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सोमवार, 3 अप्रैल 2017

कुछ घरेलु उपाय दाद से बचने के लिए

कुछ घरेलु उपाय दाद से बचने के लिए


हम हमेशा चाहते हैं की हमारा शरीर साफ़ और स्वस्थ रहे हम कभी भी नहीं चाहेंगे की हमे किसी तरह का कोई इन्फेक्शन या बीमारी लगे। वैसे तो हम अपने शरीरका हमेशा ध्यान रखते हैं लेकिन उसके बावजूद हमे कुछ बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। हमे इन्फेक्शन कभी भी हो सकता है जैसे आप यात्रा कर रहे हों काम पर जा रहे हों तो ध्यान दे की आपका कोई साथी या आस पास के लोग बीमार तो नहीं हैं। नहाने के पानी मे 2 बून्द सेवलोंन या डेटोल डाल कर नहाएं। दाद एक ऐसी बिमारी है जो हर उम्र के लोगो मे हो सकती है बच्चा जवान या बुज़ुर्ग इससे कोई नहीं बच पाता। ये एक फंगल इन्फेक्शन है जो सर, पैर, गर्दन या किसी अंदरुनी भाग मे कहीं भी हो सकता है। ये लाल या हलके ब्राउन रंग का गोल आकार का होता है। ये इंसान, जानवर किसी से भी फेल सकता है। लेकिन डरें नहीं ये आसानी से ठीक भी हो जाता है। ये किसी कीड़े से नहीं होता ये तो एक फंगल इन्फेक्शन है।

दाद का इन्फेक्शन बहुत ख़राब फंगल इन्फेक्शन होता है ।अगर आपको ये इन्फेक्शन है तो आप अपने शरीर के किसी भी हिस्से पर लाल गोल निशान देख सकते हैं। ये बहुत तेज़ी से फेलता है जिस जगह पर हुआ है उसके आस पास की जगह पर भी फैलने लगता है। इसका इन्फेक्शन ज्यादा बढ़ने पर आप शरीर पर उभार और फुंसियाँ भी देख सकते हैं।

रिंगवर्म या दाद के लक्षण
अगर आपको शरीर पर लाल धब्बे दीखते हैं और खुजली होती है तो सावधान हो जाइए ये दाद है अगर ये आपके नाख़ून पर हुआ तो आपका नाख़ून जड़ से निकल सकता है बालों की जड़ो मे हुआ तो आपके बाल उस जगह से झड़ सकते हैं। ये आपको बालों की जड़ो, पैर, अंदरुनी भागो में हो सकता है।

बालों की जड़ो में होने के लक्षण
  • जड़ो में खुजली होना
  • छोटी छोटी फुंसी होना
  • बालों का झड़ना
  • चमड़ी का तड़कना
  • पस होना
शरीर पर लक्षण
  • लाल पन और खुजली होना।
  • पस की फुंसियाँ होना
  • खुजली के साथ उभार दिखना।
  • पैरों पर लक्षण (Symptoms in foot)
  • इर्रिटेशन और जलन होना।
  • फटी हुई चमड़ी
  • अंदरुनी भागों पर लक्षण
  • कटाव या चमड़ी निकलना।
  • लालपन होना
  • अंदरुनी भागो में खुजली होना।

दाद का इलाज और रिंगवर्म या दाद से बचने के उपाय और उपचार

हमेशा अपने शरीर को साफ़ रखें। शरीर को गिला न रखें हमेशा सुखा रखने की कोशिश करें। एंटी फंगल या मेडिकैटेट साबुन का प्रयोग करें शैम्पू का रोज़ाना इस्तेमाल करें। जहाँ तक हो सके कॉटन के कपडे पहने। ज्यादा चुस्त कपडे ना पहनें। दूसरों के कपडे, तोलिया, बेड शीट, ब्रश का उपयोग ना करें। अगर किसी को ये इन्फेक्शन है तो उनसे दुरी रखें हाथ ना मिलाएं क्योंकि ये इन्फेक्शन फेलता है। अगर आपके घर मे कोई जानवर है और उसे ये इन्फेक्शन है तो उस पर पट्टी कभी ना बांधें और तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएँ। आईये आपको इससे छुटकारा पाने के कुछ उपाए बताते हैं। इन्हें आप अपने दोस्तों को भी बताएं।

दाद की अचूक दवा हैं एंटी फंगल शैम्पू
अगर आप डॉक्टर को दिखाएंगे तो वो आपको एंटी फंगल शैम्पू ही इस्तेमाल करने की सलाह देगा इससे आपको जल्दी ही दाद में आराम मिलेगा। ये शैम्पू किसी भी मेडिकल स्टोर पर आराम से मिल जाते हैं।

कुछ घरेलु उपाय दाद से बचने के लिए :

लहसुन का अर्क है दाद की देशी दवा
लहसुन में प्राकृतिक रूप से एंटी फंगल तत्व होते हैं। जो की कई तरीके के फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने में सहायक है। जिसमे से दाद भी एक है। लहसुन को छिल कर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर दाद पर रख दीजिये जल्दी आराम मिलेगा।

नारियल का तेल से घरेलू उपाय
नारियल का तेल दाद को ठीक करने में बहुत उपयोगी है। ख़ास कर जब आपके सर की जड़ो में इन्फेक्शन हुआ हो तो ये एक बहुत बेहतरीन तरीका है।

दाद की दवा है राई के बीज (Mustard seeds)
छोटे छोटे राई के दाने दाद को ठीक करने में सहायक है। राई को 30 मिनट तक पानी में भिगो कर रख दें। फिर उसका पेस्ट बनाकर दाद की जगह पर लगा लें।

दाद की चिकित्सा है एलोवेरा (Aloe vera)
एलोवेरा का अर्क हर तरह के फंगल इन्फेक्शन को ठीक कर देता हैं। इसे तोड़कर सीधे दाद पर लगा लीजिये ठंडक मिलेगी। हो सके तो रात भर लगा कर रखें।

मूली के बीज
मूली के बीज पानी मे महीन पीस कर,आगपर खूब गरम करके दाद,खाज,खुजली पर लगाने चाहिये,प्रथम दिन तो मूली के बीज लगाने से खूब जलन होगी और कष्ट भी होगा,परंतु ध्यान रहे दवा जितनी जोरो से लगेगी उतना अधिक लाभ होगा, दुसरे दिन भी यही प्रयोग करे,प्रथम दिन की अपेक्षा दुसरे दिन दवा लगाने से कम कष्ट होगा ,इसी प्रकार यह उपचार 3-4 दिन करे,इससे दाद,खाज,खुजली दूर हो जाती है

एप्‍पल वेनिगर
रूई के टुकडे़ को एप्‍पल साइडर वेनिगर में डुबोएं और प्रभावित क्षेत्र पर दिन में 5 बार लगाएं। इसे तीन दिनरों तक लगाएं। वैसे तो इसे तब तक लगाना चाहिये जब तक कि दाग बिल्‍कुल गायब ना हो जाए

इलाज (Cure)
डेरमिटोलॉजिस्ट डॉक्टर से सलाह लें और उनके द्वारा दी गयी दवा लें।

बुधवार, 21 दिसंबर 2016