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बुधवार, 18 अप्रैल 2018

चिलचिलाती धूप से झुलस गई त्वचा, तो इन घरेलू नुस्खों से करें देखभाल

चिलचिलाती धूप से झुलस गई त्वचा, तो इन घरेलू नुस्खों से करें देखभाल


गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप तथा यूवी रेडिएशन की वजह से त्वचा में नमी कम हो जाती है, जिस वजह से त्वचा रूखी, मुरझाई तथा बेजान हो जाती है और त्वचा का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा या काला हो जाता है। 

सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन ने इस मौसम में त्वचा की देखभाल के उपाय बताते हुए कहा कि इस समय सूर्य की किरणों से त्वचा के बचाव के लिए सनस्क्रीन का लेप काफी प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा टोपी पहनना, छाता लेकर चलना तथा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर में रहना वैकल्पिक उपाय माने जाते हैं। अगर आपको भरी दोपहर में घर से निकलना ही पड़े तो सूर्य की गर्मी से बचाव करने वाली सनस्क्रीन बाजार में उपलब्ध है।

सूर्य की गर्मी तथा वायु प्रदूषण से चेहरे पर कील -मुहांसे, छाइयां, काले दाग, ब्लैकशेड तथा पसीने की बदबू की समस्या हो जाती है। 

कैसे झुलसती है त्वचा –

सूर्य के सीधे प्रभाव में आने से त्वचा में मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है जो कि त्वचा की रंगत को प्रभावित करती है। मेलेनिन वास्तव में सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। मेलेनिन जब त्वचा के निचले हिस्सों में पैदा होने के बाद इसके ऊपरी बाहरी हिस्सों तक पहुंचता है तो त्वचा की रंगत काली पड़ जाती है। 

शहनाज ने कहा कि सूर्य की गर्मी से झुलसी त्वचा की रंगत को दुबारा हल्की रंगत में लाने के लिए त्वचा के अनुरूप फेशियल स्क्रब का उपयोग कर सकते हैं। यदि आपकी त्वचा शुष्क हो तो सप्ताह में मात्र एक बार ही स्क्रब का उपयोग करना चाहिए, लेकिन तैलीय त्वचा में इसका उपयोग दोहरा सकते हैं। 

स्क्रब को त्वचा पर आहिस्ता से गोलाकार स्वरूप में उंगलियों के सहारे लगाना चाहिए तथा कुछ समय बाद इसे ताजे सादे पानी से धो डालना चाहिए। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हट जाती हैं जिससे त्वचा में निखार आ जाता है। 

शहनाज ने कहा कि रसोई में रखे उत्पादों से आसानी से स्क्रब बनाया जा सकता है। वास्तव में रसोई में रखे अनेक उत्पादों को झुलसी त्वचा को ठीक करने के लिए सीधे तौर पर लगाया जा सकता है। 

सौंदर्य विशेषज्ञ के सुझाव : 

-दिनभर बाहर रहने पर शाम को चेहरे पर कुछ समय तक बर्फ के टुकड़ों को रखिए। इससे सनबर्न से हुए नुकसान से राहत मिलेगी तथा त्वचा में नमी बढ़ेगी। 

-चेहरे पर टमाटर का पेस्ट लगाने से भी गर्मियों में झुलसी त्वचा को काफी सुकून मिलता है।

-सनबर्न के नुकसान को कम करने के लिए चेहरे को बार बार ताजे, साफ तथा ठंडे पानी से धोइए।

-गुलाब जल में तरबूज का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने के 20 मिनट बाद ताजे पानी से धो डालने से सनबर्न का असर खत्म हो जाएगा।

-एक चम्मच शहद में दो चम्मच नींबू का रस मिलाइए तथा आधा घंटा बाद ताजे साफ पानी से धो डालिए। इसे प्रतिदिन चेहरे पर लगाइए।

-तैलीय त्वचा से झुलसी त्वचा को राहत प्रदान करने के लिए खीरे की लुगदी को दही में मिलाइए और इस मिश्रण को 20 मिनट बाद ताजे स्वच्छ पानी से धो डालिए।

-सूर्य की किरणों से झुलसी त्वचा पर कॉटनवूल की मदद से ठंडा दूध लगाएं। इससे त्वचा को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि त्वचा कोमल बनकर निखरेगी। लंबे समय तक इसका उपयोग करने से त्वचा की रंगत में निखार आएगा।

-मुट्ठी भर तिल को पीसकर इसे आधे कप पानी में मिला लीजिए तथा दो घंटे तक मिश्रण को कप में रखने के बाद पानी को छानकर इससे चेहरा साफ कर लीजिए, झुलसी त्वचा में फायदा होगा।

सोमवार, 16 अप्रैल 2018

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी

पेट की समस्या की समस्या से है परेशान तो रोज सुबह इस बर्तन में रखा पानी पिएं, कभी नहीं होगी


तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. इससे पेट संबंधी सभी विकार दूर हो जाते हैं. इसका आयुर्वेद में काफी विस्तार से वर्णन है. जानिए तांबे के बर्तन के 10 फायदे.

1. तांबा यानी कॉपर, सीधे तौर पर आपके शरीर में कॉपर की कमी को पूरा करता है और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से सुरक्षा देता है.

2. तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध माना जाता है. यह सभी डायरिया, पीलिया, डिसेंट्री और अन्य प्रकार की बीमारियों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता हैं.

3. तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की समस्या नहीं होने देते. ऑर्थराइटिस की समस्या से निपटने में भी तांबे का पानी फायदेमंद होता है.

4. अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार तांबे कैंसर की शुरुआत को रोकने में मदद करता है और इसमें कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते है.

5. पेट की सभी समस्याओं के लिए तांबे का पानी बेहद फायदेमंद होता है. शाम को तांबे बर्तन में रखा पानी सुबह शौच जाने से पहले खाली पेट पीने से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी परेशानियों से निजात मिलती है.

6. शरीर की आंतरिक सफाई के लिए तांबे का पानी कारगर होता है. इसके अलावा यह लिवर और किडनी को स्वस्थ रखता है और किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से निपटने में तांबे के बर्तन में रखा पानी लाभप्रद होता है.

7. एनीमिया की समस्या में भी इस बर्तन में रखा पानी पीने से लाभ मिलता है. यह खाने से आयरन को आसानी से सोख लेता है जो एनीमिया से निपटने के लिए बेहद जरूरी है.

8. तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा पर किसी प्रकार की समस्याएं नहीं होती. यह फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा संबंधी अन्य रोगों को पनपने नहीं देता जिससे आपकी त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है.

9. तांबे का पानी पाचनतंत्र को मजबूत कर बेहतर पाचन में सहायता करता है. रात के वक्त तांबे के बर्तन में पानी रखकर सुबह पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है. इसके अलावा यह अतिरिक्त वसा को कम करने में भी बेहद मदददगार साबित होता है.

10. यह दिल को स्वस्थ बनाए रखकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. इसके अलावा यह हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है. यह वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करने में मदद करता है.

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

कड़वे करेले के फायदे इतने कि आप दांतों तले ऊँगली दबा लेंगे

कड़वे करेले के फायदे इतने कि आप दांतों तले ऊँगली दबा लेंगे


करेले के जूस और करेले (Bitter Gourd ) के औषधिय गुणों को भारतीय होम्योपैथिक में भी सराहा गया है इसीलिए “Momordica charantia” होम्योपैथिक औषधि का मूल तत्व करेला ही है. हरा करेला पके हुए सफेद पीले रंग के करेले की अपेक्षा ज्यादा लाभदायक है इसलिए हमेशा हरे रंग के करेले का ही उपयोग करना चाहिए . करेले के बेहतरीन स्वास्थ्य वर्धक गुणों के अलावा एक और खास बात यह है की इसको सुखाकर रखने पर भी इसके औषधिय गुण नष्ट नहीं होते हैं.

करेले की प्रकृति या तासीर गर्म और खुश्क होती है. करेला दो किस्म का होता है एक बड़ा करेला और छोटा करेला. बड़े करेले की अपेक्षा छोटा करेला अधिक गुणकारी होता है. कच्चा, हरा ,छोटे साइज़ का करेला अधिक गुणकारी होता है इसलिए जूस या सब्जी बनाने में इसी का उपयोग करना चाहिए . करेला भूख और पाचनशक्ति को भी बढ़ाता है. ऑफ़ सीजन में जब करेला नहीं मिले तो करेले आप होम्योपैथिक औषधि मोमर्डिका कैरन्शिया (Momordica charantia) प्रयोग कर सकते है. यह आपको करेले के समानन्तर ही लाभ पंहुचाएगा.

अच्छे स्वास्थ्य के लिए करेले के जूस : करेले को प्राकर्तिक रूप में ही खाना चाहिए इसमें किसी प्रकार की अन्य चीज को नहीं मिलाना चाहिए ,अगर आपके इसके सभी गुणों का लाभ उठाना चाहते है तो. क्योंकि काफी लोग करेले का कड़वापन दूर करने के लिए इसे छीलकर, काटकर, नमक लगाकर धो- कर खाने का प्रयास करते हैं. इस प्रकार से खाए जाने वाले करेले के सभी गुण निकल जाते हैं . करेले का कड़वेपन ही रोगों को दूर भगाता है, इसी कड़वेपन की वजह से यह मधुमेह (Diabetes) रोगियों को लाभ पहुचाता है .

करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है इसीलिए यह दाँत, मस्तिष्क, हड्डी, ब्लड और अन्य शारीरिक अंगो के लिए जरुरी फास्फोरस की पूर्ति करता है .

करेला का रस दर्द दूर करता है, शरीर में शक्ति पैदा करता है. करेले के जूस को खाली पेट पीना अधिक लाभदायक है. ताकि यह अच्छी तरह से शरीर के द्वारा सोख लिया जाए .

अगर आपको खाँसी, कफ, गले में खराश की बीमारी हो तो बिना घी या तेल से बनी करेले की सब्जी खाएं आप स्वाद के अनुसार इसमें सेंधा नमक और पिसी कालीमिर्च भी डाल सकते है .

करेला का जूस कफ, पीलिया, मधुमेह, और बुखार आदि रोगों में लाभदायक है. साथ ही यह रक्त साफ़ करता है. करेले का जूस संक्रमण दूर करने वाला और शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला होता है.

जोड़ों में दर्द : करेले के पत्तों के जूस या करेले के जूस से मालिश करें. करेले की चटनी पीसकर गठिया के सूजन पर लेप करें. जल्द ही आराम मिलेगा .

चर्म रोग-त्वचा के रोगों में : करेले की सब्जी नियमित खाने से लाभ होता है. त्वचा में खुजली होने पर – रक्त में जब अम्लता की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब खुजली चलती है. करेले के जूस चौथाई कप और इतना ही पानी मिलाकर रोजाना दो बार पियें तथा करेले के जूस में 10 बूंद लहसुन का जूस तथा चार चम्मच सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें. करेले के जूस इसी प्रकार पीने से घमौरियाँ, फुंसियाँ ठीक हो जाती हैं.

रक्तशोधक : 60 ग्राम करेले के जूस में थोड़ा-सा पानी मिलाकर रोजाना कुछ दिनों तक सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ हो जाता है. इससे पाचनशक्ति, यकृत की शक्ति बढ़ती है.

करेले के 15 पत्ते धोकर छोटे-छोटे टुकड़े करके एक गिलास पानी में उबालें. आधा पानी रहने पर इसे छान कर पीने से रक्त साफ होता है.

पैरों में जलन होने पर : करेले के पत्तों के जूस की मालिश करने से लाभ होता है. इसके लिए आप करेले के जूस का भी इस्तमाल कर सकते हैं. करेले के जूस (karela juice) या करेला पीसकर जले हुए पर लेप करने से जलन शान्त हो जाती है. तलवों की जलन पर लगाने से भी लाभ होता है.

एसिडिटी : आधा कप करेले के जूस को चौथाई कप पानी में एक चम्मच पिसा हुआ आंवला पाउडर मिलाकर रोजाना  तीन बार पीने से एसिडिटी में लाभ होता है.

सूजन : आधा कप करेले का रस, चौथाई चम्मच पिसी हुई सोंठ, थोड़ा-सा पानी मिलाकर रोजाना सुबह-शाम पीने से सूजन ठीक हो जाती है.

गले में सूजन-सूखा करेला सिरके में पीसकर गर्म करके गले पर लेप करने से गले की सूजन मिट जाती है.

मुंह के छाले : एक गिलास पानी में आधा कप करेले के जूस को लेकर जरा-सी फिटकरी मिलाकर रोजाना दो बार कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं. एक चम्मच जूस में थोड़ी सी चीनी मिलाकर चार बार पियें .

मोटापा : आधा कप करेले का रस, आधा कप पानी में मिलाकर उसमें एक नींबू (Lemon) निचोड़कर प्रात: खाली पेट पीते रहने से मोटापा कम होता है. मात्रा-  एक-दो करेले के जूस (karela juice) को आधा कप पानी में मिलाकर लें.

करेले के उपयोग :  करेले के जूस , उबालकर, सेंककर, सब्जी और अचार आदि बनाकर सेवन किया जा सकता है.

कब्ज़ : करेला कब्ज़ दूर करता है. करेले का मूल अरिष्ट (extraction), जो होम्योपैथी में “मोमर्डिका कैरन्शिया” नाम से मिलता है, को 10 बूंद चार चम्मच पानी में मिलाकर प्रतिदिन चार बार देने से कब्ज़ दूर हो जाती है.

अर्श रोग (Piles) : करेले के जूस को 5-8 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमे थोड़ी सी चीनी मिलाकर लेने से अर्श रोग में होने वाले रक्तस्त्राव रूक जाता है. करेले की जड़ को घिस कर मस्सो पर लगाने से Piles से राहत मिलती है.

करेले के जूस में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर दोपहर के खाने के साथ पीने से पेट के लगभग सभी रोगों से मुक्ति मिलती हैं.

प्लीहा : प्लीहा बढ़ने की समस्या होने पर लगातार एक कप करेले के जूस को पीने से लाभ मिलता है .

अस्थमा : अस्थमा के रोगियों को करेले की सब्जी नियमित रूप से खाने से लाभ मिलता हैं .

छोटे बच्चो को करेले की सब्जी नियमित रूप से खानी चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद फास्फोरस उनके बढ़ते दिमाग के लिए बहुत जरुरी होता है.

यकृत (Liver) : और पेट के लिए करेले के लाभ– अगर छोटे बच्चों को (3 से 8 वर्ष) आधा चम्मच करेले के जूस प्रतिदिन पिलाया जाये तो बच्चों लिवर ठीक रहता है. और पेट से सम्बंधित बीमारिया भी नहीं होती है जैसे गैस, अपच आदि.

करेले के पत्तों के जूस से “Intestinal Worms” और उल्टी में लाभ होता है.

पथरी : पथरी ठीक करने के लिए-दो करेलों का रस को एक कप छाछ में मिलाकर रोजाना दो बार पियें जब तक पथरी निकल नहीं जाए. करेले के पत्तों का जूस पीने से पेशाब अधिक आता है. चार चम्मच करेले का जूस और चार चम्मच पानी मिलाकर प्रतिदिन दो बार पीने से पियें. छोटे बच्चों को करेले के जूस में मिश्री मिलाकर पिलायें.

बनाने की विधि : करेले में इन्सुलिन पर्यात मात्रा में होता है. यह इन्सुलिन यूरिन एवं रक्त दोनों ही की शुगर को नियंत्रित रखने में समर्थ है.

मधुमेह के रोगी को करेला तथा मेथीदाना का प्रयोग रोजाना नियम से करना चाहिए. 4 करेलों का जूस निकाल कर उसे प्रतिदिन प्रात: पीना चाहिए. यह भी अवश्य पढ़ें– जानिए 5 हर्बल एनर्जी ड्रिंक जो रखे आपको तरोताजा बढाये स्टेमिना.

करेले के सीजन में जब करेला की पैदावार होती है, आप चाहे तो उसी समय पर अपनी जरुरत के अनुसार कुछ मात्रा में बढ़िया करेले लेकर धोकर साफ कर लें. फिर इसके छोटे-छोटे टुकड़े करके छाया में सुखा लें लेकिन ध्यान रहे की इन करेलो में धूल मिट्टी न मिलने पाए .करेले सूख जाने पर इनको बारीक पीसकर किसी ऐसे बर्तन में रखें जिसमे यह नमी और गर्म हवाओ के सम्पर्क में ना आए.

रविवार, 21 जनवरी 2018

आटे से भी लगा सकते हैं आपके सौंदर्य में चार-चांद

आटे से भी लगा सकते हैं आपके सौंदर्य में चार-चांद


आम घरों के किचन में मौजूद कई ऐसी अनगिनत चीज़ें हैं, जिन्हें सौंदर्यकरण के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता. ये आपकी खूबसूरती को बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका तो है ही, साथ ही आपको इनके इस्तेमाल से किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होगा. आज हम यहां बात कर रहे हैं आटा के बारे में. जी हां, इसे सिर्फ रोटियों के लिए ही नहीं, इसे आप अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके लिए आप इसकी मदद से कुछ आसान से फेस पैक बनाएं और पाएं लाजवाब खूबसूरती. आप भी जानें इसके बारे में.

साफ़ त्वचा के लिए
ये आपकी स्किन को गहराई से साफ कर डेड सेल्स खत्म करता है. इसके लिए आप हफ्ते में दो बार दो बड़े चम्मच आटा में 2 बड़ा चम्मच पानी मिलाकर पतला पेस्ट बनाएं. इसे अपने पूरे चेहरे पर लगाकर स्क्रब करें और सूखने पर धो लें.
टैनिंग के लिए
एक कप पानी को उबाल लें और इसमें 10-15 गुलाब के पत्तों और 2-3 संतरे का छिलके मिलाएं. जब पानी ठंडा हो जाए तो इसमें 2 छोटे चम्मच शहद, 3 बड़े चम्मच आटा और 2 बड़े चम्मच दूध मिलाकर मोटा पेस्ट बनाएं. इसे चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट बाद धो लें. गुलाबजल और संतरे के छिलके वाले पानी से पहला अपना चेहरा धोएं और फिर नॉर्मल पानी से इसे धोकर मॉइश्चराइज़र लगाएं.

ऑयली स्किन के लिए
अगर आप भी ऑयली स्किन से परेशान हैं, तो आटे से बना फेस पैक आपको इससे राहत दिलाएगा. इसके लिए पहले एक चौथाई कटोरी दूध उबालें. आंच से उतारने के बाद अब इसमें 2 छोटा चम्मच शहद और गुलाबजल मिलाकर चलाएं. इसके बाद 3 बड़े चम्मच आटा मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं. सूखने पर धो लें. हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें.

चमकती त्वचा के लिए
इसके लिए आप 3 बड़े चम्मच मलाई में (कोशिश करें कि बिना फैट वाली मलाई हो) 2 बड़े चम्मच आटा को मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे को अच्छी तरह धोकर इसे लगाएं और सूखने पर धो लें. हफ्ते में हर दूसरे दिन इसका इस्तेमाल करें.

गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

रात को सोने से पहले इनमें से कोई भी एक चीज लगाए चेहरे पर, फिर देखें ये चमत्कार !

रात को सोने से पहले इनमें से कोई भी एक चीज लगाए चेहरे पर, फिर देखें ये चमत्कार !


लड़कियां खुद को दूसरी लडकियों से ज्यादा सुंदर लगने के लिए बहुत मेहनत करती हैं. वो खाली समय में इंटरनेट और टीवी पर खुद को सुंदर बनाने वाले घरेलू नुस्खों को देखकर खुद पर आजमाती हैं, उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वो सच में सुंदर लगने लगेगी. ऐसा करते हुए कई बार लड़कियां अपनी त्वचा को नुक्सान पहुंचा देती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे छोटे-छोटे घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं, जिनको अगर आप रात को करते हैं, तो कुछ ही दिनों में आपका चेहरा चमकने लगेगा.

एलोवेरा जूस
एलोवेरा के बहुत से फायदों के बारे में आपने सुना ही होगा. जैसे अगर आप अपने पैरों के तलवे पर एलोवेरा का रस लगाते हैं, तो आपके पैरों में होने वाली जलन कम हो जाती हैं. चेहरे पर चमक लाने के लिए भी एलोवेरा का इस्तेमाल किया जा सकता है. एलोवेरा के जूस को रुई की मदद से अपने चेहरे पर लगाए और कुछ समय बाद चेहरा धो ले. ऐसा करने से त्वचा में मौजूद ड्रायनेस कम होने लग जाती हैं.
कच्चा दूध
ऐसा कहा जाता है कि कच्चे दूध को चेहरे पर लगाने से चेहरे की सारी डेड स्किन निकल जाती हैं और त्वचा पर नया निखार आता है. अगर आप कम समय में चेहरे पर जल्दी निखार लाना चाहते हैं, तो आपको रोज रात को चेहरे पर कच्चा दूध लगाना चाहिए.

ग्रीन टी
आपको ये बात जानकार हैरानी होगी कि ग्रीन टी का इस्तेमाल चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए भी किया जाता है. चेहरे पर चमक लाने के लिए आपको ग्रीन टी को रुई की मदद से अपने चेहरे पर लगाना है. इसको स्किन पर लगाने से स्किन पर एक अलग तरह की चमक आ जाती हैं.

गुलाब जल
ये बात तो सभी को अच्छे से पता है कि गुलाब जल हमारी त्वचा के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है. गुलाब जल को चेहरे पर लगाने से हमारी त्वचा  मुलायम हो जाती हैं. अगर आपकी स्किन थोड़ी सी भी टाइट है, तो आपको गुलाब जल में दूध की मलाई मिलाकर अपने चेहरे पर लगानी चाहिए.

शहद
चेहरे के दाग-धब्बों को हटाने के लिए शहद में थोड़ा सा नींबू मिलाकर चेहरे पर लगाने से बहुत फायदा होता है और कुछ दिन तक ऐसा लगातार करने से ये दाग-धब्बे खुद ही हल्के पड़ने लग जाते हैं.

बुधवार, 13 दिसंबर 2017

जागने के तुरंत बाद एलोवेरा जूस पीने के आश्चर्यजनक फ़ायदे !

जागने के तुरंत बाद एलोवेरा जूस पीने के आश्चर्यजनक फ़ायदे !


कई सारी बीमारियां हमारे पेट से ही जन्‍म लेती हैं इसलिए पेट को दुरुस्‍त रखना बहुत जरूरी है, तो क्‍यों न इसकी शुरूआत सुबह होने के बाद करें और उठने के तुरंत बाद खाली पेट एलोवेरा जूस पियें और स्‍वस्‍थ रहें।

सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना है फायदेमंद :-


क्‍या आपको मालूम है कि अगर आप सुबह के समय उठते ही रोजाना खाली पेट एलोवेरा जूस पीयेंगे तो आपकी 200 से अधिक बीमारियां दूर हो सकती हैं? कई सारी बीमारियां हमारे पेट से ही जन्‍म लेती हैं और अगर आप खाली पेट एलोवेरा जूस पियेगें तो आप इस खतरे को काबू में करने का पहला कदम उठाएंगे। आइये जानते हैं कि सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से हमारे शरीर को कौन-कौन से लाभ पहुंचते हैं।

पेट साफ रहता है :-
जब आप पानी के साथ एलोवेरा जूस पीते हैं तो आपको अपने आप ही टॉयलेट जाने की इच्‍छा होने लगती है। अगर ऐसा रोजाना करेगें तब आपके पेट का सिस्‍टम गंदगी को बाहर निकालने लगेगा और आपका पेट साफ हो जाएगा। जिन लोगों को कब्ज़ की शिकायत रहती है उनके लिए ये नुस्खा बेहद कारगर साबित होता है।

शरीर से गंदगी बाहर निकाले :-
सुबह सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से आपके पेट के अंदर की हर प्रकार की गंदगी बाहर निकल जाती है । एलोवेरा जूस शरीर से हर प्रकार की गंदगी को बाहर निकाल देता है। साथ ही, आपको ताजगी का एहसास होता है।

भूख बढ़ती है :-
जब सुबह पेट साफ नहीं हो पाता तो भूख भी नहीं लगती। ऐसे में आपके शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। अगर आप सुबह उठते ही एलोवेरा जूस पीते हैं तो आपका पेट साफ हो जाता है और इस प्रकार से आपको भूख लगती है। फिर आपका सुबह का नाश्ता अच्‍छा होता है।
सिरदर्द से छुटकारा :-
अक्सर लोगों को नींद पूरी करने के बावजूद सुबह सिर दर्द महसूस होता है। हममें से काफी लोगों को ये बात नहीं मालूम होती कि कई बार हमारे शरीर के अंदर पानी की कमी ही वजह से सिर में दर्द शुरु हो जाता है। अगर आपको भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो कोशिश करें कि सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पियें।
बढ़ाए मेटाबॉलिज्‍म :-
एलोवेरा जूस पीने से मेटोबॉलिज्म को भी मजबूती मिलती है। सुबह सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्‍म 24 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि आप खाने को जल्‍द पचा सकेगें। जब खाना ठीक से पच जाता है तो शरीर अन्य समस्याओं से भी बच जाता है।


खून बढ़ता है :-
सुबह सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना आपका खून भी बढ़ाता है। दरअसल, खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से रेड ब्‍लड सेल्‍स जल्‍दी जल्‍दी बढ़ने लगते हैं। इसलिए अगर आपको खून की कमी है तो आप इसकी आदत जरूर डाल लें।

वजन घटता है :-
अगर आप ओवर वेट हैं, और वजन घटाना चाहते हैं तो सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना आपकी मदद करता है। सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से शरीर से खराब ट्रांसफैट बाहार निकल कर शरीर का फैट मैटोबॉलिज्‍म बढ़ाता है। इस वजह से आपको वजन घटाने में आसानी होती है।

त्वचा पर चमक आती है :-
जब आप सुबह उठते ही सबसे पहले एलोवेरा जूस पियेंगे, तो आपकी त्वचा चमकने लगेगी। इस आदत से चेहरे पर निकलने वाले कील-मुंहासे साफ हो जाएंगे। दरअसल, चेहरे की चमक का पेट के स्वास्थ्य से गहरा संबंध होता है। जब पेट ठीक रहेगा तो आपकी त्वचा स्वस्थ्य रहेगी।

शनिवार, 25 नवंबर 2017

एक अंगूठी जो दूर करेगी आपका तनाव और रक्‍तचाप... जानिए कैसे!

एक अंगूठी जो दूर करेगी आपका तनाव और रक्‍तचाप... जानिए कैसे!


धातुओं के छल्ले का जीवन में बहुत अधिक महत्व है। ये कई प्रकार के दोषों को दूर करने में भी सहायक है। इसलिए महीलाओं और पुरुषों को भी कई तरह की धातुओं की अंगूठियां पहनाई जाती है। महिलाओं को शादी के बाद बिछिया, नाक की लौंग और दूसरे आभूषण पहनने के लिए कहा जाता था। अगर आपके शरीर के कुछ खास अंगों पर धातु हो, तो आप अचानक से अपना शरीर नहीं छोड़ सकतीं है। तांबा, पीतल, सोना और चांदी जैसे कई धातु हैं जिनका अपना एक अलग महत्व बताया गया है. इन धातुओं में कॉपर यानी तांबा एक ऐसी प्राचीन धातु है जिसका इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहा है. 


तांबे में पानी के कीटाणुओं को खत्म करने का एक विशेष गुण है इसलिए ताबें के बर्तन में रखे हुए पानी को पीने की सलाह भी दी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तांबे से बनी हर चीज मानव जीवन के लिए उपयोगी और फायदेमंद है।

तांबे की अँगूठी पहनने के स्वास्थ्यवर्धक फ़ायदे :

पेट की समस्याओं में फायदेमंद : तांबे की अंगूठी पेट से संबंधित सभी समस्याओं में काफी फायदेमंद है. यह पेट दर्द, पाचन में गड़बड़ी और एसिडिटी की समस्याओं में फायदा पहुंचाती है. इसके अलावा अगर आप पेचिश की समस्या से परेशान हैं तो तांबे की अंगूठी इस समस्या में आपकी काफी मदद कर सकती है।
नाखून और त्वचा की समस्या में फायदेमंद : तांबे की अंगूठी को ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है बल्कि नाखून और त्वचा से संबंधित समस्याओं के उपचार में भी यह फायदेमंद है।

ब्लड सर्कुलेशन में आता सुधार : उंगलियों में तांबे की अंगूठी धारण करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन की कमी से होनेवाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है।
इम्युनिटी होती है मजबूत : कई प्रकार की धातुओं में तांबा एकमात्र ऐसी धातु है जो सबसे प्राचीन मानी जाती है. तांबे की अंगूठी पहनने से रक्त की अशुद्धियां दूर होती है और शरीर का इम्युन सिस्टम मजबूत होता है।

तन और मन को रखता है शांत : तांबे की अंगूठी शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है. इसे पहनने से शारीरिक और मानसिक तनाव कम होता है. इसके साथ ही गुस्से पर नियंत्रण होता है. ये अंगूठी तन और मन दोनों को शांत रखने में मदद करता है।

ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित : तांबे की अंगूठी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. ये हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसके अलावा इस अंगूठी को पहनकर आप शरीर के सूजन को भी कम कर सकते हैं।

सूर्य से संबंधित रोगों में कारगर : सूर्य से संबंधित परेशानियों के लिए तांबे को काफी फायदेमंद माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक एक तांबे की अंगूठी पहनकर आप सूर्य से संबंधित सभी रोगों से काफी हद तक निजात पा सकते हैं।

आध्यात्मिक साधना : तांबे की अंगूठी का भी साधना की दिशा में महत्त्व है। जब लोगों को गहन साधना के मार्ग पर डालते हैं, तो हम उन्हें तांबे की अंगूठी देते हैं। मुख्य रूप से आध्यात्मिक साधना का मकसद जीवन के सुर को सर्वोच्च बिंदु तक ले जाना होता है।

तीव्र साधना : जब लोग बहुत तीव्र साधना करते हैं, तो इस बात की संभावना होती है कि वे अचानक शरीर से मुक्त हो सकें। लेकिन शरीर पर धातु हो, तो कुछ भी नहीं होता है। तांबा धातु हमेशा उस प्रक्रिया को बाधित कर देती है क्योंकि वह शरीर के साथ आपका संपर्क मजबूत करता है। कुछ हद तक सोना भी ऐसा करता है। सोना पहनना अच्छा माना गया है।

स्वास्थ्य लाभ : गौरतलब है कि तांबे की अंगूठी के ये सारे स्वास्थ्य लाभ आपको तभी मिलेंगे जब आप ये अंगूठी शुद्ध तांबे की बनी हो. जरा सोचिए अगर एक छोटी सी अंगूठी आपको इतने सारे फायदे पहुंचा सकती है तो फिर आप इसे धारण करने में देरी क्यों कर रहे हैं।

मंगलवार, 21 नवंबर 2017

सर्दी के मौसम में इस खास तेल से करें त्वचा की देखभाल

सर्दी के मौसम में इस खास तेल से करें त्वचा की देखभाल


सर्दी के मौसम में चेहरे पर पिंपल्स, ड्राई स्पॉट्स आने लगते हैं और इन्हे दूर करने के लिए लोग कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है सरसो के तेल के फायदे के बारे में जिसकी मदद से आप सर्दी के मौसम में त्वचा को मुलायम और सुंदर रख सकते है. इस तेल विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में पाई जाती है और इससे ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है.

सर्दियों में हमारी त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है ऐसे में आप सरसो का तेल इस्तेमाल करे, सरसों तेल की एक-दो बूंद को ड्राई स्किन पर लगाएं और अपने चेहरे पर भी लगाएं, तेल लगाने के कुछ देर बाद मुंह धो लें. साथ ही यह अरोमा थैरेपी के काम में भी आता है. ज्यादा देर तक धूप में रहने के कारण स्किन टैन हो जाती है. ऐसे में आप सरसो का तेल लगाए, जहां स्किन टैन हुई है वहां सरसों का तेल लगाएं, ऐसा एक हफ्ते में तीन-चार बार करें.
साथ ही आप सरसो का तेल खाने में भी इस्तेमाल करे, सरसों तेल में कैल्शियम, आयरन भरपूर मात्रा में पाई जाती है. खाने में सरसों तेल का इस्तेमाल करने से शरीर को मजबूती मिलती है. साथ ही सरसों तेल से शरीर की मालिश भी करनी चाहिए. इसकी सुगंध से मच्छर दूर भागते हैं.
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रविवार, 12 नवंबर 2017

चिपचिपा परन्तु गुणों का भंडार है सरसों का तेल

चिपचिपा परन्तु गुणों का भंडार है सरसों का तेल


अमूमन लोगो का यही मानना है की सरसो का तेल अच्छा नहीं होता है इसकी वजह से चेहरे पर कालापन आ जाता है जो चेहरे की रंगत खोने की वजह बनता है।और साथ इसकी वजह से बाल भी चिपचपे से लगते है। लेकिन ऐसा बोलना या कहना सही नहीं होता है। क्योकि सरसो गुणों का खज़ाना है।

जो न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है बल्कि इसकी वजह से चेहरे और त्वचा को फायदा होता है। सरसो का तेल सिर्फ सब्जी को छौकने के लिए नहीं होता है बल्कि शरीर की मसाज और त्वचा से जुडी अनेक समस्याओ में भी लाभदायक होता है। इस तेल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा में होने वाले रेशेज और त्वचा की रंगत को हल्का करने में मदद करता है। तो आइये जाने इसकी वजह से चेहरे और बालो को होने वाले के फायदे के बारे में.....

बालो के लिए

1. बालों को काला रंग देने के लिए
इस तेल में बालों को काला रंग करने के गुण होते हैं। इतना ही नहीं यह बालों को सफेद होने से भी बचाता है।इस तेल का प्रयोग सीधे ही बालो पर कर सकते है। इसको लगाने के 1 घंटे बाद शेम्पू से सर धो ले, इससे बालो की जड़ो को बहुत ही आराम मिलता है।
2. बालों के मसाज के लिए
सरसों का तेल सरसों के तेल में जीवाणुरोधी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं तो अगर आप अपने स्केल्प को सरसों के तेल से मसाज करते हो तो इससे आपका स्केल्प साफ रहेगा और आपको रूसी से भी निजात मिलेगी। इसके लिए आप सरसों के तेल, नारियल तेल और ऑलिव ऑयल जैसे तेलों को एक साथ गर्म करके मिक्स कर ले। इसके बाद इस तेल को अपने स्केल्प पर लगा कर अच्छे से मसाज करें। इसके बाद एक गर्म तौलिए की मदद से आप अपने बालों को कवर कर सकती हैं। इसको बालों में दस मिनट तक लगा रहने दें, ताकि स्केल्प को सारी गर्मी मिल जाए। इसके बाद शैम्पू की मदद से अपने बालों को अच्छे से धो लें।
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त्वचा के लिए

1. त्वचा के रंग को हल्का करने के लिए
त्वचा की रंगत को बढ़ाने के लिए जिन चीज़ो क्रीम या लोशन का इस्तेमाल किया जाता है जो नुकसानदायक होती है। लेकिन सरसो का तेल प्राकृतिक उपचार है जिसकी मदद से त्वचा पर कोई नुकसान नहीं होता है। यह त्वचा की रंगत को हल्का करता है। इसके अलावा बेसन में नींबू और सरसों का तेल मिला लें। इसके बाद इस पेस्ट को मिलाकर अपने चेहरे पर लगा लें, इसे 10 से 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा रहने दें और फिर चेहरा धो लें।
2. सूखे और फटे होंठ के लिए
सूखे और फ़टे होठो के लिए जरूरी नहीं की लिपबाम ही प्रयोग में ली जाये। सरसो का तेल होठो पर लगाने से इस समस्या से निपटा जा सकता है।सरसो के तेल में कई गुणकारी तत्व मौजूद होते है जो फ़टे और सूखे होठो को मुलायम और सुंदर बना सकते है। इसके लिए रोज़ाना सरसो का तेल होठो पर लगाए जिसकी मदद से होठ नरम हो जायेंगे।

मंगलवार, 31 अक्तूबर 2017

नींबू के छिलकों से दमका सकते हैं चेहरे की त्वचा, आएगी ऐसी निखार की लोगों की नज़र हटेगी नहीं

नींबू के छिलकों से दमका सकते हैं चेहरे की त्वचा, आएगी ऐसी निखार की लोगों की नज़र हटेगी नहीं


कई पुरुष और महिलाएं अपनी त्वचा की देखभाल के लिए नींबू का उपयोग करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं नींबू का छिलका जिसे आमतौर पर फेंक दिया जाता है, इससे त्वचा पर इस्तेमाल कर त्वचा को चमकाया जा सकता है. अच्छी बात तो ये है कि हर तरह की त्वचा वाले पुरुष और महिला नींबू के छिलकों का उपयोग कर सकते हैं. इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है. चलिए जानते हैं नींबू के छिलकों से कैसे त्वचा को फायदा पहुंचता है.

त्वचा को करता है हल्का-
अक्सर चेहरे पर या शरीर के अन्य हिस्सों पर ऐसा निशान बन जाता है जो आपकी त्वचा से कभी नहीं हटता. ऐसी त्वचा के निशान को हटाने के लिए नींबू का छिलका बेहतर समाधान है. त्वचा के धब्बे हटाने के लिए आपको पाउडर की ज़रूरत नहीं है. बस एक सूखे नींबू को छील लें और पांच मिनट के लिए धब्बे वाली जगह पर इसे लगाएं. तीन दिनों के लिए इसे दोहराएं और आप देखेंगे कि धब्बा गायब हो रहा है.
प्राकृतिक स्क्रबर-
एक नींबू के छिलके से तैयार स्क्रबर आपकी त्वचा को साफ करने में बहुत मदद करेगा. स्क्रबर बनाने के लिए आपको जरूरत है चीनी, नींबू के छिलके और जैतून के तेल की.

त्वचा के लिए प्राकृतिक स्क्रबर बनाने के लिए आपको पाउडर की ज़रूरत नहीं है. बस सूखे नींबू के छिलकों को पीस लो. उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें और त्वचा को साफ़ करें.
स्क्रबर बनाने की विधि-
नींबू छिलका आधारित त्वचा स्क्रबर के लिए आधा चम्मच दानेदार चीनी का मिश्रण, कटे हुए नींबू के पीस का एक बड़ा चम्‍मचा और जैतून के तेल के दो चम्मच. इन तीन अवयवों का मिश्रण बनाएं. दस मिनट तक अपने चेहरे पर इस मिश्रण से मालिश करें और फिर इसे धो लें. आपकी त्वचा को तुरंत अंतर महसूस होगा.

प्राकृतिक फेस पैक-
चेहरे का पैक्स भी तैयार करने के लिए नींबू के छिलके का इस्तेमाल किया जा सकता है. नींबू के छिलके से चेहरे का पैक्स तैयार करने के लिए आपको नींबू के छिलके के सूखे पाउडर की जरूरत होगी.
फेस पैक बनाने की विधि-
  • कच्चे दूध के दो चम्मच के साथ नींबू के छिलके के सूखे पाउडर का एक बड़ा चम्मचा मिलाएं.
  • आपका फेस पैक तैयार है. ध्यान रहे, फेस पैक की स्थिरता मोटी होनी चाहिए यानि जब आप फेस पर इसे लगाएं तो चेहरे पर इसकी मोटी परत जमनी चाहिए.
  • आधे घंटे तक इसे लगाकर रखें और फिर इसे ठंडे पानी से धो लें. फेस पैक के दौरान मुस्कुराएं नहीं, बात ना करें या चेहरे की मांसपेशियों का व्यायाम ना करें. अन्यथा चेहरे पर खिंचाव आ सकता है.

सोमवार, 30 अक्तूबर 2017

खाली पेट पानी पीने के हैं ये लाभ, जिनको आप अनदेखा नहीं कर सकते

खाली पेट पानी पीने के हैं ये लाभ, जिनको आप अनदेखा नहीं कर सकते


पानी पीना बहुत जरूरी है। इससे शरीर को विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और बीमारियां भी दूर रहती हैं। दिन की शुरूवात सुबह एक गिलास पानी से की जाए तो सारा दिन अच्छा बीतता है। इस बात का ख्याल रखें कि सुबह पानी पीने के एक घंटे बाद कुछ न खाएं और सारा दिन 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं सुबह खाली पेट पानी पीने के पाँच लाभ जो कि आपके बहुत काम आयेंगें ।

खाली पेट पानी पीने से होता है पेट साफ  : - 
यह सबसे पहला लाभ है जो आपको रोज सुबह के समय खाली पेट ही पानी पीने से मिलता है । सुबह खाली पेट 1 गिलास पानी पीने से पेट साफ हो जाता है और शौच जाने के बाद शरीर में हल्कापन महसूस होने लगता है । जिसके कारण खाये गये भोजन से शरीर पोषक तत्व आसानी से ग्रहण तक लेता है और पाचन प्रक्रिया भी बेहतर रहती है।
खाली पेट पानी पीने से त्वचा बनती है चमकदार :-
किसी भी बड़े से बड़े डॉक्टर अथवा ब्यूटी एक्स्पर्ट से पूछ लो वो यही बोलेंगे कि त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिये पानी खूब पियों । सुबह के समय खाली पेट रहने पर पानी पीने से शरीर को एकदम से हल्का पसीना आता है जिससे त्वचा के बन्द रोम छिद्र खुल जाते हैं और उनमें फँसे हुए विभिन्न विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं । यह त्वचा को साफ और चमकदार बनाने के लिये बहुत उपयोगी है । इसलिये कहते हैं कि त्वचा को चमकदार बनाने रखने के लिए भी खाली पेट पानी पीना बहुत जरूरी है। इससे खून साफ होता है और त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी दूर हो जाती है।
खाली पेट पानी पीना मोटापा करें कम :-
सुबह के समय खाली पेट पानी पीने से शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ता है । जिससे अतिरिक्त चर्बी पिघलने लगती है और मोटापा कम होने लगता है । इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि पानी सुबह खाली पेट पीने से आँतों में सँचित मल आसानी से बाहर निकल जाता है और जिनको पुरानी कब्ज की समस्या रहती है उनको भी लाभ मिलता है । जब आँते साफ रहती हैं तो शरीर का मेटाबॉलिज्म उन्नत होता है जिस कारण से शरीर पर चढ़ी अतिरिक्त चर्बी खत्म होने लगती है ।
खाली पेट पानी पीने से भूख बढ़ती है :-
सुबह खाली पेट पीने से पेट साफ रहता है और पाचक अग्नि प्रदीप्त होती है जिस कारण से आमाशय में पाचक रसों का निर्माण सुगमता से होता है और भूख खुलकर लगती है । जिन लोगों को भूख कम लगने की समस्या रहती है उनके लिये रोज सुबह के समय पानी पीना बहुत ही ज्यादा लाभकारी रहता है ।
खाली पेट पानी पीने से रहती हैं बीमारियां दूर :-
सुबह के समय पानी खाली पेट पीने से पेट के सभी अंगों का निर्मलीकरण और शुद्धिकरण होता है जिस कारण से पेट के सभी अंगों में बसे टॉक्सिन्स साफ हो जाते हैं जिससे खाली पेट पानी के सेवन करने से डायरिया,किडनी से जुड़ी परेशानियां,गठिया,सिर दर्द,पेट की गैस आदि बीमारियां दूर रहती हैं।

सोमवार, 25 सितंबर 2017

तरबूज़ खाने के यह फ़ायदे आपको हैरान कर देंगे

तरबूज़ खाने के यह फ़ायदे आपको हैरान कर देंगे


बाजार में इन दिनों तरबूज के ढेर लगे हुए हैं. ऊपर से थोड़ा सख्त नजर आने वाला तरबूज अंदर से पानी-पानी होता है. अक्सर दुकानदार आपको तरबूज का एक टुकड़ा काटकर दिखाता होगा और उसके लाल रंग का वास्ता देकर आपको उसे खरीदने के लिए कहता होगा.

आप भी उसके लाल रंग को देखकर उसके मीठे होने का अंदाजा लगा लेती होंगी और खरीद लेती होंगी. पर क्या आप जानती हैं कि जिसे आप सिर्फ मीठा फल समझकर खरीद लायी हैं असल में वो गुणों की खान है:

✔तरबूज खाने के फायदे:

 तरबूज वियाग्रा दवा जैसा काम करता है, इसलिए जिन्हें इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्या होती है उनके लिए ये मददगार साबित होता है।
 तरबूज में लाइकोपिन पाया जाता है जो त्वचा की चमक को बरकरार रखता है.
 हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने में भी तरबूज एक रामबाण उपाय है. ये दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखता है. दरअसल ये कोलस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करता है जिससे इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.
विटामिन और की प्रचुर मात्रा होने के कारण ये शरीर के इम्यून सिस्टम को भी अच्छा रखता है. वहीं विटामिन ए आंखों के लिए अच्छा है.
 तरबूज खाने से दिमाग शांत रहता है और गुस्सा कम आता है. असल में तरबूज की तासीर ठंडी होती है इसलिए ये दिमाग को शांत रखता है.
 तरबूज के बीज भी कम उपयोगी नहीं होती हैं. बीजों को पीसकर चेहरे पर लगाने से निखार आता है. साथ ही इसका लेप सिर दर्द में भी आराम पहुंचाता है.
 तरबूज के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है. साथ ही खून की कमी होने पर इसका जूस फायदेमंद साबित होता है.
 तरबूज को चेहरे पर रगड़ने से निखार तो आता है ही साथ ही ब्लैकहेड्स भी हट जाते हैं.
तरबूज जो विटामिन ए, सी, बी-6 और मिनरल होते हैं वे प्रतिरक्षी क्षमता को उन्नत करने में मदद करते हैं। इससे शरीर अनेक प्रकार के रोगों से स्वयं ही लड़ पाता है।

रविवार, 24 सितंबर 2017

गोरी और बेदाग स्किन पाने लिए अपनाएं ये असरदार तरीके

गोरी और बेदाग स्किन पाने लिए अपनाएं ये असरदार तरीके


साफ, दमकती सुंदर त्वचा कौन नहीं चाहता है? लेकिन दाग-धब्बे सुंदरता में बाधक हैं। फिर चाहे वो धूप की वजह से टैनिंग हो या बरसों पुराना चोट का निशान हो। कुछ दाग काफी ज़िद्दी होते हैं और ये कई कोशिशें करने के बाद भी नहीं जाते। परंतु घरेलू नुस्खों से आप इन धब्बों से न सिर्फ छुटकारा पा सकती हैं, बल्कि आपकी स्किन भी ग्लोइंग हो जाएगी...

चेहरे के दाग-धब्बे आपकी खूूूबसूरती को जैसे कहीं छुपा देते हैं। चेहरे के बदसूरत दागों को हटाना हर लड़की की चाह होती है। दाग-धब्बों से निज़ात पाने का पहला स्टेप है कि जैसे ही आप उन्हें देखें उनका ईलाज शुरू कर दें। मुंहासों को बिल्कुल ना नोचें और ब्लैकहेड्स या व्हाइटहेड्स को ज़बरदस्ती निकालने की कोशिश ना करें। माइल्ड फेस वॉश से चेहरा नियमित रूप से धोएं और हफ्ते में एक बार हल्का एक्सफोलिएशन करें। धूप में ज़्यादा समय ना रहें।अगर आपको धूप में जाना पड़े तो हाई एसपीएफ का सनस्क्रीन ज़रूर इस्तेमाल करें। इससे आप पिगमेंटेशन और दाग-धब्बों से बच सकती हैं। सोने से पहले अपना मेक-अप उतार कर फेश वॉश कर लें और फिर कैलामाइन लोशन लगाएं।

1. नींबू का रस
नींबू के रस में सिट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। यह स्किन को एक्सफोलिएट करने के साथ-साथ एक्स्ट्रा अॉयल भी हटाता है और मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को भी ख़त्म करता है। नींबू पानी में एक टीस्पून शहद मिलाकर पीने से आपको दमकती त्वचा मिल सकती हैं। 


नींबू के रस को कॉटन की मदद से स्किन पर लगाएं। नींबू में एसिड अधिक मात्रा में होता है तो ख्याल रखें कि इसे स्किन पर 10-15 मिनट से ज्यादा देर ना रहने दें, ऐसा करने से स्किन में इरिटेशन हो सकती है। फिर चेहरा ठंडे पानी से धो लें। एक बाल्टी गुनगुने पानी में दो नींबू का रस मिलाकर कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है।

2. टमाटर का पल्प
टमाटर में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं इसलिए यह ग्लोइंग स्किन के लिए बेहद मुफीद है। टमाटर और दूध मिलाकर लगाने से क्‍लींजर का काम करता है। यह क्लीनज़र ना सिर्फ त्वचा से तेल निकालता है, बल्कि इससे डेड स्किन सेल्स भी हट जाती हैं। इससे चेहरे के निशान भी दूर होते हैं और साथ ही रूप भी निखरता है। हैल्दी स्किन पाने के लिए ताज़े टमाटर को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करें।टमाटर के पल्प से अपनी स्किन पर अच्छी तरह मसाज करें और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर इसे ठंडे पानी से धो लें। इससे न सिर्फ स्किन साफ़ होती है, बल्कि बड़े पोर्स भी शरिंक होते हैं। मुंहासे दूर करने के अलावा यह सनटैन से भी छुटकारा दिलाने में मददगार है।


3. चन्दन और गुलाब जल
गोरी रंगत देने के अलावा चंदन और गुलाबजल दोनों ही दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने और स्किन को रेडियंट बनाने में बेहद असरदार हैं। ये एलर्जी और पिंपल भी दूर करते हैं। दोनों को साथ में इस्तेमाल करने से आपको चमत्कारी नतीजे मिलते हैं।  चंदन पाउडर और गुलाबजल को समान मात्रा में लें और फाइन पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन में अच्छी तरह से लगाएं। जब यह सूखने लगे तो इसे धो लें। ऐसा नियमित रूप से करने से आपको फ्लोलैस स्किन मिल सकती हैं।


4. मेथी के पत्ते
अगर आप डार्क स्पॉट्स या मुंहासों के निशान से छुटकारा पाना चाहती हैं तो मेथी के पत्ते बहुत मददगार साबित होंगे। मेथी के पत्तों को चाय की तरह भी पी सकते हैं। पत्तो के साथ थोड़ी सी दालचीनी  डाल कर चाय बनाएं। यह पीने में टेस्टी है और स्किन की अच्छी दोस्त भी। मेथी के पत्तों को पानी के साथ अच्छे से मैश करके इनका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं और 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। जब यह पेस्ट पूरी तरह सूख जाए तब चेहरा ठंडे पानी से धो लें।


5. केले और खीरे का पैक 
केला और खीरा दोनों ही स्किन के लिए बहुत गुणकारी होते हैं। इनका मेल स्किन को बेहतरीन फायदे देता है। पका हुआ केला खाने में अच्‍छा नहीं लगता लेकिन आप इससे मॉइस्‍चराइजिंग फेस पैक बना सकते हैं। यह त्‍वचा से मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और नमी प्रदान करता है। खीरे के प्रयोग से त्वचा स्वस्थ एवं तंदरूस्त रहती है। छोटा आधा खीरा और एक केला मैश कर लें। इसमें एक टेबलस्पून शहद और एक नींबू का रस मिलाएं। इस में दो बूंद अॉलिव आयल की डालें और अच्छे से मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।


6. चावल का आटा
खूबसूरत और युवा त्वचा पाने के लिए चावलों का इस्तेमाल कई सदियों से हो रहा है। चीन और जापान की लड़कियों की खूबसूरत स्किन का राज़ है घर का बना चावल का फ़ेस स्क्रब। चावल के आटे और शहद को मिला कर पेस्ट बना लें। इसे अपने चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा लें। जब यह सूख जाए, तो पानी से चेहरा व गर्दन साफ कर लें। यह बहुत बढ़िया एक्सफोलिएंट और मॉइस्चराइज़र है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और स्किन नर्म और मुलायम हो जाती है।


7. केसर 
झुर्रियां आपके चेहरे की रंगत चुरा सकती हैं और इनका असर आपको समय से पहले ही बूढ़ा दिखा सकता है। केसर ना केवल चेहरे से दाग-धब्‍बे हटा कर चहरे को चमकदार बनाता है, बल्कि आपकी खोई रंगत भी लौटाता है। दही और क्रीम में थोड़ा सा केसर मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे धो लें। इससे इस्तेमाल से कुछ दिन में आपकी त्वचा गोरी होने लगेगी।


8. हल्दी 
त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी एक अच्छा तरीका है। हल्‍दी पाउडर में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण त्‍वचा संबंधी आम समस्‍याओं जैसे रैशेज को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मौजूद कुरकुमीन नामक तत्‍व त्‍वचा को आंतरिक रूप से चमक देते है। हल्दी में ताजी मलाई, दूध और बेसन या फिर आटा मिला कर गाढा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें।


9. शहद
शहद में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं। शहद लगाने से त्‍वचा एकदम चमकदार बनती है। एक बाउल में दो बड़े चम्‍मच शहद लेकर उसमें दो चम्‍मच दालचीनी पाउडर मिलाकर अच्‍छे से मिक्‍स कर दें। इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर अच्‍छे से पानी से साफ कर दें। यह उपाय कोमल त्वचा पाने के लिए बहुत फायदेमंद है।


10. ग्रीन टी
ग्रीन टी एंटी-ऑक्‍सीडेंट से भरपूर होने के कारण त्‍वचा को जवां बनाए रखने में मदद करती है। इसमें कैफीन की मात्रा बहुत कम होने के कारण यह त्‍वचा को ड्राई होने से बचाती है और त्‍वचा को मुलायम बनाती है। ग्रीन टी के बैग को फ्रिज में ठंडा करके उपयोग कर सकती हैं या पानी को उबाल लें और उसमें ग्रीन टी की पत्तियां मिला लें। फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद इसमें कुछ बूंदे शहद की मिलाकर इसे कॉटन की मदद से चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 10 मिनट ऐसा ही लगा रहने के बाद इसे पानी से धो लें।

शनिवार, 23 सितंबर 2017

त्वचा और बालों के लिए रामबाण है कॉफ़ी

त्वचा और बालों के लिए रामबाण है कॉफ़ी


कॉफी एक रिफ्रेशिंग पेय पदार्थ होने के साथ-साथ बालों और त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन विडंम्बना ये है की हममे से बहुतों को इसके फायदे पता ही नहींं हैं।कॉफी में कैफिन पाया जाता है जो बालों और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है अगर सही मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जाए तो। कॉफी पाउडर का इस्तेमाल करने से आँखों के नीचे के डार्क सर्कल भी ठीक हो जाते हैं और बालों की त्वचा भी स्वस्थ रहती है।

आइए जानते है कॉफी से होने वाले अन्य फायदों के बारे में-

डार्क सर्कल दूर करता है- कॉफी पीने से आँखों के नाचे के डार्क सर्कल धीरे-धीरे गायब हो जाते है। आप इसका इस्तेमाल पेस्ट बनाकर भी आँखों के नीचे लगाकर कर कर सकते हैं।

स्क्रब के रूप में इस्तेमाल करें- इसका इस्तेमाल आप चेहरे पे स्क्रब के रूप में भी कर सकते है। वैसे तो चेहरे पर स्क्रब का इस्तेमाल सभी करते है लेकिन काॅफी को स्क्रब के रूप में इस्तेमाल करने से चेहरे को काॅफी आराम मिलता है और चेहरे पे साइन भी आती है।

बैल्कहेड्स से निजात दिलाए- जिन्हें चेहरे और नाक पे बैल्कहेड्स की समस्या होती है उनके लिए काॅफी काफी मददगाार साबित हो सकता है। काॅफी पाउडर का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाए और 10 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धुल ले, ये ना सिर्फ आपके चेहरे से अत्यधिक तेल बाहर निकाल देगा बल्कि चेहरे की गंदगी को भी साफ करता है।

बालों में नई जान डाल दें- थोड़े से काॅफी पाउडर को हिना में या शैंपु में मिक्स करके बालों पर इस्तेमाल करें। इससे बालों का रंग भी अच्छा दिखेगा और बालों में चमक भी आएगी। ये रूसी की समस्या से भी निजात दिलाता है। अगर आप बालों में कलर लाने के लिए हिना का इस्तेमाल करते हैं तो रंग को और गाढ़ा करने के लिए इसमें थोड़ा सा काॅफी पाउडर मिक्स कर दें।

गुरुवार, 14 सितंबर 2017

चेहरे की हर समस्या के लिए लें भाप

चेहरे की हर समस्या के लिए लें भाप


भाप लेने के लिए सबसे पहले एक पतीले में एक लिटर पानी डालकर उसे उबाला जाता है पतिले जितना चौड़ा होगा उतना ही अच्छा रहता है पानी में अपने अनुकूल एक मुखी की करीब जड़ी-बूटियां भी मिलाई जा सकती है जब पानी उबलने लगता है तो उसके ऊपर करीब 30 से मी की ऊंचाई बनाए रख कर अपना चेहरा लगा लीजिए।

अगर भाग लेने से पहले विटामिन ई का एक कैप्शन खोकर उसे त्वचा के ऊपर लगा लिया जाए तो और भी ठीक रहता है विटामिन ई त्वचा के लिए बहुत उपयोगी रहता है।

आपकी त्वचा अगर ज्यादा  सुस्त बनी रहती है तो पति ले के पानी में कुछ बूंद इवनिंग प्रिमरोज आयल की भी मिलाई जा सकती है इवनिंग फ्री बरोज ऑयल चेहरा कि  सुस्त को तेज से गायब कर देता है।

पतीले से जब भाप बनकर ऊपर लगे तो चेहरे को उसके ऊपर से ले जाकर सिर के ऊपर से एक  तोलिया डाल डाल लिया जाता है तब की बात सीधे चेहरे के ऊपर आने लगे।

चेहरे पर 8 से 10 मिनट तक इस सटीम देना ही पर्याप्त होता है इस्टीम लेने के बाद चेहरे पर गुनगुने पानी के छीटे मारकर त्वचा को धो लेना चाहिए और सुखी तौलिए की मदद से उसे सुखा लिया जाता है यद्यपि इस समय एक बात का आवश्यक ख्याल रखना चाहिए की भाप लेने के बाद चेहरे के ऊपर ना तो ठंडा पानी ही डाल डाला जाय और ना ही एकाएक एयर कंडीशनर वाले कमरों में ही प्रवेश किया जाए।

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

गोरी रंगत चाहते हैं तो नहाने के पानी में मिलाएं ये चीज़ें

गोरी रंगत चाहते हैं तो नहाने के पानी में मिलाएं ये चीज़ें


सभी महिलाएं गोरी और मुलायम त्वचा पाना चाहती हैं लेकिन समय न मिलने की वजह से वह इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं कर पाती। इसके लिए सिर्फ नहाने से भी गोरी रंगत पाई जा सकती है। नहाने के पानी में कुछ ऐसी चीजें मिला सकते हैं जिससे त्वचा मुलायम और गोरी होती है। आइए जानिए नहाने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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1. वाइन

वाइन का इस्तेमाल सिर्फ नशा करने के लिए ही नहीं रूप निखारने के लिए भी किया जा सकता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट समय से पहले होने वाले वृद्धावस्था को रोकता है और त्वचा को जवान और स्वस्थ बनाता है। इसके लिए नहाने के पानी में 5 से 8 चम्मच वाइन मिलकार नहाना चाहिए। कुछ दिन तक ऐसा करने से त्वचा में काफी फर्क देखने को मिलता है।
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2. एसेंशियल ऑइल्स

किसी भी सुगंध वाले तेल को एसेंशियल ऑयल कहते हैं। नहाने के पानी में अपनी पसंद से कोई भी तेल मिलाकर नहाने से बहुत फायदा होता है। अकेला एसेंशियल तेल भी त्वचा पर इस्तेमाल करने से स्किन की रंगत खिल उठती है। अपनी त्वचा के हिसाब से नारियल या जैतून का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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3. शहद

चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए शहद का काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसको किसी भी रूप में इस्तेमाल करने से त्वचा को फायदा ही होता है। नहाने के पानी में 2-3 चम्मच शहद मिलाने से स्किन की रंगत खिल उठती है। इसमें पाया जाने वाला एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो त्वचा को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं।
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4. दूध

दूध में उपस्थित विटामिन और प्रोटीन त्वचा को चमकदार और हाइड्रेट करता है। नहाने के पानी में एक से डेढ़ गिलास दूध मिलाने से सुखी, झुलसी हुई और संवेदनशील त्वचा को काफी लाभ होता है।
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5. ओट्स

खाने के अलावा नहाने के पानी में भी ओट्स मिलाने से रंग निखरता है। इसे ओटमील बाथ कहा जाता है। इस पानी से नहाने से त्वचा को आराम पहुंचता है और रूखी और खुजलीदार स्किन को भी ठीक करता है।

सोमवार, 28 अगस्त 2017

सुबह उठ कर ताम्बे के बर्तन के पानी पीने के लाभ

सुबह उठ कर ताम्बे के बर्तन के पानी पीने के लाभ


कहा जाता है कि रात को तांबे के पात्र में पानी रख दें और सुबह इस पानी को पिएं तो अनेक फायदे होते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि यह पानी शरीर के कई दोषों को शांत करता है। साथ ही, इस पानी से शरीर के जहरीले तत्व बाहर निकल जाते हैं। रात को इस तरह तांबे के बर्तन में संग्रहित पानी को ताम्रजल के नाम से जाना जाता है। ये ध्यान रखने वाली बात है कि तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे तक रखा हुआ पानी ही लाभकारी होता है । जिन लोगों को कफ की समस्या ज्यादा रहती है, उन्हें इस पानी में तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। बहुत कम लोग जानते हैं कि तांबे के बर्तन का पानी पीने के बहुत सारे फायदे हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से होने वाले कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में:

स्किन को बनाए स्वस्थ- अधिकतर लोग हेल्दी स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स का उपयोग करते हैं। वो मानते हैं कि अच्छे कॉस्मेटिक्स यूज करने से त्वचा सुंदर हो जाती है, लेकिन ये सच नहीं है। स्किन पर सबसे अधिक प्रभाव आपकी दिनचर्या और खानपान का पड़ता है। इसीलिए अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में रातभर पानी रखें और सुबह उस पानी को पी लें। नियमित रूप से इस नुस्खे को अपनाने से स्किन ग्लोइंग और स्वस्थ लगने लगेगी।

थायराइड को करता है नियंत्रित - थायरेक्सीन हार्मोन के असंतुलन के कारण थायराइड की बीमारी होती है। थायराइड के प्रमुख लक्षणों में तेजी से वजन घटना या बढ़ना, अधिक थकान महसूस होना आदि हैं। थायराइड एक्सपर्ट मानते है कि कॉपर के स्पर्श वाला पानी शरीर में थायरेक्सीन हार्मोन को बैलेंस कर देता है। यह इस ग्रंथि की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है। तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से रोग नियंत्रित हो जाता है।

गठिया में होता है फायदेमंद - आजकल कई लोगों को कम उम्र में ही गठिया और जोड़ों में दर्द की समस्या सताने लगती हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो रोज तांबे के पात्र का पानी पिएं। गठिया की शिकायत होने पर तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पीने से लाभ मिलता है। तांबे के बर्तन में ऐसे गुण आ जाते हैं,
जिनसे बॉडी में यूरिक एसिड कम हो जाता है और गठिया व जोड़ों में सूजन के कारण होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

हमेशा दिखेंगे जवान - कहते हैं, जो पानी ज्यादा पीता है उसकी स्किन पर अधिक उम्र में भी झुर्रियां दिखाई नहीं देती हैं। ये बात एकदम सही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप तांबे के बर्तन में जल को रखकर पिएं
तो इससे त्वचा का ढीलापन आदि दूर हो जाता है। डेड स्किन भी निकल जाती है और चेहरा हमेशा चमकता हुआ दिखाई देता है।

पाचन क्रिया को ठीक करता है- एसिडिटी या गैस या पेट की कोई दूसरी समस्या होने पर तांबे के बर्तन का पानी अमृत की तरह काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप अपने शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे रखा हुआ जल पिएं। इससे राहत मिलेगी और पाचन की समस्याएं भी दूर होंगी।

खून की कमी करता है दूर - एनीमिया या खून की कमी एक ऐसी समस्या है जिससे 30 की उम्र से अधिक की कई भारतीय महिलाएं परेशान हैं। कॉपर के बारे में यह तथ्य सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक है कि यह शरीर की अधिकांश प्रक्रियाओं में बेहद आवश्यक होता है। यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करता है। इसी कारण तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से खून की कमी या विकार दूर हो जाते हैं।

दिल को बनाए हेल्दी - तनाव आजकल सभी की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इसीलिए दिल के रोग और तनाव से ग्रसित लोगों की संख्या तेजी बढ़ती जा रही है। यदि आपके साथ भी ये परेशानी है तो तो तांबे के जग में रात को पानी रख दें। सुबह उठकर इसे पी लें। तांबे के बर्तन में रखे हुए जल को पीने से पूरे शरीर में रक्त का संचार बेहतरीन रहता है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है और दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।

कैंसर से लड़ने में सहायक- कैंसर होने पर हमेशा तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पीना चाहिए। इससे लाभ मिलता है। तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करता है। इस प्रकार के जल में एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो इस रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, कॉपर कई तरीके से कैंसर मरीज की हेल्प करता है। यह धातु लाभकारी होती है।

सूक्ष्मजीवों को खत्म करता है- तांबे की प्रकृति में ऑलीगोडायनेमिक के रूप में ( बैक्टीरिया पर धातुओं की स्टरलाइज प्रभाव )माना जाता हे।

शनिवार, 26 अगस्त 2017

आंखें फटी रह जाएंगी तुलसी के पत्तों के यह फायदे जानकर

आंखें फटी रह जाएंगी तुलसी के पत्तों के यह फायदे जानकर


तुलसी के पौधे को एक औषधि के रूप में जाना जाता है। भारत में लोग इसे घर के आंगन में लगाते हैं और इसकी पूजा करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि संसार में तमाम तरह के पौधे हैं लेकिन इसकी ही पूजा क्यों की जाती है? वास्तव में कई अध्ययनों में यह साबित हो गया है कि इस पौधे में कई रोगों को ठीक करने की क्षमता होती है।
अध्ययनों के अनुसार, तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल सर्दी-खांसी, पेट दर्द, पेशाब संबंधी रोगों, पाचन बेहतर करने, आंखों की समस्याओं, हिचकी, मतली, उल्टी, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मुंह के छाले, माइग्रेन, कान का दर्द, अवसाद, अनिद्रा, शीघ्रपतन, अल्सर आदि समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इतना ही नहीं यह त्वचा से जुड़े रोगों के इलाज के लिए भी बेहतर चीज है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। हम आपको तुलसी के कुछ लाभ बता रहे हैं।

1. बुखार कम करते हैं तुलसी के पत्ते
तुलसी के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जिस वजह से इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी का काढ़ा पीने से बुखार कम होता है। थोड़े पानी में तुलसी के पत्ते और दालचीनी डालकर उबाल लें। बुखार होने पर इस काढ़े को दिन मई कई बार पिएं।

2. डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक
तुलसी के पत्तों में एंटी-ऑक्सिडेंट्स गुण होते हैं, जिस वजह से यह पैनक्रियाटिक बीटा सेल्स के कामकाज में सुधार करते हैं। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। यह ब्लड शुगर को कम करके डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार हैं।

3. दिल को स्वस्थ रखते हैं
जाहिर है तुलसी के पत्तों में एंटी-ऑक्सिडेंट्स गुण होते हैं जिस वजह से यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके दिल को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। अध्ययनों के अनुसार, रोजाना तुलसी के पत्ते चबाने से हृदय संबंधी रोगों से बचा जा सकता है।

4. तनाव कम करने में सहायक
एक अध्ययन के अनुसार तुलसी में तनाव वाले हार्मोन कॉर्टिसॉल को कम करने की क्षमता होती है। जाहिर है इस हार्मोन का लेवल कम होने से आपको तनाव से राहत मिलती है। इसके अलावा तुलसी ब्लूस सर्कुलेशन को कंट्रोल कर और फ्री रैडिकल डैमेज से बचाकर आपको तनाव से बचाती है। तनाव कम करने के लिए इससे नैचुरल तरीका क्या होगा भला।

5. किडनियों के स्वस्थ रखते हैं तुलसी के हरे पत्ते
तुलसी में ड्यूरेटिक और डिटॉक्सिफाइ गुण होते हैं जिस वजह से यह आपकी किडनियों को स्वस्थ रखने में सहायक है। यह खून में युरिक एसिड लेवल को कम करती है। इसके अलावा इसके एसिटिक एसिड और एस्सेंशल ऑयल गुण किडनी की पथरी को कम करते हैं।

6. स्मोकिंग की बुरी आदत छुड़ा सकते हैं तुलसी के चंद पत्ते
अगर आपको स्मोकिंग की बुरी लत है और आप इससे मुक्ति पाना चाहते हैं, तो जब भी आपको सिगरेट पीने की इच्छा करे, तो आप तुलसी के कुछ पत्ते चबा लें। तुलसी में एंटी-स्ट्रेस यौगिक होते हैं, जो स्मोकिंग छोड़ने के बाद महसूस होने वाले तनाव को कम करते हैं।

7. त्वचा के लिए भी फायदेमंद है तुलसी
तुलसी के पत्तों के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करता है। इसके प्यूरीफाइ गुण खून को साफ करते हैं, जिससे आपके चहरे पर चमक आती है। इसके एंटी ऑक्सिडेंट्स और एंटी बैक्टिरीयल गुण आपको मुहांसों से बचाते हैं।

8. माइग्रेन के इलाज करते हैं तुलसी के पत्ते
तुलसी में पेनकिलर गुण होते हैं जिस वजह से यह माइग्रेन के कारण होने वाले सिर दर्द को कम करती है। रोजाना तुलसी के चार से पांच हरे पत्ते चबाने से माइग्रेन की समस्या में आराम मिलता है।

बुधवार, 23 अगस्त 2017

ये 5 लक्षण बताते हैं कि आँते कमजोर हैं, कही आपके साथ भी तो कमजोर आँतों की समस्या नही है ?

ये 5 लक्षण बताते हैं कि आँते कमजोर हैं, कही आपके साथ भी तो कमजोर आँतों की समस्या नही है ?


स्वास्थ्य के लिए एक व्यवस्थित कार्यशील पाचन तंत्र आवश्यक है गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में बहुत से बैक्टीरिया पाये जाते है, जो कई महत्वपूर्ण कार्यों को करने में सहायता करते है। ये अच्छे बैक्टीरिया शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं, अच्छा महसूस करवाने वाले सेरेरोटोनिन का मस्तिष्क में उत्पादन करते हैं, भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, और शरीर से हानिकारक पदार्थों और विषाक्त पदार्थों को नष्ट करते हैं । किंतु यदि जठरांत्र संबंधी मार्ग में अच्छे जीवाणुओं की तुलना में खराब जीवाणु अधिक हो जाते है, तो समस्यायें पैदा होने लगती हैं । आंत में बैक्टीरिया के असंतुलन से संभावित रूप से अन्य अंगों और शारीरिक प्रणालियों के सुचारू रूप से काम करने पर भी प्रभाव पड़ता है ।
वास्तव में, आँत में बैक्टिरिया के असंतुलन से हार्मोनल असंतुलन, ऑटोइम्यून बीमारिया, मधुमेह, लगातार बनी रहने वाली थकान, फाइब्रोमायलजिआ, चिंता, अवसाद, एक्जिमा, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं भी पैदा हो जाती है । अधिकांश लोगों को यह भी पता नहीं चलता है कि उनके पेट में जीवाणुओं का असन्तुलन हो रहा है अतः समस्या का उपचार भी नही हो पाता है। अस्वास्थ्य आंत के संकेतों को जानने से आपको इस समस्या को पहचानने और उसका समाधान करने में सहायता मिलेगी ।

1. पाचन समस्या
अफारा, गैस, दस्त या अनियमित शौच पेट में बैक्टीरिया के असंतुलन का एक स्पष्ट संकेत हैं आपके पेट के बैक्टीरिया भोजन को पचाने और तोड़ने के लिए काम करते हैं, यह सामान्य है कि इस प्रक्रिया में गैसों पैदा हो । लेकिन गंभीर गैस, सूजन या फटना असंतुलित पाचन तंत्र के कारण हो सकती है। खराब खाद्य पदार्थों की वजह से अत्यधिक गैस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में एकत्रित हो सकती हैं, जो बड़े आंत में बैक्टीरिया की वजह से उत्पन्न होती हैं जहां गैस का उत्पादन होता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाने के बाद पाचन असुविधाएं विशेष रूप से गंभीर हो सकती हैं एसिड रिफ्लक्स, सूजन, संग्रहणी रोग और बड़ी आँत की सूजन, ये सभी रोग पेट में बैक्टिरिया के असंतुलन से जुड़े हुए होते हैं।

2. विटामिन और खनिज की कमी
पाचन तंत्र की प्राथमिक भूमिका यह है कि आपके द्वारा खाये जाने वाले भोजन को तोड़कर शरीर की सभी कोशिकाओं में पोषक तत्वों की आपूर्ति करें। इन पोषक तत्वों का शरीर के विकास, मरम्मत और ऊर्जा के लिए कोशिकाओं द्वारा उपयोग किया जाता है जब पेट में बैक्टीरिया के असंतुलन के कारण पाचन प्रक्रिया सुचारू नही होती है, तो पोषक तत्वों का शरीर द्वारा अवशोषण कम होता है। समय के साथ, यह पोषण संबंधी बीमारियों को पैदा कर सकता है एक अस्वास्थ्य आंत के कारण आने वाली कमियों में विटामिन डी, के, बी 12 और बी 7 के साथ-साथ मैग्नीशियम के अपर्याप्त स्तर शामिल हैं।
आपका चिकित्सक यह निर्धारित करने में मदद कर सकता है कि क्या आप के शरीर में किसी भी पोषक तत्व की कमी है और क्या यह एक अस्वास्थ्य आंत या कुछ अन्य सम्बंधित कारण से हो सकता है।

3. शारीरिक ऊर्जा में कमी
यदि आपको पूरे दिन नींद आती रहती है और ऐसा इसके बावजूद होता है कि आपने रात में पर्याप्त नींद ली है और भोजन भी समुचित पोषक किया है तो यह एक अस्वस्थ पेट का संकेत हो सकता है चयापचय एक जटिल प्रक्रिया है जिसके लिए ईंधन के लिए भोजन के रासायनिक रूप से टूटने की आवश्यकता होती है, जो आंतों में जीवाणुओं द्वारा किया जाता है। आंत के जीवाणुओं का असंतुलन आपके शरीर को पोषक तत्वों को अवशोषित करने से रोक सकता है, जिससे आपको हर समय थकान महसूस हो रही है। इसके अलावा, ऐसा होने से टॉक्सिन पदार्थ आँतों से होते हुये पूरे शरीर में पहुँच जाते हैं जिसके कारण ऊर्जा का स्तर प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, अस्वास्थ्य आंत के कारण सूजन बढाने वाले कुछ यौगिकों में वृद्धि हो सकती है जिन्हें साइटोकिन्स कहा जाता है, इनका सीधा सीधा सम्बंध थकान के साथ जुड़ा होता हैं।

4. ऑटोइम्यून (प्रतिरक्षा तंत्र सम्बन्धि) रोगों से संबंधित सूजन
ऑटोम्यूमिन रोगों जैसे रयूमेटोइड आर्थाराइटिस, क्रोहन रोग और ल्यूपस आदि का सम्बंध भी आँतों से जुड़ा हुआ है। आंत में मौजूद अच्छे और खराब बैक्टीरिया में असंतुलन, शरीर की प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया को उत्तेजित कर सकता है जो स्वप्रतिरक्षी बीमारियों वाले लोगों में सूजन पैदा कर सकता है।

5. त्वचा की समस्याएं
मुँहासे, एक्जिमा और परतदार त्वचा (सोराइसिस) जैसे त्वचा के रोग पेट के खराब स्वास्थ्य से संबंधित हो सकते हैं। वास्तव में, विशेषज्ञों ने आंत-मस्तिष्क-त्वचा के आपसी सम्बन्ध को पहचान लिया है जो यह बताता है कि कैसे पेट का स्वास्थ्य पूरे शरीर के अंगों में सूजन को प्रभावित करती है, जिसमें त्वचा भी शामिल है। सूजन त्वचा के कई रोगों में देखने को आती है, विशेषकर मुँहासे और सोराइसिस के रोगों में । यदि आप अचानक मुँहासे, चर्मरोग,सोराइसिस, एक्जिमा आदि रोगों से ग्रसित हो गये हैं तो यह आँत में बैक्टिरिया के असन्तुलन का एक स्पष्ट संकेत हो सकता है ।

शुक्रवार, 18 अगस्त 2017

टमाटर के यह फायदे जानकार आप टमाटर खाए बिना नहीं रह पाएंगे

टमाटर के यह फायदे जानकार आप टमाटर खाए बिना नहीं रह पाएंगे


टमाटर एक फल है जिसे एक सब्जी भी कहा जा सकता है, भारत में ज्यादातर व्यंजनों में टमाटर का उपयोग किया जाता है, जितना ज्यादा आप इसका सेवन करोगे उतना ही ज्यादा आपको इसका लाभ मिलेंगा. वर्तमान में भारत टमाटर का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला देश है. ज्यादातर टमाटर लाल रंग के ही होते है लेकिन बाजार में अलग-अलग रंगों के टमाटर भी मिलते है. टमाटर प्राकृतिक विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते है जिनमे विशेष रूप से विटामिन A, K, B1,B3, B5, B6, B7 और विटामिन C का समावेश होता है. इसके साथ ही टमाटर में फोलेट, आयरन, पोटेशियम, मेंग्नेशियम, क्रोनियम, कोलिन, जिंक और फास्फोरस भी होता है. आइये जानते है की इस फल का आप ज्यादा से ज्यादा कैसे उपयोग कर सकते है?

1. त्वचा और बालो के लिये लाभदायक – Benefits Of Tomato For Skin And Hair
वर्तमान में बढ़ते प्रदुषण के कारण हमारी त्वचा और बाल अन्दर से जलने लगते है. टमाटर को अपने रोज़ के आहार में शामिल करने से वे आपकी त्वचा पर बैठे प्रदुषण से लढने में सहायक होते है. टमाटर में लाय्कोपेन (Lycopene) होता है, जिसका उपयोग साधारणतः त्वचा को साफ़ करने के लिये किया जाता है. टमाटर को सलाद की तरह खाने के साथ ही आप उसमे से निकले गुदे को अपने चेहरे पर भी लगा सकते हो, टमाटर का गुदा आपके लिये फेस मास्क की तरह ही काम करेगा. इसे लगाने से आपकी त्वचा निखर उठेगी और ताज़ा दिखेगी. और टमाटर में पाया जाने वाला विटामिन A आपके बालो को बाहरी डैमेज से बचाता है / Benefits Of Tomato

2. यह कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है –
टमाटर / Tamatar में पाया जाने वाला लय्कोपेन (Lycopene) कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है, विशेष रूप से यह पेट और कोलेरेक्टाल (Colorectal) के कैंसर को रोकता है. यदि आप टमाटर को पकाओगे तो असल में लय्कोपेन (Lycopene) का उत्पादन भी बढ़ता है इसीलिये आप टमाटर को चाहे जितना पका सकते हो.

3. धुम्रपान से हुए नुकसान को ठीक करता है –
जब हम धुम्रपान करना छोड़ देते है तो कीवी हमारी आतंरिक यंत्रणा को सँभालने में सहायक होते है. लेकिन टमाटर में पाया जाने वाला कोउमरिक (Coumaric) एसिड और क्लोरोजेनिक (Choloregenic) एसिड सिगरेट के धुम्रपान से होने वाले नुकसान को रोकता है. इसका मतलब टमाटर धुम्रपान से होने वाले आतंरिक नुकसान को ठीक करता है और शरीर की रक्षा करता है.

4. हड्डियों के लिये लाभदायक है –
क्या आप जानते है की टमाटर में विटामिन K और कैल्शियम होता है? इसका मतलब जितना ज्यादा आप टमाटर का सेवन करोंगे उतनी ज्यादा आपकी हड्डियाँ मजबूत होंगी.

5. यह एक महान एंटी-ओक्सिडेंट है –
टमाटर / Tomato विटामिन A और विटामिन C का अच्छा स्त्रोत है. और ये दो विटामिन्स शरीर के खून में हानिकारक रेडिकल्स को मिलने से रोकते है. टमाटर में पाए जाने वाले विटामिन C को शरीर तक पहोचाने के लिये इसे कच्चा खाने की जरुरत होती है. इसे आप सलाद के रूप में भी खा सकते है.

6. टमाटर / Tamatar आपके दिल की सहायता करता है –
टमाटर / Tomato टूटे हुए दिल को स्वस्थ तो नही कर सकता लेकिन इसके पाया जाने वाला विटामिन A, विटामिन B और पोटेशियम खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करते है. लम्बे समय तक देखा जाये तो टमाटर दिल से सम्बंधित बीमारियाँ होने से बचाता है.

7. ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है –
टमाटर / Tamatar में एक मिनरल्स होता है जिसे क्रोमियम कहते है. लेकिन क्या आप यह जानते है की क्रोमियम ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करता है? इसीलिये जिन्हें मधुमेह (Diabetes) है या जिनके परिवार में किसी को मधुमेह (Diabetes) है उन्हें अपने खाने में टमाटर को अवश्य शामिल करना ही चाहिये.

8. पाचन शक्ति को क्रियाशील बनाता है –
टमाटर / Tomato पाचन शक्ति को सक्रीय बनाता है और साथ ही लीवर को भी क्रियाशील बनाता है. टमाटर हमें कब्ज से भी बचाता है. इसीलिये यदि आप कभी कुछ ज्यादा मसालेदार या लज्जतदार खाना खाते हो तो खाने के बाद थोडा टमाटर जरुर खाये.

9. आपकी प्रतिरक्षा / Immunity पर ही काम करता है –
जब आप अपनी प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ानी हो तो ताज़ा टमाटर का ज्युस आपके लिये अमृत के समान होगा. टमाटर में पाया जाने वाला विटामिन C हानिकारक हार्मोन्स को बढ़ने से रोकता है और शरीर को स्वस्थ और फुर्तीला रखने में सहायता करता है.

10. चर्बी को कम करने में सहायक –
यदि आपको अपनी चर्बी (मोटापा / Motapa) कम करना है तो आपको अपने आहार में टमाटर को शामिल करना ही होगा. टमाटर एमिनो एसिड कार्नीटाइन (Carnitine) के उत्पादन को बढाता है जो शरीर में पायी जाने वाली ज्यादातर चर्बी को कम करता है, इसमें शरीर की 30% चर्बी कम करने की क्षमता होती है.