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शनिवार, 15 अप्रैल 2017

गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए 12 घरेलू उपचार

गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए 12 घरेलू उपचार


कुछ लोग छाती में होने वाले दर्द के कारण चिंता करने लगते हैं तथा ऐसा मानते हैं कि यह दर्द हार्ट (हृदय) से संबंधित किसी समस्या के कारण है। परंतु यह एक अस्थायी दर्द होता है तथा तब तक रहता है जब तक गैस निकल नहीं जाती। सौभाग्य से गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए कई घरेलू उपचार उपलब्ध हैं। ये उपचार हम आज आपके साथ शेयर कर (बाँट) रहे हैं।

अपूर्ण पाचन, जल्दी जल्दी खाना खाते समय खाने के साथ हवा निगलने, कब्ज़, तैलीय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने, अधिक फाइबर और स्टार्च युक्त आहार लेने, खाद्य पदार्थों की एलर्जी आदि के कारण आँतों में गैस बन सकती है। कुछ पेय पदार्थ जैसे सोडा युक्त ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर के कारण भी यह समस्या हो सकती है। गैस निकलना, पेट में दर्द, छाती में दर्द, पेट में सूजन और भूख न लगना छाती में दर्द के लक्षण हैं। गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द का क्या इलाज है? आज बोल्ड स्काय आपको गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए कुछ घरेलू उपचार बताएगा। पेट और छाती के बीच फंसी हुई गैस को निकालने के लिए कुछ घरेलू उपाय देखें।

इलायची और जीरा
गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है। ये कार्मिनटिव (वातहर) की तरह कार्य करते हैं। ये पेट से गैस निकालते हैं तथा इस फंसी हुई गैस के कारण छाती और पेट में होने वाले दर्द से आराम दिलाते हैं। आप इलायची को पानी में कुछ देर उबालकर इलायची की चाय पी सकते हैं। ये पाचन में भी सहायक होते हैं तथा गैस बनने से भी रोकते हैं।

गर्म तरल पदार्थ पीना
गर्म तरल पदार्थ जैसे चाय या कॉफ़ी पेट और छाती से प्राकृतिक तरीके से गैस निकालने में सहायक होते हैं। गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द से आराम पाने के लिए यह एक प्रभावी उपचार है।

पपीता
गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक सर्वोत्तम उपचार हैं। यह पेट में गैस बनने से भी रोकता है। अत: यह पाचन के लिए भी अच्छा होता है। यदि आप गैस की समस्या से ग्रस्त हैं तो प्रतिदिन पपीता खाने की आदत डालिए।

पेपरमिंट टी 
यह भी वातहर की तरह काम करता है क्योंकि यह पेट से गैस निकालने में सहायक होता है। यह भोजन के पाचन में भी सहायक होता है। यह जी मचलाने और उल्टी के लिए भी एक प्रभावी उपचार है। छाती में फंसी हुई गैस को निकालने के लिए पेपरमिंट टी एक प्राकृतिक उपाय है।

अदरक या कैमोमाइल टी (चाय)
 ये हर्बल टी (चाय) भी गैस की समस्या में लाभकारी होती है। गैस बनने से रोकने के लिए खाना खाने के बाद इनका सेवन करें और यदि गैस बनती भी है तो ये चाय गैस निकालने में सहायक होती है।

व्यायाम 
आपको ऐसे व्यायाम करने चाहिए जो पाचन में सहायक हों। यदि आपकी जीवनशैली निष्क्रिय या गति रहित है तो पाचन अच्छे से नहीं होगा जिसके कारण गैस बन सकती है। अत: हमेशा कोई हल्की फुल्की कसरत करें।

ऐप्पल सीडर विनेगर 
एक गिलास में एक चम्मच ऐप्पल सीडर विनेगर मिलाकर पीयें। यह पेट से गैस निकाल देता है। यह पाचन में भी सहायक होता है तथा गैस बनने से भी रोकता है। गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक प्रभावी घरेलू उपचार है।

दूध से बने पदार्थों का सेवन न करें 
कुछ लोगों को दूध से बने पदार्थ सहन नहीं होते। इन लोगों को दूध से बने पदार्थ खाने के बाद अपचन और गैस की समस्या हो जाती है। आप वे खाद्य पदार्थ जानते हैं जिनके कारण गैस होती है और उनका उपयोग टालें।

पानी अधिक पीयें 
अपचन के कारण गैस बनती है। यदि आप अधिक पानी पीयेंगे तो बिना पचा हुआ भोजन मल के रूप में आपके शरीर से बाहर निकल जाएगा। पानी से कब्ज़ भी दूर होती है तथा शरीर से गैस भी निकल जाती है।

सॉफ्ट ड्रिंक्स न पीयें 
जैसा कि इनके नाम "कार्बोनेटेड ड्रिंक्स" से ही पता चलता है कि इनमें कार्बन डाई ऑक्साइड गैस होती है। ये पेट और छाती में गैस की समस्या को बढ़ा सकते हैं। अत: इनके वजह से गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द की संभावना बढ़ जाती है।

सरसों के बीज (राई) 
ये पेट से गैस निकालने में सहायक होते हैं। अपने दैनिक आहार में जैसे जो खाना आप पकाते हैं उसमें इन्हें शामिल करें।

बुधवार, 3 अगस्त 2016

पेट में गैस की समस्या का घरेलू इलाज

पेट में गैस की समस्या का घरेलू इलाज



एसिडिटी क्या है? 
आजकल प्राय: बच्चो,युवा वर्ग एवं 60 वर्ष से अधिक के उम्र के लोगो मे पेट मे अम्ल की अधिकता के कारण गैस की समस्या देखी जा रही है। यदि पेट की भीतरी परत अम्ल बना रही हो और वो पेट की सतह को छू रही हो तो इसके द्वारा पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द एवं पीड़ा होती है।
पेट में गैस की समस्या का कारण?
पेट में गैस की समस्या मुख्य कारण पेट मे बनी हुई अम्ल की मात्रा अपाच्य भोजन, पेट मे जलन एवं हृदय मे जलन होती है। इसके अलावा और भी कारण होते है, गैस की समस्या के जैसे- वाइरल ज्वर,इंफेकशन,पथरी, ट्यूमर,अल्सर इत्यादि है। इसके अलावा भी बहुत सारे कारण है जिसकी वजह से लोग इस समस्या से ग्रसित रहते है जैसे – अत्यधिक भोजन, मानसिक चिंता,असुपाच्य भोजन,शराब पीना,भोजन का उचित प्रकार से न चाबाना इत्यादि। इन सभी कारण के अलावा गैस की समस्या का एक कारण बॅक्टीरिया का होना भी हो सकता है- बॅक्टीरिया जैसे एच-पाइलोरी। इस समस्या से निवारण के लिए शुरुआती दौर मे ही द्वा के द्वारा सुरक्षित रखा जा सकता है। गैस की समस्या के मुख्य लक्षण उल्टी,दस्त,पेट मे जलन एवं भोजन का न पच पाना इत्यादि है।
पेट में गैस की समस्या के मुख्य कारण एसिडिटी, बदहज़मी, पेट में दर्द और सीने में जलन। कुछ और कारण हैं वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण, फ़ूड पोइज़निंग, किडनी में पथरी, कब्ज़, ट्यूमर, पैंक्रिअटाइटिस और अलसर आदि। ऐसे कई कारण होते हैं जिनकी वजह से लोग गैस की समस्याओं के शिकार होते हैं। इनमें से कुछ कारण हैं तीखा या चटपटा भोजन करना, तनाव, हाज़मे में तकलीफ, भोजन अच्छे से ना चबाना और काफी मात्रा में शराब का सेवन। इसके अलावा एच पाइलोरी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से भी गैस की समस्या होती है। एसिडिटी की दवाई, अतः आपको इस गंभीर समस्या का इलाज निकालना चाहिए। इसका शुरूआती चरण में पता चलने पर तथा उपचार शुरू होने पर आप जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। भूख न लगना, बदबूदार सांसें, पेट में सूजन, उलटी, बदहज़मी, दस्त आदि गैस के लक्षण हैं।
गैस की समस्या के सामान्य लक्षण :
1. बदहज़मी
बदहज़मी का मुख्य कारण गलत खानपान या अधिक मात्रा में भोजन करना हो सकता है। ज्यादा तेज़ी से खाना खाने पर भी बदहज़मी हो सकती है। शारीरिक और मानसिक तनाव से भी कई बार बदहज़मी हो सकती है। बदहजमी के दौरान पेट में खाना हज़म होने के दौरान अम्ल का उत्पादन होता है। इससे काफी पीड़ा और परेशानी होती है।
2. सीने में जलन
सीने में जलन का मुख्य कारण पेट का अम्ल होता है, जिसके इसोफेगस में आ जाने की वजह से ही यह जलन होती है। इस समस्या के मुख्य लक्षण हैं गले में जलन। इस समय कुछ भी निगलना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार इसकी वजह से कई अन्य गंभीर समस्याएं जैसा दिल के दौरे की समस्या भी हो सकती है। ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह करके कुछ दवाइयां ले लें।
3. पेट में सूजन
इसके अंतर्गत आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसा देखा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस समस्या की ज़्यादा शिकार होती हैं। जो लोग कब्ज़ के शिकार होते हैं, उन्हें पेट का सूजन होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।
4. साँसों की बदबू
साँसों में बदबू का उत्पन्न होना पेट में गैस बनने का एक और लक्षण है। पेट में गैस बनने पर अम्ल पैदा होता है, जो हमारे पेट से ऊपर आकर गले पर अपना प्रभाव छोड़ता है, जिससे बदबू उत्पन्न होती है।
गैस का उपचार :
1. नींबू का रस
एक नींबू निचोड़ें तथा इससे रस निकाल लें। इसमें आधा चम्मच बेकिंग सोडा तथा एक कप पानी मिश्रित करें। इसे तब तक हिलाएं जब तक बेकिंग सोडा पानी में अच्छे से ना घुल जाए। इसे पी लें तथा गैस की समस्या से मुक्त हो जाएं। अगर आपको तुरंत राहत चाहिए तो बेकिंग सोडा का मिश्रण पानी में करें तथा सुबह इसका सेवन खाली पेट में करें।
गैस का उपचार, नींबू का रस निकालें तथा इसे गर्म पानी के साथ मिश्रित करके पी लें। यह आपको दर्द से तुरंत निजात दिलाता है और इसका सेवन आप सुबह सुबह कर सकते हैं। यह घरेलू नुस्खा आपको गैस की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है।
2. हर्बल चाय का प्रयोग
क्या आपने कभी हर्बल चाय की मदद से गैस की समस्या दूर होते हुए सुनी है ? गैस का दर्द, पुदीने, रास्पबेरी, कैमोमाइल और जामुन से बनी हर्बल चाय आपके हाजमे को दुरुस्त करने में काफी कारगर साबित होती है। आप अब ऊपर बताये गए किसी भी स्वाद में से एक की हर्बल चाय बनाकर एक बार सुबह और एक बार शाम के समय सेवन करें। परन्तु हर्बल चाय का सेवन करते समय इसे ज़्यादा देर तक आंच पर ना चढ़ाएं, क्योंकि इससे इसके गुण नष्ट हो जाते हैं।
3. हल्दी की पत्तिया
हल्दी की पत्तियो को पीस कर एक गिलास दूध मे मिलाकर रोज पीए।
4. काफी मात्रा में पानी पियें
दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी पियें। इससे आपको गैस की समस्या के साथ ही अन्य कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। पानी आपके शरीर से गैस निकालने में . मददगार साबित होता है, क्योंकि यह अधोवायु को बाहर करने में आपकी मदद करता है। इस प्रक्रिया से आपके शरीर की गैस मलोत्सर्ग के भाग में चली जाती है एवं खाली जगहों को भर दिया जाता है।
5. अदरक
अदरक पेट मे गैस नही बनाने देता है खाने के बाद अदरक का एक टुकड़ा रोज चबाए या खाना बनते समय भोजन सम्मग्री मे मिलाए।
6. आलू
आलू का रस निकालकर खाना खाने से पहले पहले रोज 3 बार पीए।
7. उपवास
पेट में गैस का इलाज, 2 या 3 दिन उपवास करे इससे पेट सॉफ और हल्का हो जाएगा और गैस नही बनेगी।
8. लहसुन
लहसुन भी गैस की समस्याओं को ठीक करने का एक बेहतरीन इलाज है। लहसुन को पीस लें तथा इसके साथ काली मिर्च के बीज, धनिया और जीरा मिश्रित करके उबाल लें। इसे कुछ मिनट तक उबाल लें और फिर इससे रस निकाल लें। अब इस मिश्रण को कमरे के तापमान तक आने दें और इसके बाद इसे पी लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में दो बार करने से आपको काफी बेहतर परिणाम मिलेगा।
9. दालचीनी
दालचीनी गैस की समस्या से निजात दिलाने वाले सबसे कारगर नुस्खों में से एक है। पानी में दालचीनी डालें तथा इसे उबाल लें। बाद में पानी को ठंडा होने दें तथा इसे पी लें। गैस का आयुर्वेदिक इलाज, अगर आपके पेट में गैस की मात्रा अधिक हो गयी है तो दालचीनी की मात्रा पानी में बढ़ा दें। बाद में इसमें शहद भी मिला लें तथा सुबह नाश्ता करने से पहले इसका सेवन कर लें। इससे आपके स्वास्थ्य में निश्चित ही सुधार आएगा। इस विधि का पालन एक महीने तक करें और निश्चित रूप से गैस की समस्या से छुटकारा पाएं।
10. इलायची
एसिडिटी के उपाय, इलायची मसालो मे आता है और यह पाचन क्रिया मे मदद करता है | दिन मे २-३ बार इलायची चबाए|
11. पुदीना
पुदीना भी गैस की समस्या को ख़त्म करता है पुदीना की पत्तियो को उबाल कर पीए और इस्मे शहद भी मिला सकते है।पुदीना का तेल ठंडे पानी मे मिलाकर पीए।
12. नारियल पानी
एसिडिटी के उपाय, नारियल पानी मे बहुत से विटामिन होते है जो की लाभकारी है। रोजाना नारियल पानी पीने की कोशिश करे।
13. एप्पल साइडर सिरका
एप्पल साइडर सिरका मे गर्म पानी मिलकर पीए। इससे आपको तुरंत आराम होगा। एप्पल साइडर सिरका की बजाए आप सादा सिरका भी डाल सकते है।
गैस की समस्या से बचने के लिए लाल मिर्च,तेल वाला भोजन,माँस,खट्टा भोजन, एल्कोहल,पैयस्ट्रिस से परहेज करे।
पेट में गैस की समस्या का घरेलू इलाज/घरेलू नुस्खे
एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार – छाछ
छाछ को अजवाइन के साथ मिलाएं और इनका एक मिश्रण बनाएं। आप चाहें तो इस मिश्रण में काला नमक भी मिला सकते हैं। गैस से तुरंत निजात पाने के लिए ये काफी असरदार उपाय है। एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार, इसके लिए एक कप छाछ में 1 चम्मच काला नमक तथा 1 चम्मच अजवाइन मिलाएं। आप अजवाइन की जगह अजमोद का भी प्रयोग कर सकते हैं। गैस की समस्या से निजात पाने के लिए इसे पियें।
एसिडिटी का घरेलू उपचार – बेकिंग सोडा और नींबू
आजकल सबके घर में बेकिंग सोडा होता है, क्योंकि केक आदि बनाने में यह काफी काम आता है। यह उत्पाद गैस की समस्या दूर करने के भी काफी काम आता है। एसिडिटी का घरेलू उपचार, अगर आप इसमें नींबू और सोडा मिला दें तो यह गैस के लिए एक बेहतरीन औषधि बन सकती है। सबसे पहले एक ताज़े नींबू का रस निकालें और उसे एक गिलास में डालें। अब इसमें बेकिंग सोडा मिलाएं। आपको तुरंत गैस निकलने की फुफकार सुनाई देगी। अब इसमें एक कप पानी तथा थोड़ा और बेकिंग सोडा डालें। एक बार बेकिंग सोडा के अच्छे से घुल जाने पर इसे धीरे धीरे पियें। अगर आप गैस से तुरंत आराम चाहते हैं तो एक गिलास पानी में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिला लें।
गैस का उपचार – धनिया
धनिया उन जड़ीबूटियों में से एक है जिसकी सुगंध काफी अच्छी होती है। लोग इसे इसकी खुशबू के लिए अलग अलग व्यंजनों में डालते हैं। आप इसकी खुशबू के अलावा इसका प्रयोग बदहज़मी होने की स्थिति में भी कर सकते हैं। अगर आपके पेट में जलन हो रही हो तो धनिये की पत्तियों को कच्चा खाएं। गैस का उपचार, इसके अलावा आप आधे गिलास छाछ में भुने हुए धनिये के पत्ते डालें।
गैस्ट्रिक का इलाज – काली मिर्च
काली मिर्च का प्रयोग खाने में स्वाद डालने के लिए किया जाता है। आप बाज़ार में मिलने वाले काली मिर्च के बीज को पीसकर भी प्रयोग में ला सकते हैं। लोगों को गैस की समस्या पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कमी की वजह से होती है। एक बार काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाज़मे की समस्या दूर हो जाती है। गैस्ट्रिक का इलाज, आप इस समस्या को दूर करने के लिए दूध में काली मिर्च मिलाकर पी सकते हैं।
एसिडिटी की दवा है हींग
यह रसोई में पाया जाने वाला हाज़मे के सबसे बढ़िया उपचारों में से एक है। यह साबित हो चुका है कि हींग कब्ज़, उदर वायु, पेट दर्द आदि की स्थिति में काफी राहत पहुंचाता है। एसिडिटी की दवा, आप इसे एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर पी सकते हैं। हाज़मे की समस्या को जड़ से दूर करने के लिए इस उपाय का प्रयोग दिन में ३ बार करें। अगर आपके पास कोई उत्पाद उपलब्ध नहीं है तो एक गिलास गर्म पानी पीकर भी आप हाज़मा ठीक कर सकते है 

शनिवार, 12 नवंबर 2016

पेट की गैस का घरेलू उपचार – गैस की समस्या से छुटकारा

पेट की गैस का घरेलू उपचार – गैस की समस्या से छुटकारा


पेट में गैस बनना एक आम समस्या है और यह बीमारी आपको किसी भी उम्र में हो सकती है यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाता तो ये आगे बढ़कर अल्सर का रूप धारण कर लेती है इसलिए गैस की समस्या को हलके में न लें.

पेट की गैस का घरेलू उपचार कैसे करें यहाँ जानें

अगर आप रोजाना योगा या व्यायाम करते हैं तो इससे आपके शरीर के सभी अंग  एक्टिव रहते हैं और आपको गैस नहीं बनती इसके अलावा आप अपने थोड़ा खान-पान पर भी ध्यान दें ज्यादा तेज मिर्च मसाले अधिक शराब का सेवन यह चाय पीने से भी आपके पेट में गैस बनने की समस्या हो जाती है इसलिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें.

पेट की गैस से होने वाली बीमारियां और लक्षण कैसे पहचाने?

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है की गैस की समस्या के लक्षण क्या होते हैं या पेट में गैस की बीमारी हो जाती है तब लक्षण आपको देखने को मिलते हैं पेट में एसिडिटी और जलन य सर दर्द के लक्षण बेचेनी होना, जी मचलाना, पेट में कब्ज बना रहना, पेट दर्द करना, तोंद बड़ी हुई होना, किसी भी काम में ठीक से मन न लगना इसके अलावा याददाश्त या दिमागी तौर पर कमजोर हो जाना इस तरह की बीमारियां आपको हो सकती है अगर आपके पेट में लंबे समय से गैस बन रही है तो.

पेट की गैस की अचूक दवा अजवाइन :

अजवाइन के द्वारा आप पेट की गैस की समस्या को समाप्त कर सकते हैं और अजवाइन पेट के तमाम रोगों में काम आती है जैसे कि पेट में गैस बनना, पेट में कीड़े हो जाना (कृमि) और एसिडिटी इन सब का रामबाण इलाज है अजवाइन यदि आपको पेट दर्द की शिकायत है या आपको पहले से ही मालूम है कि आपको एसिडिटी या गैस की समस्या है इसके लिए आप गरम पानी के साथ एक छोटा चम्मच अजवाइन की ले लीजिए इससे आपको फौरन आराम मिल जाता है.

पुदीना पेट की गैस में राहत देता है :

पुदीना स्वास्थ्य की दृष्टि से आपके शरीर के लिए एक वरदान है और खासतौर से पेट के मामले में यह एक प्रकार की अचूक दवा के तौर पर काम करता है वैसे तो पुदीने का उपयोग किसी ना किसी बीमारी के रूप में काम में लाया जाता है. वही खासतौर से पेट की गैस जलन और एसिडिटी इसके अलावा आपके शरीर की पाचन क्रिया को सुचारु रुप से चलाने में यह एक अहम् औषधी साबित होती है.

अगर आप को पेट में गैस बनती है या जी मचलाना, उल्टी दस्त जैसी समस्या और पेट में गैस की शिकायत हो तो आप पुदीने का जूस या फिर चटनी बनाकर सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा आजकल जो सबसे ज्यादा चलन में है पुदीने का काढ़ा या ग्रीन टी के रूप में जिसको सेवन किया जा सकता है जिस से यह सारी शिकायतों का तुरंत खात्मा करता है. और हम यहां जो उपाय आपको बता रहे हैं इनसे किसी भी तरह का साइड इफेक्ट होने का बिलकुल भी खतरा नहीं है..

नींबू से दूर करें पेट की गैस की तकलीफ :

नीबू देखने में तो छोटा सा है लेकिन बीमारियों को जड़ से भगाने में यह किसी अनमोल हीरे से कम नहीं है, और खासतौर से पेट की बीमारी में तो इसके क्या कहने पेट की गैस की बीमारी में यह सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होता है. आपको य कभी किसी को भी पेट में जलन या जरा भी गैस महसूस होती हो तो तुरंत नींबू पानी पी ले या फिर नींबू की चाय भी बना कर पी सकते हैं.

इससे आपको बहुत जल्दी राहत मिलती है. इसके अलावा अगर किसी को बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ कर उसमे थोड़ा सा काला नमक, चुटकी भर भुना हुआ जीरा, और चुटकी भर अजवायन साथ में दो चम्मच मिश्री और एक चम्मच ताजा पुदीने का रस मिलाकर अगर उसको पी लिया जाए तो कितनी भी भयंकर गैस की प्रॉब्लम हो 5 मिनट में आराम दिलाता है.

अन्य उपाय :

1. सेब के सिरके का सेवन करने से भी पेट की गैस में बहुत जल्दी आराम आता है अगर आपके यहां सेब का सिरका हो तो आप इसका सेवन भी कर सकते हैं.
2. पेट में गैस की समस्या होने पर या पाचन क्रिया गड़बड़ होने पर यह एक शानदार उपाय है. एक गिलास छाछ में चुटकी भर भुना हुआ जीरा थोड़ा सा पुदीना और काला नमक डालकर पी लें. इससे आपको तुरंत राहत मिलती है और ये इन सब चीजों को जड़ से खत्म करने की दम भी रखता है, अगर आप रोजाना छाछ का सेवन करते हैं तो.
3. आधा चम्मच अदरक के चूर्ण में चुटकी भर हींग और सेंधा नमक को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर लेने से गैस की प्रॉब्लम में बहुत जल्द आराम मिल जाता है.

शनिवार, 15 अक्तूबर 2016

गैस और कब्ज़ की समस्या के लिए घरेलु नुस्खे, जानिये उपाय

गैस और कब्ज़ की समस्या के लिए घरेलु नुस्खे, जानिये उपाय


आज के दौर में गैस की समस्या से काफी ज़्यादा लोग पीड़ित हैं। इस समस्या के फलस्वरूप आपको बदहज़मी और खाली पेट जैसी कई अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। गैस की समस्या की वजह से काफी स्वस्थ व्यक्ति भी जलन और कब्ज़ की समस्या से पीड़ित हो जाता है। गैस से आंतों में समस्या पैदा हो जाती है, अतः ऐसी स्थिति में आप ऊर्जा से रहित हो जाते हैं। अतः भोजन करते समय आपको काफी सावधानी बरतनी चाहिए।

एसिडिटी क्या है :

आजकल प्राय: बच्चो,युवा वर्ग एवं 60 वर्ष से अधिक के उम्र के लोगो मे पेट मे अम्ल की अधिकता के कारण गैस की समस्या देखी जा रही है। यदि पेट की भीतरी परत अम्ल बना रही हो और वो पेट की सतह को छू रही हो तो इसके द्वारा पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द एवं पीड़ा होती है।

पेट में गैस की समस्या का कारण? :

पेट में गैस की समस्या मुख्य कारण पेट मे बनी हुई अम्ल की मात्रा अपाच्य भोजन, पेट मे जलन एवं हृदय मे जलन होती है। इसके अलावा और भी कारण होते है, गैस की समस्या के जैसे- वाइरल ज्वर,इंफेकशन,पथरी, ट्यूमर,अल्सर इत्यादि है। इसके अलावा भी बहुत सारे कारण है जिसकी वजह से लोग इस समस्या से ग्रसित रहते है जैसे – अत्यधिक भोजन, मानसिक चिंता,असुपाच्य भोजन,शराब पीना,भोजन का उचित प्रकार से न चाबाना इत्यादि। इन सभी कारण के अलावा गैस की समस्या का एक कारण बॅक्टीरिया का होना भी हो सकता है- बॅक्टीरिया जैसे एच-पाइलोरी। इस समस्या से निवारण के लिए शुरुआती दौर मे ही द्वा के द्वारा सुरक्षित रखा जा सकता है। गैस की समस्या के मुख्य लक्षण उल्टी,दस्त,पेट मे जलन एवं भोजन का न पच पाना इत्यादि है।

पेट के गैस से बचने के लिए अच्छे सुझाव :

पेट में गैस की समस्या के मुख्य कारण एसिडिटी, बदहज़मी, पेट में दर्द और सीने में जलन। कुछ और कारण हैं वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण, फ़ूड पोइज़निंग, किडनी में पथरी, कब्ज़, ट्यूमर, पैंक्रिअटाइटिस और अलसर आदि। ऐसे कई कारण होते हैं जिनकी वजह से लोग गैस की समस्याओं के शिकार होते हैं। इनमें से कुछ कारण हैं तीखा या चटपटा भोजन करना, तनाव, हाज़मे में तकलीफ, भोजन अच्छे से ना चबाना और काफी मात्रा में शराब का सेवन। इसके अलावा एच पाइलोरी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से भी गैस की समस्या होती है। एसिडिटी की दवाई, अतः आपको इस गंभीर समस्या का इलाज निकालना चाहिए। इसका शुरूआती चरण में पता चलने पर तथा उपचार शुरू होने पर आप जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। भूख न लगना, बदबूदार सांसें, पेट में सूजन, उलटी, बदहज़मी, दस्त आदि गैस के लक्षण हैं।

गैस की समस्या के सामान्य लक्षण :


बदहज़मी 
बदहज़मी का मुख्य कारण गलत खानपान या अधिक मात्रा में भोजन करना हो सकता है। ज्यादा तेज़ी से खाना खाने पर भी बदहज़मी हो सकती है। शारीरिक और मानसिक तनाव से भी कई बार बदहज़मी हो सकती है। बदहजमी के दौरान पेट में खाना हज़म होने के दौरान अम्ल (acid) का उत्पादन होता है। इससे काफी पीड़ा और परेशानी होती है।

सीने में जलन 
सीने में जलन का मुख्य कारण पेट का अम्ल होता है, जिसके इसोफेगस में आ जाने की वजह से ही यह जलन होती है। इस समस्या के मुख्य लक्षण हैं गले में जलन। इस समय कुछ भी निगलना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार इसकी वजह से कई अन्य गंभीर समस्याएं जैसा दिल के दौरे की समस्या भी हो सकती है। ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह करके कुछ दवाइयां ले लें।

पेट में सूजन 
इसके अंतर्गत आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसा देखा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस समस्या की ज़्यादा शिकार होती हैं। जो लोग कब्ज़ के शिकार होते हैं, उन्हें पेट का सूजन होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।

एसिडिटी के उपचार के आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे


साँसों की बदबू 
साँसों में बदबू का उत्पन्न होना पेट में गैस बनने का एक और लक्षण है। पेट में गैस बनने पर अम्ल पैदा होता है, जो हमारे पेट से ऊपर आकर गले पर अपना प्रभाव छोड़ता है, जिससे बदबू उत्पन्न होती है।

गैस के दर्द से तुरंत निजात पाए :

नींबू का रस 
एक नींबू निचोड़ें तथा इससे रस निकाल लें। इसमें आधा चम्मच बेकिंग सोडा तथा एक कप पानी मिश्रित करें। इसे तब तक हिलाएं जब तक बेकिंग सोडा पानी में अच्छे से ना घुल जाए। इसे पी लें तथा गैस की समस्या से मुक्त हो जाएं। अगर आपको तुरंत राहत चाहिए तो बेकिंग सोडा का मिश्रण पानी में करें तथा सुबह इसका सेवन खाली पेट में करें।
नींबू का रस निकालें तथा इसे गर्म पानी के साथ मिश्रित करके पी लें। यह आपको दर्द से तुरंत निजात दिलाता है और इसका सेवन आप सुबह सुबह कर सकते हैं। यह घरेलू नुस्खा आपको गैस की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है।

हर्बल चाय का प्रयोग 
क्या आपने कभी हर्बल चाय की मदद से गैस की समस्या दूर होते हुए सुनी है? गैस का दर्द, पुदीने, रास्पबेरी, कैमोमाइल और जामुन से बनी हर्बल चाय आपके हाजमे को दुरुस्त करने में काफी कारगर साबित होती है। आप अब ऊपर बताये गए किसी भी स्वाद में से एक की हर्बल चाय बनाकर एक बार सुबह और एक बार शाम के समय सेवन करें। परन्तु हर्बल चाय का सेवन करते समय इसे ज़्यादा देर तक आंच पर ना चढ़ाएं, क्योंकि इससे इसके गुण नष्ट हो जाते हैं।

हल्दी की पत्तिया 
सीने की जलन को ठीक करने के घरेलू नुस्खे
हल्दी की पत्तियो को पीस कर एक गिलास दूध मे मिलाकर रोज पीए।


काफी मात्रा में पानी पियें 
दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी पियें। इससे आपको गैस की समस्या के साथ ही अन्य कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। पानी आपके शरीर से गैस निकालने में काफी मददगार साबित होता है, क्योंकि यह अधोवायु को बाहर करने में आपकी मदद करता है। इस प्रक्रिया से आपके शरीर की गैस मलोत्सर्ग के भाग में चली जाती है एवं खाली जगहों को भर दिया जाता है।
अदरक 
अदरक पेट मे गैस नही बनाने देता है खाने के बाद अदरक का एक टुकड़ा रोज चबाए या खाना बनते समय भोजन सम्मग्री मे मिलाए।
आलू 
आलू का रस निकालकर खाना खाने से पहले पहले रोज 3 बार पीए।
उपवास 
पेट में गैस का इलाज, 2 या 3 दिन उपवास करे इससे पेट सॉफ और हल्का हो जाएगा और गैस नही बनेगी।
लहसुन 
लहसुन भी गैस की समस्याओं को ठीक करने का एक बेहतरीन इलाज है। लहसुन को पीस लें तथा इसके साथ काली मिर्च के बीज, धनिया और जीरा मिश्रित करके उबाल लें। इसे कुछ मिनट तक उबाल लें और फिर इससे रस निकाल लें। अब इस मिश्रण को कमरे के तापमान तक आने दें और इसके बाद इसे पी लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में दो बार करने से आपको काफी बेहतर परिणाम मिलेगा।

मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

पाद को रोकने से होता है नुकसान, जानिए गैस छोड़ने के 7 फायदे

पाद को रोकने से होता है नुकसान, जानिए गैस छोड़ने के 7 फायदे


ज़िंदगी में हमें तरह-तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक है पाद का आना। जब चार लोग एक ग्रुप में बैठे हों और कहीं से गन्दी बदबू आ जाए तो सब एक-दूसरे पर इस तरह शक करने लगते हैं। मानो किसी ने गैस पास नहीं की हो बल्कि किसी का खून कर दिया हो। और तो और कुछ लोगों का व्यवहार तो ऐसा होता है मानो उनके पेट में गैस बनती ही नहीं है। इस हालत में गैस पास करने वाला आदमी भी ऐसा व्यवहार करने लगता है कि उसने कुछ नहीं किया है। कारण कि इतनी जिल्लत कौन झेले।


इस बीच कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो धीरे-धीरे से गैस पास कर देते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो शर्मिंदगी से बचने के लिए लम्बे समय तक पाद को रोककर रखते हैं। मगर एक्सीटर यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन में सामने आया है कि पेट में बनने वाली गैस को जबरन रोककर नहीं रखना चाहिए। इसका नुकसान है। इसके उलट गैस पास करने के फायदे हैं। आज बात उन्हीं कुछ बिंदुओं पर।

पादने पर निकलने वाली गैस में होते हैं ऐसे तत्व
जब कोई इंसान पादता है, तब उसके शरीर से निकलने वाली गैस में सामान्‍य तौर पर 59% नाइट्रोजन, 21% हाइड्रोजन, 9% कार्बन डाईऑक्‍साइड, 7% मीथेन, 4% ऑक्‍सीजन और सिर्फ 1% सल्‍फर युक्‍त गैस होती शामिल होती है।

सल्फर वाली डाइट से आती है दुर्गन्ध 
हमारी डाइट में मौजूद सल्फर ही पाद से आने वाली बदबू की मुख्य वजह होता है। पत्‍तागोभी, बीन्‍स, चीज, सोडा और अंडे आदि में सल्फर मौजूद होता है। इनके सेवन से हमारे शरीर में ज्यादा बदबूदार गैस बनती है।
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एक दिन में इतनी बार पादता है इंसान
इंसान एक दिन में औसतन 14 बार पादता है। यह आंकड़ा महिलाओं और पुरुषों में एक जैसा है। हाँ, वो बात अलग है कि इस तथ्य को महिलाएं नहीं मानती।

पेट दर्द से बचाता है
गैस को ज्यादा देर तक रोकने से पेट दर्द की समस्या हो सकती है। गैस को वक्त पर छोड़ते रहना आपको इससे बचा सकता है।
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संभव हो तो यह भी कर लें
अगर संभव हो तो गैस पास करने से पहले पेट की मसाज भी कर लें। इससे गैस ठीक तरह से आपके पाचन तंत्र से निकल जाएगी।


इस तरह चल जाता है पता
पाद की बदबू बहुत तेज है या नार्मल। इस बात से पता लगाया जा सकता है कि आपने संतुलित आहार लिया है या नहीं।

जैसे कि अगर आपने सोडियम युक्त खाना ज्यादा खा लिया है तो आपके पाद से तेज बदबू आती है। वहीं अगर आपने ज्यादा कार्बोहाइड्रेड युक्त खाना खाया है तो आपको पाद ज्यादा आती है लेकिन उसकी बू नार्मल रहती है।

इस तरह लग जाता है एलर्जी का पता
पाद से lactose intolerance (दूध की एलर्जी) या अन्य कोई पाचन सम्बंधित एलर्जी का भी पता लगाया जा सकता है। अगर आपको कुछ विशेष प्रकार की चीजें खाने की वजह से ज्यादा गैस बनती है तो इसका मतलब है कि आपको उस चीज से एलर्जी है।

बड़ी आंत की सेहत के लिए भी है अच्छा 
पाद को रोककर रखने से बड़ी आंत में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिन्हें बड़ी आंत को लेकर कोई समस्या रहती है उन्हें गैस को बिलकुल रोककर नहीं रखना चाहिए।
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पाद सूंघने के फायदे
एक रिसर्च के अनुसार छोटी मात्रा में पाद को सूंघना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। पाद में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस होता है। छोटी मात्रा में यह शरीर में जाने से कैंसर, दिल का आघात, दौरा और गठिया होने की संभावना कम हो जाती है।

पेट की सूजन को करता है कम

आंत में बनने वाली गैस की वजह से कई बार पेट की सूजन हो जाती है। यही कारण है कि गैस को रोकने की आदत छोड़ देना चाहिए।

यह आनंद देता है

यह बात तो हर कोई मानता है कि गैस पास कर देने के बाद एक अलग तरह के सुकून की प्राप्ति होती है। बस तो फिर गैस को रोकिये मत। मौका मिलते ही पास कर दीजिए। 

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

पेट फूलने की समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय

पेट फूलने की समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय


जब पेट का व्यास अपने सामान्य आकार से अधिक बढ़ जाये और असहज और तंग महसूस कराये तो यह पेट फूलना कहा जाता है। इसे पेट की सूजन के नाम से भी जाना जाता है। यह बहुत ही सामान्य समस्या गलत खाद्य आदतों या जीवन शैली आदि के कारण हो सकता है। 

पेट फूलने का कारण- 

आमतौर पर जो देखा गया है वो है गैस बनना जब हम खाना खाते है तो बहुत बार खाने के दौरान बोलने के दौरान वायु पेट में चली जाती है या यो कहें कि हम हवा को निगल लेते हैं. यह हवा डकार द्वारा पेट से बाहर निकल जाती है. और यदि वही हवा आंत में चली जाती है जो अधोवायु के रूप में बाहर निकलती है. जिसे गैस कहते हैं गैस बनने का दूसरा कारण पाचन तंत्र संबंधी दोष है. पाचन के दौरान भोजन में खाए गए खाद्य पदार्थ का उपापचय हानिरहित बैक्टीरिया और एंजाइम द्वारा किया जाता है. जो हमारी आहारनाल में मौजूद होते हैं इसी दौरान कुछ गैस- हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन भी बनती हैं. कुछ लोगों के पेट में सल्फर गैस भी बनता है जो बदबू पैदा कर सकता है. और वो बदबू वाली गैस पास करते हैं
पेट फूलने का कारण पर नज़र डालें तो हमारे पास खाद्य पदार्थ की ऐसी कोई सूची नहीं है जिनके कारण ही गैस बनता है. कुछ खाद्य पदार्थों से कुछ लोगों को गैस बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उन्ही खाद्य पदार्थों से कोई गैस नहीं बनती है.इसके पीछे कई कारण हो सकते है जैसे सुबह का नाश्ता समय पर न करना, गलत तरीके से खाना और ज्यादा जंक फूड खाने से अंजाने में ही हम ढेर सारी हवा निगल लेते हैं, जिसकी वजह से हमारे पेट में काफी गैस भर जाती है। इस गैस की वजह से हमारा पेट हमेशा फूला हुआ नजर आता है और कमर का आकार भी बड़ा हो जाता है। तो आइये जानते है की इससे छुटकारा कैसे पाया जाये|

शारीरिक व्यायाम को अपनायें-

प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम को करना शरीर में गतिविधि के द्वारा आपके पेट के पाचन को बढ़ाता है। आठ घंटे के लिये सोना शरीर के स्वास्थ्य की आवश्यकता भी है।

पोटैशियम आधारित खाद्य-

पोटैशियम में शरीर में तरलता को संतुलित करने का गुण होता है जो फूलने की समस्या को दूर रखता है। पोटैशियम खाद्यों में शामिल है केला, टमाटर, पालक, आम और नट आदि। ये पोटैशियम आधारित खाद्य शरीर में उपस्थित अतिरिक्त पानी को निकाल देगा जिसके द्वारा आप पेट फूलने से आराम पा सकते हैं।
*केला फाइबर का बेहतरीन स्त्रोत होता है तथा यह कब्ज़ से जुड़ी गैस एवं पेट के फूलने की समस्या का उपचार करता है। केला पोटैशियम से भरपूर होता है जिसकी मदद से हमारे शरीर में द्रव्यों का स्तर नियंत्रित होता है। यह हमें पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाता है। आप पेट के फूलने की समस्या को दूर करने के लिए रोज़ाना केले का सेवन कर सकते हैं। आप या तो नाश्ते में केले का सेवन करें, या फिर इन्हें फलों के सलाद या मीठे में शामिल करें।

मसालेदार खाद्य से बचें-

मसालेदार खाद्य से बचने की कोशिश करें जो परेशानी या आपके पेट फूलने की समस्या का कारण हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पेट फूलने की समस्या है तो कुछ मसालेदार खाद्यों से बचें जैसे काली मिर्च, सिरका, मिर्च पाउडर, सरसों, मूली, प्याज, लहसुन।

अदरक-

पेट को सपाट बनाये रखने के लिए आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पी जाये|

दही-

दही में बैक्‍टीरिया होता है, जिससे पाचन तंत्र हमेशा ठीक रहता है तथा खाना भी हजम हो जाता है। गर्मियों के दिनों में दही का सेवन करने से गैस की समस्या नहीं होती और पेट नहीं फूलता|

धनिया-

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पेट फूलने पर हरे धनिया की चाय पीना भी बेहद फायदेमंद है। इससे पेट दर्द ठीक हो जाएगा और गैस भी निकल जाएगी।

नींबू-

रोज सुबह गरम पानी में नींबू निचोड़ कर पीने से पेट नहीं फूलता।

मालिश-

गैस को बाहर को निकालने के लिये पेड़ू पर जठरांत्र की दिशा में मालिश करें, अपनी उंगलियो से ठीक कूल्हे के पास दबायें।

कैसे बचें:- 

पोषक भोजन खाएं, जिसमें चीनी की मात्रा कम हो। ढेर सारा पानी पिएं। नमक का सेवन कम करें। खाने के तुरंत बाद न सोएं।हमारा अच्छा स्वास्थ्य केवल पौष्टिक भोजन खाने पर निर्भर नहीं करता। यह इस पर भी निर्भर करता है कि हमारा शरीर उस भोजन को कितना पचा पाता है। अच्छी सेहत के लिए चुस्त-दुरुस्त पाचन तंत्र का होना जरूरी है। पाचन वह प्रकिया है, जिसके द्वारा शरीर ग्रहण किए गए भोजन और पेय पदार्थ को ऊर्जा में बदलता है। पाचन तंत्र के ठीक काम न करने पर भोजन बिना पचा रह जाता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है। 

स्टार्च खाद्य को सीमित मात्रा में लें या बचें-

पेट फूलने के मुख्य कारण में से एक स्टार्च खाद्य भी है। स्टार्च शामिल खाद्य जैसे नूडल्स, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, केक, पास्ता आदि को सीमित या से बचने की कोशिश करें।
*अधिकतर लोगों को सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आड़ू, दूध और दूध उत्पादों से अधिकांश लोगों को गैस बनती है. असल में वैसे खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा होता है, के खाने से ज्यादा गैस बनती है.अक्सर, जैसे ही एक व्यक्ति की उम्र बढती है, कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है और कुछ खाद्य पदार्थों से अधिक गैस भी बनने लगता है.
*पेट फूलने का कारण कई हैं। गैस, बड़ी आंत का कैंसर, हर्निया पेट को फुलाते हैं। ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से पेट देर से खाली होता है, जो बेचैनी भी उत्पन्न करता है। कई बार गर्म मौसम और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण भी पेट में तरल रुक जाता है, जो पेट फुलाता है। नमक और कई दवाएं भी तरल पदार्थो को रोक कर रखती हैं, जो पेट को फुलाता है।

ये उपाय भी असरदार हैं-

*पीने के लिए ठंडे पानी की जगह हल्के गरम पानी का इस्तेमाल करें।
*भोजन के पश्चात थोड़ी सी अजवायन के दाने खान से पेट नहीं फूलता।
*तुलसी की कुछ पत्‍तियों के सेवन से आपको काफी लाभ मिलेगा।
*सौंफ खाने या इसकी चाय पीने से पेट की गैस एक मिनट में निकल जाती है।
*कभी भी जल्दी जल्दी खाना न खाए। आराम से और चबा-चबा कर खाएं।
*जिन लोगों को कब्ज की शिकायत होती है, अक्सर उनका पेट फूला हुआ होता है। इस परेशानी से बचने के लिए हेल्दी खाना खाएं।
*एक कप पुदीने की चाय पीने से पेट दर्द ठीक होता है और गैस निकलती है।
*अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करें।
*पेट कम करने के लिए मीठी चीजें, जैसे चॉकलेट, चाय या कॉफी का सेवन कम-से-कम करें।

गुरुवार, 20 अक्तूबर 2016

अफारा से मुक्ति के घरेलु एवं आयुर्वेदिक उपाय

अफारा से मुक्ति के घरेलु एवं आयुर्वेदिक उपाय


खान-पान में अनियमितता और मैदा या सुपरफाइन आटे से बने खाद्य प्रदार्थ खाने के कारण हमारे पेट में बहुत गैस पैदा होने लगती है। अगर यह गैस स्वाभाविक तरीके से पेट से बाहर निकल जाये तो तकलीफ नहीं होती मगर जब यह गैस नही निकलती है तो पेट फूल जाता है और अफारे (Gas) की स्थिति बन जाती है, तब बड़ी तकलीफ होती है।

अफारा के लक्षण :

  • अफारा जैसा महसूस होना
  • खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना
  • छाती में जलन होना
  • जी मिचलाना
  • डकारें आना
  • पेट में दर्द होना
  • पेट में भारीपन महसूस होता है
  • पेट से गैस पास होना

पेट में गैस बनने के मुख्य कारण :

  • खानपान : सुपरफाइन आटे (Packed Aata) की रोटी आसानी से नहीं पचती। यह वायु पैदा करती हैं।
  • शराब पीने से भी पेट में गैस बनती है।
  • मिर्च-मसाला या तली-भुनी चीजें ज्यादा खाने से।
  • फलियां (Beans), राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल, फास्ट फूड, ब्रेड और किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से।
  • खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने से। इसमें गैसीय तत्व होते हैं।
  • तला या बासी खाना।
  • तनाव, देर से सोना और सुबह देर से जागना जैसी खराब जीवनशैली आदतों के कारण भी समस्या हो सकती है।
  • भूखे रहने से, खाली पेट भी गैस (Pet me Gas) बनने का प्रमुख कारण है। समय असमय खाना खाने से भी गैस संबंधी समस्या हो सकती है।
  • लीवर में सूजन, गॉल ब्लेडर में स्टोन, फैटी लीवर, अल्सर जैसे रोगों में भी पेट में गैस की समस्या होती है।
  • मोटापे, डायबीटीज, अस्थमा आदि के रोगियों को अकसर गैस की समस्या देखने को मिलती है।
  • बच्चों के पेट में कीड़ों की वजह से अफारा हो सकता है।
  • अक्सर पेनकिलर खाने से भी अफारा हो सकता है।
  • कब्ज, अतिसार, खाना न पचने व उलटी की वजह से भी अफारा या पेट में गैस की समस्या हो सकती है।

सामान्य उपचार :

पेट में गैस की समस्या से निजात पाने का सबसे बढ़िया तरीका है खान-पान सही रखना। अगर खान-पान सही हो तो इस बीमारी से कोई परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही निम्न बातों का भी ध्यान रखना चाहिए: 

अफारा या पैट में गैस की समस्या का उपाय :

  • भोजन पचेगा, पेट साफ रहेगा तो गैस कम बनेगी।
  • सुपरफाइन आटे की रोटी आसानी से नहीं पचती, वायु पैदा करती हैं। अतः मोटे चोकर युक्त आटे की रोटी खाएं। यह जल्दी पचेगी और वायु पैदा नहीं होगी और अफारा जैसी तकलीफें नहीं होंगी।
  • हरे साग जैसे बथुआ, पालक, सरसों का साग खाएं। खीरा, ककड़ी, गाजर, चुकंदर भी इस रोग को शांत रखते हैं। इन्हें कच्चा खाना चाहिये।
  • नारियल का पानी दिन में तीन बार पियें। इससे सारा कष्ट मिट जाएगा।

शनिवार, 15 अप्रैल 2017

पेट की गैस से तुरंत राहत पाने के बेहतरीन घरेलु उपाय!

पेट की गैस से तुरंत राहत पाने के बेहतरीन घरेलु उपाय!


गैस बनना बेहद आम समस्या है, जो आए दिन किसी न किसी को होती ही रहती है। भले ही यह एक बेहद आम बीमारी हो लेकिन यदि इसे समय रहते न सुधारा जाए तो यह एक दिन बड़ी बीमारी जैसे अल्सर का रूप भी धारण कर सकती है। इसीलिए इसे समय रहते रोक देना ही बेहतर होता है। यहाँ हम गैस के लिए बेहद आसान घरेलु उपाय आपको बता रहें हैं जिनके जरिये आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

अजवाइन
अजवाइन पेट के अनेकों रोगों जैसे गैस, पेट के कीड़े या फिर एसिडिटी के लिए बेहद अच्छा उपाय है। यदि आपको पेट में दर्द हो रहा है और आपको पता है कि यह एसिडिटी या गैस है तो तुरंत गर्म पानी के साथ एक छोटी चम्मच अजवाइन की ले लीजिये। आपको एसिडिटी और गैस में तुरंत राहत मिल जाएगी।

पुदीना
पुदीना हमारे पूरे स्वास्थ्य के लिए एक वरदान है। यह लगभग हर बीमारी में किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जा सकता है। वहीं पेट की गैस और एसिडिटी और पाचन क्रिया के लिए यह बेहद कारगार औषधि है। यदि आपको पेट में गैस, एसिडिटी जी मचलना या उलटी की समस्या हो तो पुदीने का जूस, इसकी चटनी, काढ़ा या ग्रीन टी के रूप में सेवन किया जा सकता है।

नींबू
आकार में छोटा सा नींबू अलग-अलग गुणों से भरपूर है। यदि किसी को पेट में जलन या गैस महसूस हो रही हो तो नींबू पानी और नींबू की चाय तुरंत राहत देती है।

इसके अलावा यदि किसी को ज्यादा ही परेशानी हो रही हो तो वह एक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर, उसमें थोड़ा सा काला नमक, चुटकी भर भुना जीरा, चुटकी भर अजवाइन, 2 चम्मच मिश्री एक चम्मच ताजे पुदीने का रस मिलाकर उसे पी जाए इस से गैस की समस्या में तुरंत राहत मिल जाएगी।

सेब का सिरका
सेब के सिरके की दो चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से गैस में तुरंत राहत मिल जाती है।

छाछ
चुटकी भर भुना जीरा, काला नमक और पुदीना छाछ में मिलाकर खाना खाने के बाद पीने से गैस की समस्या आमतौर पर नहीं उभरती।

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गुरुवार, 18 जनवरी 2018

गैस की वजह से सीने में उठे दर्द से छुटकारा पाने के अचूक उपाय

गैस की वजह से सीने में उठे दर्द से छुटकारा पाने के अचूक उपाय


आजकल की व्यस्ततम जिंदगी के चलते हुए सेहत और इम्यून सिस्टम का ध्यान रखना इतना आसान काम नहीं हैं। लोगों को अपने इम्यून सिस्टम की खराबी के चलते कई रोजमर्रा की कई बिमारियों से रूबरू होना पड़ता हैं। जिसमें से एक हैं गैस प्रॉब्लम की वजह से सीने में उठने वाला दर्द। अपूर्ण पाचन, जल्दी जल्दी खाना खाते समय खाने के साथ हवा निगलने, कब्ज़, तैलीय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने, अधिक फाइबर और स्टार्च युक्त आहार लेने, खाद्य पदार्थों की एलर्जी आदि के कारण आँतों में गैस बन सकती है। जिससे सीने में दर्द होता हैं।

इस परेशानी से बचने के लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ घरेलू उपाय। आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में।
* लहसुन :
लहसुन को वंडर मेडिसीन कहा गया है जो हर तरह की बिमारियों में रामबाण का काम करता है। सेहत के लिए तो रामबाण है ही हार्ट के लिए तो सबसे ज्यादा लाभकारी है। लहसुन के एक या दो कली अगर आप रोज सुबह खाली पेट खा रहे हैं तो यह न सिर्फ आपके कोलेस्ट्रोल को कम करेगा बल्कि हृदय की धमनी के दीवार पर फैट की परत को बनने से भी रोकेगा। नतीजा आपके हार्ट में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सुचारू रहेगा। अगर छाती में दर्द की शिकायत गैस से भी है तो यह काफी कारगर होती है।
* इलायची और जीरा :
गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है। ये कार्मिनटिव (वातहर) की तरह कार्य करते हैं। ये पेट से गैस निकालते हैं तथा इस फंसी हुई गैस के कारण छाती और पेट में होने वाले दर्द से आराम दिलाते हैं। आप इलायची को पानी में कुछ देर उबालकर इलायची की चाय पी सकते हैं। ये पाचन में भी सहायक होते हैं तथा गैस बनने से भी रोकते हैं।

* मदार :
मदार का पत्ता और कालीमिर्च को पीसकर गोली बना लें और यह 1-1 गोली दिन में 2 बार 5 दिनों तक सेवन करें और साथ ही बारहसिंगा का सींग घिसकर छाती पर लेप करें। इससे छाती का दर्द ठीक होता है।

* धनिया :
गर्मी के कारण, बासी भोजन करने, खट्टी डकारें आने, अम्लपित्त बनने के कारण रोगी की छाती में जलन होती है। जलन के कारण रोगी बड़ी बेचैनी महसूस करता है, अधिक घबराया रहता है और उसे ऐसा महसूस होता है जैसे उसका हृदय बैठा जा रहा है। ऐसी अवस्था में रोगी को 5 ग्राम सूखा धनिया, 2 ग्राम कालानमक, 1 ग्राम हींग और 5 ग्राम अजवायन को मिलाकर चूर्ण बनाकर दिन में 3-4 बार सेवन करना चाहिए। इससे छाती की जलन दूर होती है।

* अदरक :
अदरक के कई औषधीय गुण हैं। अगर आपको गैस या एसीडिटी से हार्टबर्न हो रहा है, छाती में दर्द हो रहा हो तो अदऱक की चाय आजमा सकते हैं। यह छाती के दर्द के साथ , कफ, खांसी समेत कई बिमारियों के इलाज में काम आता है।

* पेपरमिंट टी :
यह भी वातहर की तरह काम करता है क्योंकि यह पेट से गैस निकालने में सहायक होता है। यह भोजन के पाचन में भी सहायक होता है। यह जी मचलाने और उल्टी के लिए भी एक प्रभावी उपचार है। छाती में फंसी हुई गैस को निकालने के लिए पेपरमिंट टी एक प्राकृतिक उपाय है।

* तुलसी :
तुलसी में सिर्फ एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं बल्कि एंटी इंफ्लामेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा तुलसी में ऐसे कई कंपाउड पाए जाते हैं जो दिल के सेहत के लिए भी गुणकारी है। तुलसी में Eugenol पाया जाता है जो दिल के सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। तुलसी के पत्ते लोग चबा कर खाते हैं और कई लोग चाय और काढ़ा बना कर पीते हैं। अगर छाती में दर्द है तो तुलसी-अदरक का काढ़ा बना कर उसमें शहद की बूंदे डाल कर पी लीजिए काफी फायदा करेगा।

शुक्रवार, 9 जून 2017

ज्यादा गैस होने की ये भी हो सकती वजह, आप भी जानिए

ज्यादा गैस होने की ये भी हो सकती वजह, आप भी जानिए


हम जो भी खाते हैं, पेट उस खाने को डाइजेस्ट करने के लिए एसिड बनाने लगता है। यह एक नॉर्मल प्रोसेस है। समस्या तब होती है जब यह एसिड ज्यादा बनने लगता है। इसके कारण गैस की प्रॉब्लम होने लगती है। आज हम आपको बता रहे हैं गैस होने के 8 कारण।

खाना ठीक से न चबाना:- खाना ठीक तरीके से चबाकर न खाने से वह डाइजेस्ट होने में समय लगाता है। ऐसे में एक्सट्रा एसिड बनने के कारण गैस की प्रॉब्लम हो सकती है।

पर्याप्त नींद न लेना:- कम से कम 7 घंटे की नींद न लेने से इनडाइजेशन की प्रॉब्लम होने लगती है। इससे पेट में गैस बनने लगती है।

वर्कआउट न करना:- एक्सरसाइज, वॉकिंग न करने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। ऐसे में खाना ठीक तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है, जिससे गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।

लगातार बैठे रहना:- कई घंटों तक लगातार बैठकर काम करने से खाना सही तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। इससे पेट में जरूरत से ज्यादा एसिड बनने लगता है और गैस की प्रॉब्लम हो सकती है।

चीज:- यह हाई फैटी फूड में आता है और आसानी से डाइजेस्ट नहीं होता है। ज्यादा चीज खाने पर एसिडिटी की प्रॉब्लम हो सकती है।

शराब:- बियर और वाइन बॉडी में एसिड रिफ्लक्स करते हैं। इनकी ज्यादा मात्रा लेने से पेट में गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।

ज्यादा मीठा:- प्रोसेस्ड फूड जैसे कुकीज, ब्राउनीज और मिठाई में शक्कर की काफी मात्रा होती है। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से तुरंत गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।

कोल्ड ड्रिंक:- सोडा और कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाई-ऑक्साइड बबल्स पाए जाते हैं, जो पेट में जाकर एसिड पैदा करते हैं। इन्हें पीने से गैस की प्रॉब्लम होने लगती है।

बुधवार, 13 दिसंबर 2017

पेट फूलना, गैस व खट्टी डकार से तुरंत राहत दिलाता है ये नुस्‍खा

पेट फूलना, गैस व खट्टी डकार से तुरंत राहत दिलाता है ये नुस्‍खा


आयुर्वेद के अनुसार, मंदाग्नि की वजह से जो रोग पैदा होते हैं उनमें सबसे भयंकर होता है गैस बनने का रोग। मंदाग्नि का मोटे तौर पर मतलब होता है डाइजेशन के लिए जरूरी एंजाइम्स का कम पड़ जाना और उसके चलते खाने का ठीक से हजम न होना। इसके पीछे भी कई बातें हैं। एक तो कुछ मौसम ऐसे होते हैं जिनमें हमारी पाचन शक्ति नेचुरली कम हो जाती है।
ये भी पढ़िए : कहीं आपका पेट फूलने के पीछे ये कारण तो नहीं..


छाछ :
खाना खाने के बाद करीब सौ ग्राम छाछ या मट्ठे में 2 ग्राम अजवायन और एक चुटकी काला नमक मिलाकर पीने से गैस बनना बंद हो जाती है।

अलसी :
गैस की समस्‍या से परेशान हैं तो अलसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की समस्‍या दूर हो जाती है।

अजवायन :
दो ग्राम अजवायन को आधा ग्राम नमक के साथ चबाकर खायें। अगर अपच के चलते पेट दर्द हो रहा है तो वो भी ठीक हो जायेगा।
हिंगाष्टक चूर्ण :
वैसे गैस से जुड़ी सभी दिक्कतों में हिंगाष्टक चूर्ण बहुत फायदा करता है। खाना खाने के बाद जरा सा चूर्ण पानी के साथ लें। ये गैस की समस्‍या को पूरी तरह से खत्म कर देता है।

लहसुन :
गैस परेशान कर रही है तो एक लहसुन की फांक, चार मुनक्के के साथ चबाकर निगल जायें। मुनक्के के बीज निकाल कर यूज करें। गैस तुरंत बाहर निकल जायेगी।

बुधवार, 11 अक्तूबर 2017

क्या आपको पता है गैस सिलेंडर पर लिखे इस महत्वपूर्ण नंबर का सही मतलब

क्या आपको पता है गैस सिलेंडर पर लिखे इस महत्वपूर्ण नंबर का सही मतलब


आज के दिनों में गैस सिलिंडर हर घर में होता है। सभी के घर खाना गैस पर ही बनता है। आप सभी लोगो ने गैस सिलिंडर पर तस्वीर में दिखाया गया नंबर अवश्य देखा होगा। पर क्या आपको इस नंबर का मतलब पता है। आज हम आपको गैस पर लिखे इस नंबर का मतलब बताएँगे की आखिर इसका क्या मतलब होता है। गैस सिलिंडर पर लिखा ये नंबर गैस सिलिंडर की एक्सपायरी डेट बताता है। गैस सिलिंडर भी एक्सपिरे होते हैं और एक्सपायरी डेट के बाद के सिलिंडर कभी भी फैट सकते हैं इस लिए इस आर्टिकल को पढ़ना बेहद जरुरी है।

दरअसल गैस सिलिंडर पर A,B,C,D अक्षर लिखे होते हैं। जिनमे से A का मतलब जनवरी से मार्च, B का मतलब अप्रैल से जून, C का मतलब जुलाई से सितम्बर और D का मतलब अक्टूबर से दिसंबर होता है। इसके बाद लिखा नंबर एक्सपायरी के वर्ष को दर्शाता है। जैसे 19 का मतलब 2019 से है। उसी तरह 20 का मतलब 2020 से है। अगर आपके घर में वर्तमान समय से पहले का सिलिंडर यानी C17 से पहले का सिलिंडर तो वो सिलिंडर एक्सपायर्ड है।

सोमवार, 17 अप्रैल 2017

पेट फूलने की समस्या को दो मिनट में दूर भगाए

पेट फूलने की समस्या को दो मिनट में दूर भगाए


पेट फूलने की समस्या बच्चो से ले कर बूढों तक को भी हो जाती हैं जिसके कारण व्यक्ति को काफी तकलीफ हो जाती हैं इसे पेट फूलना या फिर कहिये ब्‍लोटिंग की परेशानी कहते है , जिसमें पेट सूजा हुआ दिखाई देता है, यह कंडीशन काफी असहज होती है. जिसमें छोटी आंत के अंदर गैस भर जाती है पेट फूलना एक संकेत हो सकता है कि खाया गया भोजन ठीक प्रकार से हजम नहीं हुआ है या फिर आपका मेटाबोलिज्म पूरी तरह से खराब हैं.

पेट फूलने की समस्‍या उन महिलाओं में भी देखी जा सकती है, जिन्‍हें पीरियड्स शुरु होने वाले हों कई  महिलाओं में यह समस्या ऐसे भी हो जाती हैं आप चाहें तो पेट फूलने की समस्‍या से निजात पा सकते हैं. हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताएंगे जिसकी मदद से आप पेट फूलने यानी ब्‍लोटिंग से छुटकारा पा सकते हैं.

पेट फूलने की समस्या से ऐसे पाए निजात:

अदकर:
आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पीएं. अदरक के और भी कई सारे फायदे होते है जिससे आप के प्रकार की समस्याओ से छुटकारा पा सकते है.

पुदीना:
एक कप पुदीने की चाय पीने से पेट दर्द ठीक होता है और गैस निकलती है. पुदीना सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि सौंदर्य निखार के लिए पुदीना कारगर है, इसके अलावा यह त्वचा की कोशिकाओं को नई उर्जा प्रदान करता है.

कद्दू:
रोजाना के भोजन में एक कप कद्दू खाएं. कद्दू में विटामिन ए ,पोटैशियम और फाइबर होते हैं जो पाचन में मददगार होते हैं. कद्दू की बीजों में पर्याप्त मात्रा में जिंक पाया जाता है. यह इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में कारगर होता है और वायरल, सर्दी-खांसी-जुकाम जैसे संक्रमणों से सुरक्षित रखता है. इसके अलावा डिप्रेशन दूर करने में भी मददगार होता है.

सौंफ:
सौंफ खाने या इसकी चाय पीने से पेट की गैस एक मिनट में निकल जाती है. यह हाजमे की प्रणाली की मांसपेशियों की अकडन को दूर करके आपके पेट का फूलना ठीक करते हैं। भारी भोजन करने के बाद सौंफ के बीजों को चबाएं और आप एक कप गर्म पानी में 1चम्मच सौंफ के बीज भी डाल सकते हैं.

हरी धनिया:
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पेट फूलने पर हरी धनिया की चाय पियें, ससे पेट दर्द ठीक हो जाएगा और गैस भी निकल जाएगी. स्वास्थ्य सुधार के लिए धनिये की चाय काफी महत्वपूर्ण साबित होती है. लगभग दो कप पानी लिया जाता है इसके बाद पानी में जीरा व धनिया डाल लिया जाता है.

इसके बाद चाय पत्ती व थोड़ी मात्रा सौंफ की डाल कर लगभग 2 मिनट तक इसको खौलाया जाता है. 2 मिनट खुलने के बाद इसमें घोल में जरुरत के अनुसार शक्कर डाल दी जाती है और साथ ही अदरक भी डाल दिया जाता है. आप इसे चाहे तो और स्वादिष्ट बना सकते हैं इसके लिए कई बार शक्कर की जगह इसमें शेहद को मिला लिया जाता है

अब इस बने हुए घोल को सेवन करने से पाचन सम्बन्धी समस्याओ में आराम मिलता है साथ ही गैस से परेशानी से भी छुटकारा मिलता है. गले में होने वाली समस्याएँ भी दूर की जा सकती है और आप चाहे तो इसका सेवन उस वक़्त कर सकते हैं जब आपको यह प्रॉब्लम हो तो.

तुलसी पत्‍ती:
तुलसी की कुछ पत्‍तियों के सेवन से आपको काफी लाभ मिलेगा. अगर आप दस्त से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का इलाज आपको फायदा देगा. तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीस लें. इसके बाद उसे दिन में 3-4 बार चाटते रहें. ऐसा करने से दस्त रुक जाती है

दही:
दही में बैक्‍टीरिया होता है, जिससे पेट हमेशा ठीक रहता है तथा खाना भी हजम हो जाता है, इसके अलावा दही खाने से जलन भी कम होती हैं अगर आपको किसी प्रकार की जलन हो रही हैं तो आप दही आ सेवन करे.

अजवायन:
खाना खाने के बाद थोड़ी सी अजवायन के दाने खान से पेट नहीं फूलता है, इसके अलावा अगर आप गैस की समस्या से पीड़ित हैं तो आप अजवायन का सेवन भी कर सकते है इससे गैस दूर हो जायेगी.


नींबू:
रोज सुबह गरम पानी में नींबू निचोड़ का पीने से पेट नहीं फूलता, नीबू पीने से गैस भी कम बनती है.

केले के फायदे:
केला फाइबर का बेहतरीन स्त्रोत होता है तथा यह कब्ज़ से जुड़ी गैस एवं पेट के फूलने की समस्या का उपचार करता है, केला पोटैशियमसे भरपूर होता है जिसकी मदद से हमारे शरीर में द्रव्यों का स्तर नियंत्रित होता है.

यह हमें पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाता है आप चाहे तो पेट के फूलने की समस्या को दूर करने के लिए रोज़ाना केले का सेवन कर सकते हैं, आप या तो नाश्ते में केले का सेवन करें, या फिर  इन्हें फलों के सलाद या मीठे में शामिल करें आपका हाज़मा दुरुस्त रहेगा.

मसालेदार खाना:
मसालेदार खाद्य से बचने की कोशिश करें जो परेशानी या आपके पेट फूलने की समस्या का कारण हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पेट फूलने की समस्या है तो कुछ मसालेदार खाद्यों से बचें जैसे काली मिर्च, सिरका, मिर्च पाउडर, सरसों, मूली, प्याज, लहसुन.

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

कहीं आपका पेट फूलने के पीछे ये कारण तो नहीं..

कहीं आपका पेट फूलने के पीछे ये कारण तो नहीं..


हमारे साथ कई बार होता है कि हमारा पेट में गैस बनने लगती है। जिसके कारण आपका पेट फूल जाता है। आप सोचते है कि आपको कोई बीमारी हो गई है। जिसके कारण आप डॉक्टर्स के पास चक्कर लगाने लगते है। लेकिन आप यह नहीं जानते है कि पेट फूलना, गैस बनना कोई बीमारी नहीं बल्कि आप गलत खाने की आदत के कारण ये समस्याएं होती है। हम ऐसे कई फूड, वेजिटेबल खा लते है जो कि पेट फूलने के कारण होते है। अगर आपका भी पेट फूल जाता है या फिर गैस बनने लगती है, तो इन चीजों का सेवन करना बिल्कुल बंद कर दें। इससे भी आपको यह समस्या होती है। जानिए इन चीजों के बारें में।

आलू
इसमें भरपूर मात्रा में स्टार्च पाया जाता है। जो कि गैस आासानी से आपके पेट में बना सकता है।

दूध
दूध पीने से भी आपका पेट फूल सकता है, क्योंकि इसमें लैक्टोज नामक तत्व पाएं जाते है। जो कि गैस की समस्या को बढ़ाते है।

चाय
अगर आपने सुबह खाली पेट चाय पी ली, तो आपका पेट फूल जाएगा।

कार्बोनेटेड ड्रिक्स
इस तरह की ड्रिंक्स में अधिक मात्रा में कार्बन डाइ-ऑक्साइड गैस पाई जाती है। जो कि डाइजेस्टिव सिस्टम में जमा होकर पेट फूला देती है। इसलिए ऐसे सोडा, कोल्ड ड्रिक्स का सेवन कम से कम करें।

प्रोसेसेड फूड
मैंगी, नूडल्स आदि में भरपूर मात्रा में प्रिजर्वेटिव्स और सोडियम होता है। जिससे कारण यह शरीर में पानी की मात्रा बढ़ा देता है। जिससे आपका पेट फूल जाता है।

जंक फूड
जंक फूड में भरपूर मात्रा में मैदा, नमक और ऑयल होता है। जो कि पाचन में समस्या उत्पन्न करते है। जिससे पेट में गैस बंद जाती है। जो कि पेट फूलने का कारण बन जाता है। अगर इससे बचना है, तो कम से कम नूडल्स का सेवन करें।

बीन्स
बीन्स में अल्फा गैलेक्टोसाइड्स नामक एक शुगर पाई जाती है। जो कि पेट में बैक्टीरिया के साथ मिलकर फर्मेंटेशन करती है। जिससे गैस बन जाती है। जो कि पेट फूलने का कारण है।

गोभी
गोभी जैसे कि पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकली का सेवन करना बंद कर दें, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा मे शॉर्ट चेन कार्बोहाइड्रेट्स होते है। जो पेट में फर्मेंटेशन करके पेट को फुला देते है।

बचाव
अगर आपको पेट फूलने की समस्या है, तो आप दही, अजवाइन, नारियल पानी, नींबू पानी और सौंफ का पानी ले सकते है।

शनिवार, 20 मई 2017

क्या आपको भी अक्सर रहती है गैस और बदहज़मी की शिकायत, तो आज़माएं ये आसान घरेलू उपाय

क्या आपको भी अक्सर रहती है गैस और बदहज़मी की शिकायत, तो आज़माएं ये आसान घरेलू उपाय


बढ़ती गर्मी के साथ इंसान की भूख भी कम होने लगती है, ऐसे में ज़रुरत होती है की हम सही समय पर खाना खाएं और ज़्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें। लेकिन हम शरीर के ज़रुरत और इशारे को समझ नहीं पाते और ज़बरदस्ती खाना खाते जाते हैं। जिसका नतीजा होता है कब्ज़, पेट दर्द और गैस जैसी परेशानियां। जिसका बुरा असर हमारी सेहत के साथ- साथ जेब पर भी पड़ता है।

इसलिए बेहतर होगा कि हम पहले से ही अपनी सेहत का ख्याल रखें ताकि आगे चलकर हमें ऐसी किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े। और जो लोग पहले से ही इन परेशानियों को झेल रहें हैं, उनके लिए हमारे पास है कुछ बिल्कुल आसान और असरदार उपाय। जिन्हे अपनाने से कुछ ही मिनटों में आपकी ये सारी परेशानियां छूमंतर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं कि इन बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए आपको क्या कुछ करना है –

गैस की समस्या के लिए फायदेमंद है लोंग
हमेशा से आयुर्वेद में पेट से जुड़ी समस्या के लिए लौंग को असरदार बताया गया है। खात तौर पर जब आप एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे होते हैं। गैस की समस्या से निपटने क लिए आप यदि लौग के साथ शहद का सेवन करते हैं तो ये समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। बता दें कि लौंग का रोज़ाना सेवन आपके पाचन- तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद है।

मैथी दाना
मेथी दाने को पानी के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें और फिर रोज़ाना उसे पिएं, गैस की परेशानी से तुरंत निजात मिल जाएगी।

निम्बू पानी
सुबह उठकर नियमित रुप से गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर पीने से भी एसिडिटी की शिकायत नहीं होती, साथ ही पाचन- तंत्र भी संतुलित रहता है।

छाछ
गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोज़ाना छाछ का सेवन भी काफी लाभदायक होता है। छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड भोजन को अच्छे से पचाने में मददगार होता है जिसके कारण गैस की समस्या नहीं होती।

हल्दी
हल्दी का इस्तेमाल त्वचा के साथ-साथ हमारे पाचन- तंत्र को मज़बूत बनाए रखता है।

जीरा
अगर आपको अक्सर गैस की शिकायत रहती है तो आप नियमित रुप से सुबह उठकर एक गिलास पानी में जीरा पाउडर मिला कर पीएं, जैस की परेशानी जड़ से खत्म हो जाएगी।

पानी पीना
शरीर में पानी की कमी के कारण डीहाइड्रेशन व कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है, तो बेहतर होगा कि आप रोज़ाना 7-8 गिलास पानी पीएं। ऐसे में छाछ का सेवन भी बेहतर विकल्प है।

बुधवार, 17 अगस्त 2016

पेट की सभी समस्याओं के अचूक आयुर्वेदिक नुस्खे

पेट की सभी समस्याओं के अचूक आयुर्वेदिक नुस्खे

यदि आपका पेट अच्छी तरह साफ़ नहीं हो रहा हैं और आपको भोजन के बाद पेट दर्द या गैस या दस्त हो जाते हैं, भोजन पचता नहीं, गैस के कारण हृदय पर बोझ अनुभव होता हैं, पेट फूल जाता हैं, पुराना कब्ज हो, कोलाइटिस हो, भोजन में अरुचि हो तो इन नुस्खों को ज़रूर आज़माये। ये आसान से घरेलु उपाय बहुत कामयाब हैं।

निम्बू :

यदि आपके पाचन अंग कार्य नहीं करते, भोजन नहीं पचता, पेट में गैस के कारण हृदय पर बोझ अनुभव होता हैं, पेट फूल जाता हैं, रात को नींद नहीं आती, भोजन भली प्रकार नहीं पचता तो एक गिलास गर्म पानी में एक निम्बू का रस मिलाकर बार बार पीते रहने से पाचन अंगो की धुलाई हो जाती हैं। रक्त और शरीर के समस्त विषैले पदार्थ मूत्र द्वारा निकल जाते हैं। कुछ ही दिनों में शरीर में नई स्फूर्ति और नई शक्ति अनुभव होने लगती है।
अगर अपच हो तो निम्बू की फांक पर नमक डालकर गर्म करके चूसने से खाना सरलता से पच जाता है। यकृत (लिवर) के समस्त रोगों में निम्बू लाभदायक होता हैं।

नारंगी :

अगर आपकी पाचन शक्ति कमज़ोर हैं तो नारंगी का रस तीन गुना पानी में मिलाकर पीना चाहिए।

पुदीना :

पुदीना पेट की ढेरों बीमारियो का शमन करने में समर्थ होता है। इसके लिए पुदीने का किसी न किसी रूप में प्रतिदिन सेवन अवश्य करना चाहिए।

पालक :

कच्चे पालक का रस प्रात: पीते रहने से कुछ ही दिनों में कब्ज ठीक हो जाता है। आँतों के रोगों में इसकी सब्जी लाभदायक है। पालक और बथुए की सब्जी खाने से भी कब्ज दूर होता है। कुछ दिन लगातार पालक अधिक मात्रा में खाने से पेट के रोगों में लाभ होता है।

बेल – बिल्व :

बेल का शरबत, या मुरब्बा या चूर्ण, किसी भी प्रकार से बेल का सेवन आंतो की पूर्ण सफाई करता हैं। पेट के रोगो से ग्रसित रोगो को बेल का नियमित सेवन करना चाहिए। ये कोलाइटिस के रोगियों के लिए भी अमृत के समान हैं।

मूली :

अग्निमांध, अरुचि, पुराना कब्ज, गैस होने पर भोजन के साथ मूली पर नमक, काली मिर्च डालकर दो माह तक नित्य खाएं। इससे लाभ होगा। पेट के रोग में मूली की चटनी, आचार सभी भी उपयोगी हैं। ध्यान रहे मूली सेवन का सही समय दोपहर ही है। रात को मूली नहीं खानी चाहिए।

बथुआ :

जब तक मौसम में बथुआ मिलता रहे नित्य इसकी सब्जी खावें। इससे पेट के हर प्रकार के रोग यकृत(लिवर), तिल्ली(स्प्लीन), गैस, अजीर्ण, कृमि, अर्श (बवासीर) ठीक हो जाती हैं।

अदरक :

अदरक को बारीक काटकर थोड़ा सा काला नमक लगाकर 6 ग्राम की मात्रा में दिन में एक बार, 10 दिन तक भोजन से पहले खाएं। इससे हाज़मा ठीक होगा, भूख लगेगी, पेट की गैस, कब्ज दूर होगी, मुंह का स्वाद ठीक होगा, भोजन की और रूचि बढ़ेगी। जीभ और कंठ में चिपटा बलगम साफ़ होगा।
सौंठ (सूखी अदरक) और सौंठ की पांच गुनी अजवायन पीसकर निम्बू के रस में तर कर लें। इसे छाया में सुखाकर नमक मिला लें। सुबह शाम पानी से एक चम्मच लें। इससे पाचन विकार, वायु पीड़ा, खट्टी डकारे ठीक होती हैं।सौंठ, हींग और काला नमक इन तीनो को बराबर मिला कर चूर्ण बना लीजिये, ये चूर्ण गैस को बाहर निकालता है।
पेट फूलता हो, बदहज़मी हो, अदरक के टुकड़े देशी घी में सेंककर स्वादानुसार नमक डालकर दो बार नित्य खाएं। इससे पेट के सामान्य रोग ठीक हो जायेंगे।

एक चम्मच अदरक का रस चौथाई कप पानी में मिलाकर पियें। यह पाचन संस्थान के हरेक रोगों में लाभदायक है। जब कभी पेट खराब हो, अदरक का सेवन करें।
अदरक के बारीक टुकड़े कर लें, इन्हें नागरबेल के पान (खाने का पान) में सुपारी की तरह डालकर पान को लपेट लें तथा एक लौंग ऊपर से चुबा दें। इस प्रकार पान में अदरक के टुकड़े भरकर बीड़ा बाँध लें, इनको निम्बू के रस में डुबो दें और दस दिन तक पड़ा रहने दें। निम्बू के रस में स्वादानुसार नमक डाल दें। इसके बाद एक पान नित्य भोजन के साथ खाएं। इससे भोजन सरलता से पचेगा तथा पाचन सम्बन्धी रोग ठीक हो जायेंगे।

शुक्रवार, 20 अक्तूबर 2017

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय

सुबह पेट में सुई सी चूभती गैस की भी हवा निकल जाएगी, करें ये उपाय


कब्ज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है यह छोटे से लेकर बड़े तक किसी को भी और कभी भी हो सकती है कब्ज एक ऐसी समस्या है अगर इससे छुटकारा नहीं पाया गया तो बहुत पेट में दर्द होता है तकलीफ होती है और यह असहनीय दर्द भी हो जाता है। कब्ज का इलाज आज हम आपको बताएंगे कि कब्ज का इलाज कैसे करें कब्ज एक आम समस्या बन गई है यह हर व्यक्ति को परेशान करती है जब किसी व्यक्ति का खाना पूरी तरह से पच नहीं पाता है तो उसे गैस की समस्या हो जाती है और गैस की समस्या होने पर ही कब्ज़ा का होना संभव होता है।

कब्ज से मतलब है, कि मल-त्याग न होना, मल-त्याग कम होना, मल में गांठें निकलना, लगातार पेट साफ न होना, रोजाना टट्टी नहीं जाना, भोजन पचने के बाद पैदा मल पूर्ण रूप से साफ न होना, मल त्यागने के बाद पेट हल्का और साफ न होना आदि को कब्ज कहते हैं।

क़ब्ज़ होने के कारण :

खानपान सम्बंधी गलत आदतें जैसे- समय पर भोजन न करना, बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन, मैदा आदि से बनाया गया मांसाहारी भोजन, भोजन में फाइबर की कमी, अधिक भारी भोजन अधिक खाना, शौच को रोकने की आदत, शारीरिक श्रम न करना, विश्राम की कमी, मानसिक तनाव (टेंशन), आंतों का कमजोर होना, पानी की कमी, गंदगी में रहना, मादक द्रव्यों का सेवन, एलोपैथी दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण, भोजन के साथ अधिक पानी पीने, मिर्च-मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे-पूरी-कचौड़ी, नमकीन, चाट-पकौड़े खाने, अधिक गुस्सा, दु:ख आलस्य आदि कारणों से कब्ज हो जाती है।
कब्ज और पेट की गैस के कुछ और भी कारण होते हैं जैसे कि हमारा खाने का सही ढंग से ना पचना खाना खाने के बाद बैठ जाना हल्का ना टहलना आदि कारण हो सकते हैं कब्ज को दूर करने के लिए हम यहां पर कुछ उपाय बता रहे हैं जिनको प्रयोग करके आप अपनी कब्ज को दूर कर सकते हैं।

कब्ज और पेट की गैस के 15 अचूक घरेलु उपाय :

धनिया : धनिया कब्ज तोड़ने में भी सहायता करता है। धनिये के चूर्ण से पुराना से पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है। इसके लिए 50 ग्राम धनिया, 10 ग्राम सोंठ, 2 चुटकी कालानमक तथा 3 ग्राम हरड़ लेकर सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़े से छानकर रख लेना चाहिए। इस चूर्ण को थोड़ी सी मात्रा में भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से लें। इससे कब्ज नष्ट होता है और मल भी खुलकर आने लगता है। इससे पेट का दर्द भी कम हो जाता है और आंतों की खुश्की भी दूर हो जाती है। इससे भूख खुलकर आती है। मलावरोध समाप्त हो जाता है। यदि पुराना कब्ज हो तो इस चूर्ण को लगातार 40 दिनों तक लेना चाहिए।कब्ज न रहने पर भी यह चूर्ण लिया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की हानि की संभावना नहीं होती है।
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त्रिफला (छोटी हरड़, बहेड़ा तथा आंवला) : त्रिफला का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में लेकर हल्के गर्म पानी के साथ रात को सोते समय लेने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) समाप्त होती है।

अजवायन : अजवायन 10 ग्राम, त्रिफला 10 ग्राम और सेंधानमक 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना 3 से 5 ग्राम इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से काफी पुरानी कब्ज समाप्त हो जाती है।
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मुनक्का : रोजाना प्रति 10 मुनक्का को गर्म दूध में उबालकर सेवन करने से लाभ मिलता है।

आंवला : सूखे आंवले का चूर्ण रोजाना 1 चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद ने से लाभ होता हैं। या फिर 1 चम्मच आंवले का चूर्ण शहद के साथ रात में लें।
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गिलोय : गिलोय का मिश्रण या चूर्ण 1 चम्मच गुड़ के साथ खाने से कब्ज दूर होती है।

लहसुन : पेट में गैस बनने पर सुबह 4 कली लहसुन की खाये इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और गैस दूर होती है।
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देशी घी : देशी घी में कालीमिर्च मिलाकर गर्म दूध में घी के साथ पीने से आंतों में रुका मल नरम और ढीला हो करके बाहर निकल जाता है।

दूध : 250 मिलीलीटर गाय का दूध, 250 ग्राम पानी और 5 कालीमिर्च साबुत लेकर आग पर चढ़ा दें और जब पानी जल जाये, तब उतारकर छान लें। इसमें मिश्री मिलाकर पीने से वायुगोला अर्थात गैस का दर्द मिट जाता है।

मुलहठी : मुलहठी 5 ग्राम को गुनगुने गर्म दूध के साथ सोने से पहले पीने से सुबह शौच साफ आती है।

नीम : नीम के सूखे फल को रात में गर्म पानी के साथ खाने से शौच खुलकर आती है।

ईसबगोल : ईसबगोल 6 ग्राम को 250 मिलीलीटर गुनगुने दूध के साथ सोने से पहले पी लें। कभी-कभी ईसबगोल की भूसी लेने से पेट फूल जाता है। ऐसा बड़ी आंतों में ईसबगोल पर बैक्टीरिया के प्रभाव से पैदा होने वाली गैस से होता है। इसलिए ध्यान रखें कि ईसबगोल की मात्रा कम से कम ही लें, क्योंकि ईसबगोल आंतों में पानी को सोखती है, जिससे मल की मात्रा बढ़ती है और मल की मात्रा बढ़ने से आंतों की कार्यशीलता बढ़ जाती है, जिससे मल ठीक से बाहर निकल आता है। ईसबगोल लेने के बाद दो-तीन बार पानी पीना चाहिए। इससे ईसबगोल अच्छी तरह फूल जाता है। इसलिए ईसबगोल रात को ही लेना चाहिए और खाने के तुरंत बाद लें।

सौंफ : सौंफ 50 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम को कूटकर छान लें। सुबह-शाम इसे 5-5 ग्राम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ लेने से लाभ होता है। या सौंफ का चूर्ण रात को खाकर ऊपर से पानी पीने से कब्ज दूर होती है।
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अंजीर : अंजीर 5 से 6 पीस को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, पानी को छानकर पीने से कब्ज में राहत मिलती है।

नींबू : नींबू का रस, 5 मिलीलीटर अदरक का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है।

क़ब्ज़ से बचने के लिए कैसा भोजन करे :
दालों में मूंग और मसूर की दालें, सब्जियों में कम से कम मिर्च-मसालें डालकर परवल, तोरई, टिण्डा, लौकी, आलू, शलजम, पालक और मेथी आदि को खा सकते हैं। आधे से ज्यादा चोकर मिलाकर गेहूं तथा जौ की रोटी खाएं। भूख से एक रोटी कम खाएं। अमरूद, आम, आंवला, अंगूर, अंजीर, आलूचा, किशमिश, खूबानी और आलूबुखारा, चकोतरा और संतरे, खरबूजा, खीरा, टमाटर, नींबू, बंदगोभी, गाजर, पपीता, जामुन, नाशपाती, नींबू, बेल, मुसम्मी, सेब आदि फलों का सेवन करें। दिन भर में 6-7 गिलास पानी अवश्य पीयें। मूंग की दाल की खिचड़ी खायें। फाइबर से बने खाने की चीजें का अधिक मात्रा में सेवन करें, जैसे- फजियां, ब्रैन (गेहूं, चावल और जई आदि का छिलका), पत्ते वाली सब्जियां, अगार, कुटी हुई जई, चाइनाग्रास और ईसबगोल आदि को कब्ज से परेशान रोगी को खाने में देना चाहिए।

क़ब्ज़ में परहेज़ :
तले पदार्थ, अधिक मिर्च मसाले, चावल, कठोर पदार्थ, खटाई, रबड़ी, मलाई, पेड़े आदि का सेवन न करें। कब्ज दूर करने के लिए हल्के व्यायाम और टहलने की क्रिया भी करें। पेस्ट्रियां, केक और मिठाइयां कम मात्रा में खानी चाहिए।