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शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

तेजी से वजन घटाने के लिए शरीर के ये पॉइंट्स दबाएं

तेजी से वजन घटाने के लिए शरीर के ये पॉइंट्स दबाएं


शरीर में मौजूद चार बिंदुओं पर दबाव डालने से मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा और तेजी से वजन कम होगा बहुत महत्वपूर्ण हैं ये बिंदु चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान का हस्तक्षेप होने से हजारों सालों से पहले से लोग एक्यूप्रेशर और एक्यू्पंचर तकनीक का प्रयोग करके सामान्य और जटिल बीमारियों का उपचार कर रहे हैं। शरीर में सैकड़ों बिंदु मौजूद हैं जिनका संबंध शरीर के अंदर मौजूद ऊर्जा से है और इन पर दबाव डालने से शरीर के अंदर की ऊर्जा सक्रिय हो जाती है और ये अपना काम कर देते हैं। आपके शरीर में चार बिंदु ऐसे भी हैं जिन पर दबाव डालने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और तेजी से वजन भी कम होता है। 

चेहरे पर मौजूद बिंदु : आपके चेहरे पर नाक के नीचे और होठों से ठीक ऊपर बिलकुल बीच के स्थान पर एक बिंदु होता है। इस स्थान पर दबाव डालने से भूख नियंत्रित होती है और आप अधिक खाने से बचते हैं। इसके अलावा इस बिंदु पर दबाव बनाने से बेचैनी होना, तनाव, आदि समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। होठों के ठीक ऊपर और नाक के नीचे मौजूद इस बिंदु पर 5 मिनट तक दबाव बनायें और इसे दिन में दो बार दोहरायें।
हाथ में मौजूद बिंदु : हाथों के बीच में टखने से ऊपर यह बिंदु मौजूद है। इस पर दबाव बनाने से शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है और यह आंतों की क्रिया को भी नियमित करता है। दरअसल शारीरिक वजन सही होने के लिए शरीर के तापमान का सही होना बहुत जरूरी है। साथ ही आंतों की अवस्था भी सही होना जरूरी है। इस बिंदु से शरीर की ऊर्जा बाहर निकलती है, और इसपर दबाव बनाने से वजन तेजी से कम होता है। इस बिंदु पर एक मिनट तक दबाव डालें और इसे दिन में दो या तीन बार करें।
पैरों के बीच में : आपके दोनों पैरों के बीच में यह बिंदु मौजूद है। इस बिंदु के लिए आप अपनी दोनों टांगों के बिंदुओं पर दबाव डालें। इस बिंदु पर उंगली से हल्की मसाज भी करें, मालिश करने की समय सीमा कम से कम 10 मिनट होनी चाहिए। इस क्रिया को दोनों पैरों में दिन में 9 बार दोहरायें। इस बिंदु से खाना आसानी से पच जाता है और भूख ज्यादा नहीं लगती है।
कान के पास : तनाव इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है जिसके कारण कई तरह की स्वास्य समस्यायें होने लगती हैं और ज्यादा देर तक तनाव में रहने से वजन भी तेजी से बढ़ता है, इसलिए वजन कम करने के लिए तनाव से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। कान के इस बिंदु पर अंगूठे से आराम से तीन मिनट तक दबाव बनायें, इस क्रिया को दिन में तीन बार दोहरायें।

शनिवार, 8 जुलाई 2017

कच्चे केले के ये फायदे जान दंग रह जाएंगे आप

कच्चे केले के ये फायदे जान दंग रह जाएंगे आप



पके हुए केले के तो कई फायदे आप जानते होंगे लेकिन कच्चे केला के भी बहुत फायदे हैं| कच्चे केला पोटैशियम प्रचुर मात्रा में होता है| जो इम्यून सिस्टम को तो मजबूत बनाता है| इसमें मौजूद विटामिन बी6, विटामिन सी कोशिकाओं को पोषण देने का काम करता है. कच्चे केले में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ स्टार्च होता है| ऐसे में नियमित रूप से एक कच्चा केला खाना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है|

कच्चा केला खाने से ये होते हैं फायदे

वजन घटाने में कारगर
वजन घटाने की कोशि‍श करने वालों को हर रोज एक केला खाने की सलाह दी जाती है| इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं जो अनावश्यक फैट सेल्स और अशुद्धियों को साफ करने में मददगार होते हैं|

कब्ज से राहत
कच्चे केले में फाइबर और हेल्दी स्टार्च होते हैं. जोकि आंतों में किसी भी तरह की अशुद्ध‍ि को जमने नहीं देते| ऐसे में अगर आपको अक्सर कब्ज की समस्या रहती है तो कच्चा केला खाना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा.

भूख को शांत करने में
कच्चे केले में मौजूद फाइबर्स और दूसरे कई पोषक तत्व भूख को नियंत्रित करने का काम करते हैं|

शुगर को करता है कंट्रोल
अगर आपको मधुमेह की शिकायत है और ये अपने शुरुआती रूप में है तो अभी से कच्चा केला खाना शुरू कर दें. ये डायबिटीज कंट्रोल करने की अचूक औषधि है|

पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार
कच्चे केले के नियमित सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होती है| कच्चा केला खाने से पचाने वाले द्रव तेजी से बनते हैं|

कैंसर से बचाव में भी सहायक
इसके अलावा कच्चा केला कई तरह के कैंसर से बचाव में भी सहायक है| कच्चे केले में मौजूद कैल्शियम हड्ड‍ियों को मजबूत बनाने में सहायक है और साथ ही ये मूड स्व‍िंग की समस्या में भी फायदेमंद है|

रविवार, 4 जून 2017

प्रकृति का अमृत है लहसुन, एक कली भी देती है पूरा लाभ

प्रकृति का अमृत है लहसुन, एक कली भी देती है पूरा लाभ


लहसुन की गंध तीखी होती है, इसलिये कुछ लोग इसे नापसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लहसुन के गुणों के कारण ही आयुर्वेद में लहसुन को 'प्रकृति का अमृत' कहा गया है। लहसुन की एक कली भी आपको कई बीमारियों से बचाती है। लहसुन हमारे शरीर में एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। आइये आज हम आपको बताते हैं लहसुन का सेवन करने से शरीर को और क्या-क्या फायदे होते हैं।


कैंसर में सहायक
कैंसर को एक लाइलाज बीमारी माना जाता है। लेकिन शायद आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद के अनुसार रोजाना थोड़ी मात्रा में लहसुन का सेवन करने से कैंसर होने की संभावना अस्सी प्रतिशत तक कम हो जाती है और यह कैंसर के प्रति शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है। लहसुन में कैंसर निरोधी तत्व होते हैं। यह शरीर में कैंसर बढऩे से रोकते हैं। लहसुन के सेवन से ट्यूमर को 50 से 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है।


दांत दर्द से दिलाएं निजात
अगर आपके दांतों में दर्द हो रहा हो तो लहसुन की एक कली काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें एन्टीबैक्टिरीअल और दर्दनिवारक गुण दांत के दर्द से राहत दिलाते हैं। इसके लिए लहसुन की एक कली पीसकर दांत के दर्द के जगह पर लगा दें। थोड़ी देर में अवश्य आराम मिल जायेगा।


झनझनाहट करे कम
हाल में ही एक शोध में ये बात सामने आई कि खाली पेट लहसुन का सेवन करने से नसों में झनझनाहट की समस्या दूर हो जाती है।


कोलेस्ट्रॉल को करे कंट्रोल
अगर आप लहसुन का सेवन खाली पेट करेंगे, तो इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है।


जोड़ों के दर्द में सहायक
जिन लोगों को जोड़ों का दर्द, आमवात जैसी शिकायतें हो,उन्हें लहसुन की कच्ची कलियाँ चबानी चाहिये। प्रतिदिन सुबह लहसुन की एक कच्ची कली चबाना इन रोगों में सहायक होता है।


भूख बढाएं
अगर आपको भूख कम लगती हो तो लहसुन का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करता है जिससे आपकी भूख बढ़ती है। कभी-कभी आपके पेट में एसिड बनने लगता है, लेकिन लहसुन का सेवन करने से पेट में एसिड बनना रुक जाता है।


श्वसन तंत्र को मजबूत करें
लहसुन आपके श्वसन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है। इस का सेवन करने से अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि से निजात और बचाव होता है।


दिल को स्वस्थ रखता है
धमनी कभी-कभी अपना लचीलापन खो देते हैं तब लहसुन उसको लचीला बनाने में मदद करता है। फ्री ऑक्सिजन रैडिकल्स से हृदय की रक्षा करने में भी मदद मिलती हैं। सल्फर यौगिक रक्त-कोशिकाओं को बंद होने से बचाता है।


पेट के कीड़ों को खत्म करे
बच्चों को यदि कृमि (पेट के कीड़े) की शिकायत हो तो लहसुन की कच्ची कलियों का 20- 30 बूँद का रस एक गिलास दूध में मिलाकर इन बच्चों को देने से पेट के कृमि मर कर शौच के साथ बाहर निकल आते हैं।


पुराने घाव को ठीक करे
सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को पीसकर उबाला जाए और घावों पर लेप किया जाए, इससे पुराने से पुराना घाव भी ठीक हो जाता है। घुटनों के छिल जाने, हल्के फ़ुल्की चोट या रक्त प्रवाह होने पर लहसुन की कच्ची कलियों को पीसकर घाव पर लेपित करें, घाव पकेंगे नहीं और इन पर किसी तरह का इंफ़ेक्शन भी नहीं होगा।


प्लेटलेट्स को संतुलित करे
जिन लोगों के खून में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है, उन्हे भी नमक और लहसून की समान मात्रा सेवन करना चाहिए। ऐसा दिन में कम से कम एक बार अवश्य करें, एक माह के भीतर ही परिणाम दिखने लगते हैं।


यौन शक्तिवर्धक
लहसुन का सेवन आपकी यौन शक्ति को बढाता है। विवाहित पुरुषों के लिए यौन शक्तिदायक तो होता ही है, साथ ही साथ शरीर की सप्त धातुओं को पुष्ट और सबल करके शरीर को सुडौल और बलवान बनाने में भी सहायक होता है।

शनिवार, 6 मई 2017

जिम जाने से पहले ये चीज़ें बिलकुल भी ना खाएं, पड़ सकता है भारी

जिम जाने से पहले ये चीज़ें बिलकुल भी ना खाएं, पड़ सकता है भारी


एक्सराइज करना अच्छी सेहत और बॉडी बनाने के लिए बहुत जरूरी है। जिम के बिना एब्स बनाना मुश्किल है। कुछ लोगों को बॉडी बनाने की इतनी जल्दी होती है कि वह बिना कुछ खाएं पीए ही जिम जाकर वर्कआउट करना शुरू कर देते हैं। इससे शरीर में कमजोरी आनी शुरू हो जाती है और बॉडी भी नहीं बनती। हैल्थ एक्सपर्ट की मानें तो खाली पेट जिम जाने से नुकसान हो सकता है लेकिन पेट भरकर खाने के बाद भी एक्सरसाइज करना अच्छा नहीं है। 

जिम जाने से पहले जरूरी है कि कुछ हल्का-फुल्का खा लिया जाए। इससे सेहत भी अच्छी रहेगी और सारा दिन एनर्जी भी बनी रहेगी। कुछ लोग बिना कुछ खाएं भी वर्कआउट करते हैं लेकिन अपने साथ एनर्जी ड्रिंक जरूर रखें। बीच-बीच में आराम करते समय इसका सेवन करें।

1. कॉर्नफ्लेक्स
कॉर्नफ्लेक्स खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं। आप इसे दूध के साथ और फलों के साथ भी खा सकते हैं। इससे पेट ज्यादा भी नहीं भरता और आसानी से वर्कआउट भी की जा सकती है।

2. ओट्स और दूध
सुबह के समय जिम जा रहे हैं तो दूध के साथ ओट्स खाने से सारा दिन बॉडी में उर्जा बनी रहती है। इससे वर्कआउट करते समय भूख भी नहीं लगती।

3. दूध या लस्सी
सुबह-सुबह कुछ खाने का मन न करें तो एक गिलास दूध या लस्सी में से किसी एक चीज का सेवन कर लें।

4. मूंग दाल का डोसा
एक्सरसाइज करने से पहले हैवी नाश्ता न करें। इससे परेशानी हो सकती है। आप प्लेन मूंग दाल का डोसा भी खा सकते हैं। इसे भी जरूरत के हिसाब से खाएं। पेट भर कर किसी चीज का सेवन न करें।

5. पनीर सैंडविच
कार्बोहाइड्रेड की मात्रा से भरपूर और कम प्रोटीन वाला सैंडविच भी अच्छा ऑप्शन हैं। पनीर में ये दोनों सही मात्रा में होती हैं। यह कम समय में बन भी जाता है और खाने में भी टेस्टी होता है।

शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

नीबू पानी के फायदे आपको बनायेंगे सेहतमंद

नीबू पानी के फायदे आपको बनायेंगे सेहतमंद


क्या आपको ज्यादा दवाए खाने की आदत हो गयी है अगर ऐसा है तो इससे छुटकारा पाना अब होगा आसान नीबू जूस की मदद से इसका नियमित सेवन करने से शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ जाती है, साथ ही पाचन प्रक्रिया में भी सुधार होता है, और यह आपका मोटापा घटाने में भी काम आता हैं. आपको बता दें कि नींबू पानी का नियमित सेवन करने से शरीर का पीएच मान भी संतुलित बना रहता है.

साइट्रस फलों में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है और इससे शरीर पर हानिकारक किरणों जैसे- पराबैंगनी का प्रभाव नहीं पड़ता है और विटामिन सी के सेवन से ह्दय रोग होने का खतरा कम हो जाता है और दौरा आदि पड़ने की संभावना कम हो जाती है, अगर आपका रक्‍तचाप बहुत अधिक रहता है तो भी ये फायदेमंद होता है.

सर्दी या ज़ुकाम से ग्रसित लोगों में नींबू पानी मददगार होता है क्योकि इसमें पॉलीफिनॉल एंटीऑक्‍सीडेंट होता है तो वजन घटाने में भी सहायक होता है. इसके अलावा, शरीर में इंसुलिन की मात्रा भी इसके सेवन से अच्‍छी हो जाती है. अगर नींबू के जूस में इतने फायदे हैं तो आप किसी भी प्रकार की दवा का नियमित सेवन करने के बजाय कुछ दिनों तक इसका सेवन करके देख लें और फिर इससे

नीबू पानी के फायदे:

नीबू पानी बहुत ज्यादा फायदेमंद होता हैं इसका गर्मियों में बहुत ज्यादा सेवन भी किया जाता हैं और इसके फायदे क्या हैं यह आज आपको हम बतायेंगे.

किडनी में पथरी नहीं होती है :
नींबू के जूस में पौटेशियम होता है तो किडनी में पथरी का निर्माण होने से रोक देता है. चूँकि इसमें साईट्रस लेवल ज्‍यादा होता है तो पथरी बन नहीं पाती है और यह बिमारी आजकल बहुत आम हो रही है

इम्‍यूनिटी बूस्ट करेगा:
नींबू पानी में लिम्‍फेटक प्रक्रिया को बढ़ाने का गुण होता है जो इम्‍यूनिटी का बढ़ा देता है अगर आपकी इम्युनिटी अच्छी होगी तो आप बीमारियों से बचे रहेंगे.

भूख को कम करना:
नींबू के रस में पेस्‍िटिन होता है तो भूख में कमी ला देता है और भूख पर नियंत्रण ला देता है,  इससे आपका वज़न तेज़ी से गिरता है और आप स्लिम फिगर पा सकते हैं लेकिन साथ में एक्सरसाइज भी बहुत ज्यादा ज़रूरी हैं.

गॉलब्‍लेडर में दर्द:
नींबू का रस पीने से गॉलब्‍लेडर में होने वाला दर्द सही हो जाता है अगर आप इस बिमारी से पीड़ित है तो आपको इस रस का सेवन करना चाहिए.

सर्दी और फ्लू:
अगर आपको सर्दी और फ्लू होता है तो आप नींबू रस का सेवन करें, इससे काफी आराम मिलता है और आपका पुराने से पुराना ज़ुकाम सही हो जाएगा.

गेस्‍ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्‍स बीमारी:
जीईआरडी नामक बीमारी की समस्‍या होने पर नींबू का जूस बहुत फायदेमंद होता है, दो हफ्ते में आप बीमारी को सही होता और खुद में सही परिवर्तन देख सकते हैं इससे आपको बहुत ज्यादा फायदा पहुचेगा.

फूड-बोर्न बीमारी:
जिन लोगों को फूड बोर्न बीमारी होती है वो नींबू के जूस का सेवन अवश्‍य करें इससे उनकी समस्‍या दूर हो जाएगी और इस बिमारी में आराम मिलेगा.

सूजन:
नींबू में एंटी-इंफ्लामेंट्री गुण होते हैं जो कि सूजन को दूर भगाने में सहायक होते हैं. इसके सेवन से शरीर का पीएच मान संतुलित रहने के कारण ऐसा होता है.

रविवार, 12 मार्च 2017

गर्भपात से लेकर ये घातक परिणाम हो सकते हैं अदरक की चाय के!

गर्भपात से लेकर ये घातक परिणाम हो सकते हैं अदरक की चाय के!


सर्दियों में ठंड से बचने के लिए बहुत सारे स्पैशल अदरक की चाय बनाकर पीते हैं। पूरे एशिया में इसे पसंद किया जाता है। प्राचीन आयुर्वेद और चीनी दवाओं में इसे औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अदरक की चाय मसालेदार पेय पदार्थ है। अदरक की चाय के वैसे बहुत सारे फायदे हैं लेकिन, जैसा कि एक मशहूर कहावत है, ‘किसी भी चीज की अति बुरी होती है। उसी तरह इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से कई साइड इफैक्ट भी हो सकते हैं। अधिक मात्रा में अदरक की चाय पीने से कुछ लोगों को पेट खराब होने, सीने में जलन, मुंह में जलन आदि की परेशानी हो सकती है।

1. पेट में खराबी
हालांकि अदरक की चाय पेट की समस्‍याओं को दूर करती है, लेकिन अदरक की चाय की उचित मात्रा हर व्‍यक्ति के हिसाब से अलग-अलग होती है। तो ऐसे में यह कहना जरा मुश्किल है कि इस समस्‍या से बचने के लिए अदरक की चाय की कितनी मात्रा उपयोगी साबित होगी। खाली पेट अदरक की चाय का सेवन करने से आपका पेट खराब हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के अनुसार, ऐसा करने से गस्ट्रोइंटेस्टिनल खराब हो जाता है।

2. गर्भपात का खतरा
गर्भावस्‍था में अदरक की चाय का सेवन करना चाहिये अथवा नहीं यह एक विवादास्‍पद मुद्दा है। कुछ लोगों का मानना है कि मॉर्निंग सिकनेस के लिए अदरक की चाय बहुत मददगार होती है। लेकिन कई जानकार गर्भस्‍थ शिशु पर बुरा असर होने के कारण गर्भवती को अदरक का सेवन न करने की सलाह देते है। गर्भावस्‍था के दौरान अदरक का सेवन मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक क्‍योंकि इससे गर्भपात भी हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि गर्भावस्‍था में अदरक की चाय का सेवन करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह ले लें।

3. ब्‍लीडिंग का खतरा
ब्‍लड पतला करने वाली किसी भी दवा के साथ अदरक की चाय के सेवन से बचना चाहिए। यानी जो लोग हाई ब्‍लड प्रेशर की दवा का सेवन कर रहे हैं, उन्‍हें किसी भी रूप में अदरक का सेवन नहीं करना चाहिये क्‍योंकि यह ब्‍लड प्रेशर को कम करता है, जिससे हार्ट पल्‍पीटेशन की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा अदरक के सेवन से लोगों में हीमोफिलिया जैसे रक्‍त विकार हो सकते हैं। इसलिए दवाओं के साथ अदरक की चाय पीने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

4. जलन, डायरिया और मतली की समस्‍या
अदरक की चाय का अधिक सेवन आपकी पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है। इसके कारण मुंह में जलन, डायरिया, मतली और यहां तक कि सीने में जलन की समस्‍या भी हो सकती है। इसके साथ ही इसके अधिक सेवन से शरीर में एसिड का निर्माण होने से एसिडिटी होती है। इसके अलावा डायबिटीज से ग्रस्‍त लोगों को किसी भी रूप में अदरक का अधिक सेवन नहीं करना चाहिये। क्‍योंकि अदरक शरीर में शुगर की मात्रा को कम कर देता है, जिससे हायपोग्‍लासेमिया हो सकता है।

5. भूख करती है कम
2012 में मेटाबाल्जिम : क्‍लीनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल में प्रकाशित एक पायलट अध्‍ययन के अनुसार अदरक का सेवन आपकी भूख को कम करता है। अध्‍ययन में शोधकर्ताओं को संदेह है कि अदरक में सेरोटोनिन हार्मोंन की सांद्रता, भूख को दबाने में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। इसलिए अगर आप अपना वजन बढ़ाने चाहते हैं तो अदरक की चाय पीने से बचें क्‍योंकि यह आपकी भूख को कम कर सकती हैं।

सोमवार, 14 नवंबर 2016

भोजन की इच्छा न होने पर करे ये इलाज, शेयर करें

भोजन की इच्छा न होने पर करे ये इलाज, शेयर करें


कई बार समय-असमय भोजन करने से और कभी-भी,कहीं-भी,कुछ-भी खाने-पीने तथा बार-बार खाते रहने से पहले खाया हुआ भोजन ठीक से पच नहीं पाता है और दूसरा भोजन पेट में पहुँच जाता है ऐसे में पाचनतंत्र भोजन को पूर्ण रूप से नही पचा पाता जो अजीर्ण का मुख्य कारण है-अधिक तला-भुना या मिर्च मसाले युक्त भोजन के सेवन से भी अजीर्ण या अपच हो जाता है तथा इस रोग में रोगी को भूख नहीं लगती,खट्टी डकारें आती हैं और छाती में तेज़ जलन होती है तथा पेट में भारीपन महसूस होता है और बैचैनी सी होती रहती है-

अनियमित दिनचर्या व खान-पान के कारण कब्ज व एसिडिटी की समस्या हो जाती है ऐसे में इन प्रॉब्लम्स के कारण धीरे-धीरे भूख कम होने लगती है- भूख कम होने से शरीर को पर्याप्त व जरूरी आहार नहीं मिल पाता है -जिसके कारण अन्य रोग होने की आशंका बढ़ जाती है- 

भूंख न लगने के मुख्य कारण-

  • शाररिक श्रम न करना-
  • रात में देर तक जागना-
  • अधिक चटपटे और फास्ट फूड़ का सेवन करना-
  • चाय व काॅफी का सेवन ज्यादा करना-
  • ज्यादा तेल, घी में तले भोजन का सेवन करना-
  • अचार और खट्टा भोजन करना-
  • जरूरत से ज्यादा मीठा अपने खाने में करना-
  • किसी के ख्यालों में खोये रहना-

भूंख को बढाने के उपाय-


  1. एक गिलास गुनगुने पानी में खाने वाले सोड़े की आधी चम्मच मिलाकर दिन में एक बार अवश्य पीते रहें-ऐसा करने से आपकी भूख न लगने की समस्या दूर होगी लेकिन जब भूंख लगना शुरू होने लगे तो आप इसे बंद कर दे-
  2. आपको यदि भूख कम लगती है तो आप अदरक, नींबू, भुना जीरा और काला नमक को आपस में मिलाकर चटनी बनायें और इसका सेवन करें कुछ ही दिनों में आपकी भूंख खुल जायेगी-
  3. सलाद में अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को काटकर उन पर काला नमक और नीबू  लगाकर इसे खाना खाते समय जरूर खायें- यह आपकी भूख की क्षमता को काफी हद तक बढ़ायेगा-
  4. पानी में 30 ग्राम हरे धनिये का रस मिलाकर रोज पीते रहने से थोड़े ही दिनों में भूख न लगने की बीमारी दूर होने लगती है-
  5. अजवायन -200 ग्राम+ हींग -4 ग्राम और कालानमक -20 ग्राम को एक साथ पीसकर चूर्ण बना कर रख लें यह चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गुनगुने पानी से खाने से भूंख खुल कर लगने में लाभ होता है-
  6. मेथी को पीस कर चूर्ण बना लें -इस चूर्ण को दिन में तीन बार 1-1 चम्मच गर्म पानी से खाने से अपच , पेटदर्द व भूख न लगना आदि दूर होता है -
  7. अजवाइन को तवे पर हल्का सा सेकें और उसे पीसकर उसका चूर्ण बनायें फिर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर खाना खाने के बाद एक चुटकी मुंह में रखें- यह भी भूख बढ़ाने का कारगर वैदिक उपाय है-
  8. भोजन करने से पहले यदि आप एक चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच नींबू का रस और थोड़ा-सा काला नमक को पानी में घोलकर पीतें रहे कुछ दिनों तक तो निश्चित ही एक हफ्ते में आपकी भूंख खुल जायेगी-
  9. काली मिर्च को पीसकर चूर्णं बनायें और उसमें थोड़ा काला-नमक मिलाकर मूली पर लगायें और इसे भोजन के समय खायें-
  10. हरड़+ पिप्पली व सौंठ बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें- यह चूर्ण 3 -3 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ सेवन करने से अजीर्ण में लाभ होता है -
  11. अनार, मैथी, पपीता, बेर, अमरूद, चावल आदि को अपने भोजन में किसी न किसी तरह लेते रहें-
  12. धनिये+नींबू और अदरक की मिक्स चटनी बनायें और इसे डेली अपने खाने में इस्तेमाल करने से भूख बढ़ती है-
  13. रात में सोते समय आंवला 3 भाग+ हरड़ 2 भाग तथा बहेड़ा 1 भाग बारीक चूर्ण करके एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से सुबह पेट साफ हो जाता है और भूख खुलकर लगती है-
  14. खाना खाने के बाद अजवाइन का चूर्ण थोड़े से गुड़ के साथ खाकर गुनगुना पानी पीने से भोजन आसानी से पच जाता है व नियत समय पर भूख लगती है और खाने में रुचि पैदा होती है-
  15. भोजन के एक घंटा पहले एक चम्मच पंचसकार चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से भूख खुलकर लगती है-
  16. छाछ गरिष्ठ वस्तुओं को पचाने में बहुत लाभकारी होता है -छाछ में सेंधा नमक , भुना जीरा तथा कालीमिर्च मिलाकर सेवन करने से अजीर्ण रोग दूर होता है-

उपरोक्त सभी में से किसी भी एक को प्रयोग करे आशा है आप की भूंख खुल जायेगी- 

गुरुवार, 20 अक्तूबर 2016

कालीमिर्च के 5 दाने कर देगें सेहत मालामाल !

कालीमिर्च के 5 दाने कर देगें सेहत मालामाल !



  1. यदि आपका ब्लड प्रेशर लो रहता है, तो प्रतिदिन तीन दाने कालीमिर्च के साथ 21 दाने किशमिश का सेवन करे।
  2. जुकाम होने पर कालीमिर्च के चार-पांच दाने पीसकर एक कप दूध में पकाकर सुबह-शाम लेने से लाभ मिलता है।
  3. एक चम्मच शहद में 2-3 बारीक कुटी हुई कालीमिर्च और एक चुटकी हल्दी पाउडर मिलाकर लेने से कफ में राहत मिलती है।
  4. इससे शरीर की थकावट दूर होती है। कालीमिर्च से गले की खराश दूर होती है।
  5. इससे रक्त संचार सुधरता है।यह दिमाग के लिए फायदेमंद होती है। गैस के कारण पेट फूलने पर कालीमिर्च असरदार होती है। इससे गैस दूर होती है।
  6. कालीमिर्च की चाय पीने से सर्दी-ज़ुकाम, खाँसी और वायरल इंफेक्शन में राहत मिलती है। कालीमिर्च पाचनक्रिया में सहायक होती है।
  7. कालीमिर्च सभी प्रकार के संक्रमण में लाभ देती है।पित्ती उछलने पर 10 कालीमिर्च को पिसकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को आधा चम्मच घी में मिलाकर पीएं और इससे शरीर की मालिश करें। इससे पित्ती उछलना ठीक होती है।

भूख का न लगना:

नींबू की शिकंजी में एक चुटकी भर कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से भूख खुलती है। इसका सेवन भोजन करने से आधे घंटे पहले करना चाहिए।

हिस्टीरिया:

हिस्टीरिया रोग से पीड़ित स्त्री को 1 ग्राम कालीमिर्च एवं 3 ग्राम मीठी बच को खट्टी दही में मिलाकर खाली पेट दिन में कम से कम 3 बार खाना चाहिए। इससे हिस्टीरिया रोग दूर होता है।

पलकों की फुंसी:

आंखों की पलकों पर दर्द वाली फुंसी होने पर कालीमिर्च को पानी में घिसकर लेप करना चाहिए। इससे पलकों की फुंसी पककर फूटकर ठीक हो जाती है। उसका लेप बनाकर सूजन वाले स्थान पर लगाने से सूजन दूर होती है।

पुराना जुकाम:

कालीमिर्च 2 ग्राम को गुड़ और दही के साथ सेवन करें। इससे पीनस का रोग नष्ट हो जाता है।

गठिया (आमवात):

गठिया के रोगी को कालीमिर्च से प्राप्त तेल से मालिश करना चाहिए। इससे गठिया (आमवात) के रोग में लाभ मिलता है। कालीमिर्च के तेल से गठिया या जोड़ों पर मालिश करने से दर्द में आराम मिलता है।

जी मिचलना:

यदि किसी रोगी का जी मिचला रहा हो तो उसे कालीमिर्च चबाना चाहिए। इससे मिचली के रोग में लाभ मिलता है।

शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2016

मशरूम की सिर्फ़ सब्ज़ी ही नहीं, बल्कि चाय भी बनती है, जो आपको कई बीमारियों से बचाती है

मशरूम की सिर्फ़ सब्ज़ी ही नहीं, बल्कि चाय भी बनती है, जो आपको कई बीमारियों से बचाती है


एक अच्छी चाय दिनभर की थकान उतारने का दम रखती है. दूध-पत्ती अधिकतर लोगों की पसंदीदा चाय है. पर बाज़ार में चाय के कई प्रकार हैं जैसे, ‘लेमन टी’, ‘ग्रीन टी’, ‘मसाला टी’ आदि. इन सभी चाय के अपने अलग-अलग फायदे हैं. खैर, अब आप ‘मशरूम चाय’ का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं. जी हां, मशरूम. जिसे वेजिटेरियन्स से लेकर नॉन वेजिटेरियन्स तक पसंद करते हैं. आपको बता दें कि कुछ मशरूम सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, इसलिए उनका सेवन चाय के रूप में करना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है.

मशरूम को सुखाने के बाद उसका पाउडर तैयार किया जाता है, जिसे ‘टी बैग्स’ में भर कर यूज़ करने लायक बनाया जाता है. इसके बाद आप गर्म पानी में ‘टी बैग्स’ को डालकर अपनी ‘मशरूम टी’ का आनंद उठा सकते हैं. हालांकि, इसे बनाने के कई तरीके हैं. कुछ बेहद आसान हैं, तो कुछ अटपटे. जैसे, मशरूम को गर्म पानी में भिगो कर उसे दबाना या फिर अपने स्वाद के लिए उसमें लेमन या दूसरे फ्लेवर्स को मिलाना, वो भी बिना उसमें मौजूद तत्वों को खत्म किए.

सभी चाय की तरह ‘मशरूम टी’ भी आपकी थकान को कम करने का काम करती है, लेकिन इसमें मौजूद कई तत्व ऐसे हैं जो विभिन्न प्रकार की बीमारियों से आपकी रक्षा करते हैं. सीधी सी बात है ‘मशरूम टी’ रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है.

चीन और तिब्बत में लंबे समय से मशरूम को ऊर्जा, स्टेमिना, भूख, नींद, कामेच्छा और लंबी उम्र पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वे जानते हैं कि ये हार्मोन, तनाव और कोर्टिसॉल को भी कम करने में मददगार है. यहां तक कि कुछ मशरूम इन्फेक्शन से लड़ने, ट्यूमर्स को बढ़ने से रोकने और ब्लडप्रेशर व ब्लडशुगर को सामान्य रखने का काम करते हैं. मशरूम की ‘Chaga Variety’ सबसे बेहतर है, क्योंकि इसमें गंभीर प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता होती है.

बुधवार, 12 अक्तूबर 2016

सिर्फ 1 चीकू आपको इन 6 अद्भुत फ़ायदों से ओत प्रोत कर देगा, चीकू खाओ जवाँ हो जाओ

सिर्फ 1 चीकू आपको इन 6 अद्भुत फ़ायदों से ओत प्रोत कर देगा, चीकू खाओ जवाँ हो जाओ


चीकू एक सदाबहार पेड़ होता है जो आज के युग में लगभग पूरी दुनिया में पाया अथवा उगाया जाता है । अलग देशों में अलग अलग प्रजाति के चीकू पाये जाते हैं । भारतवर्ष जैसे विशाल देशों में चीकू की कई सारी प्रजातियाँ पायी जाती हैं । सामान्यत: एक चीकू का वजन 100 से 150 ग्राम तक होता है किंतु इनका आकार प्रजातियों के अनुसार अलग अलग हो सकता है । आकार प्रकार से आगे बात करें तो चीकू का भारतीय फलों में एक विशिष्ट स्थान है और सम्पूर्ण देश में समान रूप से और चाव के साथ खाया जाता है । 

आँखों को सुधारे :- 

जब चीकू के स्वास्थय लाभों की बाते हो रही हों तो इस से पहले कोई और लाभ ध्यान में आ ही नही सकता । चीकू में बहुत ही उत्तम प्रकार का और प्रचुर मात्रा में विटामिन ए मिलता है । विटामिन ए आँखों के सबसे ज्यादा जरूरी तत्वों में से एक है । चीकू के इस लाभ को पाने के लिये रोज एक या दो चीकू का सेवन किया जाना चाहिये ।

हड्डियों को मजबूत करे :- 

चीकू में कैल्शियम, फास्फोरस और ऑयरन तत्व पाये जाते हैं और ये तीनों ही तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने के लिये सबसे ज्यादा जरूरी हैं । चीकू में मौजूद इन तीनों तत्वों का लाभ उठाने के लिये यदि बचपन से ही चीकू का नियमित सेवन किया जाये तो बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों के कमजोर होने की शिकायत नही होगी ।

कब्ज से राहत :- 

पूरे चीकू फल में घुलनशील फाईबर मौजूद होता है जो पुरानी से पुरानी कब्ज में भी, नियमित सेवन किये जाने पर लाभ करता है । यदि चीकू के साथ पके पपीते का भी सेवन किया जाये और बाद में बहुत थोड़ा सा गुनगुना पानी पिया जाये तो यह प्रयोग बहुत ही उत्तम लाभ प्रदान करता है। 

गर्भावस्था में अतयंत लाभकारी :- 

गर्भावस्था के समय जरूरी सभी जरूरी मुख्य तत्व जैसे कि कैल्शियम, ऑयरन, विटामिन बी आदि चीकू में पाये जाते हैं साथ ही इसका विशिष्ट स्वाद गर्भावस्था में होने वाली जी मिचलाने की समस्या का भी समाधान देता है । इस प्रकार ये समझा जा सकता है कि यदि गर्भावस्था में नियमित चीकू का सेवन किया जाये तो यह गर्भवती महिला और होने वाले शिशु दोनो को ही मजबूत बनाता है ।

ऊर्जा का स्रोत :- 

चीकू में ग्लुकोज़ के अवयव बहुत ही ज्यादा मात्रा में पाये जाते हैं जिस कारण से चीकू सेवन किये जाने पर तुरंत ही शरीर को ऊर्जा की पूर्ति करता है ।

भूख कम करता है :- 

चीकू का एक विशेष गुण होता है कि यह भूख लगना कम करता है । इसका यह असर चार-पाँच चीकू खाने के बाद आता है । ऐसी अवस्था में यह उन लोगों के लिये विशेष लाभकारी हो सकता है जो ज्यादा भूख लगने की वजह से ज्यादा खाते रहते हैं और इस कारण से उनका वजन बढ़ने लगता है । यदि वो भूख लगने पर 4-5चीकू का सेवन करें तो शरीर में लम्बे समय तक ऊर्जा बनी रहेगी और भूख भी नही लगेगी। 

विशेष नोट :- 

चीकू में ग्लुकोज़ बहुत ही प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिस कारण से यह मधुमेह के रोगियों में शुगर के लेवल को बढ़ा सकता है । अतः मधुमेह के रोगियों को सलाह है कि वो चीकू का सेवन अपने चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही करे ।

रविवार, 4 सितंबर 2016

भूख बढाने के कुछ असरदार नुस्खे

भूख बढाने के कुछ असरदार नुस्खे


हमारे शरीर की अग्नि खाये गये भोजन को पचाने का काम करती है,यदि यह अग्नि किसी कारण से मंद पड़ जाये तो भोजन ठीक तरह से नही पचता है, भोजन के ठीक से नही पचने के कारण शरीर में कितने ही रोग पैदा हो जाते है,अनियमित खानपान से वायु पित्त और कफ़ दूषित हो जाते है,जिसकी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है,और अजीर्ण अपच वायु विकार तथा पित्त आदि की शिकायतें आने लगती है,भूख लगनी बंद हो जाती है,शरीर टूटने लगता है, स्वाद बिगड जाता है,पेट में भारीपन महसूस होने लगता है,पेट खराब होने से दिमाग खराब रहना चालू हो जाता है,अथवा समझ लीजिये कि शरीर का पूरा का पूरा तंत्र ही खराब हो जाता है,इसके लिये मंन्दाग्नि से हमेशा बचना चाहिये और तकलीफ़ होने पर इन दवाओं का प्रयोग करना चाहिये।
  • भूख नही लगने पर आधा माशा फ़ूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है।
  • काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है,और भूख बढती है,यह नमक पेट को भी साफ़ करता है।
  • हरड का चूर्ण सौंठ और गुड के साथ अथवा सेंधे नमक के साथ सेवन करने से मंदाग्नि ठीक होती है।
  • सेंधा नमक,हींग अजवायन और त्रिफ़ला का समभाग लेकर कूट पीस कर चूर्ण बना लें,इस चूर्ण के बराबर पुराना गुड लेकर सारे चूर्ण के अन्दर मिला दें,और छोटी छोटी गोलियां बना लें,रोजाना ताजे पानी से एक या दो गोली लेना चालू कर दे,यह गोलियां खाना खाने के बाद ली जाती है,इससे खाना पचेगा भी और भूख भी बढेगी।
  • हरड को नीब की निबोलियों के साथ लेने से भूख बढती है,और शरीर के चर्म रोगों का भी नाश होता है।
  • हरड गुड और सौंठ का चूर्ण बनाकर उसे थोडा थोडा मट्ठे के साथ रोजाना लेने से भूख खुल जाती है।
  • छाछ के रोजाना लेने से मंदाग्नि खत्म हो जाती है।
  • सोंठ का चूर्ण घी में मिलाकर चाटने से और गरम जल खूब पीने से भूख खूब लगती है।
  • रोज भोजन करने से पहले छिली हुई अदरक को सेंधा नमक लगाकर खाने से भूख बढती है।
  • लाल मिर्च को नीबू के रस में चालीस दिन तक खरल करके दो दो रत्ती की गोलियां बना लें,रोज एक गोली खाने से भूख बढती है।
  • गेंहूं के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनवायी जाये,इससे भूख बहुत बढती है।
  • मोठ की दाल मंदाग्नि और बुखार की नाशक है।
  • डेढ ग्राम सांभर नमक रोज सुबह फ़ांककर पानी पीलें,मंदाग्नि का नामोनिशान मिट जायेगा।
  • पके टमाटर की फ़ांके चूंसते रहने से भूख खुल जाती है।
  • दो छुहारों का गूदा निकाल कर तीन सौ ग्राम दूध में पका लें,छुहारों का सत निकलने पर दूध को पी लें,इससे खाना भी पचता है,और भूख भी लगती है।
  • जीरा सोंठ अजवायन छोटी पीपल और काली मिर्च समभाग में लें,उसमे थोडी सी हींग मिला लें,फ़िर इन सबको खूब बारीक पीस कर चूर्ण बना लें,इस चूर्ण का एक चम्मच भाग छाछ मे मिलाकर रोजाना पीना चालू करें,दो सप्ताह तक लेने से कैसी भी कब्जियत में फ़ायदा देगा।
  • भोजन के आधा घंटा पूर्व चुकन्दर गाजर टमाटर पत्ता गोभी पालक तथा अन्य हरी साग सब्जियां व फ़लीदार सब्जियों के मिश्रण का रस पीने से भूख बढती है।
  • सेब का सेवन करने से भूख भी बढती है और खून भी साफ़ होता है।
  • अजवायन चालीस ग्राम सेंधा नमक दस ग्राम दोनो को कूट पीस कर एक साफ़ बोतल में रखलें,इसमे दो ग्राम चूर्ण रोजाना सवेरे फ़ांक कर ऊपर से पानी पी लें,इससे भूख भी बढेगी और वात वाली बीमारियां भी समाप्त होंगी।
  • एक पाव सौंफ़ पानी में भिगो दें,फ़िर इस पानी में चौगुनी मिश्री मिलाकर पका लें,इस शरबत को चाटने से भूख बढती है।
  • पकी हुई मीठी इमली के पत्ते सेंधा नमक या काला नमक काली मिर्च और हींग का काढा बनाकर पीने से मंदाग्नि ठीक हो जाती है।
  • जायफ़ल का एक ग्राम चूर्ण शहद के साथ चाटने से जठराग्नि प्रबल होकर मंदाग्नि दूर होती है।
  • सोंफ़ सोंठ और मिश्री सभी को समान भाग लेकर ताजे पानी से रोजाना लेना चाहिये इससे पाचन शक्ति प्रबल होती है।
  • जवाखार और सोंठ का चूर्ण गरम पानी से लेने से मंदाग्नि दूर होती है।
  • लीची को भोजन से पहले लेने से पाचन शक्ति और भूख में बढोत्तरी होती है।
  • अनार भी क्षुधा वर्धक होता है,इसका सेवन करने से भूख बढती है।
  • नीबू का रस रोजाना पानी में मिलाकर पीने से भूख बढती है।
  • आधा गिलास अनन्नास का रस भोजन से पहले पीने से भूख बढती है।
  • तरबूज के बीज की गिरी खाने से भूख बढती है।
  • बील का फ़ल या जूस भी भूख बढाने वाला होता है।
  • इमली की पत्ती की चटनी बनाकर खाने से भूख भी बढती है,और खाना भी हजम होता है।
  • सिरका सोंठ काला नमक भुना सुहागा और फ़ूला हींग समभाग मे लेकर मिला लें,रोजाना खाने के बाद भूख बढती है।
  • सूखा पुदीना बडी इलायची सोंठ सौंफ़ गुलाब के फ़ूल धनिया सफ़ेद जीरा अनारदाना आलूबुखारा और हरड समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें,मंदाग्नि अवश्य दूर हो जायेगी।
  • एक ग्राम लाल मिर्च को अदरक और नीबू के रस में खरल कर लें,फ़िर इसकी काली मिर्च के बराबर की गोलिया बना लें, यह गोली चूसने से भूख बढती है।