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शनिवार, 31 मार्च 2018

वजन घटाने में मदद करता है दूध वाला दल‍िया, जानें किस समय खाना है बेहतर

वजन घटाने में मदद करता है दूध वाला दल‍िया, जानें किस समय खाना है बेहतर


दलिया खाने के यूं तो कई फायदे गिनाए जाते हैं। लेकिन इसे दूध के साथ खाने पर इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। खासतौर पर वजन कम करने में लगे लोगों और शुगर के मरीजों को तो इसका सेवन जरूर करना चाहिए। वैसे इसे नाश्‍ते में खाया जाए तो ये ज्‍यादा लाभ देता है। नमकीन दल‍िया से जब मन भर जाए तो दूध वाला दल‍िया आपके लिए बेहतरीन विकल्‍प साबित होगा। 

दल‍िया और दूध को मिलाकर खाने के फायदे से पहले जान लें कि दलिया आख‍िर है क्‍या ! दल‍िया को गेहूं को छोटे-छोटे टुकड़ों तोड़कर बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन, आयरन और फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है। दलिया से बनी डिश ज्यादातर लोग नाश्ते या डिनर में खाना पसंद करते हैं। नमकीन दल‍िया को सब्जियों के साथ बनाया जाता है तो कुछ लोग इसे मीठा भी पसंद करते हैं। वैसे चीनी की जगह दल‍िया को स‍िर्फ दूध के साथ भी लिया जा सकता है। दूध वाला दल‍िया देखकर अगर आप मुंह बना लेते हैं तो जान लें ये आपकी चौड़ी कमर को दुबला करने में मदद कर सकता है। जानें इसके फायदे -

यहां जानें दूध में बना दलिया खाने के 5 फायदे - 

1. वजन कम करता है
एक कटोरी दलिया खाने से वजन घटाने में मदद मिलेगी। दलिया में फाइबर काफी मात्रा में होता है। इसलिए दल‍िया खाने से पेट अच्छी तरह भर जाता है। ऐसे में पेट देर तक भरा रहता है और हम कुछ भी ज्‍यादा खाने से बच जाते हैं। 


2. एनर्जी का सोर्स 
दलिया पेट में आसानी से पच जाता है। एक कटोरी दलिया अगर रोज सुबह खाया जाए तो पेट तो देर तक भरा रहेगा ही, इसके अलावा शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलेगी। 


3. कब्ज से राहत 
यदि आप कब्ज की समस्या से जूझ रहें हैं तो दूध वाला दलिया आपकी परेशानी को दूर करेगा। दलिया में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन को ठीक रखने में मदद करता है और कब्ज से बचाता है। नियमित दलिया खाने से पेट में कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।


4. शुगर के मरीजों के लिए 
डायबिटीज के मरीजों के लिए एक कटोरी दलिया का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट्स मौजूद होते हैं और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह ब्लड में ग्लूकोज को कम मात्रा में रिलीज कर ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है। 


5. द‍िल के लिए बेहतर 
रोजाना दलिया खाने से कॉर्डियोवैस्कुलर बीमारियां दूर रहती हैं। इसके अलवा दलिया उच्च कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को 21 प्रतिशत तक कम करता है। दलिया धमनियों को ब्लॉक होने से बचाता है और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है।

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

डॉक्टर के चक्कर लगा कर हो चुके है परेशान, तो इससे शुगर जैसे रोग को करे जड़ से खत्म

डॉक्टर के चक्कर लगा कर हो चुके है परेशान, तो इससे शुगर जैसे रोग को करे जड़ से खत्म


इसमें कोई शक नहीं कि आज के समय में शुगर एक ऐसी बीमारी है, जो हर घर में आसानी से देखने को मिल जाती है. जी हां आज के समय में हर एक घर में किसी न किसी व्यक्ति को ये बीमारी तो होती ही है. ऐसे में इसकी सबसे बड़ी वजह इंसान की बदलती दिनचर्या है. इसके इलावा भोजन में मिलावट इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है, कि इससे बच पाना मुश्किल होता जा रहा है. इसलिए आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने वाले है, जिसे एक बार तो आपको जरूर आजमाना चाहिए. जी हां अगर आप बार बार डॉक्टर के चक्कर नहीं काटना चाहते तो यकीनन इस उपाय को जरूर आजमाएंगे.

बता दे कि इस उपाय से आपकी शुगर की समस्या काफी हद तक खत्म हो जायेगी. अब इसमें तो कोई दोराय नहीं कि शुगर का रोग हर इंसान के लिए किसी नासुर से कम नहीं होता. ऐसे में वो इससे छुटकारा पाने के लिए लाखो रूपये दवाईयों पर खर्च कर देता है. बरहलाल पुरुष हो या स्त्री, लेकिन ये रोग हर किसी में पाया जाता है. तो चलिए अब आपको इस शुगर विनाशक उपाय के बारे में जरा विस्तार से बताते है.

इसमें सबसे पहले आपको 250 ग्राम इन्द्रजौ कड़वा, 250 ग्राम ही बादाम, 250 ग्राम भुने हुए चने आदि सामग्री लेनी है. यहाँ इस बात का ध्यान रखे कि आपको इन्द्रजौ तल्ख यानि कड़वा ही लेना है और अगर आपको इसके बारे में जानकारी न हो तो आप किसी भी दुकान पर जाकर इसके बारे में पूछ सकते है. इसके इलावा भुने हुए चनो में इस बात का ध्यान रखे कि चने छिलके वाले ही लेने है.

बता दे कि इस उपाय की ज्यादा मात्रा लेने से आपका शुगर लेवल कम भी हो सकता है. इसलिए जितनी मात्रा बताई गई है, केवल उतनी ही ले. गौरतलब है कि अब इन तीनो चीजों को अलग अलग कूट लीजिये, यानि इनका धुरधुरा पाउडर बना लीजिये और फिर इन्हे कांच के एक जार में रख दीजिये.

बता दे कि खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच लेकर दिन में केवल एक बार ही सादे जल के साथ इसका सेवन करे. जी हां बता दे कि इस उपाय का परिणाम आपको अच्छा ही मिलेगा और अगर आपका कोई दोस्त इस रोग से पीड़ित है तो उसे भी ये उपाय एक बार जरूर आजमाने को कहिएगा.

इसके साथ ही आपके लिए ये जान लेना भी बेहद जरुरी है कि ये उपाय उन लोगो के लिए लाभकारी होगा, जिन्हे इन्सुलिन न लगती हो. जी हां यानि अगर इस समय आप इन्सुलिन लगवा रहे है, तो कृपया इस उपाय को मत कीजियेगा, लेकिन अगर आप इन्सुलिन नहीं लगवा रहे, तो बेझिझक इसका इस्तेमाल कर सकते है.

बरहलाल आज कल शुगर हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. ऐसे में आप उन्हें ये चमत्कारी, सरल और सस्ता उपाय बता कर उन्हें एक नया जीवन दे सकते है.

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

इस पौधे का हर अंग दवा है गठिया को तो ये 21 दिन में समाप्त कर सकता है

इस पौधे का हर अंग दवा है गठिया को तो ये 21 दिन में समाप्त कर सकता है


वैसे तो ये पौधा हर जगह देखने को मिल जाता है लेकिन इसके उपयोग की जानकारी कम लोगो को है तो यहाँ हम आपको इसके प्रयोग की जानकारी दे रहे है. आक-अर्क के पौधे, शुष्क, ऊसर और ऊँची भूमि में प्राय: सर्वत्र देखने को मिलते हैं।

इस वनस्पति के विषय में साधारण समाज में यह भ्रान्ति फेंली हुई है कि आक का पौधा विषेला होता है तथा यह मनुष्य के लिये घातक है। इसमें किंचित सत्य जरूर है क्योकि आयुर्वेद संहिताओं मे भी इसकी गणना उपविषों में की गई है। यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में कर लिया जाये तो, उलटी दस्त होकर मनुष्य यमराज के घर जा सकता है।
इसके विपरीत यदि आक का सेवन उचित मात्रा में, योग्य तरीके से, चतुर वैद्य की निगरानी में किया जाये तो अनेक रोगों में इससे बडा फायदा होता है। इसका हर अंग दवा है, हर भाग उपयोगी है एवं यह सूर्य के समान तीक्ष्य। तेजस्वी और पारे के समान उत्तम तथा दिव्य रसायन धर्मा हैं।
इसका रूप, रंग, पहचान : यह पौधा अकौआ एक औषधीय पादप है। इसको मदार, मंदार, आक, अर्क भी कहते हैं. इसका वृक्ष छोटा और छत्तादार होता है. पत्ते बरगद के पत्तों समान मोटे होते हैं। हरे सफेदी लिये पत्ते पकने पर पीले रंग के हो जाते हैं.
इसका फूल सफेद छोटा छत्तादार होता है। फूल पर रंगीन चित्तियाँ होती हैं. फल आम के तुल्य होते हैं जिनमें रूई होती है। आक की शाखाओं में दूध निकलता है। वह दूध विष का काम देता है. आक गर्मी के दिनों में रेतिली भूमि पर होता है। चौमासे में पानी बरसने पर सूख जाता है।

इसके 9 अद्भुत फ़ायदे :

1. आक के पौधे की पत्ती को उल्टा (उल्टा का मतलब पत्ते का खुदरा भाग) कर के पैर के तलवे से सटा कर मोजा पहन लें. सुबह और पूरा दिन रहने दे रात में सोते समय निकाल दें। एक सप्ताह में आपका शुगर लेवल सामान्य हो जायेगा। साथ ही बाहर निकला पेट भी कम हो जाता है।

2. आक का हर अंग दवा है, हर भाग उपयोगी है। यह सूर्य के समान तीक्ष्ण तेजस्वी और पारे के समान उत्तम तथा दिव्य रसायनधर्मा हैं। कहीं-कहीं इसे ‘वानस्पतिक पारद’ भी कहा गया है। आक के कोमल पत्ते मीठे तेल में जला कर अण्डकोश की सूजन पर बाँधने से सूजन दूर हो जाती है. तथा कडुवे तेल में पत्तों को जला कर गरमी के घाव पर लगाने से घाव अच्छा हो जाता है।

3. इसके कोमल पत्तों के धुंए से बवासीर शाँत होती है. आक के पत्तों को गरम करके बाँधने से चोट अच्छी हो जाती है. सूजन दूर हो जाती है. आक की जड के चूर्ण में काली मिर्च पिस कर मिला ले और छोटी छोटी गोलियाँ बना कर खाने से खाँसी दूर होती है।

4. आक की जड की राख में कडुआ तेल मिलाकर लगाने से खुजली अच्छी हो जाती है. आक की सूखी डँडी लेकर उसे एक तरफ से जलावे और दूसरी ओर से नाक द्वारा उसका धूँआ जोर से खींचे सिर का दर्द तुरंत अच्छा हो जाता है।

5. आक का पत्ता और ड्ण्ठल पानी में डाल रखे उसी पानी से आबद्स्त ले तो बवासीर अच्छी हो जाती है। आक की जड का चूर्ण गरम पानी के साथ सेवन करने से उपदंश (गर्मी) रोग अच्छा हो जाता है। उपदंश के घाव पर भी आक का चूर्ण छिडकना चाहिये। आक ही के काडे से घाव धोवे।

6. आक की जड को पानी में घीस कर लगाने से नाखूना रोग अच्छा हो जाता है. आक की जड छाया में सुखा कर पीस लेवे और उसमें गुड मिलाकर खाने से शीत ज्वर शाँत हो जाता है.

7. आक की जड 2 सेर लेकर उसको चार सेर पानी में पकावे जब आधा पानी रह जाय तब जड निकाल ले और पानी में 2 सेर गेहूँ छोडे जब जल नहीं रहे तब सुखा कर उन गेहूँओं का आटा पिसकर पावभर आटा की बाटी या रोटी बनाकर उसमें गुड और घी मिलाकर प्रतिदिन खाने से गठिया बाद दूर होती है। बहुत दिन की गठिया 21 दिन में अच्छी हो जाती है।

8. आक का दूध पाँव के अँगूठे पर लगाने से दुखती हुई आँख अच्छी हो जाती है। बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से जाते रहते हैं। बर्रे काटे में लगाने से दर्द नहीं होता। चोट पर लगाने से चोट शाँत हो जाती है।

9. जहाँ के बाल उड़ गये हों वहाँ पर आक का दूध लगाने से बाल उग आते हैं। लेकिन ध्यान रहे इसका दूध आँख में नहीं जाना चाहिए वर्ना आँखें खराब हो जाती है। उपरोक्त कोई भी उपाय अपनी ज़िम्मेदारी पर सावधानी से ही करें।

सोमवार, 22 मई 2017

अगर आप डायबिटीज के रोगी है तो यह अवश्य पढ़ें

अगर आप डायबिटीज के रोगी है तो यह अवश्य पढ़ें


इन दिनों शुगर यानी मधुमेह एक बहुत ही आम बीमारी बन चुकी है, इसके होने का सबसे खास कारण यह ही कि हमारे ख़ानपान बिलकुल भी अच्छा नहीं है और हम अपने खान पान पर जरा भी कंट्रोल नहीं करते। जिस किसी को भी मधुमेह की बीमारी होती है उसके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। आपको बता दें कि अब तक सुगर को जड़ से खत्म करने का कोई इलाज नहीं मिला है लेकिन हम खून में रक्त शर्करा की मात्र को कम करके इस बीमारी से निजात पा सकते हैं।

बहुत से लोगो को यह नहीं पता होता है कि डायबिटीज दो टाइप्स की होती है

जिसमे से एक में हमारी बॉडी में इन्सुलिन नहीं बनता, इसे हम type – 1 diabetes भी कहते है और दूसरी में हमारे शरीर में इंसुलिन उस मात्र में नहीं बन पता जितनी हमें जरूरत होती है या फिर ऐसा होता है कि जो इंसुलिन हमारे शरीर में बनता है वो काम नहीं करता, इसे type – 2 diabetes कहते है। बहुत से लोगो में high sugar की समस्या होती है और कई लोगो को low sugar की समस्या होती है।

इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की आप सुगर को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।

करेले का जूस शुगर के उपचार में होता है लाभदायक:- बता दें कि करेला खून में शर्करा के प्रभाव को कंट्रोल करने में काफी सहायक होता है।   करेला दोनों टाइप के मधुमेह के उपचार में फायदेमंद होआ है। अगर आपको भी सुगर की समस्या है तो आपको   करेले का जूस सुबह खाली पेट पीना चाहिए।अगर आप जूस नहीं पी सकते तो भोजन में भी करेला का सेवन कर सकते हैं।  

आंवले डायबिटीज को करता है कम:- २ से 3 आंवले लेकर उसके बीज निकाल ले इसके बाद आंवले को पीस ले और पेस्ट बना ले। अब साफ़ कपडे में इस पेस्ट को लेकर अच्छी तरह निचोड़ ले और इसका रस निकाल लें अब 1 कप पानी मिला कर इसको रोज़ पियें।

आम के पत्तो से शुगर ठीक करने के उपाय :- आम के पत्तों भी सुगर को कर करने की आयुर्वेदिक दवा के रूप में प्रयोग कर   सकते है। आप रोक रात में 10 से 12 आम के पत्तों 1 गिलास पानी भिगो कर   रख दे, अब इसके पानी को पियें। इसके अलाव आप आम के पत्तो को छाओं में सुखा कर पीस ले और रोजाना आधा चम्मच पाउडर दिन में  बार ले।      

शुगर के उपचार में एलोवेरा होता है बहुत लाभदायक:- एलोवेरा भी शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। अगर आप रोज़ एलोवेरा   का सेवन करेंगे तो कुछ दिनों में ही आपकी सुगर कंट्रोल में आने लगेगी।   रात में एलोवेरा पत्तों को 1 गिलास पानी मे भिगने के लिए रख दे   और इसको रोज़ खाली पेट पियें। आप एलोवेरा के पत्तों का रस निकाल कर भी पी सकते है और इसकी सब्जी भी खा सकते हैं।

सोमवार, 24 अप्रैल 2017

बासी रोटी खाने के फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे, शेयर करें

बासी रोटी खाने के फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे, शेयर करें


अक्‍सर हम सभी के घरों में हर रोज 2-4 रोटी जरूर बच जाती है और उसे हम कूड़े में डाल देते हैं। पिछले जमाने में बासी रोटी को जानवरों के लिए रखा जाता था लेकिन अब शहरों में जानवर नहीं मिलते ऐसे में बहुत सारा अनाज हर रोज बर्बाद किया जाता है। ऐसे में आज हम आपको जो बताने जा रहे है उसे सुनकर शायद आप चौंक जाएंगे।

जी हां हम आपको बता दें कि जो बासी रोटी हम फेंक देते है उसे खाने से बहुत ही ज्यादा फायदा होता है ये खासकर उनके लिए है जो दिन भर भागदौड़ का काम करते है और उनको हाई बीपी का प्रॉब्‍लम है। ऐसे लोग अगर हर रोज सुबह गेहूं के 2 बासी रोटी को दूध में मिला कर खाएं तो उनका ब्लूड प्रेशर कंट्रोल हो जाता है और अगर आपको बीपी नहीं भी है तो कभी होने नहीं देता इसलिए आप हर रोज बसी रोटी जरूर खाएं और स्वस्थ्य रहें।

अगर आप सुबह कुछ न कुछ खा लेते हैं और फिर बाजार निकलते हैं तो गैस बनने लगता है अगर आप यही घर से निकलने से पहले सुबह सुबह अगर बासी रोटी दुध के साथ खा लेते हैं तो आपको गैस की प्रॉब्‍लम नहीं होती है। इस एसिडिटी से ही आपको तनाव और शुगर जैसी बिमारी का सामना करना पड़ता है। इसलिए जो लोग बासी रोटी साथ दूध का सेवन करके बाहर निकलते हैं उनका शुगर कंट्रोल में रहता है।

इतना ही नहीं जिन्‍हें पेट से संबंधित कोई समस्‍या है वो लोग अगर दूध के साथ बासी रोटी खाएं तो पेट की हर समस्या ठीक हो जाती है।

जिन्‍हें हाई ब्लड प्रैशर की समस्‍या है वो अगर रोज सुबह ठंडे दूध के साथ 2 बासी रोटी खाए तो शरीर का रक्त चाप संतुलित रहता है। इसके अलावा ज्यादा गर्मी के मौसम में भी इसका सेवन करने से शरीर का तापमान सही रहता है।