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शनिवार, 2 दिसंबर 2017

माइग्रेन पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

माइग्रेन पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय


यह रोग स्त्रियों को अधिक होता है। इसमें सिर के दाहिने या बाएं आधे भाग में बेचैन कर देने वाला दर्द होता है, इसीलिए इसे आधासीसी कहते हैं। सूर्य के बढ़ने के साथ-साथ दर्द बढ़ने के कारण इसे सूर्यावर्त भी कहते हैं। दर्द दोपहर में तीव्रता के साथ और सूर्य ढलने के साथ-साथ कम होता चला जाता है।

कारण : सूर्यावर्त/आधासीसी का दर्द उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में मस्तिष्क की रक्तवाहिनियों में खिंचाव, कसाव व उनका अधिक फूलना, मस्तिष्क अर्बुद, मस्तिष्क आवरण शोथ, एड्रीनल हार्मोन का स्राव कम होना, रक्त में सेरोटिनिन नामक रसायन के स्तर में असामान्यता, महिलाओं में मासिक धर्म के पूर्व व बाद में होने वाले हार्मोन के परिवर्तन, अत्यंत भावुक, संवेदनशील प्रवृत्ति होना, शारीरिक और मानसिक तनाव, थकावट, तेज धूप या तीव्र प्रकाश में अधिक देर रहना, समय पर भोजन न करना, चाय, कॉफी, शराब, गर्म चटपटी मिर्च- मसालेदार चीजें अधिक खाना, हीनभावना से पीड़ित रहना, अधिक क्रोध, चिंता करना, नींद कम लेना, मौसम में बदलाव, अधिक मैथुन करना, ज्यादा धूम्रपान, अपच की शिकायत एवं वंशानुगत कारण आदि होते हैं।
लक्षण : इस रोग में सिर के आधे भाग दाहिने या बाएं भाग में सुबह से दर्द होना, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, कनपटी में चुभने वाला दर्द शुरू होकर धीरे-धीरे बढ़ते जाना, भोजन में अरुचि, शोरगुल, प्रकाश, रोशनी, हिलने-डुलने में दर्द और भी अधिक बढ़ना, जी मिचलाहट, उलटी होने के बाद या नींद आने से दर्द में आराम मिलना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं।
ये भी पढ़िए : माइग्रेन की समस्या से बचने के उपाय

क्या खाएं
  • हलका, सुपाच्य, पौष्टिक आहार खाएं।
  • दही, चावल और मिश्री मिलाकर सुबह-शाम के भोजन में सेवन करें।
  • सूर्योदय के पूर्व गर्म दूध के साथ शुद्ध घी की जलेबी या रबड़ी खाएं।
  • नाश्ते में गुलाब-जामुन, मिठाई सेवन करें।
  • नीबू का रस, चीनी और शहद मिलाकर बनी शिकंजी भोजन के बाद पिएं।
  • भोजन के पूर्व सुबह-शाम एक कप की मात्रा में अंगूर का रस पिएं।
क्या न खाएं
  • भारी, गरिष्ठ, मिर्च-मसालेदार चीजें न खाएं।
  • तेल या घी में तली, अधिक तीखी, नमकीन, खटाई युक्त चीजें भी न खाएं।
  • मांसाहार सेवन न करें।
  • शराब, कड़क चाय, कॉफी का अधिक सेवन न करें

रोग निवारण में सहायक उपाय

क्या करें :
  • सूर्योदय से काफी पहले उठकर पानी पिएं, शौच जाएं और स्नान करें।
  • नियमित हलका व्यायाम और शरीर की मालिश करें।
  • दौरा पड़ने पर शांत, अंधेरे कमरे में, सिर पर कपड़ा बांध कर आराम करें।
  • इच्छानुसार एक कप चाय या कॉफी पिएं।
  • सिर की मालिश करें।
  • हींग को पानी में घोलकर या शुद्ध घी को बार-बार।
  • अपनी हीनभावनाएं, मानसिक तनाव, चिंता को दूर करें।
  • घी और कपूर मिलाकर नाक के नथुनों में 2-3 बूंदें टपकाएं।
  • निश्चिंत होकर गहरी नींद लें।
क्या न करें :
  • अधिक शारीरिक एवं मानसिक परिश्रम और व्यायाम न करें।
  • अजीर्ण/कब्ज की शिकायत न होने दें।
  • आंखों पर अधिक जोर पड़े, ऐसे कार्य न करें।
  • मल, मूत्र, आंसू व के वेगों को न रोकें।
  • अधिक स्त्री-प्रसंग में लीन न रहें।
  • रात्रि में जागरण न करें।
  • दिन में सोने से परहेज करें।

शनिवार, 18 नवंबर 2017

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर

खाली पेट खाएं अंगूर, इन बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर


अंगूर का सेवन बहुत से लोग करते है। भले ही अंगूर टेस्ट में मीठा हो लेकिन इसमें शुगर की बिल्कुल भी मात्रा नहीं होती है। अंगूर में सभी जरूरी पोषक तत्व जैसे जल, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, मैगनेशियम और आयरन मौजूद होते है जो शरीर को कई बीमारियों से बचाकर रखते है। अगर अंगूर का सेवन सुबह खाली पेट किया जाए तो ज्यादा फायदा मिलता है। हम आपको कुछ ऐसे बीमारियों के बारे में बताएंगे, जिनमें अंगूर का सेवन काफी फायदेमंद होता है।
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माइग्रेन का दर्द :
माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सिर का आधा हिस्सा दर्द करने लगता है। अंगूर का जूस माइग्रेन का दर्द दूर करने में सहायक है। इसके अलावा माइग्रेन के दर्द में अंगूर का सेवन करने से भी राहत मिलती है।

एनीमिया :
जब शरीर में खून की कमी हो जाए तो उसे एनीमिया कहते है। एनीमिया का बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अंगूर सबसे अच्छा तरीका है। रोजाना खाली पेट अंगूर का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा।
हार्ट अटैक :
हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में भी अंगूर काफी फायदेमंद है। अंगूर का फल हार्ट अटैक के मरीज के लिए एसप्रिन की गोली की तरह काम करता है क्योंकि एसप्रिन की गोली शरीर में खून के थक्के जमने नहीं देती जिससे हार्ट ठीक रहता है। अगर आप भी हार्ट अटैक के मरीज है तो काले अंगूर का रस पिएं। 

कैंसर :
अंगूर में पॉली-फेनोलिक फाइटोकेमिकल मौजूद होते है जो शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि कोरोनरी हार्ट डिजीज, नर्व डिजीज, अल्जाइमर और फंगल इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

रक्तस्राव के बाद क्षतिपूर्ति :
शरीर के किसी भी भाग से जब ज्यादजा खून वह जाए तो अंगूर के एक गिलास जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इससे रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाएगी। 

फोड़े-फुंसियों और मुंहासों से राहत :
अंगूर फोड़े-फुंसियों और मुहासों को सुखाने में सहायक होता है। अंगूर के रस के गरारे करने से मुंह के घावों और छाले भी दूर हो जाते है।

रविवार, 29 अक्तूबर 2017

एक मिनट में माइग्रेन से आराम, इनसे मालिश तो कीजिये जरा

एक मिनट में माइग्रेन से आराम, इनसे मालिश तो कीजिये जरा


दिन ब दिन तनाव भरी लाइफ के कारण लोगों में कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों के साथ-साथ माइग्रेन की समस्या भी देखने को मिल रही है। माइग्रेन को दूर करने के लिए आप कई दवाइयों का सेवन करते है लेकिन किसी से भी आपको फायदा नहीं होता। आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह आप कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों से माइग्रेन से आराम मिलेगा और आप माइग्रेन की समस्या को जड़ से खत्म कर सकते है।

माइग्रेन से आराम पाने के लिये ठंडे पानी से मालिश :-
एक तौलिए को गुनगुने पानी में भिगोकर गर्दन और कंधों की मालिश करें। इसके अलावा आप बर्फ के टुकड़ो से मालिश भी कर सकते है। ऐसा करने से आपको तुंरत दर्द से आराम मिल जाएगा। ध्यान रखें यदि आपको अक्सर सर्दी और जुखाम की समस्या रहती है तो यह उपाय आपको नही करना चाहिये ।
माइग्रेन से आराम पाने के लिये देसी घी से मालिश :-
माइग्रेन में रोजाना गाय के देसी घी की दो बूंदे रोजाना नाक में डाले। कुछ ही समय में आपका माइग्रेन दूर हो जाएगा । साथ ही यदि कुछ बूँदे गाय के दूध से बने देशी घी की लेकर रात के सअमय मस्तक पर मालिश करके सोया जाये तो यह भी माइग्रेन से आराम पाने के लिये आपको बहुत लाभ देता है ।
माइग्रेन से आराम पाने के लिये कपूर :-
कपूर में घी या तेल मिला कर मस्तक और दर्द वाली जगहें पर हल्की सी मसाज करें। इससे आपको माइग्रेन के असहनीय दर्द से छुटकारा मिल जाएगा। कपूर का शीतलता भरा स्पर्श आपको माग्रेन के दर्द में तुरन्त राहत देता है और यह बहुत अच्छा उपाय है ।
माइग्रेन से आराम पाने के लिये नींबू का छिलका :-
नींबू के छिलके को पीस कर उसका पेस्ट बना लें। रोजाना इससे सिर की मालिश करने पर आपको माइग्रेन से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा इससे बैचेनी और जलन से भी दूर हो जाएगी। सिर में लगातार बने रहने वाले भारीपन की समस्या में भी इसका लाभ मिलता है ।
माइग्रेन से आराम पाने के लिये बंदगोभी :-
बंदगोभी की पत्तियों को पीस रोजाना कंधे और गर्दन पर लगाने से भी आपको माइग्रेन और इसके दर्द से छुटकारा मिल जाएगा। बंद गोभी के पत्तों का जूस का सेवन करना माइग्रेन से आराम पाने के लिये अच्छा माना जाता है ।

माइग्रेन से आराम पाने के लिये गाजर और खीरा :-
गाजर और खीरे के रस को मिला कर रोजाना सिर, कंधे और गर्दन की मालिश करें। आपकी माइग्रेन की समस्या दूर हो जाएगी। सलाद के रूप में भी गाजर और खीरे का अधिक सेवन करना चाहिये और इनका रस निकाल कर भी पिया जा सकता है ।

माइग्रेन से आराम पाने के लिये कुछ सरल प्रयोगों की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से ही किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँचती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हों तो कृपया कमेण्ट के माध्यम से हमको जरूर सूचित करें ।

सोमवार, 11 सितंबर 2017

इसकी पत्ती सिर्फ सूंघने से सिरदर्द का जड़ से सफाया, पीने से मर जायेंगे पेट के कीड़े और पिचकारी मारने से बंद हो जायेगा नाक से बहता रक्त

इसकी पत्ती सिर्फ सूंघने से सिरदर्द का जड़ से सफाया, पीने से मर जायेंगे पेट के कीड़े और पिचकारी मारने से बंद हो जायेगा नाक से बहता रक्त


आज हम आपको निम्बू की पत्ती ऐसे 3 चमत्कारी फायदे बताएँगे जिसे सिर्फ सूंघने से सिरदर्द का जड़ से सफाया, पीने से मर जायेंगे पेट के कीड़े और पिचकारी मारने से बंद हो जायेगा नाक से बहता रक्त, तो आइए जानते है इसके बारे में। नींबू का अनोखा गुण यह है कि इसकी खट्टी खुशबू खाने से पहले ही मुंह में पानी ला देती है। चांट हो या दाल कोई भी व्यंजन इसके प्रयोग से और भी सुस्वादु हो जाता है। यह फल खट्टा होने के साथ-साथ बेहद गुणकारी भी है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि नींबू के पत्ते भी बहुत उपयोगी होते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं नींबू के पत्तों के कुछ ऐसे ही रामबाण प्रयोगों के बारे में-

कृमि रोग (पेट के कीड़े) :
10 ग्राम नींबू के पत्तों का रस (अर्क) में 10 ग्राम शहद मिलाकर पीने से 10-15 दिनों में पेट के कीड़े मरकर नष्ट हो जाते हैं। नींबू के बीजों के चूर्ण की फांकी लेने से कीड़ों का विनाश होता है।

सिरदर्द या माइग्रेन :
नींबू के पत्तों का रस निकालकर नाक से सूंघे, जिस व्यक्ति को हमेशा सिरदर्द बना रहता है, उसे भी इससे शीघ्र आराम मिलता है। यह प्रक्रिया लगातार कुछ दिनों तक करने से ऐसे परिणाम मिलेंगे की आप दाँतो तले उंगलियां दबा लेंगे। हमारे द्वारा किये कुछ पीड़ितों पर यह प्रयोग इतना कारगर निकला की उनकी सिरदर्द/माइग्रेन की समस्या का जड़ सफाया हो गया।

गाय का ताजा घी सुबह-शाम 2-4 बूँद नाक में रुई से टपकाने अथवा सूंघते रहने से आधे सिर की दर्द की पीड़ा जड़ से आराम हो जाती है। साथ ही इसे नक् से खून गिरना भी जड़मूल से नष्ट हो जाता है। 7 दिन तक लें।
सिर के जिस तरफ के भाग में दर्द हो उस तरफ के नथुने में 7-8 बूँद सरसों का तेल डालने अथवा सूंघने से दर्द एकदम बन्द हो जाता है। 4-5 दिन तक दिन में 2-3 बार इसी प्रकार सूंघने से कई बार दर्द सदा के लिए मिट जाता है।

नाक से खून आना :
ताजे नींबू का रस निकालकर नाक में पिचकारी देने से नाक से खून गिरता हो, तो बंद हो जाएगा।

शनिवार, 9 सितंबर 2017

अगर आप भी है माइग्रेन से परेशान तो जरूर अपनाएं ये उपचार

अगर आप भी है माइग्रेन से परेशान तो जरूर अपनाएं ये उपचार


दुनियाभर में माइग्रेन की बिमारी लगातार बढ़ती ही जा रही है। आजकल भागदौड़ की जिंदगी जो कि तनाव से तो भरपूर है पर उससे मुक्त होने के लिए हम कोई उपाय नहीं करते। इन्हीं सारी वजहें धीरे-धीरे माइग्रेन के रुप में बदलने लगती हैं। जैसे ही आप सामान्य स्थिति से एकदम तनाव भरे माहौल में पहुंचते हैं तो सबसे पहले आपका सिर दर्द बढ़ता है। ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है और लगातार ऐसी स्थितियां आपके सामने बनने लगे तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं। आज हम आपको बताने जा रहे है माइग्रेन के घरेलू उपचार के बारे में...

आइस पैक
माइग्रेन की वजह बनने वाली फैली या सूज मासपेशियों को रिलैक्स करने के लिए आइस पैक काफी फायदेमंद है। एक साफ टॉवल में कुछ टुकड़े आइस के रखें और उससे सिर, माथे और र्गदन के पीछे 10-15 मिनट सिकाई करें। पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदे मिलाने से असर जल्दी होता है। जब भी जरूरत लगे, इस्तेमाल करें। आप हॉट और कोल्ड कंप्रेसर को अल्टरनेट भी यूज कर सकते है।

मसाज
सिर की मसाज करें। पहली 2 उंगलयिों से हल्के हाथ से गोल-गोल घुमाकर सिर की मसाज करें। खोपड़ी के बीच, दोनो भौंहों के बीच और आंखों के कोनों पर स्थित प्रे्रशर पॉइंट्स को दबाएं। तिल के तेल में एक टुकड़ा दालचीनी और 1-2 इलायची डालकर गर्म कर लें। इस तेल से मालिश करें। मालिश दर्द के सिग्रल दिमाग तक पहुंचने में अवरोध पैदा करती है। इससे सिरोटोनि बढ़ता है, जो दर्द कम करने में मदद करता है।

पिपरमिंट
पिपरमिंट में सूजन को कम करने के गुण होते है। साथ ही, यह शांत और स्थिरता का भाव भी पैदा करता है। आप पिपरमिंट चाय पी सकते हैं या फिर पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदे एक चम्मच शहद के साथ आधे गिलास पानी में मिलाकर भी पी सकते है। पिपरमिंट ऑयल से सिर और माथे पर 20-25 मिनट मालिश करने से फायदा होता है।

सेब का सिरका
एपल साइडर विनेगर यानी सेब का सिरका माइग्रेन में राहत दिलाता है। एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच शहद डालकर पिएं। करीब 30 दिन लगातार पीने से राहत मिलेगी। जब माइग्रेन हो या लगे कि होनेवाला है तो 2-3 चम्मच लें। यह शरीर को शुध्द करने, शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल, वजन कम करने के अलावा हडिड्यों और जोड़ों के दर्द में भी राहत दिलाता है। सेब का सिरका नहीं है तो आप सेब भी खा सकते है। ग्रीन एपल को सूंघना भी फायदेमंद हो सकता है। 

अदरक
अदरक भी सिरदर्द में राहत दिलाता है। अदरक का एक चम्मच रस शहद में मिलाकर खाने से फायदा होता है। चाय में भी अदरक डालकर पी सकते है। अदरक का एक टुकड़ा मुंह में रखना भी फांयदेमंद है। अदरक का किसी भी रूप में सेवन माइग्रेन में राहत दिलाता है।

लौंग पाउडर 
अगर सिर में ज्यादा ही दर्द हो रहा है तो तुरंत लौंग पाउडर में नमक मिलाकर दूध के साथ मिलाकर पिएं। ऐसा करने से सिर का दर्द झट से गायब हो जाएगा।

शहद
सिर के जिस तरफ दर्द हो रहा है उसके दूसरी तरफ कान में 1-2 बूंदे शहद की डालें। इससे सिर दर्द में राहत मिलेगी। अगर सिर दर्द माइग्रेन की वजह से हो रहा है तो शहद की जगह देसी घी डालें।

गाय का दूध 
सिर दर्द हो रहा है तो गाय का गर्म दूध पिएं। इससे भी काफी फायदा मिलेगा।

खीरा 
अगर सिर में ज्यादा दर्द हो रहा है तो खीरा काटकर उसकी स्लाइस को सिर पर रगड़ें या उसे सुंघे। इससे भी सिर का दर्द गायब हो जाएगा।

लहसुन 
लहसुन की कुथ कलियों का पीसकर उसका रस निकालकर पिएं। इससे भी काफी फायदा मिलेगा। 

शनिवार, 26 अगस्त 2017

आंखें फटी रह जाएंगी तुलसी के पत्तों के यह फायदे जानकर

आंखें फटी रह जाएंगी तुलसी के पत्तों के यह फायदे जानकर


तुलसी के पौधे को एक औषधि के रूप में जाना जाता है। भारत में लोग इसे घर के आंगन में लगाते हैं और इसकी पूजा करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि संसार में तमाम तरह के पौधे हैं लेकिन इसकी ही पूजा क्यों की जाती है? वास्तव में कई अध्ययनों में यह साबित हो गया है कि इस पौधे में कई रोगों को ठीक करने की क्षमता होती है।
अध्ययनों के अनुसार, तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल सर्दी-खांसी, पेट दर्द, पेशाब संबंधी रोगों, पाचन बेहतर करने, आंखों की समस्याओं, हिचकी, मतली, उल्टी, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मुंह के छाले, माइग्रेन, कान का दर्द, अवसाद, अनिद्रा, शीघ्रपतन, अल्सर आदि समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। इतना ही नहीं यह त्वचा से जुड़े रोगों के इलाज के लिए भी बेहतर चीज है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। हम आपको तुलसी के कुछ लाभ बता रहे हैं।

1. बुखार कम करते हैं तुलसी के पत्ते
तुलसी के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जिस वजह से इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी का काढ़ा पीने से बुखार कम होता है। थोड़े पानी में तुलसी के पत्ते और दालचीनी डालकर उबाल लें। बुखार होने पर इस काढ़े को दिन मई कई बार पिएं।

2. डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक
तुलसी के पत्तों में एंटी-ऑक्सिडेंट्स गुण होते हैं, जिस वजह से यह पैनक्रियाटिक बीटा सेल्स के कामकाज में सुधार करते हैं। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। यह ब्लड शुगर को कम करके डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार हैं।

3. दिल को स्वस्थ रखते हैं
जाहिर है तुलसी के पत्तों में एंटी-ऑक्सिडेंट्स गुण होते हैं जिस वजह से यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके दिल को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। अध्ययनों के अनुसार, रोजाना तुलसी के पत्ते चबाने से हृदय संबंधी रोगों से बचा जा सकता है।

4. तनाव कम करने में सहायक
एक अध्ययन के अनुसार तुलसी में तनाव वाले हार्मोन कॉर्टिसॉल को कम करने की क्षमता होती है। जाहिर है इस हार्मोन का लेवल कम होने से आपको तनाव से राहत मिलती है। इसके अलावा तुलसी ब्लूस सर्कुलेशन को कंट्रोल कर और फ्री रैडिकल डैमेज से बचाकर आपको तनाव से बचाती है। तनाव कम करने के लिए इससे नैचुरल तरीका क्या होगा भला।

5. किडनियों के स्वस्थ रखते हैं तुलसी के हरे पत्ते
तुलसी में ड्यूरेटिक और डिटॉक्सिफाइ गुण होते हैं जिस वजह से यह आपकी किडनियों को स्वस्थ रखने में सहायक है। यह खून में युरिक एसिड लेवल को कम करती है। इसके अलावा इसके एसिटिक एसिड और एस्सेंशल ऑयल गुण किडनी की पथरी को कम करते हैं।

6. स्मोकिंग की बुरी आदत छुड़ा सकते हैं तुलसी के चंद पत्ते
अगर आपको स्मोकिंग की बुरी लत है और आप इससे मुक्ति पाना चाहते हैं, तो जब भी आपको सिगरेट पीने की इच्छा करे, तो आप तुलसी के कुछ पत्ते चबा लें। तुलसी में एंटी-स्ट्रेस यौगिक होते हैं, जो स्मोकिंग छोड़ने के बाद महसूस होने वाले तनाव को कम करते हैं।

7. त्वचा के लिए भी फायदेमंद है तुलसी
तुलसी के पत्तों के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करता है। इसके प्यूरीफाइ गुण खून को साफ करते हैं, जिससे आपके चहरे पर चमक आती है। इसके एंटी ऑक्सिडेंट्स और एंटी बैक्टिरीयल गुण आपको मुहांसों से बचाते हैं।

8. माइग्रेन के इलाज करते हैं तुलसी के पत्ते
तुलसी में पेनकिलर गुण होते हैं जिस वजह से यह माइग्रेन के कारण होने वाले सिर दर्द को कम करती है। रोजाना तुलसी के चार से पांच हरे पत्ते चबाने से माइग्रेन की समस्या में आराम मिलता है।

मंगलवार, 22 अगस्त 2017

मात्र 2 मिनट अंगूठे पर फूंक मारने के फायदे जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

मात्र 2 मिनट अंगूठे पर फूंक मारने के फायदे जानकर उड़ जाएंगे आपके होश


आजकल हर कोई यही चाहता है कि उसका स्‍वास्‍थ सही रहे लेकिन अपने बिजी लाइफ स्‍टाइल के कारण लोग अपनी सेहत पर ध्‍यान नहीं दे पाते। हर कोई अपने बीजी सेड्यूल के कारण सेहत और खानपान ध्‍यान नहीं दे पाते इसी वजह से आए दिन उनको कई बिमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जिसे करने के लिए न ही आपको समय का ध्‍यान रखना है और न ही किसी तरह कि पावंदी है ये उपाय आप कभी भी कहीं भी कर सकते हैं।

वैसे तो खुद को फिट रखने के लिए लोग हेल्दी खाना, समय से सोना, योग, एक्सरसाइज आदि पर ध्‍यान रखने को कहते हैं लेकिन समय के अभाव के कारण ऐसा नहीं कर पाते। लेकिन हम जो उपाय बताने जा रहे हैं उससे आसानी से आप कई बीमारियों से निजात पा सकते है। आजकल थकान होने के कारण हम सब खाना खाते ही सो जाते हैं जिससे पेट संबंधी कई बिमारीयां हमें जकड़ लेती है। लेकिन बता दें कि इन बिमारीयों को सिर्फ आप 2 मिनट में निजात पा सकते है।

इसलिए अगर आज के बाद कभी भी आपको बेचैनी महसूस हो तो आप अपने बाएं हाथ का अंगूठा अपने मुंह के सामने ले आएं और उस पर फूंक मारें। ये प्रक्रिया कम से कम 2-3 मिनट तक आपको करना होगा ऐसा करने से धीरे-धीरे आपके शरीर की तंत्रिकाओं में बदलाव आने लगेगा और आप शांत महसूस करने लगेंगे। यह एक बहुत ही बढ़िया उपाय है जिसे आप कभी भी कर सकते हैं। जैसे की अगर आपको परीक्षा से पहले बेचैनी हो रही है तो इसे खत्म करने के लिए ऐसा करे इससे आपको राहत मिलेगा।

कुछ लोगों को माइग्रेन की प्रॉब्‍लम होती है, तो वो लोग अपने दाएं हाथ की तर्जनी अंगुली और अंगूठे के बीच के मांस को बाएं हाथ के अंगूठे और मध्यमा अंगुली के द्वारा कम से कम दो मिनट के लिए दबाकर रखें। इसी प्रक्रिया को दाएं हाथ के प्रयोग से बाएं हाथ पर भी दो मिनट के लिए करना होगा ऐसा करने से चंद मिनटों में आपका सिर का दर्द गायब हो जाएगा।

बुधवार, 16 अगस्त 2017

माइग्रेन के दर्द को सिर्फ 1 मिनट में ठीक कर सकते है, इस आसान घरेलु नुस्खे से

माइग्रेन के दर्द को सिर्फ 1 मिनट में ठीक कर सकते है, इस आसान घरेलु नुस्खे से



इस रामबाण नुस्खे के लिए जरूरी सामग्री :-

# सेंधा नमक
# उबाल कर ठंडा किया हुआ पानी 5 मि.ली.

इस ओषधि को तेयार करने की विधि :-
सबसे पहले आप सेंधा नमक को पानी में घोल लीजिये अभी आप सीधा लेट जाइए और अब किसी ड्रापर या रुई की सहायता से सिर में जिस साइड में दर्द हो रहा हो उसके उलटी दिशा के नथुने में यह घोल 1 से 2 मि.ली. डाल लीजिये इस प्रयोग को करते ही आपको कुछ ही समय में आराम मिल जायेगा अगर आपको फिर भी आराम न मिले तो आप कुछ देर के बाद दोबारा इसे आजमा सकते है या प्रयोग कर सकते हैI

सावधानी :-
आपको यह प्रयोग एक या दो बार ही करना है अगर आप अधिक बार इस प्रयोग को करेंगे तो आपके गले में कांटे चुबने जेसी चुबन हो सकती है अगर आपको इस प्रकार की समस्या आये तो आप थोडा सा देशी घी लेकर उसको गुनगुना करके उसको ऊँगली की सहायता से गले में लगा दीजिये जहा पर आपको चुबन महसूस हो रही है तो आपको आराम मिल जायेगा

शनिवार, 29 जुलाई 2017

एक ग्‍लास पानी में मिलाएं दो चुटकी ये औषधि, 5 बीमारियां दूर हो जाएंगी!

एक ग्‍लास पानी में मिलाएं दो चुटकी ये औषधि, 5 बीमारियां दूर हो जाएंगी!


आमतौर पर हींग का प्रयोग घर में दाल में तड़का लगाने और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हींग ना सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि इसका इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है। अगर गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग मिलाकर पीने से बहुत से स्वास्थ लाभ होते हैं। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल हर किचन में किया जाता है। तो चलिए हम आपको बताते हैं हींगवाला पानी पीने कई फायदे हैं।

हींग वाला पानी पीने के फायदे

पेट की तकलीफें करता है दूर
अपच और पेट की दूसरी समस्याओं से निजात पाने के लिए सदियों से हींग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हींग के पानी में मौजूद एंटी इंफ्लेमेंट्री और एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व खराब पेट, एसिडिटी, पेट के कीड़े को दूर करने के साथ ही अपच की समस्या को भी दूर करते हैं। 

महिलाओं के लिए है लाभकारी
हींग में मौजूद एंटी-इनफ्लैमोटरी तत्व पीरियड्स से जुड़ी सभी तकलीफों में राहत पहुंचाती है। हींग के गुनगुने पानी के सेवन से ल्यूकोरिया और कैंडिडा इंफेक्शन भी जल्दी ठीक हो सकता है। 

हड्डियां और दांत होते हैं मजबूत
हींग के पानी में एंटी इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज होती है जिससे आपकी हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एंटी आक्सीडेंट्स दांतों को मजबूत बनाते हैं और बीटा कैरोटीन से आंखे हेल्दी रहती हैं। 

ब्लड शुगर लेवल करता है कंट्रोल
अपने खाने में हींग का इस्तेमाल करने के साथ ही गुनगुने पानी में हींग मिलाकर पीने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है। हींग इंसुलिन को छिपाने के लिए अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है जिससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है और इससे डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। 

दर्द से दिलाता है राहत
गुनगुने पानी में हींग मिलाकर पीने से दांत का दर्द, माइग्रेन जैसे दर्द से आराम मिलता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं जो दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

सोमवार, 3 जुलाई 2017

रोज दूध में मिलाएं ये, आपकी हर बिमारी हो जाएगी छू मंतर

रोज दूध में मिलाएं ये, आपकी हर बिमारी हो जाएगी छू मंतर


बीमारी कभी किसी से पूछकर तो आती नहीं है। आपको तो पता है कि तुलसी कई रोगों को खत्म करती है। लेकिन यदि दूध के साथ तुलसी के पत्तों को सुबह खाली पेट पिया जाए तो आपकी कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं। साथ ही साथ यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है जिससे फिर से रोग लगने की संभावना ना के बराबर हो जाती है। आइये जानते हैं दूध में तुलसी डालकर पीने के फायदों के बारे में।

दिल की बीमारी में
यदि घर में किसी को दिल से सबंधित कोई बीमारी है या हार्ट अटैक पड़ा हो तो आप तुलसी वाला दूध रोगी को सुबह के समय खाली पेट पिलाएं। इससे दिल से संबंधित कई रोग ठीक होते हैं।

किडनी की पथरी में
यदि किडनी में पथरी की समस्या हो गई हो और पहले दौर में आपको इसका पता चलता है तो तुलसी वाला दूध का सेवन सुबह खाली पेट करना शुरू कर दें। इस उपाय से कुछ ही दिनों में किडनी की पथरी गलकर निकल जाएगी। आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

फ्लू
वायरल फ्लू होने से शरीर कमजोर हो जाता है। यदि आप दूध में तुलसी मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करते हो ता आपको फ्लू से जल्दी से आराम मिल जाएगा।

टेंशन में
अधिक काम करने से या ज्यादा जिम्मेदारियों से अक्सर हम लोग टेंशन में आ जाते हैं एैसे में हमारा नर्वस सिस्टम काम नहीं कर पाता है और हम सही गलत का नहीं सोचते हैं। यदि इस तरह की समस्या से आप परेशान हैं तो दूध व तुलसी वाला नुस्खा जरूर अपनाएं। आपको फर्क दिखने लगेगा।

कैंसर की समस्या
एंटीबायोटिक गुणों की वजह से तुलसी कैंसर से लड़ने में सक्षम होती है। दूध में भी कई तरह के गुण होते हैं जब दोनों आपस में मिलते हैं तो इसका प्रभाव बेहद प्रभावशाली और रोग नाशक हो जाता है। यदि आप नियमित तुलसी वाला दूध पीते हैं तो कैंसर जैसी बीमारी शरीर को छू भी नहीं सकती है।

और माइग्रेन में
सिर में दर्द होना आम बात है। लेकिन जब यह माइग्रेन का रूप ले लेती है तब सिर का दर्द भयंकर हो जाता है। ऐसे में सुबह के समय तुलसी के पत्तों को दूध में डालकर पीना चाहिए। यह माइग्रेन और सिर के सामान्य दर्द को भी ठीक कर देती है।

सांस की तकलीफ में
सांस की सबसे खतरनाक समस्या है दमा। इस रोग में इंसान को सांस लेने में बड़ी परेशानी आती है। खासतौर पर तब जब मौसम में बदलाव आता है। इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि आप दूध और तुलसी का सेवन करें। नियमित इस उपाय को करने से सांस से संबंधित अन्य रोग भी ठीक हो जाएगें।

अक्सर हमारे घर में बहुत सी प्राकृतिक औषधियां होती है जिनके बारे में पता रहने से हम मंहगी दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट से बच सकते हैं।

बुधवार, 7 जून 2017

माइग्रेन से लेकर कैंसर तक राजमा के चौकाने वाले फायदे

माइग्रेन से लेकर कैंसर तक राजमा के चौकाने वाले फायदे


राजमा टेस्ट के साथ साथ स्वास्थ के लिए भी अच्छा है l राजमा को किडनी बीन्स के नाम से भी जाना जाता है l राजमा को किडनी बीन्स के नाम से भी जाना जाता है l भारत में राजमा बहुत पसंद किया जाता है उसी तरह मैक्सिकन फूड में भी ये प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है l ये शरीर में ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है। राजमा में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। आयरन शरीर का मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा बढ़ाने का मुख्य सोर्स होता है। राजमा के स्वास्थ अपर बहुत से फायदे होते हैं और कई बिमारियों में भी काम आता है l

आइए जानते हैं किन बिमारियों के लिए फ़ायदेमंद हैं राजमा…


1. ताकत का एक बहुत अच्छा स्रोत :- 
राजमा में उच्च मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जिस वजह से ये ताकत देने का काम करता है. शरीर के मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के लिए आयरन की जरूरत होती है, जो राजमा खाने से पूरी हो जाती है. साथ ही ये शरीर में ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है.

2. कैलोरी की सही मात्रा :- 
राजमा में जिस मात्रा में कैलोरी मौजूद होती है वो हर आयु वर्ग के लिए सही होती है. आप चाहें तो इसे करी के अलावा सलाद और सूप के रूप में भी ले सकते हैं. ऐसे लोग जो अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं उनके लिए लंच में राजमा का सलाद और सूप लेना फायदेमंद रहेगा.

3. पाचन क्रिया में सहायक :- 
राजमा में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं. जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं. साथ ही ये ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित रखने में मददगार होता है.


4. मस्त‍िष्क के लिए असरदार :- 
राजमा खाने से दिमाग को बहुत फायदा होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ‘के’ पाया जाता है. जोकि नर्वस सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है. साथ ही ये विटामिन ‘बी’ का भी अच्छा स्त्रोत है, जोकि मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए बहुत जरूरी है. ये दिमाग को पोषित करने का काम करता है.

5. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सही रखने में :- 
राजमा में उच्च मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है. साथ ही ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने का काम करता है. मैग्नीशि‍यम की मात्रा दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होती है.

6. माइग्रेन की प्रॉब्लम खत्म करता है :- 
इसमें मौजूद फोलेट की मात्रा दिमाग के काम करने की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही उसे दुरुस्त भी रखती है। मैग्नीशियम की मात्रा माइग्रेन जैसी गंभीर समस्या में राहत दिलाती है। हफ्ते में एक बार इसका सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है |

7. कैंसर से बचाव :- 
राजमा में मौजूद मैंगनीज़, एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है। यह फ्री रैडिकल्स को डैमेज होने से रोकता है। इसके साथ इसमें मौजूद विटामिन के की मात्रा सेल्स को बाहरी नुकसानदायक चीजों से बचाती है जो कैंसर का मुख्य कारण होते हैं।


8. इम्यून सिस्टम मज़बूत बनाएं :- 
राजमा में सिर्फ फाइबर और प्रोटीन ही नहीं होता बल्कि काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को बढ़ाते हैं और फ्री रेडिकल्स से इसे मुक्त रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट्स में एंटी-एजिंग तत्व भी पाए जाते हैं।

9. मधुमेह के लिए लाभदायक:-
बीन्स का ‘ग्लाइसेमिक इन्डेक्स’ कम होता है इसका अभिप्राय यह है कि जिस तरह से अन्य भोज्य पदार्थों से रक्त में शक्कर का स्तर बढ़ जाता है, बीन्स खाने के बाद ऐसा नहीं होता। बीन्स में मौजूद फाइबर रक्त में शक्कर का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं। और बीन्स की इस ख़ासियत की वजह से मधुमेह के रोगियों को बीन्स खाने की सलाह देते हैं। ऐसे उदाहरण भी हैं कि बीन्स का ज़ूस शरीर में इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। इस वजह से जिन्हें मधुमेह है या मधुमेह का खतरा है उनके लिये बीन्स खाना बहुत लाभदायक है। 

10. वजन घटाने में सहायक :- 
वजन घटाने के तमाम प्रयासों से हार मान चुके हैं, तो हरी सब्जी बीन्स का सहारा लें। बीन्स से बने उत्पादों का सेवन करके आप अपना मोटापा घटा सकते हैं। बीन्स का इस्तेमाल आप किसी भी तरह कर सकते हैं। वजन नियंत्रित करना-बीन्स में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता हैl मोटे या आवश्यकता से अधिक वजन वाले लोग जो कम कैलोरी, उच्च प्रोटीन, उच्च फाइबर युक्त आहार लेते हैं, उनका वजन उन लोगों की तुलना में कम होता है जो नियमित तौर पर नियंत्रित मात्रा में कैलोरी, उच्च कार्बोहाइड्रेट और कम फैट वाला आहार लेते हैं।पोषक तत्त्वों से भरपूर-फल तथा सब्जियों की तरह बीन्स भी पोषक तत्त्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है इसका अर्थ यह है कि इसमें शरीर की प्रक्रिया के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्त्व उपस्थित होते हैं तथा साथ ही साथ इसमें कैलोरी भी कम होती है। 

शनिवार, 3 जून 2017

जानिये कैसे आपकी सेहत के लिए काफी लाभदायक है हींग

जानिये कैसे आपकी सेहत के लिए काफी लाभदायक है हींग


हिन्दुस्तान में शायद ही ऐसी कोई रसोई हो। जहां पर हींग का उपयोग नहीं होता हो। इसका उपयोग यही नहीं पूरे विश्व में किया जाता है। यह खाने का जायका बढ़ाने के साथ ही सेहत के लिए भी काफी लाभदायक होता है अगर हींग का रोज उपयोग किया जाए तो आप आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। आइए जाने हींग के उपयोग से आप किस प्रकार शारीरिक समस्याओं में राहत पा सकते हैं। 
  • अगर दाद की समस्या से परेशान हैं तो गन्ने के रस में थोड़ा सिरका मिलाएं, अब इसमें थोड़ी मात्रा में हींग पाउडर मिलाकर सुबह-शाम लगाएं। कुछ ही दिनों में दाद पूरी तरह ठीक हो जायेगी।
  • अगर आपको लगातार हिचकी आ रही है और आप इससे बहुत परेशान हैं तो पुराने गुड़ में थोड़ा हींग मिलाकर सेवन करने से हिचकी तुरंत बंद हो जाती है।
  • अगर कोई जहर खा लेता है तो उसे जानकारी मिलते ही तुरंत हींग का पानी पिलायें। इससे जहर खाने वाले को उल्टी होगी और उसके साथ ही शरीर का सारा जहर बाहर आ जायेगा।
  • हिस्टीरिया के रोगियों को हींग सुंघाने पर तुरंत होश आ जाता है।
  • अगर आपकी पसलियों में दर्द हो रहा हो तो पानी में हींग घोलकर वह पानी पसलियों पर लगाएं। जल्द ही पसलियों के दर्द से मुक्ति मिलेगी।
  • अगर बच्चे को निमोनिया हो गया है तो उसे हींग का पानी थोड़ी-थोड़ी देर पर पिलाते रहें, जल्द ही निमोनिया से राहत मिल जाएगी।
  • खाने में लगातार हींग के सेवन से महिलाओं के गर्भाशय का संकुचन बढ़ता है। इससे मासिक धर्म में होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
  • हींग का प्रतिदिन सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न रक्तचाप और दिल सम्बन्धी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।
  • अगर सर्दी की वजह से भयानक सिरदर्द से परेशान हैं तो पानी में थोड़ी सी हींग घोलकर अपने सर पर लगाएं, इससे सिरदर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
  • अगर माइग्रेन की समस्या से पीडि़त हैं तो पानी में हींग घोलकर उसकी कुछ बूंदे हर रोज अपनी नाक में डालें। माइग्रेन में इससे बहुत आराम मिलता है।

गुरुवार, 25 मई 2017

इस गर्मी में खाएं गोंद कतीरा फिर देखें फायदें !

इस गर्मी में खाएं गोंद कतीरा फिर देखें फायदें !


गर्मी का मौसम शुरु हो चुका हैं, और गर्मी अपने चरम पर हैं ऐसे में लोगों का घर से निकलना भी दुश्वार हो चुका हैं, हम घर से बाहर निकलने के लिए दस बार सोचते हैं इस गर्मी का तो हम कुछ कर नहीं सकते, जरूरत हैं तो इससे बचने का हमारे शरीर को अंदर से ठंडक मिले तो हम गर्मी के होने वाले दुष्प्रभावों से बच जाएंगे।


इस गर्मी में अगर आपको शरीर में ठण्डक चाहिए तो गोंद कतीरे का सेवन आपके लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। यह एक ऐसा आहार है जिसकी तासीर ठंडी होती हैं इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पाएं जाते हैं, जो हमारे शरीर से जुड़ी कई समस्याओं से निजात दिलाता है। आपको बता दें कि ये शरीर को ठण्डक तो प्रदान करता ही हैं साथ ही बाथरूम में होने वाली जलन को दूर करता हैं।

आइए जानते हैं गोंद कतीरा के फायदें के बारे में…


1. कमजोरी और थकान को दूर:-
हर रोज सुबह आधा गिलास दूध में गोंद-कतीरा और मिश्री डालकर पीने से कमजोरी और थकान में लाभ मिलता है। इसे प्रयोग में लाने से पहले रातभर पानी में भिगो लेना चाहिए।


2. लू से बचाव करता है:-
तपती गर्मी में घर से बाहर जाने से लू लगने का डर रहता हैं इसलिए अगर गर्मी ज्यादा महसूस हो तो गूंद कतीरा सुबह और शाम दूध या शर्बत में मिला कर पीना चाहिए।


3. जलन से राहत:-
अगर हाथ-पैरों में जलन की समस्या हो तो 2 चम्मच कतीरा को रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में भिगों दें। सुबह इसमें शक्कर मिला कर खाएं तो धीरे-धीरे जलन ठीक हो जाती हैं और आपको राहत मिलेगी।


4.खून की कमी को दूर करें:-
गोंद-कतीरे का भिगोकर रोज सेवन करने से खून में कमी की समसया से निजात मिलती है।


5.टांसिल से राहत:-
गले के टांसिल की समस्या में 2 भाग कतीरा बारीक पीसकर धनिए के पत्तों के रस में मिलाकर रोजाना गले पर लेप करने से आराम मिलता है।


6. बीमारियों से छुटकारा:-
गोंद कतीरा खाने से माइग्रेन, चक्कर आना, उल्टी आना जैसी बीमारियों से दूर रखता है।

मंगलवार, 2 मई 2017

सिगरेट से ज्यादा खतरनाक होता है अगरबत्ती का धुआं…

सिगरेट से ज्यादा खतरनाक होता है अगरबत्ती का धुआं…


सिगरेट हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है ये हमने अक्सर सुना है| जो लोग सिगरेट का सेवन करते है उनको तमाम तरह की शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है| क्योंकि उससे निकलने वाला धुआं हमारे फेफड़े पर सीधा असर करता है|

इसीलिए सिगरेट पीने वालों को इसे पीने से रोका जाता है| लेकिन सिगरेट के धुएं के अलावा एक ऐसी चीज़ है जिसका प्रयोग हम डेली अपनी लाइफ में करते हैं| लेकिन उससे उठने वाला धुआं हमारे लिए सिगरेट के धुएं से भी अधिक खतरनाक है| जी हाँ|| हम बात कर रहे हैं अगरबत्ती की| अगरबत्ती का धुआं हमारी कोशिकाओं में आनुवंशिक स्तर पर गंभीर बदलाव लाता है|

यहां तक कि ये बदलाव कैंसर का मुख्य कारण बन जाता है| अगरबत्ती का धुआं फेफड़ों में जम जाता है और फेफड़ों के कैंसर में तब्दील हो जाता है| अगरबत्ती के धुएं में जो केमिकल होता है वो आपका डीएनए तक बदल सकता है| दमा व सांस की बीमारियां भी इस धुएं की देन हैं|

त्‍वचा और आंखे
ज्यादा देर तक अगरबत्ती के धुएं में रहने से स्किन प्रॉब्लम हो जाती है और आंखों में भी जलन होने लगती है| अगरबत्ती के धुएं में मौजूद केमिकल के संपर्क में आने से त्वचा और आंखों में जलन और खुजली होने लगती है, जिससे आंखे खराब हो जाती हैं|

मस्तिष्क
अगरबत्ती के धुएं की वजह से दिमाग की कोशिकाएं प्रभावित होती है जिससे सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्या हो सकती है|

दिल
स्वस्थ शरीर के लिए दिल का तंदुरुस्त होना भी बहुत जरूरी है| ऐसे में जब रोजाना अगरबत्ती का धुआं सांस के साथ शरीर में जाता है तो इससे दिल की कोशिकाएं सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं जिससे हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है|

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

जाने तेज़ पत्ते के तेल के यह अनोखे फायदे

जाने तेज़ पत्ते के तेल के यह अनोखे फायदे


तेज़ पत्ते हर किचन में पाया जाता है यह व्‍यंजनों में महक और सुगंध के लिए तेजपत्‍ते का उपयोग किया जाता है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि तेजपत्‍ते के तेल में भी कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी लाभप्रद होते हैं तेज़ पत्ते में सेहत के बहुत सारे गुण पाए जाते हैं.

इस तेल से कई प्रकार की दवाइयां बनती हैं और इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-फंगस गुण भी होते हैं. अच्‍छी बात तो यह है कि आप इसे आराम से घर पर ही बना सकते हैं. इसे बनाने के लिये आपको काफी धैर्य की आवश्यकता है तेल में जब सारी साम‍ग्री मिला दी जाती है तब इसे 40 दिनों के लिये मैरीनेट होने के लिये छोड दिया जाता है. तो क्‍या आप भी इस तेल को बनाना चाहते हैं, इसे बनाना आसान हैं आप इसे अपने घर पर ही बना सकते है.

तेल कैसे बनाएं:

जरुरत की सामग्री:
  • 15 ग्राम तेज पत्‍ते,.
  • 1 कप बादाम तेल
  • लगभग 200 ग्राम.
  • 1 बड़ा जार या गिलास का कंटेनर.

बनाने की विधि:

सबसे पहले पत्‍तों को अच्‍छी तरह से साफ कर लें, इसमें धूल मिट्टी और कीड़े नहीं लगे हुए होने चाहिये यह एकदम साफ़ होना चाहिए फिर कंटेनर को भी साफ कर लें और उसमें साफ पत्‍तों को डालें.

उसके बाद ऊपर से बादाम तेल डालें, अब जार को अच्‍छी तरह से बंद कर दें और 40 दिनों का इंतजार करें आपका तेल 40 दिनों के बाद इस्तेमाल करने के लिये तैयार हो जाएगा.

तेज़ पत्ते के सेहत को लेकर फायदा:

मासपेशियों को रिलैक्‍स:
यह तेल मासपेशियों को रिलैक्‍स करता है इस तेल से मालिश करने पर मसल्‍स रिलैक्‍स होती हैं और खून का संचालन पूरे शरीर में होता है, इससे आपके शरीर के दर्द में कमी आती हैं और आपको दर्दो से आराम मिलता है.

माइग्रेन और सिरदर्द:
तेज़ पत्ते में दर्द को दूर भगाने के गुण पाए जाते हैं इसलिये तो इस तेल को माइग्रेन और सिरदर्द के लिये प्रयोग किया जाता है, इससे आपका सर दर्द वा माइग्रेन दूर हो जाता है.

बुखार से राहत:
बुखार से अगर आप पीड़ित है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते है अगर आपको सर्दी या जुखाम हो जाए, तब यह तेल वेपर की तरह काम करता है. यह तेल इंफेक्‍शन को दूर करता है, शरीर में गर्मी पैदा करता है जिससे बुखार की समस्या खत्म हो जाती है.

एंटीबायोटिक:
इसमें एंटीबायोटिक होता है शरीर पर ढेर सारे बैक्‍टीरिया, माइक्रोब्‍स और फंगस को बढ़ने से रोकता है. आप इस तेल से छोटे मोटे घाव, जलन, फोड़े आदि को लगा कर ठीक कर सकते हैं. इसके अलावा इस तेल से कोई साइड इफेक्‍ट भी नहीं होता है.

त्वचा के लिए:
हर कोई चाहता हैं की उसकी स्किन अच्छी हो, त्‍वचा के लिये भी अच्‍छा इस तेल में मिनरल्‍स, विटामिन्‍स और एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं. यह तेल हमारी त्‍वचा के लिये काफी जरुरी है, जिसे लगाने से त्‍वचा मुलायम, साफ और कीटाणुरहित बनती है इससे आपकी त्वचा अच्छी हो जाती है.

बालों को बढाए:
अगर आप बालो की किसी भी तरह की समस्या से पीड़ित है या  सिर में रूसी है तो वह इस तेल से दूर हो सकती है इसके अलावा यह सिर में खून का संचालन बढाता है और बालों की ग्रोथ को बढाता है और आपके बाल लम्बे वा घने करता है इससे सिर की जुओं से भी मुक्‍ती मिलती है.

नींद लाने में असरदार:
अगर अच्‍छी नींद नहीं आती है तो 10 बूंद तेज पत्‍ते के तेल में 2 या 3 बूंद स्‍वीट ऑरेंज ऑइल और 1 बूंद बादाम का तेल मिक्‍स करें और सिर पर लगा कर मसाज करें इससे आपको अच्छी नींद आएगी.

तनाव करे दूर:
अगर आप तनाव से पीड़ित है तो आप  इस तेल का प्रयोग कर सकते है तनाव के लक्षणों से छुटकारा दिलाए 2 बूंद तेज पत्‍ते के तेल में 4 बूंद काली मिर्च का तेल, 1 बूंद जोजोबा ऑइल मिक्‍स करें और लगाएं.

मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

माइग्रेन से बचने के लिए घरेलु उपाय

माइग्रेन से बचने के लिए घरेलु उपाय


माइग्रेन या सिरदर्द का रोग जिसके अर्धाकपारी भी बोलते है, आजकल ये आम समस्या होती जा रही है | माइग्रेन का दर्द तेज़ और असहनीय होता है जिसमें व्यक्ति अपने उपर से कण्ट्रोल तक खो देता है, इसके साथ-साथ कई दूसरी बीमारियों का जन्म होने लगता है जैसे हर समय उलटी जैसा मिजाज़, मानसिक तनाव, चक्कर इत्यादि | जैसे की ये दर्द अचानक से शुरू होता है तो आपको कुछ माइग्रेन का सफल घरेलू उपचार जान लेना चाहिए जिससे आपको तुरंत काम आ सकता है |

माइग्रेन का सफल घरेलू उपचार का तभी सम्भव है जब माइग्रेन होने की प्रमुख कारणों के बारे में जान लेंगे | इसकी मुख्य वजह देर रात तक जगकर काम करना, मानसिक तनाव, नजला रोग, चिंता करना, पेट का दर्द,मलेरिया आदि | महिलाओ में इसके कुछ कारणों में हिस्टीरिया, मानसिक बोझ, सदमा लगना आदि होते है | अगर पुरुषो और महिलाओ की बात करे तो महिलाये माइग्रेन का शिकार ज्यादा होती है |

इस दर्द में सर, गर्दन और कंधो की मालिश करने से दर्द में राहत मिलता है। अगर हल्की खुशबू वाले अरोमा तेल का प्रयोग करना फायदेमंद होता है,  माइग्रेन के दर्द को ठीक करने के कई तरीके हैं जैसे दवाइयां या फिर कुछ खाघ पदार्थ। यदि आपको हर समय दवाइयों पर जिन्‍दा नहीं रहना है तो अब खाघ पदार्थ खा कर अपने जीवन की रक्षा करें। इन्‍हें खाने के अलावा थोड़ा आराम करना भी आवश्‍यक है।

चलिए जानते है वो क्या है माइग्रेन का सफल घरेलू उपचार?

देशी घी/गुड़
माइग्रेन यानि अर्धाकपारी रोगी को देशी घी को गुड़ में मिलाकर खाने चाहिए, सुबह से समय दर्द होने पर दूध और जलेबी का सेवन से आराम मिलता है| अगर चक्कर या उलटी जैसा मिजाज़ हो तो शहद खाने से दर्द के साथ उल्टी भी बंद हो जाती है |

तुलसी
सुबह के समय दर्द से निजात पाने में तुलसी के पत्तो का अहम भूमिका होता है, इसमें तुलसी के पत्तो की सुखाकर चूर्ण बना लेना है और फिर उसे शहद में मिलाकर दिन में 3 – 4 बार सेवन करना होता है| ये माइग्रेन का सफल घरेलू उपचार के सबसे कारगर उपचारों में से एक होता है |

तुलसी का तेल 
तुलसी के प्राकृतिक गुणों को सभी जानते हैं लकिन आपको बता दें कि तुलसी माइग्रेन में भी बेहद प्रभावी है। तुलसी का तेल का इस्तेमाल माइग्रेन के दर्द में काफी आराम देता है। तुलसी का तेल मांसपेशियों को आराम देता है जिससे सिर का तनाव कम होता है और दर्द से राहत मिलती है। 

खील
खील( 25 – 30 ग्राम) आपको शहद में मिलाकर सुबह में सेवन चाहिए, उसके बाद अगर थोड़ी देर आराम कर ले और और ज्यादा फायदेमंद हो जाता है |

नमक
नमक को शहद में मिलाकर सेवन करने से माइग्रेन में होने वाली असहनीय दर्द से राहत मिलती है | अगर इसे दिन में 2 – 3 बार प्रयोग में ला सकते है |

हींग
वैसे तो हींग कई सारी बीमारियों से निज़ात दिलाता है, माइग्रेन का घरेलू उपचार में हींग भी आपको कुछ हद तक आपको राहत दे सकता है | हींग को पानी के साथ अच्छे से मिलाकर 4-5 मिनट्स तक सूंघना है, आप इसके बने लेप को माथे पर लगा सकते है |

हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां
हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां इन सब्‍जियों में मैग्निशियम अधिक होता है। जिससे माइग्रेन के दर्द को जल्दी ठीक कर सकता है  साबुत अनाज, समुंद्री जीव और गेहूं आदि में बहुत मैग्निशियम होता है। अलसी के बीज में खूब सारा ओमेगा 3 और फाइबर पाया जाता है। यह बीज सूजन के साथ-साथ दर्द को कम करती हैं।

मछली
माइग्रेन के दर्द में मछली का सेवन फायदेमंद होता है क्युकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन पाया जाता है। ये तत्‍व माइग्रेन का दर्द पैदा करने वाली सनसनाहट को कम करते हैं।

लैवेंडर ऑयल लैवेंडर 
ऑयल सामान्य सिर दर्द और माइग्रेन दर्द के लिए एक उपयोगी घरेलू उपाय है। लैवेंडर तेल की खुशबू माइग्रेन में बेहद प्रभावी होती है। गर्म पानी में कुछ बूंदे लैवेंडर ऑयल की डालकर उसे सूंघने से बेहद आराम मिलता है। लैवेंडर ऑयल का प्रयोग कभी भी मौखिक रूप से नहीं करना चाहिए।  

पेपरमिंट तेल 
पुदीना सिर के तनाव को कम करने में माहिर औषधि है। इसके तेल की तेज महक शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करती है। माइग्रेन या सामान्य सिर दर्द भी अक्सर रक्त प्रवााह के कम होने से होता है ऐसे में पेपरमिंट ऑयल रक्त प्रवाह को कम करके सिर दर्द को ठीक करता है। इस तेल की हल्की मात्रा डायरेक्ट माथे पर लगा सकते हैं। ज्यादा न लगाएं अन्यथा जलन भी महसूस हो सकती है। 

सिर की मालिश 
सिर के दर्द को कम करने के लिए मालिश भी एक बहुत प्रभावी तरीका है। एक्सपर्ट्स की मानें तो सिर के पीछे के हिस्से की मालिश करने से माइग्रेन से बहुत राहत मिलती है। इसके साथ ही हाथ पैरों की मालिश भी की जानी चाहिए। मालिश करने से भी रक्त संचार तेज होता है। 

धनिया 
धनिया खाने को पचाने और स्वादिष्ट बनाने के लिए बेहरीन मसाले के रूप में जाना जाता है, लेकिन प्राचीन काल से धनिये का प्रयोग माइग्रेन और सिर दर्द की दवा के रूप में भी किया जाता है। माइग्रेन में धनिया के बीजों से तैयार की गई चाय बेह लाभकारी होती है। धनिया के कुछ बीजों को गर्म पानी में 10 मिनट उबालें, उसके बाद इसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर पिएं। धनिया वाली चाय माइग्रेन के दर्द के साथ-साथ सामान्य सिर दर्द में भी लाभकारी है।

आपको उपर में दी गयी बातो का ध्यान में रखकर आप खुद का या किसी की मदद कर सकते है| आप कोई भी सवाल कमेंट बक्स में पूछ या अपनी राय दे सकते है | आप शेयर जरुर करे |

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017

अदरक, हल्दी और दालचीनी की चाय – करती है कई बिमारियों का इलाज

अदरक, हल्दी और दालचीनी की चाय – करती है कई बिमारियों का इलाज


चाय तो आप सभी पीते हैं। लेकिन क्या आपने एैसी प्राकृतिक चाय पी है जो आपकी कई प्रकार के खतरनाक रोगों और लाइलाज बीमारियों को ठीक कर सकती है। वैदिक वाटिका आपको बता रही है एैसी किसी हर्बल प्राकृतिक चाय के बारे में।

प्राकृतिक चाय बनाने का तरीका

सामग्री :
  • चार सौ एमएल पानी
  • आधी चम्मच हल्दी
  • एक छोटा सा दालचीनी का टुकड़ा और
  • आधा चम्मच पिसे हुए अदरक का रस ।

बनाने का तरीका :
  • इस प्राकृतिक चाय का आप आसनी से बना सकते हो। आपको करना क्या है कि—
  • सबसे पहले आप चूल्हे या गैस पर चार सौ एम एल पानी को उबालें।
  • अब उसमें थोड़ी से दालचीनी को डालें और गैस की लपटों को कम कर दें।
  • इसके बाद इसमें अदरक का रस और हल्दी को भी मिलाएं।
  • और एक मिनट के बाद आप चूल्हे का बंद कर दें।
  • अब आपकी चाय तैयार है। इसे छानकर पीएं।

किस समय में इस चाय को लेना बेहतर है:
आप को यह चाय सुबह के समय में खाली पेट लेनी है। एैसे ही रात को सोने से पहले इस प्राकृतिक चाय का सेवन कर सकते हो।
लाइलाज बीमारियों को खत्म करती है अदरक और हल्दी और दालचीनी की चाय-
अब जानते हैं इस प्राकृतिक चाय को पीने के फायदों के बारे में:

घटाए वजन को :
यदि आपको वजन जरूरत से अधिक हो गया हो तो आप इस प्राकृतिक चाय को सेवन सुबह उठने के बाद सेवन करें। और एैसा ही रात में खाना खाने के बाद करें। एैसा करने से आपके शरीर की चर्बी घटेगी और बिना मेहनत आदि के आप अपना वजन आसानी से घटा सकते हो।

डायबिटीज के रोगियों के लिए अचूक औषधि :
घर में यदि किसी को मधुमेह की समस्या हो तो आप इस प्राकृतिक चाय का सेवन उस इंसान को जरूर कराएं। यह चाय शुगर के स्तर को नियंत्रित करती है और डायबिटीज को धीरे—धीरे ठीक भी।

माइग्रेन की समस्या का इलाज :
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या हो वे इस हर्बल चाय को जरूर पीएं। क्योंकि यह चाय सबसे पहले माइग्रेन से होने वाले सिर के दर्द को ठीक करती है।

अपच की समस्या का घरेलू उपाय :
पेट में अपच व गैस की समस्या हो तो आप इस हर्बल चाय का सेवन जरूर करें। यह पेट के एसिड को कम करती है। जिसकी वजह से आप अपच से होने वाले रोगों से बचते हो।

गर्भवती महिलाओं के लिए :
यदि सुबह के समय में गर्भवती महिला को मतली की समस्या आती हो तो आप इस हर्बल चाय का सेवन करें। इससे आपकी मार्निंग सिकनेस और मतली दोनों ही ठीक हो जाती हैं।

मासिक धर्म की समस्या में :
यदि मासिक धर्म में आपको अधिक दर्द होता हो तो आप इस हर्बल टी का सेवन करें।

शरीर को अंदर से बनाए साफ :
ये हर्बल चाय शरीर को अंदर से साफ करती है। यानि शरीर को डिटॉक्स करती है। जिससे आपका शरीर स्वस्थ रहता है।

इन सभी बीमारियों के अलावा भी यह हर्बल चाय शरीर की सूजन, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या, पीसीओडी और गैस एसिडिटी आदि कई जानलेवा बीमारियों को खत्म कर देती है।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

अंगूर के फायदे जानकार दंग रह जायेंगे आप

अंगूर के फायदे जानकार दंग रह जायेंगे आप


अंगूर जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता हैं, आज हम आपको बताएँगे के इस रसीले फल को खाने के क्या क्या फायदे हैं।

कहते हैं कि अंगूर का उत्पादन सबसे पहले करीब छह हजार साल पहले यूरोप में हुआ था। फ्रांसीसियों के साथ यह अमेरिका पहुंचे जहां बाद में इसका प्रयोग वाइन बनाने के लिए किया जाने लगा। यह एक बलवर्घक एवं सौन्दर्यवर्घक फल है। इसमें मां के दूघ के समान पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है।

मगर उन कहने वालो को क्या पता के अंगूर का प्रयोग भारत में सदियों से होता आ रहा हैं और उस समय से हो रहा हैं जब उनके बापदादा जंगलो में बिना कपड़ो के नंगे घूमा करते थे।

आइये जानते हैं इसके और महत्‍वपूर्ण उपयोग-

अंगूर में कैलोरी, फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अंगूर प्राकृति का एैसा फल है जिसमें हर तरह के उत्तम गुण हैं जो सेहत और उम्र को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इस लेख के माध्यम से आपको अंगूर में छिपे सेहत के राज के बारे में बताया जाएगा जो कई रोगों को दूर करने में आपकी मदद करेगें।

अंगूर में ग्लूकोज, मेग्नीशियम और साइट्रिक आदि जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अंगूर कई रोगों में लाभ देता है जैसे टी बी, कैंसर, रक्त विकार और पारिया जैसे रोगों का अंत करने में लाभदायक है। साथ ही अंगूर का प्रयोग बच्चे, युवा, कमजोर और गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदा करता है।

जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए अंगूर सेवन करना हितकारी है। अंगूर शूगर की मात्रा को कम करता है। खून में मौजूद शूगर को नियंत्रित करने में अंगूर अहम भूमिका निभाता है।

अंगूर खून की कमी और आयरन की कमी को दूर करता है।

जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है वे सुबह उठकर अंगूर का रस पीयें। एैसा कुछ दिनों तक करने से माइग्रेन की समस्या से निजात मिल सकता है।

हाल ही में हुए नये शोध में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में अंगूर सेवन एक कारगर उपाय है। साथ ही हर्ट अटैक के रोग से बचने के लिए काले अंगूर का जूस पीने से लाभ मिलता है। काले अंगूर का रस खून के थक्कों को बनने से रोक देता है।

अंगूर का रस पीने से दिल में हो रहे दर्द में आराम मिलता है।

कब्ज को खत्म करने के लिए काली मिर्च और नमक को अंगूर में डालकर सेवन करना चाहिए।
भूख बढ़ाने में भी अंगूर एक कारगर नुस्खा है। विटामिन ए की भरपूर मात्रा होने पर यह भूख को बढ़ाने में मदद करता है।

खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून की कमी पूरी हो जाती है।
अंगूर हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है। इसलिए अंगूर का एक गिलास जूस अवश्य पीयें।

याददास्त को बढ़ाने के लिए अंगूर के रस की 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को पानी के साथ मिलाकर, खाना खाने के बाद लें। यह आपकी कमजोर याद शक्ति को बढ़ाएगा।

अंगूर मुंह के छालों से भी मुक्ति दिलता है। अंगूर के रस से कुल्ला करने से मुंह से संबंधित रोग जैसे घाव और छाले दूर हो जाते हैं।

अंगूर वैदिक दृष्टि से अनोखा फल है। इसलिए अंगूर को किसी न किसी रूप में अपने भोजन में शामिल करें। अंगूर आपको हमेंशा रोगमुक्त रखेगा साथ कई तरह की समस्याओं से भी निजात दिलवाएगा।

इतने फायदे सुनने के बाद मैं तो जा रहा हूँ अंगूर खाने और आप ?

मंगलवार, 21 मार्च 2017

बार-बार उठने वाले इन छोटे दर्द को पहचाने, बड़ी बीमारी का है संकेत

बार-बार उठने वाले इन छोटे दर्द को पहचाने, बड़ी बीमारी का है संकेत


वैसे तो छोटे-मोट दर्द शरीर में होते रहते हैं। ऐसे दर्द लोग नजरअंदाज भी कर देते हैं। एक्सपर्ट्स की माने तो ये छोटे दर्द किसी बड़ी समस्या के संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए जरुरी है कि आप इन छोटे-मोटे दर्द को नजर अंदाज ना करें।
बार-बार उठने वाले इन दर्द पहचाने और डाक्टर से इसकी सलाह ले। ये छोटे दर्द किस तरह का इशारा करते हैं आइये जानते हैं।

1. सिरदर्द
दर्द की बात करें तो इन दिनों सिरदर्द की समस्या बहुत ही आम हो गई है। इससे बचने के लिए लोग दर्द की दवाइयां खा लेते हैं या फिर बाम आदि से काम चला लेते हैं। सिरदर्द को भी तीन कैटेगरी में बांटा गया है। एन्यरिज्म, ब्रेन स्ट्रोक और माइग्रेन।

2. एन्यरिज्म
अगर आपको लग रह है कि मारे दर्द के आपका सिर फटा जा रहा है। इसके साथ ही पीठ और गर्दन में भी दर्द हो रहा है, चक्कर आने जैसा भी महसूस हो रहा है। तो ये एन्यरिज्म का संकेत हो सकता है।

3. ब्रेन स्ट्रोक
वहीं अगर सिरदर्द के साथ हाथ-पैरो में कमजोरी महसूस हो रही हो या फिर आपके याददाश्त कमजोर हो रही है। तो ये संकेत ब्रेन स्ट्रोक के हो सकते हैं।

4. माइग्रेन
आधे सिर में दर्द हो रहा है। रोशनी और तेज आवाज बर्दाश्त नहीं हो रही है। उल्टी का मन हो रहा हो या आंखों के सामने अंधेरा छा रहा हो। तो ये समस्या माइग्रेन की हो सकती है।

5. पेट दर्द
सिरदर्द के अलावा अक्सर पेट में भी दर्द उठता रहता है। पेट दर्द को भी तीन भागो में बांटा गया है। अल्सर, पैंक्रियाटाइटिस और गॉल ब्लैडर की पथरी

6. अल्सर
खाना खाने के कुछ देर बाद पेट में दर्द हो महसूस हो रहा हो। या फिर सीने और पेट के ज्वाइंट पर जलन के साथ दर्द हो रहा हो, देर रात भी अचानक से दर्द उभर आ रहा है, तो ये अल्सर का संकेत हो सकता है।

7. ब्लैडर के पथरी
सीधे बैठने में परेशानी हो रही हो। पेट के ऊपरी दाएं भाग या छाती की हड्डी के नीचे दर्द उठ रहा है, तो ये संकेत गॉल ब्लैडर के पथरी का हो सकता है।

सोमवार, 27 फ़रवरी 2017

यदि सर दर्द और माइग्रेन से पाना चाहते है निजात, तो आजमाए ये बेहद आसान और सस्ता इलाज !

यदि सर दर्द और माइग्रेन से पाना चाहते है निजात, तो आजमाए ये बेहद आसान और सस्ता इलाज !


आज कल के व्यस्तता भरे जीवन में सर दर्द या माइग्रेन होना बहुत आम सी बात है . ऐसे में गाय का घी सर दर्द और माइग्रेन की सबसे अच्छी और सस्ती दवा है. जी हां इसमें सबसे पहले घी को हल्का गरम करे और फिर इसकी एक एक बूँद रात को नाक में डाल कर सो जाये. इससे हर प्रकार का सर दर्द ठीक हो जायेगा और इसके इलावा यदि गाय का घी आप नाक में डालेंगे तो इससे आपकी कई बीमारियाँ भी ठीक हो जाएगी. अब जैसे कि यदि आपको रात में नींद नहीं आती और आप पूरी रात बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं, तो इस स्थिति में गाय का घी इस्तेमाल करने से आपको बहुत अच्छी नींद आएगी .

वैसे कई लोग ऐसे भी हैं,जो रात को सोते समय नाक से संगीत निकालते हैं और तब इतना जोरदार संगीत निकलता है,कि उनके आस पास के पड़ोसी तक सो नहीं पाते. तो उन सभी लोगों के लिए गाय का घी ही सबसे अच्छी दवा है. साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि इसे इस्तेमाल करने के लिए ड्रॉपर को प्रयोग में जरूर लाये . वैसे आपको बता दे कि गाय का घी और भी कई चीज़ों में लाभकारी सिद्ध होता है. जैसे कि इससे साइनस, साइनो साइट्स आदि बीमारियों से निजात मिलता है. अब यदि किसी को भी साइनस की तकलीफ हो और ये तकलीफ भले ही कितनी भी पुरानी क्यों न है, फिर भी गाय के घी का इस्तेमाल करने से आपको यक़ीनन इससे छुटकारा मिल जायेगा. साथ ही यह फिस्नो फिलिया जैसी बीमारी को ठीक करने के भी काम आता है.

गौरतलब है, कि कई बार नाक में हड्डी बढ़ जाती है और मांस भी बढ़ जाता है, तो ऐसे में घी का इस्तेमाल करने से यह ठीक हो जाता है . वैसे ऐसे भी बहुत से लोग है, जिनको बहुत ज्यादा छीकें आती हैं. वे हर समय छींकते हैं और उनकी नाक से पानी तक आता है. इसके इलावा कई बार जब नाक बंद हो जाती है, तो ऐसे में हम मुंह से सांस लेते हैं. यदि इस स्थिति में आप गाय के घी का इस्तेमाल करेगे तो एक ही बार में आपकी नाक खुल जाएगी.

आपको बता दे कि एक बहुत गंभीर बीमारी ब्रेन स्ट्रोक जिसमे गाय का घी बहुत फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि घी के जरा से इस्तेमाल से ही आप इस बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते है . दरअसल जब हमें पैरालिसिस होता है, तब हमारे ब्रेन के किसी हिस्से में ब्लड जमा हो जाता है और इस क्लॉट को निकालने की ताकत भी गाय के घी में होती है. इसमें आप उस व्यक्ति के नाक में एक एक बून्द करके घी डालिये और साथ ही उन्हें ये भी हिदायत दे कि घी डालने के बाद वे उसको थोडा सा अंदर खींचे क्योंकि तभी घी अपना असली असर दिखा पायेगा . इससे गाय का घी ब्रेन के हर उस पार्ट में पहुँच जाता है,जहा मैडिसिन भी नहीं पहुँच सकती 

ये वाकई में बहुत असरदार है और साथ ही ढेर सारी बीमारियों को दूर करने में भी सहायक है. वैसे हम आपको इसके बारे में एक रोचक बात और बताना चाहते है और वो ये कि गाय का घी जितना पुराना होता है,यह उतना ही अच्छा होता है. इसलिए थोडा थोडा घी बना कर हमेशा शीशी में रखते जाईये क्योंकि यह जितना पुराना होता जाएगा, इसकी क्वालिटी उतनी ही बढती जाएगी और एक समय ऐसा भी आता है, जब ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में भी हमारे लिए बेहद सहायक सिद्ध होता है .