बुधवार, 29 नवंबर 2017

केवल चार दिन पपीते के बीज खाइए, बीमारियों को दूर भगाइए


पपीता तो एक शानदार फल है ही और इसके गुणों से आप सब बहुत अच्छी तरह से परिचित भी हो । इस लेख में हम आपको बता रहे हैं भोपाल की रहने वाली श्रीमति ज्योति श्रीवास्तव का एक खास अनुभव जो उन्होने पपीते के बीज खाने के बाद महसूस हुआ । उन्होने पपीते के बीजों से मिलने वाले कुछ लाभों का वर्णन हमारे पास इस आग्रह से भेजा कि हम इसको आप सबके पास तक पहुँचायें । चलिये जानते हैं उनके अनुभव के बारे में ।

पपीते के बीज सेवन करने का तरीका :-

पके पपीते का फल काटकर उसमें मौजूद बीजों को थोड़ी देर के लिये पानी में डाल दें ऐसा करने से उसमें लगी झिल्ली फूल जायेगी । फिर इस झिल्ली को हाथों से मसलकर छुटा दें । फिर इन बीजों को तेज धूप में कड़क होने तक पूरी तरह सए सुखा लें । सूखने पर ये बीज काली मिर्च जैसे नजर आयेंगे । अब इन बीजों को मिक्सी में चलाकर बारीक पाउडर तैयार कर लें । यह पाउडर ही आपको सेवन करना है । रोज सुबह और शाम के समय 3-5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करना है । आगे हम बात करते हैं कि पपीते के बीज के इस चूर्ण के सेवन से क्या क्या लाभ प्राप्त होते हैं ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है डाइबिटीज में :-
पपीते के बीजों का लाभ मधुमेह के रोगियों के लिये इन्सुलिन सरीखा होता है । पपीते के बीजों के द्वारा शुगर के लेवल को नियन्त्रित किया जा सकता है । कुछ रिसर्च के अनुसार यदि रोज पपीते के बीजों का सेवन किया जाये तो इससे मधुमेह के रोग की सम्भावनाओं को काफी कम किया जा सकता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है फोड़े फुन्सी और एलर्जी में :-
त्वचा पर होने वाले अधिकतर रोगों में पपीते के बीजों का चूर्ण समाधान के लिये बहुत ही लाभकारी होता है। यदि इस पाउडर को पपीते के गूदे के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप किया जाये और सेवन भी किया जाये तो यह त्वचा विकारों को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है । इसके इस तरह से प्रयोग करने से स्किन के रोग जल्दी ठीक होते हैं और पपीते के गूदे के साथ मिलाकर लगाने से फोड़े-फुन्सी के दाग भी नही रहते हैं । इस तरह से यह फोड़े फुन्सी और दाग मिटाने में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है आँखों की रोशनी के लिये :-
पपीते में विटामिन ए, प्रोटीन, प्रोटियोलिटिक एंजाइम पाये जाते हैं और इसके यही गुण इसके बीजों में भी मौजूद रहते हैं । चिकित्सक आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिये पपीते के सेवन की सलाह देते हैं । यदि पपीते के बीज का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गाय के दूध के साथ सेवन किया जाये तो यह आँखों की माँसपेशियों को मजबूती देकर रोशनी बढ़ाने का काम करता है । यही कारण है कि आँखों के कमजोर हो जाने की समस्या हो जाने पर पपीते के बीजों को उपयोगी माना जाता है ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है गुर्दे की पथरी में :-
गुर्दे में पथरी हो जाये तो पपीते के बीजों का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गुनगुने पानी में चौथाई ग्राम खाने का सोडा मिलाकर उसके साथ सेवन करना चाहिये । पपीते का बीज पथरी को फोड़ने का काम करता है और पानी में मिला हुआ खाने वाला सोडा पेशाब आने की मात्रा को बढ़ाता है जिससे पथरी टूटकर जल्दी ही पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है । यदि आपके साथ भी मूत्र मार्ग की पथरी की समस्या हो तो एक बार 4-5 दिन के लिये इस प्रयोग को जरूर आजमायें । इसके साथ ही पथरी के रोग में उचित परहेज का भी पालन करें ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है कैंसर से बचाव में :-
कुछ रिसर्च इस तरफ इशारा करती हैं कि पपीते के बीज का पाउडर सेवन करने से कैन्सर के रोगियों को प्रारम्भिक अवस्था में लाभ होता है । कैन्सर के रोग में पपीते के बीजों को साबुत ही निगला जा सकता है अथवा चबाकर खाया जा सकता है और पाउडर बनाकर भी सेवन किया जा सकता है ।

पपीते के बीज के पाउडर से मिलने वाले स्वास्थय लाभों की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँचती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हों तो कृपया कमेण्ट के माध्यम से हमको जरूर सूचित करें ।


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