लिवर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लिवर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 25 मई 2017

पेशाब के रंग से अपने स्‍वास्‍थ के बारे में जानिये

पेशाब के रंग से अपने स्‍वास्‍थ के बारे में जानिये


अपने पेशाब के रंग से आप अपने शरीर के संकेतों को जान सकते हैं क्या आपका शरीर कैसे स्वास्थ्य लेवल पर है तो चलिए पढ़ते हैं कुछ अपने शरीर के संकेतों के बारे में अपने पेशाब के रंग से आप पता लगा पाएंगे क्या आपका शरीर कितना स्वस्थ है या आप बीमार हैं.

पेशाब के रंग से जानें अपने शरीर के स्वास्थ्य का लेवल

पेशाब के रंग से आप किस तरह अपने शरीर का स्वास्थ्य स्तर पता कर सकते हैं पेशाब के रंग के जरिए आपके शरीर का स्वास्थ्य लेवल इसलिए पता पड़ जाता है क्योंकि सारी बीमारियां पेट से होती है. और आपने भी देखा होगा जब आप आश्वस्त होते हैं तो आप के पेशाब का रंग बदल जाता है नीचे संकेतों को आप पढ़ सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि आपको अब क्या करना है.

वैसे तो मानव शरीर में प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है लेकिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे लिए गुर्दे का महत्व है क्योंकि गुर्दा हमारे शरीर से गंदगी को साफ करने में अहम भूमिका निभाता है, और अगर जरा सी भी गड़बड़ होती है तो हमें पेशाब के रंग के जरिए पता चल जाता है क्योंकि पेशाब का रंग बदलना आपके शरीर के अंदर रोग के जन्म लेने के संकेत होते हैं.

पेशाब का रंग हल्का पीला होना :- अगर आपके मूत्र का रंग हलका पीलेपन पर है या फिर बिल्कुल पानी की तरह साफ है इसका मतलब है आपके शरीर का प्रत्येक अंग भली भांति कार्य कर रहा है और आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

पेशाब का रंग पीला होना :- अगर आपकी यूरिन का रंग पीले रंग का है इसका मतलब है कि आपको पानी की कमी हो चुकी है. अगर आप पानी कम पीते हैं तो पहले से अधिक मात्रा में पानी पीना चालू कर दें ये अपने आप अपने सामान्य रंग में बदल जाता है.

पेशाब का रंग गाढ़ा पीला होना:- और यदि आपके यूरिन का रंग एकदम से गाढ़ा और पीलेपन पर है तो यह अच्छे संकेत नहीं हैं इसका मतलब है आप का लिवर सही तरीके से काम नहीं कर रहा और आपको लीवर की या फिर हेपेटाइटिस की प्रॉब्लम हो सकती है.

पेशाब का दूधिया सफेद रंग :- अगर आप का पेशाब दूधिया सफेद रंग का है तो इसका मतलब है कि आप के पेशाब में बैक्टीरिया बन चुके हैं, क्योंकि ऐसा तब होता है जब आपके मूत्र मार्ग के रास्ते में संक्रमण पैदा हो जाए या फिर आप कि गुर्दे (किडनी) में पथरी बनने लगती है. इस तरह के संकेत आने पर आप डॉक्टर से एक बार जरूर जांच करवाएं.

पेशाब का रंग लाल हल्का गुलाबी :- आपके यूरिन का रंग हल्का या लाल गुलाबी इसलिए भी हो सकता है क्या आपने चुकंदर या स्ट्रॉबेरी खाया हो अगर यह सब खाया है तो इस पोस्ट पर ध्यान ना देना और लेकिन आप अगर सामान्य तौर पर इस तरह का पेशाब आपको आता है तो आपके पेशाब में लाल रंग का खून भी हो सकता है तो यह बेहद चिंताजनक विषय इस को डॉक्टर को तुरंत दिखाएं क्योंकि इन ऐसा अधिकतर तब देखा जाता है या तो कुछ लोग जब अपने शरीर की क्षमता से अधिक व्यायाम करते हैं उनके शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं और उनके पेशाब से अब यह गुलाबी रंग का या लाल रंग का यूरिन आना शुरू हो जाता है या यह किसी अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता है.  इसलिए अगर आपने उस दिन चुकंदर या स्ट्रॉबेरी नहीं खाया है तो फिर आप डॉक्टर को अवश्य दिखाएं

नारंगी रंग का यूरिन आना :- दोस्तों कई बार ऐसा होता है आप जब कोई दवा खाते हैं तो यह नारंगी रंग पैदा कर सकती है विशेषकर यूरिन से जुड़ी समस्याओं को सही करने के लिए कुछ ऐसी दवाएं होती है जब के पेशाब का रंग नारंगी रंग में बदल देती हैं और इसके अलावा कुछ लोगों को गाजर खाने से भी यह गाजर का रस पीने से उनके पेशाब का रंग हल्का नारंगी हो जाता है.

नीला या हरा यूरिन आना :- कई बार जैसा कि आपने ऊपर पड़ा पेशाब संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए जो दवाइयां बनाई जाती हैं उन में विशेष डाई का इस्तेमाल होता है जिसकी वजह से भी आपके पेशाब का रंग हल्का नीला या हरे रंग में बदल जाता है. अगर आपने इस तरह की कोई दवाई पी है या खायी हो तो चिंता करने की बात नहीं है क्योंकि ऐसा होना स्वाभाविक ही है. या फिर आपने कुछ ऐसा खाना खाया हो जिसमें आर्टिफिशियल रंग का इस्तेमाल किया गया हो तब भी आपकी पेशाब का रंग नीला या हरा हो सकता है और अगर इन दोनों में से कोई कारन नहीं है और आपको इस रंग की यूरिन आ रही है तो आप चिकित्सक से अवश्य परामर्श करें.

सोमवार, 17 अप्रैल 2017

हृदय रोग और कैंसर जैसी बिमारियों में भी फायदेमंद है गाजर का जूस

हृदय रोग और कैंसर जैसी बिमारियों में भी फायदेमंद है गाजर का जूस



विटामिन A, विटामिन C, B6, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और सोडियम का मेल गाजर हमारी सेहत के लिहाज से एक बहुत लाभकारी आहार है। गाजर को जिस चीज के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है, वह है आँखों के लिए। अक्सर सुना जाता है कि गाजर खाओ, या  गाजर का जूस पियो आँखों की रौशनी बढ़ेगी। यह महज एक कहने भर की बात नहीं है। बल्कि गाजर में विटामिन A इतनी मात्रा में मौजूद होता है कि महज गाजर के जूस के द्वारा पर्याप्त मात्रा में विटामिन A, प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा, गाजर में मौजूद पोषक तत्व अलग-अलग बीमारियों पर अलग-अलग तरह से काम करते हैं। चलिए जानते हैं गाजर हमारे लिए कैसे फायदेमंद है।

गाज़र के जूस के फ़ायदे-

  • हमारे शरीर को रोगों से बचे रहने के लिए जिस चीज की सबसे ज्यादा आवश्यक्ता होती है वह है इम्मयूनिटी (रोग प्रति रोधक क्षमता) और गाजर इम्मयूनिटी बढ़ाने के लिए सही आहार है। यदि आपको आए दिन सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमण या एलर्जी जैसी समस्या रहती है तो इसका मतलब है कि आपकी रोग प्रति रोधक क्षमता खराब है और गाजर का जूस आपकी बहुत हद तक मदद कर सकता है।
  • गाजर में मौजूद विटामिन ए आँखों की ज्योति के लिए बहुत अच्छा है। जिन व्यक्तियों को लगता है कि उनकी नजरें कमजोर हो रहीं हैं, उन्हें गाजर का जूस पीना शुरू कर देना चाहिए। इससे यदि आँखों का तौर कम हो रहा होगा तो वह वहीँ रुक जाएगा। साथ ही रोजाना जूस पीते रहने से रौशनी भी बढ़ जाएगी।
  • जिन लोगों को चोट लगने पर खून न थमने की समस्या (हिमोफिलिया) होती है, गाजर उनके लिए भी बेहतर है। ऐसा इसलिए क्योंकि गाजर में विटामिन K भी होता है और विटामिन K रक्त के थक्के जमने में फायदेमंद  होता है।
  • गाजर का जूस, लिवर (जिगर) की सफाई के लिए भी एक बेहतर चुनाव है। यह लिवर से सभी हानिकारक तत्वों को बहार निकाल कर उसे और बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।
  • अध्ययनों में पाया गया है कि कैरोटीनॉयड कैंसर से लड़ने में फायदेमंद है और गाजर में भी यह तत्व पाया जाता है। यानी गाजर कैंसर को रोकने में भी फायदेमंद है। गाजर, कोलोन, ब्रैस्ट और प्रोस्टेट कैंसर में फायदेमंद मानी जाती है।
  • गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन हृदय रोगों और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायक है। यह ब्लड प्रैशर को भी कम करती है।
  • गाजर में पाया जाने वाला पोटेशियम हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है।
  • गाजर का जूस पीने से जहाँ शरीर में लगी चोट से होने वाला रक्तस्त्राव जल्दी रुक जाता है, वहीं दूसरी और घाव भी जल्दी भारत है।  
  • गाजर पीलिया के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है।
  • कॉलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए भी गाजर फायदेमंद होती है। दिन में कम से कम एक बार खाने के आधे से एक घंटे के बाद गाजर के जूस का सेवन करें।

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

 ये जूस लिवर के लिए ज़रूर पिएं

ये जूस लिवर के लिए ज़रूर पिएं

Drinks For liver Treatment.

लिवर हमारे शरीर के डी टॉक्सिफिकेशन में अहम भूमिका निभाता हैं। अगर आपका लिवर स्वस्थ और सही से काम नहीं कर रहा हैं तो जो विषाक्त पदार्थ आपके शरीर से बहार निकलने थे वो आपके शरीर में ही रह जाएंगे। और ये आपके शरीर के लिए प्राणघातक भी हो सकते हैं।
नीचे दिए गए कुछ ड्रिंक्स को आप अपनी डेली डाइट में शामिल करे और लिवर को हेल्दी रखे।

1. सेब का सिरका।

एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर पीने से आपके लिवर को बहुत ताकत मिलेगी, इसको नियमित अपने भोजन में स्थान दे।

2. ऑरेंज जूस।

अगर आप ऑरेंज जूस पीते हैं तो ये आपके लिवर के स्वस्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, इस से आपका लिवर फैटी नहीं होगा, आपको कोलेस्ट्रोल और triglycerides से भी बचाएगा।

3. ग्रीन टी।

हर रोज़ एक या दो कप ग्रीन टी ज़रूर पिए, ग्रीन टी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट लिवर को डी टॉक्सिफिकेशन में मदद करता हैं।

4. नीम्बू का रस।

हर सुबह एक गिलास गर्म पानी में आधा निम्बू का रस निचोड़ कर नियमित पिए, इस से आपके लिवर के सभी विकार सही होंगे, अगर आपका लिवर छोटा हैं, कठोर हैं, फैटी हैं या सूज गया हैं। तो निम्बू आपके लिए बेहद अहम हैं। नीम्बू में साइट्रिक एसिड होता हैं जो लिवर को बाइल बनाने में मदद करता हैं, जिस से शरीर डी टॉक्सिफाई होता हैं।

5. सब्जियों का रस।

सब्जियों का रस अपने आप में मिनरल्स, विटामिन्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता हैं। इनको भी अपनी डेली डाइट में शामिल ज़रूर करे। टमाटर का रस लाइकोपीन का बहुत अच्छा स्त्रोत हैं, ये एक प्रकार का एंटी ऑक्सीडेंट हैं जो प्रोस्टेट कैंसर, हार्ट अटैक, और अन्य कैंसर की सम्भावना को कम करता हैं, अजवायन गाजर ककड़ी, खीरा, चुकंदर, शिमला मिर्च, अदरक इन सब का जूस स्वाद अनुसार बना कर पिया जा सकता हैं। डिब्बा बंद जूस से परहेज करे और जहाँ तक संभव हो ये घर पर ही बनाये।

6. पानी।

दिन में कम से कम 2 लीटर पानी ज़रूर पिए। पानी पीने से लिवर और किडनी द्वारा निकाले गए विषाक्त पदार्थ हमारे पेशाब के ज़रिये शरीर से बाहर निकल जाते हैं। ऐसा ना करने से ये विषाक्त पदार्थ हमारे खून में दोबारा मिल जाते हैं। और इनको दोबारा मेहनत करनी पड़ती हैं, जिस से इनके डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता हैं।

मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

बिना दवा के लिवर की बीमारी से पाये मुक्ति

बिना दवा के लिवर की बीमारी से पाये मुक्ति

लिवर को हिंदी में जिगर कहा जाता है। यह शरीर की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी ग्रंथी है। यह पेट के दाहिनी ओर नीचे की तरफ होती है। लिवर शरीर की बहुत सी क्रियाओं को नियंत्रित करता है। लिवर खराब होने पर शरीर की कार्य करने की क्षमता न के बराबर हो जाती है और लिवर डैमेज का सही समय पर इलाज कराना भी जरूरी होता है नहीं तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। गलत आदतों की वजह से लीवर खराब होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। जैसे शराब का अधिक सेवन करना, धूम्रपान अधिक करना, खट्टा ज्यादा खाना, अधिक नमक सेवन आदि। सबसे पहले लिवर खराब होने के लक्षणों को जानना जरूरी है। जिससे समय रहते आपको पता रहे और इलाज सही समय पर हो सके। भारत में दस खतरनाक रोगों में से एक है लिवर की बीमारी। हर साल तकरीब दो लाख लोग लीवर की समस्या से मरते हैं।

लिवर को खराब करने वाले महत्वपूर्ण कारण

1. दूषित मांस खाना, गंदा पानी पीना, मिर्च मसालेदार और चटपटे खाने का अधिक सेवन करना।
2. पीने वाले पानी में क्लोरीन की मात्रा का अधिक होना।
3. शरीर में विटामिन बी की कमी होना।
4. एंटीबायोटिक दवाईयों का अधिक मात्रा में सेवन करना।
5. घर की सफाई पर उचित ध्यान न देना।
6. मलेरिया, टायफायड से पीडित होना।
7. रंग लगी हुई मिठाइयों और डिं्रक का प्रयोग करना।
8. सौंदर्य वाले कास्मेटिक्स का अधिक इस्तेमाल करना।
9. चाय, काफी, जंक फूड आदि का प्रयोग अधिक करना।

लिवर खराब होने से शरीर पर ये लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
1. लिवर वाली जगह पर दबाने से दर्द होना।
2. छाती में जलन और भारीपन का होना।
3. भूख न लगने की समस्या, बदहजमी होना, पेट में गैस बनना।
4. शरीर में आलसपन और कमजोरी का होना।
5.लीवर बड़ा हो जाता है तो पेट में सूजन आने लगती है , जिसको आप अक्‍सर मोटापा समझने की भूल कर बैठते हैं।
6. मुंह का स्वाद खराब होना।
7. खून की उल्टी होना।
8. कैंसर।
9. पेट में पानी भरना।
10. पीलिया आदि।

नए शोध के अनुसार भारत में 32 फीसदी लोग लीवर की किसी न किसी समस्या से ग्रसित हैं। लेकिन इसमें से सबसे अधिक वे लोग हैं जो अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं।

लिवर में बीमारी होते ही यह सिरोसिस का रूप ले लेती है जिस वजह से लिवर टाइट,गांठ या भूरा जैसे होने लगता है।

प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा लिवर को ठीक करने के उपाय-

इन उपायों के द्वारा लिवर पूरी तरह से अच्छे से काम करने लगता है। लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है टाॅक्सिंस वायरस। इसलिए लिवर का उपचार करने से पहले रोगी का खून साफ होना जरूरी है ताकी लिवर पर जमें दूषित दोष नष्ट हो सके और लीवर का भार कम हो सके। इसलिए रोगी को अतरिक्त विश्राम की जरूरत होती है।

प्राकृतिक चिकित्सा कैसे करें?
  • सुबह उठकर खुली हवा में गहरी सांसे ले। प्रातःकाल उठकर कुछ कदम पैदल चलें और चलते चलते ही खुली हवा की गहरी सांसे लें। आपको लाभ मिलेगा।
  • सप्ताह में सरसों की तेल की मालिश पूरे शरीर में करें। मिट्टी का लेप सप्ताह में एक बार पूरे शरीर पर जरूर लगाएं। आप सप्ताह में एक बार वाष्प का स्नान भी लें। सन बाथ भी आप कर सकते हो।
हल्दी का प्रयोग

लीवर की बीमारी को ठीक करने की प्राकृतिक औषधि है हल्दी। हल्दी एंटीआक्सीडेंट के रूप में काम करती है। सुबह या रात को सोने से पहले एक चम्मच हल्दी को एक गिलास दूध में घोलकर पीने से लीवर की समस्या में राहत मिलती है।

प्याज

लिवर सिरोसिस यानि लिवर संकोचन होने पर 100-100 ग्राम प्याज खाने से राहत मिलती है।

सेब का सिरका

सेब का सिरका रोज पीने से लीवर की बीमारी ठीक होती है।

जैतून का तेल

 लीवर को पूरी तरह से खराब होने से बचाया जा सकता है यदि आप अपने खाने में जैतून यानि आॅलिव आॅयल का इस्तेमाल करते हैं। हल्की आंच में जैतून के तेल में खाना पकाएं।

पानी की कमी ना हो
 
शरीर में पानी की कमी से लीवर भी प्रभावित हो सकता है। लीवर की समस्या उस इंसान को कभी नहीं होगी जो रोज पांच से आठ लीटर पानी पीता है। पानी लीवर पर जमी हुई गंदगी को साफ करता है।

शहद का सेवन
लीवर की समस्या से ग्रसित इंसान को शहद का सेवन करना चाहिए। शहद वह रोटी के साथ भी खा सकता है। और गरम पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर भी पी सकता है। लीवर की अच्छी सेहत के लिए गुनगुने पानी में शहद मिलाकर जरूर पीएं।

अलसी

लीवर की बीमारी में अलसी का सेवन भी काफी फायदेमंद होता है। अलसी को  दरदरा होने तक पीस लें। और इसे आटे के साथ मिलाकर या सलाद में डालकर सेवन करने से लीवर की हर एक बीमारी ठीक हो जाती है।

आहार चिकित्सा
 
लिवर संबंधी बीमारी को दूर करने में आहार चिकित्सा भी जरूरी है। यानि क्या खाएं और कितनी मात्रा में खायें यह जानना भी जरूरी हैं। लिवर की बीमारी से परेशान रोगीयों के लिए ये आहार महत्वपूर्ण होते हैं।
  • लिवर की बीमारी में जूस का सेवन महत्वपूर्ण माना जाता है। लिवर के रोगी को नारियल पानी, शुद्ध गन्ने का रस, या फिर मूली का जूस अपने आहार में शामिल करना चाहिए। पालक, तोरई, लौकी, शलजम, गाजर, पेठा का भी जूस आप ले सकते हो।
  • दिन में 3 से 4 बार आप नींबू पानी का सेवन करें। सब्जियों का सूप पीएं, अमरूद, तरबूज, नाशपाती, मौसमी, अनार, सेब, पपीता, आलूबुखारा आदि फलों का सेवन करें।
  • सब्जियों में पालक, बथुआ, घीया, टिंडा, तोरई, शलजम, अंवला आदि का सेवन अपने भोजन में अधिक से अधिक से करें। सलाद, अंकुरित दाल को भी अधिक से अधिक लें। भाप में पके हुए या फिर उबले हुए पदार्थ का सेवन करें।
लिवर की बीमारी को दूर करने के लिए आप इन चीजों का सेवन अधिक से अधिक करें।
  • जामुन लिवर की बीमारी को दूर करने में सहायक होता है। प्रतिदिन 100 ग्राम तक जामुन का सेवन करें। सेब का सेवन करने से भी लिवर को ताकत मिलती है। सेब का सेवन भी अधिक से अधिक करें। गाजर का सूप भी लिवर की बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है। यदि लिवर में सूजन है तो खरबूजे का प्रयोग अधिक से अधिक करें। पपीता भी लिवर को शक्ति देता है।
  • आंवला विटामिन सी के स्रोतों में से एक है और इसका सेवन करने से लीवर बेहतर तरीके से कम करने लगता है । लीवर के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए आपको दिन में 4-5 कच्चे आंवले खाने चाहिए। एक शोध साबित किया है कि आंवला में लीवर को सुरक्षित रखने वाले सभी तत्व मौजूद हैं।
  • लीवर की बीमारियों के इलाज के लिए मुलेठी एक कारगर वैदिक औषधि है । मुलेठी की जड़ को पीसकर पाउडर बनाकर इसे उबलते पानी में डालें। फिर ठंड़ा होने पर साफ कपड़े से छान लें। इस चाय रुपी पानी को दिन में एक या दो बार पिएं।
  • पालक और गाजर का रस का मिश्रण लीवर सिरोसिस के लिए काफी फायदेमंद घरेलू उपाय है। गाजर के रस और पालक का रस को बराबर भाग में मिलाकर पिएं। लीवर को ठीक रखने के लिए इस प्राकृतिक रस को रोजाना कम से कम एक बार जरूर पिएंसेब और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद पेक्टिन पाचन तंत्र में जमे विष से लीवर की रक्षा करता है।
कैसे करें लिवर का बचाव
  • लिवर(Liver)  का बचाव करने के लिए आपको बस इन आसान कामों को करना है और पूरे नियम से करना है। क्योंकि लिवर शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए आपको अपने जीवनशैली में थोड़ा सा परिवर्तन लाना होगा। ताकि आप लिवर की बीमारी से बच सकें।
  • जब भी आप सुबह उठें तो 3 से 4 गिलास पानी का सेवन जरूर करें। उसके बाद आप पार्क में टहलें। दिन में हो सके तो 2 से 3 बार नींबू पानी का सेवन करें। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक काम भी करते रहें। कभी भी भोजन करते समय पानी का सेवन न करें और खाने के 1 घंटे बाद ही पानी का सेवन करें। चाय, काफी आदि से दूर रहें। किसी भी तरह के नशीली चीजों का सेवन न करें। तले हुए खाने से दूर ही रहें। साथ ही जंक फूड, पैकेज्ड खाने का सेवन न करें।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम को प्रातः जरूर करें। इन सभी बातों को ध्यान में यदि आप रखेगें तो आप लिवर की बीमारी से बचे रहेगें।
  • लीवर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए सेब के सिरके का इस्तेमाल करें। खाना खाने से पहले सेब का सिरका पीने से चर्बी कम होती है। एक चम्मच सेब का सिरका एक गिलास पानी में मिलाएं और इसमें एक चम्मच शहद भी मिलाएं। इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार तक पींए।
लिवर को स्वस्थ रखने के अन्य तरीके
  •     उबला हुआ या बोतलबंद पानी अधिक मात्रा में पीते रहें।
  •     अपने आप से कोई दवाएं न खाएं।
  •     एल्कोलह सही मात्रा में लें।
  •     तला हुआ खाना न खाएं।
  •     हरी पत्तेदार सब्जियों को खाएं।

आहार का समय: लिवर की बीमारी से पीडि़त रोगियों के लिए।
  •     यह जरूरी है कि किस समय क्या खाना है जिससे लिवर की बीमारी ठीक हो सकती है।
  •     खाना आप तभी खाएं जब आपको भूख लगती हो। और खाना केवल भूख से अधिक न खाएं।
  •     रात के खाने में सब्जियां, प्रोटीन और स्टार्च वाली चीजों का शामिल करें।
  •     शहद और गुड का सेवन करने से भी लीवर के रोग में आराम मिलता है।
लिवर प्रत्यारोपण
 
लिवर जब पूरी तरह से खराब हो जाता है तब इसका एक ही इलाज बचता है वह है लिवर प्रत्यारोपण। यह एक कठिन और खतरनाक आॅपरेशन होता है। इस अवस्था में पीड़ित इंसान के लिवर को हटा के नए लीवर को लगाया जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि लीवर की समस्या का शुरूआती दौर में पता चलते ही अपने खान.पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

कद्दू का जूस पीने के 12 खास फायदे, आप नहीं जानते

कद्दू का जूस पीने के 12 खास फायदे, आप नहीं जानते


बहुत सारे ऐसे ज्यूस हैं जो आमतौर पर प्रचलन में नहीं है क्योंकि उनके विषय में लोगों को कम जानकारी है इसी वजह से ये ज्यूस बाजार में भी उपलब्ध नहीं होते। इन्हीं ज्यूस में से एक है कद्दू का ज्यूस। इसके यह बेहद अनमोल फायदे आपको जरूर पता होने चाहिए -  

1  कद्दू का ज्यूस में किसी भी ज्यूस की तरह से बहुत सारी खूबियां होती है पर इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह विटामिन D का बढ़िया स्त्रोत है, जो आपको किसी अन्य जूस से नहीं मिलता। तो इसका मतलब यह हुआ कि आप बिना धूप में जाए भी अपने शरीर में विटामिन D की पूर्ति कर सकते हैं कद्दू का ज्यूस अपनाकर। कद्दू में विटामिन D के अलावा कापर, आयरन और फास्फोरस होते हैं।  

2 कद्दू के ज्यूस में विटामिन B1, B2, B6,C, E  और बीटा केरोटिन भी भरपूर मात्रा में होते हैं। कार्बोहाइड्रेड्स और प्रोटीन भी कद्दू के ज्यूस में पाए जाते हैं। हर दिन करीब आधा कप कद्दू के ज्यूस की सलाह दी जाती है।  

3  कद्दू का ज्यूस लिवर और किडनी के लिए बहुत लाभकारी है। ऐसे लोग जिन्हें किडनी में पथरी की समस्या है उन्हें कद्दू का ज्यूस रोजाना दिन में तीन बार जरुर पीना चाहिए।   

4 कद्दू के ज्यूस में धमनियों को साफ रखने का गुण होता है जिससे दिल की बीमारियों और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत कम हो जाता है। कद्दू के ज्यूस में एंटी आक्सीडेंट्स काफी ज्यादा होते हैं जो शरीर को ऐरटेरी ओस्लेरोसिस बीमारी यानी धमनियों को कड़क होने से रोकने में बहुत कारगर है।  

5 कद्दू के ज्यूस का एक और चमत्कारी गुण है पाचन तंत्र के विषय में। यह न सिर्फ कब्ज को दुरुस्त करता है बल्कि दस्त होने पर भी बहुत लाभकारी है। 
  
6 कद्दू का ज्यूस अल्सर और गैस को भी ठीक करता है। इसमें किडनी और युरिनरी सिस्टम को व्यवस्थित रखने का गुण होता है।  

7 कद्दू के ज्यूस में एक खास किस्म का गुण होता है दिमाग को शांति देना। इसका यह गुण इनसोम्निया यानी नींद न आने की बीमारी में लाभ पहुंचाता है। इनसोम्निया के रोगियों को इसे शहद के साथ पीने की सलाह दी जाती है।  

8 कद्दू का ज्यूस हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करता है। इसमें पेक्टिन नाम का एक तत्व होता है जिसमें कोलेस्ट्रोल को कम करने का गुण होता है।
  
9  कद्दू के ज्यूस को शहद के साथ मिला कर पीने से शरीर को ठंडक का अहसास होता है और इस प्रकार यह शरीर के तापमान को कम करने में भी मदद करता है।  

10 कद्दू के ज्यूस में प्रेग्नेंट महिलाओं में होने वाली सुबह के समय की समस्याओं यानी मॉर्निंग सिक्नेस से छुटकारा दिलाने का भी गुण होता है।   
11 कद्दू के ज्यूस में विटामिन C और अन्य कई सारे मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं और इस तरह से शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाए रखते हैं।  

12 कद्दू के ज्यूस में बालों को फिर से उगाने का गुण होता है। इसमें विटामिन A की मात्रा काफी होती है जो सिर की त्वचा को बहुत फायदा पहुंचाती है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम भी पाया जाता है जिससे नए बाल उग आते हैं।