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रविवार, 12 नवंबर 2017

बच्चे के स्तनपान को छुड़ाने के सुरक्षित रामबाण उपाय

बच्चे के स्तनपान को छुड़ाने के सुरक्षित रामबाण उपाय


स्तनपान यह कुदरत की एक अद्भुत व्यवस्था है जिससे धरती पर पाये जाने वाले लगभग हर स्तनधारी अपने बच्चे को अपने दूध से प्रथम पोषण करते हैं। बच्चे के जन्म से पहले ही इस प्रक्रिया की शुरुआत माँ के शरीर में होती है। जैसे बच्चे के जन्म का समय नजदीक आता है वैसे ही शरीर में दूध के निर्मित होने की प्रक्रिया भी शुरू होने लगती है। बच्चों की रोग प्रतिकार शक्ति के विकसित होने में माँ के दूध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

स्तनपान क्यों जरूरी है ?
स्तनपान हर बच्चे के लिए एक आरामदायक अनुभव है और अगर यह जबरदस्ती छुड़ा दिया जाए तो निश्चित रूप से बच्चे पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
स्तनपान एक साथ एक ही बार में बंद कर देना न केवल बच्चे के लिए कठिन होता है बल्कि यह आपके शरीर पर भी प्रभाव डाल सकता है और बहुत सी समस्याओं का कारण बन सकता है। भरे हुए स्तन, स्तनों में सूजन और शिराओं में जमाव या उनका बंद हो जाना ये कुछ आम समस्या हैं जो अचानक एक साथ स्तनपान रोक देने पर उत्पन्न हो सकती है।
स्तनपान छुड़ाने में कितना समय लगेगा ?
यह हर बच्चे के लिए भिन्न-भिन्न हो सकता है। और हर बच्चा अपनी गति के अनुकूल इसका अभ्यस्त होता है। और इसके साथ ही महत्वपूर्ण बात यह है की इसके लिए बच्चे को समय दें, परिणाम प्राप्त करने की जल्दबाजी ना करें। इस में 6 माह तक का समय लग सकता है और कभी-कभी कुछ बच्चों को 1 साल तक का समय भी लग जाता है। इसमें सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात यह है की आप धैर्यवान बनें रहें।
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बच्चे के स्तनपान को छुड़ाने के सुरक्षित उपाय :

कम से कम 6 माह तक अपने बच्चे को दूध ज़रूर पिलाएँ। 6 महीने के बाद आप धीरे-धीरे इस आदत को छुड़ाने की कोशिश करें। आप अपने बच्चे के स्तनपान की आदत को छुड़ाना चाहतीं हैं तो धैर्य के साथ नीचे दिये हुए उपायों को अपनाएं अपनायें >

पोषक और संतुलित आहार
अपने बच्चे में स्तनपान की आदत छुड़ाते समय इस बात का बहुत गंभीरता से ध्यान रखना चाहिए की बच्चे को सही पोषण मिल रहा है या नहीं? बच्चे के शरीर के विकास के लिए उसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। अगर बच्चे को आहार के द्वारा पोषक तत्व प्राप्त हो तो स्तनपान छुड़ाने में सहायता होती है।

सुपाच्य आहार
यह तय कर लें की आप जो भी उसे दे रहें हैं वह चबाने में आसान और सुपाच्य (digestive) हो।

विभिन्न स्वाद और प्रकार
बच्चे को विभिन्न स्वादों और प्रकारों से अवगत कराएं, ताकि उसे माँ के दूध के अलावा दूसरे तरह के भोजन में भी दिलचस्पी हो।उसे अलग-अलग तरह का भोजन दें जो रंग, आकार और स्वाद में भिन्न-भिन्न हो साथ ही इन्हें अलग-अलग समय पर दें।

स्तनपान को छुड़ाने के घरेलू उपाय:

स्तनपान रोकने के लिए स्तन पर अनेक कड़वे पदार्थ या दवाई लगाए जाते है। लेकिन इस उपाय को हो सके तो न इस्तेमाल करें। फिर अगर दूसरे उपायों से स्तनपान की आदत नहीं छूट रही है और इसे छुड़वाना जरूरी है तो सरल घरेलू उपाय अपनाएं।

उपाय 1 >>
करेला या नीम के पत्तों का रस स्तन पर लगाए।

उपाय 2 >>
थोड़ी सी मिर्च पाउडर को पानी में भिगोकर स्तन पर लगाए।

इसके अलावा अगर कोई अन्य कारण नहीं हैं, जैसे दोबारा नौकरी में जाना आदि, तो आप तब तक स्तनपान करा सकतीं हैं जब तक आपका बच्चा चाहे, और इसमें कोई परेशानी भी नहीं है, चाहे आपका बच्चा 2 से 3 साल की उम्र का शिशु हो।
स्तनपान कराने के दौरान न खाएं ये चीज़ें, जरुर आजमाइए

स्तनपान कराने के दौरान न खाएं ये चीज़ें, जरुर आजमाइए


बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान एक आवश्यक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो हर माँ के लिए ज़रूरी होती है पर आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि, ऐसी कुछ बातें भी हैं जो स्तनपान कराते समय ध्यान में रखनी चाहिए। खासकर स्तनपान कराने वाली माताओं को खान पान का विशेष ध्यान रखने के साथ इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि कौन सी चीज़ें स्तनपान के दौरान खाने पर नुकसानदायक हो सकती हैं। कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं जिनका स्तनपान कराते समय सेवन करने पर सेहत पर काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता यह यह प्रभाव न केवल माता, बल्कि शिशु पर भी पड़ता है। ऐसी माँ जो अभी हाल ही में प्रसव के बाद शिशु को स्तनपान करा रही हैं उन्हें अपने पर्याप्त पोषण के लिए अनेक प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना ज़रूरी होता है, पर इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने पोषण के लिए हर सेहतमंद चीज़ खाएं। स्तनपान कराने वाली माँओं के लिए कुछ ऐसे आहार भी हैं जिनका सेवन स्तनपान के समय नहीं करना चाहिए।

स्तनपान के दौरान परहेज़ किए जाने वाले भोजन की सूची

स्तनपान के दौरान न खाएं मछली 
मछली (fish) का सेवन स्तनपान के दौरान करना चाहिए या नहीं? इस बात का उत्तर यह है कि, वैसे तो मछली एक पौष्टिक आहार है जिसमें ओमेगा3 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा पाई जाती है पर इसमें मर्करी (mercury) या पारा भी अतिरिक्त मात्रा में होता है जो प्रसव के बाद माँ के शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता। इससे नई माँ के शरीर में दूध का स्तर कम हो सकता है जो बच्चे के लिए नुकसानदायक है।
क्या प्रसव के बाद माँ को अंडे का सेवन करना चाहिए? 
अंडे प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है जिसके सेवन से शरीर तंदरुस्त रहता है लेकिन यही प्रोटीन (protein) की उच्च मात्रा कभी कभी किसी प्रकार की एलर्जी (allergy) पैदा कर देती है जो नई माँ के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। बेहतर होगा कि बच्चे के जन्म के बाद माँ को अंडे की जगह किसी अन्य प्रकार के प्रोटीनयुक्त पदार्थों का सेवन कराया जाए।
न करें डेयरी उत्पादों का प्रयोग 
डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर आदि गाय के दूध से निर्मित होते हैं। ये भी शरीर में एलर्जी पैदा कर सकते हैं जो कई प्रकार की समस्या का कारण बनता है। इन डेयरी उत्पादों के साथ आइसक्रीम आदि भी माँ की सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। प्रसव के बाद स्तनपान कराते समय इन पदार्थों से सेवन से बचना चाहिए।
गेंहू से बनी चीजों से हो सकती है एलर्जी 
अगर आपको शरीर में किसी तरह की एलर्जीजनित समस्या दिखाई देती है जैसे – खूनी दस्त के साथ दर्द और चिल्लाने का एहसास आदि तो आपको अपने लिए गए भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर इस प्रकार के लक्षण आपके शरीर और सेहत में दिखाई दें तो आपको गेंहू से बनी चीजों को कुछ समय तक लेना बंद कर देना चाहिए। ये शरीर में एलर्जी को जन्म देती हैं और इस तरह की समस्याओं के लिए जिम्मेदार होती हैं।
लहसुन का प्रयोग
स्तनपान कराने के दौरान लहसुन का प्रयोग भोजन में नहीं करना चाहिए। अगर आपको लहसुन या लहसुन से बनी चीज़ें जैसे गार्लिक ब्रेड आदि पसंद भी हैं तो अपने बच्चे को स्तनपान कराते समय कुछ समय के लिए इन्हें अपने आहार में शामिल न करें। कई बच्चों को लहसुन की गंध अच्छी नहीं लगती और वे इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते, इसके साथ ही लहसुन दूध के साथ मिलकर बच्चे के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसीलिए भी लहसुन का प्रयोग स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नहीं करना चाहिए।

मसालेदार भोजन से बचें 
अगर आपण एयभी हाल ही में अपने शिशु को जन्म दिया है और आपको मिर्च मसालेदार भोजन पसंद है तो इसका प्रयोग आपको तुरंत रोक देना चाहिए। यह भोजन आपने बच्चे के लिए असुविधाजनक हो सकता है। ये तीखे पदार्थ बच्चे और माँ दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं तो स्तनपान कराते समय आपको अपने आहार में कम मसालों का प्रयोग करना चाहिए।

कॉफी का सेवन रोकें 
आपको भी सुबह और शाम के वक़्त कॉफी (coffee) पीना पसंद होगा। हम सभी को फ्रेश महसूस करने के लिए कॉफी की ज़रूरत महसूस होती ही है। पर स्तनपान के दौरान कॉफी पीने से डॉक्टर भी मना करते हैं। नियमित रूप से कॉफी पीने से यह कैफीन (caffeine) की मात्रा दूध में भी ज़्यादा हो जाती है जो नींद न आना या शरीर में बुखार जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है।