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सोमवार, 30 अक्तूबर 2017

जामुन के पत्तों का सेवन कर लिया तो कई बीमारियाँ हो जाएगीं रफूचक्कर

जामुन के पत्तों का सेवन कर लिया तो कई बीमारियाँ हो जाएगीं रफूचक्कर


जामुन का फल तो आपने जरूर खाया होगा लेकिन इतना भी तय है कि जामुन के पत्तों का कभी भी सेवन नही किया होगा । इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि किस प्रकार जामुन के पेड़ के पत्ते हमारे स्वास्थय के लिये अनमोल सिद्ध हो सकते हैं यदि उनको उचित प्रकार से सेवन किया जाये । चलिये जानते हैं एक बहुत ही अच्छी जानकारी के बारे में ।

1. यदि किसी को बवासीर की बीमारी हो तो जामुन के पत्तो को पीसकर गाय के ताजा दूध के साथ मिलाकर पीने से बवासीर की समस्या दूर हो जाती है।
2. जामुन के पत्तो का उपयोग हमारी पाचन क्रिया को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

3. यदि किसी को दाँतो या मसूड़ों से सम्बंधित कोई समस्या हो तो इसके लिए जामुन के पत्तों को सूखाकर जला लें फिर इसकी राख को मंजन के रूप में दाँतों और मसूड़ों पर हल्के हाथों से मालिश करें इससे दाँत और मसूड़े मजबूत हो जाएगें।
4. यदि किसी व्यक्ति को अफीम का नशा हो गया हो और उतर नहीं रहा हो तो उस व्यक्ति को जामुन के पत्तो का रस पानी में मिला कर पिलाने से नशा जल्दी ही उतर जाता है।

5. जामुन के पत्तो को यदि चबा-चबाकर खाया जाए तो इससे मुँह की दुर्गन्ध दूर हो जाती है।

शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017

क्या आप जानते हैं गुणकारी बादाम के फायदे, शेयर करें

क्या आप जानते हैं गुणकारी बादाम के फायदे, शेयर करें


सदियों से लोग बादाम का सेवन करते आ रहे है और इसके गुणों की तारीफ करते आ रहे है। और बादाम के फ़ायदे भी बहुत हैं | प्राचीन इजिप्तीयन और भारतीय लोग बादाम को अपने दैनिक आहार में भी शामिल करते थे। भारतीय प्राचीन आयुर्वेद के अनुसार बादाम दिमाग की स्मरण शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है और साथ ही दिमाग की क्षमता और बुद्धिमत्ता बढ़ाने में भी सहायक है।

प्राकृतिक, बिना नमक वाली बादाम स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होती है जिससे कई स्वास्थकारी लाभ भी होते है। बादाम मिनरल्स से भरपूर होती है और मेवो में बादाम को सबसे स्वास्थकारी माना गया है। रोज़ एक मुट्ठी बादाम के सेवन से भी आप अपने अपने ह्रदय को स्वस्थ रख सकते हो और बढ़ते वजन को भी रोक सकते हो। इसके साथ ही बादाम डायबिटीज और अल्झाइमर से लढने में भी सहायक है।

कभी भी इस डर में ना रहे की बादाम से चर्बी बढती है। बल्कि जब वजन कम करने की बात की जाये तो बादाम निश्चित ही आपके लिये फायदेमंद होंगी, इसमें ज्यादा मात्रा में कैलोरी होने के बावजूद यह वजन कम करने में सहायक है। अभ्यास से तो यह भी पता चला है की बादाम के सेवन से भूक भी कम लगती है और शरीर में भूक की कमी को भी पूरा करती है। जब डाइट करने वाले लोग बादाम का सेवन करते है तो वे एवरेज कैलोरी के लेने के प्रमाण को भी कम करते है।

1. ह्रदय संबंधी बीमारियों और हार्ट अटैक से बचाता है –
बादाम में पाये जाने वाले केमिकल कंपाउंड और एंटीओक्सिडेंट तत्व हमे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से बचाते है। बादाम हमारे शरीर में एंटीओक्सिडेंट तत्वों की कमी को पूरा करता है और बादाम में छिलकों में पाये जाने वाले कंपाउंड भी शरीर में विटामिन E की कमी को पूरा करते है और हमारे शरीर को स्वस्थ रखते है।

बादाम में ह्रदय संबंधी बीमारी और ह्रदय विकार को रोकने के गुण भी होते है। बादाम में अर्गेनिन, मैग्नीशियम, कॉपर, मेगनीज, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में होते है। जो कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के खतरे से शरीर को बचाते है और शरीर को स्वस्थ रखकर उसकी सुरक्षा करते है।

नब्ज की दीवारों में होने वाली हानि को भी बादाम रोकती है और हानिकारक प्लाक के निर्माण को रोकती है। बादाम ब्लडप्रेशर के लेवल को भी नियंत्रित रखती है। इसके साथ ही बादाम वजन को भी कम करने में सहायक है और साथ ही बादाम के सेवन से हार्ट अटैक और ह्रदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है।

2. दिमाग की क्रियाशीलता को स्वस्थ रखने में सहायक –
दिमाग के लिये उपयोगी खाद्य सामग्री में बादाम को सर्वश्रेष्ट माना जाता है। बादाम में राइबोफ्लेविन और एल-कार्निटीन जैसे दो महत्वपूर्ण न्यूट्रीशन होते है जो दिमाग की न्यूरोलॉजिकल कार्यविधि को सकारात्मक ढंग से प्रभावित करते है। और यही कारण है की माता-पिता बच्चो और युवाओ को बादाम खाने के लिये को जिद करती है। इसका एक और कारण यह भी है की बादाम के सेवन से डेमेंटिया और अल्झाइमर की समस्या भी नही होती।

3. त्वचा के स्वास्थ को नियंत्रित रखती है –
बादाम में विटामिन E होता है और इसके साथ ही त्वचा के लिये सहायक दुसरे एंटी-ओक्सिडेंट तत्व भी होते है। जिससे त्वचा में बुढ़ापे की समस्या दूर होती है। रिसर्च से यह भी पता चला है की बादाम के न्यूट्रीशन में कैतेचिन, एपिकैतेचिन और फ्लावोनोल और इसके साथ क्युरसेटिन, कैम्प्फेरोल और इसोरहमेंटिन जैसे कंपाउंड होते है जो त्वचा के कैंसर का निर्माण करने वाले हानिकारक विषाणुओं से लढते है। UV लाइट से होने वाले हानिकारक प्रभाव को भी बादाम कम करती है। बादाम त्वचा की हाइड्रेट रखती है।

4. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है और डायबिटीज से बचाती है –
बादाम MUFA से भरी हुई होती है जो शरीर में ग्लूकोस (शुगर) के निर्माण को धीमा करती है। ब्लड शुगर के खतरे को नियंत्रित करने के साथ-साथ बादाम इन्सुलिन प्रतिरोधक शक्ति को भी नियंत्रित करती है। बादाम डायबिटीज के खतरे को भी कम करती है, अस्वस्थ शरीर के वजन को कम करती है, सुजन और जलन और ऑक्सीकरण की चिंता को भी कम करती है।

5. वजन कम करने में सहायक और ज्यादा खाने को भी नियंत्रित करती है –
बादाम में पाये जाने वाले स्वास्थकारी फेट्स और डाइटरी फाइबर की वजह से आपको वजन कम करने में सहायता मिलती है। सभी मेवो में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है इसीलिए उन्हें खाने के बाद आपको तसल्ली मिलती है। और आपका ब्लड शुगर और ब्लडप्रेशर भी नियंत्रित रहता है।

नर्स हेल्थ स्टडी के अनुसार बादाम रसप्रक्रिया को भी सहायता करती है। ऐसे लोग जो अक्सर बादाम का सेवन करते है वे उन लोगो से दिमागी और शारीरक दोनों रूप से स्वस्थ रहते है जो बादाम का सेवन नही करते। दुसरे अभ्यास के अनुसार डाइट करने वालो को रोज़ बादाम का सेवन अवश्य करना चाहिये। इसके दैनिक सेवन से आपका शरीर स्वस्थ और तंदरुस्त रहता है।

6. दाँतो और हड्डियों की मजबूत बनाने में सहायक –
बादाम मिनरल्स और मैग्नीशियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्त्रोत है जो शरीर में पोशाक तत्वों का निर्माण करता है और हमारे दाँतो और हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। बादाम के पोषक तत्व से संबंधित होने वाले फायदों में यह भी शामिल है। जो हमारे दाँतो को मजबूत बनाता है और कैविटी से लढकर हड्डियों को मजबूत बनाती है।

7. पोषक तत्वों के अवशोषण को बढाती है –
शरीर को चर्बी का अवशोषण करने के लिये पर्याप्त मात्रा में फैट की जरुरत होती है, जैसे विटामिन A और D। बादाम को एक ऐसा मेवा माना जाता है जिससे कई बीमारियाँ दूर होती है तो शरीर का pH स्तर भी नियंत्रित रहता है। शरीर के स्वस्थ रहने के लिये एक स्वस्थ pH स्तर का होना बहुत जरुरी है। इसके साथ ही बादाम में पाये जाने वाले पोषक तत्व भी पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहायक है। बादाम में पाये जाने वाले पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को समान रखते है और हानिकारक एसिड के उत्पादन को रोकते है।

8. पाचक स्वास्थ को बढ़ाते है –
स्वस्थ फैट और क्षार के लिये – बादाम का रोज़ सेवन करना बहुत जरुरी है, विशेषतः बादाम का छिलकों का सेवन करना, जिसमे प्रोबायोटिक कंपोनेंट होते है। ये प्रोबायोटिक कंपोनेंट पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते है और हानिकारक बैक्टीरिया के विकास को रोकते है। और साथ ही पाचन तंत्र में हुई गड़बड़ी की वजह से शरीर में होने वाली समस्याओ से भी बादाम हमें बचाती है।

9. कैंसर और सुजन एवं जलन से लढने में सहायक –
बादाम में गामा-टोकोफ़ेरॉल का प्रमाण ज्यादा होता है, जो विटामिन E का ही एक प्रकार है, इसमें ज्यादा मात्रा में एंटीओक्सिडेंट होते है जो शरीर में होने वल्कि चिंता, तनाव, सुजन एवं जलन को दूर करते है और शरीर को कैंसर से भी बचाते है और कैंसर के हानिकारक बैक्टीरिया से लढते है। बहुत से अभ्यासों और रिसर्च से यह सिद्ध हुआ है की बादाम ब्रैस्ट कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर और मलाशय के कैंसर की समस्या को दूर करती है।

क्या आप जानते हो?

• बादाम का सर्वाधिक उत्पादन यूनाइटेड स्टेट में ही होता है।
• प्राचीन समय से ही इजिप्त से लेकर वर्तमान समय तक बादाम का उपयोग हमेशा से ही खाद्य पदार्थो और सौन्दर्य प्रसाधनो में किया गया है।
• बादाम असल में चेरी, बेर और आडू के जैसा ही एक फल है।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

सूर्य की लाल रश्मियों का सेवन करने वाले को कभी हृदय रोग नहीं होता

सूर्य की लाल रश्मियों का सेवन करने वाले को कभी हृदय रोग नहीं होता


सूर्य की लाल रश्मियों का सेवन क्यों जरुरी है ?

सूर्य पृथ्वी पर स्थित रोगाणुओं कृमियों को नष्ट करके प्रतिदिन रश्मियों का सेवन करने वाले व्यक्ति को दीर्घायु भी प्रदान करता है| सूर्य की रोग नाशक शक्ति के बारे में अथर्ववेद के एक मंत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सूर्य औषधि बनाता है, विश्व में प्राण रूप है तथा अपनी रश्मियों द्वारा जीवों का स्वास्थ्य ठीक रखता है, किन्तु ज्यादातर लोग अज्ञानवश अन्धेरे स्थानों में रहते है और सूर्य की शक्ति से लाभ नहीं उठाते | अथर्ववेद में कहा गया है कि सूर्योदय के समय सूर्य की लाल किरणों के प्रकाश में खुले शरीर बैठने से हृदय रोगों तथा पीलिया के रोग में लाभ होता है|

ध्यान रहे की सुर्य चिकित्सा दिखता तो आसान है पर विशेषज्ञ से सलाह लिये बिना ना ही शुरू करें। जैसा की हम जानते हैं कि सूर्य की रोशनी में सात रंग शामिल हैं .. और इन सब रंगो के अपने अपने गुण और लाभ है …
1. लाल रंग  :  यह ज्वार, दमा, खाँसी, मलेरिया, सर्दी, ज़ुकाम, सिर दर्द और पेट के विकार आदि में लाभ कारक है
2. हरा रंग  :  यह स्नायुरोग, नाडी संस्थान के रोग, लिवर के रोग, श्वास रोग आदि को दूर करने में सहायक है
3. पीला रंग  :   चोट ,घाव रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, दिल के रोग, अतिसार आदि में फ़ायदा करता है
4. नीला रंग  :  दाह, अपच, मधुमेह आदि में लाभकारी है
5. बैंगनी रंग  :   श्वास रोग, सर्दी, खाँसी, मिर्गी, दाँतो के रोग में सहायक है
6. नारंगी रंग  :  वात रोग . अम्लपित्त, अनिद्रा, कान के रोग दूर करता है
7. आसमानी रंग  :  स्नायु रोग, यौनरोग, सरदर्द, सर्दी- जुकाम आदि में सहायक है |

सूरज का प्रकाश रोगी के कपड़ो और कमरे के रंग के साथ मिलकर रोगी को प्रभावित करता है। अतः दैनिक जीवन मे हम अपने जरूरत के अनुसार अपने परिवेश एव कपड़ो के रंग इत्यादि मे फेरबदल करके बहुत सारे फायदे उठा सकते हैं। हमे जिस रंग की ज़रूरत हो हम उसका इस्तेमाल करके अपने रोग दूर कर सकते हैं । सुर्य चिकित्सा मे पानी, क्रिस्टल, सुर्य स्नान, सुर्य प्राणायाम, इत्यादि तरीके अपनाये जाते हैं

जो रोगी की बीमारी एवं दशा  देखकर निर्धारित किया जाता है। सूर्य नमस्कार योग तो अपने आपमे संपन्न योग है, इससे मिलने वाले लाभ से कोई भी अनभिज्ञ नही है। अब तो सूर्य मंत्रो को और सुबह जल- अर्घ्य को भी महत्वता मिलती जा रही है। जलार्पण के लिये भी निर्दिष्ट नियम हैं, और इसका पालन करके हम कई तरह के समस्याओ से निजात भी पा सकते हैं।

इस तरह हम कह सकते हैं कि आज के दौर मे सुर्य चिकित्सा हमारे जीवन के हरेक पहलू मे कारगर है, शायद इसी कारण से हमारे पुर्वजो ने सूर्य उपासना पर बल दिया था, ताकि हम रोज ही खुद को सुख समृद्धि के दिशा मे अग्रसित हो। सूर्य से निकलने वाली रोशनी में विटामिन डी होता है जिसकी कमी से शरीर में मेटाबोलिक हड्डियों की बीमारी हो जाती है जो युवाओं में होने वाली गंभीर बीमारी है। यह हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करता है। सूर्य के प्रकाश के लाभ सिर्फ विटामिन डी तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई अन्‍य लाभ भी होते हैं और कई दूसरी बीमारियों से भी बचाव होता है।

सूर्य उपासना के लाभ/फायदे

अच्‍छी नींद आती है :- धूप सेंककर आप रात में अच्‍छी नींद ले सकते हैं। दरअसल सूर्य की रोशनी में बैठने से शरीर में मेलाटो‍निन नाम का हार्मोन विकसित होता है जिससे रात में अच्‍छी नींद आती है। इस तरह अनिद्रा की बीमारी भी इससे दूर जाती है। यानी रात में बेहतर नींद के लिए सूर्य से प्‍यार कीजिए।
वजन घटायें :- वजन घटाने के लिए आप कई तरीके आजमाते और बहुत मेहनत भी करते हैं। लेकिन आप यह जानकर हैरान न हों कि वजन कम करने में सूर्य आपकी सहायता कर सकते हैं। दिन में धूप में बैठने से आपको वजन घटाने में सहायता मिल सकती है। एक शोध के मुताबिक यह बात सामने आई है कि सूर्य के प्रकाश और बीएमआई के बीच एक अच्‍छा सम्‍बंध होता है।
ठंड दूर भगाये :- अगर आप सर्दी से के मौसम में ठंड से कांप रहे हैं तो सूर्य की रोशनी में जाइये जनाब, यह एक प्राकृतिक अलाव है जो ठंड दूर करेगा और आपको बीमारियों से भी बचायेगा।
हड्डियां मजबूत बनायें :- हड्डियों को सही तरीके से पोषण न मिलने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों से संबंधित बीमारियां जैसे – गठिया, गाउट आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। जबकि सूर्य की रोशनी में बैठने से हड्डियां मजबूत होती हैं क्‍योंकि इसमें विटामिन डी होता है।
इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाये :- इम्‍यून सिस्‍टम अगर कमजोर हो जाये तो पेट संबंधित कई तरह के रोग हो जाते हैं, इसलिए इसे मजबूत बनाये रखना जरूरी है। धूप से शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत हो जाता है। सूर्य से निकलने वाली अल्‍ट्रावॉयलेट किरणें इम्‍यून सिस्‍टम की हाईपरएक्टिविटी को नकारती हैं और सोराईसिस जैसी बीमारियों से बचाव करती हैं।
उम्र बढ़ती है :- अगर आपकी चाहत लंबी उम्र पाने की है तो नियमित रूप से धूप से स्‍नान कीजिए। क्‍योंकि यह खून जमने, डायबिटीज एवं ट्यूमर को ठीक करता है, प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है एवं पैरों में खून जमने का खतरा बिल्कुल नहीं रहता। ठंडे क्षेत्र में शीतकाल में यह खतरा ज्यादा रहता है। यह डायबिटीज जैसी बीमारी से भी बचाव करता है और अन्‍य बीमारियों से बचाता है। अगर ये सारी समस्‍यायें न हों तो उम्र बढ़ेगी ही।
बांझपन दूर करे :- यदि पुरुष बांझपन के शिकार हैं तो उनके लिए सूर्य धूप रामबाण दवा की तरह है। धूप सेंकने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार आता है। खून में सूर्य धूप से मिले विटामिन डी के बढ़ने के कारण ऐसा होता है। इसके अलावा यह वियाग्रा दवा की भांति भी काम करता है। यह टेस्टोस्टोरेन हार्मोन के स्राव को भी बढ़ाता है।
दिमाग को स्‍वस्‍थ रखे :- सूर्य से निकलने वाले प्रकाश में मौजूद विटामिन डी से दिमाग स्वस्थ रहता है। विटामिन डी भविष्‍य में होने वाली बीमारी सीजोफ्रेनिया (पागलपन की बीमारी) के खतरे को कम करता है। यह दिमाग को स्वस्थ रखता है और इसके संतुलित विकास में सहायता प्रदान करता है। गर्भवती महिला के धूप सेंकने से यह लाभ बच्‍चे को भी मिलता है।
दिल के रोगों से बचाये :- सूर्य से मिलने वाले विटामिन डी से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती है और कैंसर का खतरा कम होता है। यह मेटाबॉलिज्‍म को सुधारता है जिससे मधुमेह एवं हृदय रोग काबू में रहते हैं। धूप दिल की बीमारियों को रोकने में मददगार होता है।
सूर्य की किरणें मनुष्य के रक्तचाप को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं जिससे दिल के दौरे का ख़तरा बहुत सीमा तक कम हो जाता है।

बुधवार, 4 जनवरी 2017

हर दिन एक चम्मच लहसुन-शहद का मिश्रण खाने से कई बीमारियां होती हैं छूमंतर

हर दिन एक चम्मच लहसुन-शहद का मिश्रण खाने से कई बीमारियां होती हैं छूमंतर


लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसके सेवन से कई चमत्कारिक लाभ होते हैं। यह खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही कई बीमारियों को भी आपसे दूर करता है। उसी तरह अगर हम शहद की बात करें तो यह भी स्वास्थ्य के लिए अमृत ही है। एक ऊँगली शहद चाटने मात्र से कई बीमारियां छूमंतर हो जाती है।

अब आप ही सोचिये, जब ये दोनों अलग-अलग होकर इतना कुछ कर सकते हैं तो साथ मिलकर तो क्या ही कमाल करेंगे। शहद एंटी बैक्टीरियल और एंटी बायोटिक गुणों से भरपूर होता है तो लहसुन में एलिसिन और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। चिकित्सकों का मानना है कि लहसुन की एक कली को शहद में मिलाकर खाने मात्र से कई बीमारियों में राहत मिलती है। तो आइये जानते हैं इन बीमारियों के बारे में। 

वजन होगा कम 
लहसुन और शहद मिलकर शरीर में जमे वसा को कम करते हैं। जिसके परिणामस्वरुप वजन भी कम होता है।
संभाले दिल को 
इनके सेवन से हृदय संबंधी समस्याओं को भी कम किया जा सकता है। ये कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन के सुचारू रूप से संचालन में सहायक होते हैं।
शरीर से टॉक्सिन्स को करे बाहर
इन दोनों को प्राकृतिक डिटॉक्स माना जाता है। ये शरीर को अंदर से साफ़ करते हैं और बीमारियों को शरीर से दूर रखते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये
शहद और लहसुन आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करते हैं, जिससे आपका शरीर बेहतर तरीके से रोगों से लड़ पाता है।
खिच-खिच को कहें अलविदा 
'विक्स की गोली लो खिच-खिच दूर करो' ये तो आपने सुना ही होगा। लेकिन मैं आपसे कह रही हूँ कि अदरक-लहुसन से खिच-खिच को दूर करें। इनके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की खराश और उससे सम्बंधित अन्य रोगों को दूर करते हैं।
सर्दी-जुकाम में दे राहत 
शहद और लहसुन दोनों ही गर्म प्रवृत्ति के होते हैं और ये आपके शरीर को भी गर्मी प्रदान करते हैं। इसलिए इनके सेवन से सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक हो जाते हैं।  
कैंसर से लड़ने में सहायक 
जैसा हमने पहले ही बताया कि इनमे एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। लहसुन और शहद में मौजूद ये एंटी-ऑक्सीडेंट कैंसर से उपचार में मदद करते हैं।
फंगल इन्फेक्शन को करें बाय-बाय
फंगल इन्फेक्शन एक बहुत ही आम समस्या है और यह किसी को भी कभी भी हो सकती है। लेकिन अगर लहसुन और शहद का सेवन करेंगे तो यह समस्या नहीं होगी। इनमे एंटीबेक्टेरियल गुण होते हैं जो फंगल इन्फेक्शन से बचाव करते हैं।  
दाँतों को करे मजबूत
इसमें फास्फोरस होता है जो दाँतों को मजबूती प्रदान करता है। इसके अलावा इससे अन्य ओरल प्रोब्लम्स भी खत्म होती है।  
खाली पेट सेवन करना है बेहतर
लहसुन और शहद के मिश्रण को सुबह उठकर खाली पेट खाना ज्यादा फायदेमंद होता हैं। ऐसा करने से आपको दिनभर काम करने के लिए ढेर सारी एनर्जी मिल जाएगी और आप बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे। 

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

अपने बच्चे के टेढ़े-मेढ़े दांतो को इन 3 तरीकों से करें सीधे

अपने बच्चे के टेढ़े-मेढ़े दांतो को इन 3 तरीकों से करें सीधे


बच्चों के दांतों में समस्याएं सामान्य तौर पर देखी जाती हैं, चाहे वह दांतों में सड़न हो, या दांतों का टेढ़ा-मेढ़ा होना। सामान्यतौर पर, बच्चों के दांतों में यह समस्या तब देखी जाती है, जब उनके दूध के दाँत टूटने लगते हैं, और जो नए दाँत निकलते हैं वह बिल्कुल टेढ़े-मेढ़े आकार में होते हैं। हालाँकि, ऐसे दांतों के कारण बच्चों को बहुत समस्या होती है, खासकर खाने या ब्रश करने में। क्योंकि, इस तरह के दांतों के साथ आप अच्छे से ब्रश भी नहीं कर पाते हैं और दांतों में गंदगी जमा रहती है, जिसके कारण दांतों की समस्यायें होने लगती हैं। इतना ही नहीं, इस दांतों की जबड़ें अच्छी तरह से जुड़े नहीं होते हैं, इसलिए इनसे चोट भी लग सकती है।

ऐसे में, आप कुछ घरेलू उपाय के जरिए इसे ठीक कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

ब्रेसेज का उपयोग किए बिना- 

ब्रेसेज से टेढ़े-मेढ़े दांत इसलिए सीधे हो जाते हैं, क्योंकि ब्रेसेज दांतों पर दबाव डालता है और उसे बनाये रखता है। ऐसे में, आप चाहें तो हमेशा अपने दांतों पर दवाब बना कर रखें। जिससे कि दांत सीधे होने लगेंगे।  

जीभ का उपयोग करें- 

यदि आप ब्रेसेज का उपयोग नहीं कर रहीं हों तो उसके लिए आप अपने जीभ का प्रयोग कर सकती हैं। जीभ का प्रयोग आप अपने दांतों पर करें, इसके लिए आप अपनी जीभ से टेढ़े-मेढ़े दांतों पर दबाव डालें। यह ध्यान रहे कि जीभ से दांत पर निरंतर और लगातार दबाव डालना है, नहीं तो फायदा नहीं होगा।

उंगली का प्रयोग करें- 

जीभ की तरह दांतों को सीधा करने के लिए आप उंगली का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी उंगली से दांत पर निरंतर दबाव डालना होगा। उंगली से दबाव बनाना बहुत आसान है और आप इसे हर जगह प्रयोग भी कर सकते हैं।

इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखें कि आप जब भी दांतों को दबा रहें हों तब वह सही तरीके से दबा होना चाहिए। क्योंकि, गलत तरीकों से दवाब डालने से, दांतों और मसूड़ों की समस्या शुरू हो सकती है।

मंगलवार, 4 अक्तूबर 2016

काजू खाने के 10 बेहतरीन फायदे जान दंग रह जायेंगे आप, जरूर पढ़े

काजू खाने के 10 बेहतरीन फायदे जान दंग रह जायेंगे आप, जरूर पढ़े

काजू (cashew) खाने के 10 बेहतरीन फायदे :

हड्डियों को मजबूत रखता है – काजू में प्रोटीन (protein) बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है , जो आप के हड्डियों को मजबूत बनये रखता है।
बालो के मजबूती – काजू में कॉपर (Copper) होता है जो बालो में मजबूत बनता है।
मजबूत मसूड़े – काजू खाने से मंसुड़ो के तकलीफ से दूर होती है और साथ हि साथ चमकदार बनाने में मददगार साबित होता है।
खुबसुरत चेहरे के लिए – काजू को भिगो के इसे पिस कर इसका लेप तयार कर इसे आपने चेहरे पर लगाए , इससे आपके चेहरे पर निखर बरकरार रहेगी। इसके regular इस्तेमाल से त्वचा में रौनक आयेगी। 
कैंसर के लिए कारगर – काजू में पाये जाने वाले ingredients और chemical कैंसर से लड़ने में कारगर सिद्ध होते है।
हृदय को स्वस्थ रखता है – रिसर्च में पाया गया है की काजू हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में बड़ा ही अहम योगदान देता है।
मोटापा – काजू खाने से आपका वज़न नियंत्रण में रहता है, परन्तु इस बात का भी धयान रखे की जरूरत से जायदा खाने से इसका उल्टा असर पर सकता है और weight gain भी हो सकता है।
मधुमेह  – हाल ही में रिसर्च के मुताबिक काजू के लगातार इउपयोग करने से डायबिटीज का खतरा कम होता है और अगर आपको already diabetes है तो उसको बढ़ने से रोकता है।
दाँत – काजू दाँतों और मसूड़ो को स्वास्थ रखता है। इसके regular इस्तेमाल से दातों को मजबूती मिलती है। इसमें उपलब्ध chemicals दातों को झड़ने से बचाते है। 
मर्दाना ताकत – काजू खाने से धातु पुष्ट और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने से वीर्य गाढा होता है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी सम्भोग शक्ति कई गुना बढ़ जाती है

शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

 हर रोग में काम आ सकता है निम्बू।

हर रोग में काम आ सकता है निम्बू।


1. कब्ज :- कब्ज रोग के बारे में आपको बता दू यह ऐसा रोग है जो सब बीमारियो को जनम देता है , इसलिए कब्ज के बारे में कभी लापरवाही से काम ना ले । एक निम्बू का रस गरम पानी में डालकर रात को सोते समय पी लो पेट सुबह साफ़ हो जायेगा । एक निम्बू का रस ओर शक्कर मिलाकर एक मास तक सुबह उठकर पीने से पुरानी कब्ज भी दूर हो जाती है ।
2. पेचिश :- पेचिश के रोगी को दूध में निम्बू निचोड़कर पीना चाईए ,इससे पेचिश में आराम मिलता है ।
3. उल्टी तथा दिल मचलाना :- निम्बू काटकर थोडा गरम करके उस पर काली मिर्च और काला नमक डालकर चूसने से यह रोग ठीक हो जाता है ।
4. संग्रहणी :- पेट के भयंकर रोगो में संग्रहणी रोग की गिनती होती है । इस रोग के उपचार के लिए निम्बू बहुत ही गुणकारी माना गया है । इसके लिए आप एक कागज़ी निम्बू को बीच मेंसे काटकर उसमे जरा सी अफीम पीसकर भर दे । फिर उसे धागे से बांधकर हलकी आंच पैर गर्म करके उसका रस चूस लें। यह निम्बू दिन में तीन बार चूस ले और कम से कम एक सप्ताह तक इसका उपचार करने से संग्रहणी रोग से मुक्ति मिल जायेगी ।
5. सिर दर्द :- सिर दर्द होने पर निम्बू निचोड़ कर पीने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है । यदि सिर में चक्कर आ रहे हो तो गर्म पानी में निम्बू को निचोड़ कर पीने से यह रोग ठीक हो जाता है ।
जोड़ो का दर्द:- जोड़ो के दर्द के रोगियो को जिस स्थान पर दर्द हो रहा हो वहाँ पर निम्बु के रस कि मालिश करे । इससे दर्द ठीक हो जायेगा ।
6. गठिया :- एक गिलास पानी में एक कागज़ी निम्बू को निचोड़कर हर रोज सुबह उठते ही पी ले । इससे गठिया रोग ठीक हो जायेगा । यह उपचार चालीस दिन तक चलना चाहिए ।
7. चर्म रोग :- चर्म रोग में निम्बू अधिक लाभकारी सिद्ध हुआ है ।जैसे फोड़े ,फुंसी,दाद,खाज जैसे कई अन्य रोगो के लिए निम्बू का रस निकल कर लगाये तथा उस पर मालिश करते रहे और निम्बू का रस पानी में डालकर स्नान करने से चर्म रोग ठीक हो जाते है ।
8. सफेद बालों की समस्या :- आज युवा वर्ग कि सबसे बड़ी समस्या यही है ।कि उनके बाल जवानी कि आयु में ही सफेद होते जा रहे है । निम्बू का रस निकालकर उसमे पिसा हुआ आंवला मिलाकर नहाने से पहले बालों में मालिश करे तो आपके बाल सफेद होने से रुख जायेंगे तथा साथ ही बालों का झड़ना भी बंद हो जायेगा ।
9. मोटापा :- एक निम्बू ,थोडा नमक , २५० ग्राम हल्का गर्म पानी मिलाकार सुबह उठकर पीने से मोटापा कम हो जायेगा ।
10. ब्लड प्रेशर (रक्त चाप ):- ह्रदय की कमजोरी को दूर करने के लिए निम्बू का प्रयोग बहुत जरूरी है । इसके निरंतर प्रयोग से रक्त वाहनियों में लचीलापन तथा कोमलता आ जाती है ,हाई ब्लड प्रेशर के रोगियो के लिए निम्बू बहुत लाभकारी है ।
11. दाँतो के रोग :- दन्त के रोगो के लिए , निम्बू के छिलको को धूप में सुखाकर अच्छी तरह पीसकर मंजन की जगह काम में ले इससे दांत तो साफ़ हो ही जायेंगे साथ ही मुँह की बदबू भी समाप्त हो जायेगी ।