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रविवार, 29 अप्रैल 2018

बड़ी से बड़ी पथरी की समस्या को एक हफ्ते में गलाकर शरीर से बाहर निकाल देगा ये उपाय

बड़ी से बड़ी पथरी की समस्या को एक हफ्ते में गलाकर शरीर से बाहर निकाल देगा ये उपाय


आजकल पथरी की समस्या तेजी से पनपने लगी है. ज्यादातर पथरी 20 से 50 वर्ष की आयु के मध्य हो जाती है और जोकि तेजी से बढ़ रही है. महिलाओं के अपेक्ष पुरूषों में पथरी की समस्या ज्यादा पाई जाती है. पथरी का होना मुख्य कारण गुर्दे में खनिजों एवं हाइड्रोक्लोरिक, सोडियम का जम जाना, पानी की कमी, तरल पदार्थ कम मात्रा में पीना, वर्कआउट न होना, खान-पान इत्यादि कई कारण होते हैं

गुर्दे की पथरी असहनीय दर्द व्यक्ति को परेशान करता है. पथरी को नजर अंदाज करने से मूत्र नली में बड़ा खतरा हो सकता है. पथरी की शिकायत होने पर तुरन्त चिकित्सक से सलाह, उपचार लें. क्योंकि पथरी होने पर हमारी किडनी पर काफी ज्यादा असर होता है और पेट के नीचे काफी ज्यादा दर्द होने लगता है.वहीं आज हम आपको किडनी की पथरी को जड़ से गिराने के लिए कुछ प्राकृतिक और घरेलू सुझाव बताएंगे.

घरेलु उपचार

सबसे पहले दालचीनी के पत्ते लें और उसे अदरक के साथ बारीक पीसकर आपस में मिला लें. फिर उसके बाद एक पाउडर तैयार हो जाएगा. इस बने हुए पाउडर को एक बर्तन में रख लें और रोजाना सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ पी लें. ऐसा रोजाना करने से 15 दिन के अंदर आपको पथरी के दर्द से राहत मिलने लगेगी और आप की पथरी गल जाएगी.

शनिवार, 28 अप्रैल 2018

गर्मियों में बियर पीने से दूर हो जाते हैं ये रोग, पुरुष जरूर जान लें

गर्मियों में बियर पीने से दूर हो जाते हैं ये रोग, पुरुष जरूर जान लें


ऐसे बहुत से लोग हैं जो कि बीयर पीने के काफी शौकिन होते हैं. खासाकर गर्मियो की बात करें तो इन दिनों में लोग एल्कोहल की मात्रा लेना काफी पसंद करते हैं जो बियर गेंहू. मक्का, जौ से मिलकर बनी होती है वह मनुष्य के शरीर के लिए काफी सेहतमंद होती है.आपने अपने बड़ो से सुना होगा कि वह जिसको भी बियर पीते हुए देखते हैं तो वह इसको पीने के लिए मना ही करते हैं. परंतु ऐसे बहुत से कम लोग हैं जो कि बियर के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे. बियर नुकसान ही नहीं बल्कि हमको इन बीमारियों से बचाती है.

1. दिल के लिए

जो लोग बीयर का सेवन करते हैं उन लोगों के दिल के लिए बहुत लाभदायक होती है. यहां तक की यह दिल से संबंधित रोगों को भी नष्ट करती है. कहा जाता है हफ्ते में लोगों को 2,3 बार बीयर जरुर चाहिए जिससे आप स्वास्थ रह सके.

2. गुर्दे की पत्थरी

किडनी में पत्थरी एक बेहद गंभीर बीमारी होती. ऐसी बीमारी वालों को बियर का सावन जरुर करना चाहिए क्योंकि इसे पीने के बाद लोग बाथरुम कई बार जाते हैं और इसके चलते पत्थरी बाहर आ जाती है.

3. पाचन शक्ति

जिन लोगों की पाचन शक्ति मजबूत नहीं होती है उन लोगो को बीयर का सेवन अवश्य जरुर करें. बीयर पीने से हमारे पाचन तंत्र मजबूत रहता है और पेट भी आसानी सा साफ हो जाता है.

4. हड्डियां मजबूत

बीयर पीने का जबरदस्त फायदा यहा भी है कि जो लोग बीयर का सेवन करते हैं उन लोगं की मांसपेशियां व हड्डियां काफी मजबूत रहती है.

5. डायबिटीज

डायबिटीज वाले लोगों को बीयर बहुत फायदेमंद होती है. बीयर पीने से डायबिटीज पहले से काफी कम हो जाती है.

6. स्मरण शक्ति

यदि बीयर का उपयोग सही तरह से किया जाएं तो इससे आपकी याददाश्त काफी हद तक बढ़ सकती है.

बुधवार, 21 मार्च 2018

तेजी से फैल रही है ये जानलेवा बीमारी, दिखे यह लक्षण तो तुरंत दिखाए डॉक्टर को

तेजी से फैल रही है ये जानलेवा बीमारी, दिखे यह लक्षण तो तुरंत दिखाए डॉक्टर को


अगर आप कुछ खाते हैं और आपके मुंह में हल्का दर्द या अजीब सा अहसास होता है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं किडनी में पथरी होना आजकल आम समस्या हो गई लेकिन आज हम आपको मुंह में होने वाली पथरी के बारे में बताने जा रहें है। किडनी, गालब्लैडर और पैंक्रियाज की तरह मुंह में होने वाली पथरी भी खतरनाक हो सकती है। हालांकि यह काफी रेयर होती है लेकिन इसके बावजूद भी इसके बारे में पता होना बहुत जरूरी है।

मुंह में मौजूद लार ग्रंथि में कैल्शियम फॉस्फेट जम कर पथरी का रूप ले लेता है जोकि खतरनाक हो सकता है। आइए जानते है इस बीमारी के कुछ ऐसे लक्षण जिससे आप इस बीमारी को पहचान कर सुरक्षित रह सकते है। 

कारण और लक्षण : 
मुंह और गले की 6 ग्रंथियां होती है, जिसमें से कान के नीचे पेरोटिड ग्रंथि और जबड़े के सबमेंडुलर लार ग्रंथि में पथरी हो सकती है। ऐसा इन ग्रंथियों में कैल्शियम फास्फेट के जमने के कारण होता है। मुंह में पथरी होने पर लार प्रवाह बंद हो जाता है। इसके अलावा पथरी होने पर जबड़े और कान के आस-पास सूजन, खाना खाने में प्रॉब्लम और जबड़े में दर्द होने लगता है।

कैंसर और दिमागी बीमारी का खतरा : 
मुंह में पथरी होने पर मुंह के कैंसर और दिमागी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इलाज करवाने के बाद भी व्यक्ति भोजन के दौरान होने वाले दर्द को नहीं भूल पाता, जिसे मील टाइम सिंड्रोम भी कहते है।

बचने के उपाय और इलाज

1. कम पानी पीने वाले और चबाकर खाना न खाने वाले लोगों को यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और खाना हमेशा चबाकर खाएं।

2. इस बीमारी का पता एक्सरे और सीटी स्कैन से लगाया जा सकता है। ग्रंथि के अंदर पथरी होने पर इसे ऑपरेशन से निकाला जाता है।

3. इस बीमारी से बचने के लिए रोजाना कम से कम 7-8 गिलास पानी पीएं। इससे लार ग्रंथि में पथरी के चांसेस कम हो जाते है।

4. मुंह में सूजन, दर्द और लार के न निकलने पर तुंरत डॉक्टर को दिखाएं। पथरी बढ़ी न होने पर आप कैंसर के खतरे से बच सकते है।

बुधवार, 29 नवंबर 2017

केवल चार दिन पपीते के बीज खाइए, बीमारियों को दूर भगाइए

केवल चार दिन पपीते के बीज खाइए, बीमारियों को दूर भगाइए


पपीता तो एक शानदार फल है ही और इसके गुणों से आप सब बहुत अच्छी तरह से परिचित भी हो । इस लेख में हम आपको बता रहे हैं भोपाल की रहने वाली श्रीमति ज्योति श्रीवास्तव का एक खास अनुभव जो उन्होने पपीते के बीज खाने के बाद महसूस हुआ । उन्होने पपीते के बीजों से मिलने वाले कुछ लाभों का वर्णन हमारे पास इस आग्रह से भेजा कि हम इसको आप सबके पास तक पहुँचायें । चलिये जानते हैं उनके अनुभव के बारे में ।

पपीते के बीज सेवन करने का तरीका :-

पके पपीते का फल काटकर उसमें मौजूद बीजों को थोड़ी देर के लिये पानी में डाल दें ऐसा करने से उसमें लगी झिल्ली फूल जायेगी । फिर इस झिल्ली को हाथों से मसलकर छुटा दें । फिर इन बीजों को तेज धूप में कड़क होने तक पूरी तरह सए सुखा लें । सूखने पर ये बीज काली मिर्च जैसे नजर आयेंगे । अब इन बीजों को मिक्सी में चलाकर बारीक पाउडर तैयार कर लें । यह पाउडर ही आपको सेवन करना है । रोज सुबह और शाम के समय 3-5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करना है । आगे हम बात करते हैं कि पपीते के बीज के इस चूर्ण के सेवन से क्या क्या लाभ प्राप्त होते हैं ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है डाइबिटीज में :-
पपीते के बीजों का लाभ मधुमेह के रोगियों के लिये इन्सुलिन सरीखा होता है । पपीते के बीजों के द्वारा शुगर के लेवल को नियन्त्रित किया जा सकता है । कुछ रिसर्च के अनुसार यदि रोज पपीते के बीजों का सेवन किया जाये तो इससे मधुमेह के रोग की सम्भावनाओं को काफी कम किया जा सकता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है फोड़े फुन्सी और एलर्जी में :-
त्वचा पर होने वाले अधिकतर रोगों में पपीते के बीजों का चूर्ण समाधान के लिये बहुत ही लाभकारी होता है। यदि इस पाउडर को पपीते के गूदे के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप किया जाये और सेवन भी किया जाये तो यह त्वचा विकारों को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है । इसके इस तरह से प्रयोग करने से स्किन के रोग जल्दी ठीक होते हैं और पपीते के गूदे के साथ मिलाकर लगाने से फोड़े-फुन्सी के दाग भी नही रहते हैं । इस तरह से यह फोड़े फुन्सी और दाग मिटाने में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है आँखों की रोशनी के लिये :-
पपीते में विटामिन ए, प्रोटीन, प्रोटियोलिटिक एंजाइम पाये जाते हैं और इसके यही गुण इसके बीजों में भी मौजूद रहते हैं । चिकित्सक आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिये पपीते के सेवन की सलाह देते हैं । यदि पपीते के बीज का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गाय के दूध के साथ सेवन किया जाये तो यह आँखों की माँसपेशियों को मजबूती देकर रोशनी बढ़ाने का काम करता है । यही कारण है कि आँखों के कमजोर हो जाने की समस्या हो जाने पर पपीते के बीजों को उपयोगी माना जाता है ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है गुर्दे की पथरी में :-
गुर्दे में पथरी हो जाये तो पपीते के बीजों का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गुनगुने पानी में चौथाई ग्राम खाने का सोडा मिलाकर उसके साथ सेवन करना चाहिये । पपीते का बीज पथरी को फोड़ने का काम करता है और पानी में मिला हुआ खाने वाला सोडा पेशाब आने की मात्रा को बढ़ाता है जिससे पथरी टूटकर जल्दी ही पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है । यदि आपके साथ भी मूत्र मार्ग की पथरी की समस्या हो तो एक बार 4-5 दिन के लिये इस प्रयोग को जरूर आजमायें । इसके साथ ही पथरी के रोग में उचित परहेज का भी पालन करें ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है कैंसर से बचाव में :-
कुछ रिसर्च इस तरफ इशारा करती हैं कि पपीते के बीज का पाउडर सेवन करने से कैन्सर के रोगियों को प्रारम्भिक अवस्था में लाभ होता है । कैन्सर के रोग में पपीते के बीजों को साबुत ही निगला जा सकता है अथवा चबाकर खाया जा सकता है और पाउडर बनाकर भी सेवन किया जा सकता है ।

पपीते के बीज के पाउडर से मिलने वाले स्वास्थय लाभों की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँचती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हों तो कृपया कमेण्ट के माध्यम से हमको जरूर सूचित करें ।

मंगलवार, 31 अक्तूबर 2017

पथरी की समस्या के लक्षण हैं ये इनको नजरअन्दाज मत करना

पथरी की समस्या के लक्षण हैं ये इनको नजरअन्दाज मत करना


पथरी की समस्या आजकल आम सुनने को मिल जाती है। किडनी स्टोन यानी की गुर्दे की पथरी का दर्द असहनीय होता है। इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुर्दे की पथरी का सबसे बड़ा कारण हमारा गलत खान-पान और कम पानी की आदत है। गुर्दे की पथरी दर्द के साथ कई सारी परेशानियों को भी न्यौता देती है लेकिन पथरी होने से पहले हमारा शरीर कई संकेत देने लगता है जिन्हें हम लोग अक्सर नजरअंदाज करके बैठ जाते है। हम आपको उन्हीं संकेतों के बारे में बताएंगे जिनके अनदेखा बिल्कुल न करें।

यूरिन के दौरान तेज दर्द होता है
गुर्दे की पथरी से पीड़ित मरीज को यूरिन के दौरान तेज दर्द की शिकायत रहती है। दरअसल, ऐसा तब होता है जब गुर्दे की पथरी मूत्रमार्ग से होकर मूत्राशय में जाती है। ऐसे में मूत्रमार्ग में संक्रमण भी हो जाता है । कई बार पथरी तो आकार में बहुत छोटी होती है लेकिन वो बहुत ज्यादा इन्फेक्शन बना देती है जिसके कारण भी तेज दर्द रहने लगता है ।
पीठ दर्द :-
कमर और उसके निचले हिस्से यानी पसलियों के नीचे दर्द होना भी गुर्दे की पथरी का संकेत है। यह दर्द धीरे-धीरे पेट और जांघ के बीच के भाग में जा सकता है जिस दौरान तेज दर्द होता है । ऐसा प्रायः उस अवस्था में होता है जब पथरी गुर्दे में फँसी होती है और आगे खिसकने की ताकत लगा रही होती है ।
पेशाब में खून :-
पथरी के मरीज का मूत्र अक्सर गुलाबी, लाल या भूरे रंग में आने लगता है। जब पथरी के कारण मूत्रमार्ग ब्लॉक हो जाता है तो यूरिन के दौरान रक्त आने लगता है। कई बार जब पथरी काँटे दार होती है तो वो आगे खिसकने के दौरान मूत्र मार्ग में जख्म बना देती है जिसमें से खून का रिसाव होने लगता है । इस दशा में तेज जलन का भी अहसास मूत्र करते समय होता है ।
मतली और उल्टी :-
अगर पेट में गड़बड़ और मतली जैसा महसूस हो तो यह भी किडमी स्टोन का संकेत हो सकता है। इस दौरान उल्टी की समस्या भी हो सकती है। उल्टी के जरिए हमारा शरीर के भीतर की गंदगी बाहर निकलती है लेकिन इसका यह मतलब नही है कि गुर्दे की पथरी उल्टी के द्वारा बाहर निकल जायेगी ।
बुखार :-
बुखार और ठंड लगना भी इसका संकेत है। इसलिए ऐसी स्थिति न अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। दरअसल, गुर्दे में पथरी होने पर शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है और बुखार महसूस होने लगता है। गुर्दे की पथरी जब काफी समय तक एक ही जगह पर पड़ी रहकर संक्रमण पैदा करने लगती है तब इन्फेक्शन के कारण ठण्ड लगकर बुखार आने लगता है ।

अधिक सूजन :-
जब पथरी की समस्या काफी विकराल हो जाती है तो इसके कारण गुर्दे अपना काम करना बन्द करने लगते हैं तब इस दशा में शरीर में खास तौर पर पैर के टखनों के पास सूजन चढ़ने लगती है जो स्पष्ट रूप से दिखाई देती है । पेट या शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में सूजन आना और साथ ही मूत्राशय में दिक्‍कत आने लगे तो यह गुर्दे की पथरी का लक्षण है।

सोमवार, 30 अक्तूबर 2017

पित्ताशय की पथरी से परेशान हो तो अपनाएँ ये जूस

पित्ताशय की पथरी से परेशान हो तो अपनाएँ ये जूस


अस्सी फीसदी पित्त की थैली की पथरी कोलेस्ट्रॉल के जमने या सख्त होने के कारण होती है। पित्ताशय की पथरी के कारण पेट में असहनीय दर्द होता है, कई बार उल्टी भी हो सकती है। रोगी का खाना पचने में दिक्कत होने लगती है जिससे पेट में अपच और भारीपन रहता है। पित्त की थैली में पथरी होने के बारे में यही कहा जाता है कि बिना ऑपरेशन के इसे निकालना मुश्किल है। ऐसे में यदि आपको गॉल ब्लेडर स्टोन की शिकायत है तो जाहिर है आपने भी ऑपरेशन का विचार बनाया होगा, लेकिन ऑपरेशन से पहले कुछ घरेलू उपाय अपनाकर देखें, संभव है कि पथरी गल जाए। कुछ घरेलू उपाय न केवल पथरी को गला देंगे बल्कि पाचन को दुरूस्त करके दर्द को भी ठीक कर देंगे। आइए जानते हैं, ऐसे ही घरेलू उपायों के बारे में।

सेब का जूस और सेब का सिरका :-
सेब में पित्त की पथरी को गलाने का गुण होता है, लेकिन इसे जूस के रूप में सेब के सिरके के साथ लेने पर यह ज्यादा असरकारी होता है। सेब में मौजूद मैलिक एसिड पथरी को गलाने में मदद करता है तथा सेब का सिरका लिवर में कोलेस्ट्रॉल नहीं बनने देता, जो पथरी बनने के लिए जिम्मेदार होता है। यह घोल न केवल पथरी को गलाता है बल्कि दोबारा बनने से भी रोकता है और दर्द से भी राहत देता है। 
उपचार  एक गिलास सेब के जूस में, एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। इस जूस को रोजाना दिन भर में दो बार पीएं।
नाशपाती का जूस :-
नाशपाती के आकार की पित्त की थैली को नाशपाती द्वारा ही साफ किया जाना संभव है। नाशपाती में मौजूद पैक्टिन कोलेस्ट्रॉल को बनने और जमने से रोकता है। यूं भी नाशपाती गुणों की खान है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। 
उपचार – एक गिलास गरम पानी में, एक गिलास नाशपाती का जूस और दो चम्मच शहद मिलाकर पीएं। इस जूस को एक दिन में तीन बार पीना चाहिए।
चुकंदर, खीरा और गाजर का जूस :-
जूस थेरेपी को पित्त की थैली के इलाज के लिए घरेलू उपचारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। चुकंदर न केवल शरीर का मजबूती देता है बल्कि गॉल ब्लेडर को साफ भी करता है साथ ही लिवर के कोलोन को भी साफ करता है। खीरा में मौजूद ज्यादा पानी की मात्रा लिवर और गॉल ब्लेडर दोनों को डिटॉक्सीफाई करती है। गाजर में भी विटामिन सी और उच्च पोषक तत्व होने के कारण यही गुण होते हैं। 
उपचार- एक चुकंदर, एक खीरा और चार गाजर को लेकर जूस तैयार करें। इस जूस को प्रतिदिन दो बार पीना है। जूस में प्रत्येक सामग्री की मात्रा बराबर होनी चाहिए, इसलिए सब्जी या फल के साइज के हिसाब से मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
पुदीना (Mint) :-
पुदीना को पाचन के लिए सबसे अच्छी घरेलू औषधि माना जाता है जो पित्त वाहिका तथा पाचन से संबंधित अन्य रसों को बढ़ाता है। पुदीना में तारपीन भी होता है जो कि पथरी को गलाने में सहायक माना जाता है। पुदीने की पत्तियों से बनी चाय गॉल ब्लेडर स्टोन से राहत दे सकती है। 
उपचार- पानी को गरम करें, इसमें ताजी या सूखी पुदीने के पत्तियों को उबालें। हल्का गुनगुना रहने पर पानी को छानकर इसमें शहद मिलाएं और पी लें। इस चाय को दिन में दो बार पीया जा सकता है।
खान-पान और दिनचर्या में बदलाव 
रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। चाहे प्यास न भी लगी हो। वसायुक्त या तेज मसाले वाले खाने से बचें। प्रतिदिन कॉफी जरूर पीएं। बहुत ज्यादा भी नहीं लेकिन दिन में एक से दो कप काफी हैं। कॉफी भी पित्त वाहिका को बढ़ाती है जिससे पित्त की थैली में पथरी नहीं होती। अपने खाने में विटामिन सी की मात्रा बढाएं। दिनभर में जितना ज्यादा संभव हो विटामिन सी से भरपूर चीजें खाएं। हल्दी, सौंठ, काली मिर्च और हींग को खाने में जरूर शामिल करें।

मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

भूलकर भी ना खाएं ये चीजें, वरना पथरी बढ़ाएगी परेशानी

भूलकर भी ना खाएं ये चीजें, वरना पथरी बढ़ाएगी परेशानी


आज की भाग दौड भरी जिंदगी में लोग अपनी खानपान की आदतों को सही से ध्यान नहीं रख पाते हैं जिसकी वजह से उन्हें कई बीमारियां हो जाती है। इनमें से एक बीमारी है पथरी और जिन लोगों को पथरी की समस्या होती है उन्हें इसके बारे में शुरू में पता नहीं चल पता है। वहीं किडनी में जिन लोगों को पथरी होती है उन्हें तो इसके लक्षण के बारे में तब पता चलता है जब पथरी का आकार बढ़ने लगता है और यूरीन करने के दौरान मरीज को दिक्कत आने लगती है। किडनी की पथरी में अगर आप अपने रोजमर्रा के खाना पान का ध्यान रखते हैं और परहेज करते हैं तो आपकी दिक्कतें काफी हद तक दूर हो जाती हैं

पालक : 
पथरी के मरीज पालक से दूरी बना लें क्योंकि इसमें आॅक्सेलेट होता है जो कैल्शियम को जमा कर लेता है और यूरीन में नहीं जाने देता है। ऐसे में पथरी के मरीज अगर पालक खाते हैं तो उनकी स्थिति बिगड सकती है।
चॉकलेट
अगर आपका चॉकलेट पसंद है तो आपको ये आदत छोडनी होगी क्योंकि ये आपकी किडनी की पथरी को बढ़ा सकती है। इसलिए आप चॉकलेट से दूरी बना लें क्योंकि इसमें आॅक्सेलेट्स होते हैं।

टमाटर
हम अपने खाने में टमाटर का इस्तेमाल काफी करते है। टमाटर में भी आॅक्सेलेट की काफी मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में पथ्ररी के मरीजों को अगर टमाटर खाना भी है तो उसका इस्तेमाल करते वक्त उसके बीज निकल लें।
नमक
पथरी के मरीज को खाने में नमक का इस्तेमाल भी कम करना पडता है। क्योंकि नमक में सोडियम होता है, जो पेट में जाकर कैल्श्यिम बन जाता है और ये भी पथरी को बढ़ा देता है। 
चाय
डॉक्टर पथरी के मरीजों को सबसे ज्यादा सलाह देते हैं कि वह सुबह की शुरुआत ना करें क्योंकि इसके नुकसान बहुत हैं। एक प्याला चाय पथरी का साइज बड़ा सकती है। 
सी-फूड और मीट
अगर आपको सी—फूड और मीट पसंद है तो आपको अपनी सेहत के लिए ये भी छोड़ाना होगा। इतना ही नहीं अन्य प्रोटीन वाली चीजों से भी आपको परहेज करना होगा क्योंकि इसमें प्यूरीन नाम का एक तत्व होता है। यदि पथरी के मरीज के शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ने पर यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है जिससे पथरी बड़ी हो जाती है।

सोमवार, 2 अक्तूबर 2017

गठिया और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नही, हफ्ते भर में पथरी और गांठ को गला देती है ये सब्जी

गठिया और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नही, हफ्ते भर में पथरी और गांठ को गला देती है ये सब्जी


तोरई एक प्रकार की सब्जी होती है और इसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। पोषक तत्वों के अनुसार इसकी तुलना नेनुए से की जा सकती है।  वर्षा ऋतु में तोरई की सब्जी का प्रयोग भोजन में अधिक किया जाता है। तोरई मीठी व कड़वी दो तरह की होती है इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है।

तोरई के अद्भुत फायदे : 

पथरी : तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।
फोड़े की गांठ : तोरई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें की गांठ पर लगाने से 1 दिन में फोड़ें की गांठ खत्म होने लगता है।
चकत्ते : तोरई की बेल गाय के मक्खन में घिसकर 2 से 3 बार चकत्ते पर लगाने से लाभ मिलता है और चकत्ते ठीक होने लगते हैं।
पेशाब की जलन : तोरई पेशाब की जलन और पेशाब की बीमारी को दूर करने में लाभकारी होती है।
आंखों के रोहे तथा फूले : आंखों में रोहे (पोथकी) हो जाने पर तोरई (झिगनी) के ताजे पत्तों का रस को निकालकर रोजाना 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।
बालों को काला करना : तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसके बाद इसे नारियल के तेल में मिलाकर 4 दिन तक रखे और  फिर इसे उबालें और छानकर बोतल में भर लें। इस तेल को बालों पर लगाने और इससे सिर की मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं।


बवासीर (अर्श) : तोरई की सब्जी खाने से कब्ज ठीक होती है और बवासीर में आराम मिलता है। कडवी तोरई को उबाल कर उसके पानी में बैंगन को पका लें। बैंगन को घी में भूनकर गुड़ के साथ भर पेट खाने से दर्द तथा पीड़ा युक्त मस्से झड़ जाते हैं।
गठिया (घुटनों के दर्द में) रोग - पालक, मेथी, तोरई, टिण्डा, परवल आदि सब्जियों का सेवन करने से घुटने का दर्द दूर होता है।

कृपया इन बातों का ध्यान रखें : 

तोरई कफ तथा वात उत्पन्न करने वाली होती है अत: जरूरत से अधिक इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है। 
तोरई पचने में भारी और आमकारक है। वर्षा ऋतु में तोरई का साग रोगी व्यक्तियों के लिए लाभदायक नहीं होता है।

मंगलवार, 26 सितंबर 2017

मौत के मुंह से भी बाहर ले आयेंगे ये 4 जूस

मौत के मुंह से भी बाहर ले आयेंगे ये 4 जूस


अगर इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो, या छोटी सी बीमारी से लेकर कैंसर तक हो, मोटापा हो या हृदय की समस्या, अगर व्यक्ति मौत के मुंह में भी चला गया हो और डॉक्टर जवाब दे दें तो भी ये जूस व्यक्ति को मौत के मुंह से बाहर लाने की क्षमता रखते हैं. आइये जाने इनके बारे में

1. पत्तागोभी का जूस :
 पत्तागोभी देखने में जितनी साधारण हैं उतनी ही गुणों में अमृत के समान हैं, अनेक कष्ट साध्य रोग जैसे कैंसर, कोलाइटिस, हार्ट, मोटापा, अलसर, ब्लड क्लॉटिंग रक्त के थक्के जमने में, उच्च रक्तचाप, नींद की कमी, पथरी, मूत्र की रुकावट में पत्तागोभी बहुत लाभकारी हैं। इसकी सब्जी भी घी से छौंककर बनानी चाहिए। पत्तागोभी को करमकल्ला के नाम से भी पुकारा जाता हैं। इसका रस, सलाद और सब्जी सभी गुणकारी हैं। रोगी व्यक्ति को नियमित इसके जूस का सेवन करना चाहिए. और अगर स्वस्थ व्यक्ति भी इसका सेवन करता है तो उसका स्वास्थय नियमित बना रहता है. 
2. गाजर का जूस गाजर बहुत ही गुणकारी है :
गाजर में जीवन दायिनी शक्ति है, गाजर में दूध के समान गुण विद्यमान हैं और गाजर का रस दूध से भी उत्तम है, गाजर में माता के दूध के समान खनिज लवण पाए जाते हैं। इसके उपयोग से हमारी सेहत बहुत बढ़िया रह सकती है। गाजर का उपयोग इसका रस निकाल कर या सब्जी बनाकर किया जा सकता है।

गाजर का जूस नियमित पीने से हमारी आँखों के छोटे छोटे रोगों से लेकर मोतियाबिंद जैसे रोग नहीं होते। गाजर के नियमित सेवन से ब्रैस्ट कैंसर, पेट के कैंसर और फेफड़ों के कैंसर से बचा जा सकता है और अगर ये रोग हो जाए तो इसके सेवन से बहुत जल्दी रिकवरी होती है। लीवर पेट आँतों और दांतों मसुडो के रोगों में भी बहुत लाभकारी है.

3. गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस :
अगर आपको कोई ऐसा रोग हो गया हो जो असाध्य हो या आपको लगता हो के ये आपकी जान लेकर ही जायेगा तो बिना विलम्ब किये रोगी को ये जूस पिलाना शुरू करना चाहिए, ये शरीर में जाते ही शरीर से विजातीय पदार्थ निकालकर शारीर में अमृत का संचार करता है, कैंसर, हृदय की ब्लॉकेज, किडनी के रोगों, लीवर, ब्लड शुगर जैसे अनेक रोगों के लिए ये बेहतरीन है. इस जूस के बारे के गुणों के बारे में जितना लिखा जाए उतना ही कम है. गेंहू के जवारो को आयुर्वेद में ग्रीन ब्लड और पृथ्वी की संजीवनी के नाम से सम्भोधित किया जाता है और गिलोय को अमृता के नाम से जाना जाता है, इन दोनों को मिक्स कर के बनाया गया जूस अपने आप में अमृत लिए रहता है.

4. पालक का जूस :
पालक विटामिन K, विटामिन A (करोटेनॉइड्स के रूप में), मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, एमिनो एसिड तथा फोलिक एसिड फोलेट, कॉपर, विटामिन B2, विटामिन B6, विटामिन E, कैल्शियम, पोटैशियम, और विटामिन C का अति उत्कृष्ट स्त्रोत है। कच्चा पालक खाने से कड़वा और खारा ज़रूर लगता है, परन्तु ये गुणकारी होता है। गुणों के मामले में पालक का शाक सब शाकों से बढ़ चढ़कर है। इसका रस यदि पीने में अच्छा न लगे तो इसके रस में आटा गूंथकर रोटी बनाकर खानी चाहिए। पालक रक्त में लाल कण बढ़ाता है। कब्ज दूर करता है। पालक, दाल व् अन्य सब्जियों के साथ खाएं।

गुरुवार, 21 सितंबर 2017

पपीता खाने के इन साइड इफेक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप, ज्यादा सेवन से हो सकता है पीलिया

पपीता खाने के इन साइड इफेक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप, ज्यादा सेवन से हो सकता है पीलिया


तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर पपीते का सेवन कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाने में काफी फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी का भंडार होता है। इसे कच्चा और पके हुए दोनों रूपों में खाया जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने, वजन घटाने में, इम्यूनिटी और आंखों की रोशनी बढ़ाने में इसके काफी फायदे होते हैं। इन सबके अलावा पपीता खाने के कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। कई बार पपीते का सेवन हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह भी होता है। आज हम आपको पपीते के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं।

पीलिया होने की संभावना – पपीते में पाए जाने वाले पपाइन और बीटा कैरोटीन नामक पदार्थ की वजह से शरीर में पीलिया और अस्‍थमा जैसी खतरनाक बीमारियों की संभावना काफी बढ़ जाती है। पपीते में इन दोनों पदार्थों की काफी मात्रा पाई जाती है।

गर्भपात की संभावना – कच्चे पपीते की वजह से गर्भपात के बारे सब जानते हैं। कच्‍चे पपीते में मौजूद लैटेक्‍स नाम के तत्व की वजह से गर्भाशय के सिकुड़ने की संभावना बनी रहती है, जिसके कारण गर्भपात या फिर समय से पहले प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। यदि कच्‍चा पपीता प्रेगनेंसी के अंतिम चरण में खाया जाए तो लेबर पेन का भी खतरा रहता है।

किडनी में पथरी – यूं तो पपीते के सेवन से कैंसर, हाइपरटेंशन, ब्‍लड वेसेल डिस्‍ऑर्डर से सुरक्षा मिलती है लेकिन एक अध्‍ययन में यह बात भी सामने आई है कि पपीते के अत्‍यधिक सेवन से किडनी में पथरी की समस्‍या पैदा हो सकती है। पपीते में बहुतायत मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन सी इसके लिए जिम्मेदार है।

स्किन को नुकसान – अधिक मात्रा में पपीते का सेवन करने की वजह से स्किन के रंग में पीलापन दिख आ जाता है। इसमें मौजूद बीटा केरोटीन त्वचा के रंग को प्रभावित करता है।

यह भी पढ़ें : कच्चा पपीता खाने के ये फायदे जानकार हैरान रह जाएंगे आप

बुधवार, 30 अगस्त 2017

जानिये कौन से रोग में कौन सा कैसा जूस पिया जाए…

जानिये कौन से रोग में कौन सा कैसा जूस पिया जाए…


शरीर की रोगप्रतिरोधक शक्ति (इम्यून पावर) बढ़ाने के लिये : दो गाजर,एक छोटा टुकड़ा अदरक,एक सेब सबको मिलाकर मिक्सी में पीसकर रस निकाल लें इस तरह से एक ग्लास रस रोजाना नाश्ते के साथ लेते रहें

कॉलेस्ट्रॉल घटाएं : एक सेब, एक ककड़ी के चार टुकड़े करके,सात गेहूं के जवारे (यानि गेहूं के दाने गमले में उगा लीजिये अब घांस जैसे पत्ते निकलते रहेंगें वही है जवारे)इन सब को पीसकर प्रति दिन एक ग्लास सुबह नाश्ते में सेवन करें।

पेट की गड़बड़ी तथा सरदर्द मिटाएं : ककड़ी चार पांच टुकड़े, थोड़ी पत्तागोभी, सलाद के पत्ते सबको पीस लें रोज सुबह इसके रस का सेवन करें।

.सांस की बदबू हटाएं तथा अपना रंग निखारे : दो टमाटर, दो सेब को मिलाकर रस निकाल लें रोजाना नाश्ते में पियें। अद्वितीय लाभ होगा।

शारीरिक लक्षण : किसी किसी के शरीर का तापमान हमेशा बढ़ा रहता है उसे नार्मल करने के लिये एक करेला, दो सेब का रस रोजाना नाश्ते में सुबह सेवन करें। इससे और भी फायदे हैं जैसे मुंह से बदबू का आना, किसी- किसी की पेशाब से अधिक बदबू आती है सब ठीक हो जायेगा।

त्वचा में कांति तथा नमी बनाए रखे : रूखी त्वचा है तो दो संतरे,दो तीन अदरक का टुकड़ा,एक ककडी को पीस कर रस प्रति दिन पियें। त्वचा चमकदार हो जायेगी।

पथरी नाशक : अनानास के पाँच टुकड़े, दो सेब, तरबूज के कुछ टुकड़े इनका रस प्रति दिन सेवन करें यह यूरिनरी सिस्टम की सभी परेशानियों को दूर तो करेगी ही साथ किड़नी फंक्शन को सुधारकर पथरी का नाश करने में सहायक है।

मधुमेह रोगियों के लिये, शर्करा (शूगर ) को नियंत्रित रखे : एक नाशपाती,छोटा अदरक का टुकड़ा,एक करेला,एक सेब, ककड़ी के चार टुकड़े,चार पाँच तुलसी के पत्ते,एक संतरा या मोसमी सबको मिलाकर रस निकाल लें इसे रोज सुबह नाश्ते में सेवन करें।रक्त शर्करा पर नियंत्रण तो होगा ही मधुमेह से संबंधित अन्य परेशानियां भी दूर होंगी,साथ रोगी को शक्ति भी देगा यानि मधुमेह से होने वाली कमजोरी भी ठीक करेगा।

रक्तचाप को नियंत्रित रखना में सहायक : चार पांच गाजर, दो सेब ,एक नाशपाती,आम के कुछ टुकड़े सबको मिलाकर रस बनाया जाये प्रति दिन इसका सेवन किया जाये तो रक्तचाप को नियंत्रित कर शरीर का विकास भी करेगा।

सर दर्द : सुबह तरबूज का रस निकाल कर उसमें काला नमक डालकर पियें इससे सर दर्द ,उल्टी परमानेंट ठीक हो जाता है किडनी का स्टोन गलाकर बाहर निकालताहै।किडनी की कोई प्रोबलम नहीं होने पायेगी ।गर्मी के बुखार से दूर रखेगा।

कब्ज को खत्म करने वाला रस : दो केले, कुछ टुकड़े अनानास के, इसमें दूध मिलाकर रोज सेवन करें कब्ज दूर करेगा।शरीर को अत्यंत उपयोगी विटामिन्स तथा शक्ति प्रदान करेगा ।

संपूर्ण शक्ति दायक रस : कुछ अंगूर, तरबूज के टुकड़े और दूध सबको मिलाकर रस बनाया जाय फिर दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर पियें।शरीर की सभी आवश्यक तत्वों की पूर्ति होगी ।शारीरिक शक्ति में वृद्धि होगी।इस रस का कोई भी सेवन कर सकता है।

रक्तशुद्धि के लिये : नींबू, गाजर, गोभी, चुकन्दर, पालक, सेव, तुलसी, नीम और बेल के पत्तों का रस।

अनिद्रा : यदि किसी को नींद कम आती है तो अंगूर, गाजर, पालक और सेब का रस पियें, अच्छी नींद आने लगेगी

आँखों की रोशनी : आँखों की रौशनी को बढ़ने के लिए गाजर का रस तथा हरे धनिये का रस सबसे उत्तम माना जाता है.

शुक्रवार, 11 अगस्त 2017

पथरी के दर्द से हैं परेशान, तो खाने में करें इन चीजों का इस्तेमाल!

पथरी के दर्द से हैं परेशान, तो खाने में करें इन चीजों का इस्तेमाल!


पथरी ऐसी बीमारी है जो अक्सर लोगों में सुनने को मिल जाती है। जब पथरी का दर्द होता है तो इतना भयानक होता है कि उसे बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस दर्द से आराम के लिए हम दवाई तो लेते ही हैं, लेकिन अगर कुछ घरेलू नुस्खे आजमाएं तो हमें आराम मिल सकता है। 

1. प्याज के चीनी के साथ पीएं, प्याज में पाए जाने वाले पोटैशियम और विटामिन-B शरीर में पथरी को बढ़ने से रोकता है।

2. रात को 2 गिलास पानी में 2 बड़े चम्मच सौंफ, सूखा धनिया और मिश्री को डालकर भिगों दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पीएं

3. पथरी में ज्यादा से ज्यादा नींबू का सेवन करें। इसमें सीट्रिक एसिड पाया जाता है, जो शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ने से रोकता है।

4. पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए रोल खाएं केले। केले में पाए जाने वाले विटामिन्स पथरी को बढ़ने से रोकते है।

5. पानी में अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर इसे छानकर पीएं। इससे से पथरी के दर्द से छुटकारा मिलेगा।

गुरुवार, 10 अगस्त 2017

अगर आपको पहले पथरी हो चुकी है तो हो जाएं सावधान !

अगर आपको पहले पथरी हो चुकी है तो हो जाएं सावधान !


पूरे जीवन में गुर्दे में पथरी होने की आशंका पुरुषों में 13 प्रतिशत और महिलाओं में मात्र 7 प्रतिशत होती है. एक बात यह भी है कि 35 से 50 प्रतिशत लोग, जिन्हें पहले गुर्दे में पथरी हो चुकी है, उन्हें आने वाले पांच साल में दोबारा हो सकती है.

गुर्दे में होने वाली पथरी आम तौर पर छोटी होती है और पेशाब के साथ निकल जाती है। हां, कुछ पथरी गुर्दे या पेशाब वाहिनी नली में फंस जाती है और इस वजह से समस्याएं हो सकती हैं.' अटकी हुई पत्थरी को निकालने के कई तरीके हैं. जिन लोगों को एक बार पथरी होती है, उनमें से आधे लोगों को जीवन में दोबारा पथरी जरूर होती है. दिन में काफी मात्रा में पानी पीना ऐसा होने से रोक सकता है.

जब पथरी गुर्दे या पेशाब वाहिनी नली में फंस जाती हैं, तब दर्द बहुत बढ़ जाता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है. कई बार पथरी इतनी बड़ी होती है कि यह पेशाब नली को पूरी तरह से बंद कर ही देती है. इससे गुर्दे में संक्रमण या क्षति हो सकती है.एक्स-रे के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है और बड़ी पथरी को निकाला जा सकता है

सलाह :

* पानी पीने की मात्रा इतनी बढ़ा दें कि दिन में कम से कम दो लीटर पेशाब आए. दिनभर में पानी ज्यादा पीने से दोबारा पत्थरी होने का खतरा आधा रह जाता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता. लेकिन जो लोग पहले से काफी मात्रा में पानी पीते हैं, ऐसे लोगों को और अधिक पानी नहीं पीना चाहिए. प्रमाणों से पता चला है कि सामान्य पानी की बजाय किसी खास ब्रांड का पानी पीने से पथरी की समस्या पर कोई फर्क नहीं पड़ता.

* अगर ज्यादा पानी पीने से गुर्दे में पथरी होना बंद न हो तो थाइजाइड ड्युरेक्टिक, स्रिटेट या एलोप्युरिनोल दवाओं के जरिए मोनोथेरेपी ली जा सकती है. यह दवाएं उन लोगों में कैल्शियम जमा होने से बनने वाली पथरी के दोबारा पैदा होना कम कर देते हैं, जिन्हें पहले दो या ज्यादा बार पत्थरी हो चुकी है।

* कॉम्बिनेशन थेरेपी मोनोथेरेपी से ज्यादा प्रभावशाली नहीं है. इन सभी दवाओं के दुष्प्रभाव देखे गए थे. थाइजाइड्स से ओर्थोस्टासिस, पाचनतंत्र में गड़बड़ी, मर्दाना कमजोरी, कमजोरी और मांसपेशियों में समस्या आदि होती है. स्रिटेट्स से पाचनतंत्र में समस्या और एलोपूरिनोल से रैश, गंभीर गठिया और ल्यूकोपेनिया हो सकता है.

* पीड़ित को कोला और फास्फोरिक एसिड वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए.

* फलों के स्वाद वाले साफ्ट ड्रिंक लिए जा सकते हैं, क्योंकि उनमें स्रिटक एसिड होता है. मरीज को चॉकलेट, चुकंदर, मूंगफली, रेवाचीनी, पालक, स्ट्रॉबेरी, चाय और व्हीट ब्रान का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें आहारीय ऑक्सालेट मौजूद होता है.

* मरीज को जीवों से मिलने वाले प्रोटीन और प्यूरीन का सेवन कम से कम करना चाहिए और सामान्य आहारीय कैल्शियम लेते रहना चाहिए.

गुरुवार, 3 अगस्त 2017

 3 दिनों में पथरी के टुकड़े टुकड़े करके शरीर से बाहर निकालने का घरेलु उपाय

3 दिनों में पथरी के टुकड़े टुकड़े करके शरीर से बाहर निकालने का घरेलु उपाय


पथरी का दर्द कितना भयानक होता है इसका अंदाजा भी हम नहीं लगा सकते इसे सिर्फ वही व्यक्ति समझ सकता है जिसे कभी पथरी रही हो या जिसे पथरी की समस्या हो। वैसे तो आपने बहुत सारे घरेलु उपाय के बारे में सुना होगा की कैसे हम घर पर घरेलु उपाय करके पथरी के दर्द से छुटकारा पा सकते है। लेकिन इनमें से अधिक उपाय आपको आराम नहीं पहुंचाते और आपका दर्द और भी ज़्यादा बढ़ने लगता है।

आज हम आपको एक ऐसे घरेलु उपाय के बारे में बताने जा रहे है जिसके तीन दिन के सेवन से आप अपने शरीर में पथरी के टुकड़े टुकड़े करके उसे शरीर से बाहर निकाल सकते है। यह घरेलू उपाय इतना अच्छा है की आपके शरीर में कहीं भी किसी भी आकार की पथरी क्यों न हो ये सबको आसानी से आपके शरीर से बाहर निकाल देता है और वो भी बिना शरीर को नुकसान पहुंचाए।

इस घरेलु उपाय को बनाने के लिए जो आवश्यक सामग्री चाहिए वह कुछ इस प्रकार हैं।

  • नींबू का रस
  • जैतून का तेल
  • गर्म पानी

हमने नींबू का रस और जैतून का तेल सामान मात्रा चार चमच लेकर उसे गर्म पानी में अच्छे से मिलाना है आपका घरेलु उपाय बनकर तैयार है।ये थी बात की उपाय क्या है और उसे बनाना कैसे है अब हम बात करते है की हमने इसका सेवन कब और कैसे करना है।

सुबह खाली पेट हमने इस घरेलु उपाय का सेवन लगातार तीन दिन करना है और इसके सेवन के दौरान हमने पानी ज्यादा से ज्यादा सेवन करना है और वो सभी फल खाने है जिससे हमारे शरीर को प्रचुर मात्रा में पानी मिलता है। ऐसा करने से मात्रा तीन दिनों में शरीर से पथरी के टुकड़े टुकड़े मुत्र के द्वारा बाहर निकलने लगेंगे।
इसीलिए पथरी के रोगी को जिसे तरह तरह के इलाज के बाद भी पथरी के दर्द से आराम नहीं है और शरीर से इसे बाहर निकालना है तो उस रोगी का एक बार तीन दिनों तक इस घरेलु उपाय का सेवन करके जरूर देखना चाहिए ऐसा करना से रोगी को चमत्कारी फायदे देखने को मिलेंगे।

बुधवार, 5 जुलाई 2017

कच्ची प्याज़ सलाद में खाने वाले ये बाते जान कर उछल पड़ेंगे

कच्ची प्याज़ सलाद में खाने वाले ये बाते जान कर उछल पड़ेंगे


प्याज़ के बीजों को सिरका में मिलकर पीसकर चटनी बनाकर इसे मिलने वाले रस को त्वचा के रोगों के उपचार में प्रयोग कर सकते है । जैसे दाद खाज खुजली व चिकेनपॉक्स जैसे रोग में भी इसका उपयोग कर सकते है क्यूंकि प्याज़ बहुत सारे सूक्ष्म जीवों के प्रभाव को रोकता है । 

प्याज़ के रस में मिश्री मिलाकर चाटने से पुरानी खांसी व कफ़ में आराम मिलता है । 

जब भी दन्त का दर्द या मसूड़ों में सूजन हो तो प्याज़ के रस में नमक मिलाकर मलने से तुरंत आराम मिलता है। लाल प्याज़ बलदायक होता है जबकि सफ़ेद प्याज़ दिल के लिए अच्छा होता है प्याज़ ठंडा होता है अतः गर्मियों के दिनों में इसे कच्चा भी खाया जाता है 

इससे शुगर कंट्रोल होता है सर में दर्द होने पर प्याज़ के सफ़ेद कंद के रस को मुँह में डाल कर चूसे ।

यदि पथरी से परेशान है तो प्याज़ के रस को जूस की तरह बनाकर चीनी मिलाकर पिए । इसेसुबह पीने से ज्यादा लाभ मिलता है ।

जुकाम होने पर इसके रस को नाक पर मले तथा गुड या शहद के साथ ले तो आराम मिलता है ।

कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने में कच्चा प्याज खाना बहुत लाभकारी है प्याज में प्रचुर मात्रा में सल्फर होने से रक्त को पतला करने का काम करता है जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है ।

कब्ज के लिए बहुत अच्छा इलाज हैं रोज एक कच्चा प्याज खाना खाने के साथ खाने से खाना अच्छा पचता हैं ।
पेट से जुड़ी बीमारियों को दूर करता हैं । प्याज़ कब्ज़ के लिए बहुत ही सरल औषधि है इसे हर रोज़ कच्चा खाने से कब्ज़ की शिकायत दूर होती है ।

टी बी जैसी बीमारिया नहीं होती हैं
इन लोगों के लिए खतरनाक है हल्दी, जरुर शेयर करें

इन लोगों के लिए खतरनाक है हल्दी, जरुर शेयर करें


हल्दी एक ऐसा मसाला है जिसका इस्तेमाल सब्जी का स्वाद और रंग बढ़ाने में किया जाता है। इसके अलावा हल्दी में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं लेकिन सभी लोगों के लिए हल्दी का सेवन करना फायदेमंद नहीं होता क्योंकि इसे पचाना थोड़ा मुश्किल होता है। आइए जानिए किन लोगों को हल्दी का अधिक सेवन करने से नुकसान हो सकता है।

किडनी प्रॉब्लम
जिन लोगों को किडनी से जुड़ी कोई समस्या हो उन्हें खाने में हल्दी का कम सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद ऑक्जेलेट्स किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।

सर्जरी होने पर
हल्दी का सेवन करने से खून पतला होता है। ऐसे में जिन लोगों की अभी-अभी सर्जरी हुई हो या होने वाली हो उन्हें हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।

खून की कमी
इसके सेवन से शरीर में आयरन अब्जॉर्बशन बढ़ जाता है जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है और एनीमिया की समस्या हो सकती है।

पाचन क्रिया
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन गैस और एसिडिटी की समस्या पैदा करता है। ऐसे में जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर हो उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

पत्थरी की समस्या
इसका अधिक सेवन करने से ब्लैडर की कई समस्याएं हो जाती हैं। इसके अलावा हल्दी में मौजूद ऑक्जेलेट गुर्दे में पत्थरी पैदा करता है।

पीरियड्स प्रॉब्लम
माहवारी के दिनों में हल्दी का कम सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे खून पतला होता है जिससे पीरियड्स के दिनों में अधिक ब्लीडिंग होती है।

शुक्रवार, 23 जून 2017

पथरी के रामबाण घरेलू उपाय, जरुर आजमाइए

पथरी के रामबाण घरेलू उपाय, जरुर आजमाइए


किडनी में स्टोन की समस्या आजकल आम हो चली है। इसकी बड़ी वजह खान-पान की गलत आदतें होती हैं। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो हमारे मूत्र में होते हैं) वे एक दूसरे के संपर्क में आते है या अगर किसी कारण से पेशाब गाढा हो जाता है तो किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं जिन्हे गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है।

गुर्दे की पथरी अलग अलग आकार की हो सकती है| कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत हीं छोटे आकार के होते हैं तो कुछ बहुत हीं बड़े। आमतौर पर छोटे मोटे पथरी मूत्र के जरिये शरीर के बाहर निकल जाया करते हैं लेकिन जो पथरी आकार में बड़े होते हैं वे बाहर नहीं निकल पाते एवं मूत्र के बाहर निकलने में बहुत ही बाधा डालते हैं उससे बहुत हीं ज्यादा पीड़ा उत्पन्न होती है। पथरी का दर्द कभी-कभी बर्दाश्त से बाहर हो जाता है। इसमें पेशाब करने में बहुत दिक्कत होती है और कई बार पेशाब रूक जाता है। पथरी होने की कोई उम्र नहीं होती है, यह किसी भी उम्र में हो सकती है।यहाँ पर हम आपको पथरी के कुछ आसान घरेलू नुस्खे के बारे में जानकारी देते हैं। 

*नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का प्रतिदिन पानी पीना चाहिए।
*करेला वैसे तो बहुत कड़वा होता है परन्तु पथरी में यह रामबाण की तरह काम करता है। करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।
*15 दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।
*अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी में स्टोन के उपचार के लिए अंगूर को बहुत ही उत्तम माना जाता है। चूँकि इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में भी उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है।
*पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।
*किडनी में स्टोन को निकालने में बथुए का साग भी बहुत ही कारगर होता है। इसके लिए आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें। अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।
*आंवला का पथरी में बहुत फायदा करता है। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।
*प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका प्रयोग से हम किडनी में स्टोन से निजात पा सकते है। लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।
*जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।
सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।
*पथरी की समस्या से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्टोन के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।
*मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पीजिए।ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।
*चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए। हो सके कोल्ड्रिंक ज्यादा मात्रा में पीजिए।
*शुद्ध तुलसी का रस लेने से भी पथरी को यूरीन के रास्ते निकलने में मदद मिलती है। कम से कम एक महीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।
*जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।
*नींबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार में से एक है। पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है। नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।
*बेल पत्थर को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

रविवार, 18 जून 2017

ये सब्जी 3 दिन में पथरी को तो 1 दिन में गांठ को गला देती है, गठिया में भी वरदान है

ये सब्जी 3 दिन में पथरी को तो 1 दिन में गांठ को गला देती है, गठिया में भी वरदान है


तोरई एक प्रकार की सब्जी होती है और इसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। पोषक तत्वों के अनुसार इसकी तुलना नेनुए से की जा सकती है। वर्षा ऋतु में तोरई की सब्जी का प्रयोग भोजन में अधिक किया जाता है। तोरई मीठी व कड़वी दो तरह की होती है इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है।

तोरई के अद्भुत फायदे : 

पथरी : तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।

फोड़े की गांठ :
तोरई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें की गांठ पर लगाने से 1 दिन में फोड़ें की गांठ खत्म होने लगता है।
चकत्ते : तोरई की बेल गाय के मक्खन में घिसकर 2 से 3 बार चकत्ते पर लगाने से लाभ मिलता है और चकत्ते ठीक होने लगते हैं।

आंखों के रोहे तथा फूले :
आंखों में रोहे (पोथकी) हो जाने पर तोरई (झिगनी) के ताजे पत्तों का रस को निकालकर रोजाना 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।

यह भी पढ़ें : सिर्फ 5 दिन में 21mm की पथरी को गला देगा ये 40 रूपये का घरेलु उपाय

बालों को काला करना :
तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसके बाद इसे नारियल के तेल में मिलाकर 4 दिन तक रखे और  फिर इसे उबालें और छानकर बोतल में भर लें। इस तेल को बालों पर लगाने और इससे सिर की मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं

बवासीर (अर्श) : 
तोरई की सब्जी खाने से कब्ज ठीक होती है और बवासीर में आराम मिलता है। कडवी तोरई को उबाल कर उसके पानी में बैंगन को पका लें। बैंगन को घी में भूनकर गुड़ के साथ भर पेट खाने से दर्द तथा पीड़ा युक्त मस्से झड़ जाते हैं।

गठिया (घुटनों के दर्द में) रोग -
पालक, मेथी, तोरई, टिण्डा, परवल आदि सब्जियों का सेवन करने से घुटने का दर्द दूर होता है।

कृपया इन बातों का ध्यान रखें : 
तोरई कफ तथा वात उत्पन्न करने वाली होती है अत: जरूरत से अधिक इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है। तोरई पचने में भारी और आमकारक है। वर्षा ऋतु में तोरई का साग रोगी व्यक्तियों के लिए लाभदायक नहीं होता है।

शनिवार, 10 जून 2017

रामबाण हैं तेज पत्ते का सेवन, कई बड़ी बीमारियों से रखेगा दूर

रामबाण हैं तेज पत्ते का सेवन, कई बड़ी बीमारियों से रखेगा दूर


तेज पत्ते में स्वास्थवर्धक औषधि गुण शामिल हैं। यह हम भारतीय किचन में हमेशा मसालो में मिल ही जायेगा। तेज पत्ता खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ कई बिमारियों को भी दूर करता हैं। जी हां, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, कॉपर, पोटैशियम, कैल्शियम, गैगनीज, सेलेनियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में काफी लाभकारी साबित होते हैं।


1. पथरी- पथरी का इलाज बहुत ही मुश्किल होता है। अगर आपको भी पथरी की समस्या हैं तो ऐसे में तेजपत्ते का सेवन करना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। पहले तेजपत्ते को उबाल लें। उसके बाद उसी पानी को ठंडा करके उसका सेवन करें। ऐसा करने से आपको काफी लाभ मिलेगा।

2. डायबिटीज- डायबिटीज में तेजपत्ता एक दवाई की तरह काम करता है। अगर इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए तो ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

3. दर्द में राहत दिलाएं- दर्द में राहत के लिए भी तेजपत्ता एक कारगर उपाय है। इसके अलावा अगर तेज सिर दर्द हो रहा हो तो भी इसके तेल से मसाज करना अच्छा रहता है।

4. पाचन दुरूस्त- पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी तेजपत्ता काफी फायदेमंद है। चाय में तेजपत्ते का इस्तेमाल करके कब्ज, एसिडिटी और मरोड़ जैसी समस्याओं से आप राहत पा सकते हैं।

5. अच्छी नींद- बहुत सारे लोगों को अच्छे से नींद नहीं आती है और उन्हें सोने में परेशानी होती है। रात को सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत लाभकारी होगा। तेजपत्ते के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है।

मंगलवार, 6 जून 2017

फोड़े-फुंसी को जड़ से खत्‍म करता है करेला, जानें और फायदे!

फोड़े-फुंसी को जड़ से खत्‍म करता है करेला, जानें और फायदे!


गर्मी और बारिश के मौसम में अक्‍सर लोगों की त्‍वचा में संक्रमण होने का खतरा रहता है। हानिकारक बैक्‍टीरिया की वजह फोड़े-फुंसी की समस्‍या हो जाती है जो काफी दर्दकारक होती है। तो अगर आप भी फोड़े-फुंसी की समस्‍या से जूझ रहे हैं तो आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर के किचन में जाइए और वहां रखा करेला लीजिए और उसका इस्‍तेमाल कीजिए। इससे आपकी समस्‍या का जड़ से समाधान होगा!

फोड़े-फुंसी को ऐसे करें ठीक

अगर आपकी स्किन में कहीं फोड़े-फुंसी हैं, तो आप करेले की जड़ को घिसकर फोड़े या घाव वाली जगह लगा लें। इससे कुछ ही दिनों में फोड़ा ठीक हो जाएगा। अगर करेले की जड़ ना मिले तो करेले के पत्ते को पीसकर थोड़ा गर्म करके पट्टी में बांधकर घाव पर लगा दें, इससे पस निकल जाएगा और घाव में होने वाले दर्द में भी आराम मिलेगा।

...और भी हैं करेले के फायदे

1. करेले का जूस और फल के अलावा इसकी पत्तियां भी फायदेमंद होती है। इसका सेवन करने से पेट संबंधी समस्या दूर होती है।


2. इससे पथरी की शिकायत भी दूर होती है। इसलिए नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए। करेले के अलावा खाली पेट इसका जूस पीना फायदेमंद होता है। लेकिन ताजे करेले के रस का ही सेवन करना चाहिए।

3. करेला कान में होने वाले दर्द को भी दूर करता है। इसके रस की 4-4 बूंदें कान में डालते रहें, इससे कान दर्द में आराम मिलेगा।

4. रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं नष्ट होती हैं। ऐसा इसलिए होता हैं क्यों कि करेले में मौजूद एंटी-कैंसर कॉम्पोनेंट्स अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देते हैं जिससे इन कोशिकाओं की शक्ति ख़त्म हो जाती हैं और ये ख़त्म हो जाती हैं।  

5. भूख नहीं लगने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है जिससे कि स्वास्थ्य से सम्बंधित परेशानियां होती हैं। इसलिए करेले के जूस को रोजाना पीने से पाचन क्रिया सही रहती है जिससे भूख बढ़ती है|