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रविवार, 22 अप्रैल 2018

भूलकर भी दुकान का इस दिशा में न बनवाएं प्रवेश द्वार, होगी हानि ही हानि

भूलकर भी दुकान का इस दिशा में न बनवाएं प्रवेश द्वार, होगी हानि ही हानि


बाजार में अलग-अलग चीज़ों की अलग-अलग दुकान देखने को मिलती है। सब दुकानों की अपनी एक अलग पहचान होती है, लेकिन इन दुकानों पर एक ही तरह का वास्तु नियम लागू होता है। जानिए ऐसे ही दुकान के वास्तु संबंधी कुछ बातों के बारें में...

बाजार में अलग-अलग चीज़ों की अलग-अलग दुकान देखने को मिलती है। सब दुकानों की अपनी एक अलग पहचान होती है, लेकिन इन दुकानों पर एक ही तरह का वास्तु नियम लागू होता है। जानिए ऐसे ही दुकान के वास्तु संबंधी कुछ बातों के बारें में...

प्रवेश द्वार
दुकान में प्रवेश द्वार ही वो जगह होती है जिस पर ग्राहक की सबसे पहली नजर पड़ती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान में प्रवेश द्वार के लिए पूर्व दिशा, उत्तर दिशा तथा ईशान कोण का चुनाव करना ठीक होता है। जबकि पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में दुकान का प्रवेश द्वार कभी भी नहीं बनवाना चाहिए। इससे व्यापार में परेशानी का सामना करना पड़ता है और आर्थिक स्थिति भी अधिक बेहतर नहीं हो पाती।

पूर्व और उत्तर दिशा में प्रवेश द्वार
वास्तु शास्त्र के अनुसार ये दोनों ही दिशाएं दुकान का प्रवेश द्वार बनवाने के लिए अच्छी मानी जाती हैं। दिशाओं में पूर्व व उत्तर दिशा को शुभ दिशाएं माना जाता है. यदि आपकी दुकान पूर्व मुखी है, यानि की आपकी दुकान का प्रवेश द्वार पूर्व दिशा में है तो यह आपके व्यवसाय के लिए बहुत ही अच्छा और लाभ देने वाला होता है। इसके अलावा यदि दुकान की उत्तर दिशा में प्रवेश द्वार हो तो इससे आपकी दुकान के धन-धान्य में बढ़ोतरी होगी और आपकी दुकान का और आपका नाम पूरे मार्केट में चमकेगा और आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

पश्चिम और दक्षिण दिशा में प्रवेश द्वार
प्रवेश द्वार के लिए इन दोनों में से किसी भी दिशा का चयन करना आपके और आपके बिजनेस के लिए अच्छा नहीं है। यदि आप पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार बनवाते हैं तो आपका बिजनेस हमेशा डामाडौल ही बना रहता है। कभी ठीक चलेगा तो कभी बिल्कुल खराब, कभी मंदी रहेगी तो कभी तेजी. इसके अलावा यदि आप दक्षिण दिशा का चुनाव करते हैं तो यह आपके बिजनेस के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। आपका बिजनेस बिल्कुल चींटी की तरह रेंग-रेंग कर आगे बढ़ेगा और आपको पैसों की तंगी बनी रहेगी।

इस दिशा में बैठना होगा शुभ
जब आप अपनी दुकान खोलने के लिए जाएं तो सबसे पहले अपने जूते चप्पल मुख्य द्वार से बाहर थोड़ा साइड में उतार दें और दुकान के अंदर प्रवेश करते समय फर्श को छूते हुए सबसे पहले दुकान में अपना दायां पैर रखें। इससे दुकान में बढ़ोतरी होती है और आपका मन भी प्रसन्न रहता है। इसके अलावा दुकानदार के बैठने की दिशा से भी बिजनेस पर प्रभाव पड़ता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकानदार को उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके बैठना चाहिये। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। इसलिए अगर आप इस दिशा में मुंह करके बैठते हैं तो आपके ऊपर कुबेर देवता की कृपा बनी रहेगी और आपको धन की कभी कमी नहीं होगी।

रविवार, 1 अप्रैल 2018

घर में जरुर रखें फिश एक्वेरियम, होती है सौभाग्यशाली

घर में जरुर रखें फिश एक्वेरियम, होती है सौभाग्यशाली

 


वास्तु-फेंगशुई : सौभाग्यशाली फिश एक्वेरियम
वास्तु-फेंगशुई के अनुसार घर में फिश एक्वेरियम रखने से सुख-समृद्धि आती है। मछलियों के संबंध में यह भी प्रचलित है कि उन्हें अठखेलियां करते हुए देखने से जहां मानसिक शांति मिलती है, वहीं फेंगशुई शास्त्र कहता है कि मछली धन को आकर्षित करती है और किसी भी आपदा को अपने ऊपर ले लेती है।

अत: घर में एक्वेरियम रखते समय ध्यान रखने योग्य बात यह है कि अपने घर में एक छोटे से एक्वेरियम में सुनहरी मछलियां पालना सौभाग्यवर्धक होता है। फेंगशुई में मछली को सफलता व व्यवसाय में बढ़ोतरी का प्रतीक माना जाता है। अत: इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि एक्वेरियम में 8 मछलियां सुनहरी और एक काले रंग की ही होनी चाहिए। अगर कोई मछली मर जाती है तो माना जाता है कि घर के परिवार के किसी सदस्य पर आने वाली कोई मुसीबत वह अपने साथ ले गई।  

एक्वेरियम के संबंध में खास बातें :- 

* एक्वेरियम को रखते समय यह बात हमेशा ध्यान में रखें कि एक्वेरियम को कभी भी मुख्य द्वार के समीप नहीं रखना चाहिए। 

* उत्तर-पूर्व क्षेत्र में एक्वेरियम रखना बहुत शुभ रहता है। यह जगह धन और संपदा तथा समृद्धिदायक मानी गई है।


* यह जल तत्व का प्रतीक भी है। 

* यह आपके घर में समृद्धि, संपत्ति, सफलता और पारिवा‍रिक प्रेम भी में वृद्धि करता है।

* एक्वेरियम को वास्तुशास्त्र के अनुरूप तैयार किया जाना शुभ माना जाता है। ऐसा एक्वेरियम घर में रखने से जहां घर की अशांति दूर होती है, वहीं कोई भी दुर्घटना हो या किसी पारिवारिक सदस्यों पर कोई छोटी-बड़ी मुसीबत आने वाली तो तब भी एक्वेरियम की मछलियां वह आपदा अपने ऊपर ले लेती हैं और अपने परिवार के सदस्यों के जीवन को सुरक्षित रखने का कार्य करती हैं।

गुरुवार, 15 फ़रवरी 2018

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भूलकर भी इस दिशा में ना करें ये काम

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भूलकर भी इस दिशा में ना करें ये काम


घर में जाने-अनजाने कई ऐसे वास्तु दोष हो जाते हैं, जो कई बार पिता-पुत्र के रिश्ते में अनबन का कारण बनते हैं, तो आइये आज हम आपको उन वास्तु दोषों के बारे में बताते हैं, जो अगर आपके घर में भी हो, तो उसे तुरंत दूर कर लें, नहीं तो फिर कितनी भी वाणी पर संयम रखिएगा, लेकिन पिता-पुत्र में अनबन या घर में कलह जारी रहेगा।

उत्तर-पूर्वी कोने को रखें साफ 
वास्तु शास्त्र के मुताबिक पिता-पुत्र के बीच तनाव का सबसे बड़ा कारण घर के उत्तरी-पूर्वी कोने का दूषित होना है, इस दिशा में कोई भी वास्तु दोष होने से पिता-पुत्र के बीच झगड़े होते हैं, इसलिये घर के उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिये, इस दिशा में कूड़ा-करकट भी जमा ना होने दें।

इस दिशा में ना बनवाएं भंडार रुम 
वास्तु शास्त्र के मुताबिक यदि आपने अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में स्टोर रुम या फिर भंडार गृह बनवा रखा है, तो ये ठीक नहीं है, इस दिशा में भंडार घर बनवाने से वो दिशा तो दूषित होती ही है, साथ ही पिता-पुत्र के संबंधों में भी परेशानी आती है, दोनों के बीच आत्मविश्वास की भावना आती है।

किचन या शौचालय भी ना बनवाएं
भंडार घर के अलावा इस दिशा में रसोई घर या शौचालय भी ना बनवाएं, ऐसा करने से परिवार की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। घर में कोई ना कोई बीमार ही रहता है, आप परिवार के सदस्यों की सेहत से ही परेशान रहेंगे। इसलिये उत्तर-पूर्व दिशा में इन चीजों को भूलकर भी ना बनवाएं।

इलेक्ट्रॉनिक सामान ना रखें
वास्तु शास्त्र के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक यानी बिजली से जुड़े सामान या गर्मी उत्पन्न करने वाले उपकरणों को कभी भी घर के उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिये, इस स्थिति को जितना हो सके, अवॉयड करना चाहिये, नहीं तो ऐसा करने से पिता-पुत्र के संबंधों में खटास आती है, साथ ही दोनों एक-दूसरे की बात को खास तवज्जो नहीं देते हैं।

बेडरुम में रखें ध्यान 
अपने बेडरुम में कभी भी कांच या मिरर ऐसी जगह पर ना रखें, जहां से आपका बेड दिखता हो, इससे घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, साथ ही परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, इसलिये अगर आपने भी अपने बेडरुम में मिरर या आईना ऐसे लगा रखा है, तो उसे जल्दी ही ठीक कर लें।

ऐसे प्लॉट पर ना बनाएं घर 
यदि कोई प्लॉट उत्तर या दक्षिण में संकरा और पूर्व और पश्चिम में लंबा है, तो फिर ऐसे प्लॉट को सूर्यभेदी कहते हैं, ऐसे प्लॉट पर घर बनाने वाले परिवार में पिता-पुत्र के संबंध में अनबन हमेशा बनी रहती हैं, इसलिये घर बनाते समय इस बात का ध्यान रखें, या फिर वास्तु दोष मिटाने के लिये कोई उपाय करें।

इन आकृति को भी ना लगाएं 
ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा में टीले या पर्वत के समान आकृति के निर्माण से भी पिता-पुत्र के संबंधों में परेशानियां आती है, दोनों के बीच अविश्वास बना रहता है, अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में ऐसा ना हो, तो तुरंत इस दिशा से ऐसी आकृतियां हटा लें, घर का माहौल सुखमय होगा।

सही रखें ईशान कोण 
ईशान कोण के खंडित होने से भी पिता-पुत्र के बीच अविश्वास का माहौल रहता है, दोनों एक-दूसरे की परवाह नहीं करते हैं, इसलिये घर के उत्तर-पूर्वी दिशा को हमेशा ठीक रखना चाहिये, इससे ना सिर्फ घर का माहौल शांतिपूर्ण होगा, बल्कि घर में सुख-समृद्धि भी आएगी।

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

सावधान!  भूलकर भी द्वार पर कील न ठोंके और न ही लटकाए घड़ी और ये वस्तु, वर्ना

सावधान! भूलकर भी द्वार पर कील न ठोंके और न ही लटकाए घड़ी और ये वस्तु, वर्ना


संसार में करोड़ों की गिनती में लोग मौजूद है। सबका अपना अलग ही रहन-सहन है। व्यक्ति अपनी मर्जी और सूझ-बुझ से कार्य करता है लेकिन एक जगह है जहाँ आकर सबकी सोच एक सामान हो जाती है और वह है परिवार, सभी व्यक्ति चाहते है कि उसका परिवार सुख, सम्रद्ध और स्वस्थ रहे। इसके लिए वह हर संभव प्रयास करता है। इसी को आसान बनाने के लिए हम कुछ आसान से उपाय आपको बताते है.. 

फेंगशुई के अनुसार आप अपने घर के किसी भी द्वार पर कील न ठोके और न ही द्वार पर कपडे, घडी, या कलेंडर लटकाए। आप अपने घर के अन्दर मनीप्लांट का पौधा लगाये इससे घर में बरकत होती है। याद रखे की आपके घर में कोई सूखा पौधा न हो और यदि हो तो इसे तुरंत हटा दें। आप अपने घर की तिजोरी में लाफिंग गुड्डा रखें जिससे आप के घर से दरिद्रता दूर होगी। अगर आपके घर के मुख्य द्वार पर दर्पण लगा हो तो उसे तुरंत हटा दें। ये आपके घर की बरकत को रोकता है। 
इसकी जगह आप तांबे के तीन सिक्को को लाल धागे में बाँध कर दरवाजे के हेंडल में लटका सकते है। इससे आपके घर में लक्ष्मी जी का आगमन होता है। हमारे हिन्दू समाज में झाड़ू का बहुत महत्व है। इससे हमारे घर की दरिद्रता दूर होती है झाड़ू को कभी भी किचन में खुली जगह में या बैठक रूम में न रखे इसे हमेशा किसी सुरक्षित जगह पर छुपाकर रखे। इससे आप के घर में बरकत होती है। 

बुधवार, 3 जनवरी 2018

ग़लती से भी सुबह उठकर न देखें ये चीज़ें, घर आती है दरिद्रता और होता है भारी नुकसान

ग़लती से भी सुबह उठकर न देखें ये चीज़ें, घर आती है दरिद्रता और होता है भारी नुकसान


शास्त्रों में कहा गया है कि यदि आपके दिन की शुरुवात अच्छी हुई है तो पूरा दिन अच्छा बीतता है. लेकिन यदि सुबह उठकर किसी ग़लत चीज़ का दीदार हो जाए तो पूरा दिन ख़राब बीतता है. फिर यही लगने लगता है कि जितनी जल्दी ये दिन बीत जाए उतना ही अच्छा है. लोगों के जीवन में अनेकों ऐसी चीज़ें होती हैं जिन्हें वह अनदेखा कर देते हैं. वह इस बात से अनजान रहते हैं कि इन चीज़ों का असर किसी न किसी तरीके से उनके जीवन पर पड़ता है. वास्तु शास्त्र में कुछ उपाय ऐसे बताये गए हैं जिन्हें व्यक्ति अपना ले तो उसका दिन बेहतर बीत सकता है. आज हम उन्हीं उपायों के बारे में बात करेंगे. क्या हैं वह उपाय, आईये जानते हैं.

आईना न देखें
कुछ लोगों को सुबह उठते ही आईना देखने की आदत होती है. लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो सुबह उठकर आईना बिलकुल नहीं देखना चाहिए. जो व्यक्ति ऐसा करता है उसके साथ पूरे दिन नकरात्मक चीज़ें घटती हैं. उसका पूरा दिन ख़राब जाता है. इसलिए कोशिश करें कि सुबह उठने के फ़ौरन बाद आईना न देखें.
किसी का चेहरा न देखें
आईना के अलावा सुबह उठने पर किसी का चेहरा भी नहीं देखना चाहिए क्योंकि आपको पता नहीं होता कि कब किसका चेहरा आपके लिए अशुभ साबित हो जाए. इसलिए हमेशा अपने दिन की शुरुवात ईष्टदेव का ध्यान करके करना चाहिए. सुबह-सुबह उठकर भगवान का दर्शन करें. ऐसे करने पर आप में सकारात्मक उर्जा का संचार होगा और आपका दिन भी अच्छा बीतेगा.
नारियल, शंख, मोर, हंस, फूल की तस्वीर लगायें
कहते हैं कि सुबह उठने पर यदि आपको शंख या मंदिर की घंटी की आवाज़ सुनाई दे तो यह बहुत अच्छा माना जाता है. इनकी आवाज़ आपके अंदर सकरात्मक उर्जा का संचार करती है. इसलिए अपने सामने ऐसी तस्वीर लगानी चाहिए जो आप पर सकरात्मक प्रभाव डाले. अपने बेड के सामने नारियल, शंख, मोर हंस या फूल की तस्वीर लगायें.

पशु या गांव का नाम न लें
कहते हैं कि यदि आपने सुबह के वक़्त नाश्ता करने से पहले किसी पशु या गांव का नाम ले लिया तो आपका पूरा दिन अच्छा नहीं जाएगा. वास्तु के मुताबिक सुबह उठने के बाद सबसे पहले अपने हाथों को देखना शुभ होता है. कुछ लोग तो अपने दिन की शुरुवात ऐसे ही करते हैं. यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा होता है. सुबह उठकर सबसे पहले अपने हाथों को जोड़कर उन्हें देखते हुए स्मरण मंत्र बोलें. इसके बाद हाथ खोल लें और अपनी हथेलियों पर ध्यान लगायें. सुबह-सुबह हथेली देखने से आपके आस-पास की सभी सकरात्मक उर्जा हथेलियों के द्वारा आप में प्रवेश कर जायेगी जिससे आपका पूरा दिन अच्छा बीतेगा.

तो ये थी कुछ महत्वपूर्ण बातें जिन्हें व्यक्ति अगर सुबह-सुबह कर ले तो वह अपने दिन को बेहतर बना सकता है. इन बातों का एक बार पालन कर के देखें, फर्क अवश्य दिखेगा.

शनिवार, 23 दिसंबर 2017

यह फेंगशुई टिप्स अपनाने से आपको मिलेगा नाम, दौलत और रूतबा

यह फेंगशुई टिप्स अपनाने से आपको मिलेगा नाम, दौलत और रूतबा


यदि आपके घर-परिवार में खुशहाली नहीं हैं और आपका भाग्य जैसे आपसे रूठ गया हो तथा सम्पत्ति व आय बढ़ाने के आपके हर उपाय व्यर्थ हो रहे हों इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे तो, आप भी फेंगशुई के आसान टिप्स अपना सकते हैं।इसे अपनाने से आप जिन चीजों की कामना रखते हैं उन्हें आसानी से पा सकते हैं। आज आपको बताते हैं ऐसे फेंगशुई टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में गुडलक को कायम रख सकते हैं।

- लाफिंग बुद्धा: जिस घर में लाफिंग बुद्धा की मूर्ति होती है, वहां कभी भी पैसे की कमी नहीं होती है,लाफिंग बुद्धा का पेट हमेशा पैसे और खुशियों से भरा रहता है, ऐसा कहा जाता है इसलिए अगर पैसा पाना है तो अपने घर में लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को जरूर रखें।
- विंड चाइम: विंड चाइम की खनखती आवाज ना केवल आपके घर में खुशियां लाती है बल्कि आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है इसलिए अपने घर में विंड चाइम को तुंरत लगाइये।

- क्रिस्टल बॉल: यह शिक्षा और नौकरी के लिए शुभ होता है।

- कछुआ: कछुआ फेंगशुई में काफी लकी माना जाता है, इसका होना ही आपकी लाइफ में खुशियां लेकर आता है।
  - लकी बैंबू: कहा जाता है कि बैंबू प्लांट जहां रहता है वहां एक बैलेंस वाली लाइफ रहती है इसलिए अगर आपके घर में झगड़े होते हैं या फिर ऑफिस में माहौल काफी गर्म रहता है तो तुरंत अपने घर या ऑफिस में लकी बैंबू को जगह दे ।

शनिवार, 16 दिसंबर 2017

आज होने वाला है बड़ा राशि परिवर्तन, इन 3 राशि वालों को शनिदेव देंगे ये बड़ी सौगात

आज होने वाला है बड़ा राशि परिवर्तन, इन 3 राशि वालों को शनिदेव देंगे ये बड़ी सौगात


अगर वास्तु शास्त्र की बात करे तो इस साल ग्रहो में बहुत से राशि परिवर्तन हुए है. जी हां बता दे कि ऐसा ही राशि परिवर्तन 16 दिसंबर 2017 को भी होने वाला है. जिसका असर कई राशियों पर पडेगा. गौरतलब है, कि इस बार शनि का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन होने वाला है.


इस परिवर्तन के अनुसार शनिदेव इस बार तीन राशियों को छोड़ कर जाने वाले है और किन्ही तीन राशियों को बड़ी सौगात भी देने वाले है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शनिदेव 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेंगे. जिसके चलते मेष और सिंह राशि पर चली आ रही शनि की ढैय्या समाप्त हो जायेगी.
अगर सीधे शब्दों में कहे तो मेष और सिंह राशि पर ढाई साल से शनि की ढैय्या चल रही थी, जिसके चलते इन्हे काफी तकलीफो का सामना करना पड़ रहा था. मगर अब इनकी दुर्दशा का समय समाप्त हो चुका है और साथ ही तुला राशि के लोगो पर भी शनि की साढ़े साती शुरू हो चुकी है. मगर आपको जान कर ख़ुशी होगी कि तुला राशि वालो पर भी शनि की दशा 16 दिसंबर को खत्म हो जायेगी.
अगर हम साफ़ शब्दों में कहे तो शनिदेव तुला, सिंह और मेष राशि वालो को बड़ी सौगात देने वाले है, यानि 16 दिसंबर के बाद इनकी किस्मत का सितारा चमक जाएगा. जी हां इनके सभी बिगड़े काम बनने लगेंगे. इसके साथ ही धन लाभ के भी मजबूत योग बन रहे है और आपके घर में भी खुशिया ही खुशिया होगी.


वही अगर दूसरी राशि वालो की बात करे तो इन पर शनि की ढैय्या और साढ़े साती शुरू होने वाली है. जी हां बता दे कि वृष और कन्या राशि पर दोबारा शनि की ढैय्या शुरू होने वाली है. इसके अलावा मकर राशि वालो पर शनि की साढ़े साती शुरू होगी. गौरतलब है,कि इसी दौरान शनि की टेढ़ी नजर इन पांच राशियों पर भी बनी रहेगी. ये राशियां वृष, कन्या, मकर, वृश्चिक, धनु आदि है. ऐसे में शनि की बुरी दृष्टि से बचने के लिए इस राशि के लोग ये उपाय कर सकते है.

सबसे पहले तो शनि की नजर से बचने के लिए उनकी आराधना करे और हर शनिवार को काले तिल शिवलिंग पर चढ़ाएं. इसके इलावा शनिदेव के मंदिर जाकर शनिदेव को लोहा, तेल और तिल का दान करे. इसके साथ ही गरीबो को भोजन करवाए और चाहे तो कम्बल का दान कर दे.

वैसे आप चाहे तो गरीब लोगो को वस्त्र, छाता और अन्न भी दान कर सकते है. बता दे कि आपके द्वारा किये गए इस दान से शनिदेव काफी प्रसन्न होंगे और आप पर कृपा करेंगे. बरहलाल हम उम्मीद करते है कि आने वाला समय सबके लिए मंगलमय हो.

मंगलवार, 28 नवंबर 2017

शुभ कार्य पर जाने से पहले एक बार जरुर करें ये उपाय

शुभ कार्य पर जाने से पहले एक बार जरुर करें ये उपाय


प्रत्येक दिन डेढ़ घंटे राहू काल का समय होता है। इस समय के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। अन्यथा उस कार्य में निश्चित रूप से हानि होती है। परन्तु जो काम इस समय से पूर्व ही शुरु हो चुका है उसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। जानिए किस वार को कब राहूकाल होता है।
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सोमवार    - प्रातः 7.30 बजे से 9.00 बजे तक 
मंगलवार  - दोपहर 3.00 बजे से 4.30 बजे तक
बुधवार     - दोपहर 12.00 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक
गुरुवार     - दोपहर 1.30 बजे से 3.00 बजे तक
शुक्रवार    - प्रातः 10.30 बजे से 12.00 बजे तक
शनिवार   - प्रातः 9.00 बजे से 10.30 बजे तक
रविवार    - सायंकाल 4.30 बजे से 6.00 बजे तक

इसके साथ ही घर से निकलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे कि हमारा प्रत्येक कार्य सफल हो। यात्रा को सफल बनाने के लिए किस दिन घर से निकलते समय क्या करना चाहिए.

सोमवार को यात्रा पर रवाना होने से पहले दर्पण में अपना मुंह देख लेना चाहिए। इससे जिस भी काम के लिए यात्रा पर निकल रहे हैं, वह कार्य अवश्य पूर्ण होता है।

मंगलवार को घर से बाहर कदम रखने के पहले कुछ मीठा यथा गुड़ खाकर निकलना चाहिए।

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घर से निकलते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान, बढ़ेंगी सफलता की संभावनाएं..!

बुधवार को साबुत धनिया खाकर निकलना शुभ रहता है।

गुरुवार को घर से बाहर कदम रखने के पहले थोड़ा सा जीरा मुंह में रख लेना चाहिए, इससे पूरा दिन अच्छा बीतता है

शुक्रवार को मीठा दही खाकर घर से बाहर निकलना अत्यन्त शुभ रहता है।

शनिवार को घर से निकलने के पहले अदरक के ताजा काटे हुए एक-दो टुकड़े मुंह में रखने से काम मे सफलना मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं।

रविवार को घर से निकलने के पहले घर से पान खाकर निकलना शुभ होता है।

बुधवार, 15 नवंबर 2017

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मेन गेट या मुख्य दरवाजा काले रंग का नहीं होना चाहिये।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मेन गेट या मुख्य दरवाजा काले रंग का नहीं होना चाहिये।


कई घरों में रहने वाले लोगों को अक्सर दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है, कई बार घर में रहने वाला शख्स लगातार बीमार पड़ता रहता है या फिर घर में कलह होती रहती है, दरअसल ऐसी स्थिति कई बार वास्तु दोष की वजह से उत्पन्न होती है। घर में मौजूद वास्तु दोष को दूर करने के लिये कई उपाय है, लेकिन उससे पहले आपको बताते हैं कि आखिर किन वजहों से ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।

इस रंग का ना हो मुख्य दरवाजा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मेन गेट या मुख्य दरवाजा काले रंग का नहीं होना चाहिये, ऐसी मान्यता है कि अगर घर का मुख्य दरवाजा या गेट काले रंग का होता है, तो उस घर के मुख्य सदस्य को अपशब्द सुनने पड़ते हैं, इसके अलावा काले रंग से घर में नकारात्मकता भी आती है। इसलिये अगर आपके भी घर का मुख्य दरवाजा काले रंग का हो, तो उसे तुरंत बदल लें।
दरवाजे पर ना लगाएं ऐसी चीजें
वास्तु के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर तलवार, चाकू जैसी चीजें नहीं लगानी चाहिये, यदि कोई इंसान अपने घर के मेन गेट या दरवाजे पर ऐसी चीजें लगाता है, तो उस घर में रहने वाले परिवार के लोगों के बीच अक्सर लड़ाई होती रहती है, जिससे तनाव की स्थिति बनती है। अगर आपने भी अपने घर के मुख्य दरवाजे पर ऐसी चीजें लगा रखी है, तो उसे अविलंब हटा लें।
इस समय खुला रखें घर का दरवाजा
ऐसी मान्यता है कि सुबह-सुबह जब सूर्य निकलती है, तो घर के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखनी चाहिये, इससे पॉजिटिव एनर्जी घर में प्रवेश करती है। हालांकि शहर में रहने वाले लोगों के लिये ये काम थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि वो हमेशा अपनी खिड़कियां और दरवाजे बंद रखते हैं, लेकिन संभव हो तो कम से कम सुबह के समय दरवाजे-खिड़की खोलकर रखें।
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कैसा हो मुख्य द्वार ?

मुख्य दरवाजे की ऊंचाई उसकी चौड़ाई से दोगुनी से अधिक होनी चाहिये, इसके साख ही मुख्य दरवाजे के ऊपर दरवाजा या फिर सामने दरवाजा नहीं बनवाना चाहिये, ऐसा करने से धन का व्यर्थ ही नाश होता है, जिससे दरिद्रता आती है। मुख्य दरवाजा हमेशा दो पल्लों का बनना चाहिये और वो आराम से खुले और बंद हो, इस बात का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ये शुभ होता है।

मुख्य द्वार खुलने और बंद होने पर आवाज ना करें
जी हां, मुख्य दरवाजा अगर खुलने और बंद होने पर बुरी तरह आवाज करता हो, तो इसे तुरंत दूर करें, क्योंकि जिन मकानों में ऐसे द्वार होते हैं, उस मकान के मालिक पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। अगर दरवाजे के दोनों पल्ले आपस में बार-बार टकराते हों, तो घर में क्लेश की संभावना काफी बढ जाती है, इसलिये इस परेशानी को अविलंब दूर कर लें, नहीं तो परेशान हो जाइयेगा।

ऐसे दरवाजे शुभ नहीं
यदि मुख्य दरवाजे का झुकाव अंदर की तरफ हो, तो घर के स्वामी की उम्र कम करता है, यदि झुकाव बाहर की तरफ हो, तो घर के स्वामी को ज्यादातर बाहर ही रहना पड़ता है, मुख्य दरवाजा अपने आप खुलता हो तो मानसिक उन्माद देता है, और यदि ये अपने आप बंद हो जाता हो, तो कुल का नाश करता है। इसलिये अगर आपका दरवाजा भी खुद से खुलता या बंद होता हो, तो उसे ठीक करवा लें।

मुख्य द्वार के सामने ये चीजें ना हो
अगर मुख्य दरवाजे के सामने खंभा, पेड़, कांटेदार पेड़, या दीवार का कोना, या टीला हो, तो वेध दोष लगता है, ये मकान के निवासियों पर अशुभ प्रभाव डालता है, मुख्य दरवाजे के सामने अगर कीचड़ हो तो शोक और यदि पानी बहता हो, तो धन हानि होती है। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें, कि मुख्य दरवाजे के सामने कुंआ ना हो, नहीं तो मकान के सदस्यों को भय, मिर्गी आदि रोगों का सामना करना पड़ता है।

मेन गेट पर लगाएं तुलसी का पौधा
घर के मेनगेट के पास तुलसी या फिर केले का पौधा लगाएं, इससे वास्तुदोष दूर हो जाते हैं, घर में प्रेम और खुशी का वातावरण बना रहता है। इसके अलावा घर के मुख्य दरवाजे के नीचे चांदी का तार दबाकर रखने से वास्तुदोषों का निवारण होता है, किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा घर में नहीं टिकती है, इसलिये मुख्य द्वार के पास तुलसी या फिर केले का पौधा लगाएं।

रविवार, 12 नवंबर 2017

अगर सोतें वक़्त चुनते है यह दिशा तो जो जाए सावधान!

अगर सोतें वक़्त चुनते है यह दिशा तो जो जाए सावधान!


कैसी भी थकान हो या कैसी भी बीमारी हो, पर्याप्त नींद इन समस्याओं का सबसे अच्छा उपाय है। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है प्रतिदिन पर्याप्त नींद ली जाए। यदि नींद पूरी नहीं हो पाती है तो ये आलस्य को बढ़ाती है और कई बीमारियों का न्यौता देती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार गलत दिशा में सोने से आप नींद न आने के साथ ही अन्य कई समस्याओं से भी ग्रस्त हो सकतें हैं। हमें अच्छे से नींद के लाभ मिल सके इसके लिए शास्त्रों में कई प्रकार के नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन पर व्यक्ति को आरामदायक नींद आती है। 

अच्छी सेहत के लिए पौष्ट‍िक आहार, योग-ध्यान के साथ-साथ नियमित दिनचर्या भी जरूरी है। दिनचर्या में सही वक्त पर नींद लेना भी शामिल है। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया है कि सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए।

दक्षिण दिशा की ओर सिर रखने के फायदे
दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना बेहतर माना गया है। ऐसी स्थिति में स्वाभाविक तौर पर पैर उत्तर दिशा में रहेगा। शास्त्रों के साथ-साथ प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, सेहत के लिहाज से इस तरह सोने का निर्देश दिया गया है। यह मान्यता भी वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है।
उत्तर की ओर क्यों न रखें सिर?
उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि तथा मृत्यु होती है अर्थात आयु क्षीण होती है । दरअसल, पृथ्वी में चुम्बकीय शक्ति होती है, जो दक्षिण से उत्तर की ओर लगातार प्रवाहित होती रहती है । जब हम दक्षिण की ओर सिर करके सोते हैं, तो यह ऊर्जा हमारे सिर ओर से प्रवेश करती है और पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है।ऐसे में सुबह जगने पर लोगों को ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती है ।
ज़मीन पर रखने पर हमेशा उसका सिर उत्तर तथा पांव दक्षिण की ओर रखे जाते हैं। क्योंकि मरने के बाद उसकी रुह को यमलोक की ओर रवाना होना होता है। इसके अलावा व्यक्ति के मरने के बाद उसकी फोटो को भी घर की उस दीवार पर लटकाया जाता है जो दक्षिण दिशा में बनी हो।
पूरब की ओर भी रख सकते हैं सिर
दूसरी स्थ‍िति यह हो सकती है कि सिर पूरब और पैर पश्चिम दिशा की ओर रखा जाए ।लेकिन पश्चिम दिशा में भी सिर रखना बेहतर नहीं माना जाता । दरअसल, सूरज पूरब की ओर से निकलता है और हमारे धर्म में सूर्य को जीवनदाता और देवता माना गया है. ऐसे में सूर्य के निकलने की दिशा में पैर करना उचित नहीं माना जा सकता. इस वजह से पूरब की ओर सिर रखा जा सकता है किन्तु पश्चिम नहीं। पूर्व की ओर सिर करके सोने से विद्या की प्राप्ति भी होती है।

दक्षिण की ओर पैर :
दक्षिण की ओर पैर करके सोने पर चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करेगी है और सिर तक पहुंचेगी। इस चुंबकीय ऊर्जा से मानसिक तनाव बढ़ता है और सवेरे जगने पर मन भारी-भारी रहता है।

दक्षिण-पश्चिम में सिर :
दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र वास्तु विज्ञान में सबसे शक्तिशाली चतुर्भुज है क्योंकि यह ऐसा क्षेत्र है जहां सकारात्मक ऊर्जा संग्रहित है। इस दिशा में सोना भी अच्छा माना जाता है।

सोने से जुड़े कुछ जरूरी निर्देश...

-- शास्त्रों में संध्या के वक्त, खासकर गोधूलि बेला में सोने की मनाही है।
-- सोने से करीब 2 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए. सोने से ठीक पहले कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए।
-- अगर बहुत जरूरी काम न हो तो रात में देर तक नहीं जागना चाहिए।
-- जहां तक संभव हो, सोने से पहले चित्त शांत रखने की कोशि‍श करनी चाहिए।
-- सोने से पहले प्रभु का स्मरण करना चाहिए और इस अनमोल जीवन के लिए उनके प्रति आभार जताना चाहिए।

शनिवार, 11 नवंबर 2017

गर्भधारण करने में आ रही है परेशानी तो अपनाए ये कारगर वास्तु टिप्स

गर्भधारण करने में आ रही है परेशानी तो अपनाए ये कारगर वास्तु टिप्स


आज के युग में कोई कितना ही मॉर्डर्न क्यों ना हो जाए लेकिन संतान तो हर महिला को चाहिए. गर्भावस्था एक औरत की जिंदगी का सबसे नाजुक और कोमल वक्त होता है. कहते हैं ना..कोई महिला तब तक पूरी नहीं होती है जब तक कि वो मां नहीं बनती है इसलिए मां बनने का अधिकार हर स्त्री का है लेकिन कभी-कभी कुछ कारणों की वजह से कुछ महिलाएं चाहकर भी मां नहीं बन पाती हैं. लेकिन हम आज आपको बताने जा रहें हैं वास्तु के कुछ कारगर टिप्स जो गर्भधारण में मदद करेंगे.

# एक महिला चंद्रमा की जिस स्थिति में पैदा हुई है, यदि वह उसी समय में संभोग करे तो आसानी से प्रेग्नेंसी कन्सीव कर सकती है. और वह बच्चा हष्ट-पुष्ट भी पैदा होता है.
# कमरे की दिशा- संतान के लिए इच्छुक जोड़ों को घर के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित कमरे का इस्तेमाल करना चाहिए। कम से कम तब तक जब तक गर्भ धारण ना हो जाए.
# अपने घर में या घर के आसपास फलों का पेड़ लगाएं, उसे समय से पानी दें और उसकी पूरी तरह से देखभाल करें. ठीक वैसे ही जैसे एक मां अपने बच्चे को स्नेह करती है, फेंग शुई के अनुसार फल देने वाला पेड़ महिला की प्रजनन शक्ति को बढ़ाता है.
# ये सुनिश्चित करने के लिए कि प्रेग्नेंसी बिना किसी परेशानी के आसानी से गुजर जाए, प्रेग्नेंट महिला को हमेशा दक्षिण-पश्चिम कमरे में ही सोना चाहिए. अगर ऐसा संभव ना हो तो उत्तर-पूर्व दिशा का कमरा भी बेहतर रहेगा. लेकिन पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को उत्तर-पश्चिम दिशा के कमरे का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

# इसके अलावा पति-पत्नी जिस कमरे में सोते हों वहां शीशा भी नहीं होना चाहिए. यह मान्यता वास्तु शास्त्र के माध्यम से भी काफी प्रचलित है. जिसके अनुसार बेडरूम में शीशा नहीं होना चाहिए, खासतौर पर ख्याल रखें कि यदि हो भी तो गलती से भी यह शीशा बिस्तर के ठीक सामने ना हो.

शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

इन चीज़ों को उपहार करने से आता है दुर्भाग्य, गलती से भी किसी को भी न दे ये चीजें !

इन चीज़ों को उपहार करने से आता है दुर्भाग्य, गलती से भी किसी को भी न दे ये चीजें !


कहते है उपहार और पुरस्कार जीवन की वो दो अनमोल चीजे है, जिनकी कभी मोल नहीं लगाया जा सकता है. जिस प्रकार मेहनत करने से पुरस्कार मिलता है. उसी प्रकार उपहार प्यार की मिसाल कायम करता है. यानि ये मेहनत और प्यार दोनों का मिश्रण है. जहाँ पहले के समय लोग बहुत सोच समझ कर और प्यार के साथ उपहार देते थे, वही आज के समय में लोगो के पास इतना समय नहीं होता कि वे खास उपहार ढूढ़ने में अपना वक्त व्यर्थ कर सके. ऐसे में लोग सामने वाले को कुछ भी उपहार दे देते है. फिर भले ही वो कैसा भी क्यों न हो.

ये उपहार देते वक्त लोग जरा भी नहीं सोचते कि कभी कभी वास्तुशास्त्र के अनुसार दिए गए ये उपहार न केवल आपके रिश्तो को खराब कर सकते है, बल्कि आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा भी ला सकते है. वैसे वक्त की कमी के चलते आगे से ऐसी गलती न हो, इसलिए हम आपको बताते है कि वास्तुशास्त्र के अनुसार कौन सी चीजे उपहार में नहीं देनी चाहिए.
1. पानी से जुडी चीजे : गौरतलब है, कि कोई भी शख्स या कोई रिश्तेदार फिर भले ही वो आपका कितना भी करीबी क्यों न हो, पर उसे कभी पानी से जुडी चीजे नहीं देनी चाहिए. अब जैसे कि एक्वेरियम, पानी का कोई शो पीस, वाटर बोतल और कुंड आदि चीजे उपहार में नहीं देनी चाहिए. जी हां इन्हे उपहार में देने से व्यक्ति को आर्थिक स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है.
2. खुद के प्रोफेशन से जुडी वस्तुए : बता दे कि अवसर चाहे जो भी हो, पर कभी भी अपने प्रोफेशन या पेशे से जुडी वस्तुए उपहार में न दे. जैसे कि यदि आप लिखने का काम करते है या लेखन से जुड़े है तो उपहार में कॉपी, पेन, स्याही या किताब आदि न दे. इससे व्यक्ति को कारोबार में भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
3. रुमाल : वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि आप किसी व्यक्ति को रुमाल गिफ्ट करते है, तो आपके रिश्तो में केवल नकारात्मकता ही बढ़ती है. जिससे आपके रिश्तो पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

4. भगवान् की मूर्तिया या तस्वीर : यूँ तो भगवान् की मूर्तिया तोहफे में देना काफी सकारात्मक सोच है. पर वास्तुशास्त्र के अनुसार भगवान् की मूर्तियां कही भी रखने और इनकी पूजा करने का एक विधान होता है. इसलिए इसे उपहार में नहीं देना चाहिए. पर यदि आप खुद के लिए लेना चाहे तो खरीद सकते है.

5. नुकीली चीजे : वास्तुशास्त्र के अनुसार नुकीली चीजे जैसे कि कैंची, चाकू, तलवार आदि उपहार में नहीं देनी चाहिए. इन वस्तुओ को उपहार में देने से व्यक्ति का बुरा वक्त भी शुरू हो सकता है. ऐसे में भाग्य को दुर्भाग्य में न बदलने के लिए इन वस्तुओ को उपहार में देने से बचे.

गुरुवार, 9 नवंबर 2017

हमेशा घर में रखे यह पांच चीजें, बनी रहेगी सुख समृद्धि और खुशहाली

हमेशा घर में रखे यह पांच चीजें, बनी रहेगी सुख समृद्धि और खुशहाली


अपने घर में सुख समृद्धि और खुशहाली बढ़ाने के लिए आप लोग बहुत से उपाय करते होंगे। जैसे की घर में पूजा पाठ से लेकर टोटके भी आज़माते होंगे, ताकि आपके घर में किसी भी प्रकार की कोई बाधा या फिर किसी भी प्रकार की समस्या न हो। आज हम आपको कुछ ऐसी चीज़ो के बारे में बताने जा रहे है। जो आपके घर में खुशहाली को बढ़ाने का काम करेंगी। वास्तु शास्त्र के अनुसार इन 5 सामान्य चीजों को अपने घरों में रख आप अपने जीवन को खुशहाल बना सकते है।

घर में खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए

वीणा
यह तो आप भी जानते है कि वीणा एक वाद्य यंत्र है। जिसे माँ सरस्वती का यन्त्र माना जाता है। सरस्वती जी बुद्धि और शिक्षा की देवी है। अगर वीणा को आप लोग अपने घर पर रखते है, तो माँ सरस्वती की कृपा से आपके परिवार में खुशहाली बढ़ेगी और आपके बच्चो की बुद्धि का विकास होगा। सरस्वती जी के इस यन्त्र को घर में रखने से कठिन समय में धैर्य और संयम बनाए रखने के लिए प्रेरणा मिलती है।
घी
घी का सेवन हमारे शरीर को मजबूती प्रदान करता है। शरीर को स्वस्थ रखने के अलावा घी को घर में रखना बहुत शुभ माना जाता है। यह घर के वास्तु दोष को कम करने में मददगार भी साबित होता है। घर में देवी देवताओ की पूजा के लिए घी के दीपक को जलने से हमारे आसपास का वातावरण शांत रखता है। पूजा-पाठ में घी का विशेष महत्व होता है, इसलिए घर में हमेशा घी को रखना चाहिए। घी से भरे हुए दीपक को जलाने पर उसमें से उत्पन्न प्रकाश से पुरे घर में पॉजिटिव एनर्जी भी बढ़ती हैं।
चंदन
चन्दन को पवित्र माना जाता है। चन्दन की मनमोहक महक से घर के वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का खत्म होता है। चन्दन के उपयोग से घर में कलह नहीं होती है और वातावरण शांत रहता है। चन्दन का उपयोग भगवान की पूजा में भी करना चाहिए। इसके साथ ही चन्दन का तिलक लगाने से हमारा मन और दिमाग दोनों शांत बने रहते है।
शहद
शहद को घर पर रखने से निहित वास्तु दोष में शांति मिलती है। और वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है। शहद का उपयोग पूजा के विधि विधान में भी किया जाता है। शहद को देवी देवताओ को भी अर्पित करने से उनकी कृपा बढ़ती है। इसके साथ ही सफलता भी प्राप्त होती है। आप अपने घर में नित नियम से पूजा करते है, तो उसमें शहद को अवश्य शामिल करें और भगवान को इसका भोग भी लगाया करें।

पानी
घरो में हमेशा साफ और स्वच्छ जल भरना चाहिए। घर के किसी भी हिस्से में गंदे पानी को जाम नहीं होने दें, क्योंकि घर में गन्दा पानी इक्कठा होने से घर में नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा मिलता है। जिस कारण घर में अशांति का माहौल पैदा हो जाता है। इसके अलावा घर पर जब भी कोई मेहमान आये, तो आपको उन्हें सबसे पहले ठंडा जल जरूर देना चाहिए। इससे आपकी कुंडली में मौजूद दोष दूर हो जाते है।

सोमवार, 6 नवंबर 2017

घर में न रखें इन 8 चीजों को, बर्बाद हो जायेंगे आप

घर में न रखें इन 8 चीजों को, बर्बाद हो जायेंगे आप


प्राचीन समय से ही हमारे देश में कुछ बातें मान्यता के तौर पर मानी जाती रही हैं. भारत के साथ विदेशों में भी शांति, समृद्धि और सुख के लिए ये परम्पराएं प्रचलित हैं। घर की बनावट, सजावट और भौगोलिक स्थिति पर आधारित ये परम्पराएं घर में सकारात्मक ऊर्जा और शरीर में भी एनर्जी का कारण बनी रहती है। इसके पीछे कारण माना जाता है कि जो हमारा घर हमारे विचारों का दर्पण होता है उसमें हमें थकान से राहत और सुकून का साथ मिलता है।

मगर कई बार सब कुछ अच्छा होने के बाद भी घर में एक मायूसी सी छाई रहती है, और भी समस्याएं मुंह बाए सामने आ खड़ी होती हैं। लेकिन वास्तुशास्त्र के हिसाब से हर काम करने पर घर में और घर के लोगों की तरक्की में बरक्कत मिलती है। ऐसा भी कहा जाता है कि वास्तु का पालन न करने पर घर में कई तरह के संकट आते रहते हैं और लोगों का स्वास्थ्य और धन की स्थिति लगातार गिरती रहती है। ऐसा होने का एक कारण घर में रखी बेवजह की चीजों के कारण भी हो सकता है।

आओ जानें, इस बारे में क्या कहता है वास्तुशास्त्र …

1. टूटी हुई फोटो
अगर घर में कोई टूटी हुई फोटो फ्रेम या तस्वीर हो, तो उसे घर से हटा देना चाहिए। वास्तु अनुसार घर में टूटी फोटो फ्रेम या तस्वीर घर में वास्तु दोष और दुर्भाग्य उत्पन्न करती है।
2. खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान 
वास्तु अनुसार अगर घर में कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब या टूटा हुआ हो तो उसे भी घर से हटा देना चाहिए। घर में इस तरह का सामान आर्थिक तंगी का प्रतीक बनता है।
3. टूटा फर्नीचर
वास्तु के अनुसार, घर में टूटा फर्नीचर वास्तु दोष का कारण होता है. इस दोष से घर में आर्थिक समस्याएं पैदा होती हैं।
4. टूटे बर्तन
अक्सर आप लोगों के घरों में देखते होंगे कि गिलास या प्लेट किनारे से टूटा होता है, फिर भी वो उसे उपयोग में लाते रहते हैं। मगर आपको बता दें कि टूटे-फूटे और बेकार बर्तन घर में जगह घेरते हैं, जिससे वास्तु दोष भी उत्पन्न होता है और धन की कमी होती है।
5. रुकी घड़ी 
वास्तु अनुसार घडियों की स्थिति से हमारे घर-परिवार की उन्नति निर्धारित होती है। यदि घड़ी टूटी हुई होगी तो परिवार के सदस्यों की उन्नति रुकेगी। ख़राब घड़ी की वजह से घर में मांगलिक कार्यों में रुकावट आती है।

6. टूटा कांच
बता दें कि घर में रखा हुआ टूटा कांच आर्थिक नुकसान का कारण बनता है। साथ ही इसके कारण परिवार के सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।

7.  टूटा पलंग
घर की सुख-शांति के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी का पलंग टूटा हुआ न हो। वास्तु के हिसाब से घर में टुटा पलंग उचित नहीं माना जाता और ऐसा कहा जाता है कि घर में टूटा पलंग रखने से वैवाहिक जीवन में कलह उपत्न्न होती है।

8. टूटा दरवाजा
घर का कोई दरवाजा कहीं से टूटा हो, तो उसे तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए। वास्तु के अनुसार, टूटा हुआ दरवाजा दुनिया की सारी नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने देता है।

मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

शयनकक्ष के वास्तुदोष को कैसे दूर करें

शयनकक्ष के वास्तुदोष को कैसे दूर करें


वास्तुशास्त्र में कई नियम बताए गए हैं, इन वास्तु के नियमों का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व होता है. कई बार व्यक्ति इन वास्तु नियमों का पालन नही करते है तो उन्हें अपने जीवन में बहुत दुःख और हर काम में असफलता मिलती है. जो कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है उसके जीवन में सुख और शांति बनी रहती है, साथ ही प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है. यदि वास्तु के नियमों का पालन नही किया जाता है तो घर में कलह-क्लेश तथा बार-बार परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है.

जब आपके घर का वास्तु ठीक नही होता है तो परिवार के सदस्यों के साथ अप्रिय घटना होती रहती है. यदि घर का वास्तु, वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार होता है तो ऐसी घटना होने की संभवना नही के बराबर हो जाती है.
आइये जानते है वास्तु के नियमों के बारे में जिससे आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या नही आए—

1. वास्तुशास्त्र के अनुसार शयनकक्ष में पानी और मछली के चित्र को स्थाई रूप से नही रखना चाहिए.

2. शयनकक्ष में आपके सोते समय सिर के सामने किसी भी प्रकार का बड़ा दर्पण नहीं होना चाहिए. यदि जगह की कमी हो तो शीशे को ढककर रखना चाहिए.
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3. वास्तुशास्त्र के अनुसार शयनकक्ष के बाहर किसी भी प्रकार की सीढ़ी का प्रवेश नहीं होना चाहिए, यदि किसी वजह से सीढ़ी आ रही है तो सीढ़ी और शयनकक्ष के मध्य में विभाजन होना चाहिए, नहीं तो आपको कोर्ट-कचहरी के चक्करों में ही उलझना पढ़ सकता है.

4. सोते समय तकिए के नीचे घड़ी को रखकर सोएं.

5. अपने घर के मुख्य द्वार के सामने कभी भी बड़ा और ऊंचा पेड़ नहीं होना चाहिए.
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6. शयनकक्ष में रखे हुए पलंग पर चादर की किसी भी प्रकार से उलझे हुए डिज़ाइन नही बिछाना चाहिए.

7. घर में कभी भी टुटा हुआ शीशा नही रखना चाहिए. जिस शीशे में हम हमारा चेहरा देखते वह शीशा कभी भी धुंधला नहीं होना चाहिए. शीशा कभी भी टूटा नही होना चाहिए.