफल को भगवन राम एवं माता सीता से जोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय जो वन फल राम को भेंट किया, उसी का नाम सीताफल पड़ा। अगर आप दिन में एक सीताफल का सेवन करते हैं, तो आपको अनेको बीमारियों से निजात मिलेगा।

आइये जानते हैं सीताफल खाने से हम किन-किन बीमारियों से निजात पा सकते हैं :
  1. सीताफल का कच्चा फल खाना अतिसार और पेचिश में उपयोगी है। यह शरीर के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फल है। जब फल कच्चा हो तब उसे काट कर सुखा दें और पीस कर रोगी को खिलाएं। इससे डायरिया की समस्या सही हो जाएगी।
  2. सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है।
  3. सीताफल शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियां क्षीण होने की दशा में सीताफल का खाना लाभकारी होता है।
  4. सीताफल एक मीठा फल है। इसमें काफी मात्रा में कैलोरी होती है। यह आसानी से पचने वाला और अल्सर व एसिडिटी में लाभकारी होता है। इसमें आयरन और विटामिन- सी की मात्रा अच्छी होती है। इसके अलावा सीताफल कई रोगों में रामबाण की तरह काम करता है।
  5. सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं।
    सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीस कर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं।
    इसमे खूब सारा विटामिन ए होता है, जो कि हमारे बालों, आंखों और त्वचा के लिये बहुत ही फायदेमंद होता है।
  6. सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है। शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं।
  7. सीताफल खाने से इसके गूदे से बने शरबत को पीने से शरीर की जलन को ठीक करता है। वे लोग जिनका शरीर हर वक्त जलता रहता है और गर्म रहता है, उन्हें नियमित रूप से सीताफल का सेवन करना चाहिये। इसमें घुलनशील रेशे होते हैं, जो कि पाचक्रिया के लिये बेहतरीन होते हैं।
     
  8. सीताफल के बीजों को महीन चूर्ण बनाकर पानी से लेप तैयार कर रात को सिर में लगाएं एवं सबेरे धो लें। दो तीन रात ऐसा करने से जुएं समाप्त हो जाती हैं। चूंकि बीज से निकलने वाला तेल विषला होता है, इसलिए बालों में इसका लेप लगाते समय आंख को बचाकर रखना चाहिये।
     
  9. शरीफा में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। यह त्वचा पर आने वाले एजिंग के निशानों से भी बचाता है।
     
  10. सीताफल घबराहट को दूर करता है। हार्ट बीट को सही करता है। इसकी एक बड़ी किस्म और होती है, जिसे रामफल कहते हैं। जिनका हृदय कमजोर हो, हृदय का स्पंदन खूब ज्यादा हो, घबराहट होती हो, उच्च रक्तचाप हो ऐसे रोगियों के लिए भी सीताफल का सेवन लाभप्रद है।
सप्ताह में दो बार ऐसा करें और इस के बाद आपका बाल टूटना बंद हो जायेगा.

सप्ताह में दो बार ऐसा करें और इस के बाद आपका बाल टूटना बंद हो जायेगा.

आजकल कम उम्र में ही बाल गिरना शुरू हो जाता है. कई महिलाएं अपने टीनएज में ही हर रोज 10-150 बाल खो देती हैं. अगर आपके लंबे बाल हैं तो 50 -100 बाल गिरना सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर यह उससे अधिक है तो यह समस्या है.

एक सप्ताह में दो बार ऐसा करने से आपके बाल झड़ना हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे तो आईये जानते है क्या है वो तरीका -
इसके लिए आप को आवश्यकता होगी:
  • 1 लीटर पानी
  • 15-20 अमरूद के पत्ते
  • 20 मिलीलीटर अरंडी का तेल
  • 30 मिलीलीटर नारियल का तेल
क्या करें
नारियल के तेल और अरंडी के तेल एक साथ मिला लें और अपने सिर पर इस मिक्सचर को लगाएं. 
धीरे धीरे 5 मिनट के लिए मालिश करें और 30 मिनट के लिए इसे लगा हुआ छोड़ दें. 
इस बीच, पानी में अमरूद के पत्तों को डालकर उबाल लें. इसे 10 मिनट के लिए उबलने दें और फिर पानी ठंडा होने तक इंतज़ार करें.
अब इस पानी के साथ अपने बालों को धो लें. एक बार जब आपके बाल पूरी तरह से इसेमें भीग जाएँ, तब एक शॉवर कैप लगा लें और 30 मिनट के लिए आराम करें.
इस के बाद सामान्य पानी से अपने बालों को साफ कर लें.

रविवार, 15 जनवरी 2017

5 सालों में करना है एक बार इस्तेमाल और आप हो जायेंगे सभी बीमारियों से मुक्त.

5 सालों में करना है एक बार इस्तेमाल और आप हो जायेंगे सभी बीमारियों से मुक्त.

पूरी दुनिया में कुछ ही लोग है ओनली 5% जो अपना जीवन स्वास्थ्य जीवन जी रहे है बाकी 95% लोगो के लिए निरोगी जीवन एक सपना की तरह बन गया है | यह जो अस्वस्थ जीवन है यह हमारे ख़राब वातावरण और हमारे खराब खान पान की आदतों का नतीजा है | आजकल हम संतुलित भोजन का तो सेवन नही करते है बल्कि संतुलित भोजन का स्थान जंक फ़ूड ने ले लिया और उसी का नतीजा यह है की आज बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर कोई दवाईयों के सहारे जी रहा है चाहे वह किसी भी उम्र का हो उसका जीवन बस द्वइयो पर ही निर्भर होकर रह गया है | बजार से ली गयी दवाईयां हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी नुकसानदायक है यह बताने की आपको आवश्कता नहीं है यह सब आप भली भांति जानते है |


अब आपके मन में यस सवाल उठ रहा होगा की यह नुस्खा भी बाकी नुस्खो की तरह से अलग केसे है तो आइये जानते है ?
इस नुस्खे में ख़ास बात यह है की ये घरेलू नुस्खा आपको हररोज इस्तेमाल करने की जरूरत आपको नही पड़ेगी बल्कि इस नुस्खे में बताएं जाने वाले मिश्रण को आप अगले 5 सालों में सिर्फ एक बार सेवन करने की जरूरत है और यह आपको 5 सालो तक रखेगा सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्त अगले पांच सालों में सिर्फ एक बार सेवन आपको बीमारियों से मुक्त कर देगा और आप जी पाएंगे Disease free Life यानि की स्वस्थ जीवन

सामग्री :-
350 ग्राम लहसुन
200 ml 96% alcohol

विधि :-
लहसुन को छील कर अच्छी तरह से साफ कर लें और alcohol मिक्स करे और कोई कांच की बोतल लेकर उस कांच की बोतल में डाल कर 10 दिनों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर रखे |

10 दिनों के पूरा होने के बाद इस मिश्रण को पुन लें और पूना हुआ मिश्रण 2 दिन के लिए किसी ठंडी जगह पर या फिर फ्रिज में रख दें |

12 दिनों के बाद आपकी ओषधि तेयार है आपके सेवन करने के लिए| इसकी कुछ बुँदे पानी में डाल कर सेवन करें और इसका सेवन इस प्रकार करना है की पहले दिन 1 बूंद नाश्ते से पहले , 2 बूंद दोपहर के खाने से पहले और 3 बूंद रात के खाने से पहले से शुरू करें | और यह ओषधि कर देगी आपको सभी बीमारियों से मुक्त कोई भी बीमारी आपके आस पास भी नही आएगी बस आपको हर पांच साल में इस औषधि का सेवन करना है
आप भी समाज हित मैं इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि बाकि लोग भी इससे फायदा उठा सके.

शनिवार, 14 जनवरी 2017

क्या जानते हैं आप फ़ेयरनेस क्रीम में मिले पारे का सच

क्या जानते हैं आप फ़ेयरनेस क्रीम में मिले पारे का सच


भारत एवं मिडिल ईस्ट के बाज़ारों में फेयरनेस क्रीम भारी मात्रा में बिकता है। महिलाएं इन उत्पादों का प्रयोग करने में पुरुषों के मुकाबले भले ही आगे हों परंतु पुरुष भी अब इन क्रीम्स का बहुतायत में प्रयोग करने लगे हैं। ये क्रीम्स आपकी स्किन को गोरा और चमकदार बना देने का दावा तो करती हैं लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में कोई नहीं बतलाता।

इन फेयरनेस क्रीमों में हानिकारक और अति ज़हरीला पदार्थ पारा मिला हुआ होता है जो की आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है। अमेरिकन केमिकल सोसायटी के अनुसार ऐसे किसी भी उत्पाद में पारे का तय मानक 1 भाग प्रति मिलियन होना चाहिए परंतु कुछ भारत में बिक रही अधिकांश गोरेपन की क्रीमों में पारे की मात्रा 2,10,000 भाग प्रति मिलियन तक होती है जोकि सामान्य से कहीं अधिक है।

महिलाएं इन क्रीमों के प्रयोग के बाद अकसर खाने के सामान को हाथ लगाती हैं या फिर शिशुओं को छूती हैं जोकि बेहद ही ख़तरनाक है। हालांकि गोरेपन के लिए पारा वाकई एक कारगर एक्टिव इंग्रीडिएंट है परंतु चूहों पर एक जानीमानी क्रीम का उपयोग करने पर पाया गया कि उनके लिए वह उनके अंगों जैसों किडनी, लीवर एवं मस्तिष्क के लिए बेहद घातक है। एक अन्य रिसर्च में पाया गया कि पारे का प्रयोग मानवों में किडनी फेल्यर के लिए भी सक्षम है।

पहले ये क्रीम आसानी से पारा डिटेक्ट ना होने के कारण बच निकलती थीं परंतु अब आधुनिक तकनीक जैसे टोटल रिफ्लेक्शन X-Ray फ्लूरेसेंस की मदद से पारे जैसे ज़हरीले पदार्थ अब पहचान में आ जाते हैं जिससे अब वैज्ञानिकों को इस तरह के उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी मिल पा रही है।

ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि इन क्रीमों के बिना गोरापन या चमकदार स्किन नहीं पायी जा सकती है। असल में इसके लिए आवश्यक सारी चीज़ें आपके किचिन में ही मिल जाएंगी। नीम्बू, बेसन, दही, कसा हुआ आलू, शहद आदि तमाम ऐसी चीजें हैं जो पहली बार के प्रयोग से ही अपना असर दिखाना प्रारंभ कर देती हैं फिर भी पता नहीं क्यों लोग इन फेयरनेस क्रीमों के पीछे बिना उसका सच जाने भाग रहे हैं। सौन्दर्य प्रसाधनों के बारे में कहा जाता है कि आपको अपने शरीर पर सिर्फ ही पदार्थों का प्रयोग करना चाहिए जिसे आप खा सकें। पारे जैसे ज़हरीले पदार्थ कभी भी इन प्राकृतिक संसाधनों का स्थान नहीं ले सकते।

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

चीकू के आयुवेर्दिक फायदे

चीकू के आयुवेर्दिक फायदे

चीकू खाने में एक स्वादिष्ट फल है। आलू के रंग की तरह ही होता है चीकू का रंग। प्राचीन वैदिक काल में आयुवेर्दिक औषधियों के रूप चीकू का प्रयोग किया जाता रहा है। बहुत ही कम लोग जानते हैं चीकू फल के ऐसे फायदों के बारे में जिनसे इंसान को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

चीकू खाने के आयुवेर्दिक  फायदे
चीकू में आयरन, फास्फोरस और कैल्श्यिम होता है जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है। यदि आप नियमित चीकू का सेवन करते हो तो इससे शरीर की कमजोरी दूर होती है।
आंखों की सेहत के लिए
चीकू में भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की कमजोरी को दूर करता है। बुढ़ापे में होने वाली आंखों की कमजोरी भी नहीं होती है चीकू खाने से।
कैंसर से बचाता है
जैसा की हम आपको बताते हैं। कि इसमें कई प्रकार के विटामिन्स होते हैं। जो इंसान को कैंसर के खतरे से बचाता है। फाइबर और एंटीआॅक्सिडेंट बढ़ते कैंसर के प्रभाव को खत्म कर देते हैं।
दस्त की समस्या
चीकू खाने से दस्त की समस्या खत्म हो जाती है। चीकू में मौजूद एंटी डाइरियल गुण पेचिश और बवासीर की समस्या को दूर करते हैं।

दिमाग की सेहत के लिए
चीकू खाने से इंसान का दिमाग ठीक रहता है। चीकू दिमाग की नसों को नियंत्रित करता है जिससे दिमाग शांत रहता है। यही नहीं दिमाग की बीमारियों से होने वाली समस्याएं जैसे अवसाद, चिंता और अनिद्रा आदि से भी चीकू खाने से लाभ मिलता है।

वजन घटाने के लिए
चीकू पाचन तंत्र को ताकत देता है साथ ही यह मोटापे को भी कम करके आपके वजन को भ्ी घटा देता है।

खांसी व जुकाम
यदि आप कफ व खांसी या फिर जुकाम से परेशान हैं।तो चीकू का सेवन करें। चीकू पुरानी खांसी, बलगम और कफ की समस्या को पूरी तरह से ठीक कर देता है।

गुर्दे की पथरी की समस्या
जिन लोगों के गुर्दे की समस्या है वे चीकू के बीज को लें और इसे पीसकर खाएं। इससे पेशाब के रास्ते पथरी बाहर निकल जाती है।

दांतों की समस्या
यदि आपके दांतों में कैविटी हो गई हो तो आप चीकू का सेवन करें। लेटेक्स की अच्छी मात्रा चीकू में पाई जाती है।

सुंदर त्वचा के लिए
यदि आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा में प्राकृतिक चमक आए और चेहरे की समस्याएं दूर हो तो आप चीकू का सेवन करें।
चीकू खाने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है।

झुर्रियों के लिए
चीकू में पाए जाने वाले गुण इंसान पर उम्र के फर्क को कम कर देते हंै। यानि की चेहरे की झुर्रियों की समस्या हटने लगती है।

बालों की समस्या के लिए
बालों की हर प्रकार की समस्या चाहे वह रूसी की समस्या हा या बालों की झड़ने की समस्या हो तो वे चीकू के बीजों का पेस्ट अरंडी के तेल के साथ मिलाकर बालों पर लगाएं। यह उपाय रात में करें ताकि सुबह आसानी से आप अपने सिर को साफ पानी से धो सकें।

चीकू के बीजों से बना हुआ तेल बालों पर लगाने से आपके बाल मुलायम, सुंदर और घने हो जाते हैं।

गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

माइग्रेन से बचने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

माइग्रेन से बचने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

माइग्रेन से बचने के उपाय (Ayurvedic tips for Migraine Pain)
1.संतुलित व पौष्टिक आहार का प्रयोग करें।
2.भोजन का समय तय कर समयनुसार भोजन करें।
3.किसी भी बात का तनाव न ले और सकारात्मक विचार बनाए रखें।
4.अपनी पूरी नींद ले।
5.थकान महसूस होने पर विश्राम करें।
6.हल्के हाथ से सर में मालिश करें।
7.खुद को व्यस्त रखें और ऐसे काम जिससे आपका मन संतुष्ट हो।
8.किसी भी तरह के विवाद और तनाव से बचें। किसी से घमंड न करें।

बीमारी होने पर आहार का रखें ध्यान (Diet in Migraine)
माइग्रेन की शिकायत होने पर रोगी को अपने खाने पीने का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार माइग्रेन के रोगी को अपने खाने में निम्नलिखित चीजों का प्रयोग करना चाहिए-
1.संतुलित व पौष्टिक आहार ही खाएं।
2.देशी घी (विशेष तौर पर गाय के घी) से बना पदार्थ जैसे मालपुआ, जलेबी, हलुआ आदि का आधिक प्रयोग करें।
3.देशी घी में चीनी मिलाकर खाने से माइग्रेन में आराम मिलता है।
4.माइग्रेन होने पर ताजे फल व हरी सब्जियों का बहुत ज्यादा प्रयोग करें।
5.पौष्टिक तत्वों के लिए दूध, दलिया व पनीर का बहुत अधिक प्रयोग करें।
बालों की देखभाल के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

बालों की देखभाल के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

चाहे महिला हो या पुरुष दोनों को ही अपने बालों से बेहद लगाव होता है। बालों की सुंदरता के लिए हम-आप बाजार में उपलब्ध कई तरह के सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। मगर इन सौंदर्य उत्पादों में मौजूद केमिकल बाल की जड़ों को कमजोर करते हैं।

बालों की सुंदरता यानि बालों का काला, घना, लंबा और रेशमी होना तभी संभव है जब बालों की जड़ मजबूत हो। बालों की जड़ को मजबूती आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, तेल और औषधियों से मिलती है। बालों की संपूर्ण देखभाल के लिए आयुर्वेद में कारगर उपायों का खजाना है। आइए जानते हैं बालों की देखभाल के लिए आयुर्वेद के कारगर टिप्स।

काले बालों के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

शिकाकाई और आंवला

लंबे और रेशमी बालों के लिए शिकाकाई और आंवले से बालों को धोएं। शिकाकाई और सूखा आंवला बराबर मात्रा में लें। रात में दोनों को पानी में भींगने के लिए छोड़ दें। सुबह पानी को कपड़े से छान कर निकाल लें। अब इस पानी को सिर पर मलें और बालों को धोएं। बालों के सूखने के बाद इनमें नारियल तेल लगाएं। इस विधि को आजमाने से बाल काले, घने और लंबे होते हैं।

भृंगराज

भृंगराज को भली-प्रकार काटकर बारीक बनाया हुआ चूर्ण और काले तिल को बराबर मात्रा में मिलाएं। रोज़ सुबह के समय एक चम्मच यह चूर्ण खूब चबाकर खाएं और उपर से ताजा पानी पी लें। लगातार छह महीने इसे आजमाने से समय से पहले बालों का पकने और झड़ने की शिकायत से छुटकारा मिल जाएगा। केश काले, घने और चमकदार होंगे।

दही का शैंपू

साबुन के स्थान पर 100 ग्राम दही में थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर हफ्ते में इससे बालों को धोएं। इससे बाल काले होते हैं, झड़ने बंद होते हैं और बालों का सौंदर्य खिल उठता है।

नींबू का शैंपू 
 
मटमैले बालों को काला बनाने के लिए नींबू का रस निचोड़ कर उसमें दो कप गर्म पानी डालें। बालों को गीला करने के बाद इस नींबू के शैंपू को सिर में डालकर रगड़ें। याद रखें ऐसा करने के बाद बालों को पानी से न धोएं, तौलिए से बाल सुखाएं। कुछ देर बाद सूर्य की धूप में बैठकर कंघी से केश संवारें। हफ्ते में दो-तीन बार ऐसा करने से बाल स्वाभाविक रुप से काले होते हैं।

बालों में निखार के लिए आयुर्वेदिक नैचुरल शैंपू

मुल्तानी मिट्टी शैंपू

मुल्तानी मिट्टी 100 ग्राम एक कटोरी में लेकर पानी में भिगों दें। जब दो घंटे में यह फूलकर लुगदी सी बन जाए तो हाथ से मसल कर गाढ़ा घोल बना लें। इस गाढ़े घोल को सूखे बालों में ही डाल कर मुलायम हाथों से धीरे-धीरे रगड़ें। पांच मिनट बाद सर्दियों में गुनगुने और गर्मी में ठंडे पानी से धो लें। इस प्रकार साबुन की जगह मुल्तानी मिट्टी से बालों को हफ्ते में दो बार धोने से उसमें जबरदस्त निखार आता है और बाल रेशम के समान मुलायम और लंबे हो जाते हैं।

बेसन का शैंपू

साबुन की जगह हफ्ता मे दो बार बेसन को पानी मे घोल कर बालों में लगाए, फिर एक घंटे बाद धोएं। ऐसा करने से बाल काले, घने और लंबे होंगे। बालों की हर तरह की गंदगी साफ होकर चमकीले और मुलायम होंगे। सिर की खाज और फुंसियां भी जल्दी ठीक होंगी।

रीठे की शैंपू

रात में रीठे के छिलके छोटे-छोटे टुकड़े कर पानी में भिंगों दें। सुबह उस पानी को उबाल कर या मसल कर सिर धोने से बाल काले, घने और लंबे होते हैं। याद रहे इससे बालों को पहले थोड़ा गुनगुना पानी डाल कर धोएं। उसके बाल रीठे के पानी की घोल आधी मात्रा सिर पर डालकर बालों को पांच-दस मिनट तक मलें और उसके बाद धो डालें।

सफेद या झड़ते बालों के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

आंवला चूर्ण

बालों की सफेदी रोकने के लिए केश में आंवला चूर्ण का लेप लगाएं। सूखे आंवले के चूर्ण को पानी के साथ मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को लेप की तरह केश में लगा लें। दस मिनट बाद बालों को पानी से धो लें। इससे बालों का सफेद होना बंद हो जाता है। झड़ना-टूटना भी बंद होता है।

विकल्प एक- आंवला चूर्ण को रात भर पानी में भिंगों कर रखें। सुबह इस  आंवले के पानी से बाल धो लें। केश आंवला जल से धोने से पहले रात में केश में आंवला तेल से मालिश कर लें।

विकल्प दो- एक चम्मच आंवला चूर्ण दो घूंट पानी के साथ सोते समय पीना भी बेहतर रहेगा।

विकल्प तीन- नियमित रुप से दोनों हाथ की उंगलियों के नाखूनों को आपस में रोजाना 5-5 मिनट तक रगड़ें। इस प्रयोग के नियमित अभ्यास से बालों का सफेद होना रुक जाता है। केशों का झड़ना भी बंद हो जाता है। बाल काले व घने होने लगते हैं।

बालों में रुसी के लिए आयुर्वेदिक टिप्स
करीब 100 ग्राम नारियल का तेल और 5 ग्राम कपूर मिला कर किसी बोतल में रख लें। दिन में दो बार स्नान करने के बाद जब बाल पूरी तरह सूख जाए तो सिर में इससे मालिश करें। रात में भी सोते समय बालों की मालिश इस तेल से करें। डैंड्रफ झड़ कर गिर जाएंगे।

विकल्प एक- नीम के पत्तों का रस व 100 ग्राम तिल का तेल लेकर दोनों को धीमा आंच पर पकाएं। जब रस जल जाए और तेल शेष रह जाए तो तब तेल को छानकर रख लें। इस तेल को बालों में लगाएं, डैंड्रफ गिरने लगेगा और बालों का झड़ना बंद हो जाएगा।

विकल्प दो- बाल धोने से आधा घंटा पहले एक नींबू काटकर मलने और फिर गुनगने पानी से केश धोने से सिर की रुसी साफ हो जाती है।

बुधवार, 28 दिसंबर 2016

अपने वजन के अनुसार कितना पानी पीकर रह सकते हैं हेल्‍दी, जानें

अपने वजन के अनुसार कितना पानी पीकर रह सकते हैं हेल्‍दी, जानें

बहुत से लोगों को हर रोज सही मात्रा में पानी पीने का स्‍वास्‍थ्‍य और वजन पर क्‍या असर पड़ता हैं, के असली महत्‍व का एहसास नहीं है। लेकिन क्‍या आप जानते है कि नियमित रूप से सही मात्रा में पानी पीना वास्‍तव में आपकी मेटाबॉल्जिम को तेज करने के साथ ज्‍यादा खाने पर अकुंश लगाने में मदद करता है।

वजन के अनुसार पानी

डॉक्‍टर से लेकर डाइटीशियन तक सभी लंबे समय तक फिट और हेल्‍दी रहने के लिए रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी यानी दिन में लगभग 2 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए ये पूरी तरह से आपके वजन निर्भर करता है। आइए हम आपको बताते है कि आपको सेहतमंद रहने के लिए आपको अपने वजन के अनुसार कितनी मात्रा में पानी की आवश्‍यकता होती है।

आपको अपने वजन की जानकारी होनी चाहिए

आपके शरीर को कितने पानी की जरूरत है, इस‍के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आपको अपने वजन की सही जानकारी हो, क्‍योंकि 50 किलो वजन और 80 किलो वजन वाले लोगों की पानी की जरूरत अलग-अलग होती है। पानी शरीर को डिटॉक्‍स करने के अलावा मेटाबॉल्जिम और पाचन जैसी कई चीजों के सही कार्य के लिए जिम्‍मेदार होता है।

वजन जानने के बाद ऐसे पीये पानी

अपने सही वजन को जानने के बाद वजन को 30 से डिवाइट करें और फिर जितनी मात्रा आये उतना ही पानी दिनभर में पीना शुरू करें। जैसे अगर आपका वजन 60 किलो है तो आपको शरीर को हाइड्रेट रखने और अंगों को ठीक से कार्य करने के लिए दिनभर में 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा पानी

एक्सरसाइज के दौरान आप कितना पसीना बहाते हैं, कितने समय तक करते हैं और आपकी एक्सरसाइज किस प्रकार की है। इन बातों पर भी पानी की मात्रा निर्भर करती है। एक्सरसाइज के दौरान निकलने वाले पसीने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। जिससे शरीर ड्राई होने लगता है और पाचन संबंधी समस्‍याएं शुरू हो जाती है। इससे बचने के लिए एक्सरसाइज करने के बाद हर आधे घंटे में कम से कम एक गिलास पानी जरूर पिएं। साथ ही फ्रूट्स और जूस डाइट को भी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में शामिल करें।

बुधवार, 21 दिसंबर 2016

आयुर्वेद के अनुसार बालों में कैसे लगाएं तेल, जानिए

आयुर्वेद के अनुसार बालों में कैसे लगाएं तेल, जानिए

आयुर्वेद सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, बालों की समस्‍याओं के उपचार में यह बहुत कारगर है, क्‍या आप जानते हैं बालों में आयुर्वेद के अनुसार तेल लगाने के कितने फायदे हैं, इस स्‍लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं, आयुर्वेद के अनुसार कैसे तेल लगायें और इससे क्‍या फायदे हैं।

रोज तेल लगाएं

सामान्यतः हम छुट्टियों में ही तेल लगाते हैं या फिर जिस दिन सिर धोना है, उसके एक दिन पहले। इस तरह से सप्ताह में महज दो या तीन बार ही सिर में तेल लगता है। हालांकि नहाने के बाद सिर पर तेल लगाना भी नहीं चाहिए क्योंकि उससे धूल मिट्टी बालों मे चिपक सकती है। इससे डैंड्रफ, जूंए आदि समस्याए बढ़ सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बालों को हर रोज तेल की आवश्यकता होती है। जरूरी नहीं है कि तेल भर भरकर लगाया जाए और चम्पी की जाए। यदि आप घर पर हैं तो रोजाना महज एक चम्मच तेल लेकर अपने बालों की जड़ों में लगाएं ताकि बालों की सेहत बेहतर हो सके। इससे बाल जल्दी लम्बे होते हैं और जड़ें मजबूत होती हैं।

तेल गर्म करें

हम अकसर बालों में सामान्य तेल ही लगाते हैं। तेल को हल्के गुनगुने पानी के जरिये गर्म किया जा सकता है। गर्म तेल से सिर की मसाज बेहतरीन विकल्प है। आयुर्वेदिक सिद्धांत के मुताबिक यह न सिर्फ बालों की सेहत बेहतर करता है बल्कि सिर को आराम भी देता है और सुकून भी मिलता है। लेकिन यह सिद्धांत सब लोगों के लिए नहीं है। ध्यान रखें कि यदि आपको सिर दर्द की बीमारी है, सिर में लाल दाग है और जिन लोगों को पित्त सम्बंधी बीमारी है उन्हें तेल गर्म करके सिर पर नहीं लगाना चाहिए।

धूप में न जाएं

यदि आप उन लोगों में से हैं जो रोजाना सिर पर तेल लगाते हैं तो ध्यान रखें कि प्रत्यक्ष रूप सूरज की रोशनी के संपर्क में न आएं। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि बालों में तेल इस्तेमाल न करें। तेल सीधे सिर पर लगाएं और महज एक चम्मच ही लगाएं। ज्यादा तेल लगाने से सिर कोई विशेष लाभ नहीं होगा। इसके उलट आपको अपना सिर धोना पड़ेगा। आयुर्वेदिक सिद्धांत की मानें तो धूप में कतई न जाएं यह बालों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

डैंड्रफ की स्थिति

यदि आपके सिर में डैंड्रफ है तो आयुर्वेदिक सिद्धांत के मुताबिक बेहतर होगा कि नहाने के एक या डेढ़ घंटा पहले ही सिर पर तेल लगाएं। तेल अगर गर्म करें तो अच्छा होगा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि तेल सीधे बालों की जड़ों में लगाएं। सिर की अच्छे से मसाज करें। इसमें यदि आप सोचते हैं कि बालों पर तेल लगाने से डैंड्रफ खत्म हो जाएंगे तो यह आपकी गलत अवधारणा है। सिर का मसाज करें और बेहतर परिणाम पाएं।

सिरदर्द की समस्या

जिन लोगों को सिरदर्द की बीमारी है, उन लोगों के लिए आयुर्वेदिक सिद्धांत में एक खास किस्म की विधि है। सिरदर्द के मरीजों को चाहिए कि वे शाम के 5-6 बजे सिर में तेल लगाएं। असल में सिरदर्द का सम्बंध वात से होता है। यदि हम दिन को तीन हिस्से में विभाजित करें तो अंतिम हिस्सा वात से प्रभावित होता है। अतः शाम के समय सिर में तेल लगाने से सिर को आराम मिलेगा क्योंकि इस समय वात का प्रभाव अत्यधिक होता है। यदि आपको नींद न आने की बीमारी है तो इसके लिए जरूरी है कि रात को खाना खाने के बाद सिर का तेल से मसाज करें। आयुर्वेद के मुताबिक नींद की समस्या से लड़ने के लिए यह बेहतरीन इलाज है। हल्के से सिर में मसाज भी करें। नींद तो आएगी ही साथ ही सिर को आराम भी मिलेगा। परिणामस्वरूप आपकी सुबह तरोताजा रहेगी।

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016