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बुधवार, 20 दिसंबर 2017

30 की उम्र के बाद महिलाओं को होती हैं ये बीमारियां, इन संकेतों को जरुर पहचाने नहीं तो हो सकते हैं ये नुकसान

30 की उम्र के बाद महिलाओं को होती हैं ये बीमारियां, इन संकेतों को जरुर पहचाने नहीं तो हो सकते हैं ये नुकसान


ऐसा देखा जाता है कि 20 से 30 की उम्र में इंसान का शरीर बहुत ज्यादा शक्तिशाली होता है. ये उम्र का एक ऐसा पड़ाव होता है जब महिला या पुरुष किसी भी काम को आसानी से करने में सक्षम होते हैं, लेकिन 30 की उम्र के बाद हमारे शरीर में ऐसे बहुत से बदलाव आने लगते हैं, जिनकी वजह से हम कमजोर होने लगते हैं और हमें बहुत सी तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं.


कहा जाता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा जल्दी बीमार पड़ती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिलाओं को 30 की उम्र के बाद होती हैं और अगर समय रहते इन बीमारियों का इलाज ना करवाया जाए तो आपकी मौत भी हो सकती हैं.

स्तन कैंसर
अकसर ये देखा जाता है कि 30 की उम्र के बाद महिलाओं के स्तन में गाठे बनने लग जाती हैं और इसी उम्र में स्तन कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है. यदि इस उम्र में किसी महिला के स्तनों में अचानक दर्द हो तो उनको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

थाइरोइड
हमारी बॉडी एक हार्मोन भेजती हैं, जो इंसान के गले से निकलता है. जिसकी वजह से थाइरोइड होने का खतरा बहुत कम होता है, लेकिन यदि आप ढंग का आहार लेना बंद कर देते हैं, तो हमारे शरीर में बननें वाले हार्मोन नहीं बन पाते. इसलिए 30 की उम्र के बाद थाइरोइड की बीमारी का होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है. ये बीमारी जिस भी इंसान को होती हैं वो चिड़चिड़ा हो जाता है.
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पीसीओडी
पीसीओडी जिसका मतलब होता है पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम. इसकी वजह से ही स्त्रियों में अंडे को जन्म देने और गर्भधारण के लिए गर्भाशय को तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती हैं. आपको शायद ये बात न पता हो कि ये दिक्कत हर देश में प्रजनन उम्र वाली 10% स्त्रियों  में पाई जाती हैं.

एंड्रोमेट्रियॉसिस
इस बीमारी की वजह से स्त्रियों के गर्भाशय की बाहर वाली परत बनाने वाला उत्तक असामान्य तरह से बढ़कर शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे फेलोपियन ट्यूब, अंडाशय तक फैल जाता है. जिसकी वजह से मासिक धर्म के समय ये टिश्यू नष्ट हो जाते हैं और महिलाओं के अंदर घाव हो जाते हैं.

सोमवार, 20 नवंबर 2017

पुरुषों में भी हो सकता है ब्रैस्ट कैंसर, जा सकती है जान

पुरुषों में भी हो सकता है ब्रैस्ट कैंसर, जा सकती है जान


आपने सुना होगा कि स्तन कैंसर जैसी समस्या महिलाओं में ही देखी जाती है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि स्तन कैंसर महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी हो सकता है. इसीलिए आपको बता दें कि पुरुषों को भी स्तन कैंसर जैसी समस्या के लिए हमेशा सतर्क रहना चाहिए. आइये जानते हैं पुरुषों के स्तन कैंसर के बारें में…

स्तन कैंसर के लक्षण

1. स्तन में गाँठ सबसे महत्वपूर्ण संकेत है
2. स्तन या निप्पल के चारों ओर की त्वचा पर गड्ढे पड़ना या उसका बदलना
3. निप्पल में दर्द और डिस्चार्ज होना, निप्पल के चारों तरफ ज़ख्म होना.
4. अपवादस्वरूप मामलों में जैसे की मर्दों में स्तन-वृद्धि को "गाइनेकोमास्टिया" कहते हैं, इससे स्तन कैंसर का खतरा बढ़ता है
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कैंसर रोकने के उपाय

 1- ये स्तन कैंसर, हृदय रोग और कई सारे बीमारियों को बढ़ावा देता है। स्वस्थ रहने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अपने बॉडी मास इंडेक्स को कम करें।

2- शारीरिक गतिविधियां आपको एक स्वस्थ वजन प्रदान करने में मदद करती हैं, जिससे स्तन कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी।
3- इसमें उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले आहार नहीं लेने चाहिए, जैसे सफेद आटा, सफेद चावल, आलू, चीनी, वगैरह को कम करें, क्योंकि ये खाद्य शरीर में हार्मोन संबंधी बदलाव लाते हैं, जो स्तन उत्तक में कोशिका वृद्धि का कारण बनते हैं। इसकी बजाय, मोटा अनाज, ज्यादा फाइबर और लिग्निन सामग्री वाले खाद्य लें।

4- व्यक्ति को शराब का सेवन और धूम्रपान परहेज रखना चाहिए. कैसा भी अल्कोहल हो, अक्सर इनका सेवन ज्यादा होता है, जो मुसीबत की जड़ है.

5- अपने शरीर की देखभाल करें हैं, अगर स्क्रीनिंग टेस्ट में स्तन कैंसर की बात आती है, तो इसकी पुष्टि के लिए कई सारी जांचें हैं और इलाज की व्यवस्था भी है।हमेशा नियमित चेकअप की सलाह दी जाती है।

गुरुवार, 19 अक्तूबर 2017

जानिए ये हैं ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण, समय पर जांच बचाएगी आपकी जान

जानिए ये हैं ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण, समय पर जांच बचाएगी आपकी जान


कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। साल दर साल इसके मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ICMR के आंकड़ों के अनुसार देश में 2020 तक कैंसर के 17.3 लाख नए मामले सामने आने की आशंका है। इनमें भी स्तन,फेफड़े और सर्विक्स कैंसर के मामले टॉप पर रहेंगे।


रिपोर्ट के अनुसार 2016 में सबसे ज्यादा मरीज स्तन कैंसर के थे। इनकी संख्या तकरीबन 1.5 लाख थी। कैंसर के बारे में एक सकारात्मक तथ्य यह है कि यदि समय रहते बीमारी का पता चल जाए तो इसका उपचार भी किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ स्तन कैंसर के साथ भी है।

हमारे सामने आम महिलाओं के अलावा कुछ सेलिब्रिटीज के उदाहरण भी सामने हैं जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ जंग जीतकर एक नई जिंदगी शुरू की है। हालांकि बावजूद इसके महिलाओं में इस बीमारी को लेकर जागरूकता का स्तर बेहद कम है।

तो फिर देर किस बात की है। आइए जानते हैं पूरी बात। इसी बहाने आप लोगों की भी मदद हो जाएगी।

लक्षण 1

स्तन कैंसर का सबसे आम लक्षण स्तन पर गांठ आदि का बनना होता है। दर्दरहित, कठोर और बेढंगी सी गाठ कैंसर का संकेत होती है। कुछ मामलों में यह गांठ दर्दनाक, सॉफ्ट और गोलाकार भी हो सकती है।

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लक्षण 2

यदि स्तन पर कोई नई गांठ न हो लेकिन स्तन पर या इसके किसी हिस्से पर सूजन आ रही हो तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

लक्षण 3

यदि त्वचा पर इर्रिटेशन हो रहा हो या स्तन पर कुछ निशान बन रहे हो तो यह भी स्तन कैंसर की निशानी हो सकती है।


लक्षण 4

यदि आपको निपल या स्तन के किसी भाग में दर्द हो रहा है तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसकी जांच करा लेना ही बेहतर होता है।

लक्षण 5

'निपल रिट्रैक्शन' एक स्थिति होती है, जिसमें निपल का कोना बाहर निकलने की बजाए अंदर धंस जाता है। ऐसी स्थिति में भी कैंसर की आशंका बनी रहती है।

लक्षण 6

स्तन या निपल की त्वचा लाल या मोटी हो रही हो या उसकी परत निकल रही हो तो इस पर नजर रखें। साथ ही समस्या बनी रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

लक्षण 7

स्तन से दूध का निकलना तो आम बात है। मगर निपल से किसी और तरह का भी डिस्चार्ज हो रहा है तो इसे गंभीरता से लें।
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लक्षण 8 

स्तन कैंसर के मामले में गांठ या उभार हमेशा स्तन पर ही नहीं होता है। कभी-कभी स्तन से पहले गठान बांहों के नीचे या कॉलर बोन के आस-पास भी हो सकती है। 

लक्षण 9

स्तन कैंसर के कुछ मामलों में स्तन पर एग्जिमा की तरह लाल चकते भी पड़ जाते हैं। ऐसा Paget's disease नाम के रेयर कैंसर में होता है।
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जांच जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक इन लक्षणों पर तो नजर रखी ही जानी चाहिए। नियमित रूप से मैमोग्राफी और अन्य स्क्रीनिंग टेस्ट्स कराना भी बेहद आवश्यक होता है।

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

कैंसर के बड़े लक्षण और उपचार

कैंसर के बड़े लक्षण और उपचार


कैंसर एक बड़ी बीमारी है और इस के लक्षण को शुरूआती स्टेज में पकड़ना जरुरी है अगर कैंसर के लक्षण यह लक्षण को पकड़ लिया लिया जाये तो इलाज संभव है. कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी को हो जाए तो उसकी जान भी ले सकती है। कैंसर बहुत से प्रकार के होते है और हर कैंसर के अलग अलग लक्षण दिखाई देते है, इसलिए समय रहते अगर लक्षण को पहचान कर उसका इलाज कराया जाए तो कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। निचे आपको इंसान में पाए जाने वाले कैंसर और उसके लक्ष्ण को बताया गया है।

कैंसर के लक्षण 

पूरी दुनिया में काफी लोग कैंसर से पीड़ित है और साइंटिस्ट इसके ऊपर रिसर्च कर रहे है ताकि परमानेंट इलाज खोजा जा सके. वैसे अगर कैंसर के लक्षण को सुरुवाती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो इसका ट्रीटमेंट उपलब्ध है. आइये जानते है कौन से 10 बड़े कैंसर है और उनका लक्षण विस्तार में :

मुंह का कैंसर / Mouth Cancer
माउथ कैंसर को ओरल कैंसर(oral cancer) भी कहा जाता है। ये बीमारी आमतौर पर उन लोगो में पाई जाती है जो लोग जरुरत से ज्यादा गुटका खाते है या फिर ज्यादा सिगरेट पीते है। इस बीमारी के लक्षण कुछ इस प्रकार नजर आते है:-
  • माउथ कैंसर में सबसे पहले मुंह में छाले हो जाते है साथ ही साथ मुंह के अन्दर पूरा सुजन भी हो जाता है जो की आम छाला या सुजन की तरह जल्दी ठीक नहीं होता।
  • मुंह के भीतरी हिस्से में जहाँ तहां छोटे छोटे गांठ बनने लगते है ।
  • थूक घोटने में या फिर खाना,पानी निगलने समय गले में बहुत तकलीफ होता है।

फेफड़े में कैंसर / Lung Cancer
आमतौर पर ये बीमारी उनमें पाई जाती है जो लोग ज्यादा ध्रूमपान करते है या फिर ज्यादा से ज्यादा धूल व प्रदुषण से प्रभावित होते है ।
lung cancer का लक्षण है :-
  • lung cancer के मरीज में जब फेफड़ों में ट्यूमर फैलने लगती है तो मरीज को ह्रदय में अक्सर दर्द होता है साथ ही उसे सांस लेने में भी तकलीफ होती है जिसके वजह से उसे घुटन महसूस होने लगती है जो की lung cancer का लक्षण है।
  • अगर खांसने समय मुंह से खून निकले से ये भी lung cancer का ही लक्षण होता है ।

स्तन कैंसर / Breast Cancer
आमतौर पर ये कैंसर महिलाओं में पाई जाती है जो की सही समय पर ना पता चले तो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है । इसके लक्षण है :
  • स्तन(breast) में दर्द व सुजन का होना।
  • स्तन में गांठ का हो जाना ।
  • स्तन में किसी भी तरह का परिवर्तन होना या फिर निप्पल से खून आना भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है ।

हड्डियों में कैंसर / Bone Cancer
हड्डियों में कैंसर का होना भी बहुत खरतनाक साबित हो सकता है इसलिए हड्डियों से जुड़ी कोई भी समस्या हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे। bone cancer को पहचानने का तरीका है:-
  • अक्सर पीठ व कंधो के हड्डियों में दर्द रहना bone cancer का लक्षण हो सकता है ।
  • bone cancer में कांधे में ट्यूमर हो जाने की वजह से मरीज को अक्सर पीठ में दर्द की वजह से बुखार व पसीना आ जाता है।

स्किन कैंसर / Skin Cancer
skin cancer किसी को भी हो सकता है। ज्यादातर ये बीमारी उन लोगों को होने की संभावना होती है जो लोग धुप में ज्यादा रहते है। skin cancer तीन तरह के होते है पहला बेसल सेल कार्सिनोमा(BCC), स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा(SCC) और तीसरा मेलानोमा। skin cancer के लक्षण होते है :-
  • skin पर छोटे छोटे गांठ का पर जाना साथ ही लाल रंग के धब्बे का होना।
  • skin का रंग बदलना और बहुत खुजली होना।
  • skin पर अनावश्यक मस्से का निकलना आदि skin कैंसर के लक्षण होते है।

ब्लड कैंसर / Blood Cancer
Blood कैंसर तीन प्रकार के होते है पहला लयूकेमिया(leukemia), दूसरा लिंफोमा(lymphoma), और तीसरा मायलोमा (myeloma)। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार दिखाई देते है :-
  • एनीमिया(anemia) का होना, कमजोरी लगना, ज्यादा थकान महसुस होना।
  • सीने में दर्द का होना, सांस लेने में तकलीफ होना ।
  • किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन होने पर जल्दी ठीक न होना ।
  • lymph नोदेस में सुजन का हो जाना आदि blood कैंसर के लक्षण होते है ।

पेट में कैंसर / Stomach Cancer
पेट में cancer ज्यादातर 50 से 60 उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है । ये कैंसर ज्यादातर उनलोगों में पाई जाती है जो लोग कम उम्र से ही ज्यादा शराब व सिगरेट का सेवन करते है । इसके लक्षण है :-
  • पेट में हमेशा दर्द रहना ।
  • कमजोरी व बहुत जल्दी थकान लगना।
  • एनीमिया का सिकायत होना ।
  • तेजी से वजन कम होना आदि ।
दिमाग में कैंसर / Brain Cancer
इसके मरीज को दिमाद में ट्यूमर हो जाता हो जो की धीरे धीरे बढ़ते जाता है। परिवार में एक भी सदस्य को अगर brain ट्यूमर है तो वो आपको भी हो सकता है। brain ट्यूमर को पहचानने का इसका लक्षण है :-
  • हमेशा सर में दर्द व उल्टी होना ।
  • बार बार चक्कर आना ।
  • धुंधला दिखना ।
  • दिमाग में गांठ होना साथ ही यादास्त कमजोर होना आदि ।

लीवर कैंसर / Liver Cancer
liver में कैंसर के लक्षण होते है :-
  • कफ़ (cough) होने पर जल्दी ठीक न होना ।
  • सीने में हमेशा दर्द रहना ।
  • किसी भी काम को करने में जल्दी थकना और कमजोरी लगना।

गर्भाशय कैंसर / Uterus Cancer
प्रेगनेंसी के दवरान गर्भाशय(uterus) में किसी भी तरह का घाव हो जाने से अगर वो जल्दी ठीक ना हो रहा हो तो कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादातर ये समस्या 40 से 45 उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है। पैरों व कमर में अक्सर दर्द रहना इसके लक्षण माने जाते हैं।

बुधवार, 16 नवंबर 2016

अदरक में छुपा है कैंसर का इलाज, जरुर पढ़ें यह जानकारी

अदरक में छुपा है कैंसर का इलाज, जरुर पढ़ें यह जानकारी


खाने का स्वाद बढ़ाने वाला या फिर सर्दी-जुकाम और गले में दर्द से राहत दिलाने वाला अदरक। इन सभी के अलावा चेहरे की झुर्रियों से निजात दिलाकर कसाव लाने वाला अदरक। अदरक के ऐसे ही कई फायदे हैं जो हमारे घरेलू और आयुर्वेदि‍क नुस्खों के रूप में जीवन का अभि‍न्न अंग है। लेकिन हाल ही में अदरक के एक और गुण के बारे में पता चला है, जो आपके लिए बेहद फादेमंद हो सकता है।  


कैंसर कोशि‍काओं पर अदरक के प्रभाव को देखने के लिए किए गए शोध में यह पाया गया है, कि इसमें कैंसर रोधी गुण मौजूद हैं, जो खास तौर से महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर और गर्भाशय के कैंसर से बचाने में कारगर साबित होते हैं। यह शरीर में कैंसर पैदा करने वाली कोशि‍काओं को ब्लॉक करता है और कैंसर को फैलने से रोकता है। 

इस शोध में शोधकर्ताओं द्वारा इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि कैंसर के इलाज के तौर पर अपनाई जाने वाली कीमो थैरेपी, मरीज को राहत पहुंचाने के बजाए उसके पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। वहीं कैंसर की दवा के रूप में अदरक केवल कैंसर जनित अंगों या कोशि‍काओं को ही प्रभावित करता है और मरीज के पूरे शरीर को राहत पहुंचाता है।  

इस शोध के परिणाम बताते हैं कि प्रतिदिन अपनी डाइट में किसी भी तरह से अदरक को शामिल कर हम कैंसर को जड़ से समाप्त कर सकते हैं। स्तन कैंसर के मामले में अदरक का सेवन ट्यूमर को बढ़ने से रोकता है और कैंसर बनने की संभावनाओं को कम करता है।  

शोधकर्ताओं के अनुसार अदरक में पाया जाने वाला कैंसर रोधी तत्व क्षतिग्रस्त कोशि‍काओं को भी पुन: संरक्षि‍त करने में सक्षम रहा, वह भी कीमो से 10 हजार गुना बेहतर और मजबूत तरीके से।  

हालांकि‍ कैंसर कोशि‍का पर किए गए इस शोध के बाद शोधकर्ताओं का मानना है कि, असल में मानव कोशि‍का पर यह कितना प्रभावकारी सिद्ध होगा यह देखने वाल बात होगी। फिलहाल यह तो तय है, कि अदरक में कैंसर को खत्म करने और उससे बचने के बेहतरीन गुण मौजूद हैं।  

मंगलवार, 16 अगस्त 2016

जानें गोभी के क्या हैं फायदे, ऐसे करेंगे इस्तेमाल तो रहेंगी निरोगी

जानें गोभी के क्या हैं फायदे, ऐसे करेंगे इस्तेमाल तो रहेंगी निरोगी


आपने ऐसे तो कई तरह की गोभियों के बारे में सुना होगा। बाजार में इस समय गोभी की कई तरह की किस्म उपलब्ध हैं। इसी तरह खट्टी गोभी सामन्य गोभी की ही एक किस्म है। इसको लैक्टिक ऐसिड के प्रयोग से उगाया जाता है। इसमें सामान्य गोभी की तुलना में अधिक पौष्टिकता होती है जो आपको फिट और निरोग रखने में मदद करती है।

जानें क्या होती है खट्टी गोभी :

खट्टी गोभी एक प्रकार की गोभी होती है इसे लैक्टिक ऐसिड के प्रयोग से उगाया जाता है। इसमें सामान्य गोभी की तुलना में अधिक पौष्टिकता होती है जो आपको फिट और निरोग रखने में मदद करती है। इसमें विटामिन बी, ए, सी और के के साथ फाइबर भी होता है। यह एशिया, यूरोप और अमेरिका में उगाई जाती है। इसका प्रयोग कई तरह से किया जाता है, हॉट डॉग और नूडल्स बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है। सलाद के अलावा इसका प्रयोग स्नैक्स के रूप में भी किया जा सकता है। हालांकि अगर इसे बिना किसी फ्लेवर के आपको दिया जाये तो आपको यह पसंद नहीं आयेगा, लेकिन फ्लेवर मिलाने के बाद यह बहुत स्वादिष्ट हो जाती है।

इन बीमारियों में लाभदायक है :

कैंसर एक तरह की जानलेवा बीमारी है। इससे बचाने में खानपान की भूमिका बहुत अहम होती है। खट्टी गोभी में एक कंपाउंड पाया जाता है जिसे इसोथियोसियानिटिस कहते हैं। यह कंपाउंड कैंसर के लिए जिम्मेदार कोशिकाओं का खत्म कर देता है। यानी इसके सेवन से लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर से बचा जा सकता है।

हार्ट की परेशानियों में कारगर :

दिल के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीरशियम, फ्लेवनॉयड्स होता है जो दिल की बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला फाइबर रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम रहता है। यानी इसके सेवन से कार्डियोवस्कुलर बीमारियों के होने का खतरा न के बराबर रहता है। तो दिल को स्वस्थ रखने के लिए खट्टी गोभी का सेवन करें।

गर्भावस्थ बच्चे के लिए लाभकारी :

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खानपान में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। क्योंकि वो जो भी खाती हैं उसका सीधा असर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। ऐसे में खट्टी गोभी गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसमें फोलेट के साथ-साथ जरूरी विटामिन होता है, जिसका सेवन मां और भ्रूण दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी आहार से आयरन को अवशोषित करता है और इससे दिमाग मजबूत होता है।

पाचन तंत्र को गोभी बनाती है मजबूत :

खानपान से ही पेट की समस्यायें होती हैं और फिर दूसरी बीमारियां अपने-आप होने लगती हैं। इसलिए ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिससे पाचन तंत्र मजबूत रहे। खट्टी गोभी में लैक्टिक एसिड के कारण प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो पेट को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके साथ इसमें पाया जाने वाला फाइबर पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है। दूसरे फायदे
इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी दिमाग को मजबूत बनाता है। यह ब्लड शुगर के स्तर को भी सामान्य रखता है जिससे डायबिटीज होने की संभावना कम होती है। इसमें विटामिन के भी होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसमें आयरन होता है जो रक्त संचार को बढ़ाता है और शरीर को ऊर्जावान रखता है। यह एनीमिया के खतरे को भी कम करता है। इसमें पाये जाने वाले विटामिन और मिनरल के कारण इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है और बीमारियों के होने की संभावना कम रहती है।

खूबसूरती में चार चांद लगाती है गोभी :

इसके सेवन से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और त्वचा की समस्यायें भी नहीं होती हैं। इसमें सल्फर होता है जो एक्ने की समस्या को दूर रखता है। त्वचा में बेदाग निखार लाने के लिए इसका सेवन करें, क्योंकि इसमें प्रोबॉयोटिक्स होता है। इसमें विटामिन ए होता है जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए इसमें लचीलापन होना बहुत जरूरी है। खट्टी गोभी में पाये जाने वाले मिनरल से त्वचा की इलास्टिसिटी बढ़ती है। तो स्वस्थ और सुंदर दिखने के लिए इसका सेवन करें।

रविवार, 31 जुलाई 2016

स्तन कैंसर का घरेलू उपचार

स्तन कैंसर का घरेलू उपचार

स्तन कैंसर (Breast cancer), सबसे आम कैंसर में से एक है। स्तन कैंसर एक कांप्लेक्स बीमारी (Complex disease) है जिसके होने के लिए कई फैक्टर, जैसे आनुवांशिक (Heredity), खान-पान और जीवन शैली जिम्मेदार होते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में स्तन कैंसर से पीड़ित रोगियों की संख्या और भी तेजी से बढ़गी। हालांकि जीवन शैली में बदलाव करके स्तन कैंसर से काफी हद तक बचा जा सकता है।
जानिए स्तन कैंसर से बचाव के घरेलू उपचार (Home Remedies for Breast Cancer):

1. ग्रीन टी (Green tea)- एक गिलास पानी में हर्बल ग्रीन टी को आधा होने तक उबालें और फिर उसे पीएं। यह फायदेमंद होती है और इससे स्तन कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है।

2. अंगूर और अनार का जूस (Grapes and pomegranate juice)- रोजाना अंगूर या अनार का जूस पीने से स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। इन दोनों फलों के जूस में कैंसर के सेल्स को मारने की क्षमता होती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

3. लहसुन (Garlic)- लहसुन में फ्लेवोन्स (flavons) और फ्लेवोनोल्स (flavonols) जैसे एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं। रोज लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावना को रोका जा सकता है।

4. हल्दी (Turmeric)- हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) नाम का तत्व होता है जो कि विभिन्न तरह के कैंसर को ठीक करने में सक्षम है। हल्दी के सेवन से कैंसर सेल बढ़ने की संभावना कम होती है तथा कैंसर ठीक होता है।

5. टमाटर (Tomato)- टमाटर खाने से भी महिलाएं स्तन कैंसर से बची रह सकती हैं। टमाटर में लायकोपीन (lycopene) होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और कैंसर को बढ़ने से रोकता है।

6. पालक (Spinach)- पालक में एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन (lutin) होता है जो कैंसर से बचाने में सहायक है। हफ्ते में दो से तीन बार पालक खाना चाहिए जिससे स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।

7. ब्रोकली (Broccoli)- ब्रोकली में कैंसर से लड़ने वाले तत्व, इंडोल-3-कार्बिनोल (indole-3-carbinol) होता है जो कि स्तन कैंसर के सेल्स की ग्रोथ को कम कर देते हैं। ब्रोकली के नियमित सेवन से कैंसर से बचा जा सकता है। ब्रोकली के साथ पत्ता गोभी और गोभी को मिलाकर खाना चाहिए।

8. अखरोट (Wallnut)- अखरोट में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो स्तन कैंसर की ग्रोथ को कम कर देते हैं इसलिए अखरोट का रोजाना सेवन करना चाहिए।

9. ब्लूबेरी (Blueberries)- ब्लूबेरी विटामिन और मिनरल से भरपूर होती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एलेजिक भी होते हैं जो स्तन कैंसर से बचाव करते हैं। ब्लूबैरी के साथ स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी भी बेहद फायदेमंद होती है।