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मंगलवार, 1 मई 2018

रोज सुबह खाली पेट गुड़ और पानी का सेवन करने से होते हैं इतने फायदें

रोज सुबह खाली पेट गुड़ और पानी का सेवन करने से होते हैं इतने फायदें


हमारे देश में कई ऐेसे लोग हैं जिनको मीठा खाने का बहुत शौक होता है लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जो ये सोचते हैं कि मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है. जिसके डर से वह मीठा नहीं खाते लेकिन आप मीठा खाने के शौक को पूरा करना चाहते हैं और अपनी हेल्थ के साथ समझौता नहीं करना चाहते तो गुड़ आपके लिए एक अच्छा  विकल्प है तो आइये जानते हैं गुड़ खाने के अनेकों फायदे.

गुड़ को पहले जमाने में कई लोग खाया करते थे कई लोग तो रोटी के साथ ही गुड़ का सेवन करते थे. गुड़ और चीनी दोनों ही गन्ने की मदद से बनाए जाते हैं लेकिन दोनों मे फर्क इतना है कि जब चीनी को बनाया जाता है तो गन्ने में जो तत्व मिले होते हैं जैसे आयरन, कैलशियम, पोटेशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं जबकि गुड में विटामिन ‘ए’ और ‘बी’ भी पाए जाते हैं.

गुड़ खाने से कई फायदे होते हैं गुड़ को यदि रोज सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ खाया जाए तो उसके लाभ और भी बढ़ जाते हैं आपको बस इतना करना है कि सुबह उठते ही खाली पेट गुड़ के कुछ टुकड़े चबाने हैं और उसके बाद हल्का गर्म यानि गुनगुना पानी पीना है.  गुड़ और पानी लेने के बाद आधे घंटे तक कुछ नहीं खाना.

खाली पेट गुड़ और पानी पीने से होते हैं ये लाभ

कई लोगों को इतनी बीमारियां होती हैं कि रोज उनका पेट साफ नहीं होता जिसको लोग कब्ज कहते हैं. गुड़ और पानी का सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है.

2. जिन लोगों को हमेशा एसिडिटी या गैस की शिकायत हो रही है तो वो भी इस चीज का सेवन कर सकते हैं.

3. कई लोगों के हमेशा पेट में दर्द रहता है गुड़ और गर्म पानी का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है.

4. खून भी साफ होता है

5. इसके सेवन से मांसपेशिया मजबूत होती हैं

6.  रंग साफ हो जाता है

7. ये शरीर में खून के प्रवाह यानी ब्लड सर्कुलेशन को सामान्य रखता है जिसके बीमरियां नहीं लगती.

8. शरीर की चर्बी को भी काम करता है.

मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

खून साफ करने का चमत्कारी उपाय, इससे शरीर में भरी-पडी गंदगी सिर्फ़ 6 घंटे में बाहर निकल जाएगी

खून साफ करने का चमत्कारी उपाय, इससे शरीर में भरी-पडी गंदगी सिर्फ़ 6 घंटे में बाहर निकल जाएगी


रक्त या खून शरीर के करोड़ों सेल्स को ऑक्सीजन मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पहुँचाने का काम करता है और यही सेल्स हमारे स्वस्थ शरीर का निर्माण करते हैं। हमारे गलत खानपान से अधिक अम्लीय पदार्थ और नमक के सेवन से ये धीरे धीरे दूषित होता रहता है शरीर से विजातीय पदार्थ जैसे मल मूत्र आदि अगर सही से ना निकले तो भी ये गंदगी शरीर के रक्त में घुल जाती है। जिस कारण से अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं जिनमे चर्म रोग विशेष हैं इसलिए स्वस्थ और सुन्दर शरीर की कामना रखने वालों को अपने रक्त की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

खून को प्राकृतिक तरीके से साफ़ करने और शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकालने के लिए इन आहारो को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

रक्त या खून साफ करने के प्राकृतिक तरीके


👉 आंवला रक्त में बढ़ी हुई गर्मी को कम करता है रक्त में जमा मल विष को दूर कर रक्त शुद्ध करता है मांस में गर्मी बढ़ा कर मांस के मल को जलाता है। पेशी कोषों को शुध्द करता है। आंवला हर प्रकार शरीर की हर चीज़ की सफाई करता है। चर्म रोगों में लाभदायक है यह विटामिन सी का भण्डार है और नया रक्त बनाता है और शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है।

👉 बेल का चूर्ण और देशी बूरा सामन मात्रा में मिला कर पानी से फँकी ले खून साफ़ हो जायेगा।

👉 कच्चे दूध की लस्सी पीने से रक्त शुद्ध रहता है चार दिन दूध में शहद डालकर पीएँ।

👉 नीम्बू रक्त को शुद्ध करता है नीम्बू को फीके गरम पानी में दिन में तीन बार पीना चाहिए। पानी, चाय की तरह गर्म होना चाहिए।

👉 25 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगों दें इन्हे प्रात: पीसकर एक कप पानी में घोलकर प्रतिदिन पीते रहने से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है और खून साफ़ होता है।


👉 60 ग्राम करेले का रस एक कप पानी में मिलाकर नित्य कुछ दिन तक सेवन करने से शरीर का दूषित खून साफ़ हो जाता है।

👉 आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच पिसा हुआ आंवला मिला कर गर्म पानी से फंकी लेने से खून साफ़ होता है।

👉 नीम की पाकी हुयी दस निम्बोली नित्य चूसने से रक्तविकार ठीक हो जाता है।

👉 लाल टमाटर का रस सुबह शाम एक एक गिलास पीने से खून साफ़ होता है चर्म पर होने वाली छोटी छोटी फुंसियां खुजली त्वचा का रूखापन सूखापन तथा लाल चकते दूर हो जाते हैं।

👉 गाजर नारंगी अमरुद गन्ना बेर परवल पालक सेम यह खून शुध्द करती है इन चीजों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

शनिवार, 30 सितंबर 2017

फूलगोभी खाएं नियमित रूप से कभी नहीं होगी ये बीमारी जिससे अक्सर लोग मरते है

फूलगोभी खाएं नियमित रूप से कभी नहीं होगी ये बीमारी जिससे अक्सर लोग मरते है


फूलगोभी हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बेहतरीन स्वाद के अलावा यह तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह कैंसर से लेकर दिमाग की तमाम बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका नियमित सेवन खून को साफ रखने में मदद करता है। दिल संबंधी कई तरह की समस्याओं से निजात पाने के लिए फूलगोभी काफी लाभदायक खाद्य है। गर्भावस्‍था के दौरान फूलगोभी का सेवन काफी फायदेमंद होता है। गोभी में फोलेट काफी उच्‍च मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही साथ यह विटामिन ए और विटामिन बी से भी भरपूर होते हैं। जिससे यह कोशिकाओं को बढ़ने में मदद करते हैं। इससे गर्भ में पल रहे भ्रूण को काफी लाभ होता है। इसके अलावा भी फूलगोभी के कई फायदे हैं।

कैंसर में – फूलगोभी कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करती है। फेफड़े का कैंसर, स्‍तन कैंसर, ब्‍लैडर कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा गोभी के नियमित सेवन से कम हो जाता है।

पाचन के लिए – फूल गोभी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिसकी वजह से पाचन तंत्र सदैव दुरूस्त रहता है। पेट की हर समस्या के लिए फूलगोभी काफी लाभदायक होती है।

पोषक तत्वों से भरपूर – फूलगोभी में कई तरह के पोषक तत्व एक साथ पाए जाते हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और लौह तत्व के अलावा विटामिन ए, बी, सी, आयोडीन, और पोटैशियम भी पाए जाते हैं।

याद्दाश्त बढ़ाने में – फूल गोभी में काफी मात्रा में कोलिन तत्व पाया जाता है। कोलिन एक तरह का विटामिन बी होता है जो दिमागी विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। तेज दिमाग और तेज याद्दाश्त के लिए गोभी का सेवन बहुत फायदेमंद है।

लीवर के लिए – फूलगोभी लीवर में मौजूद एंजाइम्‍स को सक्रिय करती है। इससे लीवर दुरूस्त रहता है। साथ ही साथ यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर करने का भी काम करती है।

खून साफ करने में – खून साफ करने और चर्म रोगों से बचाने में गोभी बेहद फायदेमंद होती है। इसके लिए आप चाहें तो कच्ची गोभी या फिर इसका जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं। यह दोनों ही तरीके कारगर होंगे।

रविवार, 10 सितंबर 2017

हल्दी वाला पानी पीने के चमत्कारिक लाभ

हल्दी वाला पानी पीने के चमत्कारिक लाभ


हल्दी एक आयुवेर्दिक घरेलू औषधि है। हल्दी एंटी आॅक्सीडेंट भी होती है। जो कैंसर की भयानक बीमारी को बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। अमेरीका के वैज्ञानिकों ने हल्दी पर किए शोध में यह बात कही है कि हल्दी का इस्तेमाल करने से शरीर में एक तरह का करक्यूमिन नामक केमिकल बनता है जो भोजन को आसानी से पचाता है और पेट की सभी बीमारियों से आपको बचाता है। बीमारियों की मुख्य जड़ है पेट में परेशानी का होना। यदि आपका पाचनतंत्र मजबूत नहीं है तो हल्दी को रोज अपने खाने में इस्तेमाल करें।

हल्दी वाला पानी पीने के लाभ :

हल्दी वाला दूध के लाभ के बारे में आप तो जानते होगें। लेकिन हल्दी वाला पानी के बहुत फायदे हैं। आइये सबसे पहले जानते हैं हल्दी वाला पानी कैसे बनाया जाता है।

हल्दी वाला पानी बनाने की विधि :

सामग्री
  • आधा चम्मच हल्दी का चूर्ण
  • आधा कटा हुआ नींबू
  • एक गिलास गर्म पानी।
  • एक छोटी चम्मच शहद की।

बनाने का तरीका :

  • सबसे पहले पानी को गुनगुना कर लें।
  • इसके बाद आप उसमें एक नींबू को निचोड़ दें और उसे गर्म पानी में अच्छी तरह से मिला लें।
  • अब इसमें एक छोटी चम्मच शहद की मिला लें।
  • अब इसे अच्छी तरह से हिलाएं और इसका सेवन करें।

हल्दी वाले पानी पीने के फायदे :

भूलने की बीमारी और अल्जाइमर
जिन लोगों को अल्जाइमर और भूलने की बीमारी होती है उन्हें हल्दी वाला पानी पीने से बहुत फायदा मिलता है। और इन रोगों को कम किया भी जा सकता है।

दिमाग के लिए
गुनगुना हल्दी वाला पानी पीने से दिमाग तेज होता है। सुबह के समय हल्दी का गुनगुना पानी पीने से दिमाग तेज और उर्जावान बनता है।

खून की गंदगी
रोज यदि आप हल्दी का पानी पीते हैं तो इससे खून में होने वाली गंदगी साफ होती है और खून जमता भी नहीं है। यह खून साफ करता है और दिल को बीमारियों से भी बचाता है।

लीवर के लिए
लीवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए हल्दी का पानी किसी औषधि से कम नही है। हल्दी के पानी में टाॅक्सिस लीवर के सेल्स को फिर से ठीक करता है। हल्दी और पानी के मिले हुए गुण लीवर को संक्रमण से भी बचाते हैं।

कमजोर दिल के मरीजों के लिए
हार्ट की समस्या से परेशान लोगों को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए। हल्दी खून को गाढ़ा होने से बचाती है। जिससे हर्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है।

बढ़ती हुई उम्र को रोकता है
जब हल्दी के पानी में शहद और नींबू मिलाया जाता है तब यह शरीर के अंदर जमे हुए विषैले पदार्थों को निकाल देता है जिसके पीने से शरीर पर बढ़ती हुई उम्र का असर नहीं पड़ता है। हल्दी में फ्री रेडिकल्स होते हैं जो सेहत और सौर्दय को बढ़ाते हैं।

सूजन को रोकना
शरीर में किसी भी तरह की सजून हो और वह किसी दवाई से ना  ठीक हो रही हो तो आप हल्दी वाला पानी का सेवन करें। हल्दी में करक्यूमिन तत्व होता है जो सूजन और जोड़ों में होने वाले असाहय दर्द को ठीक कर देता है। सूजन की अचूक दवा है हल्दी का पानी।

कैंसर से बचाती है
कैंसर खत्म करती है हल्दी। हल्दी कैंसर से लड़ती है और उसे बढ़ने से भी रोक देती है। हल्दी एंटी.कैंसर युक्त होती है। यदि आप सप्ताह में तीन दिन हल्दी वाला पानी पीएगें तो आपको भविष्य में कैंसर से हमेशा बचे 

रविवार, 20 अगस्त 2017

माथे के इस प्वाइंट को केवल 45 सेकंड के लिए दबाएं और फिर देखे जादू !

माथे के इस प्वाइंट को केवल 45 सेकंड के लिए दबाएं और फिर देखे जादू !


आज के जमाने में बहुत से लोग ऐसे है, जो केवल दवाईयों पर जीते है. इसकी सबसे बड़ी वजह लोगो का गलत खान पान और कम मेहनत करना है. वैसे यदि दवाईयों की जगह योगा और एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल किया जाएँ तो यक़ीनन आप हर बीमारी से सुरक्षित रहेंगे. वही सर्जरी से होने वाले इलाज की बजाय अगर एक्यूप्रेशर की मदद से बिना दर्द वाला इलाज करवाया जाएँ तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए भी ज्यादा अच्छा रहेगा.

बरहलाल एक्यूप्रेशर का न कोई साइड इफ़ेक्ट होता है और न ही इसमें कोई परेशानी झेलनी पड़ती है. हालांकि एक्यूप्रेशर से होने वाले इलाज वक्त जरूर लेते है, पर साथ ही अपना अच्छा असर भी दिखाते है. जी हां ये इलाज सर्जरी की तरह जल्दी अपना असर नहीं दिखा पाते. ऐसे में हर रोगी को एक्यूप्रेशर के इलाज के दौरान धैर्य रखना चाहिए. वही अगर आप इस इलाज को जीवन भर के लिए अपना ले तो आप हमेशा के लिए बीमारियों से सुरक्षित हो जायेंगे.

इसलिए आज हम आपको एक्यूप्रेशर का एक ऐसा मशहूर इलाज बताने वाले है, जो आपके बेहद काम आएगा. इसके इलावा इस इलाज के बारे में जानने के बाद आप यक़ीनन मन ही मन में हमें शुक्रिया कहेगे. वैसे भी आज कल तनाव के कारण हर कोई परेशान है. यहाँ तक कि स्कूल जाने वाला छोटा सा बच्चा भी आज कल चिंता में रहता है. ऐसे में इस तनाव को कम करने के लिए हम आपको एक तरीका बता रहे है.

गौरतलब है कि इस इलाज के लिए सबसे पहले आपको अपनी तर्जनी ऊँगली को अपनी भौहों यानि आईब्रोस के बीचोबीच रखना है. इसके बाद इस प्वॉइंट को कम से कम 45 सेकंड तक मसलना है. फिर हल्की सी मसाज करनी है. मगर इस बात का ध्यान रखे कि जोर से इस प्वॉइंट को न दबाएं. बता दे कि इस प्वॉइंट को दबाने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है. दरअसल माथे के इस प्वॉइंट पर ही वो मासपेशिया होती है, जो हमारे तनाव वाले सेंस से जुडी होती है. ऐसे में इन्हे मलने से तनाव से मुक्ति मिलती है.

इसलिए यदि आप रोज सुबह और शाम केवल एक मिनट निकाल कर ये कार्य करेंगे, तो आप हमेशा तनाव मुक्त रहेंगे. इसके इलावा तनाव से जुडी कई बीमारियों जैसे नींद की कमी, अधिक गुस्सा आना, अचानक मूड का खराब हो जाना आदि से भी आप बचे रहेंगे. तो बिना सोचे आज ही ये कार्य शुरू कीजिये और तनाव को हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से बाहर निकाल दीजिये.

बुधवार, 2 अगस्त 2017

करोंदे या क्रैनबेरी के इस्तमाल से बढ़ेगा खून घटेगा कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल

करोंदे या क्रैनबेरी के इस्तमाल से बढ़ेगा खून घटेगा कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल


किडनी हमारे शरीर के बहुत महत्वपूर्ण अंग हैं जो हमारे शरीर से विषैले पदार्थ तथा गंदगी बाहर करते हैं। सही आहार, साफ़ पानी और शरीर की सफाई के बिना शरीर में विषैले पदार्थ बढ़कते हैं जो किडनी को भी कमज़ोर करते हैं। यह पथरी और किडनी के ख़राब होने जैसी बड़ी बीमारियों को भी जन्म देते हैं। इसलिए किडनी तथा पूरे शरीर को नियमित साफ़ करते रहना ज़रूरी है।

किडनी को साफ़ करना एक सरल प्रक्रिया है जिसमे आपको बहुत सारे साधनों की ज़रूरत नहीं। जब हो सके, भरपूर पानी पियें, यह अवांछित तत्वों को बाहर निकालकर शरीर में पानी की कमी पूरी करेगा। साथ ही, इन 5 पेयों के ज़रिये कुछ अतिरिक्त फायदे भी पाएं-

क्रैनबेरी के 7 फायदे :

  • क्रेनबेरी एक पौष्टिक फल है। करीब सौ ग्राम क्रेन बेरी के सेवन से दैनिक की ज़रूरत का 18% विटामिन सी, 18% मैंगनीज, 18% फाइबर और 8 % विटामिन ई मिलता है। यह खट्टा होता है और यह विटामिन सी का समृद्ध स्रोत है। विटामिन सी के सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विटामिन सी, लोहे के अवशोषण में भी सहायक है।
  • विटामिन सी और ई अच्छे एंटीऑक्सीडेंट हैं। एंटीऑक्सीडेंट वे पदार्थ हैं जो की शरीर की सेल्स को फ्री ऑक्सीजन (फ्री रेडिकल) के हानिकारक प्रभावों से बचाते है। शरीर में नहीं तो फ्री रेडिकल ऑक्सीडेटिव डैमेज करते है और बुढ़ापा तथा बिमारियों को बढ़ाते हैं।
  • क्रेनबेरी में कुछ बक्टेरिया के प्रति एंटी-ऐडहेशन anti-adhesion गुण हैं जिस कारण यह उन्हें शरीर में चिपकने नहीं देता। क्रेनबेरी जूस को पीने से यूरिनरी ट्रैक्ट में मौजूद बक्टेरिया पेशाब के रास्ते निकल जाते है। इसी प्रकार मुंह के अन्दर भी यह बैक्टीरिया नहीं पनपने देता जिससे दांतों की सड़न और मसूड़ों के इन्फेक्शन से बचाव होता है।
  • क्रेनबेरी के रोगों में बहुत लाभकारी है। यह मूत्रल है। क्रेनबेरी जूस पीने से बार-बार होने वाला यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यूटीआई रुकता है। ऐसा इसलिए है की एक तो यह पेशाब को एसिडिक कर देता है जिससे बक्टेरिया के लिए सही मीडियम नहीं रहता, दूसरा यह एंटी-ऐडहेशन गुण के कारण उन्हें शरीर से दूर करता है। तो जिन्हें यूटीआई अक्सर हो जाता है वे एक कप से लेकर एक गिलास का जूस रोजाना दिन में एक से दो बार 2 महीने तक करें।
  • क्रेनबेरी शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है और हृदय के लिए भी टॉनिक है। इसके सेवन से धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रोल और कैल्शियम के जमाव से उनका पतले होने का रिस्क कम होता है।
  • क्रेनबेरी में फाइबर भी होता है। क्रेनबेरी पेशाब के रोगों, बार-बार होने वाले यूटीआई, जुखाम-खांस, श्वसन रोगों, आदि में बहुत लाभप्रद है।
  • यह दांतों को मजबूती देता है। यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन में बहुत लाभप्रद है। यह विटामिन C की कमी को डोर करता है। यह फेफड़ों की सूजन में लाभप्रद है। यह एंटी-एजिंग है। त्वचा के लिए इसका सेवन फायदेमंद है। यह कील मुहांसों को दूर करता है। यह तासीर में गर्म और कफ को ढीला करता है।

सावधानी :

  • जो लोग खून पतला blood thinning करने की दवाएं लेते हों, उन्हें लम्बे समय तक क्रेनबेरी जूस का प्रयोग करने में सावधानी रखनी चाहिए। क्रेनबेरी का जूस दवा के प्रभाव efficacy और सेफ्टी को पर असर डालता है।
  • जिन लोगों को एस्पिरिन और खून पतला करने की दवाएं लेने की सलाह है वे क्रेनबेरी जूस ज्यादा मात्रा में न पियें।
  • क्रेनबेरी जूस में सेलसाईलिक एसिड होता है जो एस्पिरिन में भी होता है।
  • मधुमेह में क्रेनबेरी का जूस लाभप्रद है। लेकिन बाज़ार में मिलने वाले जूस में ज्यादा मात्रा में चीनी मिली होती है। इसलिए ऐसे जूस न पिए।
  • इसमें कैल्शियम और ऑक्ज़लेट calcium and oxalate होते हैं। जिन्हें स्टोंस oxalate stones का रिस्क है वे भी इसका सेवन बहुत ज्यादा मात्रा में न करें।
  • क्रेनबेरी जूस, जिसमें सौ प्रतिशत क्रेनबेरी हो वही पियें। जिन जूसों में ज्यादा मात्रा में चीनी और प्रीज़रवेटिव हैं उनको अधिक मात्रा में पीने से लाभ नहीं बल्कि हानि है। उदाहरण के लिए, ट्रोपिकाना का क्रेनबेरी डिलाइट नाम से एक जूस उपलब्ध है।

रविवार, 16 जुलाई 2017

हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे

हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे



हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे बेर के फायदे

1. बेर में कैंसर की कोशिका को बढ़ने एवं रोकने का गुण पाया जाता हैं जिसके द्वारा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव में मदद मिलती है
2. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बेर खाना चाहिए क्योंकि बेर में कैलोरी ना के बराबर होती है
3. बेर में 18 प्रकार के जरूरी एमिनो एसिड पाये जाते हैं, जो बॉडी में प्रोटीन के संतुलन को बनाए रखते हैं
4. बेर खाने से हम अनिद्रा वाली बीमारी से भी बच सकते हैं
5. मेडिकल रिसर्च के अनुसार बेर के सेवन से लो ब्लड प्रेशर , अनिमिया , लीवर आदि की परेशानी समाप्त होती हैं, इसे खाने से शरीर में ट्यूमर सेल्स पैदा नहीं हो पाता हैं
6. बेर में कैल्शियम एवं आयरन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं , इसीलिए बेर को खाने से आपकी हड्डी मजबूत होती हैं
7. बेर का जूस , खांसी और फेफड़ा से संबंधित बीमारी और फीवर के उपचार में बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं
8. बेर को लस्सी के साथ खाने से पेट का दर्द ठीक हो जाता हैं
9. बेर को प्राकृतिक रक्त शोधक के रूप में जाना जाता हैं, बेर को खाने से खून साफ होता हैं
10. बेर खाने से कब्ज की समस्या से भी बच सकते हैं, और पाचन-क्रिया भी मजबूत होती है
11. आयुर्वेद के अनुसार बेर दिल की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं, बेर खाने से कोलस्ट्रॉल नियंत्रित रहता हैं

शनिवार, 15 जुलाई 2017

परवल खाने के है अनेको स्वास्थ से जुड़े फायदे

परवल खाने के है अनेको स्वास्थ से जुड़े फायदे


हरी सब्जि‍यों में मशहूर परवल, भोजन में कई लोग पसंद के साथ खाते है और कई लोग इसको खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते। अतः जो लोग इसको खाना नहीं चाहते उनको इससे होने वाले स्वास्थ लाभ के बारे में नहीं पता होता है। परवल पौष्टिक सब्ज‍ियों में से एक है। इसमें बहुत प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

आइये जानते है कि यह सब्जी हमारी सेहत को किस प्रकार फायदा पहुँचाती है :

परवल में विटामिन-A, विटामिन-B1, विटामिन B2 और विटामिन-C के अतिरिक्त कैल्शियम उचित मात्रा में उपस्थित होता है, जो कि हमारे शरीर में कैलोरी की मात्रा को कम करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखता है। परवल पचाने में बहुत ही आसान होता है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर, लीवर और पेट के स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बहुत लाभकारी होता है।
  • परवल के बीज कोलेस्‍ट्रॉल और ब्‍लड शुगर लेवल को कम करने में मददगार होते हैं।
  • आयुर्वेद के अनुसार परवल की सब्जी खाने से आपके शरीर में खून की सफाई होती है। जिससे हमारा चेहरा कांतिमान बनता है ।
  • परवल के बीजों या उसकी पत्त‍ियों को पीस कर इसका पेस्ट सिरदर्द या शरीर के किसी भाग में होने वाले दर्द पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है।
  • परवल में उचित मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है, जो बढ़ती उम्र के निशानों जैसे झाइयो, झुर्रियों और बारीक रेखाओं को कम करके त्वचा में कसाव लाकर सुंदरता प्रदान करता हैं।
  • परवल खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं साथ ही इसका सेवन पीलिया जैसी बीमारी में भी बहुत लाभकारी होता है।
  • परवल हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे हमको बीमा‍रियों से लड़ने में मदद मिलती है। इसके सेवन से बुखार, खांसी, सर्दी, त्वचा के संक्रमण और घावों के उपचार करने में लाभ होता है।
  • यदि आप पेट में होने वाले सूजन से परेशान है तो नियमित रूप से एक महीने तक परवल कि सब्जी को अपने भोजन में शामिल करें इससे पेट के सूजन और पेट में पानी भरने की गंभीर समस्या में लाभ होगा।
  • परवल के पत्तों को पीस कर इसका लेप फोड़े और फुंसी पर लगाने से इन समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

शुक्रवार, 2 जून 2017

रसोई में मौजूद जीरे के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप

रसोई में मौजूद जीरे के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप


कई बीमारियों का इलाज हमारी रसोई में ही उपलब्ध होता है, जिससे हम पूरी तरह से अनभिज्ञ होते हैं। आज हम आप को ऐसी जादुई चीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आप की रसोई में ही उपलब्ध है और आप की कई बिमारियों को दूर करने की क्षमता है इसमें। 'जीरा' हम सबकी रसोई में आसानी से उपलब्ध होता है। पर हम इसके फायदों से अनजान हैं। तो जानते हैं कि, जीरे को उबाल कर छानने के बाद जो पानी बचता है वो हमारे लिए कैसे फायदेमद हैं.....
  • जीरे का पानी पीने से वजन कम होता है। रेग्युलर पीने से बॉडी का एक्स्ट्रा फैट कम होता है। इससे वेट लॉस तेजी से होता है।
  • जीरे का पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है। मसल्स रिलेक्स होता है और पेन दूर होता है।
  • जिन्हें स्किन प्रॉब्लम है उनकी स्किन हेल्दी हो जाती है। यह वेस्ट को बाहर निकालकर बॉडी को डिटॉक्स करता है। जिससे स्किन की बिमारियों से बचाव होता है।
  • जिनका डाइजेशन खराब है उनके लिए भी लाभकारी है। जीरे का पानी डाइडेशन बेहतर करता है। इसे रेग्युलर पीने से कब्ज से राहत मिलती है।
  • जिन्हें एसिडिटी है रोज सुबह खाली पेट पीने से पेट फूलना और एसिडिटी की प्रॉब्लम कम होता है।

शनिवार, 27 मई 2017

आप हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे तोरई की सब्जी के फायदे

आप हैरान हो जाऐंगे जब जानेंगे तोरई की सब्जी के फायदे



सभी डॉक्टर हमें ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं क्योंकि हरी सब्जियां खाने से हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है, रोगों से लड़ने के लिए हमारे शरीर में रक्त में ह्यूमोग्लोबिन की मात्रा तय मानक के अनुसार होनी चाहिए. गर्मियों में हरी सब्जियों की जरूरत और मौसमों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि गर्मियों के दिनों में हमारे शरीर से पसीने के रूप में काफी मात्रा में नमी निकल जाती है जिसकी कमी हम हरी सब्जियां खाकर पूरी कर सकते हैं, सब्जियों की कमी से हमारे शरीर में कमजोरी के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ, खर्रांटे लेना व बालों की समस्याएं आदी उत्पन्न हो जाती हैं.

जानिए तोरी के बारे में तोरी एक ऐसी सब्जी है जिसे पूरे भारत में पैदा किया जाता है़,खाने के साथ-साथ इसका उपयोग दवा के रूप में किया जाता है....

इन सभी बीमारियों की अचूक दवा है तोरी

1. इसके लगातार सेवन से वजन कम करने में मदद मिलती है, इसमें 95% पानी व 25% कैलोरी होती है, यह शरीर में उपस्थित एक्सट्रा फेट और कोलेस्ट्रॉल को कम करती है.
2. यह रक्त को साफ कर इसे शुद्ध करती है.त्वचा संबंधी रोगों जैसे कील-मुहांसों, एक्जिमा, सोरायसिस व कुष्ट रोग में भी तोरी बहुत उपयोगी होती है.
3. तोरी बालों को काला करती है. इसके टुकड़ों को मिक्सी में पीस कर उस मिश्रण को किसी कपड़े पर सुखाकर सरसों तेल में डालकर पका लें उस तेल को ठण्डा करके छान लें इस तेल से सर में मालिश करने से कुछ दिनों में प्राकृतिक रूप से बाल काले होने लगते हैं.
4. तोरी आँखों की रोशनी बढ़ाने में भी गुणकारी होती है.
5. इसके लगातार सेवन से लीवर संबंधी समस्या व कब्ज से छुटकारा मिलता है और पेट भी साफ रहता है. 
6. डायबिटीज के रोगियों के लिए तोरी काफी फायदेमंद होती है यह रक्त व यूरीन दोनों में सुगर लेवल को कम करने में मदद करती है. यह रक्त शुद्धिकरण में बहुत उपयोगी होती है.

रविवार, 7 मई 2017

गर्मियों में पेट के साथ-साथ दिमाग के लिए भी रामबाण है ये गुलकंद !

गर्मियों में पेट के साथ-साथ दिमाग के लिए भी रामबाण है ये गुलकंद !


गर्मी दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है ऐसे में हर किसी का मन कुछ ठंडा खाने और पीने का करता है जिससे उनके शरीर को ठंडक मिल सके. हालांकि लोग गर्मियों में कई तरह की ठंडी चीजों का सेवन करते हैं. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं गर्मियों के मौसम में तन और मन दोनों को ठंडक पहुंचाने वाली एक ऐसी चीज के बारे में जिसका सेवन आप जरूर करना चाहेंगे.

गर्मियों में बेहद फायदेमंद है गुलकंद

गुलकंद गर्मियों में आपके पेट के साथ-साथ दिमाग को शांत रखने का रामबाण इलाज है और इसके सेवन से कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे भी होते हैं.

1- दिमाग को रखता है शांत
हर रोज सुबह और शाम के वक्त एक चम्मच गुलकंद खाने से दिमाग शांत रहता है और आप चिड़चिड़ापन या गुस्से से काफी दूर रहते हैं. अगर आप तनाव से परेशान है तो गुलकंद का सेवन आपको जरूर करना चाहिए.

2- पेट की समस्या के लिए रामबाण
गुलकंद पेट की समस्या का एक रामबाण इलाज है. इसे खाने से भूख बढ़ती है और कब्ज या अपच की समस्या दूर होती है. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह काफी फायदेमंद है.

3- खून को करता है साफ
गुलकंद शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर खून को साफ करता है और शरीर से आनेवाली बदबू को भी दूर करता है. गर्मियों में शरीर से ज्यादा पसीना आने की समस्या में भी गुलकंद फायदेमंद है.

4- आंखों की तकलीफें करता है दूर
गुलकंद आंखों की तकलीफों के लिए काफी फायदेमंद माना गया है. इसका सेवन करने से आंखों में जलन और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं में काफी हद तक राहत मिलती है. ये आंखों को ठंडक भी पहुंचाता है.

5- कई समस्याओं में फायदेमंद
गुलकंद मुंह के छालों और त्वचा से संबंधित समस्याओं में काफी फायदेमंद है. इसके सेवन से ना सिर्फ थकान दूर होती है बल्कि इससे आप खुद को फ्रेश भी महसूस करते हैं. यह डिहाइड्रेशन और यूरीन इंफेक्शन को दूर करने के साथ ही गर्भाशय, मूत्राशय और मलाशय की बढ़ी हुई गर्मी को दूर करने में काफी लाभदायक होता है. बहरहाल अगर आप भी गर्मियों के मौसम में अपने शरीर की समस्याओं से निजात पाने के साथ ही अपने तन और मन को ठंडा रखना चाहते हैं तो गर्मियों के इस मौसम में हर रोज गुलकंद का सेवन करना शुरू कर दीजिए.

बुधवार, 3 मई 2017

गर्मियों में जरुर खाएं ये छोटा सा फल, मिलते हैं आश्चर्यजनक फायदे !

गर्मियों में जरुर खाएं ये छोटा सा फल, मिलते हैं आश्चर्यजनक फायदे !


गर्मी बढ चुकी हैं ऐसे में हर कोई ठंडा ठंडा खाना और पीना का बहुत शौकीन हैं। इस मौसम में ऐसे बहुत से फल आते है जो शरीर को बहुत ठंडक देते हैं। उन फलों की गिनती मन शहतूत। शहतूत का फल खाने में जितना स्वादिष्ट है उतना ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी है। इसमें पोटैशियम, विटमिन ए और फॉस्फॉरस काफी मात्रा में मौजूद होते है।

इस फल का रंग काला होता है। काले रंग के अलावा यह लाल और हरे रंग का भी मिलता है लेकिन हरे रंग का शहतूत खाने में तीखा या खट्टा लगता है। आइए आपको बताए शहतूत खाने के बहुत से फायदे।

कोलेस्ट्रोल कंट्रोल करता है : शहतूत का रस दिल के रोगियों के लिए महत्वपूर्ण है। रोज सुबह इसका जूस पीने से दिल स्वस्थ रहता है। साथ ही यह कलेस्ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल में रखता है।

मुंहासों की समस्या दूर होती है : शहतूत की छाल और नीम की छाल को बराबर मात्रा में कूटकर इसके लेप को लगाने से मुंहासों की समस्या दूर होती है।

खून साफ करता है : शहतूत खाने से खून से जुड़ी सभी बीमारियों में आराम मिलता है। शहतूत, अंगूर और गुलाब की पंखुडिय़ों से बने रस में चीनी मिलाकर पीने से खून साफ होता है।

सूजन दूर होती : हर्बल एक्सपट्र्स के अनुसार, शरीर में कहीं भी सूजन होने पर शहतूत के रस में शहद मिलाकर लेप लगाने से सूजन में काफी आराम मिलता है।

लू से करता है बचाव : गर्मी के दिनों में अगर लू से बचने के लिए शहतूत का खूब इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हर्बल एक्सपट्र्स गर्मी में शहतूत के रस में चीनी मिलाकर पीने की सलाह देते हैं। शहतूत की तासीर ठंडी होती है, जिससे गर्मी में होने वाले लू से बचा जा सकता है।

आंखों के लिए फायदेमंद : शहतूत आंखों के लिए भी काफी लाभकारी होता है। इसका रस पीने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

पेट के कीड़े मरते हैं : शहतूत में कैल्शियम, फॉस्फॉरस विटामिन और पोटैशियम होता है। बच्चों को इसका जरूर करना चाहिए क्योंकि इसमें न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं यह पेट के कीड़ों को भी मारने का काम करता है।

थकान दूर करने में सहायक : गर्मियों में बहुत प्यास लगती है। ऐसे में शहतूत खाने से प्यास शांत हो जाती है। पहाड़ों में ट्रेकिंग के दौरान शहतूत खाने से थकान भी कम लगती है।

गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

खून साफ़ या खून की अशुद्धि दूर करने के तरीके!!

खून साफ़ या खून की अशुद्धि दूर करने के तरीके!!


खून शरीर के करोड़ों सेल्स को ऑक्सीजन, मिनरल्स, और अन्य पोषक तत्व पहुँचाने का काम करता है और यही सेल्स हमारे स्वस्थ शरीर का निर्माण करते हैं। हमारे गलत खानपान से, अधिक अम्लीय पदार्थ और नमक के सेवन से ये धीरे धीरे दूषित होता रहता है। शरीर से विजातीय पदार्थ जैसे मल मूत्र आदि अगर सही से ना निकले तो भी ये गंदगी शरीर के रक्त में घुल जाती है। जिस कारण से अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। जिनमे चर्म रोग विशेष हैं। इसलिए स्वस्थ और सुन्दर शरीर की कामना रखने वालों को अपने रक्त की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

भोजन में फल- साग, क्षारीय उत्पादक चीज़ो के कम खाने, अधिक अम्लीय पदार्ध एवं नमक खाने, अनुचित खान-पान और कब्ज रहने से रक्त दूषित हो जाता है। रक्त अशुद्ध होने पर किसी भी रूप में नमक ना खाएं। चीनी के स्थान पर गुड का सेवन करना चाहिए। विटामिन ‘सी’, लोहा, कैल्शियम ये सभी रक्तशोधक है। खून को प्राकृतिक तरीके से साफ़ करने के लिए इन आहारो को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

गाजर, नारंगी, अमरुद, गन्ना, बेर, परवल, पालक, सेम यह रक्त शुध्द करती है। इन चीजों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

आंवला
आंवला रक्त में बढ़ी हुई गर्मी को कम करता है। रक्त में जमा मल, विष को दूर कर रक्त शुद्ध करता है। मांस में गर्मी बढ़ा कर मांस के मल को जलाता है। पेशी कोषों को शुध्द करता है। आंवला हर प्रकार शरीर की हर चीज़ की सफाई करता है। चर्म रोगों में लाभदायक है। यह विटामिन ‘सी’ का भण्डार है। नया रक्त बनाता है।

बेल
बेल का चूर्ण और देशी बूरा सामन मात्रा में मिला कर पानी से फँकी ले। रक्त साफ़ हो जायेगा।

दूध
कच्चे दूध की लस्सी पीने से रक्त शुद्ध रहता है। चार दिन दूध में शहद डालकर पीएँ।

निम्बू
1. नीम्बू रक्त को शुद्ध करता है। नीम्बू को फीके गरम पानी में दिन में तीन बार पीना चाहिए। पानी, चाय की तरह गर्म होना चाहिए।

2. एक नीम्बू के चार टुकड़े कर लें। चार कप दूध भर लें। एक कप दूध में एक टुकड़ा नीबू का निचोड़ कर तुरंत पी जाएँ। हर दस मिनट बाद दूध के अन्य कप व नीबू इसी प्रकार एक-एक कर पीते जाएँ। पांच सप्ताह नियमित इस प्रकार नीबू का प्रयोग करने से रक्त साफ होकर शरीर में शक्ति आएगी। भूख अच्छी लगेगी। कब्ज दूर होगी। बेचैनी दूर होगी।

आम
1. एक कप आमरस, एक चौथाई दूध, एक चम्मच अदरक का रस, मिश्री स्वाद के अनुसार मिला कर नित्य पीना चाहिए। यह रक्तशोधक है।
2. एक कप आमरस में आधा कप दूध, एक चम्मच घी, दो चम्मच अदरक का रस मिलाकर नित्य जब तक आम मिलते रहें, पीते रहें। इससे स्वास्थय अच्छा रहेगा तथा रक्त साफ़ होगा।

मुनक्का
25 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगों दें। इन्हे प्रात: पीसकर एक कप पानी में घोलकर प्रतिदिन पीते रहने से रक्त साफ़ होता है।

ग्वारपाठा – एलो वेरा
ग्वारपाठा रक्तशोधक है। ग्वारपाठे का ताज़ा रस 25 ग्राम शहद १२ ग्राम और आधे निम्बू का रस मिलाकर दो बार सुबह शाम पीना चाहिए।

करेला
60 ग्राम करेले का रस एक कप पानी में मिलाकर नित्य कुछ दिन तक सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ़ हो जाता है।

मेहँदी
मेहँदी रक्त की सफाई करती है। रात को मेहँदी स्वच्छ पानी में भिगो दें, सवेरे निथार कर पानी पियें।

हल्दी
आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच पिसा हुआ आंवला मिला कर गर्म पानी से फंकी लेने से रक्त साफ़ होता है।

प्याज
1. प्याज का रस एक चौथाई कप और एक निम्बू का रस या शहद मिला कर दस दिन नित्य पीने से रक्त विकार दूर होकर रक्त शुद्ध होता है।
2. प्याज का ताज़ा रस आधा कप, गाजर का रस एक कप, पालक का रस एक कप ये तीनो मिलाकर नित्य प्रात: भूखे पेट पीने से रक्तविकार दूर होकर रक्त साफ़ हो जाता है।

नीम
1. नीम की पाकी हुयी दस निम्बोली नित्य चूसने से रक्तविकार ठीक हो जाता है।
2. नीम के पत्ते, फूल, निम्बोली छाल और जड़ सबको छाया में सुखाकर पीस लें। चौथाई चम्मच प्रतिदिन इसकी पानी से फंकी लें। इससे हर प्रकार का रक्त दोष ठीक हो जायेगा। लम्बी आयु तक जीवन स्वस्थ रहेगा।

आकड़ा
आकड़े के ताज़े फूल और काली मिर्च समान मात्रा में मिलाकर, पीस कर मटर के दाने के बराबर गोलियां बना कर सुख लें। एक एक गोली चार बार रोज़ाना पानी से दो महीने तक लें।

गोभी
गोभी में गंधक बहुत मिलता है। गंधक खुजली, कुष्ठ, आदि चर्म रोगों में लाभदायक है। गोभी रक्तशोधक है अत: इसे भाप में उबालकर खाना चाहिए। यह पानी में उबालने से गैस उत्पन्न करती है।

टमाटर
लाल टमाटर का रस सुबह शाम एक एक गिलास पीने से रक्त साफ़ होता है। चर्म पर होने वाली छोटी छोटी फुंसियां, खुजली, त्वचा का रूखापन, सूखापन, तथा लाल चकते दूर हो जाते हैं।