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रविवार, 29 अप्रैल 2018

गर्मी में लू लगना हो सकता है जानलेवा, ऐसे करें अपना बचाव!

गर्मी में लू लगना हो सकता है जानलेवा, ऐसे करें अपना बचाव!


जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि मौसम ने करवट ले ली है और कड़ाके की गर्मी पड़ने लगी है। गर्मी के शुरू होते ही ठंडी ठंडी चीजें याद आ जाती हैं जैसे ठंडा ठंडा रूहअफजा, ठंडाई, अलग-अलग तरह के शेक्स, नींबू पानी आदि। गर्मी के मौसम में बहुत गर्म हवा चलती है जिसे लू का नाम दिया जाता है। अक्सर देखा गया है लू सभी के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकती है। खुशियों से बचने के लिए बहुत से उपाय करने बेहद जरूरी हो जाते हैं अक्सर ऐसा भी होता है कि यदि किसी को लू लग जाए और वह उपचार नहीं कर पाए तो उसकी मौत भी हो सकती है। जी हां आपने बिल्कुल ठीक पढा लू लगने से इंसान की मौत तक हो जाती है। गर्मियों की दिनों में तापमान बढ़ जाने से गर्म हवाये चलने लगती हैं जो धीरे-धीरे लू का रूप ले लेती है।

ग्रीष्म ऋतु साल की चार ऋतुओं में से एक ऋतु है। साल का सबसे गर्म मौसम होने के बावजूद बच्चे इसे सबसे अधिक पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें बहुत तरीकों से मस्ती करने के लिए गर्मी की छुट्टियाँ मिलती है। ग्रीष्म ऋतु पृथ्वी के घूर्ण अक्ष के सूर्य की ओर होने के कारण होती है। गर्मी का मौसम बहुत ही शुष्क और गर्म (भूमध्य सागरीय क्षेत्रों में) और बरसात का मौसम (पूर्वी एशिया में मानसून के कारण) लाता है। कुछ स्थानों पर, गर्मी के दौरान वसंत ऋतु में तुफान और बवंडर (जो विशेषरुप से सुबह और शाम के समय तेज और गर्म हवाओं के कारण उत्पन्न होता है) बहुत ही आम बात है।

गर्मियों में ठंडी हवाओं का कहर तूफान बनकर लोगों पर टूटता है। गर्मी की वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। अब रोजमर्रा के सभी काम तो करने जरूरी होते हैं जीवन यापन के लिए उन कार्यों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अब गर्मी और लू के चलते लोग घर में ही बैठे रहे ऐसा तो नहीं हो सकता है ना। लेकिन गर्मी और लू से बचने के लिए यदि कुछ सावधानियां या उपचार किए जाएं तो आप गर्मी में भी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

आज हम आपको लू से बचने के कुछ उपाय हमारे इस पोस्ट में बताने वाले हैं, जिन्हें अपनाकर आप लू से बचाव और संरक्षण कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है वे उपाय….. आपको बता दें कि गर्मी में तापमान 42 डिग्री से भी पार चला जाता है जिसकी वजह से शरीर गरम होने लगता है शरीर गरम होने की वजह से खून गाढा होने लगता है जिसे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बहुत ही धीरे हो जाता है। जिसे नार्मल करना बहुत जरूरी होता है नही तो आप जल्द ही भुखार चपेट में आ सकते है। इसके लिए आपको पानी भरपूर मात्रा के पीना बहुत जरूरी है।

लू से बचने के उपाय

* गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी है पानी. एक स्वस्थ मनुष्य के लिए एक दिन का कम से कम 3 या 4 लीटर पानी पीना बहुत जरूरी है।
* यदि कोई किडनी का मरीज है तो उसके लिए दिन में कम से कम 6 से 8 लीटर पानी अनिवार्य हो जाता है।
* गर्मी में सबसे जरूरी होता है खाने पीने का ख्याल रखन ऐसे में खाना खाते समय आपको अपने भोजन में सलाद, छाछ, दही आदि को जरूर समिलित रखना चाइये।
* गर्मी के मौसम में तरल पदार्थों का सेवन करना भी आपके लिए बेहद जरूरी है लेकिन तरल पदार्थों में शराब का सेवन बिल्कुल निषेध होना चाइये और मास का सेवन करना भी आपके लिए तक नही हो सकता है।
* कम से कम 2 दिन में एक बार अपना ब्लड प्रेशर चैक कराते रहे।
* गर्मी में हर चीज़ ठंडी ही आपके लिए फायदेमंद है, ठंडे पानी से नहाए और आने होटो और आंखों पर नमी बनाए रखे।
* जब भी धूप में बाहर जाए तो जाने से पहले कम से कम 2 गिलास पानी पीकर ही जाए। खुद को गर्मी से बचा कर रखे।

मंगलवार, 30 मई 2017

लू से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

लू से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे


गर्मियों में लू लगना एक आम बात है। इससे बचने के लिए आपके घर में ही कई ऐसी चीजें हैं जिसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं, लू से बचने के लिए कुछ कमाल के घरेलू नुस्खों के बारे में।

लू से बचने के लिए घरेलू नुस्खे काफी असरकारी होते हैं। लू लगने की सबसे बड़ी वजह है शरीर में पानी की कमी होना। इसलिए गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। गर्मियों में चलने वाली लू से बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। लू से बचने के लिए शरीर के कुछ खास अंग जैसे आंख, कान और नाक की सुरक्षा जरूरी है। इनके जरिए गर्म हवाएं शरीर में प्रवेश कर जाती है और आप लू का शिकार हो जाते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले चेहरे को ढ़कने पर विशेष जोर दिया जाता है। इनके अलावा कई ऐसे घरेलू नुस्खे हैं जो आपको लू बचा सकते हैं। आईए जानें उनके बारे में।

लू से बचने के घरेलू नुस्खे 

  • धनिए को पानी में भिगोकर रखें, फिर उसे अच्छी तरह मसलकर तथा छानकर उसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर पीएं। 
  • गर्मियों में आम का पन्ना पीना चाहिए। यह कच्चे आम का शर्बत होता है जो आपको लू से बचाता है।
  • इमली के बीज को पीसकर उसे पानी में घोलकर कपड़े से छान लें। इस पानी में शकर शक्कर मिलाकर पीने से लू से बचा जा सकता है।
  • बाहर निकलने से पहले हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें और थोड़ी-थोड़ी थोडी देर में पानी पीते रहें। दिन में खाली पेट बाहर नहीं निकले। घर से निकलने के पहले कुछ खाकर निकले।
  • धूप में कम से कम निकलने की कोशिश करें। अगर निकलना जरूरी है तो छाता जरूर लेकर चलें।
  • धूप में निकलने से पहले पूरे अंगो को ढकने वाले कपड़े पहने। अगर संभव हो तो सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें। इससे गर्मी कम लगती है।
  • कच्ची प्याज भी लू से बचाने में मददगार होता है। आप खाने के साथ कच्चा प्याज का सलाद बनाकर खा सकते हैं। 
  • गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए तरबूज, ककड़ी, खीरा खाना चाहिए। इसके अलावा फलों का जूस लेना भी फायदेमंद है।
  • पानी में ग्लूकोज मिलाकर पीते रहना चाहिए। इससे आपके शरीर को उर्जा मिलती है जिससे आपको थकान कम लगती है।
  • लू से बचने के लिए बेल या नींबू का शर्बत भी पीया जा सकता है। यह आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।
  • बाहर से आने के बाद तुरंत पानी नहीं पीएं। जब आपके शरीर का तापमान सामान्य हो जाए तभी पानी पीएं।

गुरुवार, 25 मई 2017

इस गर्मी में खाएं गोंद कतीरा फिर देखें फायदें !

इस गर्मी में खाएं गोंद कतीरा फिर देखें फायदें !


गर्मी का मौसम शुरु हो चुका हैं, और गर्मी अपने चरम पर हैं ऐसे में लोगों का घर से निकलना भी दुश्वार हो चुका हैं, हम घर से बाहर निकलने के लिए दस बार सोचते हैं इस गर्मी का तो हम कुछ कर नहीं सकते, जरूरत हैं तो इससे बचने का हमारे शरीर को अंदर से ठंडक मिले तो हम गर्मी के होने वाले दुष्प्रभावों से बच जाएंगे।


इस गर्मी में अगर आपको शरीर में ठण्डक चाहिए तो गोंद कतीरे का सेवन आपके लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। यह एक ऐसा आहार है जिसकी तासीर ठंडी होती हैं इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पाएं जाते हैं, जो हमारे शरीर से जुड़ी कई समस्याओं से निजात दिलाता है। आपको बता दें कि ये शरीर को ठण्डक तो प्रदान करता ही हैं साथ ही बाथरूम में होने वाली जलन को दूर करता हैं।

आइए जानते हैं गोंद कतीरा के फायदें के बारे में…


1. कमजोरी और थकान को दूर:-
हर रोज सुबह आधा गिलास दूध में गोंद-कतीरा और मिश्री डालकर पीने से कमजोरी और थकान में लाभ मिलता है। इसे प्रयोग में लाने से पहले रातभर पानी में भिगो लेना चाहिए।


2. लू से बचाव करता है:-
तपती गर्मी में घर से बाहर जाने से लू लगने का डर रहता हैं इसलिए अगर गर्मी ज्यादा महसूस हो तो गूंद कतीरा सुबह और शाम दूध या शर्बत में मिला कर पीना चाहिए।


3. जलन से राहत:-
अगर हाथ-पैरों में जलन की समस्या हो तो 2 चम्मच कतीरा को रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में भिगों दें। सुबह इसमें शक्कर मिला कर खाएं तो धीरे-धीरे जलन ठीक हो जाती हैं और आपको राहत मिलेगी।


4.खून की कमी को दूर करें:-
गोंद-कतीरे का भिगोकर रोज सेवन करने से खून में कमी की समसया से निजात मिलती है।


5.टांसिल से राहत:-
गले के टांसिल की समस्या में 2 भाग कतीरा बारीक पीसकर धनिए के पत्तों के रस में मिलाकर रोजाना गले पर लेप करने से आराम मिलता है।


6. बीमारियों से छुटकारा:-
गोंद कतीरा खाने से माइग्रेन, चक्कर आना, उल्टी आना जैसी बीमारियों से दूर रखता है।

शुक्रवार, 12 मई 2017

प्याज के इतने गुण जानकर अाप राेज खाने लगेंगे इसे

प्याज के इतने गुण जानकर अाप राेज खाने लगेंगे इसे


प्याज का प्रयोग लगभग प्रत्येक भारतीय रसोई में कच्चे एवं पक्के दोनों रूप में किया जाता है। इसका लैटिन नाम ऐलियम सिफा है। यह जमीन के अंदर उगती है। इसकी ऊपरी शक्ल गहरे कत्थई, लाल तथा सफेद रंगों में होती है। प्याज की प्रकृति गर्म और खुश्क होती है। रसोई में इसकी पैठ मध्य तथा उत्तर भारत में बहुतायत से है। इसे गरीबों की कस्तूरी कहा जाता है। इसका उत्पादन गर्मी में ज्यादा होता है। यही कारण है कि गर्मी में लगने वाली लू का इलाज भी यही प्याज है। 

प्याज में विटामिन सी, लोहा, गंधक, तांबे जैसे बहुमूल्य खनिज पाए जाते हैं, जिनसे शारीरिक शक्ति बढ़ती है। खाने के साथ कच्चे प्याज का सेवन लाभदायक होता है। जहां पर इसका उपयोग शाकाहार अथवा मांसाहार व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने में किया जाता है, वहीं पर प्याज के कई औषधीय फायदे भी हैं-
  • प्याज का रस कनपटियों और छाती पर मलने से लू नहीं लगती। खाने के साथ कच्चे प्याज का सेवन लाभदायक होता है।
  • कान में दर्द अथवा मवाद बहने की शिकायत होने पर प्याज के रस की (5-6 बूंदें) हल्का गर्म करके कान में डालने से आराम मिलता है।
  • गाय के ताजे दही के साथ कच्चा प्याज काटकर खाने से खून के दस्त में आराम मिलता है। प्याज का रस नाभि पर लेप करने से दस्त बंद हो जाते हैं।
  • आधा कप सफेद प्याज के रस में गुड़ और पिसी हल्दी मिलाकर प्रात: व शाम को पीने से पीलिया में लाभ होता है। छोटे प्याज को छीलकर चौकोर काटकर सिरके या नींबू के रस में भिगो दें, ऊपर से नमक व काली मिर्च डाल दें। पीलिया का यह शर्तिया इलाज है।
  • प्याज से हृदय-धमनियों में रुधिर के थक्के नहीं बनते और इस प्रकार हृदय संभावित क्षतियों से बचा रहता है।
  • यदि किसी कुत्ते ने काट लिया हो, तो कटे हुए स्थान पर प्याज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर लगाने से विष का प्रभाव जाता रहता है। सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोगी को लाभ पहुंचता है। प्याज को कूटकर सूंघने से खांसी, सांस-गले के रोग, टॉन्सिल व फेफड़े के कष्ट दूर होते हैं। प्याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में आश्चर्यजनक सुधार होता है।
  • प्याज का रस नाक व गले के संक्रमण को दूर करता है।
  • यह जुकाम की सर्वोत्तम औषधि है। कच्चा प्याज खाने से जुकाम का पानी नाक से बहना बंद हो जाता है। दांत या मसूड़ों में दर्द होने पर कच्चे प्याज का टुकड़ा उस जगह पर रख देने से दर्द कम हो जाता है। प्याज में अदरक का रस मिलाकर देने से उल्टी बंद हो जाती है।

शनिवार, 6 मई 2017

गर्मी में प्याज खाने के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप

गर्मी में प्याज खाने के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप


प्याज खाने के स्वाद को चार गुना बढ़ा देती है जो खाने की हर स्पाइसी चीजों में डाली जाती है. लेकिन भारत के कई घरों में इसकी गंध को बर्दाश्त नही किया जाता जिसकी वजह से इसका प्रयोग नही करते हैं. क्योंकि प्याज को लोग नॉनवेज में स्वाद बढ़ाने के लिए यूज करते हैं जो कई हिंदू धर्म के लोगों को नहीं भाता और इसका इस्तेमाल कम ही करते हैं. खैर ये धर्मों और जाति की बातों में ना पड़ते हुए हम आपको प्याज खाने के कुछ ऐसे फायदे बताएंगे जो शायद आपको नहीं पता हो और पता चलने पर आप भी प्याज पर कोई दोष ना लगाते हुए उसे खाना शुरु कर दें.

वैसे गर्मियों में प्याज खाना बहुत लाभदायक साबित होता है. ये आपको गर्म हवा यानि लू से बचाता है. गर्मी के दिनों में प्याज खाने की सलाह तो घरों से भी मिल जाती है और धूप में घूमने वाले लोग जगह-जगह कोई पेय पदार्थ पीता मिल जाएगा. लेकिन अगर घर से निकलते समय दही में प्याज मिला कर लें तो लू आपके ऊपर कोई असर नहीं डाल सकती. खैर चलिए अब आपको प्याज खाने के कुछ फायदे बताते हैं

1. डिहाइड्रेशन से बचता है शरीर :
छाछ या दही मे या उसके साथ प्याज खाने से गर्मी के समय शरीर को फायदा पहुंचता है. गर्मियों में लोगों को अक्सर डिहाइड्रेशन की समस्या से आ जाती है लेकिन अगर खाने के साथ कच्ची प्याज खाने में शामिल कर ले तो इससे बचा जा सकता है. इसक साथ प्याज का सलाद खाने के स्वाद को बढ़ा देता है.

2. गर्मी में आने वाले चक्कर से बचाता है :
ज्यादा गर्मी लगने या धूप में ज्यादा देर तक चलने से चक्कर आना हर इंसान में आम बात है लेकिन अगर घर से निकलते हुए हम प्याज का रस पी लें तो धूप और चक्कर से बचा जा सकता है. इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें नींबू और पुदीना भी मिक्स कर सकते हैं.

3. बॉडी टम्परेचर कंट्रोल रखता है :
प्याज आपके शरीर को सिर्फ डिहाइड्रेशन से ही नही बल्कि शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखता है. जिससे अंदर से ना आप ज्यादा गर्म रहें और ना ज्यादा ठंडे. जिसकी वजह से लू आपको छू भी नहीं सकती.

4. अक्सर लग जाती है लू ?
गर्मी के दिनों में दिन के समय चलने वाली तेज हवा को लू कहते हैं जो एक बार लग गई तो आदमी बीमार पड़ जाता है. जिससे बचने के कई साधन होते हैं जिसमें से प्याज सबसे ज्यादा लाभदायक साबित होता है. लू लगने पर कच्चे प्याज का रस को बॉडी और पैर के तलवे में लगाने से आराम मिलता है और बॉडी में ठंडक आती है.

5. नाक से खून आना :
गर्मी में धूप लगने या ज्यादा गर्मी लगने पर कुछ लोगों को नाक से खून निकलने लगता है. भारत में जिस तरह की गर्मी पड़ती है उसमे यह समस्या बहुत ही आम सी हो गई है. नाक से खून आने पर कच्चे प्याज को काट कर उसे सूंघने से आराम मिलता है इसलिए इन दिनों जब भी बाहर निकलें तो साथ में प्याज रख सकते हैं.

6. पेशाब में जलन होना :
गर्मी के दिनों में अक्सर लोगों के पेशाब करने में जलन होने लगती है. वैसे तो ऐसा होने का कारण कुछ भी हो सकता है लेकिन गर्मी में ये ज्यादा होता है. इससे बचने के लिए पानी में प्याज का रस मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है.

7. घमौरी से आराम :
गर्मी के मौसम को अक्सर लोग घमौरियों का मौसम भी कहते हैं क्योंकि गर्मी की वजह से शरीर में कई छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं जो बहुत चुभते हैं. अगर आपको भी ये समस्या होती है तो पानी में प्याज का रस और शक्कर को मिक्स करके पीने से बहुत आराम मिलता है. घमौरी भी धीरे-धीरे खत्म सी हो जाती है.

गुरुवार, 4 मई 2017

मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण है सत्तू

मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण है सत्तू


सत्तू सेहत के लिए लाभदायक है। गर्मी में इसका सेवन और भी फायदेमंद है। यह शरीर ठंडा रखता है और पेट को भी आराम देता है। इसके आसानी से पचने के कारण कब्ज की समस्या भी नहीं होती। तो आइये जानें गर्मियों में कितने काम का है सत्तू...

मोटापे पर करे कंट्रोल
मोटापे से परेशान लोगों के लिए सत्तू एक रामबाण उपाय है। जौ से बना सत्तू प्रतिदिन खाने से पाचन तंत्र भी सुचारु रूप से कार्य करता है और मोटापा कम करने भी आपकी मदद करता है। ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए सत्तू का सेवन काफी लाभदायक होता है। इसके लिए सत्तू में नींबू, नमक, जीरा और पानी मिलाकर सेवन करना चाहिए।

लू से बचे रहेंगे
गर्मी के दिनों में सत्तू का सेवन करना आपको गर्मी के दुष्प्रभाव एवं लू की चपेट से बचाता है। सत्तू का प्रयोग करने से लू लगने का खतरा कम होता है क्योंकि यह शरीर में ठंडक पैदा करता है।

मधुमेह में लाभदायक 
जौ और चने के मिश्रण से बने सत्तू का सेवन करने से मधुमेह रोग में राहत मिलती है सत्तू में प्राकृतिक रूप से रक्त शोधन का गुण होता है जिसकी वजह से खून की गड़बड़ियों से भी बचा जा सकता है 

कमजोरी दूर करे
शरीर में ऊर्जा की कमी होने पर सत्तू तुरंत ऊर्जा देने का कार्य करता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो पोषण देते हैं। इसे खाने से कब्ज भी नहीं होती।


लिवर मजबूत करता है
सत्तू प्रोटीन का बढ़िया स्त्रोत है और यह पेट की गड़बड़ियों को भी ठीक करता है। इसे खाने से लिवर मजबूत होता है और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।

मंगलवार, 2 मई 2017

गर्मियों में बेल का शरबत पीने के इतने फायदे पहले आपने कहीं नहीं देखे होंगे

गर्मियों में बेल का शरबत पीने के इतने फायदे पहले आपने कहीं नहीं देखे होंगे


औषधीय गुणों से भरपूर बेल पेट संबंधी बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है। खासकर गर्मियों में ये शरीर को ठंडक का अहसास देता है। बेल ऊर्जा का भी बेहतर स्त्रोत है। उसके गूदे में गुड़ मिलाकर खाने से थकान दूर होती है और आप फ्रेश महसूस करते हैं। साथ ही इसका शरबत पीने से दिमाग भी ठंडा रहता है।

आइए जानते हैं बेल के फायदों के बारे में।

ब्लड प्रेशर रखता है कंट्रोल
- बेल की पत्तियां हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक हैं। इसके लिए पत्तियों को पानी में उबाल लें और इसे छानकर पानी को पी जाएं। ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाएगा।

अस्थमा में आराम
- अस्थमा का अटैक आने पर या दिल की धड़कन असमान्य हो जाए तो बेल की जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से आराम मिलता है।


गर्मियों में लू से करता बचाव
- बेल पेट के रोगों को दूर करता है। साथ ही ये आंतों को भी साफ करता हैं। कब्ज, अपच, पेप्टिक अल्सर आदि होने पर इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

- गर्मी में लू से बचने के लिए पके हुए बेल के गूदे को हाथ से मसल लें। इसे पानी में मिलाकर छान लें, चाहें तो इसमें चीनी भी मिला सकते हैं। इसे पीने से लू नहीं लगेगी।


लिवर के लिए है फायदेमंद
- गर्मी में अक्सर ही शरीर में जलन की शिकायत होती है। इसके लिए कच्चे बेल की गिरी को तोड़कर तिल के तेल में डालकर दो-तीन दिन के लिए रख दें। अब इससे शरीर की मालिश करें, आपको ठंडक मिलेगी।

ये थियामाइन, रिबोफ्वेलिन और बीटा-कैरोटीन का भी बेहतर स्त्रोत है। ये सभी तत्व लिवर संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करते हैं।

रविवार, 23 अप्रैल 2017

गर्मी में लू से बचने के आसान और असरदार उपाय

गर्मी में लू से बचने के आसान और असरदार उपाय


लू लगने का कारण – लू लगना, शरीर पर सूर्य की किरणें प्रत्यक्ष रूप से गिरने, तथा तेज गर्म हवायें लगने के कारण यह रोग होता है। इसमें शरीर की ऊष्मा-नियंत्रक विधि विफल हो जाती हैं।

लक्षण – इसमें रोगी की आँखें लाल हो जाती हैं, सिर चकराने लगता है, बेचैनी, सिरदर्द, जी मिचलाना तथा कभी-कभी बेहोशी आ जाती है। मुँह एवं त्वचा शुष्क हो जाती हैं, चेहरा लाल हो जाता है और ऐंठन होने लगती हैं, नाड़ी की गति बढ़ जाती है। शरीर का तापमान 42°C (107 F) तक बढ़ जाता है। गम्भीर मामले में मृत्यु होने का भी भय रहता है।

लू का इलाज घरेलू आयुर्वेदिक

(1) तुलसी के रस में हल्का-सा नमक मिलाकर घर से बाहर निकलने के पहले पान करे तो लू नहीं लगेगी, अधिक पसीना नहीं आयेगा और प्यास भी कम लगेगी।

(2) भुने हुए प्याज को पीसकर, उसमें जीरे का चूर्ण और मिश्री मिलाकर खाने से लू का प्रकोप नष्ट होता है।

(3) लू लगने पर ठण्डे पानी में बर्फ और गुलाब जल मिलाकर माथे पर कपड़े की पट्टी करें।

(4) खरबूजे के बीजों को पीसकर सिर पर तथा शरीर पर लेप करें। इनसे बनी हुई ठंडाई भी लाभप्रद है।

(5) जौ का सत्तू (पतला) पानी मिलाकर नमकीन या मीठा गर्मी मे पीने से गर्मी या लू नहीं लगती है।

(6) लू लगने पर या शरीर में जलन होने पर जौ के आटे को पतला पानी मिलाकर पूरे शरीर में लगाना चाहिए।

(7) ग्रीष्मकाल में पुदीने की चटनी तथा प्याज के नियमित सेवन करने से लू लगने की आशंका नहीं रहती है।

(8) गर्मियों में मुलैठी का शर्बत पीने से लू नहीं लगती।

(9) आलू बुखारे को गरम जल में डालकर रखें और फिर उसी जल में मसल लें। इसे पिलाने से, लू लगने पर बेचैनी और घबराहट दूर होती है।

(10) नारियल के दूध के साथ काले जीरे को पीसकर शरीर पर मलने से, लू लगने पर जलन कम होती हैं।

(11) धनिये को पानी में भिगोकर मसलकर उसमें शक्कर मिलाकर पीने से गर्मियों में लू नहीं लगती और लगी लू मिट जाती है।

(12) ताजा छाछ पिलाने से रोगी को पेशाब ज्यादा आएगा और उसे राहत मिलेगी।

(13) जौ का आटा तथा पिसा हुआ प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करने से लू से तुरन्त राहत मिलेगी।

(14) रोगी को उल्टियाँ एवं दस्त लगने पर पानी में नींबू, नमक एवं शक्कर मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर में पिलाएँ।

(15) लू लगने पर प्याज के रस से कनपटियों और छाती पर मालिश करें। चौबीस घंटे में आराम मिलेगा।

(16) धनिये के पानी में चीनी मिलाकर पीने से लू का प्रभाव कम होता है।

(17) आलूबुखारे को गर्म पानी में डालकर रखें और उसी पानी में मसल लें। इसे पिलाने से लू लगने से होने वाली जलन व घबराहट दूर होती है।

(18) इमली के गूदे को हाथ पैरों के तलवों पर मलने से लू का असर खत्म हो जाता है।

(19) तुलसी के पत्तों का रस चीनी में मिलाकर पीने से लू नहीं लगती।

(20) रोजाना दो-तीन बार प्याज खाने से लू कोसों दूर रहती है।

(21) भुने हुए प्याज को पीसकर उसमें जीरे का चूर्ण और मिश्री मिलाकर खाने से लू से राहत मिलती है।

(22) एक बड़ा कच्चा आम उबाल या सेंक लें। उसे कुछ देर के लिए ठंडे पानी में रखें। ठंडा होने पर छिलका उतारकर दही की तरह मथकर इसके गूदे में गुड़, जीरा, धनिया, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह गूंध लें और जितना जरूरी लगे पानी मिला लें। इस तरह तैयार की गई आम की छाछ दिन में तीन-चार बार पियें।

(23) लू से बुखार हो जाने पर इमली को उबालकर उसे छानकर एक कप शर्बत की तरह पियें। इमली को उबालकर उस पानी में तौलिया भिगोकर उसके छींटे मारने से लू में आराम मिलता है।

(24) नारियल के दूध के साथ काले जीरे को पीसकर शरीर पर मलने से राहत मिलती है।

(25) कच्चे आम को गर्म राख में भून लें। भुने आम के गूदे को पानी में मिलाकर थोड़ी-सी शक्कर डालकर पीने से लू से हो रही जलन और बेचैनी शांत होती हैं।

(26) बेहोशी की स्थिति में सीने और गले पर तारपीन के तेल की मालिश करनी चाहिए। गरम पानी में कपड़ा भिगोकर गले पर लपेट दें तथा सूखा कपड़ा बांध दें, होश आ जाएगा।

(27) सिर हाथ-पैर तथा पेट आदि को बार-बार ठंडे पानी से धोते रहें। उन पर बर्फ के टुकड़ों को रखें। मोटे तौलिये को बर्फ के पानी में भिगोकर शरीर को पोंछते रहें। यह काम तब तक करते रहना चाहिए, जब तक शरीर का तापक्रम सामान्य अवस्था में न आ जाये।

(28) वमन, दस्त, प्यास आदि की स्थिति में पुदीने का अर्क, अर्ककपूर, अमृतधारा आदि पानी में मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर पर एक-एक चम्मच देते रहना चाहिए।