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गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

अनार के छिलकों में होता है जादू सा असर, खाने से ठीक हो जाते हैं ये रोग

अनार के छिलकों में होता है जादू सा असर, खाने से ठीक हो जाते हैं ये रोग


अनार का हर एक छोटा दाना कई गुणों से भरपूर होता है। अनार सौ बीमारियों की एक दवा है। इसका रस अगर कपड़ों पर लग जाएं तो यह असानी नही छूटता। मगर अनार खाकर आप अपनी कई बिमारियों को दूर कर सकते हैं।अनार कई रोगों में गुणकारी है।

अनार पित्तनाशक, कृमि का नाश करने वाला, पेट रोगों के लिए हितकारी तथा घबराहट को दूर करने वाला होता है।- अनार स्वरतंत्र, फेफड़े, यकृत, दिल, आमाशय तथा आंतों के रोगों पर काफी लाभकारी है। अनार में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीवायरल और एंटी-ट्यूमर जैसे तत्व पाये जाते हैं। अनार विटामिन्स का एक अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन ए, सी और ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

अनार दिल के रोगों से लेकर पेट की गड़बड़ी और मधुमेह जैसे रोगों में फायदेमंद होता है। अनार का छिलका, छाल और पत्तियों को लेने से पेट दर्द में राहत मिलती है। पाचन तंत्र के सभी समस्याओं के निदान में अनार कारगर है।अनार में लोहा की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त में आयरन की कमी को पूरा करता है। सूखे अनार के छिलकों का चूर्ण दिन में 2-3 बार एक-एक चम्मच ताजा पानी के साथ लेने से बार-बार पेशाब आने की समस्या ठीक हो जाती है।

अनार की पत्तियों की चाय बनाकर पीने से पाचन संबंधी समस्याओं में भी बहुत आराम मिलता है। दस्त और कॉलरा जैसी बीमारियों में अनार का जूस पीने से राहत मिलती है। मधुमेह के रोगियों को अनार खाने की सलाह दी जाती है इससे कॉरोनरी रोगों का खतरा कम होता है।

अनार के छिलकों को पानी में उबालकर, उससे कुल्ला करने से सांस की बदबू समाप्त हो जाती है।अनार के छिलकों के चूर्ण का सुबह-शाम एक-एक चम्मच सेवन करने से बवासीर ठीक हो जाता है। खांसी में अनार के छिलके को मुंह में रखकर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू कर दें

शनिवार, 21 जनवरी 2017

अपेंडिक्स का आयुर्वेदिक इलाज, शेयर करें

अपेंडिक्स का आयुर्वेदिक इलाज, शेयर करें


अपेंडिक्स आँत का एक टुकड़ा होता है, इसके संक्रमण जिसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं, पेट दर्द पैदा करने वाला एक आम कारण है । अपेंडिक्से 10 से 30 साल की उम्र के लोगों में आम होता है । यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्या‍दा देखने को मिलता है ।

जब यह अवरोध कुछ दिनों तक लगातार बना रहता है तो अंततः संक्रमण होकर अपेंडिक्स के फटने की स्थिति आ जाती है । अपेन्डिक्स का फटना एक आपात स्थिति है । इसका सही समय पर इलाज बहुत जरुरी है । आज हम आपको बता रहे अपेंडिक्स के घरेलू इलाज जिनको अपना के आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं ।

• अदरक : अदरक दर्द और सूजन को दूर करने में सहायक है । रोजाना अदरक की चाय 2 से 3 बार पियें । अदरक की चाय बनाने के लिये 1 कप उबलते हुए पानी में 1 छोटा चम्मच घिसा अदरक डाल कर 10 मिनट उबालें । दूसरा तरीका है कि अपने पेडु को अदरक के तेल से दिन में कई बार मसाज करें ।

• लहसुन : रोजाना खाली पेट 2 से 3 कच्चीर लहसुन का सेवन करें । ये अपेंडिक्स में आराम देता हैं ।

• नीम्बू : एक नींबू निचोड़ कर उसमें कच्ची शहद मिलाइये । इस मिश्रण को दिन में कई बार लीजिये ।

• मेथी दाना : 1 कप पानी में 2 छोटे चम्मदच मेथी डाल कर पानी को उबालें । इसके बाद इस पानी को दिन में एक बार पियें । खाने में भी मेथी दाने का प्रयोग करें । इससे दर्द और सूजन दूर होती है ।

• तुलसी : इसके सेवन से आराम मिलता हैं और रोगी को बुखार आता है तो वो भी कम होता है ।

• पुदीना : यह अंदर की गैस, मतली और चक्कुर जैसे लक्षणों को दूर करता है । यह अपेंडिक्सी के दर्द को भी ठीक करता है । इसका सेवन करने के लिये पुदीने की चाय तैयार करें । 1 चम्मठच ताजी पुदीने की पत्तिलयों को 1 कप खौलते पानी में 10 मिनट तक उबालें । इसे छान कर इसमें कच्ची शहद मिलाएं । फिर इसे हफ्तेभर दो या तीन पर रोजाना पियें ।

• तरल चीजे : तरल पदार्थ से कब्ज दूर होता हैं और अपेंडिक्स की समस्या भी दूर होती हैं । फ्रूट जूस और पानी का सेवन करे 

• फाइबर वाले भोज्य : आपको हाई फाइबर वाले आहार जैसे, बींस, खीरा, टमाटर, चुकंदर, गाजर, ब्रॉक्ली, मटर, ब्राउन राइस, मुनक्कास, वीट जर्म, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अन्यी ताजे फल तथा सब्जि्यां खाने चाहिए जिससे आपेंदिक्स की समस्या दूर होती हैं ।

• दूध : उबला दूध पीने से आराम मिलता हैं लेकिन उबाल कर इसे ठंडा करले ।

• सेंधा नमक : लाल टमाटर में सेंधा नमक और अदरक मिलकर खाना खाने से पहले खाने पर आराम मिलता हैं ।

• पालक : इसका साग बनाकर खाने से इस समस्या में आराम मिलता हैं ।

• राई का सेवन : पेट के निचले भाग में दायीं ओर राई पीसकर लेप करने से दर्द दूर होता है । मगर ध्यान रहे कि एक घंटे से ज्यादा देर तक लेप लगा नहीं रहना चाहिए । वरना छाले भी पड़ सकते हैं ।

• चौलाई : चौलाई का साग लेकर पीस लें और उसका लेप करें । इससे शांति मिलेगी और पीड़ा दूर होगी ।

अपेंडिक्स की समस्या का समय रहते इलाज कराएँ और ध्यान रखे की यह मर्ज बढ़ने ना पायें नहीं तो समस्या अधिक हो सकती हैं ।