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गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

आप भी कमा सकते है वीर्य से लाखों रूपए, जानें कैसे बेचे ऑनलाइन

आप भी कमा सकते है वीर्य से लाखों रूपए, जानें कैसे बेचे ऑनलाइन


दोस्तों यह तो सभी जानते हैं कि आज के दौर में पैसा कमाना आसान नहीं है जितना कहना आसान है उतना है नहीं लेकिन आज मैं आपको बता दूं की वीर्य को बेचकर पैसे कमाने का जरिया बन चुका है जिससे कि बीर्य बेचकर लोग लाखों कमा रहे हैं वैसे ही आप भी कमा सकते हैं अगर आप पूर्ण रुप से स्वस्थ है मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार है तो आपको थोड़ा परिश्रम करना होगा

जानिए वीर्य को कैसे बेचे
इसके लिए आपको जरूरत पड़ेगी इंटरनेट कि  जिसके लिए आपको बेबी सेंटर की लिस्ट में रजिस्टर कराना पड़ेगा और अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क कर सकते हैं और आप को अपना मोबाइल नंबर कांटेक्ट नंबर देना होगा.

क्यों खरीदते हैं लोग वीर्य को जानें..
इस दुनिया में बहुत से लोग है जिनका वीर्य में सुक्राणु कम होते है जिस से उनके बच्चे नही हो पाते है. इसके लिए आजकल इसकी वेबसाइट भी आ गयी है. क्यूंकि  आजकल के पुरुष में ये प्रोब्लम्स होना आप सी बात हो गयी है.

दोस्तों बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको वीर्य बनता ही नहीं अगर वीर्य बनता है तो उस वीर्य मैं बच्चे के शुक्राणु ही नहीं होते हैं वह इलाज कराने पर भी  सफल नहीं होते और वह बच्चा पाने के आस में इधर उधर भटकते रहते हैं ऐसा जोड़ा अपनी धन दौलत सब कुछ न्योछावर कर देते हैं और कोई उन्हें ऐसा उपाय बताता है तो वह अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार हो जाते हैं

मंगलवार, 13 मार्च 2018

क्या आपका बच्चा भी दिन भर मोबाइल में लगा रहता है? तो ये ख़बर आपके लिए है

क्या आपका बच्चा भी दिन भर मोबाइल में लगा रहता है? तो ये ख़बर आपके लिए है


ब्रिटिश रिसर्चर विशालकाय रिसर्च की तैयारी में हैं कि क्या मोबाइल फोन या दूसरे वायरलेस उपकरणों से बच्चों के दिमाग के विकास पर भी असर पड़ता है? मोबाइल के इस्तेमाल से मस्तिष्क के कैंसर के खतरे पर कई रिसर्च पहले हो चुकी है.

ज्ञान, किशोरावस्था और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर आधारित ‘स्कैंप’ नाम के इस प्रोजेक्ट में उनकी याद्दाश्त और ध्यान जैसी बातों पर गौर किया जाएगा. देखा जाएगा कि किशोरावस्था में इनका किस तरह विकास होता है. यह ठीक वही समय है, जब किशोर मोबाइल फोन और इसके जैसे अन्य वायरलेस उपकरण इस्तेमाल करना शुरू करते हैं.

कैंसर का खतरा

इस बात के अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं कि मोबाइल से निकलने वाली रेडियो तरंगें स्वास्थ्य पर खराब असर डालती हैं. हालांकि इस बारे में कई रिसर्च की जा चुकी हैं और कई जारी हैं. अब तक ज्यादातर रिसर्चों में वयस्कों पर और उनमें मस्तिष्क के कैंसर के खतरे पर ज्यादा तवज्जो दी जाती रही है.

लेकिन अब वैज्ञानिक ध्यान देना चाहते हैं कि क्या बच्चों के विकसित हो रहे दिमाग को वयस्कों के मुकाबले ज्यादा खतरा हो सकता है? इसकी एक वजह तो यह है कि उनका तंत्रिका तंत्र इस उम्र में विकसित हो रहा होता है. दूसरी वजह यह कि कम उम्र में मोबाइल का इस्तेमाल शुरू करने की वजह से वे मोबाइल की रेडियो तरंगों का ज्यादा लंबे समय तक सामना करते हैं.

बच्चों पर असर

लंदन के इंपीरियल कॉलेज में सेंटर फॉर इंवायरमेंट एंड हेल्थ के निदेशक पॉल एलियट कहते हैं, “अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण वयस्कों के 10 साल तक मोबाइल इस्तेमाल करने के बाद इससे निकलने वाली रेडियो तरंगों और ब्रेन कैंसर के बीच किसी तरह का संबंध नहीं दिखाते हैं.” वह कहते हैं कि, “लेकिन इसके ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल और बच्चों द्वारा इस्तेमाल के बारे में मौजूदा प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं.”

वजन पर दें ध्यान

जन्म के समय जिन बच्चों का वजन चार किलोग्राम या उससे ज्यादा होता है, वह बड़े हो कर मोटापे का शिकार हो सकते हैं. इसीलिए इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि गर्भवती महिलाएं अत्यधिक खानपान से दूर रहें, कसरत करती रहें और उन्हें डायबिटीज न हो.

मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मोबाइल यूजरों की संख्या करीब 4.6 अरब है. ब्रिटेन में 11-12 साल की उम्र के 70 फीसदी बच्चे और 14 साल की उम्र के करीब 90 फीसदी बच्चे मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

बच्चो  पर मोबाइल के बुरे प्रभाव और बचाव

किसी भी देश के लिए बच्चे ही उस देश का भविष्य होते है और जिस देश की युवा पीढ़ी समझदार और स्वस्थ होती है उस देश का विकास भविष्य में निश्चित है और दुनिया के हर सभी देश / Country यही चाहते है की उनके देश के नागरिक और उस देश के बच्चे अधिक से अधिक पढ़े लिखे और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे और यह तभी सम्भव होता है जब युवा पीढ़ी और बच्चे अधिक से अधिक Technology से जुड़ते है और Technology और नये नये आविष्कारो से पूरी दुनिया को एक नई दिशा दे इसी मानव विकास की कड़ी में मोबाइल / Mobile और स्मार्टफोन / Smartphone एक ऐसी उपलब्धी है जिससे कोई भी अछूता नही रहा है और खासकर आजकल के बच्चो का दिनचर्या का एक बड़ा समय मोबाइल में नष्ट हो रहा है जो कही न कही बच्चो पर मोबाइल के दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे है यदि समय रहते हम नही चेते ओ निश्चित ही हमारे सुख के साधन हमारी बर्बादी के कारण भी बन सकते है

जैसा की कबीरदास जी ने भी कहा है

“अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप,
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप”

अर्थात जब जब भी किसी चीज की अधिकता होती है तो वही अधिकता बर्बादी का कारण भी बनती है

जब मोबाइल फोन का अविष्कार हुआ तो इसका प्रयोग लोगो तक इसके माध्यम से अपनी कही गयी बातो को पहुचाना होता है लेकिन समय रहते Phone में क्रन्तिकारी बदलाव के कारण यही फोन अब Smartphone में बदल गया जिसके कारण अब लोग घंटो तक इन्ही Smartphone में व्यस्त रहते है जिसके कारण कही न कही हम एक साथ रहते हुए अपनों से दूर होते जा रहे है

तो आईये जानते है किस प्रकार से मोबाइल फोन से बच्चो को खतरा है और कैसे बच्चो को मोबाइल से कैसे दूर रखे

बच्चो पर मोबाइल के विपरीत प्रभाव

जब भी कभी माता पिता अपने कामो की अधिकता और व्यस्तता के कारण अपने बच्चो पर ध्यान नही दे पाते है तो वे अपने बच्चो को वो हर सुविधा तो मुहैया करा देते है लेकिन भावनात्मक रूप से दूर हो जाते है जिनके कारण बच्चे इन्ही Mobile Smartphone में खो जाते है और आजकल इन्टरनेट के कारण तो Smartphone ही मनोरंजन के साथ साथ हर तरह की जानकारी का केंद्र बन गया है जिससे बच्चे लगातार इन्ही फोन में व्यस्त रहते है जिसके कारण अनेक प्रकार के दुष्प्रभाव बच्चो के सेहत पर देखने को मिलते है

1 – बच्चे यानि जब हम छोटे होते है तब इस अस्वस्था में बच्चो का दिमाग बहुत ही तेजी से विकसित होता है और मस्तिक विकास में आसपास के वातावरण और माहौल का प्रभाव दिमाग पर सीधा असर करता है यानि बच्चो के Mind विकास में बच्चे किसी प्रकार के मॉहौल अच्छे वातावरण Environmental Stimuli का प्रमुख योगदान होता है और जब बच्चे दिन रात इन्ही फोन में खो जाते है तो उनके दिमाग पर तरह तरह के Pressure के प्रभाव देखने को मिलते है

2 – जब भी किसी भी बच्चे के हाथ में Mobile Smartphone आ जाता है तो वह सबसे पहले फोन में गेम खेलना पसंद करता है और फिर विडियो देखना पसंद करता है लेकिन जब बच्चे के पास 24 घंटे मोबाइल रहने लगता है यही हमारे द्वारा दी गयी सुविधा बच्चो के लिए लत / Addiction बन जाती है जो की फिर बच्चा पढने लिखने और खेलने कूदने के बजाय अपने फोन में व्यस्त रहने लगता है जो की कहीं न कही यही बुरी आदत / Bad Habit  बच्चो के शारीरिक विकास को प्रभावित को प्रभावित करता है इससे आम बच्चे के मुकाबले Smartphone उपयोग करने वाले बच्चे का दिमाग तो विकसित हो सकता है लेकिन वे शारीरिक रूप से कमजोर होते जाते है

3 – Smartphone का सबसे बड़ा Side Effect बच्चो की आखो पर पड़ता है दिन के मुकाबले रात में जब बच्चे फोन के साथ Busy रहते है तो Smartphone से निकलने वाली प्रकाश का सीधा असर आखो पर पड़ता है जिसके कारण धीरे धीरे अत्यधिक फोन के उपयोग से बच्चो में आख की बीमारियों के होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है

4 – Smartphone से निकलने वाली रेडियो तरंगे और लगातार Smartphone उपयोग करने से फोन बहुत ज्यादा गर्म होने के कारण यही फोन हमारे सेहत पर सीधा असर डालती है अनेक वैग्निको के रिसर्च के अनुसार एक निश्चित समय तक फोन का उपयोग हो तो तब ठीक है लेकिन बहुत अधिक समय तक लगातार फोन उपयोग करने से दिल, दिमाग, आखो पर इसका सीधा असर पड़ता है

5 – जब बच्चे लगातार फोन उपयोग करते है तो उनके सोचने की क्षमता भी एक सिमित अवस्था तक ही रह जाती है अक्सर बच्चे Smartphone में Game को सबसे ज्यादा महत्व देते है और ये Game जो की बहुत ही आक्रामक और Competition Type के होते है जिससे बच्चे सोचते है वे हर गेम के Level पार कर लेंगे लेकिन इस स्थिति में बच्चे अपनी पढाई और खाना पीने पर ध्यान नही देते है जिससे यदि बच्चो को बीच में रोका जाय तो बच्चो के व्यव्हार में गुस्सा और आक्रामकता का भाव दिखाई देने लगता है

6 – अक्सर बच्चो की खुशी के लिए माता पिता अपने बच्चो को Smartphone तो दे देते है लेकिन उनका बच्चा क्या फोन के अलावा अपनी दिनचर्या को समय से पूरा करता है ये ध्यान नही रख पाते है जिससे बच्चो में भूख की कमी, असमय नीद  या देर रात तक नीद न आना जैसे कई प्रकार के दुष्प्रभाव बच्चो के सेहत पर देखने को मिलता है.

7 – Smartphone के उपयोग से बच्चा Technology में Expert तो हो सकता है लेकिन यही बच्चा धीरे धीरे फोन के अत्यधिक उपयोग से अपने समाज से किनारा करने लगता है जिससे बच्चो की समाज के प्रति समझ में धीरे धीरे कमी आने लगती है

बच्चो को मोबाइल के खतरों से बचाने के उपाय

यदि हम अपने बच्चो को खुशिया देने जानते है अगर अपने बच्चो पर थोडा ध्यान भी रखे तो निश्चित ही हम अपने बच्चो को भविष्य को अच्छा बना सकते है तो आईये जानते है बच्चो को कैसे मोबाइल स्मार्टफोन के होने वाले खतरों से कैसे बचाया जाय.

1 – जब हम सभी पहली बार अपने बच्चो को फोन देते है और बच्चे फोन चलाना शुरू करते है तो हम सभी को ये देखकर ख़ुशी प्राप्त होता है उनका बच्चा तो स्मार्ट है लेकिन जब हम बच्चो काम की अधिकता के कारण पर ध्यान नही दे पाते है तो यही हमारी छोटी सी गलती बच्चो के लिए बुरी आदत बन जाती है जिसका सीधा असर बच्चो की पढाई और सेहत पर पड़ता है इसलिए हम सभी को अपने बच्चो की दिनचर्या पर पूरी तरीके से ध्यान देना चाहिए और हमारा बच्चा क्या अधिक समय फोन गेम में व्यस्त रहता है तो उसे फोन के बजाय किताबो की ओर ज्यादा ध्यान देने के लिए केन्द्रित करना चाहिए

2 – दिन के मुकाबले रात में Smartphone से निकलने वाली प्रकाश की किरणे आखो पर सीधा असर डालती है इसलिए बच्चो को रात के अंधेरो में मोबाइल चलाने से दूर ही रखना चाहिए

3 – जब बच्चे अत्यधिक रूप से Smartphone से जुड़ जाते है तो इन फोन के बिना उन्हें कुछ भी अच्छा नही लगता है इस स्थिति में मारने डाटने के बजाय उन्हें थोडा खेलकूद और अन्य कामो में लगाना चाहिए जिससे बच्चा का ध्यान मोबाइल से दूर हो सकता है

4 – बच्चो को कभी भी झूठे वादे नही करना चाहिए अक्सर देखा जाता है की माता पिता अपने बच्चो से कहते है की तुम जल्दी से अपनी Homework और पढाई पूरी कर लेंगे तब उन्हें Smartphone चलाने के लिए मिल सकता है तो ऐसी स्थिति में बच्चो का सारा ध्यान Smartphone पर केन्द्रित हो जाता है जिससे बच्चे जल्दी से तो अपनी पढाई पूरी कर तो लेते है लेकिन बच्चो को फिर बाद में Smartphone न मिले तो बच्चो में माता पिता के प्रति नकरात्मक भावना का विकास होने लगता है और अंदर ही अंदर बच्चो का माता पिता के प्रति विश्वास कम होने लगता है इसलिए माता पिता को अपने बच्चो से ऐसे वादे करने से बचना चाहिए और यदि वादा कर भी देते हैएक निश्चित समय तक ही Smartphone अपने बच्चो को दे ऐसी कोशिश करनी चाहिए

5 – माता पिता को बच्चो को मोबाइल च्लानेको लेकर मारने पीटने से बचना चाहिए क्यूकी ऐसा करने से बच्चो में माता पिता के प्रति एक Negative Thinking का विकास होने होने लगता है इसकी अपेक्षा माता पिता को अपने बच्चो के साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर उनके साथ समय बिताना चाहिए और उनके साथ बातचीत और खेलकूद में भाग लेना चाहिए जिससे बच्चो में माता पिता के प्रति प्यार के साथ आपसी विश्वास भी बढ़ता है

6 – कभी भी बच्चो को अकेले में मोबाइल फोन नही चलाना देना चाहिए हो सकता है की आपका बच्चा मोबाइल में इन्टरनेट उपयोग करते समय गलत वेबसाइट का शिकार हो सकता है ऐसे में आपका बच्चा अपने मोबाइल फोन में क्या क्या करता है इस बात का ध्यान जरुर रखना चाहिए और साथ में यदि बच्चे इन्टरनेट उपयोग करते हो हमे Browsing History भी चेक करते रहना चाहिए

7 – बच्चे दिल से बहुत ही कोमल होते है और उनपर किसी भी प्रकार की डाट फटकार उन्हें बहुत ही तोडती भी है जरुरी नही की आपका बच्चा हमेशा पढता ही रहे सो बच्चो को Smartphone से दूर करने के लिए उनके पढाई में साथ देना चाहिए और बच्चो को साथ पढाई में हमे समय जरुर बीतना चाहिए

शुक्रवार, 9 मार्च 2018

भूलकर भी घर में इस जगह न लगाएं मृत लोगों की फोटो, वरना बढ़ सकता है दुर्भाग्य

भूलकर भी घर में इस जगह न लगाएं मृत लोगों की फोटो, वरना बढ़ सकता है दुर्भाग्य


अधिकतर लोग अपने-अपने घरों में परिवार के मृत लोगों की फोटो लगाते हैं। मृत लोगों से भावनाएं जुड़ी रहती हैं और इसी वजह से परिवार के सदस्यों की मृत्यु के बाद भी उन्हें अपनी यादों में बनाए रखने के लिए घर में उनकी फोटो लगाई जाती है। कुछ लोग मृतकों की फोटो घर के मंदिर में ही लगा लेते हैं जो कि शास्त्रों के अनुसार गलत है। यहां जानिए ज्योतिषाचार्य पंडित अजय दुबे, जबलपुर के अनुसार घर के मंदिर से जुड़ी खास बातें...

- परिवार के मृत लोगों की फोटो लगाने के लिए दक्षिण दिशा शुभ रहती है। घर में दक्षिण दिशा की दीवार पर मृतकों के तस्वीर लगाई जा सकती है, लेकिन मंदिर में नहीं लगानी चाहिए। मंदिर में मृतकों के फोटो लगाने से देवी-देवताओं की पूजा सफल नहीं हो पाती है। साथ ही, इससे नकारात्मकता भी बढ़ती है, इसकी वजह से कार्यों में सफलता नहीं मिल पाती है और बुरे समय का सामना करना पड़ सकता है।

- ध्यान रखें घर में पूजा करने वाले व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होगा तो बहुत शुभ रहता है। इसके लिए पूजा स्थल का दरवाजा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। अगर ये संभव ना हो तो पूजा करते समय व्यक्ति का मुंह पूर्व दिशा में होगा, तब भी श्रेष्ठ फल प्राप्त होते हैं।

- घर में मंदिर ऐसे स्थान पर बनाया जाना चाहिए, जहां दिनभर में कभी भी कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी अवश्य पहुंचती हो। जिन घरों में सूर्य की रोशनी और ताजी हवा आती रहती है, वहां के कई वास्तु दोष स्वत: ही शांत हो जाते हैं। सूर्य की रोशनी से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है।

- घर में जिस स्थान पर मंदिर है, वहां चमड़े से बनी चीजें, जूते-चप्पल नहीं ले जाना चाहिए। पूजन कक्ष में पूजा से संबंधित सामग्री ही रखनी चाहिए। अन्य कोई वस्तु रखने से बचना चाहिए।

गुरुवार, 8 मार्च 2018

घर में कभी न रखें भगवान की ऐसी मूर्तियां नही तो हो सकता है नुकसान

घर में कभी न रखें भगवान की ऐसी मूर्तियां नही तो हो सकता है नुकसान


वास्‍तु शास्‍त्र में जिस तरह से घर के हर एक कोने, हर दीवार, दिशाओं को लेकर बातें कही गई हैं उसी प्रकार घर के पूजाघर में लगी भगवान की मूर्तियों और तस्‍वीरों के बारे में भी कुछ बातें कही गई हैं । वास्तु और ज्‍योतिष के अनुसार घर में देवी-देवताओं की तस्‍वीरें लगाते हुए ध्‍यान रखना चाहिए कि हम किस भगवान को घर में स्‍थान दे रहे हैं और क्‍या हमें इन्‍हें घर के मंदिर में लगाना चाहिए । आगे जानिए कुछ ऐसी ही बातों के बारे में साथ ही उन तस्‍वीरों के बारे में भी जो घर में लगाना नुकसान उठाने जैसा माना जाता है ।

घर के मंदिर में देवी देवताओं की मूर्ति या चित्र रखने की परंपरा का पालन सभी करते आ रहे हैं । लेकिन कुछ ऐसे चित्र और प्रतिमाएं हैं जिन्‍हें घर के मंदिर में स्‍थापित करने से घोर संकट आ सकता है ।  

भैरवनाथ
शिवपुराण के अनुसार भगवान भैरव, रुद्र के ही अवतार हैं । ये तंत्र के देवता माने जाते हैं । इनकी उपासना तंत्र साधना में की जाती है । इसलिए  घर के मंदिर में इनकी प्रतिमा रखना शुभ नहीं माना जाता है । भगवान भैरव की मूर्ति स्‍थापना खुले आसमान में होनी चाहिए । इनकी उपासना, पूजा विशेष रूप से की जाती है, जिसके लिए तंत्र-मंत्र की आवश्‍यकता होती है।

नटराज
नटराज, शिव का ही एक रूप हैं । आमतौर पर इसे शिव की नृत्‍य मुद्रा समझा जाता है लेकिन ऐसा नहीं है । ये नृत्‍य नहीं बल्कि शिव के तांडव की मुद्रा है । कई लोगों के लिए ये मूर्ति सिर्फ सुंदरता या सजावट की वस्‍तु होती है, लेकिन ऐसा सोचना भी अशुभ माना जाता है । शिव की ये मूर्ति उनके क्रोधी स्‍वरूप को दर्शाती है, इसे घर में रखने से अशांति बढ़ती है।

शनि देव
शनि न्‍याय के देव हैं, लेकिन वो बहुत ही क्रोधी स्‍वभाव के भी माने जाते हैं । शनि, सूर्य पूत्र और न्‍यायाधीश कहे जाते हैं । इनकी मूर्ति घर में रखने से मना किया जाता है । इन्‍हें घर में रखना अशुभ फल्‍ देता है । शनि की पूजा घर के अंदर नहीं अपितु घर के बाहर खुले में होनी चाहिए । शनि की मूर्ति घर लाने से बचें और इनका किसी प्रकार कोई चित्र भी अपने पास ना रखें।

राहु-केतु
शनि को घर में नहीं रख सकते तो फिर इसके छाया ग्रह राहु-केतु को घर में कैसे जगह दे सकते हें । ये दोनों छाया ग्रह हैं, राहु – केतु असुर थे और चूंकि इन्होंने देवताओं के साथ अमृत पान किया था, इसीलिए ये अमर हो गए । इन्‍हें प्रसन्‍न करने के लिए इनकी आराधना की जाती है, ताकि ये अपनी कुदृष्टि से किसी मानस का बुरा ना करें।

ऐसी मूर्तियां लगाने से होता है शुभ

हर घर में मां लक्ष्‍मी और गणेश जी की मूर्ति या तस्‍वीर होती ही है । ध्‍यान रखें आप इनकी ऐसी तस्‍वीर या मूर्ति रखें जो बैठी हुई हों । लक्ष्‍मी – गणेश की बैठी हुई तस्‍वीर या मूर्ति लगाने से घर पर ऋद्धि- सिद्धि की वर्षा होती है । अगर आप गणेश जी की तस्‍वीर अपने वर्कप्‍लेस पर लगाते हैं तो उनकी खड़ी तस्‍वीर लगाएं । ऐसी तस्‍वीर आपके काम में स्थिरता लाती हैं।

हनुमान जी की मूर्ति या तस्‍वीर
अगर आपके घर के मंदिर में हनुमाज जी की तस्‍वीर है तो ध्‍यान रखें कि उनका मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए । हनुमान जी की प्रतिमा का प्रभाव पूर्ण करने के लिए उन्‍हें राम दरबार के साथ स्‍थापित करें । राम दरबार हनुमान जी के बिना अधूरा ही रहता है । हनुमान जी के साथ प्रभु राम की भी कृपा की प्राप्ति होती है।

मां भवानी की तस्‍वीर
मां आदिशक्ति मां भवानी की तस्‍वीर लगाते हुए ये ध्‍यान रखें कि वो आशीर्वाद मुद्रा में हो । मां दुर्गा का आक्रामक रूप घरों में नहीं लगाया जाता । ये भी ध्‍यान रखें कि जिस सिंह पर मां सवार हैं उसका मुंह बंद है कि नहीं । शेर का मुंह बंद ही रहना चाहिए । अन्‍य देवी-देवताओं में भगवान शिव, देवी लक्ष्‍मी, कुबेर और मां सरस्‍वती की तस्‍वीर हमेशा उत्‍तर दिशा में ही लगानी चाहिए ।

बुधवार, 7 मार्च 2018

इन राशि के जातकों की समय से पहले हो जाती है मौत, कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

इन राशि के जातकों की समय से पहले हो जाती है मौत, कहीं आपकी राशि भी तो नहीं


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्रीदेवी की उम्र के हिसाब से जल्दी मौत होने पर लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था. बता दें हिन्दू धर्म में शनिदेव को न्यायाधीश कहा जाता है.

कहा जाता है कि व्यक्ति के जीवन में जो भी अच्छे या बुरे काम होते हैं, वो सब शनिदेव की वजह से ही होते हैं, इसलिए बहुत बार ये देखा गया है कि कभी-कभी कोई मुश्किल काम चुटकियों में हो जाता है और कभी-कभी आसान कम भी बहुत मेहनत करने के बाद भी नहीं हो पाता. अगर यह किसी से नाराज हो जाते हैं तो उसके कर्मों के आधार पर दण्डित भी करते हैं. जब शनि प्रत्येक व्यक्ति की राशि में आते हैं तो लोगों को एक्सीडेंट, धन की हानि, घर में भयंकर कलेश जैसी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं. बाद में फिर लोगों को अपनी मौत से इसकी कीमत चुकानी पड़ जाती है. आज हम आपको उन तीन राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी समय से पहले मृत्यु हो जाती है. आइये बताते हैं उन तीन राशियों के बारे में जिनके बारे में ज्योतिषों ने बताया है कि इनकी मृत्यु समय से पहले हो जाती है.

वृषभ राशि- 
ज्योतिषों के अनुसार बॉलीवुड की अभिनेत्री श्रीदेवी की राशि वृषभ बताई गयी है. तो आप लोगों को पता ही होगा कि 25 फरवरी को श्रीदेवी का निधन हुआ है. इस राशि के लोगों पर समय से पहले से कई कई प्रकार के संकट आते हैं जो आगे जाकर इंसान की जान ले लेते हैं. बता दें इस राशि के लोगों की अचानक से मृत्यु हो जाती है. बता दें अभी फिलहाल में इन तीन राशियों पर शनि की साढ़े साती और महादिशा चल रही है, जोकि काफी हानिकारक होती है.

कुंभ राशि 
बता दें इस राशि पर भी शनि की महादिशा और साढ़े साती चल रही है जोकि इस राशि के जातकों को भारी नुकसान पहुंचाएगी. जानकारी के लिए बता दें इस राशि के लोगों की भी समय से पहले मौत हो जाती है. इस राशि के जातकों को अपनी बीमारियों को लेकर सचेत रहना चाहिए. किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए नहीं तो आप भी समय से पहले अपनी जान से हाथ धो सकते हैं.

कर्क राशि 
कर्क राशि के लोगों को बचके रहना है. बता दें इस राशि के लोगों की भी समय से पहले मौत हो जाती है. इस राशि पर भी शनि की साढ़े-साती चल रही है और महादिशा भी जोकि इस राशि के लोगों की जान भी ले लेती है. शनि महाराज आपसे नाराज ना रहें और किसी तरह की अनहोनी ना हो तो इसके लिए आप हर शनिवार शनिदेव की पूजा करना ना भूलें. नहीं तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है.

रविवार, 18 फ़रवरी 2018

क्या आप जानते हैं फलों पर लगे स्टिकर्स का क्या मतलब होता है? खरीदते समय भूलकर भी ना करें अनदेखा

क्या आप जानते हैं फलों पर लगे स्टिकर्स का क्या मतलब होता है? खरीदते समय भूलकर भी ना करें अनदेखा


आपने पुरानी कहावत तो सुनी ही होगी, एक सेब रोज खाने से बीमारियाँ दूर रहती हैं? जी हाँ यह बिलकुल सही है। फल खाना स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है, यह किसी को बताने की जरुरत नहीं है। फलों में भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। फलों के सेवन से कई बीमारियाँ भी दूर हो जाती हैं। पहले से ही लोग फलों का सेवन खुद की भूख मिटाने के लिए करते रहे हैं। जब लोगों को अन्न उगाना नहीं आता था, उससे पहले से ही वह जंगली फलों का सेवन करता रहा है।

नहीं पता होता उन पर लगे स्टिकर्स का मतलब:

आज बाजार में कई तरह के फल देखने को मिलते हैं। फलों के बारे में कहा जाता है कि कोई भी फल नुकसान देने वाला नहीं होता है। हर फल अ स्वाद और गुण अलग-अलग होता है। कुछ फल जो सस्ते में मिल जाते हैं, जबकि कुछ फल बहुत महंगे होते हैं। अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ फल जो महंगे होते हैं, उनके ऊपर कई तरह के स्टिकर्स लगे होते हैं। ज्यादातर लोगों को फलों पर लगे स्टिकर्स का मतलब ही नहीं पता होता है।

स्टिकर्स से मिलती है कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी:

कई लोगों की आदत होती है कि वह फलों को खरीदते समय उन पर लगे स्टिकर्स का क्या मतलब होता है। फलों पर लगे इन स्टिकर्स पर एक कोड दिया हुआ होता है, जिसे PLU (प्राइज लुक अप) कहा जाता है। ये कई तरह के होते हैं और सभी के मतलब अलग-अलग होते हैं। अगर हमें इन स्टिकर्स के कोड के बारे में पता चल जाए तो हमें उस फल के बारे में कई जानकारी मिल सकती है। इससे हमें इस बात की भी जानकारी मिलती है कि हमें कौन सा फल लेना चाहिए और कौन सा नहीं।

फलों के स्टिकर्स से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान:

* जिन फलों या सब्जियों के ऊपर लगे स्टिकर्स पर 4 डिजिट का कोड लिखा हो, उससे इस बात की जानकारी मिलती है कि इस फल या सब्जी को उगाते समय पारम्परिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। यानी इस फल या सब्जी के पारम्परिक कीटनाशकों और रसायनों का प्रयोग किया गया है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा होता है। इसलिए इस तरह के स्टिकर्स वाले फल और सब्जियों को खाया जा सकता है।

* आप जो फल या सब्जी खरीद रहें हैं उसके स्टिकर्स पर 5 डिजिट का कोड हो और उसकी शुरुआत 8 से हो रही है तो इसका मतलब है कि उस फल को जैविक तरीकों का इस्तेमाल करके उगाया गया है। इसे जेनेटिकली रूप से मोडिफाइड किया जा सकता है।
* आप जो भी फल या सब्जी खरीद रहे हैं अगर उसके स्टिकर्स पर 5 डिजिट का कोड हो और उसकी शुरुआत 9 से हो रही है तो इसका मतलब है कि इस फल को भी जैविक रूप से उगाया गया है। लेकिन इसे जेनेटिकली रूप से मोडिफाइड नहीं किया जा सकता है।

यक़ीनन यह जानकारी आपके काम आएगी। अब जब भी आप फल या सब्जी खरीदने जाएँ तो उनके ऊपर लगे स्टिकर्स को बिना जांचे ना खरीदें।

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

राशि के अनुसार जानें क्या है आपकी सबसे बड़ी कमजोरी

राशि के अनुसार जानें क्या है आपकी सबसे बड़ी कमजोरी


अक्सर हम सभी की कोई न कोई कमजोरी होती ही है चाहे वो हेल्थ से रिलेटेड हो या हमारे व्यक्तित्व से जुडी हुई हो। हम में कोई न कोई कमियां पाई ही जाती है। ये कमियां क्या है? और क्यू है? बहुत से लोगो को मालूम नहीं होता है। किसी की कमजोरी अधिक गुस्सा करना होता है, तो किसी की चुगली करने की आदत होती है। सभी के स्वभाव में अलग-अलग कमजोरियां होती ही है। लेकिन क्या आपको मालूम है? आप अपनी राशि के द्वारा अपनी सबसे बडी कमजोरी का पता लगा सकते है। जी हाँ, आज हम आपको इसी से सम्बंधित जानकारी देंगे जिससे आप अपने राशि के माध्यम से अपनी कमजोरी को जान सकेंगे। तो आइये जानते है कि हर राशि के जातकों के स्वभाव में कौन कौन सी अलग-अलग कमजोरी होती है।

मेष राशि
मेष राशि के जातको को आलस्य और लापरवाही की बुरी आदत होती है। जो की इनकी बहुत बड़ी कमजोरी है। इस आदत का मुख्य कारण इनकी कुंडली का बुध होता है। इस आदत से छुटकारा पाने के लिए इस राशि के जातको को प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर सूर्य देवता की उपासना करनी चाहिए। जो इनके लिए आवश्यक है।

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातको को अपशब्दों का प्रयोग करना और अत्यधिक उत्तेजित होने की बुरी आदत है। जो इन्हें कभी कभी बहुत बड़ी मुसीबत में डाल देती है। इस आदत के पीछे इनकी कुंडली का मंगल ग्रह जिम्मेदार होता है। इस राशि के जातको को मांसाहार का प्रयोग कम करना चाहिए साथ ही लाल रंग से भी बचाना चाहिए।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातको को अपनी प्रशंसा और दूसरों की निंदा करने के आदि होते है। जिसके पीछे इनके कुंडली का बृहस्पति ग्रह जिम्मेदार होता है। इस राशि के जातको को हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए और मीठी चीज़ थोड़ी कम खानी चाहिए।

कर्क राशि
कर्क राशि के जातको को दूसरों का मजाक उड़ाने में और बात-बात में रोने की आदत होती है। इस राशि के जातक हद से ज्यादा भावुक होते हैं। जिसका कारण इनके कुंडली का चन्द्रमा होता है। चन्द्रमा के कमजोर होने से ये आदत पैदा हो जाती है। इस राशि के जातको के लिए शिव जी की उपासना करनी चाहिए और खान पान पर भी ध्यान रखना चाहिए।

सिंह राशि
सिंह राशि के जातको को बात बात में क्रोध करने और लड़ाई करने की बुरी आदत होती है। कभी कभी इस राशि के जातक अहंकार में अपना ही सब कुछ नष्ट कर डालते हैं। जिसके पीछे इनकी कुंडली का मंगल ग्रह होता है। इस राशि के जातको को काले रंग से और नशे की आदत से बचाव करना चाहिए।

तुला राशि
तुला राशि के जातको को दिखावा करने और पैसा उड़ाने की आदत होती है। इस राशि के जातको को रोज रोज प्रेम होता रहता है। जिसके पीछे इनकी कुंडली का चन्द्रमा जिम्मेदार होता है। इस आदत से छुटकारा पाने के लिए इस राशि के जातको शनि देव की आराधना करनी चाहिए और मित्रता कम करनी चाहिए।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातको को हर जगह धन कमाने और अपने स्वार्थ के पीछे भागने की आदत होती है। इस राशि के जातक स्वार्थ में अक्सर इनके हाथ से रिश्ते छूट जाते हैं। जिसके पीछे इनकी कुंडली का शनि होता है। छुटकारा पाने के लिए इस राशि के जातको हल्के नीले रंग का प्रयोग करना चाहिए और पौधे लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातको को बार बार परिवर्तन करने और नशा करने की बुरी आदत होती है। इस राशि के जातक दूसरों के भले में अपना नुकसान कर डालते हैं। जिसके पीछे इनकी कुंडली में नीच का चन्द्रमा होता है। छुटकारा पाने के लिए इस राशि के जातको को नियमित दूध पीना चाहिए और सफेद रंग का खूब प्रयोग करना चाहिए।

धनु राशि
धनु राशि के जातको को झूठ बोलना और उल्टा सीधा खाने की बुरी आदत होती है। इस राशि के जातको की वाणी कभी कभी बहुत ज्यादा कठोर हो जाती है। जिसके पीछे इनकी कुंडली का बुध और शनि होता हैं। इस लत से छुटकारे के लिए इस राशि के जातको को सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए तथा शनिवार को सात्विक भोजन खाना चाहिए।

मकर राशि
मकर राशि के जातको राशी को हर समय दूसरों की बुराई और ईर्ष्या करने की बुरी आदत होती है। इस राशि के लोगो कल्पना में समस्याएं पैदा कर डालते हैं। जिसके पीछे इनकी कुंडली का शनि और चन्द्रमा होता है। इस लत से छुटकारे के लिए इस राशि के जातको को हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए और लाल रंग से बचाव करना चाहिए।

कुम्भ राशि
कुम्भ राशि के जातको को नशे और काम टालने की बुरी आदत होती है। इस राशि के जातको को अक्सर कोई अच्छा दोस्त या साथी नहीं मिलता है। इस कमजोरी के पीछे इनकी कुंडली शुक्र जिम्मेदार होता हैं। इस लत से छुटकारे के लिए इस राशि के जातको को सुबह जल्दी उठना और सप्ताह में एक दिन उपवास रखना चाहिए।

मीन राशि
मीन राशि के जातको के अन्दर अहंकार और आलस्य की बुरी आदत होती है। इस राशि के लोग कभी कभी अपनी भलाई की बातें भी नहीं मानते हैं। इस कमजोरी के पीछे इनकी कुंडली शुक्र और बृहस्पति जिम्मेदार होता हैं। इस लत से छुटकारे के लिए इस राशि के जातको गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए तथा सुगंध का प्रयोग कम करना चाहिए।

शनिवार, 27 जनवरी 2018

दांतों में गैप वाले लोगों में होती हैं ये खास खूबियां, क्या आप में है ये खूबियां?

दांतों में गैप वाले लोगों में होती हैं ये खास खूबियां, क्या आप में है ये खूबियां?


आपके आस-पास कुछ लोग तो ऐसे ज़रूर होंगे जिनकी दांतों में गैप होगा. दांतों में गैप यूं ही नहीं होता. दांतों में गैप एक इंसान के स्वभाव के बारे में बहुत कुछ बताता है. यह उस व्यक्ति के जीवन से जुड़े कई राज़ खोल सकता है. समुद्रशास्त्र के अनुसार, दांतों में गैप वाले व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होते हैं. उनमें कुछ ऐसी खूबियां होती हैं जो उन्हें दूसरों से अलग करती हैं. समुद्रशास्त्र में व्यक्ति के शरीर के अंगों और व्यवहार से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जिन्हें जानकर आप भविष्य का भी अनुमान लगा सकते हैं. इन बातों से आप व्यक्ति के स्वभाव का भी पता लगा सकते हैं.

समुद्र शास्त्र का अध्ययन करके आप उनके बारे में विस्तार से जान सकते हैं. आज हम आपको उन लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी दांतों में गैप होता है. समुद्र शास्त्र के अनुसार जानिये ऐसे लोगों से जुड़ी कुछ ख़ास बातें.

दांत में गैप वाले लोगों में होती हैं ये विशेषताएं

जिन लोगों के दांतों में गैप होता है वह अपने करियर में बहुत सफल होते हैं. वह चाहे जो भी करियर चुन लें उनमें उन्हें सफलता मिलती है. ये लोग एक सफल मुकाम पर पहुंच कर ही रहते हैं. सफल होने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता.
ऐसे लोग बहुर क्रिएटिव माइंड वाले होते हैं. ये बहुत बुद्धिमान होते हैं. इनकी बुद्धिमानी से लोग जल्दी इम्प्रेस हो जाते हैं. इनकी क्रिएटिविटी और इंटेलिजेंस इन्हें करियर में बहुत आगे लेकर जाती है.
दांतों में गैप वाले लोग दिखने में सुंदर और आकर्षक होते हैं. ये लोग बहुत हाइली क्वालिफाइड भी होते हैं. इनकी योग्यता ही इनकी निशानी मानी जाती है. गुडलक हमेशा इन लोगों के साथ रहता है.

ऐसे लोग स्वभाव से बहुत बातूनी होते हैं. इन्हें बात करना बहुत ज्यादा पसंद होता है. यह लोग किसी भी टॉपिक पर घंटों बात कर सकते हैं. अपनी बातों से ये दूसरों को जल्दी इम्प्रेस कर लेते हैं और यही इनकी खासियत भी होती है.

दांतों के बीच गैप वाले लोगों को ‘फूडी’ कहा जाता है. खाना इन लोगों की पहली पसंद होती है. इन्हें अलग-अलग प्रकार के व्ययंजन ट्राई करना काफी पसंद होता है. इन्हें कुकिंग का बहुत शौक होता है और अपने घर पर भी ये लोग नए-नए डिशेज ट्राई करते रहते हैं.

ये लोग पैसों के मामले में बहुत लकी होते हैं. इन लोगों को आर्थिक तंगी से कभी नहीं गुज़रना पड़ता. हिसाब-किताब के मामले में भी ये लोग बहुत पक्के होते हैं. ऐसे लोग अच्छे फाइनेंस मैनेजर होते हैं.

दांतों में गैप वाले लोगों का विचार काफी खुला होता है. ये दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में यकीन रखते हैं. ये लोग अपनी बात बिना किसी हिचकिचाहट या शर्म कह देते हैं.

मंगलवार, 23 जनवरी 2018

सप्ताह में इस दिन जन्मे बच्चे होते है सबसे ज्यादा खुश किस्मत

सप्ताह में इस दिन जन्मे बच्चे होते है सबसे ज्यादा खुश किस्मत


पैरेंट्स अपने बच्चों के बारे में जानने के लिए हरदम इच्छुक होते हैं क्योंकि आप किस दिन पैदा हुए थे इस बात पर भी काफी हद तक यह निर्भर करता है कि आपका स्वभाव और व्यवहार कैसा होगा. ज्योतिष शास्त्र की मदद से हम अपने जन्म की तारीख, अपने नाम एवं अपने जन्म माह के माध्यम से अपने व्यक्तित्व एवं आने वाले भविष्य के बारे में पता लगा सकते हैं.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि ज्योतिष शास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जिसके बारे में जानकर हम किसी भी व्यक्ति के स्वभाव के बारे में आसानी से पता लगा सकते हैं. इसको जानने के लिए वो इंसान किसी दिन, किस महीने और किस समय पैदा हुआ है ये पता होना बहुत जरुरी है क्योंकि जिस दिन व्यक्ति का जन्म होता है, उस दिन मौजूद ग्रहों की विशेषता उस व्यक्ति के अंदर आ जाती है. इन्हीं तारीखों से आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में आपका व्यक्तित्व कैसा रहने वाला है.

सप्ताह के अलग–अलग दिन पैदा होने वाले लोगों का ऐसा होता है व्यक्तित्व और स्वभाव !!

सोमवार : इस दिन जन्मे लोग हमेशा किसी न किसी वजह से समाज में सुर्खियों में बने रहते हैं, इनके परिवार में बहुत सी परेशानियां रहती हैं, इसके बावजूद भी ये लोग प्यार से मिलते हैं. इनका स्वभाव हंसमुख किस्म का होता है.

मंगलवार : इस दिन जन्मे लोगों का ग्रह मंगल होता है. जिस वजह से इनकी राशि मेष या वृश्चिक होती है. इनके अंदर ऊर्जा कूट-कूटकर भरी पड़ी होती है. ये सही समय में सही फैसले लेते हैं.

बुधवार : इस दिन पैदा हुए लोगों की राशि कन्या या मिथुन होती हैं. ये लोग अपनी बातों से किसी को भी अपनी तरफ आसानी से आकर्षित कर लेते है. इनकी वाणी मीठी होती है. इस दिन जन्मे लोग खुशकिस्मत होते है.

गुरूवार : गुरूवार को जन्म लेने वाले लोगों की राशि धनु या मीन होती है. इस दिन पैदा होने वाले लोग बहुत ज्यादा बुद्धिमान होते हैं. इन्हें जो भी काम दिया जाता है ये उसको समय से पहले ही पूरा कर लेते है.

शुक्रवार : शुक्रवार को जन्म लेने वाले लोग दिखने में बहुत ज्यादा सुंदर होते हैं. इन पर शुक्रग्रह का प्रभाव रहता है. इनके अंदर खुद को दूसरों से आगे रखने की ललक हमेशा रहती है. ये किसी को भी अपना दीवाना बना सकते है.

शनिवार : इस दिन जन्म लेने वाले लोगों की राशि मकर या कुंभ होती है. इन पर शनि ग्रह का प्रभाव बना रहता है. इन्हें जीवन में किसी की रोक-टोक पसंद नहीं होती. ये लोग बहुत ईमानदार होते है.

रविवार : रविवार को जन्म लेने वाले लोगों पर सूर्य और सिंह राशि का प्रभाव रहता है, इनका स्वभाव साहसी और निडर होता है. इनकी सोच हमेशा सकारात्मक रहती हैं. इन्हें घूमने-फिरने का भी बहुत शौक होता है.

मंगलवार, 2 जनवरी 2018

क्या आप भी धोते हैं अंडर गारमेंट्स सभी कपड़ों के साथ तो हो जाएं सावधान

क्या आप भी धोते हैं अंडर गारमेंट्स सभी कपड़ों के साथ तो हो जाएं सावधान


हमारे अंडर गारमेंट्स अक्सर हमारी अलमारी के उन अनगिनत कपड़ों में से एक होते हैं जिनका जिक्र करने में हम शर्म महसूस करते हैं। हमारे दूसरे कपड़े अंडर गारमेंट्स जैसे ब्रा और अंडरवियर जैसे कपड़ों की तरह छुपे हुए नहीं होते हैं और हम खुलकर उनका जिक्र किसी के ही सामने कर सकते हैं


अंडर गारमेंट्स हमारी उन जरूरतों में से एक हैं जो हमारे शरीर को साफ़-सुथरा रखने में मदद करते हैं । अगर वास्तव में हम नाज़ुक, विशेष वस्तुओं – छोटी बातों का ध्यान रखते हैं तो हमें अपने अंडर गारमेंट्स का भी ध्यान रखना होता है। ध्यान रखने से मतलब उनकी साफ़- सफाई से है।
हम लोग अक्सर कपड़े धोते समय कई ऐसी महतवपूर्ण बातों को नजरअंदाज कर देते हैं जो असल में बहुत जरुरी होती हैं । कुछ लोग लांड्री बैग या वाशिंग मशीन में सारे कपड़े सफेद टीशर्ट , मोज़े , जैकेट और यहां तक कि अंडर गारमेंट्स भी रख देते हैं । कपड़े धोते समय उन सभी कपड़ों को एक साथ धो दिया जाता है। हालांकि कपडों को सही तरीके से धोने के लिए बहुत सी बातों का ध्यान रखना होता है। सबसे जरुरी बात यह है कि हमें सभी कपड़ों के साथ अंडर गारमेन्ट्स को नहीं धोना चाहिए।
100 में से 90 महिलायें कपड़ों के साथ ही अंडर गारमेंट्स को धो देती हैं :
शोधकर्ताओं ने इस बात को लेकर जब अध्यनन किया तो यह ज्ञात हुआ कि 100 में से 90 महिलायें कपड़ों के साथ ही अंडर गारमेंट्स को धो देती हैं। ज्यादातर महिलायें समय, पानी और डिटर्जेंट बचाने के लिए इसे अन्य कपड़ों के साथ ही वॉशिंग मशीन में धो देती हैं । पूरी तरह से स्वचालित वाशिंग मशीन ने हमारे लिए चीजों को और भी आसान बना दिया है । कपड़ों को धोने के लिए अब हम वाशिंग मशीन में कपडेआ को डिटर्जेंट के साथ डालकर और पानी चला देते है और कुछ समय बाद सारे कपड़े धुले हुए मिलते है।


ऐसा करते समय हम अंडर गारमेंट्स को भी कपड़ों के साथ ही धो डालते हैं. ऐसा करने से है हमें बचना चाहिए। इसके पीछे निम्न कारण है –

1. अंडर गारमेंट्स हमरे शरीर के ऐसे हिस्सों से जुड़े होते हैं जहा से हम मल-मूत्र त्यागते हैं । ऐसे में इन कपड़ों में इन्फेक्शन आदि होते हैं जिससे दूसरे कपडे़ में भी इन्फेक्शन बैक्टीरिया चले जाते हैं

2. ज्यादातर वाशिंग मशीन 15 डिग्री सेल्सियस कपड़ों को धोती है लेकिन हमारे अंडर गारमेंट्स में बैक्टीरिया होने की वजह से उनको आवश्यक तापमान न्यूनतम 40 डिग्री सेल्सियस चाहिए होता है। हमें अपने अंडर गारमेंट्स को अलग गर्म पानी में धोने की आवश्यकता होती है जिससे संक्रमण का खतरा न रहे।

3. शिशुओं और वृद्ध लोगों में कम प्रतिरक्षा होती है और वो हमारे मुकाबले संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनात्मक होते हैं। उनके कपड़ों को बाकी सब कपड़ों से अलग धोने की जरुरत होती है। यदि घर में कोई बीमार या कमजोर है तो उसके कपड़ों और अंडर गारमेंट्स को सबसे अलग धोना चाहिए जिससे एक दूसरे के कपड़ों में जीवाणु लगने का डर न रहे और इन्फ़ेक्शन से दूर रहा जा सके।

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

95% लोग वॉशरूम में करते हैं अक्सर ये हरकतें, नंबर 3 और 5 वाली तो आप भी करते हैं !

95% लोग वॉशरूम में करते हैं अक्सर ये हरकतें, नंबर 3 और 5 वाली तो आप भी करते हैं !


हरकतें जो हम वाशरूम में करते है – कहते हैं कि ख्यालों पर किसी का पहरा नहीं होता है इसलिए किसी भी व्यक्ति के दिमाग में ख्याल कभी भी और कहीं भी आ सकता है. इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास सोचने के लिए वक्त नहीं होता है ऐसे में लोग आराम क्या फरमाएंगे. लेकिन एक ऐसी जगह है जहां लोग भले की आराम से कुछ पल बिताते हैं लेकिन इसी जगह पर वो बहुत से काम ऐसे कर आते हैं जिसकी चर्चा दूसरों के सामने नहीं की जा सकती.


वो खास जगह है वॉशरूम और बाथरूम, जहां अजीब हरकतें जो हम वाशरूम में करते है. इंसान अजीबों-गरीब हरकतें तो करता है लेकिन उसकी इन हरकतों को कोई देख नहीं पाता है. जी हां, आज हम आपको ऐसी ही 10 हरकतें जो हम वाशरूम में करते है .

हरकतें जो हम वाशरूम में करते है –

1- अपने भविष्य के बारे में सोचना
किसी ने क्या खूब फरमाया है कि भविष्य के बारे में सोचने के लिए शौचालय से बेहतर और कोई जगह हो ही नहीं सकती. अधिकांश भारतीय पूरे दिन भले ही भविष्य को लेकर कोई प्लानिंग करें या ना करें लेकिन जैसे ही वो शौचालय में पहुंचते हैं उनके दिमाग में भविष्य को लेकर तरह-तरह की योजनाएं आने लगती हैं.
2- आइने के सामने खुद से बात करना
जो लोग दूसरों के सामने अपने विचारों को खुलकर पेश नहीं कर पाते हैं वो लोग अक्सर अपने वॉशरूम में लगे आइने को निहारते हैं और उसके सामने खुद से बातें करते हैं. दरअसल 5 से 10 मिनट तक आइने के सामने बात करके वो खुद को मोटिवेट करते हैं.
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3- सिंगिंग की प्रैक्टिस करना
अधिकांश लोगों को गाना गाना तो बहुत अच्छा लगता है लेकिन अपनी खराब सुर-ताल की वजह से लोगों के सामने गाना नहीं गा पाते हैं और वो अपने दिल की ये हसरत वॉशरूम में पूरी कर लेते हैं. अधिकांश लोग अपने वॉशरूम या बाथरूम में सिंगिंग की प्रैक्टिस करते हैं क्योंकि यही वो जगह होती है जहां ना तो उन्हें किसी का डर होता है और ना ही किसी बात की शर्म होती है.

4- नहाते वक्त सेल्फी लेना
आज के इस दौर में अधिकांश लोगों की जिंदगी जैसे सेल्फी के बिना अधूरी लगती है. सेल्फी एक अंतर्राष्ट्रीय रोग बन चुका है. ऐसे में लोग वॉशरूम के भीतर भी सेल्फी लेने से खुद को नहीं रोक पाते हैं.
5- चैटिंग और सर्फिंग करना
आजकल लोगों का ज्यादातर समय फोन पर चैटिंग और सर्फिंग करने में बीतता है. चैटिंग और सर्फिंग करते वक्त अगर अचानक उन्हें वॉशरूम जाना पड़े तो वो अपने फोन को साथ ले जाना नहीं भूलते हैं और वॉशरूम के भीतर ही फोन पर चैटिंग करने में जुट जाते हैं.

6- न्यूज पेपर या किताब पढ़ना
अपने समय का सदुपयोग करने के चक्कर में लोग एक साथ कई काम करने की सोच लेते हैं. अपने समय का सदुपयोग करने के लिए अधिकांश लोग वॉशरूम में न्यूज़ पेपर या किताब पढ़ने लगते हैं.


7- कसरत करने में जुट जाना
कुछ लोग अपनी सेहत को लेकर इतनी ज्यादा चिंता करते हैं कि वॉशरूम में भी जाकर शारीरिक कसरत करने में जुट जाते हैं. वॉशरूम या बाथरूम में घुसते ही वो अपने मसल्स को शेप देने में जुट जाते हैं.

8- कमोड़ पर यूं ही बैठे रहना
दिनभर की लगातार भागदौड़ के बाद भी जब लोगों को रिलैक्स करने के लिए समय नहीं मिलता है तो ऐसे में वो वॉशरूम में जाकर कुछ देर के लिए कमोड़ पर बैठ जाते हैं. ताकि इससे उनके पैरों और घुटनों को थोड़ा आराम मिल सके.

9- प्राइवेट पार्ट्स को निहारना
यह बात भले ही सुनने में थोड़ी अटपटी और अजीब सी लगती है लेकिन ये सच है चाहे महिला हो या पुरुष वो अक्सर वॉशरूम में जाने के बाद आइने के सामने अपने प्राइवेट पार्ट्स को निहारते हैं इतना ही नहीं नग्न होने के बाद वो खुद को आइने में देखना भी पसंद करते हैं.

10- अंडरआर्म्स की सफाई करना
खासकर अंडरआर्म्स के बालों की वजह से गर्मियों में पसीने और बदबू की परेशानी बढ़ जाती है. अपनी इस परेशानी से बचने के लिए लोग अक्सर अपने अंडरआर्म्स की सफाई करते हैं. सर्दी हो या गर्मी लोग अक्सर वॉशरूम में जाकर अपने अंडरआर्म्स की सफाई जरूर करते हैं.

ये है वो हरकतें जो हम वाशरूम में करते है  – गौरतलब है कि ऐसे बहुत ही कम लोग हैं जो वॉशरूम में इन 10 हरकतों को करने से खुद को रोक पाते हैं क्योंकि हकीकत तो यही है कि इनमें से कई हरकतें तो आप खुद भी करते ही होंगे.

सोमवार, 16 अक्तूबर 2017

हाथों की रेखाओं से जान सकते हैं सरकारी नौकरी की संभावनाएं, जानिए ऐसे

हाथों की रेखाओं से जान सकते हैं सरकारी नौकरी की संभावनाएं, जानिए ऐसे


भले ही आजकल मार्केट में स्टार्टअप्स का ट्रेंड चल रहा हो, मगर सरकारी नौकरी तो सरकारी नौकरी ही होती है। आज भी सरकारी नौकरी पा लेना कोई जंग जीतने से कम नहीं होता है। आज भी कई युवा ग्रेजुएशन खत्म कर लेने के बाद कोई अच्छी सरकारी नौकरी पाने की जुगाड़ में लग जाते हैं।


लेकिन अक्सर ही उनकी यह मेहनत असफल हो जाती है। यदि आप भी अपने जेहन में सरकारी नौकरी का सपना संजोए हुए हैं तो एक बार अपनी हाथों की लकीरों पर भी गौर कर लीजिए।

'ज्योतिष शास्त्र' के अनुसार हमारे हाथों में ऐसी कई रेखाएं होती हैं जो सरकारी नौकरी की ओर इशारा करती हैं। इन रेखाओं को पढ़कर आप पता लगा सकते हैं कि आपको सरकारी नौकरी मिलने की कितनी संभावना है? तो चलिए आज हम आपको इन रेखाओं को पढ़ना सिखाते हैं।

तीन पर्वत अहम हमारी हथेली में कई तरह के पर्वत होते हैं। इनमें से गुरु पर्वत (तर्जनी का निचला हिस्सा), शनि पर्वत (मध्यमा का निचला हिस्सा) और सूर्य पर्वत (अनामिका का निचला हिस्सा) सरकारी नौकरी का निर्धारण करते हैं।

गुरु पर्वत
तो चलिए सबसे पहले 'गुरु पर्वत' की बात कर लेते हैं। 'गुरु पर्वत' दिमाग और बुद्धि की ओर संकेत करता है। यदि 'गुरु पर्वत' उभरा हुआ है तो यह सरकारी नौकरी की ओर संकेत करता है।

ये तीन चिन्ह 'गुरु पर्वत' पर यदि कोई रेखा है या त्रिभुज अथवा वर्ग (स्क्वेयर) का निशान बन रहा है तो यह भी सरकारी नौकरी मिलने का इशारा है।

शनि पर्वत 

'शनि पर्वत' जीवन में कर्म और भाग्य का निर्धारण करता है। 'शनि पर्वत' ज्यादा उठा हुआ या अंदर धंसा हुआ नहीं बल्कि सामान्य हो तो यह भी सरकारी नौकरी के लिए अच्छा संकेत है।

सूर्य पर्वत 

यदि आप राजनीति के क्षेत्र में कदम रखते हुए विधायक, मंत्री या सचिव आदि बनना चाहते हैं तो आपको एक बार अपने 'सूर्य पर्वत' की ओर गौर कर लेना चाहिए। यदि यहां सीधी या टूटी-फूटी रेखाएं भी हैं तो थोड़ी मेहनत करके आप इन पदों को पा सकते हैं।

भाग्य रेखा 

'भाग्य रेखा', जीवन रेखा के समीप बनी होती है। आमतौर पर यह जीवन रेखा को छूते हुए ही शुरू होती है। यदि भाग्य रेखा, लहरदार और टूटी-फूटी न होकर एकदम सीधी होती है तो यह सरकारी नौकरी का ही संकेत है।

सूर्य पर्वत की ओर जाती रेखा 


यदि 'भाग्य रेखा' से निकलकर कोई रेखा 'सूर्य पर्वत' या 'गुरु पर्वत' की ओर जाती है तो आपकी सरकारी नौकरी लगने की पूरी-पूरी संभावना है।

शुरुआत भी अहम
'भाग्य रेखा', जीवन रेखा के किस हिस्से से शुरू हो रही है, यह भी बहुत मायने रखता है। यह जितने निचले हिस्से से शुरू होगी, उतनी जल्दी आपका भाग्य उदय होगा।

नाखूनों पर चंद्र 


मध्यमा और कनिष्ठा में चंद्र होने का मतलब व्यापार में तरक्की होना होता है। वही तर्जनी में चंद्र नौकरी की ओर संकेत करता है। यदि आपकी सभी उंगलियों में चंद्र है तो आप जिस क्षेत्र में जाएंगे उसमें तरक्की करेंगे।

हाथ में गड्ढे 

आप अपने हाथों के मध्य भाग को देखेंगे तो इसमें आपको गड्ढे नजर आएंगे। जिनके हाथ के गड्ढे गहरे होते हैं उन पर लक्ष्मी की अधिक कृपा रहती है और उनके पास पैसा लंबे समय तक टिका रहता है।

आप भी इन चिन्हों को पढ़ना सीख लीजिए और अभी से अपना सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा करने के लिए मेहनत शुरू कर दें।

गुरुवार, 12 अक्तूबर 2017

आपके दोस्तों को आपकी इन 10 बातों से होती है बहुत जलन

आपके दोस्तों को आपकी इन 10 बातों से होती है बहुत जलन


जलन एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज कम से कम डॉक्टर के पास तो नहीं है। यह तो आपने भी सुना होगा कि आप लाइफ में कई लोगों से मिलते हैं। कुछ लोग आपके बहुत अच्छे दोस्त बन जाते हैं तो कुछ लोग बिना किसी वजह से आपके दुश्मन हो जाते हैं। ऐसा अधिकांश लोगों के साथ होता है। फिर बात दफ्तर की हो या कॉलेज या फिर कहीं और। मगर हां, ऐसा होता जरूर है।


कई बार तो ऐसा होता है कि हम जिन्हें अपना मानते हैं वो लोग भी आपके प्रति जलन का भाव रखते हैं। खैर, जैसा हमने पहले ही आपको बताया कि इस बीमारी का कोई इलाज तो है नहीं। ऐसे में आप बस इतना कीजिए कि ऐसे लोगों से दूरी बना लीजिए।

और हां। आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातें बताने वाले हैं जिनके बूते आप यह पहले ही जान सकते हैं कि कौन सा व्यक्ति आपके प्रति अपने मन में क्या भाव रखता है।

तो फिर देर किस बात की है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

आपकी नकल करना
किसी भी व्यक्ति का आपके लिए ईर्ष्या रखने का एक कारण ये हो सकता है कि वो भी आपके जैसा बनना चाहते हैं। मतलब वो आपको देखकर जलन महसूस करते हैं। वो आपके जैसी नौकरी चाहते हैं। ऐसे में कभी कोई आपको आपकी नकल करते हुए दिखे तो समझ जाइएगा कि दाल में कुछ काला है।
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आपकी उपलब्धियों को गलत ठहराना
वे लोग जो आपके लिए जलन का माद्दा रखते हैं, वे आपकी उपलब्धिओं को देखकर कभी खुश नहीं होते। जब भी आपके साथ कुछ अच्छा होता है तो वे कोई न कोई ऐसी बात कर देते हैं जो आपके दिल को चुभ जाती है। ऐसे लोगों से भी दूरी बना कर रखना चाहिए।

जो आपके लिए हमेशा बुरा ही बोले
आपके लिए मन में नकारात्मक विचार रखने वाला व्यक्ति जरूरी नहीं कि हमेशा आपके लिए बुरा बोलता नजर आए। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आपके सामने तो बहुत अच्छी बात करते हैं, लेकिन आपके पीठ पीछे बुराई करते नजर आते हैं। ऐसे लोगों को जल्द पहचान लेना बेहतर है।
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ऐसे लोग कभी खुलकर सामने नहीं आते
आपके मन में नकारात्मक विचार रखने वाले व्यक्ति से जब भी आप सलाह लेंगे, वे कभी भी आपको सही सलाह नहीं देंगे। वे बातों को घुमाने की कोशिश करते हैं और आपकी हर बात में हाँ में हाँ मिलाते नजर आते हैं। आपके लिए सही होगा कि ऐसे लोगों से सलाह न लें। 
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वे आपको प्रतियोगी मानने लगते हैं
वे लोग जो आपके लिए ईर्ष्या रखते हैं। वो हर तरीके से आपको नीचा दिखाने में लगे रहते है। इस ईर्ष्या में वो इतने अंधे हो जाते हैं कि आपको ही प्रतिद्वंदी मानने लगते हैं। वे आपको नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

आपके बारे में गलत बातों को बढ़ावा देना
जलने वालों का कुछ नहीं किया जा सकता लेकिन जलने वालों से दूरी जरूर बनाई जा सकती है। ऐसे लोग आपके लिए गलत विचार रखते ही हैं। मगर साथ ही दूसरों के मन में भी आपके लिए नकारात्मक विचार डालते हैं।

असफलता पर खुश होना
ईर्ष्या एक ऐसा भाव है जो इंसान के चेहरे पर साफ दिख जाता है। ध्यान रहे जब भी किसी व्यक्ति को आपकी नाकामयाबी से कोई फर्क नहीं पड़ता है तो ऐसे में आपको उस व्यक्ति से अपना रिश्ता दुआ-सलाम तक ही सीमित रखना चाहिए।
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काबिलियत को नजरअंदाज करना
उन्हें ऐसा लगता है कि जीवन में आप सिर्फ इसलिए तरक्की कर रहे हैं क्योंकि आप किस्मत के धनी हैं। उन्हें हमेशा ये लगता है कि काश वे आपकी जगह होते। वे हमेशा आपको एहसास दिलाते रहते हैं कि आप जो भी हैं केवल किस्मत की वजह से हैं।

आपकी खुशियों से नदारद रहना
आपके जीवन में जब भी कोई ख़ुशी की खबर आएगी तो आप उन्हें नदारद ही पाएंगे। वे जितना संभव हो उतना आपको अनदेखा करने की कोशिश करेंगे क्योंकि आपकी खुशी उनके अन्दर जलन को बढ़ावा देती है। आपकी सफलता से वे कमजोर महसूस करने लगते हैं।

इस बात का रखें ध्यान
किसी से भी जलन भावना रखना बहुत बुरी बात है। ये आपका मन खराब करती ही है, साथ ही आपके जीवन में भी खुशियों के दरवाजे को बंद कर देती है।