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शनिवार, 3 मार्च 2018

88% लोगों को नही पता है छोटी सी दिखने वाली “इलायची के पानी” के फायदे

88% लोगों को नही पता है छोटी सी दिखने वाली “इलायची के पानी” के फायदे


शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अक्सर गर्म या उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर आप इसी पानी में इलायची डालकर उबालते हैं, तो इसे पीने से आपकी ढेरों बीमारियों का इलाज एक साथ हो सकेगा।जहां इलायची मुंह की दुर्गंध को दूर करने का काम करती है, वहीं इसका पानी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे एक नहीं बल्कि कई बीमारियां दूर होती है साथ ही ये आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक है।

पेट की बीमारी करे दूर-
इलायची का पानी पीने से आपको पेट की हर तरह की परेशानी से राहत मिलती है। अगर आप नियमित रूप से इलायची के पानी का सेवन करते हैं तो आपको मतली, एसिडिटी, पेट फूलना, गैस, भूख की कमी, कब्ज व अन्य सभी पेट की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

दांतों के लिए लाभदायक
यह तो हम सभी जानते हैं कि इलायची चबाने से आपके मुंह की दुर्गंध दूर होती है लेकिन अगर आप इसके पानी का सेवन करते हैं तो आप सांसों की बदबू के साथ-साथ मुंह के छाले व गले के संक्रमण में भी काफी हद तक आराम मिलता है।

बॉडी को करे डिटॉक्सीफाई
इलायची का पानी बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने का एक बेहतर तरीका है। रोजाना इसके सेवन से आपके शरीर के सभी विषाक्त पदार्थ फ्लश आउट हो जाते हैं और आप काफी बेहतर महसूस करते हैं।

रखे लंबे समय तक जवां
चूंकि इलायची में प्राकृतिक रूप से एंटी ऑक्सीडेंटस पाए जाते हैं, इसलिए अगर आप इसके पानी को नियमित रूप से पीते हैं तो आप बढ़ती उम्र के निशान जैसे फाइन लाइन्स, रिकंल्स आदि को काफी हद तक कम कर सकते हैं और लंबे समय तक जवां बने रह सकते हैं।

कोल्ड और कफ को रखे दूर
बदलते मौसम में अक्सर लोगों को खांसी-जुकाम की शिकायत होती है। खासतौर से, छोटे बच्चे इस तरह की परेशानी की चपेट में बार-बार आते हैं लेकिन नियमित रूप से इलायची के पानी का सेवन आपको इस तरह की बीमारियों को होने से रोकता है।

ऐसे बनाएं इलायची का पानी
अब तक आपने यह तो जान लिया कि इलायची का पानी आपकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी है लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होंगे, जिन्हें इलायची का पानी बनाना ही नहीं आता होगा। दरअसल, इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले इलायची को अच्छे से कूट लें और फिर एक बर्तन में पानी व इलायची डालें। इसमें आप 2-3 लौंग भी डाल दें और इस पानी को उबालें लेकिन आवश्यकता से अधिक नहीं। जरूरत से ज्यादा उबालने पर इसका स्वाद कड़वा हो जाएगा। अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें। जब यह ठंडा हो जाए तो आप सादे पानी में तीन चम्मच इलायची का पानी मिलाएं और पीएं। आप चाहें तो अंत में इस पानी में नींबू का रस भी मिला सकते हैं।

शनिवार, 20 जनवरी 2018

क्या आपके पेट से भी आती है गुड़गुड़ की आवाजें ? तो कहीं इसका कारण ये तो नही.....

क्या आपके पेट से भी आती है गुड़गुड़ की आवाजें ? तो कहीं इसका कारण ये तो नही.....


व्यक्ति का शरीर बहुत ही सेंसिटिव होता है और इसी के कारण उसमे हुई थोड़ी सी परेशानी भी बहुत बड़ी लगने लगती है। फिर चाहे वो सर का दर्द हो या पैर का दर्द। ये तो वो समस्या है जो सामान्य तौर पर सभी के साथ होती है। लेकिन कुछ समस्या है जो हर किसी के साथ नहीं होती या कभी-कभी ही होती है। इन्ही समस्यायों में से एक है पेट से जुड़ी समस्याएं। पेट से जुड़ी समस्याएं तभी उत्पन्न होती है जब या तो पेट में किसी तरह की खराबी हो या आपने कुछ गड़बड़ खा लिया हो। लेकिन कुछ लोगों के साथ ये समस्या दूसरे रूप में ही देखने को मिलती है। बहुत से लोगों की अक्सर यही शिकायत रहती है की उनके पेट से आवाजें आती है। जिसकी वजह पता लगाने के लिए वे कई बार अल्ट्रासाउंड और एक्सरे भी करवा लेते है। लेकिन रिजल्ट्स में कुछ नहीं आता।

क्योंकि पेट से आवाजें आने के पीछे कोई खास कारण नहीं है बल्कि आपके द्वारा खाया गया गलत भोजन या अन्य समस्या होती है। जो पेट की दीवारों से टकराकर आवाजें उतपन्न करती है। इसके अलावा अधिक समय तक भूखे रहने से भी पेट से गुड़गुड़ की आवाजें आती है। इसमें घबराने की बात नहीं है क्योंकि ये किसी के भी साथ हो सकती है और कोई गंभीर बीमारी भी नहीं है जिसके लिए इलाज करवाया जाए।
वैसे तो कुछ लोग पेट से गुड़गुड़ की आवाज आने का कारण जानते है लेकिन सभी को इसके बारे में जानकारी नहीं होती और जब उनके पेट से इस तरह की आवाजें आती है तो वे घबरा जाते है। इसीलिए आज हम आपको पेट से गुड़गुड़ की आवाजें आने के मुख्य कारण बताने जा रहे है।
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पेट से गुड़गुड़ की आवाजें आने के कारण :-
1. पेट में गैस :
आज के समय में हर तीसरा व्यक्ति पेट की गैस की समस्या से परेशान दिखाई पड़ता है। ये एक ऐसी समस्या है जिसका कितना ही इलाज करवा लिया जाए लेकिन समस्या दूर नहीं होती। अगर बात पेट से गुड़गुड़ की आवाजें आने की करें तो उन आवाजों का एक कारण पेट में गैस होना भी होता है। क्योंकि जब हमारे पेट में गैस बनती है तो पेट की दीवारें उस गैस से टकराती है जिससे गुड़गुड़ की आवाजें आती है। तो अगर आपके पेट से भी गुड़गुड़ की आवाज आती है तो हो सकता है इसका कारण पेट की गैस हो।

2. भूखे रहने के कारण :
पेट से गुड़गुड़ की आवाज आने का सबसे बड़ा कारण यही होता है। हममें से बहुत लोग अक्सर काम के चलते खाना खाना भूल जाते है या किसी कारणवश समय से खा नहीं पाते जिसके चलते उनका पाचन तंत्र बिना भोज्य पदार्थ के काम करता है। और इसी के कारण पेट से तरह तरह की आवाजें आने लगती है। इसीलिए अगर आपके पेट से भी गुडगुड की आवाज आ रही है तो तुरंत कुछ खा लें। इससे आवाजें अपने आप ही बंद हो जाएगी।

3. पेट खराब (दस्त लगना) : 
कई बार दस्त लगने और पेट खराब होने की वजह से भी पेट से आवाजें आती है। क्योंकि पेट खराब होने की वजह से पेट को भोज्य पदार्थ पचाने में कठिनाईयां होती है जिससे पेट को पूर्ण पोषण नहीं मिल पाता। और इसी के कारण पेट से गुडगुड की आवाजें आती है।

4. खाना नहीं पचने के कारण :
अगर आपने कुछ हैवी खाना खाया है और बे टाइम खाना खाया है। अर्थात रोजाना आप 9 बजे खाना खाते है लेकिन उस दिन आपने 1 बजे खाना खाया तो इससे आपके पेट का संतुलन बिगड़ जाएगा। और पेट का संतुलन बिगड़ने से खाना नहीं पचता। इसके अतिरिक्त देर रात तक जागने से भी खाना पचाने में मुश्किल होती है। जिसके कारण भी पेट से गुडगुड की आवाज आती।

5. सही टाइम पर वाशरूम नहीं जाने :
इसके अतिरिक्त सही टाइम पर मल त्याग नहीं करने से भी पेट से आवाज आ सकती है। क्योंकि अगर हम सही समय पर वाशरूम नहीं जाते है तो हमारे पेट की हवा ऊपर नीचे होती रहती है जिससे पेट में दबाव उत्पन्न होता है और यही दबाव पेट से आवाजें आने का कारण बनता है।

शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

पेट को सुबह के समय कैसे साफ़ करे, जानिए जबरदस्त तरीके

पेट को सुबह के समय कैसे साफ़ करे, जानिए जबरदस्त तरीके


पेट का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है.खान-पान की आदतों और गलत लाफस्टाइल के कारण कुछ लोगों को आए दिन पेट संबंधी कोई न कोई शिकायत रहती है. जिस कारण एसिडिटी, खट्टी डकार, खाना पचाने में परेशानी अक्सर सुनने को मिलती हैं. इनमें से सुबह पेट साफ न होने की समस्या यानि कब्ज लगभग आम है लेकिन इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है. आपको भी इस तरह की शिकायत है तो कुछ आसान से घरेलू उपाय अपना कर इससे राहत पाई जा सकती है.

1. गुनगुने पानी का सेवन
सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी पीएं. इसमें आप शहद का मिक्स कर सकते हैं. इसके बाद आधा घंटा सैर करे. कुछ समय बाद पेट साफ हो जाएगा और आप अच्छा महसूस करेंगे.
2. अलसी
अलसी के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. यह पेट के लिए भी लाभकारी हैै। रात को सोने से पहले एक गिलास के दूध के साफ 1 चम्मच अलसी के बीज का पाउडर खा लें. इससे सुबह पेट साफ हो जाएगा.

3. आंवला
आवला गुणों से भरपूर है. यह पेट की परेशानियों को दूर करके पाचन क्रिया में सुधार करता है. रोजाना रात को दूध के साथ आंवला खाने से सुबह पेट साफ हो जाता है.
ये भी पढ़िए : पेट फूलने की समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय

पेट साफ करने के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे

शरीर को होने वाले ज्यादातर रोगों की शुरुआत पेट से संबंधित है और अगर पेट ख़राब रहेगा तो दूसरे रोग होने की संभावना जादा होगी, इसलिए जरुरी है की समय रहते ही पेट साफ होने के लिए उपाय किये जाये।
  • एक चम्मच शहद हल्के गरम पानी में मिलाकर रात को सोने से थोड़ी देर पहले पीने से अगली सुबह पेट ख़राब हो जाता है।
  • जल्दी पेट साफ़ करने के घरेलू नुस्खे में अरंडी का तेल (कैस्टर आयल) काफी कारगर है। रात को सोने से पूर्व थोड़ा कैस्टर आयल एक गिलास हल्के गरम दूध में मिलाकर लेने से अगली सुबह पेट आसानी से साफ़ हो जाएगा।
  • नींबू का रस, एक चम्मच शहद और थोड़ा नमक 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से भी पेट साफ़ होता है। पेट साफ़ करने के लिए इस होम रेमेडी को सुबह खाली पेट करे।
  • पेट साफ कैसे रखें, क़ब्ज़ से बचने के लिए ऐसी चीजें अधिक खाये जिनमें फाइबर की मात्रा जादा हो जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और सलाद। पपीता अमरूद खाने से भी stomach clear रखने में मदद मिलती है। पत्तागोभी का जूस और पालक का जूस भी अच्छे पेट साफ करने के तरीके है।
  • नारियल पानी भी पेट साफ़ करने में मददगार है। प्रतिदिन नारियल पानी सुबह खाली पेट पीने से बहुत फायदा मिलता है।
  • रात को अलसी के बीज एक गिलास हल्के गरम दूध के साथ सेवन करने से पेट साफ़ होने में मदद मिलती है।
  • पेट साफ़ रखने के लिए शरीर में अच्छे बैक्टेरिया होना जरुरी है। इसलिए दिन में एक से दो कप दही अपनी डाइट में शामिल करे।
  • रात को एक चम्मच मेथी एक गिलास पानी के साथ सेवन करने से अगली सुबह पेट साफ़ हो जाएगा।
  • पेट साफ करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार में त्रिफला चूर्ण भी काफी असरदार है। पांच से छह ग्राम त्रिफला चूर्ण दो सौ ग्राम हल्के गरम दूध के साथ पिए।
  • बेकिंग सोडा (मीठा सोडा) भी क़ब्ज़ खोलने में असरदार है। 1/2 गिलास हल्के गुनगुने पानी में 1/2 से 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाये और सेवन करे।

पुरानी कब्ज़ का इलाज का रामबाण उपाय

रात को सोने से पहले 25 ग्राम सौंफ पानी में भिगो दे और सुबह इस सौंफ युक्त पानी को उबाल ले। उबलने के बाद सौंफ को पानी में अच्छे से मसल ले और पानी छान ले। अब इस पानी में थोड़ी से फूली लाल फिटकरी का चूर्ण डाले और सुबह सुबह खली पेट पिए। एक महीना लगातार ये उपाय करने से पुरानी से पुरानी कब्ज़ ठीक होती है। पेट साफ़ रखने के लिए नियमित योगा आसान भी मददगार है। आप अगर क़ब्ज़ खोलने के लिए आयुर्वेदिक दवा लेना चाहते है तो बाबा रामदेव पतंजलि स्टोर से ले सकते है।

पेट साफ़ रखने के टिप्स

  • पानी की कमी होने पर पेट में मल सूख जाता है जिससे क़ब्ज़ हो जाती है। आपको अगर पुरानी कब्ज़ या फिर पेट साफ़ ना होने की परेशानी होती है तो पानी जादा पिए।
  • तुरंत खाना खाने के बाद पानी नहीं पिए। आप चाहे तो भोजन से 1/2 घंटा पहले पी सकते है और हो सके तो सुबह को खाली पेट एक गिलास हल्का गुनगुना पानी ज़रूर पिए।
  • टेंशन (मानसिक तनाव) लेने से भी पेट साफ़ न होने जैसी परेशानी हो जाती है, इससे बचने के लिए जादा तनाव लेने से बचे। शरीर को ठीक से आराम ना मिलने से भी कब्ज़ हो सकती है इसलिए अच्छी नींद ले ताकी से शरीर को पूरा आराम मिले।
  • कॉफ़ी और चाय में कैफीन अधिक होता है जिससे पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है, इसलिए जितना हो चाय कॉफी कम पिए।
दोस्तों पेट साफ करने के घरेलू उपाय का ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट कर के बताये और अगर आपको किसी और परेशानियों का घरेलु उपाय जानना हो तो हमारे साथ अपने अनुभव और सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में साँझा करे।

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

इन आसान उपायों से कब्ज़ और गैस से हमेशा के लिए पाएं छुटकारा

इन आसान उपायों से कब्ज़ और गैस से हमेशा के लिए पाएं छुटकारा


खाने पीने की गलत आदतों और खराब जीवन शैली के चलते अधिकतर लोग पेट से जुडी बीमारियों से ग्रसित रहते है| पेट में गैस बनना, पेट फूलना, एसिडिटी, पेट में दर्द के साथ जलन होना, ये पेट से जुड़े कुछ ऐसे रोग है, जिनसे अधिकतर लोग परेशान हैं| आजकल पेट से जुड़ा एक और रोग सामने आया है, और वो रोग है , पेट ठीक से साफ ना होना|

पेट साफ़ ना होने पर व्यक्ति को समय पर और ठीक प्रकार से लैट्रिन नहीं आती| जिसके कारण व्यक्ति के पेट में दर्द भी होने लगता है| पेट साफ़ ना होने से व्यक्ति का किसी काम में मन नहीं लगता| कभी कभी पेट साफ़ ना होने के कारण सिर दर्द, थकान और तनाव की कंडीशन भी पैदा हो जाती है|
पेट के साफ ना होने को कब्ज का रोग भी कह सकते है| पेट के ठीक से साफ़ ना होने के कारण ही कब्ज की बीमारी होती है| पेट साफ करने के लिए आजकल मार्किट में अनेक प्रकार दवाइयां और पेट सफा चूर्ण मौजूद है| पेट साफ़ करने के लिए लोग इन दवा और चूरन का खूब इस्तेमाल करते है, लेकिन इनके इस्तेमाल से कभी कभी कुछ साइड इफ़ेक्ट भी हो जाते है, इसीलिए इसका सेवन करना अधिक सेफ नहीं रहा| इस पोस्ट में हम आपको पेट साफ करने के घरेलू उपचार के बारे में बतायेगे| इन घरेलू उपचार के माध्यम से बिना किसी साइड इफ़ेक्ट आपका पेट साफ़ रहेगा|

पेट साफ करने के देशी घरेलू उपाय (Constipation Home Remedy in Hindi)

अरंडी का तेल (Castor oil) – पेट साफ करने के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते है| पेट साफ करने के लिए यह बढ़िया घरेलू उपाय है| पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में थोड़ी मात्रा में अरंडी का तेल मिलाकर पियें| ऐसा करने से अगली सुबह ही आपका पेट साफ हो जायेगा|

दही (Curd) – पेट साफ रहे इसके लिए हमारे पेट में कुछ बैक्टीरिया होते है| दही में ये बैक्टीरिया मौजूद होते है| इन बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने के लिए रोजाना एक कटोरी दही खानी चाहिए| दही खाने से पेट साफ रहता है|

बेकिंग सोडा (Baking soda) – बेकिंग सोडा पेट साफ करके पुराने से पुराने कब्ज के इलाज में सहायक है| पेट साफ करके कब्ज की समस्या दूर करने के लिए आधे गिलास पानी में आधी चम्मच बैकिंग सोडा डालकर पियें|

नारियल पानी (Coconut Water) – नारियल पानी जहाँ एक ओर आपकी सुंदरता में चार चाँद लगा देता है, वही दूसरी ओर यह पेट साफ करने के लिए भी उपयोग किया जाता है| पेट साफ रखने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने की आदत डाले| नारियल पानी पीने से त्वचा में निखार आता है|

त्रिफला (Triphala) – पेट साफ करने के लिए गुनगुने दूध के साथ त्रिफला पाउडर का सेवन करे| त्रिफला पेट साफ करने के आयुर्वेदिक उपचार में से एक है| त्रिफला पाउडर आसानी से मार्किट में मिल जाता है|

शहद (Honey) – पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में शहद डालकर पियें| इससे अगले दिन सुबह ही आपका पेट साफ हो जायेगा| शहद से पेट साफ़ करने का नुस्खा ये काफी लाभकारी है|

लहसुन (Garlic) – लहसुन में Anti Inflammatory गुण पाया जाता है| जिसके कारण यह हमारे कठोर मल को पतला करने का काम करता है| इससे मल आंतो से आसानी से गुजर जाता है, और आपका पेट साफ हो जाता है| पेट साफ करने के अलावा लहसुन के अनेक गुण है| इन गुणों के बारे में आपको आगे जानकारी देंगे|

अलसी के बीज (Linseed Seed) – अलसी के बीज का पाउडर या अलसी के बीज रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में डालकर पियें| इससे पेट साफ होता है|

नींबू (Lemon) – नींबू के अनेक फायदे है| पेट साफ करने में भी नींबू कारगर है| एक गिलास गुनगुने पानी में नमक, शहद और नींबू का रस डालकर सुबह खाली पेट पीने से पेट साफ हो जाता है| पेट साफ करने का ये सबसे आसान उपाय है|

मेथी (Fenugreek) – मेथी हर घर में मौजूद होती है| पेट साफ करने के लिए मेथी का इस्तेमाल भी करते है| मेथी से पेट साफ करने के लिए रात को सोने से पहले पानी के साथ एक चम्मच मेथी का सेवन करे|

सेब का सिरका (Apple Vinegar) – सेब का सिरका पाचन किर्या को दुरुस्त करके पेट को साफ करता है| सेब का सिरका कब्ज की बीमारी में भी लाभदायक है| पेट साफ करने के लिए रोजाना दिन में तीन बार खाना खाने से पहले 2 चम्मच सेब के सिरके का सेवन करे|

पानी (Water) – एक शोध के अनुसार जो लोग पानी कम पीते है, उन्हें पेट साफ ना होने और कब्ज जैसे पेट के रोग अधिक होते है| शरीर में पानी की कमी के कारण हमारा पाचन तंत्र एक्टिव नहीं रह पाता| जिसके कारण पेट साफ नहीं रहता| पानी अधिक पीने से हमारा पाचन तंत्र एक्टिव रहेगा और मल आंतो से आसानी से निकल जायेगा| आंतों में खुश्की की प्रॉब्लम भी शरीर में पानी की कमी के कारण होती है, इसीलिए खूब पानी पियें|

पेट साफ रखने के टिप्स (Pet Saaf Karne Ke Tips) –

1. पानी की कमी के कारण कब्ज और पेट साफ ना होने की प्रॉब्लम होती है, इसीलिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए|

2. कैफीन की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है, इसीलिए कैफीन युक्त चीजे जैसे चाय और कॉफी का सेवन कम करे|

3. आपको जानकर हैरानी होगी कि मानसिक और शारीरिक तनाव के कारण कब्ज और पेट साफ ना होने की प्रॉब्लम हो जाती है| इन सब प्रॉब्लम से बचने के लिए तनाव से दूर रहे| हमेशा खुश रहने की आदत डाले|

4. रोज सुबह खाली पेट एक से दो गिलास गुनगुना पानी पियें| इससे पेट जल्दी साफ होता है, और आपको वाशरूम में अधिक समय नहीं बैठना पड़ता|

5. पेट साफ करने के घरेलू उपाय आपको कैसे लगे, हमें जरूर बताये| अगर आपके पास पेट साफ करने का कोई अन्य नुस्खा है, तो अपना नुस्खा आप कमेंट के माध्यम से हमारे साथ साँझा कर सकते है|

बुधवार, 13 दिसंबर 2017

पेट फूलना, गैस व खट्टी डकार से तुरंत राहत दिलाता है ये नुस्‍खा

पेट फूलना, गैस व खट्टी डकार से तुरंत राहत दिलाता है ये नुस्‍खा


आयुर्वेद के अनुसार, मंदाग्नि की वजह से जो रोग पैदा होते हैं उनमें सबसे भयंकर होता है गैस बनने का रोग। मंदाग्नि का मोटे तौर पर मतलब होता है डाइजेशन के लिए जरूरी एंजाइम्स का कम पड़ जाना और उसके चलते खाने का ठीक से हजम न होना। इसके पीछे भी कई बातें हैं। एक तो कुछ मौसम ऐसे होते हैं जिनमें हमारी पाचन शक्ति नेचुरली कम हो जाती है।
ये भी पढ़िए : कहीं आपका पेट फूलने के पीछे ये कारण तो नहीं..


छाछ :
खाना खाने के बाद करीब सौ ग्राम छाछ या मट्ठे में 2 ग्राम अजवायन और एक चुटकी काला नमक मिलाकर पीने से गैस बनना बंद हो जाती है।

अलसी :
गैस की समस्‍या से परेशान हैं तो अलसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की समस्‍या दूर हो जाती है।

अजवायन :
दो ग्राम अजवायन को आधा ग्राम नमक के साथ चबाकर खायें। अगर अपच के चलते पेट दर्द हो रहा है तो वो भी ठीक हो जायेगा।
हिंगाष्टक चूर्ण :
वैसे गैस से जुड़ी सभी दिक्कतों में हिंगाष्टक चूर्ण बहुत फायदा करता है। खाना खाने के बाद जरा सा चूर्ण पानी के साथ लें। ये गैस की समस्‍या को पूरी तरह से खत्म कर देता है।

लहसुन :
गैस परेशान कर रही है तो एक लहसुन की फांक, चार मुनक्के के साथ चबाकर निगल जायें। मुनक्के के बीज निकाल कर यूज करें। गैस तुरंत बाहर निकल जायेगी।

शनिवार, 25 नवंबर 2017

एक अंगूठी जो दूर करेगी आपका तनाव और रक्‍तचाप... जानिए कैसे!

एक अंगूठी जो दूर करेगी आपका तनाव और रक्‍तचाप... जानिए कैसे!


धातुओं के छल्ले का जीवन में बहुत अधिक महत्व है। ये कई प्रकार के दोषों को दूर करने में भी सहायक है। इसलिए महीलाओं और पुरुषों को भी कई तरह की धातुओं की अंगूठियां पहनाई जाती है। महिलाओं को शादी के बाद बिछिया, नाक की लौंग और दूसरे आभूषण पहनने के लिए कहा जाता था। अगर आपके शरीर के कुछ खास अंगों पर धातु हो, तो आप अचानक से अपना शरीर नहीं छोड़ सकतीं है। तांबा, पीतल, सोना और चांदी जैसे कई धातु हैं जिनका अपना एक अलग महत्व बताया गया है. इन धातुओं में कॉपर यानी तांबा एक ऐसी प्राचीन धातु है जिसका इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहा है. 


तांबे में पानी के कीटाणुओं को खत्म करने का एक विशेष गुण है इसलिए ताबें के बर्तन में रखे हुए पानी को पीने की सलाह भी दी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तांबे से बनी हर चीज मानव जीवन के लिए उपयोगी और फायदेमंद है।

तांबे की अँगूठी पहनने के स्वास्थ्यवर्धक फ़ायदे :

पेट की समस्याओं में फायदेमंद : तांबे की अंगूठी पेट से संबंधित सभी समस्याओं में काफी फायदेमंद है. यह पेट दर्द, पाचन में गड़बड़ी और एसिडिटी की समस्याओं में फायदा पहुंचाती है. इसके अलावा अगर आप पेचिश की समस्या से परेशान हैं तो तांबे की अंगूठी इस समस्या में आपकी काफी मदद कर सकती है।
नाखून और त्वचा की समस्या में फायदेमंद : तांबे की अंगूठी को ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है बल्कि नाखून और त्वचा से संबंधित समस्याओं के उपचार में भी यह फायदेमंद है।

ब्लड सर्कुलेशन में आता सुधार : उंगलियों में तांबे की अंगूठी धारण करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन की कमी से होनेवाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है।
इम्युनिटी होती है मजबूत : कई प्रकार की धातुओं में तांबा एकमात्र ऐसी धातु है जो सबसे प्राचीन मानी जाती है. तांबे की अंगूठी पहनने से रक्त की अशुद्धियां दूर होती है और शरीर का इम्युन सिस्टम मजबूत होता है।

तन और मन को रखता है शांत : तांबे की अंगूठी शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है. इसे पहनने से शारीरिक और मानसिक तनाव कम होता है. इसके साथ ही गुस्से पर नियंत्रण होता है. ये अंगूठी तन और मन दोनों को शांत रखने में मदद करता है।

ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित : तांबे की अंगूठी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. ये हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसके अलावा इस अंगूठी को पहनकर आप शरीर के सूजन को भी कम कर सकते हैं।

सूर्य से संबंधित रोगों में कारगर : सूर्य से संबंधित परेशानियों के लिए तांबे को काफी फायदेमंद माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक एक तांबे की अंगूठी पहनकर आप सूर्य से संबंधित सभी रोगों से काफी हद तक निजात पा सकते हैं।

आध्यात्मिक साधना : तांबे की अंगूठी का भी साधना की दिशा में महत्त्व है। जब लोगों को गहन साधना के मार्ग पर डालते हैं, तो हम उन्हें तांबे की अंगूठी देते हैं। मुख्य रूप से आध्यात्मिक साधना का मकसद जीवन के सुर को सर्वोच्च बिंदु तक ले जाना होता है।

तीव्र साधना : जब लोग बहुत तीव्र साधना करते हैं, तो इस बात की संभावना होती है कि वे अचानक शरीर से मुक्त हो सकें। लेकिन शरीर पर धातु हो, तो कुछ भी नहीं होता है। तांबा धातु हमेशा उस प्रक्रिया को बाधित कर देती है क्योंकि वह शरीर के साथ आपका संपर्क मजबूत करता है। कुछ हद तक सोना भी ऐसा करता है। सोना पहनना अच्छा माना गया है।

स्वास्थ्य लाभ : गौरतलब है कि तांबे की अंगूठी के ये सारे स्वास्थ्य लाभ आपको तभी मिलेंगे जब आप ये अंगूठी शुद्ध तांबे की बनी हो. जरा सोचिए अगर एक छोटी सी अंगूठी आपको इतने सारे फायदे पहुंचा सकती है तो फिर आप इसे धारण करने में देरी क्यों कर रहे हैं।

मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

पाद को रोकने से होता है नुकसान, जानिए गैस छोड़ने के 7 फायदे

पाद को रोकने से होता है नुकसान, जानिए गैस छोड़ने के 7 फायदे


ज़िंदगी में हमें तरह-तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक है पाद का आना। जब चार लोग एक ग्रुप में बैठे हों और कहीं से गन्दी बदबू आ जाए तो सब एक-दूसरे पर इस तरह शक करने लगते हैं। मानो किसी ने गैस पास नहीं की हो बल्कि किसी का खून कर दिया हो। और तो और कुछ लोगों का व्यवहार तो ऐसा होता है मानो उनके पेट में गैस बनती ही नहीं है। इस हालत में गैस पास करने वाला आदमी भी ऐसा व्यवहार करने लगता है कि उसने कुछ नहीं किया है। कारण कि इतनी जिल्लत कौन झेले।


इस बीच कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो धीरे-धीरे से गैस पास कर देते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो शर्मिंदगी से बचने के लिए लम्बे समय तक पाद को रोककर रखते हैं। मगर एक्सीटर यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन में सामने आया है कि पेट में बनने वाली गैस को जबरन रोककर नहीं रखना चाहिए। इसका नुकसान है। इसके उलट गैस पास करने के फायदे हैं। आज बात उन्हीं कुछ बिंदुओं पर।

पादने पर निकलने वाली गैस में होते हैं ऐसे तत्व
जब कोई इंसान पादता है, तब उसके शरीर से निकलने वाली गैस में सामान्‍य तौर पर 59% नाइट्रोजन, 21% हाइड्रोजन, 9% कार्बन डाईऑक्‍साइड, 7% मीथेन, 4% ऑक्‍सीजन और सिर्फ 1% सल्‍फर युक्‍त गैस होती शामिल होती है।

सल्फर वाली डाइट से आती है दुर्गन्ध 
हमारी डाइट में मौजूद सल्फर ही पाद से आने वाली बदबू की मुख्य वजह होता है। पत्‍तागोभी, बीन्‍स, चीज, सोडा और अंडे आदि में सल्फर मौजूद होता है। इनके सेवन से हमारे शरीर में ज्यादा बदबूदार गैस बनती है।
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एक दिन में इतनी बार पादता है इंसान
इंसान एक दिन में औसतन 14 बार पादता है। यह आंकड़ा महिलाओं और पुरुषों में एक जैसा है। हाँ, वो बात अलग है कि इस तथ्य को महिलाएं नहीं मानती।

पेट दर्द से बचाता है
गैस को ज्यादा देर तक रोकने से पेट दर्द की समस्या हो सकती है। गैस को वक्त पर छोड़ते रहना आपको इससे बचा सकता है।
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संभव हो तो यह भी कर लें
अगर संभव हो तो गैस पास करने से पहले पेट की मसाज भी कर लें। इससे गैस ठीक तरह से आपके पाचन तंत्र से निकल जाएगी।


इस तरह चल जाता है पता
पाद की बदबू बहुत तेज है या नार्मल। इस बात से पता लगाया जा सकता है कि आपने संतुलित आहार लिया है या नहीं।

जैसे कि अगर आपने सोडियम युक्त खाना ज्यादा खा लिया है तो आपके पाद से तेज बदबू आती है। वहीं अगर आपने ज्यादा कार्बोहाइड्रेड युक्त खाना खाया है तो आपको पाद ज्यादा आती है लेकिन उसकी बू नार्मल रहती है।

इस तरह लग जाता है एलर्जी का पता
पाद से lactose intolerance (दूध की एलर्जी) या अन्य कोई पाचन सम्बंधित एलर्जी का भी पता लगाया जा सकता है। अगर आपको कुछ विशेष प्रकार की चीजें खाने की वजह से ज्यादा गैस बनती है तो इसका मतलब है कि आपको उस चीज से एलर्जी है।

बड़ी आंत की सेहत के लिए भी है अच्छा 
पाद को रोककर रखने से बड़ी आंत में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिन्हें बड़ी आंत को लेकर कोई समस्या रहती है उन्हें गैस को बिलकुल रोककर नहीं रखना चाहिए।
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पाद सूंघने के फायदे
एक रिसर्च के अनुसार छोटी मात्रा में पाद को सूंघना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। पाद में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस होता है। छोटी मात्रा में यह शरीर में जाने से कैंसर, दिल का आघात, दौरा और गठिया होने की संभावना कम हो जाती है।

पेट की सूजन को करता है कम

आंत में बनने वाली गैस की वजह से कई बार पेट की सूजन हो जाती है। यही कारण है कि गैस को रोकने की आदत छोड़ देना चाहिए।

यह आनंद देता है

यह बात तो हर कोई मानता है कि गैस पास कर देने के बाद एक अलग तरह के सुकून की प्राप्ति होती है। बस तो फिर गैस को रोकिये मत। मौका मिलते ही पास कर दीजिए। 

शुक्रवार, 20 अक्तूबर 2017

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय


कब्ज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है यह छोटे से लेकर बड़े तक किसी को भी और कभी भी हो सकती है कब्ज एक ऐसी समस्या है अगर इससे छुटकारा नहीं पाया गया तो बहुत पेट में दर्द होता है तकलीफ होती है और यह असहनीय दर्द भी हो जाता है। कब्ज का इलाज आज हम आपको बताएंगे कि कब्ज का इलाज कैसे करें कब्ज एक आम समस्या बन गई है यह हर व्यक्ति को परेशान करती है जब किसी व्यक्ति का खाना पूरी तरह से पच नहीं पाता है तो उसे गैस की समस्या हो जाती है और गैस की समस्या होने पर ही कब्ज़ा का होना संभव होता है।

कब्ज से मतलब है, कि मल-त्याग न होना, मल-त्याग कम होना, मल में गांठें निकलना, लगातार पेट साफ न होना, रोजाना टट्टी नहीं जाना, भोजन पचने के बाद पैदा मल पूर्ण रूप से साफ न होना, मल त्यागने के बाद पेट हल्का और साफ न होना आदि को कब्ज कहते हैं।

क़ब्ज़ होने के कारण :

खानपान सम्बंधी गलत आदतें जैसे- समय पर भोजन न करना, बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन, मैदा आदि से बनाया गया मांसाहारी भोजन, भोजन में फाइबर की कमी, अधिक भारी भोजन अधिक खाना, शौच को रोकने की आदत, शारीरिक श्रम न करना, विश्राम की कमी, मानसिक तनाव (टेंशन), आंतों का कमजोर होना, पानी की कमी, गंदगी में रहना, मादक द्रव्यों का सेवन, एलोपैथी दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण, भोजन के साथ अधिक पानी पीने, मिर्च-मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे-पूरी-कचौड़ी, नमकीन, चाट-पकौड़े खाने, अधिक गुस्सा, दु:ख आलस्य आदि कारणों से कब्ज हो जाती है।
कब्ज और पेट की गैस के कुछ और भी कारण होते हैं जैसे कि हमारा खाने का सही ढंग से ना पचना खाना खाने के बाद बैठ जाना हल्का ना टहलना आदि कारण हो सकते हैं कब्ज को दूर करने के लिए हम यहां पर कुछ उपाय बता रहे हैं जिनको प्रयोग करके आप अपनी कब्ज को दूर कर सकते हैं।

कब्ज और पेट की गैस के 15 अचूक घरेलु उपाय :

धनिया : धनिया कब्ज तोड़ने में भी सहायता करता है। धनिये के चूर्ण से पुराना से पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है। इसके लिए 50 ग्राम धनिया, 10 ग्राम सोंठ, 2 चुटकी कालानमक तथा 3 ग्राम हरड़ लेकर सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़े से छानकर रख लेना चाहिए। इस चूर्ण को थोड़ी सी मात्रा में भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से लें। इससे कब्ज नष्ट होता है और मल भी खुलकर आने लगता है। इससे पेट का दर्द भी कम हो जाता है और आंतों की खुश्की भी दूर हो जाती है। इससे भूख खुलकर आती है। मलावरोध समाप्त हो जाता है। यदि पुराना कब्ज हो तो इस चूर्ण को लगातार 40 दिनों तक लेना चाहिए।कब्ज न रहने पर भी यह चूर्ण लिया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की हानि की संभावना नहीं होती है।
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त्रिफला (छोटी हरड़, बहेड़ा तथा आंवला) : त्रिफला का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में लेकर हल्के गर्म पानी के साथ रात को सोते समय लेने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) समाप्त होती है।

अजवायन : अजवायन 10 ग्राम, त्रिफला 10 ग्राम और सेंधानमक 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना 3 से 5 ग्राम इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से काफी पुरानी कब्ज समाप्त हो जाती है।
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मुनक्का : रोजाना प्रति 10 मुनक्का को गर्म दूध में उबालकर सेवन करने से लाभ मिलता है।

आंवला : सूखे आंवले का चूर्ण रोजाना 1 चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद ने से लाभ होता हैं। या फिर 1 चम्मच आंवले का चूर्ण शहद के साथ रात में लें।
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गिलोय : गिलोय का मिश्रण या चूर्ण 1 चम्मच गुड़ के साथ खाने से कब्ज दूर होती है।

लहसुन : पेट में गैस बनने पर सुबह 4 कली लहसुन की खाये इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और गैस दूर होती है।
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देशी घी : देशी घी में कालीमिर्च मिलाकर गर्म दूध में घी के साथ पीने से आंतों में रुका मल नरम और ढीला हो करके बाहर निकल जाता है।

दूध : 250 मिलीलीटर गाय का दूध, 250 ग्राम पानी और 5 कालीमिर्च साबुत लेकर आग पर चढ़ा दें और जब पानी जल जाये, तब उतारकर छान लें। इसमें मिश्री मिलाकर पीने से वायुगोला अर्थात गैस का दर्द मिट जाता है।

मुलहठी : मुलहठी 5 ग्राम को गुनगुने गर्म दूध के साथ सोने से पहले पीने से सुबह शौच साफ आती है।

नीम : नीम के सूखे फल को रात में गर्म पानी के साथ खाने से शौच खुलकर आती है।

ईसबगोल : ईसबगोल 6 ग्राम को 250 मिलीलीटर गुनगुने दूध के साथ सोने से पहले पी लें। कभी-कभी ईसबगोल की भूसी लेने से पेट फूल जाता है। ऐसा बड़ी आंतों में ईसबगोल पर बैक्टीरिया के प्रभाव से पैदा होने वाली गैस से होता है। इसलिए ध्यान रखें कि ईसबगोल की मात्रा कम से कम ही लें, क्योंकि ईसबगोल आंतों में पानी को सोखती है, जिससे मल की मात्रा बढ़ती है और मल की मात्रा बढ़ने से आंतों की कार्यशीलता बढ़ जाती है, जिससे मल ठीक से बाहर निकल आता है। ईसबगोल लेने के बाद दो-तीन बार पानी पीना चाहिए। इससे ईसबगोल अच्छी तरह फूल जाता है। इसलिए ईसबगोल रात को ही लेना चाहिए और खाने के तुरंत बाद लें।

सौंफ : सौंफ 50 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम को कूटकर छान लें। सुबह-शाम इसे 5-5 ग्राम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ लेने से लाभ होता है। या सौंफ का चूर्ण रात को खाकर ऊपर से पानी पीने से कब्ज दूर होती है।
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अंजीर : अंजीर 5 से 6 पीस को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, पानी को छानकर पीने से कब्ज में राहत मिलती है।

नींबू : नींबू का रस, 5 मिलीलीटर अदरक का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है।

क़ब्ज़ से बचने के लिए कैसा भोजन करे :
दालों में मूंग और मसूर की दालें, सब्जियों में कम से कम मिर्च-मसालें डालकर परवल, तोरई, टिण्डा, लौकी, आलू, शलजम, पालक और मेथी आदि को खा सकते हैं। आधे से ज्यादा चोकर मिलाकर गेहूं तथा जौ की रोटी खाएं। भूख से एक रोटी कम खाएं। अमरूद, आम, आंवला, अंगूर, अंजीर, आलूचा, किशमिश, खूबानी और आलूबुखारा, चकोतरा और संतरे, खरबूजा, खीरा, टमाटर, नींबू, बंदगोभी, गाजर, पपीता, जामुन, नाशपाती, नींबू, बेल, मुसम्मी, सेब आदि फलों का सेवन करें। दिन भर में 6-7 गिलास पानी अवश्य पीयें। मूंग की दाल की खिचड़ी खायें। फाइबर से बने खाने की चीजें का अधिक मात्रा में सेवन करें, जैसे- फजियां, ब्रैन (गेहूं, चावल और जई आदि का छिलका), पत्ते वाली सब्जियां, अगार, कुटी हुई जई, चाइनाग्रास और ईसबगोल आदि को कब्ज से परेशान रोगी को खाने में देना चाहिए।

क़ब्ज़ में परहेज़ :
तले पदार्थ, अधिक मिर्च मसाले, चावल, कठोर पदार्थ, खटाई, रबड़ी, मलाई, पेड़े आदि का सेवन न करें। कब्ज दूर करने के लिए हल्के व्यायाम और टहलने की क्रिया भी करें। पेस्ट्रियां, केक और मिठाइयां कम मात्रा में खानी चाहिए।

शनिवार, 12 नवंबर 2016

पेट की गैस का घरेलू उपचार – गैस की समस्या से छुटकारा

पेट की गैस का घरेलू उपचार – गैस की समस्या से छुटकारा


पेट में गैस बनना एक आम समस्या है और यह बीमारी आपको किसी भी उम्र में हो सकती है यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाता तो ये आगे बढ़कर अल्सर का रूप धारण कर लेती है इसलिए गैस की समस्या को हलके में न लें.

पेट की गैस का घरेलू उपचार कैसे करें यहाँ जानें

अगर आप रोजाना योगा या व्यायाम करते हैं तो इससे आपके शरीर के सभी अंग  एक्टिव रहते हैं और आपको गैस नहीं बनती इसके अलावा आप अपने थोड़ा खान-पान पर भी ध्यान दें ज्यादा तेज मिर्च मसाले अधिक शराब का सेवन यह चाय पीने से भी आपके पेट में गैस बनने की समस्या हो जाती है इसलिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें.

पेट की गैस से होने वाली बीमारियां और लक्षण कैसे पहचाने?

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है की गैस की समस्या के लक्षण क्या होते हैं या पेट में गैस की बीमारी हो जाती है तब लक्षण आपको देखने को मिलते हैं पेट में एसिडिटी और जलन य सर दर्द के लक्षण बेचेनी होना, जी मचलाना, पेट में कब्ज बना रहना, पेट दर्द करना, तोंद बड़ी हुई होना, किसी भी काम में ठीक से मन न लगना इसके अलावा याददाश्त या दिमागी तौर पर कमजोर हो जाना इस तरह की बीमारियां आपको हो सकती है अगर आपके पेट में लंबे समय से गैस बन रही है तो.

पेट की गैस की अचूक दवा अजवाइन :

अजवाइन के द्वारा आप पेट की गैस की समस्या को समाप्त कर सकते हैं और अजवाइन पेट के तमाम रोगों में काम आती है जैसे कि पेट में गैस बनना, पेट में कीड़े हो जाना (कृमि) और एसिडिटी इन सब का रामबाण इलाज है अजवाइन यदि आपको पेट दर्द की शिकायत है या आपको पहले से ही मालूम है कि आपको एसिडिटी या गैस की समस्या है इसके लिए आप गरम पानी के साथ एक छोटा चम्मच अजवाइन की ले लीजिए इससे आपको फौरन आराम मिल जाता है.

पुदीना पेट की गैस में राहत देता है :

पुदीना स्वास्थ्य की दृष्टि से आपके शरीर के लिए एक वरदान है और खासतौर से पेट के मामले में यह एक प्रकार की अचूक दवा के तौर पर काम करता है वैसे तो पुदीने का उपयोग किसी ना किसी बीमारी के रूप में काम में लाया जाता है. वही खासतौर से पेट की गैस जलन और एसिडिटी इसके अलावा आपके शरीर की पाचन क्रिया को सुचारु रुप से चलाने में यह एक अहम् औषधी साबित होती है.

अगर आप को पेट में गैस बनती है या जी मचलाना, उल्टी दस्त जैसी समस्या और पेट में गैस की शिकायत हो तो आप पुदीने का जूस या फिर चटनी बनाकर सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा आजकल जो सबसे ज्यादा चलन में है पुदीने का काढ़ा या ग्रीन टी के रूप में जिसको सेवन किया जा सकता है जिस से यह सारी शिकायतों का तुरंत खात्मा करता है. और हम यहां जो उपाय आपको बता रहे हैं इनसे किसी भी तरह का साइड इफेक्ट होने का बिलकुल भी खतरा नहीं है..

नींबू से दूर करें पेट की गैस की तकलीफ :

नीबू देखने में तो छोटा सा है लेकिन बीमारियों को जड़ से भगाने में यह किसी अनमोल हीरे से कम नहीं है, और खासतौर से पेट की बीमारी में तो इसके क्या कहने पेट की गैस की बीमारी में यह सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होता है. आपको य कभी किसी को भी पेट में जलन या जरा भी गैस महसूस होती हो तो तुरंत नींबू पानी पी ले या फिर नींबू की चाय भी बना कर पी सकते हैं.

इससे आपको बहुत जल्दी राहत मिलती है. इसके अलावा अगर किसी को बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ कर उसमे थोड़ा सा काला नमक, चुटकी भर भुना हुआ जीरा, और चुटकी भर अजवायन साथ में दो चम्मच मिश्री और एक चम्मच ताजा पुदीने का रस मिलाकर अगर उसको पी लिया जाए तो कितनी भी भयंकर गैस की प्रॉब्लम हो 5 मिनट में आराम दिलाता है.

अन्य उपाय :

1. सेब के सिरके का सेवन करने से भी पेट की गैस में बहुत जल्दी आराम आता है अगर आपके यहां सेब का सिरका हो तो आप इसका सेवन भी कर सकते हैं.
2. पेट में गैस की समस्या होने पर या पाचन क्रिया गड़बड़ होने पर यह एक शानदार उपाय है. एक गिलास छाछ में चुटकी भर भुना हुआ जीरा थोड़ा सा पुदीना और काला नमक डालकर पी लें. इससे आपको तुरंत राहत मिलती है और ये इन सब चीजों को जड़ से खत्म करने की दम भी रखता है, अगर आप रोजाना छाछ का सेवन करते हैं तो.
3. आधा चम्मच अदरक के चूर्ण में चुटकी भर हींग और सेंधा नमक को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर लेने से गैस की प्रॉब्लम में बहुत जल्द आराम मिल जाता है.