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गुरुवार, 3 मार्च 2022

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, फिर देखिये कमाल !

आपको किसी तरह का कोई तनाव न हो। आपका मन शांत हो। आप सुकून महसूस करें। लेकिन अमूमन ये हो नहीं पाता। दिनभर चाहे आप दफ्तर में रहें, कॉलेज जाएं या घर के कामों में उलझे रहें… तनाव हो ही जाता है। तनाव यानी स्ट्रेस। ये तनाव आपको रात को सोने नहीं देता। ये आपको मानसिक और शारीरिक तरीके से नुकसान पहुंचाता है। अगर आप छोटी सी कोशिश करें तो तनाव को मिनटों में दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस एक तेज़ पत्ता चाहिए ।
 

तेज़ पत्ता हर किसी की किचन में बड़े ही आराम से मिल जाता है।


ये सिर्फ 5 मिनट में आपके तनाव को दूर करने की क्षमता रखता है। एक रशियन साइंटिस्ट ने इस पर स्टडी की और पाया कि यह हमारे तनाव को दूर कर सकता है। यही वजह है कि तेज पत्‍ते को अरोमाथैरेपी के लिये इस्‍तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, तेज़ पत्ता यह त्‍वचा की बीमारियों और सांस से संबन्‍धित समस्‍याओं को भी ठीक करने के लिये जाना जाता है।

कैसे करें इस्तेमाल :

एक तेज पत्‍ता लें और उसे किसी कटोरी या एैशट्रे में जला लें। अब इसे कमरे के अंदर लाकर 15 मिनट के लिए रख देंगे। आप पाएंगे कि तेज पत्‍ते की खुशबू पूरे कमरे में भर जाएगी। साथ ही आपको कमरे का माहौल काफी सुकून वाला लगेगा। ये आपको स्पा एक्सपीरियेंस देगा। कुछ देर इस कमरे में रिलेक्स होकर बैठ जाएं, आपको अपने अंदर सुकून बहता हुआ महसूस होगा और आपका तनाव कम होने लगेगा।

तेज पत्ते को जलाने के फायदे :

हमारा अच्छा , बुरा व्यवहार हमारे आस पास के वातावरण पर निर्भर करता है, हमारे आस पास की सुगंध–दुर्गन्ध हमारे व्यवहार को प्रभावित करती है | हमारे आस पास की नकारात्मक उर्जा हमारे अच्छे व्यवहार को बुरे व्यवहार की तरफ तब्दील कर देती है


आज हम आपको बताये गे प्राचीन काल से चला आ रहा नकारात्मक वायु के परभाव को कम करने वाला नुख्सा  तेज पत्ते को जलाने से आपके व्यवहार में हैरानीजनक बदलाव आ जायेगा 

तेज पत्ते को जलाने से निकलने वाला धुआं आपके आस पास के वातावरण को कुछ इस तरेह से बदल देगा के आपका और आपके आस पास के लोग का व्यवहार खुशमिजाज हो जायेगा  अपने घर में या अपने आप पास की किसी भी जगह पर तेज पत्ते को जलाये और इस का जादू देखें

तेज पत्ते के जलाने के फायदे बस यही पर ही ख़त्म नहीं होते तेज पत्ता प्राचीन काल से बिमारिओ को ठीक करने के लिए रामबाण माना जाता है आप इसको अपने खाने में पका सकते है तथा पानी में उबाल कर पी सकते है !

अच्छी नींद के लिए -

रात को सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है. तेजपत्ते के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है.
 

पेट के लिए -

अगर आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं तो आप तेजपत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं. पेट से जुड़ी कई समस्याओं में ये कारगर उपाय है. चाय में तेजपत्ते का इस्तेमाल करके कब्ज, एसिडिटी और मरोड़ जैसी समस्याओं से राहत पा सकते हैं.

डायबिटीज रोगियों के लिए -

तेजपत्ते का इस्तेमाल टाइप 2 डायबिटीज में करना फायदेमंद होता है. ये ब्लड शुगर के लेवल को सामान्य बनाए रखता है और दिल की क्रियाशीलता पर भी सकरात्मक प्रभाव डालता है. ऐसे में जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं उनके लिए इसका सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है.

पथरी में लाभदायक -

किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीने से किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं में फायदा मिलता है.

सर दर्द में -

दर्द में राहत के लिए भी तेजपत्ता एक कारगर उपाय है. तेजपत्ते के तेल से प्रभावित जगह पर मसाज करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा अगर तेज सिर दर्द हो रहा हो तो भी इसके तेल से मसाज करना अच्छा रहता है.
 

मिर्गी के रोगियों के लिए - 

तेज पत्ता Anti Inflammatory होता है, अगर आप मिर्गी के मरीज हो तो तेज पत्ते का धुआ आपके लिए वरदान है 
 

काकरोच को दूर भगाने के लिए - 

काकरोच को भगाने के लिए बाजार में बहुत सारे प्रोडक्ट्स पाए जाते है जो के बेहद महंगे और हमारे लिए तथा बचों की सेहत के लिए नुकसानदायक होते है
अगर आप काकरोच से परेशान है तो तेज पत्तो को जला कर अपनी रसोई , गार्डन के कोनो में रखे और यह आपकी सेहत के लिए बिलकुल भी हानिकारक नहीं है!
 
 
डिसक्लेमर : दोस्तों, आयुर्वेदप्लस में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।   
 

गुरुवार, 3 मई 2018

सुबह उठते ही करेंगे ये काम तो आप भी बन जाएंगे भाग्यशाली

सुबह उठते ही करेंगे ये काम तो आप भी बन जाएंगे भाग्यशाली


शास्त्रों में इंसान को खुश रहने के लिए बहुत से उपाय बताये गये हैं लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इस उपाय को नहीं कर पाते. हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि इन्सान को सुबह नहाकर पूजा पाठ करनी चाहिए.

शास्त्रों में भी बताया गया है कि किसी भी मंत्र के जप करने से पहलेस्त्री हो या पुरुष सभी का मन के साथ तन का शुद्ध होना बहुत जरुरी है. आजकल की बिजी लाइफ में लोग सुबह पूजा पाठ तो कर लेते है लेकिन किसी भी मंत्र का जाप नहीं कर पाते.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऑफिस जाने वाले लोगो के पास सुबह नहाने के बाद ज्यादा समय नहीं होता. आज हम आपको एक ऐसे मंत्र के बारे में बता रहे हैं जिसे आप बिना नहाए भी कर सकते हैं.

आज जो मंत्र हम आपको बता रहे हैं उसका जप आप सुबह उठकर अपने बिस्तर पर ही कर सकते हैं. इस मंत्र का जप आप आप बिना नहाए कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं आपको किस मंत्र का जप करना है. इस मंत्र के जप करने से आपका भाग्य आपका साथ देगा और घर परिवार में सुख शांति रहेगी.

मंत्र-
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनि राहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे ममसुप्रभातम्॥

इस मंत्र का अर्थ यह है कि ब्रह्मा, विष्णु, शिव, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु ये सभी मेरे प्रातःकाल यानी सुबह को मंगलमय बनाएं. इसे जपने से नौ ग्रहों की कृपा मिलती है.

इसके अलावा, हमारे हाथों के अग्रभाग में देवी लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और हाथ के मूलभाग में भगवान विष्णु का वास है. इसलिए सुबह जागते ही अपनी दोनों हथेलियों को देखकर मंत्र का पाठ करना चाहिए-

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविंद: प्रभाते करदर्शनम्॥

मंगलवार, 1 मई 2018

आज मंगल कर रहा राशि परिवर्तन, इन राशियों पर है भरी संकट

आज मंगल कर रहा राशि परिवर्तन, इन राशियों पर है भरी संकट


आज यानि की मंगलवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को शाम 04:17 पर मंगल मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 6 नवम्बर की सुबह 08:22 तक यहीं पर रहेंगे, यानी लगभग 7 महीने तक मंगल मकर राशि में ही रहेंगे। साथ ही इस बीच 27 जून को सुबह 02:35 पर मंगल मकर राशि में वक्री भी होंगे और 27 अगस्त की शाम 07:35 तक वक्री रहेंगे, उसके बाद मंगल फिर से मकर राशि में मार्गी हो जायेंगे।

मंगल मकर राशि में उच्च के और कर्क राशि में नीच के होते हैं। साथ ही यह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। मंगल की शुभ स्थिति में व्यक्ति शक्तिशाली और साहसी बनता है, जबकि मंगल की अशुभ स्थिति व्यक्ति को निगेटिव कामों के लिये प्रेरित करती है। तो लगभग इन सात महीनों के दौरान मंगल का विभिन्न राशि के लोगों पर क्या प्रभाव होगा, मंगल उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और उस स्थिति में शुभता सुनिश्चित करने के लिए और अशुभता से बचने के लिय आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

मेष राशि
मंगल आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। मंगल के इस गोचर से आपको अपनी मेहनत के अनुसार करियर में सफलता मिलेगी। 6 नवम्बर तक आपकी अचल सम्पत्ति में कुछ इजाफा हो सकता है। इसके अलावा आपका गृहस्थ जीवन अच्छा रहेगा और आपकी सेहत भी ठीक-ठाक रहेगी। हालांकि आज शाम 04:17 से 6 नवम्बर की सुबह 08:22 तक आपको अपने घर में रखे सोने का ध्यान रखना चाहिए। उसे लॉकर में रखना ज्यादा बेहतर होगा। मंगल की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 6 नवम्बर तक जब भी मौका मिले, किसी दृष्टिहीन की मदद जरूर करें। साथ ही घर में चूल्हे पर दूध उबालते समय ध्यान रखें कि दूध उबलकर बर्तन से बाहर न गिरे।

वृष राशि
मंगल आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। नवां स्थान भाग्य का होता है। अतः मंगल के इस गोचर से आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आपको हर तरह का सुख मिलेगा। अगर बड़े भाई का सहयोग मिले, तो आपकी किस्मत के पहिए और भी तेजी से दौड़ेंगे। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। इसके अलावा प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत लोगों को 6 नवम्बर तक लाभ मिलेगा। साथ ही युद्ध संबंधी चीज़ों के व्यापार करने वालों को भी धन लाभ होगा। अतः मंगल की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए भाईयों का सम्मान करें। साथ ही अपने भाई की पत्नी, यानी अपनी भाभी का आशीर्वाद लेकर उन्हें कुछ गिफ्ट करें। इससे आपकी तरक्की सुनिश्चित होगी।

मिथुन राशि
मंगल आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल के गोचर से जातक अस्थायी रूप से मांगलिक कहलाता है, यानी मिथुन राशि वालों आपके आठवें स्थान पर मंगल के इस गोचर से आप 6 नवम्बर तक टेम्पेरेरी रूप से मांगलिक कहलायेंगे। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां...तो ठीक है, अन्यथा मंगल के इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। साथ ही 6 नवम्बर तक आपको अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए। हालांकि आप इस दौरान अपनी मेहनत के बल पर अपने कार्यों को करने में सफल होंगे। अतः मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए आज से लेकर 6 नवम्बर तक प्रतिदिन कुत्ते को रोटी डालें।

कर्क राशि
आपके सातवें स्थान पर मंगल का यह गोचर मिथुन राशि वालों की तरह ही आपको भी 6 नवम्बर तक के लिये टेम्पेरेरी रूप से मांगलिक बना देगा। क्योंकि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल का गोचर जातक को अस्थायी रूप से मांगलिक बना देता है। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं तो आपको भी इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर ऐसा है तो ठीक, वरन् सतर्क होकर इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। हालांकि मंगल के इस गोचर से आपकी गणित विषय में रूचि बढ़ेगी और धार्मिक कार्यों में आपका मन लगेगा। परन्तु 6 नवम्बर तक आपको अपने जीवनसाथी की तरक्की और उनकी सेहत का ख्याल जरूर रखना चाहिए। साथ ही मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये और मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए अपनी बुआ या बहन को लाल रंग के कपड़े गिफ्ट करें और उनका आशीर्वाद लें। अगर आपकी कोई सगी बहन या बुआ नहीं है, तो रिश्ते में लगने वाली अपनी किसी बहन या बुआ को गिफ्ट कर दें।

सिंह राशि
आपके छठे स्थान पर मंगल का यह गोचर आपको साहसी बनायेगा और आपकी कलम आपकी ताकत बनेगी। इस बीच आपको समाज के कुछ अच्छे लोगों से मिलने का मौका मिलेगा, जिसका भविष्य में आपको लाभ होगा, लेकिन 6 नवम्बर तक आपसे कुछ ऐसे लोग भी हाथ मिलाना चाहेंगे, जो आगे चलकर आपकी जड़ें खोदेंगे। लालच मित्र को भी शत्रु बना सकता है। ऐसे लोगों से आपको सतर्क रहना चाहिए। साथ ही मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार के दिन किसी छोटी उम्र की कन्या का आशीर्वाद लेकर उसे कुछ गिफ्ट
करें।

कन्या राशि
मंगल आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे और यह स्थान आपको हर तरह का लाभ दिलाने में मदद करेगा। मंगल के इस गोचर से आपके करियर को एक बेहतर दिशा मिलेगी, आपको अपने गुरु के सहयोग से विद्या का पूरा लाभ मिलेगा। साथ ही आपको संतान का सुख मिलेगा और आपके दाम्पत्य जीवन में खुशियां ही खुशियां होंगी। आप अपने विवेक से कुछ भी हासिल करने में सक्षम होंगे। अतः मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 6 नवम्बर तक  रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पानी रखकर सोएं और अगले दिन उस पानी को किसी पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें। साथ ही रोज़ सुबह उठकर घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने से आपको मिलने वाले लाभ सुनिश्चित होंगे।

सिंह राशि
आपके छठे स्थान पर मंगल का यह गोचर आपको साहसी बनायेगा और आपकी कलम आपकी ताकत बनेगी। इस बीच आपको समाज के कुछ अच्छे लोगों से मिलने का मौका मिलेगा, जिसका भविष्य में आपको लाभ होगा, लेकिन 6 नवम्बर तक आपसे कुछ ऐसे लोग भी हाथ मिलाना चाहेंगे, जो आगे चलकर आपकी जड़ें खोदेंगे। लालच मित्र को भी शत्रु बना सकता है। ऐसे लोगों से आपको सतर्क रहना चाहिए। साथ ही मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार के दिन किसी छोटी उम्र की कन्या का आशीर्वाद लेकर उसे कुछ गिफ्ट
करें।

कन्या राशि
मंगल आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे और यह स्थान आपको हर तरह का लाभ दिलाने में मदद करेगा। मंगल के इस गोचर से आपके करियर को एक बेहतर दिशा मिलेगी, आपको अपने गुरु के सहयोग से विद्या का पूरा लाभ मिलेगा। साथ ही आपको संतान का सुख मिलेगा और आपके दाम्पत्य जीवन में खुशियां ही खुशियां होंगी। आप अपने विवेक से कुछ भी हासिल करने में सक्षम होंगे। अतः मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 6 नवम्बर तक  रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पानी रखकर सोएं और अगले दिन उस पानी को किसी पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें। साथ ही रोज़ सुबह उठकर घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने से आपको मिलने वाले लाभ सुनिश्चित होंगे।

धनु राशि
मंगल आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। मंगल के इस गोचर से आपको आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। 6 नवम्बर तक आपको अन्न-धन या अन्य किसी प्रकार की कमी नहीं होगी। ससुराल पक्ष से भी आपको समय-समय पर आर्थिक रूप से लाभ मिलता रहेगा। इस दौरान विशेषकर दवाईयों, मशीनों या जासूसी के काम से जुड़े लोगों को फायदा होगा। साथ ही 6 नवम्बर तक जब भी आपके किसी करीबी को आर्थिक रूप से आपकी सहायता चाहिए हो, तो उनकी मदद जरूर करें। इससे आपको भी भविष्य में फायदा होगा। मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 6 नवम्बर तक धार्मिक कार्यों में सहयोग देते रहें और भाईयों की हर संभव मदद करें।

मकर राशि  
मंगल का यह गोचर आपके लग्न स्थान, यानी आपके पहले स्थान पर होगा और जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल का गोचर जातक को अस्थायी रूप से मांगलिक बना देता है। अतः आपके पहले स्थान पर मंगल का यह गोचर 6 नवम्बर तक के लिये आपको अस्थायी रूप से मांगलिक बना देगा। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक, वरना सतर्क होकर इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। हालांकि आपके लग्न स्थान पर मंगल के इस गोचर से आपको भरपूर यश-सम्मान मिलेगा और आपको धन लाभ होगा। साथ ही आपके प्रेम-संबंध मजबूत होंगे और आपकी संतान को न्यायालय से लाभ मिलेगा। मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए और अस्थायी रूप से मांगलिक दोष से बचने के लिए मन्दिर में बेसन या चने की दाल से बनी किसी चीज़ का दान करें। इससे आपके भाग्य मेंवृद्धि होगी  और आपके परिवार की समृद्धि होगी।

कुंभ राशि
आपके बारहवें स्थान पर मंगल का यह गोचर मिथुन, कर्क, तुला और मकर राशि वालों की तरह आपको भी 6 नवम्बर तक अस्थायी रूप से मांगलिक बना देगा। वैसे भी अब तो आप जान ही गये होंगे कि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें घर में मंगल का गोचर जातक को मांगलिक बनाता है। अतः कुंभ राशि वालों अगर आप विवाहित हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा सतर्क होकर आपको मंगल के इस गोचर के उपाय जरूर करने चाहिए। हालांकि इस दौरान आपको शैय्या सुख मिलेगा, लेकिन 6 नवम्बर तक व्यर्थ के खर्चे से आपको बचना चाहिए। साथ ही मंगल के अस्थायी मांगलिक दोष से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए सूर्यदेव को नित्य रूप से जल में थोड़ा-सा मीठा मिलाकर अर्घ्य दें। साथ ही मन्दिर या किसी धर्मस्थल पर बताशे का दान करें।

मीन राशि
मंगल आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। मंगल के इस गोचर से आपकी आध्यात्मिक विचारों के प्रति आस्था बढ़ेगी। न्यायिक प्रक्रियाओं में आपकी रुचि होगी और आप अपने साहस का परिचय देंगे। साथ ही 6 नवम्बर तक आपको और आपके माता-पिता को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। इसके अलावा पशुपालक और व्यापारी वर्ग को भी 6 नवम्बर तक कई तरह से फायदे मिलेंगे। हालांकि इस दौरान आपको अपनी सेहत का ख्याल रखने की आवश्यकता है। तो मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए अगर आपके लिये संभव हो तो 6 नवम्बर तक घर में कुत्ता पालें अन्यथा कुत्ते को रोटी डालें।

रविवार, 29 अप्रैल 2018

अगली बार हस्तमैथुन करने से पहले ये बातें जान लें, लड़के और लड़कियों दोनों को पता होनी चाहिए ये बातें

अगली बार हस्तमैथुन करने से पहले ये बातें जान लें, लड़के और लड़कियों दोनों को पता होनी चाहिए ये बातें


हस्तमैथुन, एक ऐसा शब्द जिसके बारे में समाज में अलग-अलग तरह की बातें फैली हुई हैं, कुछ बातें सही हैं तो कुछ वाहियात और बेबुनियाद. समाज का एक तबका है जो हस्तमैथुन को गलत मानता है तो वहीँ एक दूसरा तबका ऐसा भी है जिसके लिए हस्तमैथुन उतना ही आम है जितना खाना-पीना और सोना. यकीन मानिये उस दूसरे तबके की बात पर अब तो वैज्ञानिकों ने भी मुहर लगा दी है. जी हाँ अगर अप भी हस्तमैथुन को लेकर कोई गलत धारणा रखते हैं तो उसे भूल जाइये, क्योंकि ये क्रिया बेहद ही आम और सामान्य है.

क्या होता है हस्तमैथुन?

सरल और सटीक शब्दों में समझाएं तो जब भी कोई इंसान अपने प्राइवेट पार्ट्स को छूता है तो उसे हस्तमैथुन कहते हैं. हर इंसान का हस्तमैथुन करने का तरीका अलग होता है. बता दें कि हस्तमैथुन के वक़्त एक इंसान अपने दिमाग में कुछ हसीन बातें सोचता है और उसकी कल्पना में खुद को चरम सुख देता है.

क्या हस्तमैथुन गलत है?

अब सवाल ये उठता है कि क्या हस्तमैथुन गलत है? तो इसका जवाब है बिलकुल भी नहीं. आखिर खुद को छूना और खुद को सुख देना भला कैसे गलत हो सकता है? हां लेकिन कुछ लोग बेशक इसे गलत मानते हैं, लेकिन हस्तमैथुन में किसी तरह की कोई बुरी, कोई गलती नहीं होती है. हस्तमैथुन एक बेहद ही निजी मामला है बस यहाँ इस बात का ध्यान रखने की ज़रूरत है कि हस्तमैथुन सार्वजनिक जगह पर करना गलत है.

जानकारी के लिए बताएं तो इसे लड़के और लड़कियां दोनों ही करते हैं. लड़कों में 17 साल की उम्र के बाद इसे करने की इच्छा बढ़ने लगती है.हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसे नहीं करते हैं, इसमें गलत सही की बात नहीं है बस ये उनकी निजी राय होती है.

कई लोग ये मानते हैं कि इस क्रिया को करने से आपका शारीरिक विकास रुक जाता है या फिर, आपके शरीर की बनावट बिगड़ जाती है. या कई मामलों में तो आँखों के नीचे काले घेरे तक पड़ जाते हैं, लेकिन अगर आप भी इनमें से किसी भी बात को सही मानते हैं तो हम आपको बता दें कि ये सब गलत हैं. हस्तमैथुन से ऐसा कुछ नहीं होता है.

सच्चाई बताएं तो इसे करने से आपके तनाव कम होते हैं और शरीर में खुश करने वाले हार्मोन इंडॉरफिंस रिलीज होते हैं, जो आपको रिलैक्स करते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं ऐसा करने से आपको सोने में मदद मिलती है और साथ ही इससे आपके निजी अंग भी सक्रिय रहते हैं.

क्या हस्तमैथुन के लिए सेक्स टॉयज सही विकल्प है?

लड़कियों के मामले में देखा गया है कि वो अक्सर हस्तमैथुन के लिए सेक्स टॉयज का इस्तेमाल करती हैं ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये सही विकल्प है या नहीं तो इसका जवाब ये है कि ऐसा करना तब तक सुरक्षित है जब तक आपको किसी तरह का कष्ट न हो. इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वस्तु को आप ठीक से पकड़ें ताकि ये अंदर न रह जाए. इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि अंदर जाने वाला वस्तु बैक्टेरिया रहित हो.

बच्चो में दिखे ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान, हो सकती है ये भयानक बीमारी

बच्चो में दिखे ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान, हो सकती है ये भयानक बीमारी


आमतौर पर बच्चों में दिखने वाले कुछ लक्षणों को आप सामान्य ले लेते हैं, लेकिन कई बार आपका ये नजरअंदाज आपके बच्चे को गंभीर बिमारी की तरफ लेकर जाता है, जोकि उसके लिए खतरनाक हो सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि टीबी के लक्षण होते हैं, ऐसे लक्षण दिखते ही आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि बच्चों में किन लक्षणों को लेकर आपको सावधान होने की जरूरत होती है, क्योंकि ये लक्षण टीबी के भी हो सकते हैं। तो आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

टीबी का नाम सुनते ही आप घबरा जाते हैं, ऐसे में आपको अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अब इसका ईलाज हर सरकारी अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त है। टीबी जैसे रोगों से लोग पहले इसलिए डरते थे, क्योंकि इसका कहीं कहीं ही होता था, ऐसे में मरीज की हालत नाजुक हो जाती थी, और ईलाज में देरी होने की वजह से मरीज मौत के मुंह में भी चला जा सकता था, लेकिन पिछले कुछ सालों से सरकार इस बिमारी को लेकर काफी गंभीर दिखाई दे रही है, यही वजह है कि इसका ईलाज हर सरकारी अस्पताल में मौजूद है।

गौरतलब है कि ईलाज तो मौजूद है, लेकिन आपकी लापरवाही आपके बच्चे के लिए भारी पड़ सकती है, ऐसे में आपको उन लक्षणों का जानना बहुत जरूरी है, जो टीबी के तरफ संकेत करते हैं। औऱ इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। आपको पता ही होगा कि बच्चे अपनी तकलीफ को साफ नहीं बता पाते हैं, साथ ही छोटे छोटे शिशु तो बिल्कुल भी नहीं। तो चलिए आज हम आपको टीबी के लक्षण बताते है, ताकि आप खुद और अपने बच्चे को इससे सुरक्षित रख सके।

बच्चों में टीबी के सामान्य लक्षण

तो चलिए अब जानते हैं कि बच्चों में टीबी के क्या क्या लक्षण है, ऐसे में देखते हैं कि इस कड़ी में क्या क्या चीजें शामिल है, जिसे जानकर आपको सतर्क रहना चाहिए।

1. लंबे वक्त से खासी आना

यूं तो बच्चों में खांसी की समस्या बहुत ही आम है, लेकिन अगर शुरूआत में सूखी खांसी हो और इसके बाद खांसी के बलगम और खून आने लगे तो आपको सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि ये लक्षण टीबी के हो सकते हैं, ऐसे में आपको बच्चे के बलगम की जांच करानी चाहिए।

2. सांस लेने में दिक्कत

अगर बच्चों को सांस लेने की दिक्कत है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि टीबी का कीटाणु बच्चों में तेजी से फैलता है, तो ऐसे में बच्चों सांस लेने की दिक्कत होने लगती है। अगर ऐसा दिखे तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

3. बुखार आना

अगर बच्चा ज्यादा समय तक बिमार रहता है, तो यह भी लक्षण टीबी के हो सकते हैं। बता दें कि अगर बच्चे को ज्यादा समय तक बुखार हो या बार वो बुखार से पीड़ित हो तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि टीबी का कीटाणु बच्चे के दिल में प्रवेश कर देता है, ऐसे में बच्चे को टीबी हो सकता है।

4. वजन घटना

अगर आपके बच्चे का वजन लगातार घट रहा है, तो ऐसे में आपको सावधान होने की जरूरत है। बता दें कि वजन घटना सेहत के लिए ठीक नहीं है, लेकिन अगर ये सामान्य से भी ज्यादा घट रहा है तो ये टीबी का लक्षण हो सकता है। इसके साथ ही आपके बच्चे को अगर हर समय सुस्ती छाई रहती है, तो आपको उसके बलगम की जांच करानी चाहिए। लेकिन किसी भी मामले में सावधानी न बरतना आपके लिए खतरा हो सकता है।

बच्चों में टीबी की जांच कैसे कराएं

टीबी की जांच के लिए बलगम औऱ खून का टेस्ट कराना चाहिए, इससे पता चल सकता है कि आपका बच्चा टीबी से पीड़ित है या नहीं। इसके अलावा सीने का एक्स-रे, थूक और स्किन की जांच कराएं, ये सभी टेस्ट सरकारी अस्पताल में निशुल्क है।

मंगलवार, 24 अप्रैल 2018

तो इस वजह से पीरियड्स के दौरान महिलाओं को किचन में जाने के लिए किया जाता है मना

तो इस वजह से पीरियड्स के दौरान महिलाओं को किचन में जाने के लिए किया जाता है मना


पीरियड्स औरत की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसे ना तो गलत माना जाना चाहिए और ना ही गलत समझना चाहिए। हर महीने आने वाला पीरियड औरत की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। जो लोग पीरियड को गलत समझते हैं उन्हें अपनी यह मानसिकता बदलनी चाहिए।

पीरियड्स को लेकर आपने बहुत सारी बाते सुनी होंगी। उनमें से एक है पीरियड्स के दौरान महिलाओं का किचन में एंट्री न करना। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को किचन में जाने से रोक लगा दी जाती है परंतु क्या आप जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं आज हम आपको बताएंगे समाज में चली आ रही एंड मान्यताओं का कारण तो आइए जानते हैं फिर क्यों मना किया जाता है पीरियड के दौरान किचन में घुसने से।

पीरियड्स में महिलाओं की किचन में एंट्री पर रोक – पीरियड्स में महिलाओं को किचन में नहीं जाने दिया जाता है। इसका मुख्य रूप से यह कारण है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं की बॉडी में हारमोनल चेंज होते हैं जिस वजह से उनके पूरे शरीर में तेज दर्द होता है।इसीलिए इस दर्द से बचने के लिए महिलाओं को किचन में काम करने से मना किया जाता है ताकि उनको आगे और कोई दिक्कत ना हो।

शनिवार, 21 अप्रैल 2018

कमाई में बरकत चाहिए तो इन स्थानों पर रखें लाफिंग बुद्धा…

कमाई में बरकत चाहिए तो इन स्थानों पर रखें लाफिंग बुद्धा…


जिस तरह हिन्दू धर्म में कुबेर को धन वृद्धि करने वाला माना गया है उसी तरह चीन में लाफिंग बुद्धा को शुभ और धन समृद्धि लाने वाला माना गया है। बहुत से लोग इस बात को जानते हैं और अपने घर में लाफिंग बुद्धा लाकर रखते हैं। लेकिन लाफिंग बुद्धा कहीं पर भी रखने से बात नहीं बनती है। लाफिंग बुद्धा को रखने के लिए दिशा और स्थान का ध्यान रखना भी जरुरी है। यानी आपकी जरूरत जैसी उस अनुसार घर में रखें लाफिंग बुद्धा।

किसी भी घर में पूर्व दिशा को परिवार के भाग्य और सुख शांति का स्थान कहा जाता है। आप अपने घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और तालमेल बढ़ाना चाहते हैं तो एक लाफिंग बुद्धा पूर्व दिशा में रखें जो अपने दोनों हाथों को उठाकर हंस रहे हों।

फेंगशुई के नियम के अनुसार लाफिंग बुद्धा को अपने घर में दक्षिण पूर्व दिशा में रखें तो इस दिशा की सकारात्मक उर्जा बढ़ जाती है जो धन औ सुख को आकर्षित करती है। घर में रहने वालों की आमदनी बढ़ती है। नौकरी व्यवसाय आपके विरोधियों से आप परेशान हैं तो इसमें भी यह राहत दिलाता है।

लाफिंग बुद्धा को घर या दफ्तर में जहां भी रखें इस बात का ध्यान रखें कि उसकी ऊंचाई आपकी आंखों के बराबर तक हो। यानी लाफिंग बुद्धा इस तरह हो कि आते आते आपकी सीधी नजर उस पर पड़े। अधिक ऊंचाई या नीचे इसे नहीं रखना चाहिए।

जिस तरह गणेश जी का मुंह दरवाजे की तरफ होना शुभ होता है उसी तरह मुख्य दरवाजे को देखता हुआ लाफिंग बुद्धा धन समृद्धि को आकर्षित करने वाला माना जाता है।

शुक्रवार, 30 मार्च 2018

अगर आपके घर में भी है इनमें से कोई एक शंख, तो बहुत जल्द होने वाली है आप पर धन-वर्षा!

अगर आपके घर में भी है इनमें से कोई एक शंख, तो बहुत जल्द होने वाली है आप पर धन-वर्षा!


हिन्दू धर्म में जितनी महत्वता हमारे देवी देवताओं की होती है उतनी ही महत्वता उनसे जुड़े सामानों की भी होती है. फिर अब बात कीजिये चाहिए भगवान शिव का प्रारूप मानी जाने वाली शिवलिंग की या फिर शंख की. आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको ऐसी ही तीन शंखों के बारे में बताने का प्रयास करेंगें जिनके बारे में मान्यता रही है कि इनसे किसी भी तरह के क़र्ज़ से मुक्ति मिलने में सहायता मिलती है और साथ ही साथ अगर आप सही शंख का इस्तेमाल करें तो आप इससे करोड़पति भी बन सकते हैं.

यहाँ सबसे पहले ये जानना बेहद ही ज़रूरी है कि शिवलिंग और शालिग्राम की ही तरह शंख भी कई अलग-अलग प्रकार की होती हैं और हर तरह के शंख का अपना अलग ही महत्व होता है. ऐसे में अपने घर में शंख रखने से पहले आपको भी शंख से जुड़ी ये महत्वपूर्ण बातें जानना बहुत ही ज़रूरी है. यूँ तो शंख कई तरह के होते हैं लेकिन उनमे से मुख्य होते हैं, वामावर्ती, दक्षिणावर्ती और गणेश शंख या मध्यवर्ती शंख. इनके अलावा कुछ और भी शंख होते हैं जैसे, देव शंख, चक्र शंख, राक्षस शंख, शनि शंख, राहु शंख, पंचमुखी शंख, वालमपुरी शंख, बुद्ध शंख, केतु शंख, शेषनाग शंख, कच्छप शंख, शेर शंख, कुबार गदा शंख, सुदर्शन शंक इत्यादि. आइये जानते हैं ऐसे में इनमें से कौन सा शंख हमें कर्ज़ मुक्ति और धनवान बनने में मदद कर सकता है.

1. गणेश शंख: कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान 8 वें रत्न के रूप में सबसे पहले गणेश शंख की ही उत्पत्ति हुई थी. यहाँ ये भी बता दें कि इसे गणेश शंख इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका रूप हू-ब-हू गणेश जी की तरह होता है. मान्यता के अनुसार गणेश शंख दरिद्रतानाशक और धन प्राप्ति का कारक होता है. यहाँ ये भी जानना ज़रुरी है कि श्रीगणेश शंख का पूजन आप जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति के लिए कर सकते हैं. माना जाता है कि गणेश शंख आसानी से नहीं मिलता है क्योंकि वो दुर्लभ होता है. इस शंख को घर में रखने से व्यक्ति धीरे धीरे कर्ज मुक्त हो जाता है.

2. महालक्ष्मी शंख: इस कड़ी में दूसरे नम्बर पर आता है महालक्ष्मी शंख. इस शंख को महालक्ष्मी शंख कहने के पीछे की वजह ये बताई जाती है कि प्रकृतिक रूप से इसे निर्मित श्रीयंत्र भी कहा जाता है. कहते हैं ये शंख शाक्षात महालक्ष्मी जी का प्रतीक होता है. इस शंख की जिस भी घर में पूजा होती है वहां माँ लक्ष्मी का हमेशा ही वास होता है.

नोट: किसी भी शंख की पूजा इस मंत्र से करना चाहिए, “त्वंपुरा सागरोत्पन्न विष्णुनाविघृतःकरे देवैश्चपूजितः सर्वथौपाच्चजन्यमनोस्तुते.”

3. कामधेनु शंख: इसके बाद इस लिस्ट में तीसरा शंख है कामधेनु शंख जिसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं. एक गोमुखी शंख और दूसरा कामधेनु शंख. मान्यता के अनुसार कामधेनु शंख की पूजा करने से इंसान की तर्कशक्ति प्रबल होती है और साथ ही साथ सभी मनोकामनाओं की भी पूर्ति होती है. पौराणिक शास्त्रों में कामधेनु शंख के प्रयोग से धन और समृद्धि बढाई जाती थी.

गुरुवार, 29 मार्च 2018

बेरोजगार हैं तो हनुमान जयंती का अवसर ना चूकें, करें ये उपाय...

बेरोजगार हैं तो हनुमान जयंती का अवसर ना चूकें, करें ये उपाय...


आप बेरोजगार है या आपका व्यापार नहीं चल रहा है तो आप मंदिर में हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ करें। यदि आप नौकरी पाना चाहते हैं तो नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं, तो इन उपायों को करने से सफलता निश्चित तौर पर मिलती है

पहला उपाय-
जेब में लाल रूमाल या कोई लाल कपड़ा रखें। संभव हो, तो शर्ट भी लाल पहनें। आप जितना अधिक लाल रंग का प्रयोग कर सकते हैं, करें। लेकिन यह याद रखें कि लाल रंग भड़कीला ना लगे सौम्य लगे।

दूसरा उपाय- 
हनुमान जयंती के अतिरिक्त प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रति मंगलवार को हनुमानजी के मंदिर जाएं। हो सके तो पांच शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। यदि यह संभव नहीं हो तो 5 बार कभी भी किसी भी शनिवार को चोला चढ़ाएं। आप अपने संस्थान में एक लाल कपड़े में नारियल को नाड़े से बांधकर एक ओर लटका दें। इस उपाय से आपका व्यापार चल निकलेगा।

बुधवार, 21 मार्च 2018

पैर के अंगूठे में काला धागा बांधने से दोबारा कभी नहीं होगी ये बीमारी, महिलाओं के लिए है बेहद असरदार

पैर के अंगूठे में काला धागा बांधने से दोबारा कभी नहीं होगी ये बीमारी, महिलाओं के लिए है बेहद असरदार


हिन्दू धर्म में खुद को बुरी नज़र से बचाने के लिए काले धागे का इस्तेमाल किया जाता है. आपने अपने घर के बड़े-बूढों से कहते हुए सुना होगा कि काला धागा बांध लो नजर नहीं लगेगी. अगर घर के किसी बच्चे को भी नजर लगती है तो उसे नजर से बचाने के लिए काला धागा या काला टिका लगाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते है कि कुछ लोग और खासकर महिलाएं पैर के अंगूठों में काला धागा क्यूँ बांधती है?

ये बात तो आपको भी अच्छी तरह से पता होगी कि नाभि को व्यक्ति के शरीर का केंद्र माना जाता है. नाभि से व्यक्ति की 72000 नाड़ियां जुड़ी हुई होती है. अगर नाभि अपनी जगह से खिसक जाए तो व्यक्ति को बहुत सी समस्याएं होने लगती है और ये समस्याएं कोई भी दवाई लेने से ठीक नहीं हो पाती.

नाभि खिसकने की ज्यादा समस्या महिलाओं को होती है, इसका इलाज नाभि को सही जगह में लाने पर ही होता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसा छोटा सा उपाय बताने जा रहे हैं जिसको करने के बाद आपको इस समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जायेगी.

दरअसल अगर आप अपने अंगूठे में काले रंग का धागा बांधते हैं, तो आपको बहुत जल्दी इस समस्या से निजात मिल सकती है. ये छोटा सा धागा आपको हमेशा के लिए इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है. इसका असर आपको खुद धीरे-धीरे करके दिखाई देने लग जायेगा.

वहीँ बता दें कि आपके जिस भी हाथ की छोटी उंगली की लम्बाई कम हो उस हाथ को सबसे पहले सीधा करें और अपने हाथ की हथेली ऊपर की तरफ करें. अब अपने इस हाथ को आपके दूसरे हाथ की कोहनी के जोड़ के नजदीक ले जाए. अब अपने पहले वाले हाथ की मुट्ठी को बंद कर लें. इस बंद की गयी मुट्ठी से जोर से अपने कंधे पर मारे. ऐसा अगर आप 10 बार करेंगे तो आपकी नाभि खुद ही अपने जगह पर वापस आ जायेगी.

शनिवार, 17 मार्च 2018

मटके का पानी पीने से होते हैं ये बेशकीमती फायदे, आज ही से पीना शुरू कर दे!

मटके का पानी पीने से होते हैं ये बेशकीमती फायदे, आज ही से पीना शुरू कर दे!


गरीबों के पास फ्रिज की सुविधा नहीं होती इसलिए वह पानी को ठंडा करने के लिए मिट्टी के मटके का इस्तेमाल करते हैं. मिट्टी के मटके से पानी पीने का अपना एक अलग ही मज़ा है. मटके का पानी स्वच्छ, स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में भी मटके का पानी पीने के कई फायदे बताये गए हैं. इतना ही नहीं, इसे ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद लाभकारी माना गया है. घड़े का पानी लोग पीढ़ियों से पीते चले आ रहे हैं. आज भी कई लोगों को घड़े का पानी पीना पसंद होता है. कई लोगों को तो पानी से आने वाली मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू बहुत पसंद आती है. कहते हैं कि व्यक्ति अगर मटके में रखा हुआ पानी पिये तो यह सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है.

दरअसल, मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता होती है. इसमें लाभकारी मिनरल्स मौजूद होते हैं जो शरीर को विषैले तत्वों से मुक्ति दिलाते हैं. इसलिए आज हम आपको इस पोस्ट में बतायेंगे कि किस तरह घड़े का पानी मनुष्य को स्वस्थ बनाये रखने में उसकी मदद करता है. तो आईये जानते हैं मटके का पानी पीने के ये बेशकीमती फायदे.

मटके का पानी पीने के फायदे

त्वचा से संबंधित: मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा संबंधित कई परेशानियां दूर हो जाती हैं. यह फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा से संबंधित अन्य रोगों को होने नहीं देता. इसमें रखा पानी पीने से आपकी त्वचा दमकने लगती है.

ब्लड प्रेशर: मटके का पानी ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखने में आपकी मदद करता है. यह बैड कॉलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है और हार्ट अटैक की संभावनाओं को भी कम कर देता है.

बैक्टीरिया: मिट्टी के बर्तन में रखा पानी बिल्कुल शुद्ध होता है. यह उन सब बैक्टीरिया को खत्म कर देता है जो डायरिया, पीलिया और डीसेंट्री जैसी बीमारियों को जन्म देता है.

शरीर में दर्द, ऐठन या सूजन: मिट्टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह शरीर में दर्द, ऐठन या सूजन जैसी समस्या को नहीं होने देता. इतना ही नहीं, यह आर्थराइटिस बीमारी में भी बेहद लाभकारी माना जाता है.

कैंसर: अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की मानें तो मिट्टी में मौजूद गुण कैंसर की शुरुवात को रोक सकते हैं. क्योंकि मिट्टी के बर्तन में रखे पानी में अनेकों कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते हैं जो उसे बनने से रोकते हैं.

एसिडिटी और कब्ज़: पेट से संबंधित बीमारियों के लिए भी मटके का पानी बहुत फ़ायदेमंद होता है. इसका नियमित उपयोग पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज़ जैसी समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है.

एनीमिया: एनीमिया की बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पीना वरदान साबित हो सकता है. मिट्टी में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है. हम आपको बता दें कि एनीमिया आयरन की कमी से होने वाली एक बीमारी है.

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आई होगी. पसंद आने पर अपनी प्रतिक्रिया दें और इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

शुक्रवार, 16 मार्च 2018

भूलकर भी शनि अमावस्या के दिन न करे ये कार्य, बन रहा है शुभ योग

भूलकर भी शनि अमावस्या के दिन न करे ये कार्य, बन रहा है शुभ योग


अगर शास्त्रों की बात करे तो अब चैत्र मास यानि चैत्र का महीना चल रहा है. ऐसे में शनिवार को बड़ा ही शुभ योग बन रहा है. जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इससे पहले शनिश्चरी अमावस्या का ये शुभ योग करीब चौदह साल पहले बना था. गौरतलब है कि इससे पहले यह योग बीस मार्च 2004 को बना था. केवल इतना ही नहीं इसके इलावा इसके बाद यह योग करीब सात साल बाद यानि उन्तीस मार्च 2025 को बनेगा. गौरतलब है कि इस शुभ योग में दान, स्नान और पूजा आदि करने से कई गुना ज्यादा फलदायी लाभ प्राप्त होता है.

इसके साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस बार अमावस्या शुक्रवार को शाम को करीब छह बजे लगेगी और अगले दिन यानि शनिवार को शाम तक करीब 6 बज कर पैंतीस मिनट तक रहेगी. गौरतलब है कि अमावस्या पर शनि मंगल की युक्ति के इलावा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, नाग करण और कुम्भ राशि का चन्द्रमा सहित ऐसे कई योग बन रहे है, जो अब सात साल बाद ही बनेगे. अब जाहिर सी बात है कि इतने सालो बाद इतना शुभ योग बना है, तो ऐसे में आपको कुछ जरुरी काम तो करने ही चाहिए. गौरतलब है कि जिन लोगो पर शनि देव की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, वो इस शुभ योग में ये सब कार्य कर सकते है.

1. काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं और शनि देव को तिल के तेल का दीपक लगाएं. इसके साथ ही नदी में भी नहाएं.

2. इस दिन शनि मंदिर में जाकर तेल का दान करे. ऐसे में आप काली उड़द और लोहे का दान भी दे सकते है. इसके साथ ही सरसो के तेल का दान करे. आप चाहे तो ये सब चीजे अंधविद्यालय, अनाथाश्रम या वृद्धाश्रम में भी दान कर सकते है.

3. इसके इलावा उड़द की दाल के पकौड़े, काले गुलाबजामुन और इमरती कुत्तो और कौओ को खिलाएं. इसके साथ ही अपने वजन के बराबर कच्चा कोयला शनिवार के दिन बहाएं.

इसके इलावा अन्य लोग इस शुभ दिन पर ये खास कार्य कर सकते है :
1. सुबह जल्दी उठ कर स्नान करे और सूर्य उदय के समय सूर्य देवता को जल चढ़ाएं. इसके साथ ही इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करे.

2. गौरतलब है कि सूर्य उदय के समय पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और इसकी सात बार परिक्रमा करे.

3. इसके इलावा शिवलिंग पर ताम्बे के लोटे से जल और बेल पत्र चढ़ाएं. अगर हो सके तो किसी गरीब को घर में बिठा कर खाना खिलाएं. इससे आपको पुण्य मिलेगा.

4. गौरतलब है कि हनुमान जी की मूर्ति के सामने बैठ कर तेल का दीपक लगाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करे. इसके साथ ही मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं.

बरहलाल अब उन कार्यो के बारे में भी जान लीजिये, जो आपको इस दिन भूल कर भी नहीं करने चाहिए :
1. गौरतलब है कि इस दिन नॉनवेज न खाएं और न ही शराब पीएं. वरना इससे आपको शनिदेव का दोष लगेगा. इसके इलावा सुबह देर तक सोने से घर में दरिद्रता बढ़ सकती है.

2. इस दिन गलती से भी किसी सुनसान जगह पर न जाएँ, वरना परेशानी हो सकती है. इसके साथ ही इस दिन शारीरिक संबंध न बनाये, वरना संतान संबंधी परेशानी होती है और पितृ नाराज हो जाते है.

3. गौरतलब है कि इस दिन कलेश न करे, क्यूकि इससे धन हानि हो सकती है. इसके इलावा किसी गरीब को परेशान करने से आपकी मुसीबते भी बढ़ सकती है.

बरहलाल हमें यकीन है कि शुभ दिन पर शनिदेव आप पर अपनी कृपा जरूर बरसायेंगे.

80% लोग करते हैं नहाते समय ये बड़ी गलतियाँ जिससे होते हैं शारीरिक परिवर्तन

80% लोग करते हैं नहाते समय ये बड़ी गलतियाँ जिससे होते हैं शारीरिक परिवर्तन


रोज़मर्रा की जिंदगी में हम बहुत से काम रोज़ाना करते हैं। क्योंकि वो कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें छोड़ा ही नही जा सकता हैं। उदाहरण के लिए, सुबह फ्रेश होना, नहाना, ब्रेकफास्ट करना इत्यादि। ये वो कार्य हैं जिन्हें हम रोज़ना पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं। अगर कही भी हमे जाना होता हैं या न भी जाना हो लेकिन फिर भी हम नहाते जरूर हैं। नहाने से एक तो हमारा शरीर खुलता हैं दूसरा इससे हम बहुत सी बीमारियों से बचे रहते हैं। इसलिए नहाना बहुत ही जरूरी होता हैं। लेकिन कोई आपको यह कहे कि आप ठीक तरीके से नहाते नही हो तो शायद आप नही मानोगे लेकिन 80% लोग ये गलतियां करते ही हैं जिसकी वजह से उन्हें अपने भविष्य में कई दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता हैं। और ये बात सिर्फ़ लड़को के लिए नही बल्कि लड़कियों के लिए भी हैं। अगर ये गलतियां आप दोहराते रहे हैं तो आपको ये काफी भारी पड़ सकता हैं इससे शारीरिक रूप में कई परिवर्तन होते हैं। तो चलिए जानते हैं उन गलतियों के बारे में।

◆ नहाने के बाद शरीर पोछने के लिए कभी भी किसी…
नहाने के बाद शरीर पोछने के लिए कभी भी किसी का टॉवेल यानी तौलिया का इस्तेमाल न करे। इससे कई प्रकार के त्वचा रोग होते हैं, खाज, खुजली और दाद जैसी समस्याएं हो सकती है।

◆ नहाते वक्त कभी भी बालों में नहाने का साबुन न…
नहाते वक्त कभी भी बालों में नहाने का साबुन न लगाये क्योंकि उससे आपके बाल झड़ने लग सकते हैं क्योंकि साबुन में अलग प्रकार के केमिकल होते हैं जोकि बालों के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।

◆ हर हफ्ते हमे सिर्फ 2 या 3 बार ही शैम्पू का…
हर हफ्ते हमे सिर्फ 2 या 3 बार ही शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि ज्यादा इस्तेमाल करने से बालों की जड़े कमजोर पड़ने लगती हैं।

◆ पानी को ज्यादा गर्म करके नहाने से हमारी…
पानी को ज्यादा गर्म करके नहाने से हमारी त्वचा पर प्रभाव पड़ता हैं इसलिए पानी नार्मल होना चाहिए। और पूर्वजों और पुराणों के अनुसार सूर्य उदय होने से पहले स्नान करना लाभदायक माना जाता है, ऐसा करने से आपका शरीर सदैव निरोग रहेगा।

◆ जिम या दौड़ मारकर आने के बाद तुरंत कभी…
जिम या दौड़ मारकर आने के बाद तुरंत कभी नही नहाना चाहिए। इससे बल्कि आपके शरीर पे दुष्प्रभाव पड़ता हैं। वर्कऑउट के आधे या एक घंटे बाद ही नहाना चाहिए।

◆ नहाते समय भूल से भी शैम्पू डियो का इस्तेमाल…
नहाते समय भूल से भी शैम्पू डियो का इस्तेमाल ना करे। इससे आपकी त्वचा पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। और आपकी त्वचा ड्राई भी पड़ जाती हैं।

◆ शैम्पू करने के बाद तुरंत ही कभी भी कंडीशनर…
शैम्पू करने के बाद तुरंत ही कभी भी कंडीशनर या किसी हेयर जेल का इस्तेमाल नही करना चाहिए। ऐसा करने से बालों की जड़ो पर बहुत प्रभाव पड़ता हैं और वो कमजोर होने लगती हैं। आगे चलके शायद आप बाल्डनेस यानी गंजेपन के शिकार भी हो सकते हैं।

गुरुवार, 8 मार्च 2018

घर में कभी न रखें भगवान की ऐसी मूर्तियां नही तो हो सकता है नुकसान

घर में कभी न रखें भगवान की ऐसी मूर्तियां नही तो हो सकता है नुकसान


वास्‍तु शास्‍त्र में जिस तरह से घर के हर एक कोने, हर दीवार, दिशाओं को लेकर बातें कही गई हैं उसी प्रकार घर के पूजाघर में लगी भगवान की मूर्तियों और तस्‍वीरों के बारे में भी कुछ बातें कही गई हैं । वास्तु और ज्‍योतिष के अनुसार घर में देवी-देवताओं की तस्‍वीरें लगाते हुए ध्‍यान रखना चाहिए कि हम किस भगवान को घर में स्‍थान दे रहे हैं और क्‍या हमें इन्‍हें घर के मंदिर में लगाना चाहिए । आगे जानिए कुछ ऐसी ही बातों के बारे में साथ ही उन तस्‍वीरों के बारे में भी जो घर में लगाना नुकसान उठाने जैसा माना जाता है ।

घर के मंदिर में देवी देवताओं की मूर्ति या चित्र रखने की परंपरा का पालन सभी करते आ रहे हैं । लेकिन कुछ ऐसे चित्र और प्रतिमाएं हैं जिन्‍हें घर के मंदिर में स्‍थापित करने से घोर संकट आ सकता है ।  

भैरवनाथ
शिवपुराण के अनुसार भगवान भैरव, रुद्र के ही अवतार हैं । ये तंत्र के देवता माने जाते हैं । इनकी उपासना तंत्र साधना में की जाती है । इसलिए  घर के मंदिर में इनकी प्रतिमा रखना शुभ नहीं माना जाता है । भगवान भैरव की मूर्ति स्‍थापना खुले आसमान में होनी चाहिए । इनकी उपासना, पूजा विशेष रूप से की जाती है, जिसके लिए तंत्र-मंत्र की आवश्‍यकता होती है।

नटराज
नटराज, शिव का ही एक रूप हैं । आमतौर पर इसे शिव की नृत्‍य मुद्रा समझा जाता है लेकिन ऐसा नहीं है । ये नृत्‍य नहीं बल्कि शिव के तांडव की मुद्रा है । कई लोगों के लिए ये मूर्ति सिर्फ सुंदरता या सजावट की वस्‍तु होती है, लेकिन ऐसा सोचना भी अशुभ माना जाता है । शिव की ये मूर्ति उनके क्रोधी स्‍वरूप को दर्शाती है, इसे घर में रखने से अशांति बढ़ती है।

शनि देव
शनि न्‍याय के देव हैं, लेकिन वो बहुत ही क्रोधी स्‍वभाव के भी माने जाते हैं । शनि, सूर्य पूत्र और न्‍यायाधीश कहे जाते हैं । इनकी मूर्ति घर में रखने से मना किया जाता है । इन्‍हें घर में रखना अशुभ फल्‍ देता है । शनि की पूजा घर के अंदर नहीं अपितु घर के बाहर खुले में होनी चाहिए । शनि की मूर्ति घर लाने से बचें और इनका किसी प्रकार कोई चित्र भी अपने पास ना रखें।

राहु-केतु
शनि को घर में नहीं रख सकते तो फिर इसके छाया ग्रह राहु-केतु को घर में कैसे जगह दे सकते हें । ये दोनों छाया ग्रह हैं, राहु – केतु असुर थे और चूंकि इन्होंने देवताओं के साथ अमृत पान किया था, इसीलिए ये अमर हो गए । इन्‍हें प्रसन्‍न करने के लिए इनकी आराधना की जाती है, ताकि ये अपनी कुदृष्टि से किसी मानस का बुरा ना करें।

ऐसी मूर्तियां लगाने से होता है शुभ

हर घर में मां लक्ष्‍मी और गणेश जी की मूर्ति या तस्‍वीर होती ही है । ध्‍यान रखें आप इनकी ऐसी तस्‍वीर या मूर्ति रखें जो बैठी हुई हों । लक्ष्‍मी – गणेश की बैठी हुई तस्‍वीर या मूर्ति लगाने से घर पर ऋद्धि- सिद्धि की वर्षा होती है । अगर आप गणेश जी की तस्‍वीर अपने वर्कप्‍लेस पर लगाते हैं तो उनकी खड़ी तस्‍वीर लगाएं । ऐसी तस्‍वीर आपके काम में स्थिरता लाती हैं।

हनुमान जी की मूर्ति या तस्‍वीर
अगर आपके घर के मंदिर में हनुमाज जी की तस्‍वीर है तो ध्‍यान रखें कि उनका मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए । हनुमान जी की प्रतिमा का प्रभाव पूर्ण करने के लिए उन्‍हें राम दरबार के साथ स्‍थापित करें । राम दरबार हनुमान जी के बिना अधूरा ही रहता है । हनुमान जी के साथ प्रभु राम की भी कृपा की प्राप्ति होती है।

मां भवानी की तस्‍वीर
मां आदिशक्ति मां भवानी की तस्‍वीर लगाते हुए ये ध्‍यान रखें कि वो आशीर्वाद मुद्रा में हो । मां दुर्गा का आक्रामक रूप घरों में नहीं लगाया जाता । ये भी ध्‍यान रखें कि जिस सिंह पर मां सवार हैं उसका मुंह बंद है कि नहीं । शेर का मुंह बंद ही रहना चाहिए । अन्‍य देवी-देवताओं में भगवान शिव, देवी लक्ष्‍मी, कुबेर और मां सरस्‍वती की तस्‍वीर हमेशा उत्‍तर दिशा में ही लगानी चाहिए ।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

क्या आप भी बाल कटवाने के बाद नाई से करवाते हैं मसाज, तो हो जाइये सावधान

क्या आप भी बाल कटवाने के बाद नाई से करवाते हैं मसाज, तो हो जाइये सावधान


थकान या सिरदर्द के कारण अक्सर लोग मसाज कराने के लिए नाई के दुकान पर जाते है। नाई सिर की तो मसाज कर देता है, लेकिन इससे आपके शरीर पर पडऩे वाला बुरा प्रभाव आपकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। ऐसा एक वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

40 साल के व्यापारी बाबू रेड्डी के साथ नाई के दुकान पर मसाज कराते वक्त ऐसी घटना हुई, जिससे उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। नाई से गर्दन चटकवाते वक्त उनकी गर्दन से अचानक से आवाज आई। इसके बाद बिल्कुल आसन्न अवस्था में चले गए। नाई के दुकान से ही बाबू को अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने सोचा था कि आराम महसूस होगा लेकिन उन्हें वर्टेब्रा-बॉयलर स्ट्रोक पड़ गया।

इस वाकये के बारे में बाबू रेड्डी बताते हैं कि गर्दन से चट्ट की आवाज आई, उन्हें लगा कि मसाज सफल हो गई है। लेकिन घर आते ही वह असहज महसूस करने लगे और थोड़ी देर बार सीधे चल भी नहीं पाए। उन्हें अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। उनकी सांसें अनियमित थीं और ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। डॉक्टरों को बाबू रेड्डी को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।

बाबू का इलाज करने वाले डॉक्टर बताते हैं कि एमआरआई करवाने पर पता चला कि उनकी धमनी में खून की सप्लाई रुक गई है और उनको वर्टेब्रा-बॉयलर स्ट्रोक पड़ गया है। जांच में पता चला कि बाबू रेड्डी नियमित तौर पर नाई से गर्दन और सिर की मसाज करवाने के आदी हैं। डॉक्टर का कहना है कि अगर वक्त पर उनका इलाज नहीं किया जाता तो उनकी स्थिति और बिगड़ सकती थी। दरअसल जिस नाई ने बाबू रेड्डी की मसाज की थी वह अच्छी तरह से ट्रेंड नहीं था। यह एक न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्या है।

क्या है व्ही-बॉयलर स्ट्रोक?
यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी हो सकती है यह समस्या गलत तरीके से बैठने से होने लगती है। गर्दन और सिर की नियमित मसाज कराने से स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है।

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

जानिए गर्भावस्था में झाड़ू या पोछा लगाना कितना सही है ?

जानिए गर्भावस्था में झाड़ू या पोछा लगाना कितना सही है ?


गर्भावस्था में हर कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ता है, ताकि माँ और बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। क्योंकि, आपकी थोड़ी सी गलती गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा पैदा कर सकता हैं। ऐसे में, यदि बात की जाए कि क्या इस समय गर्भवती महिला का झाड़ू या पोछा लगाना सुरक्षित है। इसके बारे में आप नीचे बताए जा रहे बातों को ध्यान में रखें।

क्या गर्भावस्था में झाड़ू लगाना सही है ?

प्रेगनेंसी में झाड़ू लगाना सुरक्षित माना है, क्योंकि इस समय आप जितना एक्टिव रहेंगी उतना ही आपके लिए अच्छा माना जाता है। क्योंकि, झाड़ू लगाने से आपके बॉडी का एक्सरसाइज होता है जो आपके मांशपेशियों को लचीला बनाता है। लेकिन, कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर आपको किसी भी तरह की कोई एक्टिविटी करने से मना करते हैं। जब आपमें कोई गर्भावस्था से सम्बंधित जटिलताएं हो। तब ऐसे में कोई भी काम या एक्टिविटी करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। लेकिन इसके अलावा जो चीज़ें हैं जिनका ध्यान गर्भवती महिला को जरूर रखनी चाहिए, जिनमें निम्न शामिल हैं-

बहुत अधिक एक्सरसाइज करना

- इस समय आप जरूरत से ज्यादा और भारी-भरकम एक्सरसाइज न करें। क्योंकि, यह न केवल आपको बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। लेकिन, झाड़ू या पोछा लगाना किसी भी सूरत में गलत नहीं है। लेकिन, यदि आपको धुल से एलर्जी है तब झाड़ू लगाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

- यदि आप गर्भावस्था में झाड़ू या पोछा लगा भी रही हों तब इस बात का जरूर ध्यान रखें कि पोछा लगाने के लिए किसी भी केमिकल युक्त पदार्थों का प्रयोग न करें बल्कि आप पानी में नींबू, नीम, या नमक डालकर पोछा लगा सकती हैं। क्योंकि, ये चीज़ें आपके शिशु को नुकसान नहीं पहुंचा सकती हैं। लेकिन, कोई भी हार्ड स्मेल वाली चीज़ों से सफाई न करें क्योंकि इससे हो सकता है कि आप को उल्टी की समस्या होने लगे।

- इसके अलावा, इन दिनों ऊँचे चीज़ों की सफाई या फिर किसी भारी सामान को उठा कर इधर-उधर न करें। क्योंकि, इससे गर्भपात का खतरा हो सकता है, इसलिए इन चीज़ों को करने से जरूर बचें।

- एक्टिव रहना सही है, लेकिन जब आप जरूरत से ज्यादा अपने बॉडी को थकाती हैं तो इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है। खासकर, इस दौरान यदि आपमें रक्तस्राव, ऐंठन, थकान, मतली, चक्कर आना, शरीर के तापमान में अचानक परिवर्तन या फिर धुँधली दृष्टि जैसी कोई समस्या उत्पन्न हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, इस तरह के लक्षण गर्भवस्था में अच्छे नहीं माने जाते हैं।

- इसके अलावा, जो सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं वह यह हैं कि गर्भवावस्था में महिलाएं उन चीज़ों को साफ करने से बचें जिससे कि आपको संक्रमण होने का खतरा रहता है। जैसे कि बिल्ली, चूहे या फिर कुत्ते की पॉटी को। क्योंकि, बिल्ली के मल में टोक्सोप्लासमोसिज़ सक्रमण पैदा करता है। यदि आप गर्भावस्था के दौरान इसकी चपेट में आती हैं, तो आपके गर्भस्थ शिशु के लिए यह खतरा पैदा कर सकता है।

बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

कर्ज लेते और देते समय दिन का रखें ध्यान, हमेशा रहेंगे फायदे में

कर्ज लेते और देते समय दिन का रखें ध्यान, हमेशा रहेंगे फायदे में


वैसे तो आमतौर पर कर्ज लेने से बचने की सलाह दी जाती है पर फिर भी जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आ ही जाती हैं जब व्यक्ति के दूसरों से आर्थिक मदद लेने की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में अगर किसी मजबूरी वश कर्ज लेना पड़ जाए तो कुछ तो जल्द से जल्द उसे चुकाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि कई बार व्यक्ति कर्ज के मकड़जाल में ऐसा फंसता है कि उससे निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ज्योतिष की माने तो अगर कर्ज लेते समय दिन या वार का ध्यान रखा जाए तो वो ज्यादा हितकर होगा । आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं कि किस दिन को कर्ज लेना चाहिए और किस दिन कर्ज देना चाहिए।

दरअसल ज्योतिष में इस बात का वर्णन है की किस दिन कर्ज देना चाहिए और किस दिन चुकाना चाहिए। असल में ज्योतिष की माने तो कुछ खास दिनों में कर्ज देने को शुभ नही माना गया है। चलिए जानते हैं कौन सा दिन कर्ज लेने के लिए सही है और सा दिन कर्ज देने के लिए उचित माना गया है।

सोमवार-
सोमवार का दिन कर्ज के लेन-देन दोनो के लिए सबसे उत्तम मान जाता है क्योंकि सोमवार की अधिष्ठाता देवी पार्वती हैं और ये वार भी चर संज्ञक और शुभ मान जाता है। ऐसे में इस दिन किसी भी प्रकार के कर्ज लेने-देने में हानि की सम्भावना नहीं होती है।


मंगलवार-
वहीं शास्त्रों में मंगलवार के दिन कर्ज लेना पूरी तरह निषेध माना जाता है .. इस दिन के देवता कार्तिकेय हैं। साथ ही ये बेहद यह उग्र एवं क्रूर वार माना जाता है। ऐसे में इस वार को कर्ज लेना आर्थिक दृष्टि से हितकर नहीं होता है । इसलिए इस दिन कर्ज लेने से हर सम्भव बचना चाहिए और सम्भव हो सके तो पुराने कर्ज को चुका देना चाहिए।


बुधवार-
बुधवार के दिन भी कर्ज देना शुभकर नहीं होता.. वैसे तो ये मिश्र संज्ञक शुभ वार है, मगर ज्योतिष में इसे नपुंसक वार माना गया है। साथ ही ये गणेशजी का वार है और भगवान गणेश जी धन-आर्थिक लाभ दाता माने जाते हैं ऐसे में इस दिन कर्ज देने से बचना चाहिए।


गुरुवार-
गरूवार लघु संज्ञक शुभ वार है। ऐसे में इस दिन देना नहीं बल्कि लेना हितकर होता है .. दरअसल माना जाता है कि इस दिन कर्ज लिया जाए तो वो जल्द ही उतर जाता है ।


शुक्रवार-
वहीं शुक्रवार का दिन कर्ज लेने और देने, दोनो के लिए हितकर होता है .. इस दिन के अधिष्ठाता देवता इन्द्र हैं साथ ही ये मृदु संज्ञक और सौम्य वार है। ऐसे में ये दिन कर्ज लेने-देने दोनों ही दृष्टि से अच्छा वार है।


शनिवार-
वहीं शनिवार का दिन किसी स्थिर आर्थिक कार्य करने के लिए तो ठीक है, लेकिन कर्ज लेन-देने के लिए ठीक नहीं माना जाता है।असल में शनिवार के देवता काल हैं और साथ ही ये दारुण संज्ञक क्रूर वार है। ऐसे में अगर कर्ज लिया जाए तो विलंब से चुकता है।


रविवार-
रविवार स्थिर संज्ञक और क्रूर वार है ऐसे में इस दिन भी कर्ज देना और लेना दोनो ही हितकर नहीं माना जाता है।

गुरुवार, 15 फ़रवरी 2018

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भूलकर भी इस दिशा में ना करें ये काम

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भूलकर भी इस दिशा में ना करें ये काम


घर में जाने-अनजाने कई ऐसे वास्तु दोष हो जाते हैं, जो कई बार पिता-पुत्र के रिश्ते में अनबन का कारण बनते हैं, तो आइये आज हम आपको उन वास्तु दोषों के बारे में बताते हैं, जो अगर आपके घर में भी हो, तो उसे तुरंत दूर कर लें, नहीं तो फिर कितनी भी वाणी पर संयम रखिएगा, लेकिन पिता-पुत्र में अनबन या घर में कलह जारी रहेगा।

उत्तर-पूर्वी कोने को रखें साफ 
वास्तु शास्त्र के मुताबिक पिता-पुत्र के बीच तनाव का सबसे बड़ा कारण घर के उत्तरी-पूर्वी कोने का दूषित होना है, इस दिशा में कोई भी वास्तु दोष होने से पिता-पुत्र के बीच झगड़े होते हैं, इसलिये घर के उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिये, इस दिशा में कूड़ा-करकट भी जमा ना होने दें।

इस दिशा में ना बनवाएं भंडार रुम 
वास्तु शास्त्र के मुताबिक यदि आपने अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में स्टोर रुम या फिर भंडार गृह बनवा रखा है, तो ये ठीक नहीं है, इस दिशा में भंडार घर बनवाने से वो दिशा तो दूषित होती ही है, साथ ही पिता-पुत्र के संबंधों में भी परेशानी आती है, दोनों के बीच आत्मविश्वास की भावना आती है।

किचन या शौचालय भी ना बनवाएं
भंडार घर के अलावा इस दिशा में रसोई घर या शौचालय भी ना बनवाएं, ऐसा करने से परिवार की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। घर में कोई ना कोई बीमार ही रहता है, आप परिवार के सदस्यों की सेहत से ही परेशान रहेंगे। इसलिये उत्तर-पूर्व दिशा में इन चीजों को भूलकर भी ना बनवाएं।

इलेक्ट्रॉनिक सामान ना रखें
वास्तु शास्त्र के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक यानी बिजली से जुड़े सामान या गर्मी उत्पन्न करने वाले उपकरणों को कभी भी घर के उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिये, इस स्थिति को जितना हो सके, अवॉयड करना चाहिये, नहीं तो ऐसा करने से पिता-पुत्र के संबंधों में खटास आती है, साथ ही दोनों एक-दूसरे की बात को खास तवज्जो नहीं देते हैं।

बेडरुम में रखें ध्यान 
अपने बेडरुम में कभी भी कांच या मिरर ऐसी जगह पर ना रखें, जहां से आपका बेड दिखता हो, इससे घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, साथ ही परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, इसलिये अगर आपने भी अपने बेडरुम में मिरर या आईना ऐसे लगा रखा है, तो उसे जल्दी ही ठीक कर लें।

ऐसे प्लॉट पर ना बनाएं घर 
यदि कोई प्लॉट उत्तर या दक्षिण में संकरा और पूर्व और पश्चिम में लंबा है, तो फिर ऐसे प्लॉट को सूर्यभेदी कहते हैं, ऐसे प्लॉट पर घर बनाने वाले परिवार में पिता-पुत्र के संबंध में अनबन हमेशा बनी रहती हैं, इसलिये घर बनाते समय इस बात का ध्यान रखें, या फिर वास्तु दोष मिटाने के लिये कोई उपाय करें।

इन आकृति को भी ना लगाएं 
ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा में टीले या पर्वत के समान आकृति के निर्माण से भी पिता-पुत्र के संबंधों में परेशानियां आती है, दोनों के बीच अविश्वास बना रहता है, अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में ऐसा ना हो, तो तुरंत इस दिशा से ऐसी आकृतियां हटा लें, घर का माहौल सुखमय होगा।

सही रखें ईशान कोण 
ईशान कोण के खंडित होने से भी पिता-पुत्र के बीच अविश्वास का माहौल रहता है, दोनों एक-दूसरे की परवाह नहीं करते हैं, इसलिये घर के उत्तर-पूर्वी दिशा को हमेशा ठीक रखना चाहिये, इससे ना सिर्फ घर का माहौल शांतिपूर्ण होगा, बल्कि घर में सुख-समृद्धि भी आएगी।

रविवार, 11 फ़रवरी 2018

पूजा की ऐसी वस्तुएं जिन्हें सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए

पूजा की ऐसी वस्तुएं जिन्हें सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए


ईश्वर की उपासना के लिए पूजा पाठ के कई नियम होते हैं. पूजा के लिए कई जरुरी चीजे होती हैं, जिनका पूजा में महत्व होता है और जिसके बिना पूजा अधूरी मणि जाती है. ब्रह्मवैवर्त पुराण वेदमार्ग का दसवाँ पुराण है. इस पुराण में चार खण्ड हैं. ब्रह्म खण्ड, प्रकृति खण्ड, श्रीकृष्ण जन्म खण्ड और गणेश खण्ड. इसके पहले भाग में पूजा की कुछ जरूरी विधियां विस्तार से दी हुई हैं. इसे अपनाकर हम सुखी तथा समृद्धि के साथ जीवन जी सकते हैं. ब्रह्मवैवर्त के अनुसार पूजा करने की कुछ ऐसी वस्तुएं होती है जिन्हें सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए.

दीपक
दीपक को सीधे भूमि पर नहीं रखना चाहिए. इसे सीधे भूमि पर रखने से घर में नकारात्मक शक्तिया बढ़ती हैं. दीपक को सीधे रखने के बजाय उसे चावल के ढेर पर रखना सही होता है.

सुपारी
सुपारी का भी पूजा में विशेष महत्व होता है. इसे पान के साथ भगवान क अर्पित किया जाता है. इसे भी सीधे भूमि पर रखने की मनाही है. पूजा के समय इसे नीचे रखने के लिए सिक्के का प्रयोग किया जा सकता है. अतः जब भी सुपारी को भूमि पर रखना हो तो उसे सिक्के पर ही रखें.

शालिग्राम
भगवान विष्णु के पूजा के लिए शालिग्राम के पत्थर रुपी आकृति को शालिग्राम के नाम से जाना जाता है. शालिग्राम का प्रयोग भगवान के प्रतिनिधि के रूप में उनका आह्वान करने के लिए किया जाता है. शालीग्राम की पूजा आमतौर पर शैव एवं वैष्णव दोनों प्रकार के भक्त करते हैं. इसे भी पूजा के समय भूमि पर नहीं रखनी चाहिए. इसे भूमि पर रखते समय सफेद रंग के रेशमी कपड़े के उपर रखना ठीक होता है.

मणि पत्थर
विभिन्न देवी देवताओं की पूजा में मणि पत्थर का प्रयोग किया जाता है. लेकिन भूमि पर सीधे न रखकर इसे किसी साफ व पवित्र कपड़े पर रखना सही होता है.

यज्ञोपवीत
भारतीय धर्म में व्यक्तिगत संस्कार के लिए उसके जीवन का विभाजन चार आश्रमों में किया गया था. जिसे ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ औ संन्यास आश्रम के नाम से जाना जाता है. जबकि जीवन के प्रथम आश्रम ब्रह्मचर्य में बालक का यज्ञोपवीत कर उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था. पुजा में भी इस यज्ञोपवीत (जनेउ) का प्रयोग किया जाता है. लेकिन इसे भी भूमि पर सीधे न रखते हुए किसी साफ कपड़े पर ही रखा जाना चाहिए.

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

मिलेगा सारी समस्याओं का अंत, करें प्रतिदिन घर की छत पर पानी की कटोरी का यह चमत्कारी उपाय

मिलेगा सारी समस्याओं का अंत, करें प्रतिदिन घर की छत पर पानी की कटोरी का यह चमत्कारी उपाय


हर व्यक्ति जीवन में परेशानियों का सामना कर रहा है। समय के साथ-साथ समाज की जटिलता बढती जा रही है। समाज में जटिलता बढ़ने की वजह से लोगों की समस्याएं भी बढती जा रही हैं। पहले के समय में जो लोगों को समस्या था, आज भी वही है, लेकिन उसका रूप बदल गया है। पहले भी लोगों को जीवन में धन सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आज भी लोग धन सम्बन्धी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। लेकिन पहले धन की एक साधन नहीं था, जिससे लोग अपनी जरूरतें पूरी कर सकते थे।

आज के इस आर्थिक युग में धन ही सबकुछ बन गया है। जिसके पास धन नहीं है, वह आज के समय में कुछ भी नहीं कर सकता है। जबकि धनवान लोगों के मुट्ठी में ही पूरी दुनिया है। वह जो चाहे आसानी से कर सकते हैं। कई बार हमारी समस्याओं और असफलताओं की वजह घर में मौजद नकारात्मक उर्जा भी हो सकती है। अगर घर में नकारात्मक उर्जा मौजदू है तो कितना भी प्रयास क्यों ना किया जाये काम में सफलता नहीं मिलती है। साथ ही आर्थिक समस्या भी बनी रहती है। इन परेशानियों से छुटकारा पानें के लिए शास्त्रों में कुछ उपाय बताये गए हैं।
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शास्त्रों में बताये गए उपाय:

अगर आपके जीवन में परेशानी चल रही है तो ज्यादा परेशान होने की बजाय हर सुबह एक कटोरी में पानी भरकर घर की छत पर सूरज की रौशनी में रख दें। शाम के समय उस पानी को लायें और आम या अशोक के पत्ते की मदद से पुरे घर में पानी का छिडकाव करें। एस करने से घर की हर तरह की नकारात्मक उर्जा बाहर हो जाती है। घर के दुर्भाग्य से मुक्ति मिलती है और सौभाग्य का आगमन होता है।

अगर घर में नकारात्मक शक्ति मौजूद होगी तो घर के किसी भी सदस्य को चैन नहीं आएगा। घर के सदस्यों को रात में बुरे सपने सतायेंगे। अगर आपके घर में भी ऐसा कुछ हो रहा है तो कपूर को घी में डालकर उसे घर में जलाएं। ऐसा करने से घर के सदस्यों को बुरे सपने आने बांध हो जायेंगे और उन्हें अच्छो नींद आएगी।

हर रात को सोने से पहले घर के हर कोने में थोड़ा-थोड़ा सेंधा नमक कांच की किसी कटोरी या किसी पात्र में भरकर रख दें। सुबह हर जगह के नमक को इकठ्ठा करें और उसे किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से घर में खुशियों का आगमन होता है और घर से हर तरह की परेशानियाँ दूर हो जाती हैं।

शाम के समय जब भी घर में पूजा करें, शंख जरुर बजाएं। केवल यही नहीं शंख से पानी भी छिडकें। ऐसा मन जाता है कि हर रोज घर में शंख में पानी भरकर छिड़कने से घर की नकारात्मक उर्जा दूर हो जाती है। इसके बाद घर में देवी-देवताओं का निवास होने लगता है।