सोमवार, 20 जुलाई 2020

 गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका

गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका



गिलोय ( giloy ) एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई।

इसका वानस्पिक नाम( Botanical name of giloy) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। आइए जानते हैं गिलोय के फायदे…

गिलोय के फायदे – ( Benefits of Giloy )

गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

Giloy Immunity Booster

गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।

ठीक करती है बुखार

Giloy use in Fever

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।

मधुमेह के रोगियों के लिए

giloy for diabetes

गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।

पाचन शक्ति बढ़ाती है


यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।

कम करती है स्ट्रेस

गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है।

बढ़ाती है आंखों की रोशनी

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं।

अस्थमा में भी फायदेमंद

मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

गठिया में मिलेगा आराम

गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है।

अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन

भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है।

बाहर निकलेगा कान का मैल

कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा।

कम होगी पेट की चर्बी

गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है।

यौनेच्छा बढ़ाती है गिलोय

आप बगैर किसी दवा के यौनेच्छा बढ़ाना चाहते हैं तो गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में यौनेच्छा बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जिससे यौन संबंध बेहतर होते हैं।

खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय

गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है….

जवां रखती है गिलोय

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

बालों की समस्या भी होगी दूर

अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

गिलोय का प्रयोग ऐसे करें:-

अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है…

गिलोय जूस

गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है।

काढ़ा

चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं।

पाउडर

यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें।

गिलोय वटी

बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें।

साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम

अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।चीनी के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं।

साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान

वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय का प्रयोग ना करने दें आप .

एक निवेदन :- अभी वर्षाऋतु का काल है अपने घर में, बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें एवं स्वजनों को भी देवें. यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय अवदान है ।

बुधवार, 8 जुलाई 2020

मुँह में कैंसर होने के से पहले ये संकेत दिखाई देते है

मुँह में कैंसर होने के से पहले ये संकेत दिखाई देते है



कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी है जो भारत में बड़ी ही तेजी से बढ़ती जा रही है आए दिन किसी न किसी को कैंसर की शिकायत होती है जिसके चलते वह धीरे-धीरे मौत के मुंह में जाने लगता है कैंसर का अभी कोई परमानेंट इलाज नहीं आया है।

और यदि इसका इलाज है तो यह बहुत ही महंगा होता है इसमें लोगों के लाखों से करोड़ों रुपए तक खर्च हो जाते हैं कैंसर होने के पीछे बहुत से कारण होते हैं जिसमें ज्यादातर शराब पीना तंबाकू खाना गलत खानपान घाव होना इत्यादि लेकिन मुंह में यदि कैंसर होता है तो यह हमें कुछ संकेत पहले से ही देने लगता है।

आप भी मुंह के कैंसर होने के संकेत जान लें जिससे आप जल्द से जल्द इसका इलाज करा सके क्योंकि यदि इसको शुरू में ही पता कर लिया जाए तो यह ठीक किया जा सकता है आइए जानते हैं मुंह के कैंसर होने के संकेत।
 

1. मुह में सफेद या लाल चकता होना या घाव होना

यदि मुहं में कहीं सफेद या लाल चकता होता है या फिर कहीं मुंह में आपको घाव हो गए हैं तो आप इस को जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाकर इसका इलाज करा लें क्योंकि यदि घाव ज्यादा दिन तक ठीक नहीं होता तो यह कैंसर होने का लक्षण होता है।

2. किसी जगह त्वचा का कड़ा होना या गांठ होना

यदि आपकी त्वचा पर कहीं पर गांठ सफल रही हो तो फिर इस गांठ का इलाज जल्द से जल्द करा लें क्योंकि कैंसर होने से पहले शरीर में गांठ से उभरने लगती है जो जल्दी ठीक नहीं होती यह भी कैंसर का कारण हो सकता है।
 

3. इस घाव जो एक महीने या इससे ज्यादा दिनों तक न भरे

यदि शरीर में कहीं घाव हो गया है और दवाई लगाने पर भी ठीक नहीं हो रहा और यह एक महीने से ज्यादा यदि हो जाता है तो यह कैंसर का कारण हो सकता है।

4. मसालेदार भोजन का मोह के अंदर सहन न होना

यदि किसी व्यक्ति को खाना खाते वक्त हल्का सा मसाला भी बहुत तेज लगता है यह यानी वह उस मसालेदार भोजन को सहन नहीं कर पाता तो समझ ले के मुंह में कैंसर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।


5. मुह खोलने या जीभ बाहर निकालने में परेशानी होना

यदि किसी व्यक्ति को मुंह खोलने में परेशानी होती है या फिर बाहर निकालने में भी परेशानी और तकलीफ का सामना करना पड़ता है तुझे भी मुंह के कैंसर होने का संकेत और लक्षण होता है।

7. आपकी आवाज में परिवर्तन होना

अत्यधिक लार का बहना या स्राव होनाच बाने निगलने या बोलने में कठिनाई होना कोई भी कैंसर के संकेत होते हैं ।अगर इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाए।
 

मुंह के कैंसर के लक्षण

आप किसी भी लक्षण को नोटिस नहीं कर सकते। लेकिन सबसे आम लक्षण है आपके गाल या होंठ के अंदर किसी प्रकार का घाव है, जो ठीक न हो रहा हो। आप अपने मुंह में एक गांठ महसूस कर सकते हैं या फिर लाल या सफेद रंग का पैच देख सकते हैं। मुंह में सुन्नपन जैसा महसूस होना, दर्द, रक्तस्राव, या कमजोरी, साथ ही आवाज में बदलाव, कान बजना और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के दांत गिर भी सकते हैं। लेकिन ये कम गंभीर समस्याओं के संकेत भी हो सकते हैं। अगर आपको कोई लक्षण दिखाई देता है तो आप अपने डॉक्टर को बताएं और इसका कारण जानने की कोशिश करें।

किन्हें होता है मुंह का कैंसर

वे महिलाएं और पुरुष, जो 45 साल की उम्र से ज्यादा है उन्हें मुंह का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है हालांकि ये किसी भी उम्र में हो सकता है। जिन लोगों की त्वचा गोरी होती है उन्हें होंठ का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। और कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि वे लोग, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है या फिर एचआईवी जैसी लंबी बीमारी से पीड़ित हैं उनमें उम्र के साथ-साथ मुंह का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।
 

कैसे करें मुंह के कैंसर का उपचार

डॉक्टर और डेंटिस्ट आमतौर पर नियमित चेक-अप के दौरान मुंह के कैंसर का पता लगा सकते हैं। अगर उन्हें किसी भी समस्या का कोई संकेत मिलता है तो वह आपके मुंह और गले के भीतर बड़ी सावधानी से देखते हैं। कभी-कभार वह किसी विशेष उपकरण का प्रयोग करते हैं और आपको अपने जबड़े, गर्दन में गांठ जैसा महसूस हो सकता है।अगर उन्हें कुछ मिलता है तो बायोप्सी नाम के टेस्ट के जरिए कैंसर की पुष्टि में मदद मिल सकती है।

Disclaimer : इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की AyurvedPlus.com पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

यदि आपको जानकारी पसंद आये तो आप इसे अधिक से अधिक शेयर कीजिये। और इस पोस्ट को लाइक और कमेन्ट कीजिये आपको ये कैसी लगी और हमे फॉलो करना न भूलें ।

बुधवार, 9 मई 2018

घर में धन और खुशियों की होगी बरसात, बस करें चुटकी भर नमक का ऐसे इस्तेमाल

घर में धन और खुशियों की होगी बरसात, बस करें चुटकी भर नमक का ऐसे इस्तेमाल


नमक का जीवन में बहुत उपयोग है। दाल या सब्जी में नमक ज्यादा हो जाए तो नुकसान और कम हो तो भी नुकसान। नमक हमारी आयु बढ़ाता भी है और नमक ही आयु घटाता भी है। नमक का उपयोग करना बहुत कम लोग जानते हैं।लेकिन हम आपको यहां खाद्य पदार्थों में उपयोग हेतु नमक के प्रयोग नहीं बताने जा रहे हैं। वैसे तो नमक के ढेरों उपाय हैं, लेकिन हम तो नमक के ऐसे चमत्कारिक उपाय बताएंगे जिन्हें जानकर शायद आप हैरान रह जाएंगे। नमक कई प्रकार के होते हैं: सेंधा नमक (पहाड़ी नमक), समुद्री नमक, काला नमक, सामान्य नमक आदि। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नमक को चंद्र और शुक्र का प्रतिनिधि माना जाता है। नमक को कुछ लोग राहु का प्रतीक भी मानते हैं।

चुटकी भर नमक के ये फायदे भी हो सकते हैं, आप जानकर वाकई में हैरान रह जाएंगे और इसके लिए आपको बहुत कुछ करने की जरूरत भी नहीं है। नमक ऐसी चीज है जो हर किसी के किचन में होती है, मगर यह सिर्फ खाने में डालने के ही काम नहीं आती। इसके कई और फायदे भी हैं, जो हमारे पूरे घर की सुख-समृद्धि से जुड़े हैं और हां इसके लिए आपको नमक खाने की नहीं बल्कि उसका कुछ इस तरह इस्तेमाल करने की जरूरत है।
चुटकी भर नमक के ये फायदे भी हो सकते हैं, आप जानकर हैरान रह जाएंगे। अब हो सकता है आपको ये अंधविश्वास की चीजें लगें, मगर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में घर की सुख-समद्धि व अन्य कई समस्याओं के लिए नमक से जुड़े ये उपाय बताए गए हैं।

सावधानी और सलाह :

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नमक को चंद्र और शुक्र का प्रतिनिधि माना जाता है। नमक को यदि आप किसी स्टील या लोहे के बर्तन में रखते हैं तो यह चंद्र और शनि का मिलन होगा जो कि बहुत ही घातक सिद्ध होता है। यह रोग और शोक का कारण बन जाता है। नमक को किसी प्लास्टिक के पात्र में भी नहीं रखना चाहिए। नमक को सिर्फ कांच के पात्र में रखने से ही यह बुरा असर नहीं देता है।

नमक का गिरना अच्छा नहीं माना जाता। बुल्गारिया, यूक्रेन और रोमानिया जैसे देशों में इसे दुर्भाग्य और विवाद का सूचक समझा जाता है। भारत में इसका गिरना अशुभ माना गया है। नमक को गिराने से चंद्रमा और शुक्र दोनों कमजोर हो जाते हैं। * भोजन पकाते समय भोजन को चखे नहीं। उससे भोजन की पवित्रता नष्ट होती है और दरिद्रता आती है। नमक कम हो जाएगा तो बाद में डाल दिया जाएगा। भगवान को भोजन नैवेद्य लगाने के बाद ही भोजन को चखे।> > * नमक को सीधे सीधे किसी व्यक्ति के हाथ में मत दीजिए। नमक का पैकेट भी देने से बचना चाहिए। ऐसा मानते हैं कि इससे व्यक्ति के संबंध खराब होते हैं।

ध्यान रखें भोजन पकाते समय भोजन को चखे नहीं। उससे भोजन की पवित्रता नष्ट होती है और दरिद्रता आती है। नमक कम हो जाएगा तो बाद में डाल दिया जाएगा। भगवान को भोजन नैवेद्य लगाने के बाद ही भोजन को चखे।

चुटकी भर नमक का बस ऐसे करें इस्‍तेमाल :

दरिद्रता दूर करने हेतु : सप्ताह में एक बार गुरुवार को छोड़कर पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा साबुत खड़ा नमक (समुद्री नमक) मिला लेना चाहिए। इस उपाय से भी घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

धन का प्रवाह बनाए रखने हेतु : घर में धन का प्रवाह बनाए रखने के लिए कांच का एक गिलास लेकर उसमें पानी और नमक मिलाकर घर के नैऋत्य कोने में रख दें और उस के पीछे लाल रंग का एक बल्व लगा दें, जब भी पानी सूखे तो उस गिलास को साफ करके दोबारा नमक मिलाकर पानी भर दें।

धन प्राप्ति और बरकत हेतु : नमक को कांच के पात्र में रखें और उसमें चार-पांच लोंग डाल दें। इससे धन की आवक शुरू होने लगेगी और घर में बरकत भी बनी रहती है। इससे एक ओर जहां नमक में सुगंध बनी रहेगी वहीं इस उपाय से कभी धन की कमी नहीं होगी।

बाथरूम और टॉयलेट दोष से मुक्ति : नमक हर तरह की गंदगी को हटाने वाला रसायन है। एक कांच की कटोरी में खड़ा नमक (समुद्री नमक) भरें और इस कटोरी को बाथरूम में रखें। इस उपाय से भी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती… टॉयलेट में कांच के बाऊल में क्रिस्टल साल्ट (दरदरा नमक) भर कर रखें, 15 दिन बाद बदल दें, पहला टाॅॅयलेट के सिंक में डाल दें। अगर किसी कारण टॉयलेट उत्तर-पूर्व मेंहो तो इसके दरवाजे पर रोअरिंग लायन का फोटो पेस्ट कर दें।

वास्तुदोष मिटाएं नमक से : मिला जुला वास्तुदोष हो तो जिसे आप बदल नहीं सकते। मन में खिन्नता, भय, चिंता होने से, दोनों हाथों में साबुत नमक भर कर कुछ देर रखे रहें, फिर वॉशबेसिन में डालकर पानी से बहा दें। नमक इधर उधर न फेंके।

नजर उतारने के लिए : यदि आपको या किसी बच्चे को किसी की नजर लग गई है तो सात बार एक चुटकी नमक उस पर से उतारकर उसे बहते पानी में बहा दें। नल खोलें और उसे नल के बहते पानी में डाल दें। इससे नजर दोष दूर हो जाएगा। व्यक्तिगत बाधा के लिए एक मुट्ठी पिसा हुआ नमक लेकर शाम को अपने सिर के ऊपर से तीन बार उतार लें और उसे दरवाजे के बाहर फेंकें। ऐसा तीन दिन लगातार करें। यदि आराम न मिले तो नमक को सिर के ऊपर वार कर शौचालय में डालकर फ्लश चला दें। निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।

शनि के दुष्प्रभाव से बचें : करते समय आपको दाल या सब्जी आदि में नमक कम लगे तो उपर से नमक न डालें। ऐसे में काला नमक तथा मिर्च कम होने पर काली मिर्च का प्रयोग करें। यदि आप ऐसे नहीं करेंगे तो इससे शनि का दुष्प्रभाव शुरू हो जाएगा।

कुंडली में चंद्र और मंगल कमजोर है तो : अगर कुंडली में चंद्र कमजोर है तो समुद्री या सामान्य नमक का भोजन में इस्तेमाल न करें बल्कि सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। इससे आप रक्तचाप की समस्या से बचे रहेंगे।

मन की बैचेनी मिटाएं : यदि आपका मन बहुत अशांत रहता है। विचार चलते रहते हैं किसी प्रकार की चिंता से ग्रस्त रह रहे हैं तो इससे आपका स्वास्थ्य गिरता जाएगा। नमक मिले हुए जल से स्नान करने से शरीर तो शुद्ध होगा ही साथ ही मन की बैचेनी भी शांत हो जाएगी।

गृह क्लेश से बचने हेतु : यदि पति और पत्नी में किसी भी बात को लेकर अनबन है या गृहक्लेश है या किसी भी प्रकार की मानसिक अशांति है तो सेंधा या खड़े नमक का एक टुकड़ा शयनकक्ष के एक कोने में रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। इस टुकड़े को महीने भर के बाद बदल दें और दूसरा नया टुुकड़ा रख दें।

रोग से मुक्ति हेतु : सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें। अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें। इससे आपकी सेहत ठीक रहेगी। रोग से बचने के लिए साधारण नमक का कम ही उपयोग करना चाहिए। उसकी जगह सेंधा नमक या काले नमक का उपयोग भोजन के दौरान करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लंबी बीमारी से ग्रसित हैं तो उसके सिरहाने कांच के एक बर्तन में नमक रखें। एक सप्ताह बाद उस नमक को बदल कर दोबारा नमक रख दें। धीरे धीरे उस व्यक्ति की सेहत में सुधार होने लगेगा।
गले के कैंसर के लक्षण और भूलकर भी न करें इसे नज़रअंदाज़

गले के कैंसर के लक्षण और भूलकर भी न करें इसे नज़रअंदाज़


ये तो सब जानते है कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका आसानी से पता नहीं चलता. जिसके चलते इंसान को अपनी जिंदगी खोनी पड़ती है. इसलिए आज हम आपको गले के कैंसर के बारे में कुछ जरुरी बातें बताना चाहते है. जी हां कई बार इंसान को गले में दर्द होता है और वो इसे सामान्य दर्द समझ कर नजरअंदाज कर देता है. हालांकि ये कैंसर का लक्षण भी हो सकता है. मगर जब तक उसे ये बात पता चलती है, तब तक बहुत देर हो जाती है. ऐसे में ये जरुरी है कि वक्त पर इस बीमारी को पहचान कर इसका सही इलाज करवाया जाए, ताकि इंसान का जीवन बच सके. बरहलाल आज हम आपको गले के कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में बताने जा रहे है. जिसके तहत आप शुरुआत में ही इस रोग से आसानी से छुटकारा पा सकेंगे.

1. निगलने में तकलीफ होना..  बता दे कि ये गले में कैंसर होने का पहला संकेत है. हालांकि आम तौर पर लोग खाना निगलने में तकलीफ होने पर नरम खाना खाने की कोशिश करते है. मगर ये गलत है, क्यूकि ऐसी समस्या होने पर आपको डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.

2. आवाज में भारीपन आना..  गौरतलब है कि जिनके गले में कैंसर होता है उनकी आवाज में बदलाव आना और गले का बैठ जाना आदि लक्षण दिखाई देते है.
3. कान, गले और सर में दर्द होना..  गौरतलब है कि अगर लम्बे समय तक आपके कान, गले और सर में दर्द बना रहे, तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करे. वो इसलिए क्यूकि ये गले के कैंसर का सबसे शुरुआती लक्षण है. जी हां दरअसल कैंसर होने के बाद गले की ग्रंथिया सूज जाती है और दर्द करने लगती है.

4. कफ और गले में खिचखिच का होना..  बता दे कि अगर गले में काफी लम्बे समय से खराश की समस्या हो रही है और खांसने के बाद खून भी निकलता है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है. ऐसे में जरुरी नहीं कि ये कैंसर ही हो, लेकिन आपको डॉक्टर को जरूर दिखा देना चाहिए.

5. लगातार खांसी का आना..  अब यूँ तो आम तौर पर लोग खांसी को हल्के में ले लेते है और इसे नजरअंदाज कर देते है. मगर यदि आपको काफी लम्बे समय से लगातार खांसी आ रही हो तो, इसे नजरअंदाज न करे, क्यूकि ये कैंसर का संकेत हो सकता है. इसलिए एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं.

6. तेजी से वजन का कम होना.. अब यूँ तो बिना कोशिश किये किसी इंसान का वजन आसानी से कम नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद भी अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा है तो आपको सावधान होने की जरूरत है , क्यूकि ये अच्छी बात नहीं है. बता दे कि ये थायराइड होने का संकेत भी हो सकता है और अगर इसका सही इलाज न किया जाये, तो इससे गले का कैंसर भी हो सकता है.

बरहलाल अगर आपको खुद में या अपने परिवार के किसी सदस्य में ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे है तो तुरंत उन्हें डॉक्टर को दिखाए, कही ऐसा न हो कि बहुत देर हो जाये. जी हां यदि ये लक्षण तीन हफ्तों से ज्यादा दिखाई दे, तो जांच बेहद जरुरी है. गौरतलब है कि जब तक गले का कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में नहीं फैलता तब तक इसे आसानी से सर्जरी से हटाया जा सकता है. मगर यदि ये फ़ैल जाए, तो इसका इलाज करना काफी मुश्किल हो जाता है.

भूलकर भी न करें इन वस्तुओं का दान, नहीं तो हो जायेगें बर्बाद !

भूलकर भी न करें इन वस्तुओं का दान, नहीं तो हो जायेगें बर्बाद !


हिन्दु धर्म में दान की महत्वत्ता बतायी गयी है। दान को ही कलियुग में धर्म का आधार माना गया है। इसलिये समय समय पर लोग दान पुण्य करते रहते है। कहा जाता है जो व्यक्ति जितना दान करता है उसे उतना ही पुण्य प्राप्त होता है। लेकिन कई बार जाने अनजाने में हम उन वस्तुओं का दान कर देतें है जिससे पुण्य के बजाय पाप के भागी बनते है और इन वस्तुओं को दान करना अशुभ माना जाता है। इन वस्तुओं को दान करने से आपके घर में दरिद्रता आती है। इसलिये हम आज आपको बता रहें है कि किन वस्तुओं को दान करने से बचना चाहिये।
 

1. झाडु
हिन्दु धर्म में मान्यता है कि झाडु में लक्ष्मी का वास होता है अगर आप किसी को भी अपनी झाडु देते है तो आप उन्हें अपने घर की लक्ष्मी देते है। इससे लक्ष्मी नाराज हो जाती है और आपके घर में दरिद्रता आ जाती है। इसलिये भूलकर भी कभी झाडु का दान नहीं करना चाहिये।
 

2. तेल
वैसे तो शनिवार के दिन तेल दान करने का बडा महत्व है इससे शनिदेव प्रसन्न होते है लेकिन अगर आप उपयोग किया हुआ तेल दान करते है तो इससे शनिदेव नाराज हो जाते है इसलिये उपयोग में लाये गये तेल का कभी दान न करें।

3. कपडे
कपडों का दान करने का बडा महत्व है। लेकिन अगर आप पहने हुये कपडे किसी को दान करते है तो यह अशुभ फलदायक है इससे घर में धन हानि होती है। इसलिये जब भी कभी किसी को नये कपडे ही दान करें। पुराने कपडे दान करना आपके लिये नुकसानदायक होता है।
 

4. प्लास्टिक की वस्तुए
अगर किसी को आप प्लास्टिक की वस्तुएॅ दान करते है तो ये मान लीजिये आप अपने घर में दरिद्रता को आमंत्रण दे रहे है। इसलिये भूलकर भी कभी प्लास्टिक की वस्तुओं को दान देने से बचें। यह अमंगलकारी होता है।

5. हथियार या धारदार वस्तुए
कभी भी किसी को हथियार या धारदार वस्तुएॅ जैसे चाकू, तलवार आदि का दान नहीं करें। इससे घर में कलह का माहौल बनता है और घर की शांति नष्ट होती है। साथ ही इन धारदार वस्तुएॅ के दान करने से घर में आपसी संबध भी टूट सकते है।
 

6. स्टील के बर्तन
कभी भी किसी भी व्यक्ति को आप भूलकर भी स्टील के बर्तनां का दान न करें। स्टील के बर्तन दान करने से घर में कलह का माहौल बनता है। और घर में तनाव की स्थिती हमेशा बनी रहती है। इसलिये स्टील के बर्तनों को कभी दान नहीं करना चाहिये।
 

7. टूटी हुयी वस्तुए
दान करते वक्त एक बात का ध्यान रखना चाहिये कि जिस वस्तु का आप दान कर रहे है वह टूटी फूटी ना हो। टूटी हुयी वस्तुओं के दान करने से सौभाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है और बने हुये काम भी बिगडने लगते है। साथ ही समाज में अपमानित भी होना पडता है।

सोमवार, 7 मई 2018

तेज़ी से फ़ैल रहा हैं ये रोग, कहीं आप भी इसकी गिरफ्त में तो नहीं आ गए

तेज़ी से फ़ैल रहा हैं ये रोग, कहीं आप भी इसकी गिरफ्त में तो नहीं आ गए


त्वचा सम्बंधित सभी रोगों में दाद, खाज, खुजली सबसे जिद्दी बीमारी होती हैं. चर्म रोग की श्रेणी में आने वाली इन बीमारियों को लेकर यदि थोड़ी भी लापरवाही बरती जाए तो ये त्वचा में अपनी जड़े जमा कर परमानेंट हो जाती हैं. इसके बाद आप कितना भी इलाज करवा ले ये पुनः लौट आती हैं. दाद से बने काले निशानों को एक्जिमा कहा जाता हैं. ये ज्यादातर गुप्तांगो के आस पास की जगह पर होता हैं.

लक्षण: त्वचा पर लाल दाने, खुजली, जलन, या दाग के रूप में फैलाव और पुरे शरीर पर एक्जिमा की स्थिति में बुखार इसके कुछ लक्षण हैं.

वजह: ये समस्यां आमतौर पर केमिकल युक्त चीजों जैसे के साबुन, चूना, सोडा, डिटर्जेंट के अधिक इस्तेमाल, मासिक धर्म में परेशानी, कब्ज, रक्त विकार और किसी अन्य दाद, खाज, खुजली वाले व्यक्ति के कपड़े पहनने की वजह से होती हैं.

कैसे बचा जाए?


  • साबुन, शैम्पू और डिटर्जन का इस्तेमाल बंद कर दे. नहाने के लिए जरूरी हो तो ग्लिसिरीन सोप का उपयोग करे.
  • नहाने के बाद नारियल का तेल लगाए.
  • कोई भी एंटी फंगल क्रीम का इस्तेमाल लगातार डॉक्टर के बताए अनुसार करे. बीच में गेप हो जाने से ये दाद जिद्दी हो जाते हैं.
  • कपड़े पर साबुन और डिटर्जन लगाने के बाद उसे अच्छे से धो ले, उनपर इनका कोई अंश ना हो और कपड़े अच्छे से सूखने के बाद ही पहने.
  • नमक का इस्तेमाल बंद या कम कर दे.
  • दाद में से पीप (पानी) निकल रहा हो तो इसे सामान्य पानी से धोए नहीं.

सामान्य दाद का घरेलु नुस्खा


  • समुद्र के पानी में नहाने से एक्जिमा के मरीज को लाभ होता हैं.
  • नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर उस पानी से नहाए.
  • दाद पर अनार के पत्तों का पेस्ट लगाए.
  • केले के गुदे में नींबू के रस की कुछ बुँदे मिलाए और दाद वाली जगह पर लगाए.
  • बथुआ की सब्जी खाए और उसे उबालकर उसका रस पिए.
  • पीसी गाजर में सेंधा नामा मिलाए और उसे गुनगुना गर्म कर दाद पर लगाए.
  • कच्चे आलू का रस पिए.
  • नींबू के रस में सुखा सिंघाड़ा घिसे और दाद वाली जगह पर लगाए.
  • दाद वाली जगह पर हल्दी का लेप लगाए.
  • अजवाईन पीस कर गर्म पानी में मिलाए और इससे दाद को धोए.
  • नीम के पत्तों का 12 ग्राम रस रोजाना पिए.
  • दूध में गुलकंद मिलाकर पिए.
  • नीम की पत्ती को दही के साथ पीस लेप बनाए और इसे दाद पर लगाए.
  • गेंदे की पत्तियों को उबालकर उसका पेस्ट दाद वाली जगह लगाए.

पकने वाले दाद का नुस्खा

त्रिफला को कडाही या तवे पर ढक के तब तक गरम करे जब तक की वो राख में तब्दील ना हो जाए. अब इसमें घी, फिटकरी, सरसों का तेल और पानी मिला के मलहम तैयार कर ले. इसे दाद वाली जगह पर लगाने से पकने या पसीजने वाले दाद ख़त्म हो जाते हैं.

रूखे एवं जिद्दी दाद का नुस्खा

पलाश के बीज, मुर्दाशंख, सफ़ेदा, कबीला, मैनशिल और माजु फ़ल को सामान मात्रा में लेकर उसमे करंज के पत्तों का रस तथा नींबू का रस मिला ले. अब इसे पुरे दिन ऐसा ही रहने दे और अगले दिन इसकी गोली बना के गुलाबजल के साथ घिसते हुए दाद वाली जगह पर लगाए.

अगर आपको भी मिल रहे है ये संकेत,तो हो सकता है पेट का कैंसर

अगर आपको भी मिल रहे है ये संकेत,तो हो सकता है पेट का कैंसर


आपने बहुत से लोगों को उनकी सेहत को लेकर चिंतित होते हुए देखा होगा. जिसके बाद वो डॉक्टर से सलाह लेकर उन दवाइयों का सेवन करते हैं, जिसके बारे में उन्हें डॉक्टर लिख कर देते हैं, लेकिन फिर भी कभी-कभी स्वस्थ से जुड़ी हुई इन परेशानियों को ख़त्म करने में हमें सफलता नहीं मिल पाती. ऐसे में बहुत सी ऐसी बीमारियां भी होती हैं जो बेहद खतरनाक होती है. इन बीमारियों की वजह से व्यक्ति की मौत भी हो सकती हैं.

अक्सर हम जिन बीमारियों को छोटा-मोटा समझकर खुद ही उनका इलाज करने लगते हैं असल में वो बीमारियां बहुत बड़ी बीमारियां होती है. आप सभी ने कैंसर की बीमारी के बारे में तो सुना ही होगा. इस बीमारी का नाम सुनकर ही अच्छे-अच्छों के पसीने निकल जाते हैं.

ये एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में हमें जल्दी से पता नहीं चल पाता. आज हम आपको कैंसर से जुड़े हुए कुछ संकेतो के बारे में बताने जा रहे हैं. वैसे तो कैंसर बहुत तरह का होता है, लेकिन आज हम आपको पेट से जुड़े हुए कैंसर के लक्षण के बारे में बताने जा रहे हैं.

पहला संकेत
अगर आपके पेट में बहुत समय से हल्का-हल्का दर्द रहता है, आपको कब्ज है,पेट में सूजन हैं तो इसका अर्थ ये हुआ कि आगे चलकर आपको पेट का कैंसर हो सकता है, जिसकी वजह से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. जिसको भी ये बीमारी होगी उसके कमर का आकार धीरे-धीरे करके बढ़ने लग जायेगा.

दूसरा संकेत
अगर आपका वजन अचानक से कम होने लग गया है तो आपके लिए ये चिंता की बात है, क्योंकि वजन कम होना भी कैंसर का एक बहुत बड़ा लक्षण है. फेफड़ों, पेट में होने वाले कैंसर की वजह से सबसे पहले व्यक्ति का वजन ही कम होता है.

तीसरा संकेत
अगर आपको हमेशा कब्ज रहता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि कोलोन कैंसर की वजह से व्यक्ति को हमेशा कब्ज की समस्या रहती है,लेकिन अगर समय रहते इसका पता लगा लिया जाए तो इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है.
जानिए कैसे आपके घर में मौजूद ये चीज बदल सकती है आपका जीवन

जानिए कैसे आपके घर में मौजूद ये चीज बदल सकती है आपका जीवन


किवदंती के अनुसार कहा जाता है कि नील के पौधे की उत्पत्ति श्मशान में हुई थी, नील का पौधा मनुष्य के जीवन के सत्य के बारे में बताता है.यह संबोधित करता है कि जीवन के बाद मृत्यु है और मृत्यु के पुनः जीवन है।जीवन मरण ही इस धरती का सबसे बड़ा सच है. तंत्र शास्त्र के अनुसार नील माता सरस्वती का प्रतीक भी माना जाता  है, इसीलिए विघा की देवी को तारा देवी भी कहते है.

लोगो के अनुसार तो नील का इस्तेमाल सफेद कपड़ो की चमक वापस लाने के लिए लिया जाता है परंतु नील की सबसे अच्छाई यह भी है कि इसे मिटटी को उपजाऊ बनाने के लिए अपयोग करते है. इसकी पत्तियों के प्रसंस्करण से नील रंजक प्राप्त होता है,परंतु आप इस बात को नहीं जानते होगे कि यदि नील को इस तरह से उपयोग किया जाए तो यह हमारी किस्मत भी बदल सकता है. आइये जानते हैं इसके उपाय

जो भी व्यक्ति नील मिले सरसों के तेल का दीपक सरस्वती के आगे जलाता है उससे दुर्भाग्य दूर होता है.

सफ़ेद कपड़ो पर नील लगाने से चंद्रमा शुभ होकर मानसिक विकार दूर करता है।

आपने घर का वास्तुदोष दूर करना हो तो घर में नील व नमक का पौचा लगाये.

दरिद्रता को दूर करने के लिए ही चूना व नील मिलाकर दीवाली पर घर की पुताई करते  है.

घर के बहार नील से उल्टा स्वस्तिक बनाये इससे दुर्भाग्य से मुक्ति मिलेगी

राहू ग्रह के अशुभ प्रभाव हो तो नील से टॉयलेट साफ करें.

नील, समुद्री नमक, तंबाकू और रांगा मरघट में दबाने से आयु में वृद्धि होती है।

रविवार, 6 मई 2018

जानिये इस तरह की महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने में पुरुषों से ज्यादा रखती हैं रूचि !

जानिये इस तरह की महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने में पुरुषों से ज्यादा रखती हैं रूचि !


शादी एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हर लड़की का मन में एक ख्याल आता है कि उसकी भी शादी होगी. ये सब सोचकर उसका मन भी ख़ुशी से झूम उठता है बसर्ते उसकी शादी उसके पसंद के लड़के से हो जाये. हर लड़की के मन में यही रहता है कि उसका भी पति उसे बहुत प्यार करे और उसका पूरा ख्याल रखे. शादी का दिन जितना लड़कियों के लिए ख़ास होता है उतना ही लड़कों के लिए होता है. शादी के बाद से ही उन दोनों की नयी जिंदगी शुरू होती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शादी के बाद महिलाओं को सिंगार करना पड़ता है. शादी-शुदा महिला की जिंदगी में सिंगार बहुत मायने रखता है क्योंकि सुहागन महिला की पहचान उसका सिंगार होता है. ॐ शांति ओम में दीपिका पादुकोण ने एक डाइलोग बोला था अगर आपको याद हो तो कि “चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू?” अगर पुरानों के अनुसार देखा जाए तो महिलाओं के लिए मांग में सिंदूर काफी महत्व रखता है.

सिंदूर लगाने के महिलाओं के जीवन में कई महत्व हैं. कहा जाता है कि महिलाओं के सिंदूर लगाने से उनके पति की उम्र बढ़ती है और वह उनके पति की निशानी होता है. आज हम आपको सिंदूर के ऐसे फायदे बतायेंगे जिन्हें जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि सिंदूर महिलाओं का BP कण्ट्रोल करता है. इसी के साथ सिंदूर लगाने से महिलाओं के मन यौन इच्छा भी जाग्रत होती है.

गौरतलब है सिंदूर लगाने वाली महिलाओं में शारीरिक संबंध बनाने को लेकर एक अलग ही तरह की इच्छा होती है. इस तरह की महिलाओं को बाकी महिलाओं की तुलना में देखा गया है कि ऐसी महिलाओं में उनके मुकाबले सेक्स करने की क्षमता अधिक होती है. बता दें सिंदूर को देखकर महिलाओं को संबंध बनाने की लालसा पैदा होती है. आज का समय ऐसा हो गया है कि लोग सिंदूर बहुत कम बस दिखाने को ही लगाते हैं लेकिन सिंदूर के ये फायदे जानकर आप भी चौंक गये होंगे. बताया गया है कि इस तरह की महिलाएं पुरुषों से ज्यादा सेक्स करने में रूचि रखती हैं.

शनिवार, 5 मई 2018

सोने से भी कीमती यह चीज जिसे हम फैंक देते हैं, इसके बारे में जानकर दंग रह जाएंगे आप

सोने से भी कीमती यह चीज जिसे हम फैंक देते हैं, इसके बारे में जानकर दंग रह जाएंगे आप


संतरे हर किसी को पसंद होते  है लेकिन कुछ लोग इनको खाकर और इनके छिलके को फेंक देते हैं, क्योंकि वह नहीं जानते हैं कि इनसे कितना नुकसान होता है लेकिन इनके इतने फायदे होते है कि हर कोई इस बात को सुनकर दंग रह जायेगा इसके छिलके सोने की कीमत से कम नहीं होते हैं..बता दे कि संतरों के अलावा सभी फलों के छिलकों में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो कि आपके सेहत के साथ -साथ चेहरे के लिए भी फायदेमंद होते  हैं आइये जानते हैं कैसे,….

-संतरे का छिलका आपके पाचनतंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ आपके मेटाबॉलिज्म की गति को भी बढ़ाता है, जो मोटापा और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी दूर होती है.

-संतरे का छिलका एसि‍डि‍टी, हार्टबर्न, मतली, उल्टी आने जैसी समस्याओं को दूर करता है.

-यह छिलके ऑस्ट‍ियोपोरोसिस, कोलोन कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में काफी मददगार होते हैं, साथ ही लिवर को स्वस्थ रखकर उसके बेहतर क्रियान्वयन में भी सहायक होते हैं।संतरे के छिलके में फ्लेवेनॉइड्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं,

-इसमें विटामिन सी होने के कारण यह  रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है, साथ हीआपकी त्वचा के लिए भी अच्छा होता है.

-यदि आपके चेहरे पर ब्लैकहेड्स है तो संतरे  का छिलका को सूखाकर चेहरे पर रगड़ना चाहिए.यह  आपकी त्वचा को साफ, बेदाग और चमकदार बनाने का काम करता है।

… तो इस कारण पुराने ज़माने में रानी महारानियाँ दिखती थी इतनी सुंदर और हॉट

… तो इस कारण पुराने ज़माने में रानी महारानियाँ दिखती थी इतनी सुंदर और हॉट


सुन्दरता हर किसी को पसंद होती हैं| खासकर महिलाओं के मामले में तो ये बात पुरुषों से अधिक सत्य है| आज के ज़माने में तो बाज़ार में बहुत सी ब्यूटी क्रीम उपलब्ध हैं| लेकिन पुराने ज़माने में जब रानियों के पास इस तरह की कोई   ब्यूटी क्रीम भी नही होती थी तो जानिए वो क्या करती थी खुद को सुंदर, आकर्षक व फिट बनाये रखने के लिए|क्योंकि उस समय के वो आयुर्वेदिक उपाय आज के ज़माने में भी उतने ही काम आते हैं| और इनके कोई साइड इफ़ेक्ट भी नही होते |

रानियों के स्नान के लिए विशेष जल तैयार किया जाता था
रानियां स्नान करते समय पानी में चन्दन, दूध, केसर और गुलाब जल का मिश्रण बना कर मिलाती थी| इस जल से स्नान करने पर उनकी त्वचा में निखार और कसाव आता था| उस समय रानियां बहुत से आभूषण पहनती थी, जो उनकी खूबसूरती में चार चांद लगाते थे| इसके अलावा वो अपने कपड़ों पर फूलों के रस से बने इत्र का उपयोग करती थी|

केसर का प्रयोग 
प्राचीन समय में रानियाँ अपने शरीर की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए केसर को ब्यूटी प्रोडक्ट के तौर पर इस्तेमाल करती थी| केसर को नारियल के तेल में मिलाकर शरीर पर इसका लेप करती थी| आज भी बहुत सी महिलाये इसको इस्तेमाल करती हैं| इसके अलावा केसर को दूध में भिगोकर नहाने से पहले चेहरे पर लगाया जा सकता है|

पुदीने के पत्तों का इस्तेमाल 
रानियाँ अपनी सुन्दरता को बढ़ाने के लिए पुदीने की पत्तियों को पीसकर हाथो से चेहरे पर लगाती थी| यह बेस्ट स्किन  क्लीनिंग का काम करता था| आज भी यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है| आप बेझिझक इसका प्रयोग कर सकते हैं| यह चेहरे के दाग-धब्बे व पिम्पल को हटाकर आपको आकर्षक लुक देगा|

शहद
प्राचीन काल में रानियाँ शहद का इस्तेमाल भी करती थी| शहद एक नेचुरल मोईसरैजेर का काम करता है| यह आपके चेहरे की रंगत को निखारता है| आज भी बहुत से लोग इसे चेहरे पर प्रयोग करते हैं| लेकिन शहद मिलावटी नही होना चाहिए|

भोजन व फिट रखना
पुराने समय में रानियां फल, सब्जियों, फलों का रस, अखरोट, जैतून का तेल और मांस-मछली का सेवन करती थी| इनकी ऐसी डाइट उन्हें सेहतमंद बनाने के साथ-साथ खूबसूरत रखने में भी मदद करती थी| प्राचीन समय में खुद को फिट रखने के लिए रानियां तलवार चलना, तीरंदाजी करना, घुड़सवारी करना, शिकार खेलना और व्यायाम करनाआदि किया करती थी| इन तरीकों से वो खुद को फिट और सुंदर बनाए रखती थी|

शुक्रवार, 4 मई 2018

90% लड़कियां सोते समय अपने शरीर के इस हिस्से पर रखती हैं अपने हाथ, जानिए क्यों ?

90% लड़कियां सोते समय अपने शरीर के इस हिस्से पर रखती हैं अपने हाथ, जानिए क्यों ?


दिनभर की भाग दौड़ की जिंदगी , कभी काम तो कभी इंज्वॉय बस फिर क्या दिन खत्म और थकान शुरु । कुछ लोग अपनी थकान अच्छे से निकाल पाते है तो कुछ लोगों को आराम नहीं मिलता । क्योंकि काम और आराम के बीच वक्त का फासला बहुत कम होता है । दिन भर काम कर लोगों को बस रात का इंतजार होता है कि कब रात हो और वो खाना-खा के सो जाए ।
नींद के बारे में एक मशहूर कहावत है – चलो नींद के दफ्तर में हाज़िरी लगा आते हैं, वो सपनो में आये तो ओवर टाइम भी कर लेंगे…।

रात की भरपूर नींद जितनी अच्छी होती है उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है । सोने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है । दिनभर जो मनसिक तनाव सहा है उससे राहत मिलती है । इसलिए कहते है ना नींद दिनभर में कितना भी ले लो लेकिन नींद तो रात की ही बेहतर होती है ।

हर इंसान चाहता है कि उसे थकान के मारे चैन की नींद आए और रात कट जाए । जितने लोग उतने तरीके भी है । जी हां सभी का सोने का तरीका भी अलग- अलग होता है, आज हम आपसे इसी तरीके की चर्चा करेंगे । खासकर लड़कियों के सोने के तरीकों की हम बात करेंगे । क्योंकि 90% लड़कियां रात को सोते समय अपने शरीर के जिन हिस्सों पर हाथ रख के सोती है वो जानकर आप दंग रह जाएंगे । लेकिन जो भी उन्हें ऐसा करने में आराम महसूस होता है ।

रात में कुछ लड़कियां बिंदास होकर सोती है तो कुछ अलग अलग पोजिशन में सोती है । किसी को सीधा सोने में दिलचस्पी है तो किसी-किसी को उल्टा सोने में सुकुन मिलता है । चलिए आज हम आपको बताएंगे की 90 % लड़कियां रात में अपने किस अंग को पकड़ के सोती है , जिससे उनको नींद अच्छी आती है ।

लड़कियां ज्यादातर अपने दोनों हाथ अपने पैरों के बीच में रखती है
एक रिसर्च में ये मामला साफ हो चुका है कि अधिकतर लड़कियां जब रात को सोती हैं तो वो अपने दोनों हाथों को पैर के बीच दबा लेती है । ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से वो खुद को अच्छा महसूस कराती है । अकेले सोने का भय या थकान भी दूर हो जाती है । ऐसी पोजिशन अकसर करवट लेके ही कि जा सकती है । इनमें से 70 % लड़कियां अपने लेफ्ट में सोती है ।

बगल में तकिया लेकर हाथ में हाथ लेकर या गाल पर हाथ लगाकर सोना:
कुछ लड़कियां अपने बगल में तकिया लेके सोती है । अपने हाथों को दूसरे हाथ से दबाकर सोती है ,ऐसा सोने वालों की माने तो उन्हें नींद अच्छी आती है । वैसे देखा जाए तो एक तरफ एक ही करवट लेके सोने से शरीर में खून का प्रवाह भी बना रहता है और इससे दिमागी संतुलन भी बना रहता है ।

अपने दोनों पैरों को मोड़ लेना और घुटने को टच करना:
बहुत सारी लड़कियां अपने दोनों पैरों को मोड़ कर भी सोती है । हांलकि ये पोजिसन अकसर सेहत के लिए नुकसान देह है । इससे सुबह पैर भारी रहते हैं औऱ पैरों को सीधा करने में परेशानी भी होती है ।अगर भूलकर भी आपलोग करते है ऐसा काम तो हो जाएं सावधान ,ऐसा करने से नींद तो खराब होती ही है और शरीर पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है ।

रात को सोते समय लडकियाँ ऐसे सोती है – हो गए ना हैरान सुनकर लेकिन ये सच है 90 % लड़कियां इसी तरह सोती है । और बची 10 % लड़कियों का कोई फिक्स पोजिशन नहीं है । क्योंकि जिसको जैसे नींद आती है वो वैसे ही सो जाती है । जो भी हो लेकिन इतना तो तय है कि नींद सेहत के लिए बहुत जरुरी है । इसलिए नींद के शौकिन बस ख्वाबों का मजा लें औऱ सेहत बनाए ।
शादी में हो रहा है विलम्ब तो कुंडली में हो सकते हैं ये दोष

शादी में हो रहा है विलम्ब तो कुंडली में हो सकते हैं ये दोष


किसी भी माता-पिता के लिए उसके बच्चों के विवाह में देरी होना बहुत ही चिंता का विषय होता है| समय पर शादी न होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-कुंडली दोष होना, मांगलिक दोष, ग्रहों का उल्ट होना या फिर कुंडली में पितृदोष होना| कारण चाहे जो भी हो ये आपकी या आपके किसी रिश्तेदार की शादी में इस प्रकार अड़चन पैदा करते हैं कि या तो कहीं  कोई रिश्ता नही आता और रिश्ता आ भी जाता है बात नही बन पाती| कई बार अपनी लड़की की शादी के लिए बहुत धक्के खाने के बाद भी योग्य वर या लड़के के  लिए योग्य कन्या नही मिल पाती | ज्योतिषाचार्य के अनुसार इनका कारण  अच्छे से निवारण करना आवश्यक है |
 

विवाह में देरी के कारण

मांगलिक दोष: शीघ्र विवाह के उपाय में मांगलिक दोष का समाधान होना आवश्यक होता है| यदि किसी जातक की कुंडली में मांगलिक दोष है तो शादी में देरी के लिए ये सबसे अहम कारण बनता है| इसके अलावा इस दोष के साथ यदि जातक का विवाह हो चुका है तो शादी में कलह की स्थिति बनी रहेगी इसलिए एक मांगलिक की शादी एक मांगलिक जातक से ही होनी चाहिए| इससे मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है

सप्तमेश का बलहीन होना: यदि जातक के सप्तम भाव का स्वामी दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो अथवा अपनी नीच राशि में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाता है। इसके अलावा सप्तमेश 6, 8,12 भाव में स्थित होने पर कमज़ोर होता है और इसके प्रभाव से जातकों के विवाह में देरी होती है
 

बृहस्पति ग्रह का बलहीन होना: यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो, सूर्य के प्रभाव में आकर अस्त हो अथवा अपनी नीच राशि मकर में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाएगा और इससे जातक को शादी-विवाह में दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा

शुक्र का नीच होना: यदि जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमज़ोर होता है तो उसके जीवन में कोई भी काम पूरा नहीं हो पाता है और इसलिए जातक को अपने विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ता है

नवांश कुंडली में दोष: जन्म कुंडली के नौवें अंश को नवांश कुंडली कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस कुंडली से जातक के जीवन साथी के बारे में सटीक अनुमान लगाया जा सकता है इसलिए यदि जातक की इस नवांश कुंडली में दोष हो तो जातक के विवाह में बाधाएँ उत्पन्न होंगी
 

विवाह बाधा निवारण प्रयोग

बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है इनकी पूजा से विवाह के मार्ग में आ रही सभी अड़चनें स्वत: ही समाप्त हो जाती हैं। इनकी पूजा के लिए गुरुवार का विशेष महत्व है|

गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए| पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि इसी तरह की वस्तुएं गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए| साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए
 

एक लड़की की शादी के मामले में देरी हो रही है, तो उसकी शादी वार्ता के दौरान शुक्रवार को सफेद और गुरुवार को पीले कपड़े पहनने के लिए दे तो यह शादी की बात बनने के लिए बेहतर है। 4 सप्ताह के लिए यह करें तो निश्चित रूप से अच्छा प्रस्ताव मिल जाएगा।

नहाने के पानी में हल्दी की एक चुटकी मिला कर स्नान करें।  यह उपाय विवाह योग्य आयु प्राप्त लोगों की जल्दी शादी में मदद करता है

लड़कियां योग्य वर की प्राप्ति के लिए सोलह सोमवार का व्रत करें| भगवान शिव को बेलपत्र या भांग के पत्ते व कच्चा दूध चढ़ाएं

किसी भी रिश्तेदार की शादी में जाएँ तो वहां मेहंदी की रस्म में ज़रूर भाग लें (खासकर लड़कियों के लिए) दुल्हन को थोड़ी मेहँदी अपने हाथों से लगायें व दुल्हन की बची मेहँदी में से कुछ अपने हाथों में लगायें| यह कन्याओं के लिए शुभ होता है


गुरुवार, 3 मई 2018

जानिए आखिर क्यों अपने पति से छिपाकर ये काम करती हैं पत्नियां! जानकर उड़ जाएगें होश

जानिए आखिर क्यों अपने पति से छिपाकर ये काम करती हैं पत्नियां! जानकर उड़ जाएगें होश


शादीशुदा ज़िन्दगी में मिठास बनाए रखने के लिए उसमें कभी-कभी रोमांस का तड़का लगाना बेहद जरुरी है. जितने भी दिन शादीशुदा जोड़ों में रोमांस रहता है उतने दिन उनके रिश्ते में कोई भी दिक्कत नहीं आती, लेकिन जैसे ही उनके बीच रोमांस खत्म हो जाता है तब उनके रिश्ते में परेशानियां आनी शुरू हो जाती है, लेकिन एक रिसर्च अनुसार हम आपको बता दें कि इसी रोमांस के बीच पत्नी की कुछ ऐसी बातें हैं जो कि अपने पति से हमेशा छिपाकर रखती है, वजह जानकर चोक जाएगें आप..

दरअसल आपको बात दें कि अधिकतर महिलाये अपने पति से कुछ ना कुछ बात छिपाकर रखती है उन्ही में से कुछ ऐसी बातें जो कि ना बताने से पति पत्नी के रिश्तों में दरार पड़न लगती है.इसीलिए हर एक शादीशुदी पुरुष को ध्यान रखा चाहिए कि अगर आपकी पत्नी आजकल चुपचाप रहती हैं तो जरुर वह आपसे कुछ बात छिपा रही है.

महिलाएं ज्यादतार अपने निजी अंगो से जुड़ी बिमारी के बारे में छुपाना पसंद करती हैं.. साथ ही वह अपने पति से शारीरक सबंध से संबंधित कोई भी बाते खुलकर बोल नहीं पाती हैं, यदि उनको कोई समस्या भी है तो वह पति की वजाह अपनी सहेली को बताना  पसंद करती हैं.बहुत बार ऐसा भी होता है  कि वह अपनी बात को छुपाने के लिए अपने पति से झुठ तक बोल देती है, जिससे उनके रिश्ते खटास हो सकती है.

महिलाएं वैवाहिक जीवन के विभिन्न पड़ावों पर अपने पति से न चाहते हुए भी काई बातों को छिपाने के लिए झूठ बाेलती हैं,सभी पत्नियों की सबसे बुरी बात होती है कि वह अपनी छोटी-मोटी परेशानियों नजरअंदाज कर देती हैं, और फिर आगे बड़ी समस्या होने का डर रहता है.

वहीं अगर पत्नी का शारीरक संबध बनाने का मन भी होता है, तो वह अपने पति से इस बात को भी कहने से शर्माती है, लेकिन पुरुषों में ऐसा नहीं होता है. ज्यदातर सभी महिलाओं  को कुछ ना कुछ बाजार से खरीदना पसंद होता है लेकिन वह इस बात को भी पति से छिपाती है, है कि वह बाजार से क्या खरीदकर लाई हैं, इसके अलावा भी पत्नियां बच्चों की कमियों को भी पति को बताना पसंद नहीं करती हैं, ताकि घर का माहौल खराब ना हो.

खीरे का इस तरह सेवन करने से कुछ ही दिनों में जादुई तरीके से घट जायेगा आपका वजन

खीरे का इस तरह सेवन करने से कुछ ही दिनों में जादुई तरीके से घट जायेगा आपका वजन


भारत में अब गर्मियां दस्तक दे चुकी हैं. मार्किट में गर्मियों के मौसम में मिलने वाली सब्जियां और फल भी आ गए हैं. गर्मियों के मौसम में लोग सबसे ज्यादा खीरे का उपयोग करते हैं. बता दें कि गर्मियों के मौसम में अगर खीरे का इस्तेमाल किया जाए तो ये व्यक्ति के शरीर को ठंडक पहुंचाता है. इसके अलावा गर्मियों के मौसम में खीरा खाने से वजन भी बहुत जल्दी कम होता है. आज हम आपको खीरे के कुछ ऐसे फायदे बताने जा रहे हैं जिनके बारे में शायद आपने आज से पहले सुना ही नहीं होगा.

1. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि गर्मियों के मौसम में खीरा खाने से वजन बहुत जल्दी कम होता है, क्योंकि खीरे में बहुत कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है जो व्यक्ति के वजन को बहुत हद तक कम करती हैं. अगर आप भी अपना वजन बहुत जल्दी कम करना चाहते हैं तो खाने में खीरे का सेवन जरुर करें. खाने में खीरे का सलाद खाने से आपका वजन कुछ ही दिनों में कम होने लग जायेगा.

2. गर्मी के दिनों में छिलके वाले खीरे खाने से व्यक्ति का पाचनतंत्र एकदम ठीक रहता है. खीरे को खाने से आपको किसी भी तरह का खाना आसानी से पच जाता है. इसके अलावा खीरे में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है जो व्यक्ति के पेट के लिए बहुत अच्छा होता है. खीरे में पाए जाने वाले फाइबर व्यक्ति के पेट को साफ रखने में भी मदद करते हैं.

3. खीरे को विटामिन का बहुत बड़ा स्रोत कहा जाता है. जिसकी मदद से व्यक्ति के शरीर में प्रोटीन की मात्रा एक्टिव रहती है. व्यक्ति के शरीर में विटामिन होना बहुत जरुरी होता है, क्योंकि ये व्यक्ति के शरीर में कोशिकाओं को बढ़ने में सहायक होता है. इसके अलावा खीरे का सेवन करने से व्यक्ति के शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी नहीं आती.

क्या आपके मोबाइल नंबर में भी है ये शुभ अंक तो बन सकते हैं करोड़ो के मालिक

क्या आपके मोबाइल नंबर में भी है ये शुभ अंक तो बन सकते हैं करोड़ो के मालिक


आज के समय के दो बड़े सच अगर हम आपको बताएं तो पहला तो ये होगा कि हम सबके पास आज मोबाइल होता है. दूसरा ये कि चाहे हम कितने भी मॉडर्न हो गए हों लेकिन आज भी हम में से कई ऐसे लोग ज़रूर होते हैं जो शास्त्र, अंक ज्योतिष में बहुत विश्वास रखते हैं. ऐसे में आज हम आपको आपके मोबाइल नंबर और अंक शास्त्र से जुड़ी एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है. हमारी आज की इस खबर में हम आपको बतायेंगे कि आपकी राशि के अनुसार अगर आपके फोन नंबर में ये अंक है तो ये आपके लिए काफी लाभदायक होता है.

तो आइये आपको बताते हैं कि आपकी राशि और आपके मोबाइल नंबर का वो अनोखा मेल.


मेष राशि : मेष राशिके जातकों के लिए अंक 4 और अंक 7 बेहद लकी माना जाता है. ऐसे में उनके लिए इन्ही अंको के योगांक का मोबाइल नंबर लेना लाभदायक होता है.

वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों का लकी नंबर माना जाता है 5 और 8. ऐसे में उन्हें इन अंकों का योगंक का नंबर लेना चाहिए.

मिथुन राशि : मिथुन राशिके जातकों के लिए अंक 6 और 9 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए अंक  8 और 9 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

सिंह राशि : सिंह  राशि के जातकों के लिए अंक 2 और 4 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए अंक 5 और 8 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए अंक 7 और 1 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अंक 4 और 5 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

धनु राशि : धनु राशि के जातकों के लिए अंक 9 और 8 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए अंक 4 और 9 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

कुंभ राशि : कुम्भ राशि के जातकों के लिए अंक 2 और 7 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए अंक 6 और 8 अंक शुभ होते हैं. ऐसे में इन्हें इसी योगांक का नंबर लेना चाहिए.
अगर जल्दी प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो शारीरिक संबंध बनाते समय रखें इन खास बातों का ध्यान !

अगर जल्दी प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो शारीरिक संबंध बनाते समय रखें इन खास बातों का ध्यान !


ऐसा कई बार देखा गया है की पति पत्नी बहुत समय से बच्चे की चाह में शारीरिक संबंध बना रहे हैं लेकिन फिर भी औरत गर्भ धारण नहीं कर पा रही है |ऐसे में लोगों को कुछ बीमारी होने या अनफर्टिलिटी की समस्या होने का शक होता है  और  सीधे डॉक्टर्स के पास भागते हैं | लेकिन हर बार इस समस्या का समाधान सिर्फ डॉक्टर ही नहीं है आपके गलत ढंग से बनाये गये शारीरिक संबंध भी हो सकते हैं |अकसर कपल्स जानकारी के आभाव में ऐसा करते हैं | आईये आज आपको बताते हैं की जल्दी से प्रेग्नेंट होने  के लिए शारीरिक संबंध बनाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए |

शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी अगर आप कंसीव नहीं कर पा रहीं हैं तो इसके पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं।

1. जल्दी प्रेंग्नेंसी के लिए जरूरी है कि संबंध बनाते वक्त पुरुष अपना स्पर्म महिला की वेजिना में ज्यादा से ज्यादा गर्भाशय के नजदीक स्खलित करे। इससे बहुत कम मात्रा में स्पर्म गर्भाशय में जाने से बच पाते हैं और गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

2. संबंध बनाने के बाद महिला को पीठ के बल लेट जाना चाहिए और अपने पीठ के निचले हिस्से के नीचे तकिया लगा लेना चाहिए और इस अवस्था में तकरीबन 20-30 मिनट तक बने रहना चाहिए। इससे वेजिना गर्भाशय की ओर झुक जाता है और वीर्य आसानी से गर्भाशय में पहुंच जाता है।

3. संबंध बनाने के तुरंत बाद खड़े नहीं हो जाना चाहिए। ऐसा इसलिए कि सेक्स के तुरंत बाद अगर महिला खड़ी हो जाए तो गुरुत्वाकर्षण की वजह से स्पर्म गर्भाशय में नहीं जा पाता।

अपने दरवाजे पर रोज सुबह छिड़क दें ये पानी, मिलेंगे फ़ायदे

अपने दरवाजे पर रोज सुबह छिड़क दें ये पानी, मिलेंगे फ़ायदे


सभी देवी-देवताओं की पूजा में दीपक के साथ ही कर्पूर से भी आरती करने की परंपरा है। कर्पूर जलाने से निकलने वाला धुआं नकारात्मकता दूर करता है वातावरण को पवित्र बनाता है। ज्योतिष में कर्पूर के कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनसे धन की कमी भी दूर हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार कर्पूर के कुछ खास उपाय…

उपाय- 1
रोज सुबह गंगा जल में या साफ जल में कर्पूर मिलाएं और मेन गेट पर छिड़कें। इस उपाय से घर में नकारात्मकता प्रवेश नहीं करती है। किसी की बुरी नजर नहीं लगती है।

उपाय- 2
रोज सूर्यास्त के समय कर्पूर जलाएं और पूरे घर में घुमाएं। तुलसी के पास भी कर्पूर जलाएं, आरती करें। घर के मंदिर में भी कर्पूर जलाएं। इस उपाय लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।

उपाय- 3
रोज शाम को बेडरुम में कर्पूर जलाने से स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

उपाय- 4
बुधवार को घी, कर्पूर और मिश्री का दान करें। इस उपाय से भी निकट भविष्य में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

उपाय- 5
देवी-देवताओं की पूजा करते समय कर्पूर से आरती अवश्य करें। इस उपाय से पूजा भगवान की प्रसन्नता मिलती है।

आप यहां बताए गए कर्पूर के पांचों उपाय कर सकते हैं या कोई एक उपाय भी नियमित रूप से करते रहने से सकारात्मक फल मिल सकते हैं। मान्यता है कि कर्पूर घर में अवश्य रखना चाहिए, इससे घर के वास्तु दोष भी दूर हो सकते हैं।