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सोमवार, 16 अप्रैल 2018

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी


तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. इससे पेट संबंधी सभी विकार दूर हो जाते हैं. इसका आयुर्वेद में काफी विस्तार से वर्णन है. जानिए तांबे के बर्तन के 10 फायदे.

1. तांबा यानी कॉपर, सीधे तौर पर आपके शरीर में कॉपर की कमी को पूरा करता है और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से सुरक्षा देता है.

2. तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध माना जाता है. यह सभी डायरिया, पीलिया, डिसेंट्री और अन्य प्रकार की बीमारियों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता हैं.

3. तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की समस्या नहीं होने देते. ऑर्थराइटिस की समस्या से निपटने में भी तांबे का पानी फायदेमंद होता है.

4. अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार तांबे कैंसर की शुरुआत को रोकने में मदद करता है और इसमें कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते है.

5. पेट की सभी समस्याओं के लिए तांबे का पानी बेहद फायदेमंद होता है. शाम को तांबे बर्तन में रखा पानी सुबह शौच जाने से पहले खाली पेट पीने से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी परेशानियों से निजात मिलती है.

6. शरीर की आंतरिक सफाई के लिए तांबे का पानी कारगर होता है. इसके अलावा यह लिवर और किडनी को स्वस्थ रखता है और किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से निपटने में तांबे के बर्तन में रखा पानी लाभप्रद होता है.

7. एनीमिया की समस्या में भी इस बर्तन में रखा पानी पीने से लाभ मिलता है. यह खाने से आयरन को आसानी से सोख लेता है जो एनीमिया से निपटने के लिए बेहद जरूरी है.

8. तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा पर किसी प्रकार की समस्याएं नहीं होती. यह फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा संबंधी अन्य रोगों को पनपने नहीं देता जिससे आपकी त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है.

9. तांबे का पानी पाचनतंत्र को मजबूत कर बेहतर पाचन में सहायता करता है. रात के वक्त तांबे के बर्तन में पानी रखकर सुबह पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है. इसके अलावा यह अतिरिक्त वसा को कम करने में भी बेहद मदददगार साबित होता है.

10. यह दिल को स्वस्थ बनाए रखकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. इसके अलावा यह हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है. यह वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करने में मदद करता है.

शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

अंडे से ज्यादा ताकतवर होता है छिलका, आखिर क्यों नहीं फेंकना चाहिए अंडे का छिलका

अंडे से ज्यादा ताकतवर होता है छिलका, आखिर क्यों नहीं फेंकना चाहिए अंडे का छिलका


ये बात तो हम सभी जानते है की अंडा सबसे स्वस्थ और पौष्टिक आहार होता है इसलिए तो प्रत्येक परिवार अपने ब्रेकफास्ट में इसे विशेष आहार के रूप में सम्मिलित करता है। बॉयल्ड अंडा हो, या अंडे की करी, अंडे का परांठा या उससे बना ऑमलेट सभी को लोग बड़े चाव से खाते है। क्योंकि यही एक मात्र ऐसा स्वस्थ ब्रेकफास्ट है जो आपको पूरे दिन स्फूर्ति और ताकत प्रदान करता है।

लेकिन क्या आप जानते है? कि अंडे की ही तरह उसके छिलके में भी कई पोषक तत्व पाए जाते है जिनकी स्वास्थ्य के लिए बहुत से फायदे है। परन्तु हम में से अधिकतर लोग इसके छिलकों को फेंक देते है। जबकि अंडे के योल्क और अंडे की सफेदी की भांति इसके छिलकों को भी खाया जा सकता है। लेकिन सभी को इन छिलकों के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं होती। इसीलिए आज हम आपको अंडे के छिलके के कुछ स्वास्थ्यवर्धक फायदों के बारे में बताने जा रहे है। जिन्हे जानकार शायद आप भी इनका सेवन करना शुरू कर दें।

अंडे के छिलके के फायदे :-

1. स्वास्थ्य के लिए बेहतर :
शोधों से पता चला है की अंडे के छिलकों का सेवन करने का सबसे बेस्ट तरीका पाउडर के रूप में होता है। इस पाउडर का रोजाना अपने खाने में इस्तेमाल करने से पुरे शरीर का स्वास्थ्य बेहतर किया जा सकता है। दरअसल अंडे के छिलकों में Hyaluronic acid पाया जाता है जो त्वचा में ग्लो लाने में मदद करता है। जबकि इसमें मौजूद अन्य तत्व chondroitin, collagen, और glucosamine जोड़ों के दर्द और हड्डियों की अकड़न को कम करता है।
2. टॉक्सिक पदार्थो को दूर करे :
अगर रक्त को शुद्ध करने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए तो अंडे के छिलकों का पाउडर इस कार्य को करने में सक्षम है। यह शरीर से सभी हानिकारक टॉक्सिक पदार्थों को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए रोजाना दिन में कुल 3 ग्लास पानी और अंडे के छिलकों के पाउडर के मिश्रण का सेवन करे। यह आपके शरीर से सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करेगा।
3. थाइराइड :
थाइराइड की समस्या के लिए भी आप इनका इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए अंडे के छिलको को क्रश करके उसमे नींबू का रस मिलाएं। कम से कम 7 दिनों के लिए इसे रेफ्रीजिरेटर में रख लें। और इसकी 1 चम्मच का अल्कोहल मिश्रित पेय पदार्थ व् शहद के साथ रोजाना खाली पेट सेवन करें।

4. पेट के अल्सर :
पेट के अल्सर की समस्या के लिए भी अंडे के छिलके एक बेहतर और लाभकारी प्राकृतिक उपाय है। इसमें मौजूद तत्व पेट के अल्सर को दूर करने में मदद करते है। इसके लिए अंडे के छिलकों के पाउडर और गर्म दूध को मिलाकर नियमित रूप से इसका सेवन करें। कुछ ही दिनों में समस्या दूर हो जाएगी।

5. हड्डियों को मजबूत करें :
शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है जो खाने की बहुत से चीजों से लिया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते है की अंडो के छिलके में भी कैल्शियम भी उच्च मात्रा पाई जाती है। इसके मौजूद यही मात्रा हड्डियों को मजबूत करने में भी मदद करती है। जानकारी के लिए बता दें, अंडे के छिलकों में 95% कैल्सियम की मात्रा पाई जाती है जो दांतों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

इन सब कारणों से तो आप जान ही गए होंगे की यह वेस्ट मैटेरियल आपके शरीर और स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है। तो अगली बार से इन्हे कूड़ेदान में फेंकने की बजाय इनका एक पाउडर बना लें और उसे अपनी डाइट में सम्मिलित करें और स्वस्थ जीवन जीएं।

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

जानिए बच्चों के पेट के कीड़े मारने के अचूक इलाज

जानिए बच्चों के पेट के कीड़े मारने के अचूक इलाज


बच्चों के पेट कीड़े होना आम बात है लेकिन यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो बच्चों में विकास रुक जाता है | इसी बात को ध्यान में रखकर सरकार भी इसके लिए अभियान चला रही है और स्कूलों में कीड़े मारने की दवा मुफ्त में वितरित करवा रही हैं | यह वास्तव में एक ऐसी बीमारी है जो कि अन्दर ही अन्दर बच्चों को खा जाती है और पता ही नहीं चलता है, इसलिए इसके बारे में जानकारी और इलाज जरूरी है | इसलिए आइये आज जानते हैं कि पेट में होने क्या – क्या कारण है और इनसे बचने के क्या-क्या घरेलु उपाय हैं 

पेट में कीड़े होने का कारण 

गंदी मिट्टी में खेलने, मिट्टी खाने, फल व सब्जियों द्वारा बच्चों के पेट में कीड़े व कृमि पहुंच जाते हैं जो उनकी आंतों में वंश-वृद्धि करके जीवित रहते हैं। कई बार ज्यादा मीठे पदार्थों के सेवन से भी पेट में कीड़े हो जाते हैं। लेकिन इन कारणों पर नियंत्रण करना संभव नहीं होता हैं |

पेट में कीड़े होने का लक्षण 

कैसे जाने कि बच्चों के पेट में कीड़े है और वो बच्चों को नुकसान पंहुचा रहें है | चुनचुने (पिनवर्म), केचुए, राउंड वर्म, टेप वर्म व अन्य अनेक कीड़े बच्चों के पेट में होते हैं। जब ये काटते हैं तो बच्चे को गुदा में तेज खुजली होती है। शरीर पीला पड़ने लगता है, बेचैनी बढ़ जाती है, निढाल हो जाते हैं तथा स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।

पेट में कीड़े होने का उपचार 

1. नारियलः बच्चों को नारियल का पानी पिलाने तथा कच्चा नारियल खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसी प्रकार नारियल का गूदा चबाकर खाने व इसके तीन घंटे बाद 200 ग्राम दूध में दो चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर पिलाएं इससे बच्चों के पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकल आते हैं।

2. अनारः अनार के रस का रोजाना प्रयोग करते रहने से बच्चों के पेट के कीड़े आसानी से नष्ट हो जाते हैं।

3. ईसबगोलः यदि पेचिश में कीड़े निकलते हों तो ईसबगोल का उपयोग सहायक सिद्ध होता है। ईसबगोल की भूसी के साथ भुनी हुई सौंफ का चूर्ण मिलाकर खिलाएं। इससे बच्चों का पेट साफ हो जाएगा व कीड़े भी निकल जाएंगे।

4. अरंड ककड़ीः अरंड ककड़ी का एक चम्मच दूध प्रातः पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। यह बच्चों के लिए उत्तम औषधि है।

5. नीबूः आधे नीबू को काटकर उसमें काला नमक और काली मिर्च डालकर गरम करके बच्चे को चुसाएं। इससे पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं।

6. शहतूतः शहतूत व खट्टे अनार के छिलकों को पानी में उबालकर पिलाने से कीड़ों का अंत हो जाता है |

रविवार, 31 दिसंबर 2017

बॉडी में हो रहे साउंड से पता लग सकता है आप बीमार हो

बॉडी में हो रहे साउंड से पता लग सकता है आप बीमार हो


हमारे शरीर में होने वाले इन संकेतों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इन संकेतों से हम अपने शरीर में होने वाली हलचल का पता लगा सकते हैं और आगे होने वाली बड़ी बीमारी से बच सकते हैं।

1. कान में सनसनाहट
टिनीटस नामक बीमारी के होने से कान में सनसनाहट की आवाजें आती है। फंगल इन्फेक्शन होने से भी कान में सनसनाहट की आवाजें आ सकती है। इसके साथ अगर आपको कान मे कोई दर्द होता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज करवाएं।

2. पेट की गुड़गुड़ाहट  
पेट में गुड़गुड़ाहट होने का कारण भोजन पचाने की प्रक्रिया भी हो सकती है। अगर गुड़गुड़ाहट के साथ आपके पेट में सुजन और दर्द होता है, तो ये लीवर की बीमारी के संकेत हो सकते है। अगर आपको ऐसा होता है तो तेल और वसा वाला आहार लेना बंद करना होगा। शराब पीते है तो वो भी बंद करनी होगी ताकि ये बीमारी ज्यादा ना फेलें।

3. नाक में सीटी की आवाज 
नाक में सीटी की आवाज सर्दी, जुखाम या साइनस की वजह से होती है। कार्टिलेज में रुकावट भी नाक में सीटी की आवाज आने का कारण हो सकती है। ऐसा होने पर नाक को अच्छी तरह साफ कर लें ताकि साँस लेने में आसानी हो।

4. जबड़ो की आवाज
मुँह में जबड़ों का अपनी जगह से हिल जाना जबड़ो की आवाज आने का कारण हो सकता है। इसे जबड़े लॉक होने की बीमारी कहा जाता है।

5. ज्वाइंटस का चटकना  
ज्वाइंटस का चटकना ज्वाइंटस में  लिक्विड की कमी से हो सकता है। अगर ये लंबे समय तक रहा तो गठिया या आर्थरटीस हो सकता है।

6. खांसने पर सीटी की आवाज 
खांसने पर सीटी की आवाज फेफड़ो में इन्फेक्शन या एलर्जी के कारण ऐसी आवाजें आती है। खांसने पर सीटी की आवाज अगर लंबे समय तक आती रहे तो अस्थमा जैसी बीमारी हो सकती है।

7. खर्राटे 
नाक और गले के एक जगह खुलने के स्थान पर सॉफ्ट टिश्यू के कारण सांस लेने का रास्ता आंशिक तौर पर बंद होने से आवाज आने लगती है। ऐसा होना से स्लीप एपनिया, स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

बुधवार, 13 दिसंबर 2017

जागने के तुरंत बाद एलोवेरा जूस पीने के आश्चर्यजनक फ़ायदे !

जागने के तुरंत बाद एलोवेरा जूस पीने के आश्चर्यजनक फ़ायदे !


कई सारी बीमारियां हमारे पेट से ही जन्‍म लेती हैं इसलिए पेट को दुरुस्‍त रखना बहुत जरूरी है, तो क्‍यों न इसकी शुरूआत सुबह होने के बाद करें और उठने के तुरंत बाद खाली पेट एलोवेरा जूस पियें और स्‍वस्‍थ रहें।

सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना है फायदेमंद :-


क्‍या आपको मालूम है कि अगर आप सुबह के समय उठते ही रोजाना खाली पेट एलोवेरा जूस पीयेंगे तो आपकी 200 से अधिक बीमारियां दूर हो सकती हैं? कई सारी बीमारियां हमारे पेट से ही जन्‍म लेती हैं और अगर आप खाली पेट एलोवेरा जूस पियेगें तो आप इस खतरे को काबू में करने का पहला कदम उठाएंगे। आइये जानते हैं कि सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से हमारे शरीर को कौन-कौन से लाभ पहुंचते हैं।

पेट साफ रहता है :-
जब आप पानी के साथ एलोवेरा जूस पीते हैं तो आपको अपने आप ही टॉयलेट जाने की इच्‍छा होने लगती है। अगर ऐसा रोजाना करेगें तब आपके पेट का सिस्‍टम गंदगी को बाहर निकालने लगेगा और आपका पेट साफ हो जाएगा। जिन लोगों को कब्ज़ की शिकायत रहती है उनके लिए ये नुस्खा बेहद कारगर साबित होता है।

शरीर से गंदगी बाहर निकाले :-
सुबह सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से आपके पेट के अंदर की हर प्रकार की गंदगी बाहर निकल जाती है । एलोवेरा जूस शरीर से हर प्रकार की गंदगी को बाहर निकाल देता है। साथ ही, आपको ताजगी का एहसास होता है।

भूख बढ़ती है :-
जब सुबह पेट साफ नहीं हो पाता तो भूख भी नहीं लगती। ऐसे में आपके शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। अगर आप सुबह उठते ही एलोवेरा जूस पीते हैं तो आपका पेट साफ हो जाता है और इस प्रकार से आपको भूख लगती है। फिर आपका सुबह का नाश्ता अच्‍छा होता है।
सिरदर्द से छुटकारा :-
अक्सर लोगों को नींद पूरी करने के बावजूद सुबह सिर दर्द महसूस होता है। हममें से काफी लोगों को ये बात नहीं मालूम होती कि कई बार हमारे शरीर के अंदर पानी की कमी ही वजह से सिर में दर्द शुरु हो जाता है। अगर आपको भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो कोशिश करें कि सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पियें।
बढ़ाए मेटाबॉलिज्‍म :-
एलोवेरा जूस पीने से मेटोबॉलिज्म को भी मजबूती मिलती है। सुबह सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्‍म 24 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि आप खाने को जल्‍द पचा सकेगें। जब खाना ठीक से पच जाता है तो शरीर अन्य समस्याओं से भी बच जाता है।


खून बढ़ता है :-
सुबह सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना आपका खून भी बढ़ाता है। दरअसल, खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से रेड ब्‍लड सेल्‍स जल्‍दी जल्‍दी बढ़ने लगते हैं। इसलिए अगर आपको खून की कमी है तो आप इसकी आदत जरूर डाल लें।

वजन घटता है :-
अगर आप ओवर वेट हैं, और वजन घटाना चाहते हैं तो सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना आपकी मदद करता है। सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से शरीर से खराब ट्रांसफैट बाहार निकल कर शरीर का फैट मैटोबॉलिज्‍म बढ़ाता है। इस वजह से आपको वजन घटाने में आसानी होती है।

त्वचा पर चमक आती है :-
जब आप सुबह उठते ही सबसे पहले एलोवेरा जूस पियेंगे, तो आपकी त्वचा चमकने लगेगी। इस आदत से चेहरे पर निकलने वाले कील-मुंहासे साफ हो जाएंगे। दरअसल, चेहरे की चमक का पेट के स्वास्थ्य से गहरा संबंध होता है। जब पेट ठीक रहेगा तो आपकी त्वचा स्वस्थ्य रहेगी।

शनिवार, 2 दिसंबर 2017

सोडा के पीने से शरीर पर दुष्प्रभाव जिसे पढ़ कर आप सोडा कभी नहीं पियेंगे

सोडा के पीने से शरीर पर दुष्प्रभाव जिसे पढ़ कर आप सोडा कभी नहीं पियेंगे


सोडा शरीर के लिए घातक होता है । इसके दुष्परिणाम थोड़ी  देर में नज़र आने लगते है क्योकि सोडा से शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जो सीधे स्पाइरल के नीचे जाता है।

10 मिनट बाद
12 औंस सोडा में 10 छोटे चम्मच चीनी होती है जो पुरे दिन के चीनी सेवन के बराबर है । इसमें फास्फोरिक एसिड और अन्य प्रकार के रस मिले होते है जो चीनी की मिठास को कम कर देते है और यह पीने में स्वादिष्ठ लगता है  ।


फास्फोरिक एसिड क्या है?
फास्फोरिक एसिड हमारे दांतो की ऊपरी सतह को नष्ट करता है । इसके ज्यादा सेवन से शरीर कैल्शियम (जो हड्डियों को मजबूत करता है) को पूरी तरह से सोख नहीं कर पाता जिससे हड्डिया कमज़ोर होती हैं।

20 मिनट बाद
सोडा बहुत तेज़ी से पेट की आंतो तक पहुचंता है । जिस कारण शुगर बढ़ जाती है । शुगर के स्तर को नियंतरण करने के लिए शरीर में मौजूद इन्सुलिन फट जाती है । लिवर रक्तपर्वाह में ग्लूकोस की मात्रा को बढ़ाता है और इसका संग्रह करता है । शुगर चर्बी को बढ़ाता है । शरीर को मोटा करता है ।

क्या आप जानते  है?
सोडा में मौजूद चीनी या तो उच्च फ्रुक्टोसे कॉर्न सिरप या सुक्रोस है, जो लगभग 50% ग्लूकोस और 50%  फ्रुक्टोसे  में टूट जाते हैं और रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं । जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारिया हो सकती हैं । जैसे मोटापा , ह्रदय रोग, मधुमेह, आदि ।
30 मिनट बाद
धीरे धीरे कैफैने का प्रभाव नज़र आता है । आँखों की पुतली फैलने लगती है । रक्त चाप बढ़ जाता है । जिगर में चीनी की अधिक मात्रा होने से ह्रदय और शवसन दर में वृद्धि होने लगती है । अगर आप थके हुए भी है तो भी आपको थकान महसूस नहीं होती क्योकि कैफैने मस्तिष्क के एडनोसिस रिसेप्टर्स को रोकता है  ।


40 मिनट बाद
आपका डोपामाइन (यह एक दिमागी हॉर्मोन है, जो शरीर में होने वाली गतिविधियों को नियत्रिंत करता है ।) का स्तर असामान्य रूप से बढ़ता है । यह दिमाग के आनद केन्द्रो पर प्रभाव डालता है । यह एक प्रकार से कोकीन, एम्फ़ैटेमिन और हीरोइन द्वारा उत्पादित जैसा होता है ।

50 मिनट बाद
कैफैन की मूत्रवर्ध्क गूढ़ के कारण पेशाब आता है । यह शरीर को जोड़ने वाले तत्व जैसे मैग्नीशियम, जस्ता और कैल्शियम को खाली करता है । यह तत्व हड्डियों के लिए आवश्यक है । साथ ही साथ एलेक्ट्रोलाइट , सोडियम और पानी की मात्रा भी कम करता है । साधारण पेय की तुलना में कैफैन के सेवन के 2 घंटे बाद शरीर के मूत्र उत्पादन में कैल्शियम , सोडियम मैग्नीशियम, पोटैशियम, क्लोराइड और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ जाता है।

60 मिनट बाद
पाचक ग्रंथि में रक्त शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है । रक्त शर्करा को संतुलित करने के लिए इन्सुलिन फटती है । कैफैन भी मूत्राशय में सक्रिय होने के कारण बार बार बाथरूम जाना पड़ता है ।
इन्सुलिन का महत्व
इन्सुलिन शरीर की कोशिकाओं में उपलबध चीनी या ग्लूकोस की मात्रा को नियंत्रित करता है । खून में चीनी की ज्यादा मात्रा होने पर यह ग्लूकोस को सामान्य स्तर पर लता है।

1 घंटे बाद
शरीर थका हुआ, आलसी, कठोर, मुँह सूखने लगता है मानो प्यास लगी है । दोबारा सोडा इन्सुलिन का महत्व पीने की चाह होती है । खास कर तब जब हमने डाइट सोडा पिया हो ।
डाइट सोडा में पायी जाने वाली कृत्रिम चीनी दिमाग की लत केन्द्रो को प्रभावित करती है । जिस कारण बार बार इसके सेवन का मन करता है ।

अतः सोडा का सेवन शरीर को कोई भी पोषक तत्व नहीं देता अपितु शरीर में उपलब्द पोषक तत्वों को नष्ट करता है । इसका स्वाद अच्छा लगता है । धीरे धीरे शरीर को इसकी आदत हो जाती है । शरीर में विभिन्न प्रकार की बिमारियां घर कर लेती है ।

शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

90% लोग नही जानते की कब दही ज़हर बन जाता है, जाने दही कब और क्यों खाना चाहिए

90% लोग नही जानते की कब दही ज़हर बन जाता है, जाने दही कब और क्यों खाना चाहिए


आज हम आपको बताएँगे दही क़ब, कैसे और क्यों सेवन करना चाहिए। दूध जैसे डेयरी प्रॉडक्ट खाने की अक्सर खाने को कहा जाता है। लोग दही को अपने खाने में शामिल करते हैं लेकिन इसके सेवन का सही समय भी होना बहुत जरूरी है। रात के समय खाना खाने के बाद कोई शारीरिक काम नहीं करते हम जिससे दही पचने की बजाए शरीर में कफ बनना शुरू हो जाता है इसके अलावा भी शरीर में बहुत नुकसान हो जाते हैं रात को दही खाने से ।

रात के समय दही क्यों नही खाना चाहिए


पाचन क्रिया :
रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते है। जिससे दिक्कत बढ़ने लगती है।

खांसी और जुखाम :
रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है।

सूजन :
शरीर में कुछ हिस्सों में अगर सूजन है तो रात के समय दही कभी न खाएं। इससे सूजन कम होने की बजाए बढ़ जाएगी।

गठिया या जोड़ों का दर्द :
गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा।

ये भी पढ़िए : दही के साथ ये चीजें मिलाकर खाएं, मिलेगा दस गुणा ज्यादा फायदा

दही कब, क्यों और कैसे खाना चाहिए

दही खाने का सबसे बढ़िया समय सुबह का है। हाथों पैरों की जलन, पेट की इंफैक्शन, अपच, भूख न लगना, कमजोरी के अलावा और भी बहुत से शिकायतें सुबह दहीं खाने से दूर हो जाती हैं। नाश्ते में दही की एक कटोरी में शक्कर मिलाकर खाने से खून की कमी दूर होती है।

दही को हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करना फायदेमंद होता है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।

दही में प्रोटीन की क्वालिटी सबसे अच्छी होती हैं। दही जमाने की प्रक्रिया में बी विटामिनों में विशेषकर थायमिन, रिबोफ्लेवीन और निकोटेमाइड की मात्रा दुगुनी हो जाती है। दूध की अपेक्षा दही आसानी से पच जाता है। दही, जिसे हम आये दिन प्रयोग में लाते हैं, हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में बहुत लाभकारी होती है | ऐसा कहा जाता है कि मनुष्य पिछले लगभग 4000 वर्षों से दहीं का इस्तेमाल कर रहे हैं | दही में उपस्थित कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाते हैं | दही को अलग-अलग तरह से प्रयोग में लाकर हमें निम्नलिखित 16 तरह के स्वास्थ्यप्रद लाभ मिल सकते हैं | कृपया ध्यान दें कि सर्दी या खांसी होने पर, अथवा अगर आप अस्थमा के रोगी हैं तो दही का प्रयोग ना करें

दही के 8 फायदे :

अनिद्रा :
रात में नींद न आने की परेशानी हो तो रोज खाने के साथ एक कटोरी दही का सेवन करें। धीरे-धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी।

पाचन सकती बढ़ता है :
दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है तब उसकी शुगर एसिड में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है। जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है।
पेट की गर्मी दूर करते है : 
दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है।

पेट के रोग :
अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही के नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं।

दिल के रोग :
दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखती है।
हड्डियों की मजबूती : 
दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।

जोड़ो का दर्द : 
हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है।

बवासीर :
बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है।
जानिये कैसे नीम का पानी आपकी सेहत को कर सकता है बेहतर

जानिये कैसे नीम का पानी आपकी सेहत को कर सकता है बेहतर


नीम कड़वा तो जरूर होता है लेकिन इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। कड़वा होने की वजह से इसका सीधा सेवन करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए नीम के पानी का सेवन करें। नीम के पानी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल के साथ-साथ और भी कई पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व पेट संबंधी समस्या, बालों और सूजन को कम करने के लिए एक बहुत बेहतर विकल्प होते हैं। आइए नीम के पानी के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं।

नीम का पानी कैसे बनाएं: नीम के पत्तों को पानी में उबालें और इसे छान लें। थोड़ी देर उसे ठंडा होने दें और फिर उसका सेवन करें।
डैंड्रफ के लिए: नीम के पानी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्कैल्प को डिहाइड्रेटेड रखता है और डैंड्रफ को खत्म करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो हेयर फॉलिकल्स को सुधारने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व सिर की त्वचा पर होने वाली खुजली को भी दूर करने में सहायता करते हैं।
मुंहासों के लिए: एस्ट्रिंजेंट और विटामिन-ई के गुण होने की वजह से नीम का पानी त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए अच्छा होता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होतो हैं जो त्वचा के बैक्टीरिया को नष्ट करता है और पिंपल्स, मुंहासे और काले-धब्बों को दूर करने में मदद करता है। यह मृत-कोशिकाओं को भी दूर रखता है जो त्वचा को रूखी होने से बचाता है और त्वचा को कोमल और मुलायम बनाता है।
दांतों के लिए: नीम के पानी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं जिससे मुंह की दुर्गंध को खत्म करने में मदद करते हैं। दांतों में होने वाली सड़न और दर्द से भी निजात दिलाने में मदद करता है और साथ ही दांतों के पीलेपन को भी कम करता है।

पेट की समस्या के लिए: नीम का पानी सीधे गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल ट्रैक्ट में सूजन में कमी के साथ जुड़ा हुआ है, जो अल्सर को कम करने में मदद करता है और अन्य पेट संबंधी समस्या जैसे कब्ज, पेट का फूलना और ऐंठन को कम करता है। यह एक एंटीडॉट की तरह काम करता है जो पेट के फ्लू और संक्रमण के लिए त्वरित उपचार के इलाज के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जो पेट के बैक्टीरिया को नष्ट कर सकते हैं।

मंगलवार, 28 नवंबर 2017

इन छोटी-बड़ी बीमारियों को मिनटों में दूर करेगा पुदीना

इन छोटी-बड़ी बीमारियों को मिनटों में दूर करेगा पुदीना


पुदीने का इस्तेमाल अधिकतर घरों में खाने का टेस्ट बढ़ाने, चटनी और कई चीजों में करते है। जितना इसका स्वाद अच्छा होता है उतना ही यह सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है। पुदीना का इस्तेमाल लोग सदियों से औषधि के रूप में करते आ रहे ह। पेट की तकलीफ से लेकर मुंह की दुर्गंध तक को दूर करने में पुदीना काफी गुणकारी है। इसके अलावा भी पुदीने का सेवन करने से कई बीमारियां दूर रहती है। हम आपको उन्हीं बीमारियों के बारे में बताएंगे , जिनका खात्मा पुदीना करता है। 

बीपी कंट्रोल 
पुदीना उच्च और निम्न रक्तचाप को कंट्रोल में रखता है। अगर आपका बीपी हाई रहता है तो नमक के बिना ही पुदीने का सेवन करें। वहीं अगर बीपी लौ है तो पुदीने की चटनी में सेंधा नमक , काली मिर्च, किशमिश डालकर सेवन करें। 
पीरियड्स में फायदेमंद 
अगर मासिक धर्म अनियमित है तो पुदीने का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। पुदीने की सूखी पत्तियों  के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर दिन में 2-3 बार खाएं। इससे अनियमित पीरियड्स की प्रॉबल्म दूर होगी। 
मुंह की दुर्गंध दूर 
मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए पुदीने की सूखी पत्तियों के चूर्ण से मंजन करें। यह न केवल आपकी सांसों को ताजा बनाता है, बल्कि दांत की कई समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। 
पेट के लिए फायदेमंद
पेट की समस्याओं से बचने के लिए पुदीने का किसी न किसी रूप में प्रतिदिन सेवन करते रहना चाहिए। पुदीने की पत्तियों का रस निकालकर उसमें नींबू और शहद मिलाकर सेवन करें। इससे पेट की कई समस्याएं दूर होगी।  

रविवार, 12 नवंबर 2017

पाइये पेट के कीड़ों से छुटकारा मात्र एक ही हफ्ते में

पाइये पेट के कीड़ों से छुटकारा मात्र एक ही हफ्ते में


गलत खान-पान की वजह से लोगों को पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। जब व्यक्ति को हमेशा पेट में दर्द, गैस, बदहजमी और खाने की इच्छा न रहे तो यह पेट में कीड़े होने के संकेत होते हैं। पेट में कीड़ों की समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों में ही देखी जाती है लेकिन बड़े लोगों के पेट की आंतों में भी कीड़े हो जाते है। ऐसा सिर्फ गंदा और दूषित भोजन खाने की वजह से होता है। आंतों में कीड़े होने से बुखार हो जाता है और चक्कर आने लगते हैं। ऐसे में पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी कर सकते हैं। आइए जानिए ऐसे ही कुछ आसान उपायों के बारे में

1. अजवायन
अजवायन पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है। ऐसे में आंतों के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए भी अजवायन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आधा ग्राम अजवायन के चूर्ण में समान मात्रा में पीसा हुआ गुड़ मिलाएं और इसकी गोलियां बना लें। रोजाना दिन में तीन बार 1-1 गोली खाने से  पेट के कीड़े मर जाते हैं।
2. काला नमक
इसके लिए आधा ग्राम अजवायन के चूर्ण में समान मात्रा में काला नमक मिलाएं और इस चूर्ण को सुबह-शाम गर्म पानी के साथ लें। रोजाना इसका सेवन करने से कुछ ही दिनों में आराम मिलेगा।
3. अनार के छिलके
पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए अनार के छिलकों को सुखाकर उनका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को दिन में 3 बार 1-1 चम्मच लेने से फायदा होगा।

4. नीम के पत्ते
नीम के पत्तों में मौजूद एंटी-बॉयोटिक गुण पेट के कीड़ों को नष्ट करने में मदद करते हैं। इसके लिए नीम के पत्तों को पीसकर उसमें शहद मिलाकर पीने से फायदा होता है। इससे पेट की आंतें अच्छी तरह साफ हो जाती हैं और कीड़े भी मर जाते हैं।

5. लहसुन
इसके लिए लहसुन को पीसकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम खाएं। इसे आप रोटी के साथ भी खा सकते हैं। कुछ दिनों तक लगातार इसका सेवन करने से फायदा होगा।

शुक्रवार, 3 नवंबर 2017

हींग करती है लाभ मर्दानगी बढ़ाने से लेकर और भी बहुत से रोगों में

हींग करती है लाभ मर्दानगी बढ़ाने से लेकर और भी बहुत से रोगों में


तेज गंध वाली हींग भारतीय व्यंजनों में खुशबू और स्वाद के लिए उपयोग की जाती है। आमतौर पर हींग गहरे लाल या फिर भूरे रंग की होती है। आपने इसका उपयोग सब्जी वगैरह में तो किया होगा लेकिन हींग स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। आइये जानते है कि किन किन समस्याओं में हींग करती है लाभ जो हमारी सेहत के लिये होते हैं अनमोल ।

मर्दानगी बढ़ाने के लिए :-
हींग का इस्तेमाल खासतौर पर पुरुषों के लिए बहुत कारगर है । साथ ही ये कामेच्छा को भी बढ़ाती है । पुरुषों में शीघ्र ही स्खलित हो जाने की समस्या कई बार सिर्फ पेट में गैस के कारण बन जाती है । इस दशा में यह पेट की गैस को खत्म करके शक्ति को बढ़ाती है ।
पीरियड्स के दर्द में :-
पीरियड्स के समय ज्यादातर महिलाओं को पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत हो जाती है। ऐसे में आप चाहे तो चुटकी भर हींग को पानी के साथ ले सकती हैं । ऐसा करने तकलीफ़ कम होती है और आराम मिलता है ।
दर्द निवारक के तौर पर :-
पेट दर्द और सिर दर्द में इसे हल्का गर्म करके लेप करने से लाभ होता है और अगर आपके दांतों में दर्द है तो आप इसे नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिलकार प्रभावित दांत पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से फायदा होता है।
पेट की बीमारियों को दूर करने में :-
गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी हींग का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपको बदहजमी की शिकायत है तो आप एक कप पानी में हींग की कुछ मात्रा मिलाकर उसका सेवन करें।
सांस समबन्धी समस्याओं में :-
अगर आपको बलगम या फिर छाती में दर्द की शिकायत है तो आप इसका उपचार अपना सकते हैं । एक गिलास पानी में 2 चुटकी हींग डालकर पानी को खूब उबालें और इसकी भाँप को साँस के साथ अन्दर लें । ऐसा करने सए बहुत जल्दी आराम मिल जाता है ।

सोमवार, 30 अक्तूबर 2017

खाली पेट पानी पीने के हैं ये लाभ, जिनको आप अनदेखा नहीं कर सकते

खाली पेट पानी पीने के हैं ये लाभ, जिनको आप अनदेखा नहीं कर सकते


पानी पीना बहुत जरूरी है। इससे शरीर को विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और बीमारियां भी दूर रहती हैं। दिन की शुरूवात सुबह एक गिलास पानी से की जाए तो सारा दिन अच्छा बीतता है। इस बात का ख्याल रखें कि सुबह पानी पीने के एक घंटे बाद कुछ न खाएं और सारा दिन 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं सुबह खाली पेट पानी पीने के पाँच लाभ जो कि आपके बहुत काम आयेंगें ।

खाली पेट पानी पीने से होता है पेट साफ  : - 
यह सबसे पहला लाभ है जो आपको रोज सुबह के समय खाली पेट ही पानी पीने से मिलता है । सुबह खाली पेट 1 गिलास पानी पीने से पेट साफ हो जाता है और शौच जाने के बाद शरीर में हल्कापन महसूस होने लगता है । जिसके कारण खाये गये भोजन से शरीर पोषक तत्व आसानी से ग्रहण तक लेता है और पाचन प्रक्रिया भी बेहतर रहती है।
खाली पेट पानी पीने से त्वचा बनती है चमकदार :-
किसी भी बड़े से बड़े डॉक्टर अथवा ब्यूटी एक्स्पर्ट से पूछ लो वो यही बोलेंगे कि त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिये पानी खूब पियों । सुबह के समय खाली पेट रहने पर पानी पीने से शरीर को एकदम से हल्का पसीना आता है जिससे त्वचा के बन्द रोम छिद्र खुल जाते हैं और उनमें फँसे हुए विभिन्न विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं । यह त्वचा को साफ और चमकदार बनाने के लिये बहुत उपयोगी है । इसलिये कहते हैं कि त्वचा को चमकदार बनाने रखने के लिए भी खाली पेट पानी पीना बहुत जरूरी है। इससे खून साफ होता है और त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी दूर हो जाती है।
खाली पेट पानी पीना मोटापा करें कम :-
सुबह के समय खाली पेट पानी पीने से शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ता है । जिससे अतिरिक्त चर्बी पिघलने लगती है और मोटापा कम होने लगता है । इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि पानी सुबह खाली पेट पीने से आँतों में सँचित मल आसानी से बाहर निकल जाता है और जिनको पुरानी कब्ज की समस्या रहती है उनको भी लाभ मिलता है । जब आँते साफ रहती हैं तो शरीर का मेटाबॉलिज्म उन्नत होता है जिस कारण से शरीर पर चढ़ी अतिरिक्त चर्बी खत्म होने लगती है ।
खाली पेट पानी पीने से भूख बढ़ती है :-
सुबह खाली पेट पीने से पेट साफ रहता है और पाचक अग्नि प्रदीप्त होती है जिस कारण से आमाशय में पाचक रसों का निर्माण सुगमता से होता है और भूख खुलकर लगती है । जिन लोगों को भूख कम लगने की समस्या रहती है उनके लिये रोज सुबह के समय पानी पीना बहुत ही ज्यादा लाभकारी रहता है ।
खाली पेट पानी पीने से रहती हैं बीमारियां दूर :-
सुबह के समय पानी खाली पेट पीने से पेट के सभी अंगों का निर्मलीकरण और शुद्धिकरण होता है जिस कारण से पेट के सभी अंगों में बसे टॉक्सिन्स साफ हो जाते हैं जिससे खाली पेट पानी के सेवन करने से डायरिया,किडनी से जुड़ी परेशानियां,गठिया,सिर दर्द,पेट की गैस आदि बीमारियां दूर रहती हैं।

गुरुवार, 28 सितंबर 2017

एक चुटकी हींग से होता है कई रोगों का नाश

एक चुटकी हींग से होता है कई रोगों का नाश


हींग का प्रयोग खाने में इस्तेमाल करने से पेट संबंधी बीमारियाँ जैसे अपच, आंत संबंधी रोग, आंत की गैस की समस्या से आपको दूर रखेगा हींग सांस संबंधी समस्याओं को भी ठीक रखता है काली खांसी हो या सूखी खांसी, आप अदरक और हींग को शहद मैं मिलाकर लेने से इन रोगों से निज़ात पाया जा सकता है. वायु रोग के कारण यदि पेट में दर्द हो, चाहे छोटे बच्चे हो या फिर बुज़ुर्ग आप हींग को गरम पानी में घोलकर नाभि में या इसके आस पास लेप लगाने से पेट दर्द में तुरंत राहत मिलती है यह उच्च रक्तचाप को कम करता है यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करता है.

हींग मधुमेह के प्रभाव को कम करता है यह ब्लड शुगर के स्तर को नीचा लाता है हींग का प्रयोग यदि आप हमेशा करते हैं तो यह आपको सिरदर्द नहीं होने देगा, यदि सिर में दर्द है तो आप हींग को पानी में मिलाकर पीने से सिरदर्द से राहत मिलती है

#पेट और अपच संबंधी बीमारियों का नाश –
अपच और पेट की समस्याओं के लिए हींग का इस्तेमाल प्राचीन काल से किया जा रहा है। इसके एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व खराब-पेट, एसिडिटी, पेट के कीड़े, इरीटेबल बोवेल सिंड्रोम (irritable bowel syndrome) आदि समस्याओं में राहत पहुंचाते हैं। पेट के दर्द को दूर करने के लिए हींग को किसी कॉटन के कपड़े में रख कर गांठ बांध ले और उसे नाभि पर रख ले इससे आराम मिलेगा |

ये भी पढ़ें : हींग हर घर में तो जाने इसके क्या फायदे है
#मधुमेह में उपयोगी –
क्या आप अपना ब्लड शुगर लेवल कम करना चाहते हैं? फिर तो आपको अपने खाने में हींग डाल ही लेनी चाहिए। तभी ये अपना एंटी-डायबिटिक प्रभाव दिखा पाएगा। हींग इंसुलिन को छिपाने के लिए अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे कि ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

# हाई बीपी में हेल्पफुल-
हींग में कोमरिन्स (coumarins) नाम का एक तत्व होता है जो खून को पतला करके ब्लड फ्लो बढ़ाता है। इसकी वजह से खून के थक्के भी नहीं जमते। इससे ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल और शरीर में ट्राइग्लिसराइड (triglycerides) घटता है, जिनकी वजह से हाइपरटेंशन से बचाव होता है।

#पुरूषों की यौन समस्याओं में फायदा-
हींग का इस्तेमाल पुरुषों में नपुंसकता, शीघ्रपतन, स्पर्म की कमी का उपचार करने के लिए भी किया जाता है अपने खाने में थोड़ी सी हींग ज़रूर मिलाएं ताकि बहुत सारी सेक्स से जुड़ी समस्याओं से आप अपना बचाव कर सकें। इसके अलावा एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से खून का दौरा तेज़ हो जाता है जिससे कि लिबिडो (libido) बढ़ता है।

महिलाओं की समस्या में हेल्पफुल –
हींग में मौजूद तत्व पीरियड्स से जुड़ी सभी तकलीफों जैसे कि क्रैंमप्स, अनियमित पीरियड्स या ज्यादा तकलीफ में राहत पहुंचाती है। इसके अलावा, ल्यूकोरिया और कैंडिडा इंफेक्शन (candida infection) जल्दी ठीक करने में भी हींग मदद करती है।

सांस से संबंधी रोग में हेल्पफुल –
हींग प्राकृतिक रूप से बलगम को दूर करके छाती के कंजेस्शन को ठीक करता है। यह एक शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक है। इसे शहद, अदरक के साथ मिलाकर खाने से खांसी व ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलता है।

कैंसर के जोखिम को कम करता है हींग –
हींग में शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। जब आप इसे लगातार खाते हैं तो ये फ्री रेडिकल्स से शरीर की कोशिकाओं को बचाव प्रदान करती है। हींग की कैंसर-विरोधी गतिविधि कैंसर कोशिकाओं का विकास अवरूद्ध करती है।

दर्द में राहत
हींग के सेवन से पीरियड्स, दांत, माइग्रेन आदि का दर्द भी ठीक किया जा सकता है दरअसल, हींग में एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपको दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। दर्द होने पर एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी हींग मिलाकर पी लें। दांत के दर्द में हींग और नींबू के रस का पेस्ट बनाकर लगाएं।

त्वचा की समस्याओं से रहत –
हींग में उच्च मात्रा में एंटी-इनफ्लैमोटरी तत्व होते हैं जिसकी वजह से इसे स्किन केयर उत्पादों में मिलाया जाता है। ये त्वचा की जलन जैसी समस्याओं को दूर करने की क्षमता रखती है। त्वचा पर लगाने पर हींग अपना ठंडा प्रभाव दिखता है और साथ ही त्वचा की समस्याओं के लिए उत्तरदायी बैक्टीरिया का भी सफाया करती है।

काली खांसी या सूखी खांसी में उपयोगी –
अदरक और हींग को शहद में मिलकर खाने से काली खांसी और सूखी खांसी में आराम मिलता है और हींग के इस्तेमाल का सबसे बढ़िया तरीका है कि आप इसे हर रोज़ अपने खाने में मिलाकर खाएं।

हींग को इस्तेमाल करने का सबसे बढ़िया तरीका-
एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच हींग मिलाएं और इसे खाली पेट पी लें। आप बटरमिल्क में थोड़ी सी हींग डालकर भी पी सकते हैं। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच हींग मिलाएं। इसमें सूती कपड़ा भिगोकर उससे सिकाई करें, दर्द में आराम होगा।हींग का इस तरह प्रयोग करके आप अनेक बीमारियो में राहत पा सकते है |

दोस्तों इस जानकारी को समाज हित में अधिक से अधिक शेयर करे ताकि इस जानकारी से वे लोग भी इससे फायदा उठा सके जिन लोगो को इस जानकारी की जरूरत है |

रविवार, 17 सितंबर 2017

कई बीमारियों का काल है सूर्य की लाल किरणें

कई बीमारियों का काल है सूर्य की लाल किरणें


सूर्य की लाल रश्मियों का सेवन क्यों जरुरी है ?
सूर्य पृथ्वी पर स्थित रोगाणुओं कृमियों को नष्ट करके प्रतिदिन रश्मियों का सेवन करने वाले व्यक्ति को दीर्घायु भी प्रदान करता है| सूर्य की रोग नाशक शक्ति के बारे में अथर्ववेद के एक मंत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सूर्य औषधि बनाता है, विश्व में प्राण रूप है तथा अपनी रश्मियों द्वारा जीवों का स्वास्थ्य ठीक रखता है, किन्तु ज्यादातर लोग अज्ञानवश अन्धेरे स्थानों में रहते है और सूर्य की शक्ति से लाभ नहीं उठाते | अथर्ववेद में कहा गया है कि सूर्योदय के समय सूर्य की लाल किरणों के प्रकाश में खुले शरीर बैठने से हृदय रोगों तथा पीलिया के रोग में लाभ होता है|

ध्यान रहे की सुर्य चिकित्सा दिखता तो आसान है पर विशेषज्ञ से सलाह लिये बिना ना ही शुरू करें। जैसा की हम जानते हैं कि सूर्य की रोशनी में सात रंग शामिल हैं और इन सब रंगो के अपने अपने गुण और लाभ है …

1. लाल रंग  :  यह ज्वार, दमा, खाँसी, मलेरिया, सर्दी, ज़ुकाम, सिर दर्द और पेट के विकार आदि में लाभ कारक है
2. हरा रंग  :  यह स्नायुरोग, नाडी संस्थान के रोग, लिवर के रोग, श्वास रोग आदि को दूर करने में सहायक है
3. पीला रंग  :  चोट ,घाव रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, दिल के रोग, अतिसार आदि में फ़ायदा करता है
4. नीला रंग  :  दाह, अपच, मधुमेह आदि में लाभकारी है
5. बैंगनी रंग  :   श्वास रोग, सर्दी, खाँसी, मिर्गी, दाँतो के रोग में सहायक है
6. नारंगी रंग  :  वात रोग . अम्लपित्त, अनिद्रा, कान के रोग दूर करता है
7. आसमानी रंग  :  स्नायु रोग, यौनरोग, सरदर्द, सर्दी- जुकाम आदि में सहायक है |
सूरज का प्रकाश रोगी के कपड़ो और कमरे के रंग के साथ मिलकर रोगी को प्रभावित करता है। अतः दैनिक जीवन मे हम अपने जरूरत के अनुसार अपने परिवेश एव कपड़ो के रंग इत्यादि मे फेरबदल करके बहुत सारे फायदे उठा सकते हैं। हमे जिस रंग की ज़रूरत हो हम उसका इस्तेमाल करके अपने रोग दूर कर सकते हैं । सुर्य चिकित्सा मे पानी, क्रिस्टल, सुर्य स्नान, सुर्य प्राणायाम, इत्यादि तरीके अपनाये जाते हैं

जो रोगी की बीमारी एवं दशा  देखकर निर्धारित किया जाता है। सूर्य नमस्कार योग तो अपने आपमे संपन्न योग है, इससे मिलने वाले लाभ से कोई भी अनभिज्ञ नही है। अब तो सूर्य मंत्रो को और सुबह जल- अर्घ्य को भी महत्वता मिलती जा रही है। जलार्पण के लिये भी निर्दिष्ट नियम हैं, और इसका पालन करके हम कई तरह के समस्याओ से निजात भी पा सकते हैं।

इस तरह हम कह सकते हैं कि आज के दौर मे सुर्य चिकित्सा हमारे जीवन के हरेक पहलू मे कारगर है, शायद इसी कारण से हमारे पुर्वजो ने सूर्य उपासना पर बल दिया था, ताकि हम रोज ही खुद को सुख समृद्धि के दिशा मे अग्रसित हो। सूर्य से निकलने वाली रोशनी में विटामिन डी होता है जिसकी कमी से शरीर में मेटाबोलिक हड्डियों की बीमारी हो जाती है जो युवाओं में होने वाली गंभीर बीमारी है। यह हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करता है। सूर्य के प्रकाश के लाभ सिर्फ विटामिन डी तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई अन्‍य लाभ भी होते हैं और कई दूसरी बीमारियों से भी बचाव होता है।

सूर्य उपासना के लाभ/फायदे

अच्‍छी नींद आती है :- धूप सेंककर आप रात में अच्‍छी नींद ले सकते हैं। दरअसल सूर्य की रोशनी में बैठने से शरीर में मेलाटो‍निन नाम का हार्मोन विकसित होता है जिससे रात में अच्‍छी नींद आती है। इस तरह अनिद्रा की बीमारी भी इससे दूर जाती है। यानी रात में बेहतर नींद के लिए सूर्य से प्‍यार कीजिए।
वजन घटायें :- वजन घटाने के लिए आप कई तरीके आजमाते और बहुत मेहनत भी करते हैं। लेकिन आप यह जानकर हैरान न हों कि वजन कम करने में सूर्य आपकी सहायता कर सकते हैं। दिन में धूप में बैठने से आपको वजन घटाने में सहायता मिल सकती है। एक शोध के मुताबिक यह बात सामने आई है कि सूर्य के प्रकाश और बीएमआई के बीच एक अच्‍छा सम्‍बंध होता है।
ठंड दूर भगाये :- अगर आप सर्दी से के मौसम में ठंड से कांप रहे हैं तो सूर्य की रोशनी में जाइये जनाब, यह एक प्राकृतिक अलाव है जो ठंड दूर करेगा और आपको बीमारियों से भी बचायेगा।
हड्डियां मजबूत बनायें :- हड्डियों को सही तरीके से पोषण न मिलने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों से संबंधित बीमारियां जैसे – गठिया, गाउट आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। जबकि सूर्य की रोशनी में बैठने से हड्डियां मजबूत होती हैं क्‍योंकि इसमें विटामिन डी होता है।
इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाये :- इम्‍यून सिस्‍टम अगर कमजोर हो जाये तो पेट संबंधित कई तरह के रोग हो जाते हैं, इसलिए इसे मजबूत बनाये रखना जरूरी है। धूप से शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत हो जाता है। सूर्य से निकलने वाली अल्‍ट्रावॉयलेट किरणें इम्‍यून सिस्‍टम की हाईपरएक्टिविटी को नकारती हैं और सोराईसिस जैसी बीमारियों से बचाव करती हैं।
उम्र बढ़ती है :- अगर आपकी चाहत लंबी उम्र पाने की है तो नियमित रूप से धूप से स्‍नान कीजिए। क्‍योंकि यह खून जमने, डायबिटीज एवं ट्यूमर को ठीक करता है, प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है एवं पैरों में खून जमने का खतरा बिल्कुल नहीं रहता। ठंडे क्षेत्र में शीतकाल में यह खतरा ज्यादा रहता है। यह डायबिटीज जैसी बीमारी से भी बचाव करता है और अन्‍य बीमारियों से बचाता है। अगर ये सारी समस्‍यायें न हों तो उम्र बढ़ेगी ही।
बांझपन दूर करे :- यदि पुरुष बांझपन के शिकार हैं तो उनके लिए सूर्य धूप रामबाण दवा की तरह है। धूप सेंकने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार आता है। खून में सूर्य धूप से मिले विटामिन डी के बढ़ने के कारण ऐसा होता है। इसके अलावा यह वियाग्रा दवा की भांति भी काम करता है। यह टेस्टोस्टोरेन हार्मोन के स्राव को भी बढ़ाता है।
दिमाग को स्‍वस्‍थ रखे :- सूर्य से निकलने वाले प्रकाश में मौजूद विटामिन डी से दिमाग स्वस्थ रहता है। विटामिन डी भविष्‍य में होने वाली बीमारी सीजोफ्रेनिया (पागलपन की बीमारी) के खतरे को कम करता है। यह दिमाग को स्वस्थ रखता है और इसके संतुलित विकास में सहायता प्रदान करता है। गर्भवती महिला के धूप सेंकने से यह लाभ बच्‍चे को भी मिलता है।
दिल के रोगों से बचाये :- सूर्य से मिलने वाले विटामिन डी से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती है और कैंसर का खतरा कम होता है। यह मेटाबॉलिज्‍म को सुधारता है जिससे मधुमेह एवं हृदय रोग काबू में रहते हैं। धूप दिल की बीमारियों को रोकने में मददगार होता है।
सूर्य की किरणें मनुष्य के रक्तचाप को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं जिससे दिल के दौरे का ख़तरा बहुत सीमा तक कम हो जाता है।

शनिवार, 16 सितंबर 2017

अगर आप भी परेशान हैं पुरानी कब्ज से चिंता छोड़ अपनाएँ ये आसान घरेलू उपाय, जल्द मिलेगा लाभ

अगर आप भी परेशान हैं पुरानी कब्ज से चिंता छोड़ अपनाएँ ये आसान घरेलू उपाय, जल्द मिलेगा लाभ


इंसान को अपने जीवन में कई तरह की शारीरक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ बहुत ज्यादा गंभीर बीमारी होती है तो कुछ साधारण बीमारी, जो लगभग हर किसी को होती है। हालांकि समय पर इलाज से इससे पूरी तरह से मुक्ति पायी जा सकती है। इनमें से ही एक बमारी है कब्ज। यह एक बहुत ही आम समस्या है, जिससे हर दूसरा आदमी परेशान रहता है। कब्ज की समय गलत खान-पान, पानी की कमी और रात को खाना खाने के बाद तुरंत सो जाने की वजह से होता है. 

कब्ज का इलाज सही समय पर है बहुत जरुरी:
इस वजह से पेट अच्छे से साफ़ नहीं होता है और अफारा और एसिडिटी की समस्या हो जाती है। सही समय पर कब्ज का इलाज ना करने पर यह बबासीर और पेट के अल्सर का कारण भी बन जाता है। कुछ ऐसे घरेलू उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर पेट के अल्सर से मुक्ति पायी जा सकती है। आइये आज हम आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ आसान तरीकों के बारे में जो आपके पुराने से पुराने कब्ज को पल भर में ठीक कर देता है।

कब्ज से मुक्ति पाने के लिए अपनाएँ ये:

*- अमरुद:
अमरुद पेट के लिए बहुत ही अच्छा फल होता है। यह आपके पेट को साफ़ करने में मदद करता है। हर रोज सुबह-सुबह अमरुद के साथ सेंधा नमक लगाकर खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। रात को अगर खाना हो तो रात के खाने से पहले ही अमरुद खाएं, खाना खाने के बाद अमरुद खाने से कब्ज की समस्या और बढ़ जाती है।
*- छुआरा:
जो लोग कब्ज की पुरानी बिमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें हर रोज छुआरा खाना चाहिए। हर सुबह तीन से चार छुआरों को खाने के बाद गर्म पानी पिएं। ऐसा करने से आपका पेट पूरी तरह साफ़ हो जायेगा। रात को सोते समय आप छुआरे वाला दूध भी पी सकते हैं।

*- निम्बू:
कब्ज में निम्बू बहुत ही फायदा करता है। हर रात सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में एक निम्बू का रस मिलायें और उसका सेवन करें। ऐसा करने से सुबह पेट अच्छे से साफ़ हो जायेगा और आप तरोताजा भी महसूस करेंगे। हर रोज इसका इस्तेमाल करने से कब्ज से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जायेगा।
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*- सेब:
सेब में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होता है, यह पेट साफ़ करने में मदद करता है। कब्ज की समस्या से परेशान व्यक्ति को हर सुबह खली पेट एक सेब का सेवन करना चाहिए।

*- बेकिंग सोडा:
रात को सोने से पहले एक चौथाई कप गुनगुने पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पिएं। जब आप सुबह उठेंगे तो आपका पेट बिना किसी परेशानी के अच्छी तरह साफ़ हो जायेगा। कुछ दिन ऐसा ही करने से कब्ज हमेशा के लिए दूर हो जायेगा।
पान के पत्ते से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

पान के पत्ते से होने वाले स्वास्थ्य लाभ


पान तो बहुत लोग खाते हैं लेकिन पान के पत्तों से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में शायद ही कोई जानता होगा। पान के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक होता है जो शरीर को कई समस्याओं से राहत दिलाता है।

पान के पत्ते में पाए जाने वाले पोषक तत्व जैसे-विटामिन-सी, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन और केरोटिन शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा कैल्शियम का भी एक अच्छा स्त्रोत होता है। इसमें एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है जो शरीर को डिटॉक्स करता है और संक्रमण से बचाता है। इसके अलावा पान के पत्ते में टैनिन, प्रोपेन, एल्केलॉयड और फिनाइल होता है जो शरीर में होने वाले दर्द, सूजन और ऐंठन से राहत दिलाता है। आइए जानते हैं कि पान के पत्ते से होने वाले अन्य स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं।

दर्द से राहत दिलाता है: पान के पत्ते में एन्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दर्द और सूजन से राहत दिलाता है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व जोड़ों और मांसपेशियों में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है।

पेट के लिए: पान के पत्ते में प्रोपेन, टैनिन और एंटी-फंगल गुण होता है जो पेट के बैक्टीरिया और फंगस को नष्ट करने में मदद करता है। इसमें पाए जाने तत्व पेट से जुड़ी समस्या जैसे- एसिडिटी, कब्ज और दस्त से भी राहत दिलाता है।

रैशेज के लिए: पान के पत्ते में हिलिंग और सूदिंग इफेक्ट होता है जो शरीर पर होने वाले रैशेज को कम करता है और साथ ही उसके कारण होने वाले दर्द, सूजन और जलन से भी राहत दिलाता है।

मुंहासों के लिए: पान के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक होता है जो त्वचा संबंधी समस्या जैसे- मुंहासे, पिंपल्स और काले धब्बों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा त्वचा के बैक्टीरिया को भी नष्ट करने में मदद करता है।

टॉक्सिंस निकालता है: पान के पत्ते में टैनिन, प्रोपेन और एल्केलॉयड होता है जो शरीर के विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालता है और शरीर को स्वस्थ रखता है।

बुधवार, 13 सितंबर 2017

सत्तू खाने के लाज़वाब फायदे...

सत्तू खाने के लाज़वाब फायदे...


सत्तू अपने आप में एक समपूर्ण आहार माना जाता है। क्या आपने कभी सत्तू का स्वाद चखा है? इसके कई गुणों के कारण गर्मी के दिनों में सत्तू का सेवन कई स्थानों पर किया जाता है। बिहार के लोगों के अलावा भी अन्य लोग भी इसे काफी खुश होकर खाते हैं। सत्तू को लोग कई तरह से खाते हैं। कोई इसका शरबत बनाकर पीता है तो कोई इसके स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खाते हैं। आपको बता दें कि सत्तू को इतना पसंद किए जाने का कारण सिर्फ इसका स्वाद ही नहीं है बल्कि सेहत से जुड़े यह अनमोल फायदे भी हैं।

सत्तू के फायदे-

1- जौ और चने के मिश्रण से बने सत्तू को पीने से मधुमेह रोग में लाभ होता है।
2- सत्तू कफ, पित्त, थकावट, भूख, प्यास और आंखों की बीमारी में लाभकारी है। डॉक्टरों की मानें तो यह पेट के रोगों के लिए फायदेमंद होता है।
3-  विशेषज्ञों के अनुसार सत्तू आहार है, औषधि नहीं इसीलिए इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता।
4- चने का सत्तू गर्मी में पेट की बीमारी और तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
5- सत्तू में फाइबर, कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, स्टार्च और अन्य खनिज पदार्थ होते हैं।
6- इसे पानी के साथ लेने से पेट ठंडा रहता है। चने के सत्तू में मूंग और सोया मिला लेने से सत्तू सेहत के लिए और फायदेमंद हो जाता है।
7- सत्तू में रक्तसाफ करने का गुण होता है जिससे खून की गड़बडियां दूर होती हैं।

कैसे करें सेवन-

1- सत्तू को ताजे पानी में घोलना चाहिए, गर्म पानी में नहीं।
2- सत्तू सेवन के बीच में पानी न पिएं।
3- इसे रात्रि में नहीं खाना चाहिए।
4- सत्तू का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। इसका सेवन सुबह या दोपहर में एक बार ही करना चाहिए। सत्तू का सेवन दूध के साथ नहीं करना चाहिए।
5- कभी भी गाढे सत्तू का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गाढा सत्तू पचाने में भारी होता है। पतला सत्तू आसानी से पच जाता है ।
6- इसे ठोस और तरल, दोनों रूपों में लिया जा सकता है।
7- यदि आप चने के सत्तू को पानी, काला नमक और नींबू के साथ घोलकर पीते हैं, तो यह आपके पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद होता है।
8- सत्तू के सेवन से ज्यादा तैलीय खाना खाने से होने वाली तकलीफ खत्म हो जाती है और तेल निकल जाता है।
9- इसमें बहुत पोषण होता है इसलिए बढ़ते बच्चों को जरूर दे ।

गुरुवार, 7 सितंबर 2017

आयुर्वेद के ये चमत्कार आपको कभी बीमार नहीं पड़ने देंगे

आयुर्वेद के ये चमत्कार आपको कभी बीमार नहीं पड़ने देंगे


फर्स्ट एड बॉक्स
हम में से अधिकांश लोग अपने घरों में फर्स्ट एड बॉक्स तो जरूर रखते हैं। इसमें हर उस बीमारी की दवाई होती है जिसे आम भाषा में कॉमन डिजीज या सामान्य बीमारी कहा जाता है। बुखार हो या खांसी-जुकाम, बदन दर्द हो या पेट की कोई खराबी या फिर कोई अन्य सामान्य समस्या, आपके घर का ये केमिस्ट आपको हर दवाई मुहैया करवाता है।

एलोपैथी दवाई
कई लोगों को ये एलोपैथी दवाई चुस्त-दुरुस्त कर देती है तो कई लोग इनसे मिलने वाली सुस्ती से परेशान हो जाते हैं। कभी-कभार एलोपैथी दवाइयां अपना असर दिखाने में नाकामयाब हो जाती हैं और बीमार व्यक्ति और परेशान हो जाता है।

नुस्खे
वो लोग जिन्हें एलोपैथी ज्यादा भाती नहीं है या वो उन्हें राहत देने में अक्षम पड़ जाती है तो ऐसे में आयुर्वेद के पास कुछ ऐसे नुस्खे हैं जो आपको बहुत ही जल्द बीमारियों से छुटकारा दिलवा सकते हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनका नियमित सेवन आपको बीमार होने ही नहीं देगा। तो चलिए जानते हैं आयुर्वेद के खजाने से निकले कुछ खास नुस्खे।

च्यवनप्राश का सेवन
च्यवनप्राश का सेवन आपके शरीर को तंदुरुस्त रखता है, इसका लाभ उठाने के लिए आपको एक चम्मच दिन में दो बार गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेना है। आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा इसका सेवन करने से आपको अन्य शारीरिक लाभ भी मिलते हैं।

त्रिफला चूर्ण
त्रिफला एक ऐसा चूर्ण है जिसमें तीन मुख्य जड़ी बूटियों का मिश्रण होता है। यह अमलकी, विभितकी, हरितिकी नामक जड़ी-बूटियों से बना होता है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी हैं। अपच हो या गैस की समस्या त्रिफला इनका अचूक इलाज है, इसके अलावा यह आपके शरीर के भीतर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालता है।

त्रिफला का सेवन
त्रिफला का सेवन करने से आप आंतरिक रूप से तो स्वस्थ रहते ही हैं साथ ही इसका सीधा प्रभाव आपके निखार पर भी पड़ता है और आपको मिलती है एक चमकती-दमकती त्वचा। यह आपकी आंखों की रोशनी के लिए भी बेहतरीन है। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत करती है उन्हें इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।

अजवाइन अर्क
अजवाइन के स्वास्थ्य लाभ को जानते हुए लगभग हर घर में इसका प्रयोग किया जाता है। अजवाइन का सेवन पेट में गैस या पेट फूलने जैसी समस्या से निजात दिलवाता है। अजवाइन के भीतर एक ऐसा पदार्थ होता है जो पेट में से गैस को निकालने का काम करता है।

पेट में गैस
वे लोग जिन्हें अकसर पेट में गैस होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है उन्हें भूख भी बहुत कम लगती है। अजवाइन का सेवन उन्हें बहुत राहत प्रदान करता है।

खुजली
आपको जिस स्थान पर खुजली होती है उस स्थान पर इस क्रीम को नियमित रूप से लगाएं, कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा।

सोमवार, 28 अगस्त 2017

पेट की चर्बी को घटाती है हरी इलायची, ऐसे करें सेवन...

पेट की चर्बी को घटाती है हरी इलायची, ऐसे करें सेवन...


आयुर्वेद के अनुसार रसोईघर में रखे मसाले ही हमारे इलाज के लिए कारगर हैं. इलायची उन मसालों में से एक है. रोजाना इलायची खाई जाए तो कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है. इलायची वजन घटाने में भी सहायक है. आयुर्वेद के अनुसार हरी इलायची शरीर के अपच को बढ़ा कर आपके पाचन तंत्र को साफ कर शरीर की सूजन को कम करती है. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है. जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है.
इलायची सिस्टोलिक और डायस्टोलिक को कम करने में भी सहायक है, इनसे ब्लड प्रेशर लेवल प्रभावित होता है. इलायची नहीं चबा सकते तो आप इसको चाय में डाल कर उपयोग कर सकते हैं. रिसर्च के अनुसार अगर इलायची के पाउडर का सेवन किया जाए तो, पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है. इसे रोजाना लेने से कोई बुरा असर नहीं पड़ता.

सांस की बीमारी
सर्दी, खांसी या छाती में जमाव है तो राहत दिलाने के लिए इलायची बेहतर प्राकृतिक उपचार है. भाप लेते समय गर्म पानी के बर्तन में इलायची के तेल की कुछ बूंदें डालें.

हेल्दी हार्ट
दिल के स्वास्थ्य लाभ के लिए अपने इलायची को रोजाना खाने में शामिल करें. इलायची वाली चाय पीते रहें. हाई ब्लड प्रेशर को मेंटेन करेगा.

पाचन तंत्र
बदहजमी की समस्या है तो इलायची का सेवन करना चाहिए. अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और डिटोक्सिफाई करने के लिए रोज़ सुबह इलायची की चाय पी सकते हैं. दो से तीन इलायची, अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा, थोड़ी सी लौंग और धनिया के कुछ बीज लें. इन्हें पीसकर गर्म पानी के साथ खाएं. अपच, सूजन और गैस से फाएदा मिलेगा.

एसिडिटी
खाने के बाद नियमित रूप से इलायची चबाने से एसिडिटी दूर होती है. खाने के एकदम बाद बैठने के बजाय इलायची चबाते हुए कुछ देर सैर करें.

मुंह की दुर्गंध
खाने के बाद एक इलायची चबाना चाहिए. यह मुंह की दुर्गंध दूर करने के साथ पेट से जुड़ी समस्यों को दूर करती है.

शुक्रवार, 25 अगस्त 2017

सेहत के लिए नुकसानदायक है सुबह ख़ाली पेट चाय पीना

सेहत के लिए नुकसानदायक है सुबह ख़ाली पेट चाय पीना


चाय भारतीय समाज का सदियों से सबसे पसंदीदा पेय रहा है. इसके बिना सुबह की शुरुआत भी अधूरी लगती है. धीरे-धीरे यही शुरुआत कब लत में बदल जाती है पता भी नहीं चलता. समाज को इसकी लत भारत की देन नहीं है जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था तब अंग्रेज इस महँगे शौक को पालते थे. अंग्रजों की देखादेखी भारतीयों ने भी चाय को पीना शुरू कर दिया. नतीजा ब्रिटिश शासन तो चला गया लेकिन हम चाय के अधीन हो गये. आज की दुविधा यह है इसके बिना लोगों की दिनचर्या भी शुरू नहीं होती. बच्चे हो या बूढ़े सभी के दिन का शुभारंभ चाय के साथ ही होता है. सुबह उठते ही चाय पीने की आदत को शहरों में बैड टी कल्चर के नाम से जाना जाता है.
यह एक ऐसा कल्चर है जिसमे पीड़ित को यह बिल्कुल अहसास नहीं होता की वो एक गलत आदत के शिकार हो रहे है. लेकिन इस कल्चर से अब गाँव भी वंचित नहीं है. आप का क्या मानना है? सुबह की अच्छी आदतों में क्या यह हेल्दी आदत है? 90% से ज्यादा भारतीय सुबह खाली पेट चाय का सेवन करते है और रिसर्च यह बताती है सुबह खाली पेट चाय पीना किसी भी लिहाज से शरीर के हित में नहीं है इसके बहुत से ऐसे नुकसान है जो समय के साथ इंसान को भुगतने पड़ते है. चाय में कैफिन, एल थायनिन और थियोफाइलिन नामक तत्व पाए जाते है जो शरीर में उत्तेजना को बढ़ावा देते है.

चाय विभिन्न प्रकार की होती है लेकिन खाली पेट सभी चाय नुकसान पहुँचाती हैं. काली चाय में जब दूध मिलाकर पिया जाता है तो उसका एंटीऑक्‍सीडेंट नष्ट हो जाता है और वो नुकसानदायक हो जाती है. ऐसा नहीं है चाय से सिर्फ हानी ही होती है क्योंकि चाय में जो कैफीन और टैनिन होते हैं वो शरीर में ऊर्जा का संचार करते है जिससे शरीर क्रियाशील होता है और आलस दूर होता है. लेकिन इसकी मात्रा में अति और खाली पेट सेवन करने की आदत आपको कई गंभीर बीमारियाँ दे सकती है.

क्या आप भी चाय के शौकीन है? क्या इसके बिना आपकी आँख नहीं खुलती? क्या आप भी खाली पेट चाय पीने की गलती करते है, आपका भी चाय के बिना काम नहीं बनता? अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो हम आपके साथ चाय के बारे में कुछ अहम जानकारी शेयर कर रहे है जो आपके लिए बहुत काम की होगी. हो सकता है इन जानकारियों को पढ़ कर आपके विचार में कुछ परिवर्तन आ जाए की खाली पेट चाय पीना आज से बंद.

खाली पेट चाय पीने के कई शारीरिक नुकसान

1. उल्टी की समस्या – सुबह के वक्त पेट पूरी तरह से खाली होता है और ऐसे में अगर चाय का सेवन किया जाता है तो पेट के बाइल जूस की प्रक्रिया पर विपरीत असर पड़ता है. जिससे उल्टी और घबराहट जैसी समस्या होने लगती है.
2. एसिडिटी – चाय में अधिक मात्रा में टैनिन होता है जो पेट के एसिड को बढ़ा देता है जिससे एसिडिटी होती है और पाचक रस पर प्रभाव डालती है. खाली पेट काली चाय का सेवन भी खतरनाक होता है क्योंकि इससे पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है. खाली पेट अधिक गर्म और अदरक की चाय पीने से भी एसिडिटी की समस्या हो जाती है. फिर यह समस्या नियमित रूप से होने लगती है.
3. शारीरिक प्रभाव – अधिकांश लोग सुबह खाली पेट दूध वाली चाय पीना पसंद करते है जबकि बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी की सुबह खाली पेट दूध की चाय पीने से थकावट का अहसास होता है और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है. इतना ही नहीं खाली पेट सुबह की चाय पीने से शरीर में प्रोटीन और अन्‍य दूसरे पोषक पदार्थों का अवशोषण अच्छे से नहीं होता. जिससे शरीर प्रभावित होने लगता है और पोषक तत्वों का अभाव होने लगता है. अगर आप नाश्ते के बाद चाय का सेवन करते है तो यह आपको काफी तरोताजा फील करवाती है.
4. प्रोस्‍टेट कैंसर – रिसर्च यह बताती है नियमित तौर पर सुबह खाली पेट चाय पीने से पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर जैसी बीमारी की संभावना बढ़ जाती है यह समस्या अधिक चाय के सेवन से भी हो सकती है. इसलिए इस आदत से खुद को जल्द मुक्त कीजिए.
5. पेट की समस्या – सुबह खाली पेट कड़क चाय की आदत से अल्सर जैसी समस्या से सामना करना पड़ सकता है. सुबह खाली पेट चाय की आदत से पेट और श्वास नली में जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है. खाली पेट या अधिक चाय पीने से भूख प्रभावित होती है. इस स्थिति में जरूरी पोषक तत्व से शरीर वंचित रह जाता है.
6. पाचन तंत्र का कमजोर होना – इस समस्या का सबसे मुख्य कारण है खाली पेट अत्यधिक गर्म चाय का पीना. हालांकि यह समस्या नियमित खाली पेट चाय पीने पर आती है कभी-कभार पीने से नहीं.
7. गले का कैंसर – ब्रिटिश मैडिकल जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार अधिक गर्म चाय के सेवन से खाने की नली में या गले में कैंसर होने का खतरा आठ गुणा बढ़ जाता है. क्योंकि अधिक गर्म चाय गले के टिशू को क्षति पहुँचाती है.

अगर आप चाय के बहुत शौकीन है तो इन बातों पर भी जरूर गौर करे

* दो अलग कंपनी की चाय को मिलाकर पीने से चाय का असर इतना तेज होता है की आपको फील होगा की आपको नशा चढ़ने लगा है.
* लंच के तुरंत बाद चाय ना पिए. क्योंकि खाने में मौजूद आयरन के साथ चाय रिएक्ट कर सकती है जिससे शरीर बुरी तरह से प्रभावित होता है.
* अधिक या रात को सोते वक्त चाय के सेवन से परहेज करे. इस आदत से आपकी नींद पर बुरा असर पड़ता है. यहाँ तक की अनिद्रा की शिकायत भी हो सकती है.
* हमेशा ताजा बनी हुई चाय पिएं. अधिक देर की बनी चाय को बार-बार गर्म करके पीने से गैस की समस्या हो जाती है.
* अधिक कड़क या देर तक उबली चाय का सेवन भी शरीर को नुकसान पहुँचाता है.
* अगर चाय पीना आपका शौक है और आप इसके बिना नहीं रह सकते तो सुबह चाय के साथ बिस्कुट या कोई नमकीन लें. इससे पेट चाय को अच्छे से पचा लेता है. इसका दूसरा फायदा यह है की चाय के साथ कुछ मीठा या नमकीन खाने से शरीर में सोडियम की पूर्ति होती है जिससे अल्सर जैसी समस्या से बचा जा सकता है.