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गुरुवार, 21 सितंबर 2017

आप भी करते हैं लहसुन का अधिक सेवन तो हो जाएँ सावधान

आप भी करते हैं लहसुन का अधिक सेवन तो हो जाएँ सावधान


लहसुन एक ऐसी चीज है जो हर घर के किचन में पायी जा सकती है। बिना लहसुन के खानें में वह स्वाद ही नहीं आता है, जिसकी चाहत होती है। खानें में लहसुन पड़ते ही उसका स्वाद बदल जाता है। लहसुन किसी भी खानें को जायकेदार तो बनाता ही है साथ ही यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो कई बिमारियों से रक्षा करते हैं। लेकिन जैसा की कहा जाता है किसी भी चीज की अति सही नहीं है।

भले ही लहसुन स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा हो लेकिन इसका आवश्यकता से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक भी हो सकता है। लहसुन का ज्यादा इस्तेमाल करने से व्यक्ति को कई तरह की शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। इसलिए अगर आप भी लहसुन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएँ। आज हम आपको ज्यादा लहसुन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में बतानें जा रहे हैं।

ज्यादा लहसुन के इस्तेमाल से होता है ये नुकसान:

*- लीवर को नुकसान:
शरीर में हर एक अनाग की अपनी उपयोगिता होती है। शरीर के सभी अंगों को अच्छे से चलानें के लिए लीवर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसी स्थिति में आपके लीवर का स्वस्थ्य होने बहुत ही जरुरी होता है। लेकिन ज्यादा लहसुन के इस्तेमाल से लीवर को नुकसान पहुँचता है। इसमें मौजूद ऑक्सिडेंट गुण शरीर के विषैले पदार्थों को एक जगह एकत्र कर देते हैं। यह लीवर पर बुरा असर डालते हैं

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*- सांसों की बदबू:
लहसुन को कुछ लोग कच्चा भी खाते हैं। यह फायदेमंद भी होता है। लेकिन ज्यादा लहसुन खानें से मुँह से बदबू आनें लगती है, यह बदबू थोड़ी देर में ख़त्म हो जाती है। लेकिन आप नियमनुसार ज्यादा लहसुन का सेवन करना शुरू कर देते हैं तो यह बदबू हमेशा के लिए आनी शुरू हो जाती है। इसमें पाए जानें वाले कुछ तत्व मुँह की बदबू का कारण बनते हैं।

*- जी मचलना:
एसिडिटी की समस्या ने निजात पानें के लिए खाली पेट लहसुन का सेवन अच्छा माना जाता है। लेकिन यह भी एक समस्या है कि खली पेट लहसुन का ज्यादा सेवन करने से उल्टी, जी मचलना और सीने में जलन की समस्या से जूझना पड़ता है।

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*- एक्जिमा:
लहसुन का ज्यादा इस्तेमाल खानें में करने से त्वचा सम्बन्धी कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इसी में से एक है एक्जिमा, इसमें त्वचा लाल पड़ जाती है और खुजली होने लगती है।

*- सर दर्द:
आपको जानकर हाफी हैरानी होगी कि कई रोगों में फायदा पहुँचाने वाला लहसुन सर दर्द और माइग्रेन का भी कारण बन जाता है। इसके सेवन से दिमाग के अणु उत्तेजित होते हैं, जिससे सर दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

शुक्रवार, 18 अगस्त 2017

हींग के होते है अनेक स्वास्थ फायदे, बस इस तरह इस्तेमाल करे

हींग के होते है अनेक स्वास्थ फायदे, बस इस तरह इस्तेमाल करे


हींग को मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है । लेकिन इसके अलावा भी हींग के बहुत सारे अन्य फायदे होते हैं. जिससे आप कई बीमारियों को जड़ से ख़तम कर सकते है. हींग को आप अपनी त्वचा के लिए भी इस्तेमाल कर सकते है

1. मधुमेह में उपयोगी –
क्या आप अपना ब्लड शुगर लेवल कम करना चाहते हैं? फिर तो आपको अपने खाने में हींग डाल ही लेनी चाहिए। तभी ये अपना एंटी-डायबिटिक प्रभाव दिखा पाएगा। हींग इंसुलिन को छिपाने के लिए अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे कि ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

2. हाई बीपी में हेल्पफुल-
हींग में coumarins नाम का एक तत्व होता है जो खून को पतला करके ब्लड फ्लो बढ़ाता है। इसकी वजह से खून के थक्के भी नहीं जमते।

3. पुरूषों की यौन समस्याओं में फायदा-
हींग का इस्तेमाल पुरुषों में नपुंसकता, शीघ्रपतन, स्पर्म की कमी का उपचार करने के लिए भी किया जाता है अपने खाने में थोड़ी सी हींग ज़रूर मिलाएं ताकि बहुत सारी सेक्स से जुड़ी समस्याओं से आप अपना बचाव कर सकें। इसके अलावा एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से खून का दौरा तेज़ हो जाता है जिससे कि लिबिडो (libido) बढ़ता है।

4. सांस से संबंधी रोग में हेल्पफुल –
हींग प्राकृतिक रूप से बलगम को दूर करके छाती के कंजेस्शन को ठीक करता है। यह एक शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक है। इसे शहद, अदरक के साथ मिलाकर खाने से खांसी व ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलता है।

5. कैंसर के जोखिम को कम करता है हींग –
हींग में शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। जब आप इसे लगातार खाते हैं तो ये फ्री रेडिकल्स से शरीर की कोशिकाओं को बचाव प्रदान करती है। हींग की कैंसर-विरोधी गतिविधि कैंसर कोशिकाओं का विकास अवरूद्ध करती है।

6. दर्द में राहत
हींग के सेवन से पीरियड्स, दांत, माइग्रेन आदि का दर्द भी ठीक किया जा सकता है दरअसल, हींग में एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपको दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। दर्द होने पर एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी हींग मिलाकर पी लें। दांत के दर्द में हींग और नींबू के रस का पेस्ट बनाकर लगाएं।

बुधवार, 12 जुलाई 2017

पीपल के पेड़ के औषधीय गुण जानकार आप रह जायेगे हैरान

पीपल के पेड़ के औषधीय गुण जानकार आप रह जायेगे हैरान


आयुर्वेद में पीपल को औषधियों का खजाना माना गया है। आयुर्वेद में पीपल के औषधीय गुणों के कारण इसे कई बीमारियों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है । पीपल का बूटा-बूटा और पत्ता-पत्ता हमें निरोग बनाता है, स्वस्थ रखता है और लम्बी आयु प्रदान करता है | पीपल के अलग-अलग हिस्सों जैसे पत्तों से लेकर छाल तक का उपयोग करके बुखार, अस्थमा, खांसी, स्किन डिजीज जैसी कई  बीमारियों से राहत पाई जा सकती है। आज हेर कोई ऐसे स्वस्थ शरीर की कमाना करता है जो लम्बे समय तक जीवित रह सकता है | तो आइये जानते हैं प्रकृति के ऐसे ही एक उपहार के बारे में जिसका नाम है पीपल का पेड़ |

क्या हैं पीपल के स्वास्थ्यवर्धक लाभ और उससे होने वाले घरेलु उपचार  … जानिये  

दांतों के लिए फायदेमंद होता है :- पीपल के उपयोग से मुँह की बदबू, दांतों की जडें कमजोर होना और मसूड़ों के दर्द को आसानी से दूर किया जा सकता है | इसके लिए 2 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम पीपल की छाल और कत्था को बारीक पीसकर उसका पाउडर बना लें और इससे दांतों को साफ करें। आपको इन रोगों से अवश्य मुक्ति मिलेगी।

सांस की तकलीफ दूर करे :- पीपल का पेड़ सांस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या में आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए पीपल के पेड़ की छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालकर सुखा लें। सूखे हुए इस भाग का चूर्ण बनाकर रोज़ कोसे पानी के साथ एक छोटा चम्मच चूर्ण का सुबह शाम सेवन करें | इससे आपको अवश्य फायदा होगा |

दन्तकांति प्रदान करे :- पीपल की दातुन करने से दांत मजबूत होते हैं और दांतों में चमक आती है | इस दातुन से दन्त सम्बन्धी सभी समस्या समाप्त हो जाती हैं ।

पाचन शक्ति बढाए :- आठ लौंग,  दो हरड़, पीपल के चार फल तथा दो चुटकी सेंधा नमक को पीसकर चूर्ण बना लें और फिर इस चूर्ण को सुबह-शाम भोजन के बाद कोसे पानी के साथ लें | इससे आपकी पाचन शक्ति में सुधार होगा |

अजीर्ण रोग में दे फायदा :- पीपल की छाल, लौंग के चार नग, दो हरड़ तथा एक चुटकी हींग चारों चीजों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर सेवन करने से अजीर्ण रोग दोर्र हो जाता है |

खट्टी डकार को दूर करे :- यदि आपको खट्टी डकारें आती हों तो पीपल के पत्तों को जलाकर उसकी भस्म में आधा नीबू निचोड़ कर सेवन करने आपको फायदा मिलेगा और खट्टी डाकर की शिकायत खत्म हो जाएगी ।

पेट के रोग दूर करे :- पीपल की छाल, जामुन की छाल तथा नीम की छाल तीनों छालों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर अच्छे से कूट लें और फिर इसका काढ़ा बनाकर सेवन करें। यह काढ़ा पेट के हर रोग के लिए उत्तम औषधि का काम करेगा |

नपुंसकता का दोष दूर करे :- यदि व्यक्ति में नपुंसकता का दोष मौजूद है और वह सन्तान उत्पन्न करने में असमर्थ है तो उसे शमी वृक्ष की जड़ या आसपास उगने वाला पीपल के पेड़ की जटा को औटाकर उसका क्वाथ (काढ़ा) पीना चाहिए। पीपल के जड़ तथा जटा में पुरुषत्व प्रदान करने के गुण पाए जाते हैं |

दाद और खुजली को दूर करे :- दाद, खाज और खुजली दूर करने के लिए पीपल के 4 पत्तों को चबाकर सेवन करें।  या फिर पीपल के पेड़ की छाल का काढ़ा बना कर पियें इससे दाद व खुजली की शिकायत दूर हो जाएगी |

रविवार, 9 जुलाई 2017

क्या आप जानते है सुबह खाली पेट तुलसी सेवन से आपको क्या क्या फायदे होते है

क्या आप जानते है सुबह खाली पेट तुलसी सेवन से आपको क्या क्या फायदे होते है


हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है। इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन इसके साथ साथ तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कैंसर की बीमारियों में भी इसे औषधि के रूप में सेवन किया जाता है। आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से लाभदायक बताया गया है। तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना अपना अलग महत्व है।

वैसे तो अगर हम कभी भी तुलसी का सेवन कर सकते है वो आपके लिए लाभदायक होता है लेकिन आयुर्वेद में सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करना सबसे उचित बताया गया है। आज हम आपको जानकारी देंगे की आपने सुबह खाली पेट कितनी तुलसी का सेवन करना है और इसके सेवन से आपको क्या क्या फायदे होंगे।

हमने सुबह खाली पेट तुलसी के पांच पत्ती का सेवन करना है और इसके सेवन से आपको जो फायदे होंगे वो कुछ इस प्रकार हैं।

चेहरे की चमक के लिए :-
त्वचा संबंधी बीमारियों में अगर आप तरह तरह के उपयोग करके परेशान हो चुके है फिर भी आपको कोई आराम नहीं है तो सुबह खाली पेट तुलसी का खाकर आप अपने सभी त्वचा संबंधी बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

कैंसर के इलाज के लिए :-
वैसे तो विश्व भर में कैंसर को नष्ट करने के लिए अब तक कोई दवाई नहीं बन पायी लेकिन आयुर्वेद अनुसार तुलसी को अगर खाली पेट सेवन किया जाये तो कैंसर कुछ दिनों में नष्ट हो जाता है। इसीलिए कैंसर होने पर या कैंसर से बचे रहने के लिए आयुर्वेद में प्रतिदिन खाली पेट तुलसी के सेवन करने के बात कही गयी है।

सांस की दुर्गन्ध दूर करने के लिए :-
सांस की दुर्गन्ध को दूर करने में भी तुलसी काफी लाभदायक होते हैं और आयुर्वेदिक होने की वजह से इसका कोई नुकसान भी नहीं होता है। अगर आपके मुंह से बदबू हमेशा आती है तो सुबह खाली पेट तुलसी के सेवन से सांस की दुर्गन्ध की यह समस्या समाप्त हो जाती हैं।

चोट लग जाने पर :-
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से चोट ठीक हो जाता है. तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो चोट को पकने नहीं देता है। अगर आप चोट पर सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करते है तो चोट शरीर के अंदर से ठीक होने लगती है। इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से चोट में दर्द भी कम होती है।

पेट खराब पर :-
अगर आप पेट खराब होने से परेशान है और आपको पेट की यह समस्या प्रतिदिन होती है तो आप अगर सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करते है तो आपके पेट से संबंधित सभी समस्या समाप्त हो जाती हैं।

तनाव कम करे :-
तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में तनाव पैदा करने वाले अव गुण नष्ट होते है इसीलिए तनाव होने पर सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

शुक्रवार, 9 जून 2017

पेट की गैस से लेकर दांतों में दर्द के इलाज तक, हींग से होने वाले इन फायदों को जानकर आप कहेंगे ‘अरे वाह…’

पेट की गैस से लेकर दांतों में दर्द के इलाज तक, हींग से होने वाले इन फायदों को जानकर आप कहेंगे ‘अरे वाह…’


हींग हमारे खाने को स्वादिष्ट बनाने का काम करता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हींग का इस्तेमाल आप अपनी काफी सारी बीमारियों को ठीक करने में भी कर सकते हैं। आपकी कई परेशानियों को कम करने के लिए यह एक कारगर घरेलू नुस्खा साबित हो सकता है। तो आइए जानते हैं हींग के ऐसे कई फायदे जिनसे आप शायद ही परिचित हों।

पेट संबंधी समस्याएं:- हींग आपके पेट से जुड़ी खराब पाचन, गैस, पेट में कीड़े और मरोड़ जैसी कई समस्याएं को दूर कर सकता है। अपने खाने में रोजाना हींग का प्रयोग करने से आप इन बीमारियों को दूर कर सकते हैं। वहीं इसके सेवन का एक और तरीका है। हींग के कुछ टुकड़े आधा कप पानी में डुबोकर अपने खाने के बाद पीएं।

सांस संबंधी:- सांस से जुड़ी परेशानियों को भी दूर करने में हींग आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। इसमें कई एंटीवायरल, एंटीबायोटिक तत्व होते हैं जो इस काम में मदद करते हैं। हींग का दमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। इसका सेवन करने के लिए आप पहले हींग को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। पेस्ट को सीने पर लगाने से खासी से राहत मिलेगी। वहीं दमे, ब्रोंकाइटिस के लिए आधे चम्मच हींग पाउडर को सूखे अदरक और शहद के साथ मिलाकर, तैयार हुए मिश्रण का दिन में 3 बार सेवन करें।

दांतों की सडऩ:- एक्सपर्ट्स के मुताबिक हींग में कई एंटीबैक्टीरियल तत्व भी होते हैं जो दातों को सडऩे से बचा सकते हैं और दर्द को भी कम कर सकते हैं। अगर दांतों में दर्द है तो साबुत हींग के टुकड़े को दर्द हो रहे दांत पर रखें। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। वहीं इसे माउथ वॉश की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। माउथ वॉश बनाने के लिए एक कप पानी में हींग और कुछ लोंग मिला लें। पानी के हल्का गरम होने पर माउथ वॉश करें।

बुधवार, 3 मई 2017

जानिये, सांसों की दुर्गंध और मुंह की बदबू से छुटकारा पाने के प्रमुख घरेलू उपाय

जानिये, सांसों की दुर्गंध और मुंह की बदबू से छुटकारा पाने के प्रमुख घरेलू उपाय


सांसों की दुर्गन्ध और मुंह की बदबू एक ऐसी समस्‍या है, जो कई लोगों  में पाई जाती है। आपके मित्र, सहकर्मी और अन्‍य आपके पास बैठने से कतराते हैं। मुंह से आती दुर्गन्ध और सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह में मौजूद एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है।

कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • भोजन में ताजी और रेशेदार सब्जियों का सेवन करें।
  • एक कप पानी में एक चम्‍मच बेकिंग सोडा मिलाकर गरारे करने से मुंह का एसिटिक लेवल कम होता है और सांस की बदबू दूर होती है।
  • लौंग को हल्का भुनकर चूसें, इससे सांसों में ताजगी आती है।
  • प्रजमोदा (पार्सली) को माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल करें, तो सांस की बदबू के लिए यह काफी कारगर साबित होती है।
  • गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला और गरारें करें।
  • त्रिफला की जड़ की छाल को मुंह में रखकर चबायें।
  • जीरे को भुनकर खाने से भी सांसों की दुर्गंध दूर होती है।
  • प्रतिदिन भोजन करने के बाद तुलसी के पत्ते या इलायची चबायें।
  • पुदीने को पीसकर पानी में घोलें और दिन में 2 से 3 बार इस पानी से कुल्ला करें ।
  • पानी खूब पीयें और पेट को साफ रखें।
  • सुबह और सोने से पहले दांतों की सफाई करें और ब्रश करने के अलावा बीच-बीच में कुल्ला भी करें।
  • दालचीनी, सुगंधित इलायची, सोया के दाने चबाने और सिया जीरा के तेल से कुल्ला करने से सांस की बदबू मिटती है।
  • प्रतिदिन सुबह एक गिलास पानी में एक नीबू निचोडक़र इस पानी से कुल्ला करें।
  • इलायची सेवन के कई लाभ हैं। मुंह में ताजगी देने के साथ-साथ इलायची सेहत के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है। यह मुंह की बदबू दूर करने का काम करता है।