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बुधवार, 7 मार्च 2018

हर तरह की समस्या दूर कर सकता है नारियल

हर तरह की समस्या दूर कर सकता है नारियल


हिंदू धर्म में नारियल को बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। नारियल का उपयोग पूजा-पाठ और विवाहिक कार्यो में किया जाता है। भारतीय रीति-रिवाज में इसको बहुत ज्यादा शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता हैं। नारियल को देवी-देवताओं के भोग के लिए चढ़ाया जाता है तथा इसे उपहार, मंगल कलश और हवन यज्ञ संबधित कार्यो के काम में भी लिया जाता हैं। तंत्रो के अंदर भी नारियल को परेशानियाँ हटाने वाला और तकदीर बनाने वाला बताया गया है। जानिये कैसे आप तंत्र शिक्षा के अनुसार नारियल का इस्तेमाल करके अपनी तकदीर बना सकते है।

गरीबी की समस्या से मुक्ति पाने के लिए
हर शुक्रवार को सुबह जल्दी नहाने के बाद श्री गणेश और महालक्ष्मी का पूजन करें। पूजन में एक नारियल रखें। पूजन करने के बाद उस नारियल को तिजोरी के अंदर रख दें। रात के समय इस नारियल को निकालकर श्री गणेश के मंदिर में रख दें। ऐसा 5 शुक्रवार तक करने पर पैसो से जुडी समस्याएं दूर हो जाती है।

अगर व्यापार में हानि हो रही हो तो
कारोबार में बार-बार हानि हो रही हो तो गुरुवार को एक नारियल सवा मीटर पीले वस्त्र में लपेटकर एक जोड़ा जनेऊ, सवा पाव मिठाई के साथ आस-पास के किसी भी विष्णु मंदिर में संकल्प के साथ चढ़ा दें। तत्काल ही व्यापार चल निकलेगा।

कर्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए
शनिवार के दिन सुबह नहाने के बाद अपनी लंबाई के अनुसार काला धागा लें और फिर काले धागे को नारियल पर लपेट लें। नारियल का पूजन करें इसके बाद नारियल को नदी के बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही ईश्वर से ऋण मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

यदि आपके पास पैसा नहीं टिकता हो तो
आपके पास पैसा नहीं टिकता हो तो शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर में एक जटावाला नारियल, गुबाल, कमल फूल की माला, सवा मीटर गुलाबी और सफेद कपड़ा, सवा पाव चमेली का तेल, दही, सफेद मिठाई एक जोड़ा जनेऊ के साथ माता को अर्पित करें। इसके बाद कपूर  और देसी घी से आरती करें और श्री सुक्त का पाठ करें। पैसों सम्बंधित समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

अपने कार्यो में सफलता पाने के लिए
अगर कोई काम काफी प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पा रहा है तो आप एक लाल रंग का सूती कपड़ा लें और उसमे रेशेयुक्त नारियल को लपेट लें और फिर बहते हुई जल में प्रवाहित कर दें। जिस समय आप नारियल को जल में बहा रहे हों उस समय उस नारियल से सात बार अपनी कामना जरूर कहें।

कालसर्प और शनि दोष निवारण हेतु
शनिवार के दिन नारियल को काले कपड़े में लपेटें। 100gm काले तिल, 100gm उड़द की दाल तथा एक कील के साथ उसे बहते हुए जल में प्रवाहित करें। ऐसा करना बहुत ही लाभकारी होता है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो या राहु-केतु अशुभ फल दे रहे हों तो ऐसा समय समय पर करते रहने से दोष दूर हो जाते हैं।

बीमारी या संकट हटाने के लिए
एक नारियल लें और उसे बीमार या संकटग्रस्त व्यक्ति के ऊपर से 21 बार वारकर किसी देवस्थान की अग्नि में डाल दें। यह उपाय आप मंगलवार और शनिवार के दिन ही करें। ऐसा 5 बार ही करें मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा पढ़े और एक बार उनको चौला चढ़ा दें।

शनि संकट से मुक्ति हेतु
7 शनिवार को किसी नदी में नारियल प्रवाहित करें। ध्यान रहे कि लगातार 7 शनिवार करें। नारियल प्रवाहित करते हुए इस मंत्र का भी जप करें - ॐ रामदूताय नमः ||

लंबे समय तक स्थाई नौकरी पाने के लिए
नारियल के छिलकों को जलाकर भस्म तैयार करें पानी मिलाकर उसकी लुगदी बनाएं। लुगदी की 7 पुड़िया बनाएं। जिसमे से 4 पुड़िया घर के चारों कोनों में रखें और बची हुई पूड़ियों में से एक पुड़िया मकान की छत पर, एक पीपल के पेड़ की जड़ में और एक अपनी जेब में रखें। 7 दिनों के बाद सभी पुड़िया एक जगह पर इकट्ठी कर लें। फिर उसे वहाँ छुपाकर रखे जहाँ से आप आजीविका कमाना चाहते है।

रविवार, 26 नवंबर 2017

जानिए क्या होगा अगर भगवान पर चढ़ाने वाला नारियल खराब निकलेगा तो…

जानिए क्या होगा अगर भगवान पर चढ़ाने वाला नारियल खराब निकलेगा तो…


जैसा आपको पता है कि अक्सर लोग कोई मुराद पूरी करने के लिए भगवान को नारियल चढ़ाते हैं, यदि नारियल खराब निकलता है चढ़ाने वाले को डर लगता है कि कहीं मुराद पूरी नहीं होगी या यह तो अपशकुन हो गया। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंक शास्त्रों की माने नारियल खराब निकलना भी शुभ माना जाता है।

कई बार हम घर में कोई पूजा रखते हैं और पूजा के दौरान हमारा नारियल का गोला खराब निकल जाता है। पूजा करने वाले के व्यक्ति के मन में शंका हो जाती है। अब क्या होगा।
शास्त्रों में माना गया है कि अगर आपका चढ़ाया नारियल का गोला खराब निकलता है। तो यह शुभ संकेत होता है। नारियल खराब होने का यह मतलब कतई नहीं है कि भगवान ने आपकी पूजा स्वीकार नहीं की, बल्कि भगवान ने आपकी सुन ली है, और आपकी पूजा को भी स्वीकार कर लिया है।
पंड़ितों का मानना है कि नारियल के खराब होने का यह संकेत होता है कि जिस भक्ति भाव से आपने अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए नारियल चढ़ाया है वह भगवान ने स्वीकार कर लिया है। हां अगर आपका नारियल अंदर से ठीक निकलता है तो उसे आपको सभी भक्तों व लोगों में बांट दिया जायें। जितने ज्यादा लोगों में आप प्रसाद का वितरण करेंगे उतनी ही जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
कहते हैं भगवान और आपके मध्य में भक्ति-भाव का सम्बंध होता है। यदि अगर आपका नारियल खराब निकले, तब भी आपको अपने भगवान पर भरोसा और विश्वास बनाये रखना होगा। उनकी भक्ति और आपके बीच नारियल का खराब होना कुछ नहीं होना चहिए। मन सच्चा तो सब चंगा।

मंगलवार, 14 नवंबर 2017

स्त्रियों को भूलकर भी नही तोड़ना चाहिये नारियल जाने नारियल के असरदार टोटके

स्त्रियों को भूलकर भी नही तोड़ना चाहिये नारियल जाने नारियल के असरदार टोटके


हमारे पुराने वेदों में बताये गए नियमो में से कुछ नियम स्त्रियों को भूलकर भी नही तोड़ना चाहिये नारियल जाने नारियल के असरदार टोटके  के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। स्त्रियों को पूजा से संबधित कार्यो में कभी भी नारियल नहीं फोड़ना चाहिए। देखा होगा की अधिकत्तर शुभ कार्यो एवं धार्मिक संबंधित कार्यो में नारियल का प्रयोग किया जाता है। बिना नारियल के पूजा को अधूरा माना जाता है। नारियल से शारीरिक दुर्बलता भी दूर होती है।

नारियल को श्रीफल के नाम से भी जाना जाता है भगवान विष्णु जब पृथ्वी में प्रकट हुए तब स्वर्ग से वे अपने साथ तीन चीजे भी लाये। जिनमे पहली चीज़ थी माता लक्ष्मी, दूसरी चीज वे अपने साथ कामधेनु गाय लाये थे तथा तीसरी व आखरी चीज़ थी नारियल का वृक्ष। क्योकि यह भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी का फल है यही कारण है की इसे श्रीफल के नाम से जाना जाता है. इसमें त्रिदेवो ब्र्ह्मा, विष्णु तथा महेश का वास होता है।
महादेव शिव को श्रीफल अर्थात नारियल अत्यन्त प्रिय है तथा श्रीफल में स्थित तीन नेत्र भगवान शिव के त्रिनेत्रों को प्रदर्शित करते है। देवी देवताओ को श्री फल चढ़ाने से धन संबंधित समस्याओं का समाधान होता है।
हमारे हिन्दू सनातन धर्म के हर पूजा में श्रीफल अर्थात नारियल का महत्वपूर्ण योगदान है, चाहे वह धर्म से संबंधित वैदिक कार्य हो या देविक कार्य कोई भी कार्य नारियल के बलिदान के बिना अधूरी मानी जाती है।
परन्तु यह भी एक तथ्य है की स्त्रियों के द्वारा नारियल को नहीं फोड़ा जा सकता क्योकि श्रीफल अर्थात नारियल एक बीज फल है जो उत्पादन या प्रजनन का कारक है. श्रीफल प्रजनन क्षमता से जोड़ा गया है. स्त्रियाँ बीज रूप में ही शिशु को जन्म देती है यही कारण है की स्त्रियों को बीज रूपी नारियल को नहीं फोड़ना चाहिए।

ऐसा करना शास्त्रों में अशुभ माना गया है । देवी देवताओ की पूजा साधना आदि के बाद केवल पुरुषों द्वारा ही नारियल को फोड़ा जा सकता है।

शनि की शांति हेतु भी नारियल के जल से महादेव शिव का रुद्राभिषेक करने का शास्त्रीय प्रावधान है। हमारे सनातन धर्म के अनुसार श्रीफल शुभ, समृद्धि, शांति तथा उन्नति का सूचक माना जाता है। किसी व्यक्ति को सम्मान देने के लिए भी शाल में श्रीफल को लपेट कर दिया जाता है।

हमारे हिन्दू समाज में यह परम्परा युगों से अब तक लगातार चली आ रही है की किसी भी शुभ कार्य अथवा रीती रिवाजो में श्री फल वितरण किया जाता है। जब विवाह सुनिश्चित हो जाए अथवा तिलक लगाने का कार्य हो तो भी श्रीफल भेट किया जाता है।

कन्या के विदाई के समय उसके पिता द्वार अपनी पुत्री को धन के साथ श्रीफल दिया जाता है. यहाँ तक की अंतिम संस्कार के कार्यो में भी चिता के साथ नारियल जलाए जाते है. धार्मिक अनुष्ठान में कर्मकांडो में सूखे नारियल के साथ होम किया जाता है।

श्री फल कैलोरी से भरपूर होता है, तथा इसकी तासीर ठंडी होती है. श्रीफल में अनेक पोषक तत्व विध्यमान होते है. श्रीफल के वृक्ष के तनो से जो रस निकलता ही उसे नीरा कहा जाता है वह काफी लिज्जदार पेय माना जाता है।

शुक्रवार को महालक्ष्मी की पूजा में मंदिर में नारियल रखे तथा रात्रि के समय इस नारिया को अपने तिजोरी में डाल ले. अगली शुभ इस नारियल को निकालकर श्री गणेश के मंदिर में अर्पित कर दे. आप की धन से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान होगा तथा माता लक्ष्मी की कृपा आप पर होगी।

एकाक्षी नारियल के संबंध में कहा जाता है की यह बहुत ही दुर्लभ नारियल होता है अधिकत्तर जटाओं वाले नारियल में दो या तीन छिद्र दिखाई देते है परन्तु एकाक्षी नारियल में केवल एक ही छिद्र होता है।

इस नारियल के बारे में बतलाया गया है की यह बहुत ही चमत्कारी होता है. इसको घर में रखने से महालक्ष्मी की प्राप्ति होती है तथा मनुष्य को कभी भी धन से संबंधित समस्याओं का समाना नहीं करना पड़ता।

नारियल बाहर से सख्त होता है परन्तु अंदर से यह नरम होता है. अतः हमें भी नारियल से सिख लेनी चाहिए तथा इसी की तरह बाहर से कठोर होते हुए भी अंदर से नरम रहना चाहिए।

शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

होंठो को निखारने के घरेलु उपाय

होंठो को निखारने के घरेलु उपाय


नींबू
नींबू के रस को रोज रात को सोने से पहले अपने होठ में लगाएं. इस उपाय को कम से कम दो महीने करें.

बीटरूट (चुकंदर)
बीटरूट (चुकंदर) का रस लगाने से भी होठों का रंग गुलाबी होता है. बीट (चुकंदर) में लाल रंग प्राकृतिक रूप में मौजूद होता है, जिससे होंठ गुलाबी होते हैं. बीटरूट का रस होठ के कालेपन को भी दूर करता है.

संतरे
संतरे को अपने होठ पर रगड़ें. इसका रस होठों को मुलायम और खूबसूरत बनाता है.

नारियल पानी
नारियल पानी, खीरे का रस और नींबू के रस को मिलाकर होठ पर लगाने से होठों का कालापन दूर होता है.

हल्दी पाउडर
हल्दी पाउडर को मलाई के साथ मिलाकर होठ में लगाने से भी होंठों का कालापन दूर होता है.

अनार के दाने
अनार के दानों को मलाई के साथ पीसकर होठों पर लगाएं. इस उपाय को कुछ दिन करें. आपको फर्क दिखने लगेगा. होंठ गुलाबी और खूबसूरत हो जाएंगे.

ग्लीसरीन, गुलाब जल और केसर
सोने से पहले ग्लीसरीन, गुलाब जल और केसर को मिलाकर होठ में लगाने से भी होंठ निखरते हैं.

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

प्राकृतिक रूप से ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हैं ये 7 आहार

प्राकृतिक रूप से ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हैं ये 7 आहार

अगर आप कम होते प्‍लेटलेट्स से परेशान हैं तो घबराइए नहीं क्‍योंकि आप अपने आहार कुछ फूड को शामिल कर ब्‍लड प्‍लेटलेट्स को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं और खुद को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त भी कर सकते हैं।

शरीर में प्‍लेटलेट्स की संख्‍या कम होने की स्थिति को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के नाम से जाना जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट ब्‍लड में 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रोलीटर होते है। लेकिन जब यह काउंट 150 हजार प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाये तो इसे लो प्लेटलेट माना जाता है। कुछ खास तरह की दवाओं, आनुवंशिक रोगों, कुछ खास तरह के कैंसर, कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट, अधिक एल्कोहल के सेवन व कुछ खास तरह के बुखार जैसे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के होने पर भी ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। लेकिन घबराएं नहीं क्‍योंकि कुछ आहारों की मदद से ब्‍लड प्‍लेटलेट्स को प्राकृतिक रूप से बढ़ाया जा सकता है।


चुकंदर :
चुकंदर का सेवन प्‍लेटलेट को बढ़ाने वाला एक लोकप्रिय आहार है। प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट और हेमोस्टैटिक गुणों से भरपूर होने के कारण, चुकंदर प्‍लेटलेट काउंट को कुछ ही दिनों बढ़ा देता है। अगर दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक गिलास गाजर के रस में मिलाकर पिया जाये तो ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं। और इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट की मौजूदगी के कारण यह शरीर की प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ाते हैं। 

पपीता :
पपीता के फल और पत्तियां दोनों का ही इस्‍तेमाल कुछ ही दिनों के भीतर कम प्‍लेटलेट को बढ़ाने में मदद करते हैं। 2009 में, मलेशिया में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एशियाई संस्थान में शोधकर्ताओं ने पाया कि डेगू बुखार में गिरने वाले प्‍लेटलेट को पपीता के पत्ते के रस के सेवन से बढ़ाया जा सकता है। आप चाहें तो पपीते की पत्तियों को चाय की तरह भी पानी में उबालकर पी सकते हैं, इसका स्वाद ग्रीन टी की तरह लगेगा।

नारियल पानी:
शरीर में ब्‍लड प्‍लेटलेट को बढ़ाने में नारियल का पानी भी बहुत मददगार होता है। नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स अच्छी मात्रा में होते हैं। इसके अलावा यह मिनरल का भी अच्छा स्रोत है जो शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

आंवला :
प्‍लेटलेट को बढ़ाने के लिए आंवला लोकप्रिय आयुर्वेदिक उपचार है। आंवला में मौजूद भरपूर मात्रा में विटामिन सी प्‍लेटलेट्स के उत्‍पादन को बढ़ाने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है। नियमित रूप से सुबह के समय खाली पेट 3-4 आंवला खाये। यह आप दो चम्‍मच आंवले के जूस में शहद मिलाकर भी ले सकते हैं।

कद्दू :
कद्दू कम प्‍लेटलेट कांउट में सुधार करने वाला एक और उपयोगी आहार है। यह विटामिन ए से समृद्ध होने के कारण प्‍लेटलेट के उचित विकास का समर्थन करने में मदद करता है। यह कोशिकाओं में उत्‍पादित प्रोटीन को नियंत्रित करता है, जो प्‍लेटलेट के स्‍तर को बढ़ाने के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। कद्दू के आधे गिलास जूस में एक से दो चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार लेने से भी ब्‍लड में प्लेटलेस्ट की संख्या बढ़ती है।

गिलोय :
गिलोय का जूस ब्‍लड में प्‍लेटलेट को बढ़ाने में काफी मददगार होता है। डेंगू के दौरान नियमित रूप से इसके सेवन से ब्लड प्लेट्स बढ़ने लगती हैं और आपकी प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती है। दो चुटकी गिलोय के सत्व को एक चम्मच शहद के साथ दिन में दो बार लें या फिर गिलोय की डंडी को रात भर पानी में भिगो कर सुबह उसका छना हुआ पानी पी लें। इससे ब्‍लड में प्‍लेटलेट बढ़ने लगते हैं। 

पालक :
पालक विटामिन 'के' का एक अच्‍छा स्रोत है और अक्सर कम प्लेटलेट विकार के इलाज में मदद करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। विटामिन 'के' सही तरीके से होनी वाली ब्‍लड क्‍लॉटिंग के लिए आवश्‍यक है। इस तरह से यह बहुत अधिक ब्‍लीडिंग के खतरे को कम करता है। दो कप पानी में 4 से 5 ताजा पालक के पत्‍तों को डालकर कुछ मिनट के लिए उबाल लें। इसे ठंडा होने के लिए रख दें। फिर इसमें आधा गिलास टमाटर मिला दें। इसे मिश्रण को दिन में तीन बार पीयें। इसके अलावा आप पालक का सेवन सूप, सलाद, स्‍मूदी या सब्‍जी के रूप में भी कर सकते हैं।

सोमवार, 11 अप्रैल 2016