रविवार, 28 अगस्त 2016

विटामिन E के स्रोत एंव लाभ और हानियाँ


विटामिन E एक ऐसा पोषक तत्व है जो हमारे रक्त में लाल रक्त कोशिकयों निर्माण करता है और साथ ही यह विटामिन शरीर में सभी अंगों को सामान्य रूप में बनाये रखने में भी मदद करता है। जैसे: कि मांसपेशियां, अन्य टिश्यू आदि।जिनके के कारण आप स्वस्थ एंव तन्दुस्त बनने रहते है। आज हम आपकी इस पोस्ट में बताएंगे विटामिन c के लाभ, हानियाँ एंव इसके स्रोत।

“ विटामिन E के स्त्रोत “

विटामिन E सर्वाधिक आम, पपीता, कद्दू, रुचिरा, अंडे, सूखे मेवे, बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों, शलजम, ब्रोकली आदि में पाया जाता है। ये सभी पदार्थ विटामिन E के अच्छे स्रोत है।

विटामिन E के लाभ

त्वचा पर ग्लो लाता है विटामिन E :-

विटामिन E त्वचा को सूखेपन, झुर्रियों एंव सूर्य की घातक अल्ट्रावायलेट यानि U.V. किरणों से बचाता है। जिसके कारण आपकी त्व चा झुर्रियों मुक्त रहती है और साथ आपकी त्वचा पर ताजगी बरकार रहती है। जिससे आपकी त्वचा पर ग्लो बनना रहता है। 

R.B.C का निर्माण करता है:-

विटामिन E R.B.C यानि हमारें शरीर में मौजूद रेड ब्लतड सेल्सा या लाल रक्त  कोशिकाएं का मिर्माण करता है जिससे शरीर में रक्त का बनता है और ये बात तो सभी को निशचित रूप से पाता ही होगी की रक्त का शरीर में कितना बड़ा महत्व होता है।

हानियाँ  :

ब्लीडिंग :-

वैसे तो विटामिन E युक्त भोजन खाना खतरनाक या नुकसानदेह नहीं होता है। परन्तु आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते है कहने का अर्थ ये है की यदि आप विटामिन E जरूरत से ज्यादा लेते है तो आपके लिए ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। जिससे आपको रूप से गंभीर ब्लीडिंग हो सकती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें की बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन E के सप्लीमेंट न लें। 

मांसपेशियों में कमजोरी का आना:-

विटामिन E की कमी से मायोपैथी एंव मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है। एक्सपर्ठों के अनुसार मायोपैथी मसल्सक फाइबर का परिणाम होती है। जो समय के साथ साथ कमजोर होने लगती है।

नजरे कमज़ोर पड़ना :-

हमारे शरीर में विटामिन E का आभाव होने पर आंखों का रेटिना एंव उसका डिजेनरेशन पतला पड़ जाता है और जिसके कारण आंखों की भीतरी परत प्रभावित होने लगती है जिससे हमें कोई भी वस्तु धुंधली दिखाई देने लगती है।

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