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शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

1 अखरोट खाने से होते है ये 30 अद्भुत फायदे, स्वस्थ रहना है तो अखरोट खाओ

1 अखरोट खाने से होते है ये 30 अद्भुत फायदे, स्वस्थ रहना है तो अखरोट खाओ


हमारे जीवन के आसपास बहुत सी चीजे विद्धमान है लेकिन जब तक हम उसके गुण और प्रभाव से अनभिग्य है तब तक उसका लाभ नहीं उठा पाते है जी हाँ-हम अखरोट की बात कर रहें है ये अखरोट भी हमारे लिए बहुत ही फायदे मंद है इसकी दो जातियां पाई जाती हैं जंगली अखरोट 100 से 200 फीट तक ऊंचाई पर अपने आप उगते हैं और इसके फल का छिलका मोटा होता है। लेकिन कृषिजन्य अखरोट का पेड़ 40 से 90 फुट तक ऊंचा होता है और इसके फलों का छिलका पतला होता है इसे हम कागजी अखरोट कहते हैं पर्वतीय देशों में होने वाले पीलू को ही अखरोट कहते हैं इसका नाम कर्पपाल भी है और इसके पेड़ अफगानिस्तान में बहुत होते हैं तथा फूल सफेद रंग के छोटे-छोटे और गुच्छेदार होते हैं पत्ते गोल लम्बे और कुछ मोटे होते हैं तथा फल गोल-गोल मैनफल के समान परन्तु अत्यंत कड़े छिलके वाले होते हैं इसकी मींगी मीठी बादाम के समान पुष्टकारक और मजेदार होती है।
अखरोट की तुलना चिलगोजा और चिरौंजी से की जा सकती है अखरोट गरम व खुष्क प्रकृति का होता है अखरोट पित्त प्रकृति वालों के लिए हानिकारक होता है अनार का पानी अखरोट के दोषों को दूर करता है।
अखरोट बहुत ही बलवर्धक है हृदय को कोमल करता है हृदय और मस्तिष्क को पुष्ट करके उत्साही बनाता है इसकी भुनी हुई गिरी सर्दी से उत्पन्न खांसी में लाभदायक है और यह वात, पित्त, टी.बी, हृदय रोग, रुधिर दोष वात, रक्त और जलन को नाश करता है आप अखरोट का सेवन 10 ग्राम से 20 ग्राम तक की मात्रा में कर सकते हैं।

➡ अखरोट के 30 अद्भुत फायदे :

  • अगर आपको पथरी की शिकायत है तो साबुत (छिलके और गिरी सहित) अखरोट को कूट-छानकर एक चम्मच सुबह-शाम ठंडे पानी में कुछ दिनों तक नियमित रूप से सेवन कराने से पथरी मूत्र-मार्ग से बाहर निकल जाती है।
  • अखरोट को छिलके समेत पीसकर चूर्ण बनाकर रखें एक-एक चम्मच चूर्ण ठंडे पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम खायें इससे पेड़ू का दर्द और पथरी दोनों ठीक होती है।
  • जिन लोगों को फुन्सियां अधिक निकलती हो तो एक साल तक रोजाना प्रतिदिन सुबह के समय 5 अखरोट सेवन करते रहने से हमेशा के लिए लाभ हो जाता है।
  • जिन लोगों को टी.बी. रोग की शिकायत है तो इस के लिए तीन अखरोट और 5 कली लहसुन पीसकर एक चम्मच गाय के घी में भूनकर सेवन कराने से टी.बी. में लाभ होता है।
  • जिन महिलाओं के स्तन में दूध की कमी होती है तो गेहूं की सूजी एक ग्राम, अखरोट के पत्ते 10 ग्राम को एक साथ पीसकर दोनों को मिलाकर गाय के घी में पूरी बनाकर सात दिन तक खाने से स्त्रियों के स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।
  • खांसी होने पर अखरोट गिरी को भूनकर चबाने से लाभ होता है छिलके सहित अखरोट को आग में डालकर राख बना लें और इस राख की एक ग्राम मात्रा को पांच ग्राम शहद के साथ चटाने से भी लाभ होता है।
  • बवासीर होने पर-वादी बवासीर में अखरोट के तेल की पिचकारी को गुदा में लगाने से सूजन कम होकर पीड़ा मिट जाती है तथा अखरोट के छिलके की राख दो से तीन ग्राम को किसी दस्तावर औषधि के साथ सुबह,दोपहर तथा शाम को खिलाने से खूनी बवासीर में खून का आना बंद हो जाता है।
  • मासिक धर्म की रुकावट में अखरोट के छिलके का काढ़ा 40 से 60 मिलीलीटर की मात्रा में लेकर दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन-चार बार पिलाने से अदभुत लाभ होता है।
  • जिसका मासिक धर्म बंद हो तो अखरोट का छिलका, मूली के बीज, गाजर के बीज, वायविडंग, अमलतास, केलवार का गूदा सभी को 6-6 ग्राम की मात्रा में लेकर लगभग 2 लीटर पानी में पकायें फिर इसमें 250 ग्राम की मात्रा में गुड़ मिला दें और जब यह 500 मिलीलीटर की मात्रा में रह जाए तो इसे उतारकर छान लेते हैं फिर इसे सुबह-शाम लगभग 50 ग्राम की मात्रा में मासिक स्राव होने के एक हफ्ते पहले पिलाने से बंद हुआ मासिक धर्म खुल जाता है।
  • सुबह खाली पेट 5 ग्राम अखरोट की गिरी और 5 ग्राम पिसी हुई सोंठ को एक चम्मच एरंड के तेल में पीसकर गुनगुने पानी से लें। इससे रोगी के घुटनों का दर्द दूर हो जाता है तथा घुटने दर्द को दूर करने के लिए अखरोट का तेल जोड़ों पर लगाने से रोगी को लाभ मिलता है अखरोट का तेल आपको किसी भी आयुर्वेद दवा बेचने वाले पंसारी से मिल जाएगा।
  • अखरोट को गर्म दूध के साथ सेवन करने से बच्चों के पेट में मौजूद कीड़े मर जाते हैं तथा पेट के दर्द में आराम देता है। कुछ दिनों तक शाम को दो अखरोट खिलाकर ऊपर से दूध पिलाने से बच्चों के पेट के कीडे़ मल के साथ बाहर निकल जाते हैं अखरोट की छाल का काढ़ा 60 से 80 मिलीलीटर पिलाने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं।
  • हृदय की दुर्बलता होने पर अखरोट खाने से दिल स्वस्थ बना रहता है रोज एक अखरोट खाने से हृदय के विकार 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं और इससे हृदय की धमनियों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कॉलेस्ट्राल की मात्रा नियंत्रित रहती है इस अखरोट के असर से शरीर में वसा को पचाने वाला तंत्र कुछ इस कदर काम करता है कि हानिकारक कॉलेस्ट्राल की मात्रा कम हो जाती है हालांकि रक्त में वसा की कुल मात्रा में कोई परिवर्तन नहीं होता है लेकिन अखरोट में कैलोरी की अधिकता होने के बावजूद इसके सेवन से वजन नहीं बढ़ता और ऊर्जा स्तर बढ़ता है।
  • हमारे शरीर का कोई अंग जिस आकार का होता है ठीक उसी आकार का फल खाने से उस अंग को मजबूती मिलती है चूँकि अखरोट की बनावट हमारे दिमाग की तरह होती है इसलिए अखरोट खाने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है तथा याददाश्त मजबूत होती है अखरोट की गिरी को 25 से 50 ग्राम तक की मात्रा में प्रतिदिन खाने से मस्तिष्क शीघ्र ही सबल हो जाता है अखरोट खाने से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है।
  • कुछ बच्चों को बिस्तर में पेशाब करने की शिकायत हो जाती है ऐसे बाल रोगियों को दो अखरोट और 20 किशमिश प्रतिदिन दो सप्ताह तक सेवन करने से यह शिकायत दूर हो जाती है।
  • आठ अखरोट की गिरी और चार बादाम की गिरी और दस मुनक्का को रोजाना सुबह के समय खाकर ऊपर से दूध पीने से वृद्धावस्था की निर्बलता भी दूर हो जाती है।
  • दो अखरोट और तीन हरड़ की गुठली को जलाकर उनकी भस्म के साथ चार कालीमिर्च को पीसकर अंजन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • अखरोट की छाल को मुंह में रखकर चबाने से दांत स्वच्छ होते हैं तथा अखरोट के छिलकों की भस्म से मंजन करने से दांत मजबूत होते हैं।
  • अखरोट की गिरी 50 ग्राम, छुहारे 40 ग्राम और बिनौले की मींगी 10 ग्राम एक साथ कूटकर थोड़े से घी में भूनकर बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर रखें अब इसमें से 25 ग्राम प्रतिदिन सेवन करने से प्रमेह में लाभ होता है बस ध्यान रहे कि इसके सेवन के समय दूध न पीयें।
  • अखरोट का 10 से 40 मिलीलीटर तेल 250 मिलीलीटर गौमूत्र मिलाकर पिलाने से सभी प्रकार की सूजन में लाभ होता है वात-जन्य सूजन में इसकी 10 से 20 ग्राम अखरोट की गिरी को कांजी में पीसकर लेप करने से लाभ होता है।
  • सुबह-सुबह बिना मंजन कुल्ला किए बिना 5 से 10 ग्राम अखरोट की गिरी को मुंह में चबाकर लेप करने से कुछ ही दिनों में दाद मिट जाती है।
  • अखरोट को पीसकर पानी के साथ मिलाकर नाभि पर लेप करने से पेट में मरोड़ और दस्त का होना बंद हो जाता है तथा अखरोट के छिलकों को पानी के साथ पीसकर पेट की नाभि पर लगाने से पेट में होने वाली मरोड़ के साथ आने वाले दस्त तुरंत बंद हो जाते हैं।
  • जिन लोगों को लकवे की शिकायत है रोगी को रोजाना सुबह अखरोट का तेल नाक के छिद्रों में डालने से लकवा ठीक हो जाता है और अखरोट के निरन्तर सेवन से सफेद दाग भी ठीक हो जाते हैं तथा रोजाना अखरोट खाने से श्वेत कुष्ठ सफेद दाग का रोग नहीं होता है।
  • अखरोट के तेल को 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में 250 मिलीलीटर दूध के साथ सुबह देने से मल मुलायम होकर बाहर निकल जाता है।
  • किसी भी कारण या चोट के कारण हुए सूजन पर अखरोट के पेड़ की छाल पीसकर लेप करने से सूजन कम होती है।
  • हिस्टीरिया में अखरोट और किसमिस को खाने और ऊपर से गर्म गाय का दूध पीने से लाभ मिलता है।
  • अखरोट की मिंगी(बीज)को लगातार खाने से होठ या त्वचा के फटने की शिकायत दूर हो जाती है।
  • वात रोग में अखरोट की 10 से 20 ग्राम की ताजी गिरी को पीसकर दर्द वाले स्थान पर लेप करें तथा ईंट को गर्मकर उस पर जल छिड़ककर कपड़ा लपेटकर उस स्थान पर सेंक देने से शीघ्र पीड़ा मिट जाती है लेकिन गठिया पर इसकी गिरी को नियमपूर्वक सेवन करने से रक्त शुद्धि होकर लाभ होता है।
  • यदि नासूर है तो अखरोट की 10 ग्राम गिरी को महीन पीसकर मोम या मीठे तेल के साथ गलाकर लेप करें।
  • अखरोट के पत्तों का काढ़ा 40 से 60 मिलीलीटर पीने से व उसी काढ़े से गांठों को धोने से कंठमाला मिटती है।
  • अखरोट की छाल को पीसकर लेप करने से नाड़ी की सूजन,जलन व दर्द मिटता है।

सोमवार, 29 अगस्त 2016

अखरोट के ऐसे इलाज जिनसे आप थे अंजान। एक बार ज़रूर पढ़िए

अखरोट के ऐसे इलाज जिनसे आप थे अंजान। एक बार ज़रूर पढ़िए


अखरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। एक तरह यह हमारी फिटनेस बरकरार रखता है वहीं यह हमें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। जानें अखरोट के अनजाने लाभ के बारे में।

1) पौष्टिकता से भरा अखरोट :-

नट्स में वसा की मात्रा मानी जाती है और इसलिए इन्हें वजन बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन, हकीकत इससे जरा अलग है। अखरोट भी ऐसा ही ‘नट’ है। इसमें कई पौष्टि‍क तत्व होते हैं। आइए जानें क्या हैं अखरोट के फायदे-

2) वजन कम करे :-

अखरोट वजन कम करने में मदद करता है। एक औंस यानी करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम ओमेगा थ्री फैटी एसिड, 4 ग्राम प्रोटीन और 2 ग्राम फाइबर होता है जिससे लंबे समय तक तृप्त‍ि की भावना बनी रहती है। वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपका पेट भरा रहे। तो अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको अखरोट को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।

3) नींद दिलाये :-

नट्स आपकी नींद सुधार सकते हैं, इनमें मेलाटोनिन हॉरमोन होता है, जो नींद के लिए प्रेरित करना और नींद को नियंत्रित करता है। अगर आप शाम को या सोने से पहले अखरोट खायें तो इससे आपकी नींद में सुधार आए।

4) बालों के लिए फायदेमंद :-

अखरोट आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। अखरोट में मौजूद विटामिन बी7 होता है जो आपके बालों को मजबूत बनाने का काम करता है। विटामिन बी7 बालों का गिरना रोककर उन्हें बढ़ाने में मदद करता है।

5) दिल की बीमारियों से बचाए :-

अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी असरदार बनाता है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में इजाफा करने का भी काम करता है, जो इसे आपके दिल के लिए और भी उपयोगी बनाता है।

6) डायबिटीज से बचाये :-

एक शोध के मुताबिक जो महिलायें सप्ताह में दो बार 28 ग्राम अखरोट खाती हैं, उन्हें टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा 24 फीसदी कम होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीश‍न में प्रकाश‍ित इस शोध में यह भी कहा गया कि हालांकि यह शोध महिलाओं पर किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि पुरुषों को भी अखरोट के इसी प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।

7) शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाये :-

रोजाना 2.5 औंस यानी करीब 75 ग्राम अखरोट रोजाना खाने से स्वस्थ युवा पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। यूसीएल के शोधकर्ताओं का कहना है रोजाना अखरोट का पर्याप्त सेवन करने से 21 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों के शुक्राणुओं में अध‍िक जीवनशक्ति और गतिशीलता आती है।

8) त्वचा चमकाये :-

अखरोट में बी-विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपकी त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा को उम्र के निशान और झुर्रियों के प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। तो अगर आप मिडिल एज में चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं तो अखरोट का सेवन कीजिए।

9) डिमेंश‍िया को रखे दूर :

रोजाना अखरोट का सेवन आपको डिमेंश‍िया से दूर रखने में मदद करता है। शोध के मुताबिक अखरोट में मौजूद विटामिन ई और फ्लेवनॉयड डिमेंश‍िया उत्पन्न करने वाले हानिकारक फ्री-रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही अखरोट सीखने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

10) गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद :

गर्भवती महिलायें जो अखरोट जैसे फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करती हैं, उनके बच्चों को फूड एलर्जी होने की आशंका बहुत कम होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मांओं के आहार में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) होता है उनके बच्चे का विकास अच्छी तरह होता है। पूफा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोश‍िकाओं को मजबूत बनाता है।

11) स्तन कैंसर का खतरा घटाये :-

मार्शल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया रोजाना दो औंस यानी करीब 56 ग्राम अखरोट का सेवन स्तन कैंसर से बचाने में मदद करता है। रोजाना अखरोट का सेवन करने वालों को स्तन कैंसर का काफी कम होता है।

12) तनाव दूर भगाये :-

अगर रोजमर्रा का तनाव आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, तो अब वक्त आ गया है कि आप अखरोट का सेवन शुरू कर दें। एक शोध के मुताबिक अखरोट अथवा उसके तेल को आहार में शामिल करने से तनाव के लिए जिम्मेदार रक्तचाप को दूर करने में मदद मिलती है। अखरोट में फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और असंतृप्त फैटी एसिड विशेषकर अल्फा लिनोलेनिक एसिड और ओमेगा थ्री फैटी एसिड मौजूद होते हैं।

गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

अखरोट के ऐसे इलाज जिनसे आप थे अंजान। एक बार ज़रूर पढ़िए

अखरोट के ऐसे इलाज जिनसे आप थे अंजान। एक बार ज़रूर पढ़िए

अखरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। एक तरह यह हमारी फिटनेस बरकरार रखता है वहीं यह हमें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। जानें अखरोट के अनजाने लाभ के बारे में।

1) पौष्टिकता से भरा अखरोट :-

नट्स में वसा की मात्रा मानी जाती है और इसलिए इन्हें वजन बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन, हकीकत इससे जरा अलग है। अखरोट भी ऐसा ही ‘नट’ है। इसमें कई पौष्टि‍क तत्व होते हैं। आइए जानें क्या हैं

2) वजन कम करे

अखरोट वजन कम करने में मदद करता है। एक औंस यानी करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम ओमेगा थ्री फैटी एसिड, 4 ग्राम प्रोटीन और 2 ग्राम फाइबर होता है जिससे लंबे समय तक तृप्त‍ि की भावना बनी रहती है। वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपका पेट भरा रहे। तो अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको अखरोट को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।


3) नींद दिलाये

नट्स आपकी नींद सुधार सकते हैं, इनमें मेलाटोनिन हॉरमोन होता है, जो नींद के लिए प्रेरित करना और नींद को नियंत्रित करता है। अगर आप शाम को या सोने से पहले अखरोट खायें तो इससे आपकी नींद में सुधार आए।

4) बालों के लिए फायदेमंद

अखरोट आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। अखरोट में मौजूद विटामिन बी7 होता है जो आपके बालों को मजबूत बनाने का काम करता है। विटामिन बी7 बालों का गिरना रोककर उन्हें बढ़ाने में मदद करता है।

5) दिल की बीमारियों से बचाए

अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी असरदार बनाता है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में इजाफा करने का भी काम करता है, जो इसे आपके दिल के लिए और भी उपयोगी बनाता है।

6) डायबिटीज से बचाये

एक शोध के मुताबिक जो महिलायें सप्ताह में दो बार 28 ग्राम अखरोट खाती हैं, उन्हें टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा 24 फीसदी कम होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीश‍न में प्रकाश‍ित इस शोध में यह भी कहा गया कि हालांकि यह शोध महिलाओं पर किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि पुरुषों को भी अखरोट के इसी प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।


7) शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाये

रोजाना 2.5 औंस यानी करीब 75 ग्राम अखरोट रोजाना खाने से स्वस्थ युवा पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। यूसीएल के शोधकर्ताओं का कहना है रोजाना अखरोट का पर्याप्त सेवन करने से 21 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों के शुक्राणुओं में अध‍िक जीवनशक्ति और गतिशीलता आती है।

8) त्वचा चमकाये

अखरोट में बी-विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपकी त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा को उम्र के निशान और झुर्रियों के प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। तो अगर आप मिडिल एज में चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं तो अखरोट का सेवन कीजिए।

9) डिमेंश‍िया को रखे दूर

रोजाना अखरोट का सेवन आपको डिमेंश‍िया से दूर रखने में मदद करता है। शोध के मुताबिक अखरोट में मौजूद विटामिन ई और फ्लेवनॉयड डिमेंश‍िया उत्पन्न करने वाले हानिकारक फ्री-रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही अखरोट सीखने की क्षमता को भी बढ़ाता है।


10) गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद

गर्भवती महिलायें जो अखरोट जैसे फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करती हैं, उनके बच्चों को फूड एलर्जी होने की आशंका बहुत कम होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मांओं के आहार में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) होता है उनके बच्चे का विकास अच्छी तरह होता है। पूफा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोश‍िकाओं को मजबूत बनाता है।

11) स्तन कैंसर का खतरा घटाये

मार्शल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया रोजाना दो औंस यानी करीब 56 ग्राम अखरोट का सेवन स्तन कैंसर से बचाने में मदद करता है। रोजाना अखरोट का सेवन करने वालों को स्तन कैंसर का काफी कम होता है।

12) तनाव दूर भगाये

अगर रोजमर्रा का तनाव आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, तो अब वक्त आ गया है कि आप अखरोट का सेवन शुरू कर दें। एक शोध के मुताबिक अखरोट अथवा उसके तेल को आहार में शामिल करने से तनाव के लिए जिम्मेदार रक्तचाप को दूर करने में मदद मिलती है। अखरोट में फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और असंतृप्त फैटी एसिड विशेषकर अल्फा लिनोलेनिक एसिड और ओमेगा थ्री फैटी एसिड मौजूद होते हैं।

गुरुवार, 12 मई 2016

अखरोट खाने के फायदे

अखरोट खाने के फायदे

अखरोट खाने के फायदे 
 
खरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। एक तरह यह हमारी फिटनेस बरकरार रखता है वहीं यह हमें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।अखरोट के स्वास्थ्य लाभ जानते हैं-

1) नट्स में वसा की मात्रा मानी जाती है और इसलिए इन्हें वजन बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन, हकीकत इससे जरा अलग है। अखरोट भी ऐसा ही 'नट' है। इसमें कई पौष्टि‍क तत्व होते हैं।


2) अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी असरदार बनाता है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में इजाफा करने का भी काम करता है, जो इसे आपके दिल के लिए और भी उपयोगी बनाता है।


3) एक शोध के मुताबिक जो महिलायें सप्ताह में दो बार 28 ग्राम अखरोट खाती हैं, उन्हें टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा 24 फीसदी कम होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीश‍न में प्रकाश‍ित इस शोध में यह भी कहा गया कि हालांकि यह शोध महिलाओं पर किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि पुरुषों को भी अखरोट के इसी प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।


4) अखरोट आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। अखरोट में मौजूद विटामिन बी7 होता है जो आपके बालों को मजबूत बनाने का काम करता है। विटामिन बी7 बालों का गिरना रोककर उन्हें बढ़ाने में मदद करता है।
5)अखरोट वजन कम करने में मदद करता है। एक औंस यानी करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम ओमेगा थ्री फैटी एसिड, 4 ग्राम प्रोटीन और 2 ग्राम फाइबर होता है जिससे लंबे समय तक तृप्त‍ि की भावना बनी रहती है। वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपका पेट भरा रहे। तो अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको अखरोट को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।


6) अखरोट में बी-विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपकी त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा को उम्र के निशान और झुर्रियों के प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। तो अगर आप मिडिल एज में चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं तो अखरोट का सेवन कीजिए।


7) रोजाना 2.5 औंस यानी करीब 75 ग्राम अखरोट रोजाना खाने से स्वस्थ युवा पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। यूसीएल के शोधकर्ताओं का कहना है रोजाना अखरोट का पर्याप्त सेवन करने से 21 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों के शुक्राणुओं में अध‍िक जीवनशक्ति और गतिशीलता आती है।


8) हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि अखरोट के सेवन से तनाव का स्‍तर घट जाता है। इसके सेवन से ब्‍लड़ प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा मिलती रहती है। 


9) नट्स आपकी नींद सुधार सकते हैं, इनमें मेलाटोनिन हॉरमोन होता है, जो नींद के लिए प्रेरित करना और नींद को नियंत्रित करता है। अगर आप शाम को या सोने से पहले अखरोट खायें तो इससे आपकी नींद में सुधार आए।


10) गर्भवती महिलायें जो अखरोट जैसे फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करती हैं, उनके बच्चों को फूड एलर्जी होने की आशंका बहुत कम होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि माताओं के आहार में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) होता है उनके बच्चे का विकास अच्छी तरह होता है। पूफा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोश‍िकाओं को मजबूत बनाता है।


11) सुखद लंबी आयु के लिए अखरोट का सेवन अच्छा रहता है। इसक नियमित सेवन से जीवनकाल बढ़ता है और आपका जीवन ऊर्जा से भरपूर रहता है।


12)जो पुरूष पिता बनने की लालसा रखते हैं उनके लिए अखरोट काफी लाभकारी होता है। इसके सेवन से स्पर्म काउंट बढ़ता है। 


13) अगर आपको अपने स्तन को सुडौल और स्वस्थ बनाएं रखना है तो अखरोट का दैनिक रूप से सेवन करें। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।


14) अखरोट का नियमित रूप से सेवन, दिमाग को तेज बनाता है इसीलिए इसे ब्रेन फूड के नाम से भी जाना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई होने ही वजह से यह दिमाग को तेज और स्वस्थ बनाएं रखता है।

शुक्रवार, 10 जून 2016

अखरोट सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।

अखरोट सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।




खरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। एक तरह यह हमारी फिटनेस बरकरार रखता है वहीं यह हमें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।

अखरोट के स्वास्थ्य लाभ जानते हैं-

1) नट्स में वसा की मात्रा मानी जाती है और इसलिए इन्हें वजन बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन, हकीकत इससे जरा अलग है। अखरोट भी ऐसा ही 'नट' है। इसमें कई पौष्टि‍क तत्व होते हैं।


2) अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी असरदार बनाता है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में इजाफा करने का भी काम करता है, जो इसे आपके दिल के लिए और भी उपयोगी बनाता है।


3) एक शोध के मुताबिक जो महिलायें सप्ताह में दो बार 28 ग्राम अखरोट खाती हैं, उन्हें टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा 24 फीसदी कम होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीश‍न में प्रकाश‍ित इस शोध में यह भी कहा गया कि हालांकि यह शोध महिलाओं पर किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि पुरुषों को भी अखरोट के इसी प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।


4) अखरोट आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। अखरोट में मौजूद विटामिन बी7 होता है जो आपके बालों को मजबूत बनाने का काम करता है। विटामिन बी7 बालों का गिरना रोककर उन्हें बढ़ाने में मदद करता है।


5)अखरोट वजन कम करने में मदद करता है। एक औंस यानी करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम ओमेगा थ्री फैटी एसिड, 4 ग्राम प्रोटीन और 2 ग्राम फाइबर होता है जिससे लंबे समय तक तृप्त‍ि की भावना बनी रहती है। वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपका पेट भरा रहे। तो अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको अखरोट को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।


6) अखरोट में बी-विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपकी त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा को उम्र के निशान और झुर्रियों के प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। तो अगर आप मिडिल एज में चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं तो अखरोट का सेवन कीजिए।


7) रोजाना 2.5 औंस यानी करीब 75 ग्राम अखरोट रोजाना खाने से स्वस्थ युवा पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। यूसीएल के शोधकर्ताओं का कहना है रोजाना अखरोट का पर्याप्त सेवन करने से 21 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों के शुक्राणुओं में अध‍िक जीवनशक्ति और गतिशीलता आती है।


8) हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि अखरोट के सेवन से तनाव का स्‍तर घट जाता है। इसके सेवन से ब्‍लड़ प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा मिलती रहती है। 


9) नट्स आपकी नींद सुधार सकते हैं, इनमें मेलाटोनिन हॉरमोन होता है, जो नींद के लिए प्रेरित करना और नींद को नियंत्रित करता है। अगर आप शाम को या सोने से पहले अखरोट खायें तो इससे आपकी नींद में सुधार आए।


10) गर्भवती महिलायें जो अखरोट जैसे फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करती हैं, उनके बच्चों को फूड एलर्जी होने की आशंका बहुत कम होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि माताओं के आहार में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) होता है उनके बच्चे का विकास अच्छी तरह होता है। पूफा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोश‍िकाओं को मजबूत बनाता है।


11) सुखद लंबी आयु के लिए अखरोट का सेवन अच्छा रहता है। इसक नियमित सेवन से जीवनकाल बढ़ता है और आपका जीवन ऊर्जा से भरपूर रहता है।


12)जो पुरूष पिता बनने की लालसा रखते हैं उनके लिए अखरोट काफी लाभकारी होता है। इसके सेवन से स्पर्म काउंट बढ़ता है। 


13) अगर आपको अपने स्तन को सुडौल और स्वस्थ बनाएं रखना है तो अखरोट का दैनिक रूप से सेवन करें। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।


14) अखरोट का नियमित रूप से सेवन, दिमाग को तेज बनाता है इसीलिए इसे ब्रेन फूड के नाम से भी जाना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई होने ही वजह से यह दिमाग को तेज और स्वस्थ बनाएं रखता है।

सोमवार, 17 अप्रैल 2017

कैंसर से लेकर जोड़ो का दर्द तक हर बिमारी का तोड़ हैं अखरोट

कैंसर से लेकर जोड़ो का दर्द तक हर बिमारी का तोड़ हैं अखरोट


आज के समय में हर कोई इतना बिजी हो चुका है कि खुद के लिए थोड़ा सा भी समय नहीं निकाल पाते है जिसके कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता हैऔर हमारी सेहत दिन पर दिन खराब होती जाती है लोगो को आजकल कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है.

शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे अखरोट खाना पसंद ना हो जिउसे इसके लाभदायक गुणों के बारे में पता नहीं होगा लेकिन यह उसका सेवन करते होंगे लेकिन अगर एक बार भी आप इसका फायदा जान जायेंगे तो आपको इसके सेवन से बहुत सरे फाये नज़र आने लगेंगे.

यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसमें कई गंभीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है. इसके दैनिक सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने की भी क्षमता शरीर में पैदा हो जाती है. साथ ही साथ मेटाबोलिज्‍म भी दुरूस्‍त रहता है इसे प्रतिदिन खाने से ऊर्जा का स्‍तर भी बना रहता है, इसके अलावा इसे खाने से कैंसर तक की बीमारियों को भी कम किया जा सकता हैं.

अखरोट के फायदे:

घुटनों का दर्द:
सबसे ज्यादा अनहेल्दी फूड, एक्सरसाइज और बढ़ते वजन के कारण हो रहा है जिसके कारण देश में इनकी संख्या दिनो-दिन बढ़ती जा रही है पहले जमाने की बात करें, तो ये समस्या 40 साल की उम्र के पार ही होती थी, लेकिन आज ये समस्या हर उम्र के लोगों को सता रही है जिसे देखो वो आने घुटनों का दर्द रोता रहता हैं.

अगर आप भी घुटनों के दर्द से परेशान है, तो आपको अखरोट इस दर्द से निजात दिला सकता है यह हम आपको अखरोट के कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं जिसके सेवन के बाद आपका घुटनों का दर्द कम हो जाएगा.

अखरोट में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन बी6, ई, कैल्शियम, फैट, कार्बोहाइड्रेट और मिनरल पाएं जाते है. इसके साथ ही अखरोट में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ ओमेगा-3 बी पाया जाता है जो की सूजन को कम करने का कार्य करता हैं, साथ ही अर्थराइटिस के विकास के जोखिम को भी कम करता है.

अगर आप चाहते है कि घुटनों के दर्द से निजात मिल जाएं, तो इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट एक अखरोट की गिरी को चबा-चबाकर खाएं. इससे कुछ ही दिनों में आपको फायदा दिखने लगेगा. इस बात का ध्यान रखें कि इसका सेवन रोजाना करें किसी भी दिन छोड़े नहीं.

वजन घटाने में सहायक:
अगर आप मोटापे से परेशान है तो अखरोट के सेवन से शरीर का वजन घटाने में सहायता मिलती है. जो लड़कियां या लड़के अपना वजन घटाना चाहते हैं उन्‍हे नियमित रूप से अखरोट का सेवन करना चाहिए.

अच्‍छी नींद दिलाएं:
जानकर आपको आश्‍चर्य तो हो ही रहा होगा, लेकिन यह बात सच है कि अखरोट के सेवन से शरीर को रिलैक्‍स मिल जाता है और अच्‍छी नींद आती है जिससे आपका तनाव भी कम होता हैं.

दिल के लिए अच्‍छा:
अखरोट का सेवन करने से दिल दुरूस्‍त रहता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्‍सीडेंट होते हैं जो दिल को दुरूस्‍त बनाएं रखते हैं, और आपको हार्ट अटैक से भी बचाता हैं.

डायबटीज:
अगर आप मधुमेह से ग्रसित है तो अखरोट का सेवन लाभकारी होता है इसका नियमित रूप से सेवन करने से आप मधुमेह से बच भी सकते हैं. अखरोट से डायबटीज 2 में आराम मिलता है

स्‍पर्म के लिए:
जो पुरूष पिता बनने की इच्‍छा रखते हैं उनके लिए अखरोट काफी लाभकारी होता है इसके सेवन से स्‍पर्म काउंट बढ़ता है और आपकी साड़ी सेक्सुअल प्रोब्लेम्स कम हो जाती है.

पेट के कैंसर में:
अखरोट का सेवन, पेट के कैंसर की जटिलताओं में लाभकारी होता है. इसके सेवन से होने वाली पीड़ा में कमी आती है और कमजोरी भी नहीं आती है और यह इसके दर्द में आराम देता है.

तनाव स्‍तर घटाएं:
हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि अखरोट के सेवन से तनाव का स्‍तर घट जाता है. इसके सेवन से ब्‍लड़ प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा मिलती रहती है जिससे आप पूरा दिन energetic बने रहते हैं.

स्‍तनों के लिए:
अगर आपको अपने स्‍तनों को सुडौल और स्‍वस्‍थ बनाएं रखना है तो अखरोट का दैनिक रूप से सेवन करें, इससे आपको काफी लाभ मिलेगा.

गर्भावस्‍था के दौरान:
गर्भवती महिलाओं के शरीर के लिए अखरोट का सेवन सबसे ज्‍यादा लाभप्रद होता है, इसके सेवन से भ्रूण में पलने वाले बच्‍चे को एलर्जी नहीं होती है और उसकी ग्रोथ के लिए आवश्‍यक तत्‍व भी मिल जाते हैं, और आपको बहुत आराम मिलता हैं.

रविवार, 6 नवंबर 2016

अखरोट के लाभ जानकार हैरान रह जाएंगे आप

अखरोट के लाभ जानकार हैरान रह जाएंगे आप


यह तो हम सभी जानते है कि सूखे मेवे हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी होते है। सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किसमिस, छुआरे एवं अखरोट आदि। हमारी जीविका में सूखे मेवो का महत्व किसी से छुपा नही है। परन्तु कुछ लोग इनकी महत्ता से सजग होने के बावजूद इनको सुचारू ढंग से अपनी दिनचर्या में लाना जरूरी नही समझते।सभी मेवो के अपने अपने फायदे होते है। परन्तु अखरोट के लाजवाब फायदों को नकारा नही जा सकता। अखरोट की मदद से ही हम ऐसी बहुत से समस्या है, जिनसे छुटकारा बड़ी ही आसानी से पा सकते है। परन्तु इसके लिए हमारा अखरोट के फायदों के बारे में गहराई से जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

अखरोट के कुछ मुख्य फायदे इस प्रकार हैं –

1. अखरोट हृदय के लिए लाभदायक माना जाता है । अखरोट में ओमेगा थ्री फैटी एसिड मोजूद होने की वजह से हृदय की समस्या से जूझ रहे लोगो को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए । यह हृदय में कोलेस्ट्रोल लेवल को भी कम करने में सफल है।

2. अखरोट अच्छी नींद लाने में भी योग्य है । अखरोट से मिलाटोनिन नाम का हार्मोन निकलता है जो नींद लाने में बहुत लाभकारी है ।

3. अखरोट कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करता है, यह हम जानते है। परन्तु यह साथ ही पेट संबंधी समस्या को भी कम करता है, इसलिए यह पाचन को बेहतर बनाने में भी लाभकारी है । इसके अलावा अखरोट कैलोरीज भी जलाता है, तो दिन में दो तीन अखरोट खाके वजन भी कम किया जा सकता है ।

4. अखरोट डायबिटीज में भी लाभकारी है, चूँकि यह रक्त वाहिका को फेला कर मेटाबोलिज्म सिंड्रोम को कम कर देता है ।

5. अखरोट कैंसर जैसी बड़ी बीमारी को भी प्राकृतिक तरीके से कम कर सकता है। यह ब्रैस्ट कैंसर में सबसे ज्यादा लाभकारी है, एवं यह ट्यूमर को भी बनने से रोकता है ।

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

थाइरॉइड में अखरोट और बादाम हो सकते हैं बहुत फायदेमंद।

थाइरॉइड में अखरोट और बादाम हो सकते हैं बहुत फायदेमंद।


आज कल की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में ये समस्या आम सी हो गयी हैं, और अलोपथी में इसका कोई इलाज भी नहीं हैं, बस जीवन भर दवाई लेते रहो, और आराम कोई नहीं। तितली के आकार की थॉयराइड ग्रंथि गले में पायी जाती है। थायराइड ग्रंथि ऊर्जा और पाचन की मुख्‍य ग्रंथि है, यह मास्‍टर लीवर है। अखरोट और बादाम का सेवन करने से थॉयराइड ग्रंथि सुचारु हो जाती है।  इसमें सेलेनियम नामक तत्‍व होता है जो थॉयरइड में प्रभावी है।

थॉयराइड ग्रंथि की समस्‍या से ग्रस्‍त लोगों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है, खानपान में अनियमिता के कारण यह समस्‍या होती है। थॉयराइड ग्रंथि तितली के आकार की होती है जो गले में पाई जाती है। यह ग्रंथि उर्जा और पाचन की मुख्य ग्रंथि है। यह एक तरह के मास्टर लीवर की तरह है जो ऐसे जीन्स का स्राव करती है जिससे कोशिकाएं अपना कार्य ठीक प्रकार से करती हैं। इस ग्रंथि के सही तरीके से काम न कर पाने के कारण कई तरह की समस्‍यायें होती हैं। अखरोट इस बीमारी के उपचार में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस लेख में विस्‍तार से जानें थॉयराइड फंक्‍शन और इसके उपचार के लिए अखरोट के सेवन के बारे में।

》 क्‍या है थॉयराइड समस्‍या :-

थॉयराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

》 थॉयराइड की समस्‍या दो प्रकार की होती है :-

हाइपोथॉयराइडिज्‍म और हाइपरथॉयराइडिज्‍म। थॉयराइड ग्रंन्थि से अधिक हॉर्मोन बनने लगे तो हाइपरथॉयरॉइडिज्म और कम बनने लगे तो हाइपोथायरॉइडिज्म होता है। थॉयराइड की समस्‍या होने पर थकान, आलस, कब्ज का होना, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक ठंड लगना, भूलने की समस्‍या, वजन कम होना, तनाव और अवसाद जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

》 अखरोट और बादाम है फायदेमंद :-

अखरोट और बादाम में सेलेनियम नामक तत्‍व पाया जाता है जो थॉयराइड की समस्‍या के उपचार में फायदेमंद है। 1 आंउस अखरोट में 5 माइक्रोग्राम सेलेनियम होता है। अखरोट के सेवन से थॉयराइड के कारण गले में होने वाली सूजन को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। अखरोट और बादाम सबसे अधिक फायदा हाइपोथॉयराइडिज्‍म (थॉयराइड ग्रंथि का कम एक्टिव होना) में करता है।

》 क्या हैं सेलीनियम :-

थॉयराइड ग्रंथि में सेलीनियम उच्च सांद्रता में पाया जाता है इसे थायराइड-सुपर-न्युट्रीएंट भी कहा जाता है। यह थॉयराइड से सम्बंधित अधिकांश एंजाइम्‍स का एक प्रमुख घटक द्रव्य है, इसके सेवन से थॉयराइड ग्रंथि सही तरीके से काम करने लगता है। यह ऐसा आवश्यक सूक्ष्म तत्व है जिस पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सहित प्रजनन आदि अनेक क्षमतायें भी निर्भर करती है। यानी अगर शरीर में इस तत्‍व की कमी हो गई तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इसलिए खाने में पर्याप्‍त मात्रा में सेलेनियम के सेवन की सलाह दी जाती है।

बुधवार, 4 जनवरी 2017

याददाश्त बढ़ाने में लाभदायक है ये 20 चीजें

याददाश्त बढ़ाने में लाभदायक है ये 20 चीजें

भूलने की आदत इंसान की सबसे खराब आदतों में से एक है, क्योंकि इस आदत के कारण न सिर्फ खुद वो इंसान जिसे भूलने की समस्या है, परेशान हो जाता है, बल्कि उससे जुड़े दूसरे लोग भी कई बार परेशानी में पड़ जाते हैं। भूलने की समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में पाई जाती है।भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है। अधिकतर समस्या रीकॉल करने में होती है,क्योंकि हमारे दिमाग को रीकॉल प्रोसेस के लिए जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, उनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है। इसलिए उन पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए यहां बताए गए नुस्खे अपनाकर कोई भी भूलने की आदत से छुटकारा पा सकता है।

1. बादाम
9 नग बादाम रात को पानी में भिगो दें। सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। अब एक गिलास दूध गर्म करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें 3 चम्मच शहद भी डालें। दूध जब हल्का गर्म हो तब पिएं। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न खाएं।

2. कॉफी

जो लोग सुबह कॉफी पीते हैं, वे कॉफी न पीने वालों की तुलना में अधिक फुर्ती से अपने कार्य निपटा लेते हैं। यदि आप दोपहर में भी चुस्त रहना चाहते हैं तो कॉफी का सहारा लें। शोधकर्ताओं के अनुसार, कैफीन मस्तिष्क के उन हिस्सों को क्रियाशील करता है, जहां से व्यक्ति की सक्रियता, मूड और ध्यान नियंत्रित होता है।
ये सभी को वज़न घटाने मे मदद करता है| याद रखिए ये एक दिन मे १ किलो वज़न घटाता है!ये सभी को वज़न घटाने मे मदद करता है| याद रखिए ये एक दिन मे १ किलो वज़न घटाता है!घर पर तुरंत वजन कम करें! रोज ढाई किलो वजन कम करें खाली पेट में यह पीकर...घर पर तुरंत वजन कम करें! रोज ढाई किलो वजन कम करें खाली पेट में यह पीकर...खाली पेट दो चम्मच खाने से वज़न घटता है| १० दीनो मे १८ किलो वज़न घटा! क्लिक करेखाली पेट दो चम्मच खाने से वज़न घटता है| १० दीनो मे १८ किलो वज़न घटा! क्लिक करे

3.ब्रह्मी

कमजोर याददाश्त को बुढ़ापे की निशानी माना जाता है, लेकिन बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़ों के साथ ही नहीं, बल्कि जवान लोगों के साथ भी होती है। ब्रह्मी दिमागी ताकत बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना लाभदायक होता है। इसके 7 पत्ते चबाकर खाने से भी याददाश्त बढ़ती है।

4.रोज मेरी तेल

जब भी प्राकृतिक तरीकों से स्मरण शक्ति बढ़ाने की बात होती है, तब रोज मेरी तेल का नाम सबसे पहले आता है। इस तेल को दौनी के पत्तों से निकाला जाता है, जिसमें औषधीय गुण होते हैं। दौनी के पत्तों में मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के गुण होते हैं। इस वजह से इसे ब्रेन टॉनिक भी कहा जाता है। इसके तेल का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। इसकी तीखी खुशबू की वजह से लोग इसे खाना पकाने के काम में भी लाते हैं। इसकी खुशबू के कारण इसे सुगंध चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तीखी खुशबू आपके मस्तिष्क को उत्प्रेरित करती है, जिसकी वजह से आपके दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है।

5.सेब
कम ही लोग जानते हैं सेब में पाया जाने वाला पेक्टिन विशेष फाइबर होता है। यह इम्यून सपोर्टिव प्रोटीन्स के स्तर को बूस्ट करता है। इसलिए दिनभर में एक सेब खाना आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। रोज सेब का सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

6.अलसी का तेल

अलसी के तेल में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड्स प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। अलसी का तेल एकाग्रता बढ़ाता है, स्मरण शक्ति तेज करता है और सोचने-समझने की शक्ति को भी बढ़ाता है।

7.अखरोट

अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं और दिन में कम से कम सात अखरोट खाने से बीमारियां हमेशा दूर रहती हैं। साथ ही, कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। अखरोट स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है। 20 ग्राम अखरोट और 10 ग्राम किशमिश मिलाकर खाने से याददाश्त बढ़ती है।

8. हरी चाय
हरी चाय एक स्वास्थ्यवर्धक पेय है। वैज्ञानिकों को मिले साक्ष्य के अनुसार, यह मस्तिष्क के लिए लाभदायक होती है। वैज्ञानिकों ने इसमें ऐसे रासायनिक तत्व पाए हैं, जो मस्तिष्क की कोशिका के उत्पादन, स्मृति में सुधार के साथ-साथ सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।

9. दालचीनी

दालचीनी का तेल भी स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी प्रभावकारी होता है। यह तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिसकी वजह से आपका मस्तिष्क तेजी से काम करता है। यह तेल दिमाग को ठंडक पहुंचाता है। तनाव को कम करते हुए दिमाग को तेज-तर्रार बनाता है।

10.मछली

मछली को दिमाग के लिए पोषक आहार माना जाता है। इसमेंओमेगा 3 फैटी एसिड्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी हैं। मछली के सेवन से दिमाग तेज होता है और स्मरण शक्ति बढ़ती है। मछली का तेल भी ब्रेन टॉनिक का काम करता है। यह तेल प्राकृतिक रूप से आपकी स्मरण शक्ति कमजोर होने से रोकता है। साथ ही, एकाग्रता, बुद्धिमता और तर्क करने की शक्ति को भी बढ़ाता है।

11. जैतून

जैतून केवल आपके स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आपके चेहरे की खूबसूरती के लिए भी लाभदायक है। जैतून में अच्छी मात्रा में फैट पाया जाता है। इसीलिए यह याददाश्त बढ़ाने का काम भी करता है।

12. दही

दही में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज, लवण, कैल्शियम और फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दही का नियमित सेवन करने से कई लाभ होते हैं। यह शरीर में लाभदायी जीवाणुओं की बढ़ोत्तरी करता है और हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है। इसमें अमीनो एसिड पाया जाता है, जिससे दिमागी तनाव दूर होता है और याददाश्त  बढ़ती है।

13. जायफल

जायफल को अपने विशेष स्वाद और सुगंध के लिए जाना जाता है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साथ ही, याददाश्त को बेहतर बनाते हैं।

14. तुलसी

तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का रूप माना गया है। इसका उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है। यह कई बीमारियों में औषधि का काम करती है। रोजाना तुलसी के 2-4 पत्ते खाने से बार-बार भूलने की बीमारी दूर हो जाती है।
15. केसर

केसर एक ऐसा मसाला है जो खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है। केसर का उपयोग अनिद्रा दूर करने वाली दवाओं में किया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क ऊर्जावान रहता है।

16. हल्दी

हल्दी दिमाग के लिए एक अच्छी औषधि है। यह सिर्फ खाने के स्वाद और रंग में ही इजाफा नहीं करती है, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखती है। इसके नियमित सेवन से अल्जाइमर रोग नहीं होता है। साथ ही, यह दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने का भी काम करती है।

17. अजवाइन की पत्तियां

यदि आप अपने खाने को अलग फ्लेवर देना चाहते हैं, तो अजवाइन की पत्तियों का उपयोग करें। अजवाइन की पत्तियां शरीर को स्वस्थ और जवान बनाए रखने में मदद करती हैं। दरअसल, अजवाइन की पत्तियों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसीलिए यह दिमाग के लिए औषधि की तरह काम करती हैं। यही कारण है कि अरोमा थेरेपी में भी इसका उपयोग किया जाता है।

18. काली मिर्च

काली मिर्च में पेपरिन नाम का रसायन पाया जाता है। यह रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को रिलैैक्स करता है। डिप्रेशन में यह रसायन जादू-सा काम करता है। इसीलिए यदि आप अपने दिमाग को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो खाने में काली मिर्च का उपयोग करें।

19. दालचीनी

अल्जाइमर रोगियों के लिए दालचीनी एक जबरदस्त दवा है। दालचीनी के नियमित सेवन से याददाश्त बढ़ती है और दिमाग स्वस्थ रहता है।

20. स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध के कारण पूरी दुनिया में बहुत लोकप्रिय है। इसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। स्ट्रॉबेरी मिल्क शेक, आइसक्रीम आदि का स्वाद भी बढ़ाती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मेमोरी लॉस से बचाने का काम करते हैं।

मंगलवार, 2 मई 2017

सावधान : महंगा पड़ेगा ये शौक ! जिंदगी ‘भून’ देगा रोस्‍टेड ड्राईफूट

सावधान : महंगा पड़ेगा ये शौक ! जिंदगी ‘भून’ देगा रोस्‍टेड ड्राईफूट


हम सभी को ड्राई फ्रूट्स खाने का बहुत शौक होता है । कभी ऐसे ही खा लिए, कभी किसी मीठी डिश में खा लिया तो कभी रोस्‍टेड का मजा ले लिया । लेकिन ड्राईफ्रूट को खाने से पहले आपको सोचना जरूर चाहिए । सोचना इसलिए क्‍योंकि सूखे मेवों की तासीर बेहद गर्म होती है, इन्‍हें बेपरवाही से खा लेना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है ।
सेहत के जानकारों के मुताबिक मेवों को सूखा नहीं भिगोकर खाना चाहिए । भीगे मेवे आपकी सेहत के लिए ठीक होते हैं । जी हां तभी तो हमारी दादी – नानी हमें बादाम भिगोकर खाने की सलाह देती आई हैं । मेवे भिगोकर खाने से बस उनकी तासीर सामान्‍य हो जाती है, हैल्‍थ बेनिफिट्स वैसे ही रहते हैं । हालांकि मेवों को कितनी देर भिगोना चाहिए ये भी आपके लिए जानना जरूरी है । हर ड्राईफ्रूट को भिगोने का अलग-अलग समय होता है । आगे पढि़ए …


बादाम – ये मेवा सभी खाना पसंद करते हैं, इसलिए भी क्‍योंकि बादाम खाने से दिमाग तेज जो होता है । बादाम को भिगोकर खाने की सलाह सभी देते हैं लेकिन इसे कितनी देर भिगाना चाहिए, हम आपको बताते हैं बादाम को कम से कम 12 घंटे के लिए भिगाना चाहिए । इतना भीगने के बाद बादाम का छिलका उतर जाता है, और अब आप इन्‍हें चाव से खाइए ।

अखरोट – आजतक आप अखरोट यानी वॉलनट्स को ऐसे ही खाते आए होंगे, लेकिन तासीर में बेहद गर्म अखरोट को भिगोकर खाने का अलग ही फायदा है । इस ड्राईफ्रूट को आप 8 घंटे तक भिगोकर रखें और फिर इसे खाएं । स्‍वाद के साथ सेहत के फायदे भी बढ़ जाते हैं अखरोट को भिगोकर खाने से । गर्भवती महिलाओं के लिाए अखरोट खाना फायदेमंद होता है । इससे बच्‍चों का दिमाग तेज होता है ।

काजू – रोस्‍टेड काजू खाना किसे पसंद नहीं, लेकिन तीन या चार से ज्‍यादा काजू खाना आपके बीपी को बढ़ा देता है । काजू की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इन्‍हें भी भिगाकर ही खाएं । करीब 6 घंटे तक भिगाए रखने के बाद आप काजू खाएं ।

कद्दू के बीज – दिल के मरीजों को ये खाना फायदेमंद होता है । इन बीजों को आमतौर पर सूखने के बाद इस्‍तेमाल किया जाता है लेकिन आप इन्‍हे कम से कम 8 घंटे पानी में भिगोएं और फिर खाएं । फायदा होगा और ये सेहत के लिए अच्‍छा भी है ।

हेजलनट्स – वैसे तो ये भारतीय ड्राईफ्रूट नहीं है फिर भी ग्‍लोबल होती दुनिया में ये अब सुपर मार्केट में उपलब्‍ध हैं । इसमें विटामिन्‍स और मिनरल्‍स भरपूर होते हैं, इन्‍हें खाने से आप एनर्जी से भरे हुए रहते हैं, बस इन्‍हें खाने से 8 घंटे पहले भिगोकर रख दें ।

गुरुवार, 23 मार्च 2017

थकान दूर करने और ताकत के लिए क्या खाएं

थकान दूर करने और ताकत के लिए क्या खाएं


दिन भर की भागदौड़ या शरीर के लगातार काम करने से आपको आराम नहीं मिल पाता है और इससे आपको थकावट महसूस होती है। यह दोनों शारीरिक या मानसिक रूप में हो सकती है। थकान पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है।

चिंता, अवसाद, दुख और तनाव जैसी मानसिक समस्याओं के कारण भी थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, इस समस्या के लिए अत्यधिक शराब का उपयोग, कैफीन के अत्यधिक सेवन, अत्यधिक शारीरिक गतिविधि, निष्क्रियता, नींद की कमी और खराब भोजन की आदतें भी शामिल है। यहाँ तक कि कुछ बीमारियाँ जैसे जिगर की विफलता, एनीमिया, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, थायराइड रोग, मोटापा, स्लीप एपनिया और मधुमेह आदि भी इसके कारण हो सकते हैं।

थकान के मुख्य लक्षण विशेष रूप से शारीरिक या मानसिक गतिविधि के बाद थकावट है। कुछ अन्य लक्षण किसी काम में मन न लगना, नकरात्मक सोच का बढ़ना, हर समय नींद आना, कमजोरी महसूस होना, सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, भूख और ऊर्जा की कमी शामिल हैं। किंतु आप कुछ आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के साथ इस समस्या से लड़ सकते हैं।

1. थकान दूर करने के उपाय करें केले से –
केले में भरपूर मात्रा में पोटेशियम होता है, क्योंकि शुगर को एनर्जी में बदलने के लिए शरीर को पोटेशियम की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा केला कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है जैसे विटामिन बी, विटामिन सी, ओमेगा-3 फैटी एसिड, ओमेगा-6 फैटी एसिड, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स, जो कि थकान, डिहाइड्रेशन और कमजोरी को दूर करते हैं। इसके अलावा केले में मौजूद नैचुरल शुगर जैसे सुक्रोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज इन्स्टेंट एनर्जी देने का काम करते हैं।

रोजाना 1 या दो केले खाने से थकान और कमजोरी से निजात मिलती है। बॉडी को हाइड्रेट और एनर्जेटिक रखने के लिए बनाना शेक या स्मूदी भी ले सकते हैं।

2. थकान का इलाज है ग्रीन टी –
ताज़ा हरी चाय का एक कप ताजगी देने के साथ ही थकान भी दूर करता है, खासतौर पर स्ट्रेस और काम से जुड़ी थकान। ग्रीन टी में पॉलीफिनॉल्स होते हैं जो स्ट्रेस कम करते हैं, एनर्जी बूस्ट करते हैं और मेंटल फोकस बढ़ाते हैं। इसके अलावा, ग्रीन टी में मौजूद घटक मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और थकान के कारण होने वाले कई नुकसानों से बचाते हैं।

एक कप ग्रीन टी बनाने के लिए, 5 मिनट के लिए एक कप गर्म पानी में हरी चाय की पत्तियों को डालें। इसको छान लें और शहद मिलाकर 2 या 3 बार दैनिक रूप से पिएं। हरी चाय पत्तियों के बजाय, आप चाय बैग का उपयोग भी कर सकते हैं। ग्रीन टी में शुगर के बजाय हनी का इस्तेमाल करने से और भी फायदा होगा। 

3. शारीरिक ताकत बढ़ाने के उपाय करें कद्दू के बीजों से –
कद्दू के बीज थकान से लड़ने के लिए एक बहुत अच्छा नाश्ता है। ये हाई क्वालिटी प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इनमें हेल्दी ओमेगा -3 फैटी एसिड और विटामिन बी 1, बी 2, बी 5 और बी -6, साथ ही मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, लोहा और तांबा जैसे खनिजों से भरपूर होते हैं। ये सभी पोषक तत्व साथ में मिलकर इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं, एनर्जी लेवल बढ़ाते हैं और कमजोरी और थकान को दूर करने का काम करते हैं।

इनके अलावा कद्दू के बीजों में पाया जाने वाला ट्रायप्टोफैन मानसिक थकान से लड़ने में भी कारगर है और अच्छी नींद में मदद करता है। रोजाना एक मुट्ठी कद्दू के बीज इन्सटेंट एनर्जी देने के लिए काफी हेल्पफुल होते हैं और थकान दूर रखते हैं। भुने हुए बीजों को नाश्ते के साथ लिया जा सकता है इसके अलावा इन बीजों का बटर भी मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मददगार है।

4. सुस्ती दूर करने का उपाय है ओटमील –
थकान से लड़ने के लिए ओटमील एक सब से बढ़िया भोजन है। इसमें उच्च गुणवत्ता के कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो शरीर में ग्लायकोजेन के रूप में जमा होते हैं और आपके दिमाग और मांसपेशियों को पूरे दिन के लिए ताकत और एनर्जी प्रदान करते हैं। इसके अलावा ओटमील में जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस और विटामिन बी-1 भी होते हैं जो आपका एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करते हैं।

ओटमील को इसके उच्च फाइबर सामग्री के कारण पाचन स्वास्थ्य के लिए भी सुपरफूड माना जाता है। इसे मधुमेह से पीड़ित लोग भी खा सकते हैं क्योंकि ये ब्लड शुगर लेवल सामान्य रखने में मदद करता है। ब्रेकफास्ट में एक कटोरा ओटमील लेना दिनभर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें ताजा फल और नट्स मिलाकर इसे और भी स्वस्थ बनाया जा सकता है।

5. थकावट का इलाज करें दही से –
दही में मौजूद प्रोटीन,कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी प्रो-बायोटिक्स थकान और कमजोरी से लड़ने में काफी मददगार हैं। शरीर किसी भी ठोस आहार की तुलना में दही को काफी जल्दी प्रोसेस कर लेता है, जिसके कारण ये एनर्जी का त्वरित स्रोत माना जा सकता है।

तुरंत एनर्जी पाने के लिए दही एक बढ़िया फूड है। दही में मौजूद प्रो-बायोटिक्स हेल्थ सुधारने और पाचन ठीक करने में भी मदद करते हैं। रोजाना एक कप फैट फ्री दही लेने से दिन भर ताजगी और चुस्ती बनी रहेगी। योगर्ट को दूसरे फूड्स में मिक्स करके भी खाया जा सकता है।

6. चुस्ती फुर्ती के उपाय करें तरबूज से – 
अगर गर्मी के कारण या फिर वर्कआउट के बाद डिहाइड्रेशन और थकान और सुस्ती महसूस हो रही हो तो तरबूज की एक फांक एनर्जी बढ़ाएं में मददगार हो सकती है।

तरबूज में भरपूर मात्रा में पानी होता है और इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो डिहाइड्रेशन को दूर करके बॉडी को एक्टिव करते हैं और थकान के लक्षणों को दूर करते हैं। इसके अलावा तरबूज में कमजोरी और थकान दूर करने वाले पोषक तत्व होते हैं जैसे पोटेशियम, विटामिन सी, लाइकोपने, बीटा कैरोटिन और आयरन। 

तरबूज का रस हेल्दी ड्रिंक के रूप में लिया जा सकता है, इससे शहद और नींबू का रस पानी मिलाकर एनर्जी ड्रिंक बनाया जा सकता है। वर्कआउट के बाद यह रस पीना थकान के लक्षण को रोकता है।

7. स्टेमिना बढ़ाने के लिए खाएं अखरोट – 
अखरोट थकान भगाने का एक और सुपर फूड है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में होता है जो बहुत जल्दी थकान को दूर करता है। इससे तनाव को भी कुछ हद तक दूर किया जा सकता है। अखरोट में प्रोटीन और फाइबर होता है जो कि एनर्जी वापस लौटाने में मददगार हैं। स्टेमिना बढ़ाने के लिए भी आप अखरोट का सेवन कर सकते हैं।

इसमें मैंग्नीज, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर और विटामिन्स भी होते हैं। रोजाना अपनी डाइट में एक चौथाई कप अखरोट शामिल करने से कमजोरी में फायदा होता है।अखरोट को भूनकर नाश्ते में लिया जा सकता है या फिर इसके टुकड़ों को मिल्कशेक, नाश्ते, स्मूदी या सलाद में डालकर खाया जा सकता है।

8. थकान दूर करने का तरीका है बीन्स – 
बीन्स को कई अच्छे कारणों के लिए एक चमत्कारिक भोजन कहा जाता है। इसमे कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं जो थकान से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

इसमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का एक अच्छा अनुपात होने के साथ साथ यह पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, तांबा और लौह सहित खनिजों से भरपूर होता है। यह लंबे समय के लिए स्थायी ऊर्जा देता है और आपकी थकान को रोकता है।

आप दिन भर में अलग-अलग भोजन के लिए बीन्स के विभिन्न प्रकार को शामिल कर सकते हैं। आप नाश्ते में उबले हुए सोयाबीन और लंच या डिनर के लिए ब्लैक बीन सलाद या सूप ले सकते हैं।

9. थकान मिटाने का उपाय है लाल शिमला मिर्च –
लाल शिमला मिर्च विटामिन सी के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। यह एंटीऑक्सीडेंट न केवल आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है, बल्कि यह तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को भी कम करने में मदद करता है जो कि थकान में योगदान देता है।

वास्तव में, विटामिन सी स्वस्थ गुर्दे संबंधी प्रणाली के लिए आवश्यक है, जो शारीरिक और मानसिक तनाव से थकान को रोकने में मदद करता है। इससे यह पता चलता है कि विटामिन सी की कमी से भी आपको थकान हो सकती है। लाल शिमला मिर्च भी विटामिन ए, बी -6 और सी, फोलिक एसिड और फाइबर से भरपूर है। इसलिए मानसिक थकान को मिटाने के लिए लाल शिमला मिर्च का सेवन ज़रूर करें।

सिर्फ 1 कप लाल शिमला मिर्च दैनिक रूप से सेवन आपकी ऊर्जा और चयापचय को उच्च रखने के लिए पर्याप्त रहेगी। आप कच्चे, पके हुए, भुने हुए या भरवां रूप में अपने आहार में लाल शिमला मिर्च शामिल कर सकते हैं।

10. आलस भगाने के उपाय करें पालक से –
पालक थकान भगाने का एक और सुपर फूड है जो कि आपको आसानी से बाजार में मिल सकता है। पालक आयरन से भरपूर भोजन है जो शरीर की रक्त कोशिकाओं को ऑक्सीजन देने में मदद करता है। इससे बदले में ऊर्जा मिलती है जो थकान को कम करती है। पालक से शारीरिक कमजोरी का इलाज भी कर सकते हैं।

इसके अलावा, पालक मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन सी और बी के साथ परिपूर्ण है जो कि आपके चयापचय को बढ़ावा देने और ऊर्जा की कमी को पूरा करने में बहुत मदद करते हैं।

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

चने, बादाम, अखरोट, मुनक्का – खाने वाला रहे सौ साल तक हट्टा कट्टा

चने, बादाम, अखरोट, मुनक्का – खाने वाला रहे सौ साल तक हट्टा कट्टा


नियमित कम से कम तीन महीने तक ये खाने वाले को इसके भरपूर फायदे होंगे और पूरी उम्र नियमित हर रोज़ खाने वाला 100 वर्ष तक भी जवानी का अहसास रखेगा. इसके सेवन से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में ग़ज़ब का निखार आएगा, पुरुषों स्त्रियों में कमजोरी दूर हो कर बल बुद्धि वीर्य तेज़ बढेगा। थाइरोइड, अस्थमा, खून की कमी, त्वचा विकार आदि दूर होकर शरीर घोड़े जैसा प्रबल बनेगा। शीघ्रपतन, वीर्य की कमी, आदि पुरुष रोगों के लिए अत्यंत फायदेमंद है। स्त्रियों के श्वेत प्रदर में अत्यंत लाभकारी है। और सबसे बड़ी बात इसको आप सर्दी गर्मी बारह महीने खा सकते हैं।

इसके लिए आवश्यक सामग्री

  • 1 मुट्ठी चना
  • 10 बादाम
  • 5 अखरोट
  • 10 मुनक्का
  • 1 चम्मच शहद

बनाने और खाने की विधि

सब से पहले चने, बादाम, अखरोट और मुनक्का को अच्छी तरह साफ़ पानी से तीन चार बार धुलाई कर लीजिये. रात को 3 गिलास पानी में चने, बादाम अखरोट और मुनक्का को भिगो कर रख देवें और ऊपर से शहद भी डाल दीजिये। सुबह नाश्ते के लिए पहले बादाम पर से छिलका उतार लीजिये, अभी सभी चीजों को धीरे धीरे चबा चबा कर खाना शुरू कीजिये। इसके बाद जो ये पानी बचा हुआ है इस पानी को घूँट घूँट कर पीजिये।

मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

थकान को बस दस मिनट में दूर करेंगी यह पांच चीज़े

थकान को बस दस मिनट में दूर करेंगी यह पांच चीज़े


गर्मी में पसीने और काम के लोड के कारण जब आप पूरी तरह से थककर चूर हो जाते हैं और आपमें काम करने की बिल्कुल भी ताकत नहीं होती है जिसके कारण आपको कोई भी काम करने का दिल नहीं चाहता हैं आप हर वक़्त लिजी बने रहते हैं तो आप अपनी थकान दूर करने के लिए क्या करेंगे आपको बस इन 5 चीजें का सेवन करना हैं और अपनी थकान को दूर भगाना हैं.

तरबूज
थकावट का सबसे ज्यादा एहसास तब होता है जब शरीर पूरी तरह से एक्जॉस्ट हो जाता है इस स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे आपका दिमाग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है ऐसी स्तिथि में आपको मीठे तरबूज का सेवन करना चाहिए तरबूज से आपके शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाएगी और शरीर पूरी तरह से हाइड्रेट हो जाएगा साथ ही इसमें नैचुरल शुगर होता है जिससे शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और आपकी थकान दूर कर देती हैं.

ओटमील
शरीर तब थकता है जब आपके शरीर में बिल्कुल एनर्जी नहीं रहती है लेकिन बैठे-बैठे अनाज का सेवन भी करना सही नहीं है ऐसे में आपको ओटमील खाना चाहिए  इसमें विटामिन बी1, फॉस्फोरस, प्रोटीन और मैगनीशियम प्रचूर मात्रा में होता है जो आपके शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करता है और साथ ही इसमें काफी मात्रा में फाइबर वा कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं.

अखरोट और अंजीर
थकान दूर करने के लिए अखरोट और अंजीर एक बेहतर उपाय है, अखरोट में प्रचूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है और अंजीर में नैचुरल शुगर होता है इसीलिए जब आप इन दोनों को साथ में खायेंगे तो आपकी थकान दूर होगी. इनको खाने से शरीर को जरूरी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है जिससे शरीर फिर से ऊर्जावान महसूस करता है.

कद्दू के बीज
आप ऑफिस में तरबूज नहीं खा सकते. ओटमील भी नहीं हो और अखरोट व अंजीर तो काफी महंगे होते हैं तो हो सकता हैं ऐसे में आप इन्हें अफ्फोर्ड ना कर सके.  ऐसे में क्या किया जाए तोऐसे में कद्दू के बीज हमेशा अपने साथ रखें इसको खाने से आपको एनर्जी तो मिलेगी ही साथ ही यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है

इसमें प्रचूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जिससे शरीर को तुंरत पोषकतत्व प्राप्त होते हैं जिससे शरीर को झट से एनर्जी मिलती है.

अदरक वाली चाय
थकान दूर करने का सबसे सस्ता और आसान उपाय है अदरक वाली चाय अदरक से आपकी नींद और थकान हट जाएगी क्योकि चाय में मौजूद कैफीन से आपको ताजगी महसूस होगी और चीनी से एक्जॉस्ट हुई ऊर्जा मिल जाएगी, लेकिन इसके बहुत ज्यादा सेवन से आपको नुक्सान भी हो सकता है इसीलिए बहुत ज्यादा इनका सेवन ना करे.

गुरुवार, 15 जून 2017

आपके दिमाग को घोड़े की तरह दौड़ाएंगे ये उपाय

आपके दिमाग को घोड़े की तरह दौड़ाएंगे ये उपाय


किसी भी बात को भूलना सामान्य रूप से बुढ़ापे की बीमारी कही जाती है पर बदलते दौर में और बदलती जीवनशैली में ये बीमारी अब हर उम्र में देखी जा सकती है । यदि किसी को भूलने की बीमारी होती है तो असल में उसको अपना दिमाग सक्रीय रखने की जरुरत होती है। कभी कभी यह भूलने की बीमारी हमारे जीवन में कई प्रकार की समस्या पैदा कर देती हैं।
दिमाग के बिना शरीर का कोई भी हिस्सा काम नहीं करता है इसलिए अपने शरीर के साथ साथ आपको अपने दिमाग का ध्यान भी रखना चाहिए इसलिए आज हम आपको बता रहें है कुछ ऐसे खास उपायों के बारे में जिनसे आप अपनी मेमोरी पावर को अच्छे से इम्प्रूव कर सकते हैं।

1- टमाटर 
असल में टमाटर के अंदर अच्छी मात्रा में वसा,प्रोटीन और विटामिन पाये जाते हैं साथ ही इसमें कार्बोहाइड्रेट काफी कम मात्रा में होते हैं। और इसका लाइकोपीन आपकी बॉडी के फ्री रेडिकल से रक्षा करता है और आपके ब्रेन से सेल्स को डैमेज होने से बचाता है।

2- दही 
दही में काफी ज्यादा मात्रा में वसा,विटामिन,मिनरल्स, फास्फोरस तथा कैल्शियम आदि पाये जाते हैं। यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले जीवाणुओं को नष्ट करता है साथ ही इसमें अमीनो एसिड भी पाया जाता है जो की आपके दिमाग की याद्दाश्त बढ़ता है और उसका तनाव भी कम करता है।

3- बाह्मी-
बाह्मी को आयुर्वेद में दिमाग को ताकत देने वाली औषधि के रूप में जाना जाता है। यदि आप इसका सेवन करते हैं तो यह आपके दिमाग को स्वस्थ और तेज बनाती है। इसके लिए आप बाह्मी के पाउडर और शहद को आधा आधा चम्मच मिलाकर हल्के गर्म पानी के साथ प्रयोग करें।

4- जायफल-
इसको इसके विशेष स्वाद और अच्छी सुगंध के लिए जाना जाता है। इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो कि आपका दिमाग स्वस्थ और सक्रीय रखने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से आपकी याददाश्त भी बढ़ती है।

5- तुलसी-
तुलसी का सेवन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों से निजात मिलती है ,यह हिन्दू धर्म में बहुत आस्था के साथ में रखी जाती है लोग इसको अपने घर में लगाना शुभ मानते हैं। यदि आप नियमित रूप से इसके 4 से 5 पत्ते खाते हैं तो यह आपके दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करती है और आपकी याददाश्त को भी बढ़ाती है।

6- केसर 
केसर को काफी लोग खाने में इस्तेमाल करते हैं, खाने में केसर के प्रयोग से खाने का टेस्ट बहुत अच्छा हो जाता है। केसर के नियमित इस्तेमाल से आपका दिमाग स्वस्थ रहता है और आपकी मेमोरी भी बढ़ती होती है। इसके लिए आप रोज 3 से 4 केसर के धागे दूध में डाल कर प्रयोग कर सकते हैं।

7- अखरोट 
अखरोट के गुण आपके दिमाग को स्वस्थ रखने के साथ उसको तेज़ भी बनाते है, यह आपकी मेमोरी को भी तेज़ करता है इसलिए आपको कम से कम 2 अखरोट का सेवन रोज करना चाहिए।

रविवार, 31 जुलाई 2016

स्तन कैंसर का घरेलू उपचार

स्तन कैंसर का घरेलू उपचार

स्तन कैंसर (Breast cancer), सबसे आम कैंसर में से एक है। स्तन कैंसर एक कांप्लेक्स बीमारी (Complex disease) है जिसके होने के लिए कई फैक्टर, जैसे आनुवांशिक (Heredity), खान-पान और जीवन शैली जिम्मेदार होते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में स्तन कैंसर से पीड़ित रोगियों की संख्या और भी तेजी से बढ़गी। हालांकि जीवन शैली में बदलाव करके स्तन कैंसर से काफी हद तक बचा जा सकता है।
जानिए स्तन कैंसर से बचाव के घरेलू उपचार (Home Remedies for Breast Cancer):

1. ग्रीन टी (Green tea)- एक गिलास पानी में हर्बल ग्रीन टी को आधा होने तक उबालें और फिर उसे पीएं। यह फायदेमंद होती है और इससे स्तन कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है।

2. अंगूर और अनार का जूस (Grapes and pomegranate juice)- रोजाना अंगूर या अनार का जूस पीने से स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। इन दोनों फलों के जूस में कैंसर के सेल्स को मारने की क्षमता होती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

3. लहसुन (Garlic)- लहसुन में फ्लेवोन्स (flavons) और फ्लेवोनोल्स (flavonols) जैसे एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं। रोज लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावना को रोका जा सकता है।

4. हल्दी (Turmeric)- हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) नाम का तत्व होता है जो कि विभिन्न तरह के कैंसर को ठीक करने में सक्षम है। हल्दी के सेवन से कैंसर सेल बढ़ने की संभावना कम होती है तथा कैंसर ठीक होता है।

5. टमाटर (Tomato)- टमाटर खाने से भी महिलाएं स्तन कैंसर से बची रह सकती हैं। टमाटर में लायकोपीन (lycopene) होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और कैंसर को बढ़ने से रोकता है।

6. पालक (Spinach)- पालक में एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन (lutin) होता है जो कैंसर से बचाने में सहायक है। हफ्ते में दो से तीन बार पालक खाना चाहिए जिससे स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।

7. ब्रोकली (Broccoli)- ब्रोकली में कैंसर से लड़ने वाले तत्व, इंडोल-3-कार्बिनोल (indole-3-carbinol) होता है जो कि स्तन कैंसर के सेल्स की ग्रोथ को कम कर देते हैं। ब्रोकली के नियमित सेवन से कैंसर से बचा जा सकता है। ब्रोकली के साथ पत्ता गोभी और गोभी को मिलाकर खाना चाहिए।

8. अखरोट (Wallnut)- अखरोट में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो स्तन कैंसर की ग्रोथ को कम कर देते हैं इसलिए अखरोट का रोजाना सेवन करना चाहिए।

9. ब्लूबेरी (Blueberries)- ब्लूबेरी विटामिन और मिनरल से भरपूर होती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एलेजिक भी होते हैं जो स्तन कैंसर से बचाव करते हैं। ब्लूबैरी के साथ स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी भी बेहद फायदेमंद होती है।

रविवार, 23 अक्तूबर 2016

जल्दी वजन बढ़ाने के लिये खाएं ये 13 फूड

जल्दी वजन बढ़ाने के लिये खाएं ये 13 फूड


अधूरा भोजन, लंबे समय तक भोजन के समय में अंतराल, कम भोजन का सेवन करना और उससे ज्‍यादा मेहनत करना, वजन कम होने के कारणों में से एक है। अन्य कारण है लम्बी बीमारी, टीबी, कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और एनोरेक्सिया नर्वोसा जैसी बीमारियों के कारण हो हो सकता है। वजन में बराबर और धीमी वृद्धि की हमेशा सलाह दी जाती है। हमें अपना वजन अपनी उम्र, लिंग और ऊंचाई के अनुसार बनाये रखना चाहिए। अगर आपका भी वजन कम है और दूसरों के सामने हंसी का कारण बनते हैं तो, निराश होने की बजाए कुछ ऐसे खाघ पदार्थों का सेवन करें, जिससे आपके वजन में वृद्धी हो। 
हम कुछ उच्च कैलोरी प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और स्वस्थ फैट वाले भोजन जानते है जो कि आप को वजन बढ़ाने में मदद करेगा। बाजारों में मिलने वाले वजन बढाने के पदार्थों से जितना हो सके बच कर रहें और हमारे बताए गए खाघ पदार्थों का सेवन नियमित रूप से करें।

1. बादाम : 

यह बादाम, तंत्रिकाओ के विकास के लिए आवश्यक भोजन हैं, लेकिन यह वजन बढ़ाने के लिए अच्छे विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। आप हर रोज बादाम खाए तो शारीरिक कार्यों और तंत्रिकाओ की स्थिरता में सहायता करेगा।

2. नारियल का दूध : 

यह आहार तेलों का समृद्ध स्रोत है और भोजन के लिए अच्छा तथा स्वादिस्ट जायके के लिए जाना जाता है। नारियल के दूध में भोजन पकाने से खाने में कैलोरी बढ़ेगी। जिससे आपके वजन में वृधि होगी।

3. मलाई : 

मिल्क क्रीम में आवश्यकता से ज्यादा फैटी एसिड होता है। और ज्यादातर खाद्य उत्पादों की तुलना में अधिक कैलोरी की मात्रा होती है। मिल्क क्रीम को पास्ता और सलाद के साथ खाने से वजन तेजी से बढ़ेगा।

4. अखरोट : 

अखरोट में आवश्यक मोनोअनसेचुरेटेड फैट होता है जो स्वस्थ कैलोरी को उच्च मात्रा में प्रदान करता है। रोज़ 20 ग्राम अखरोट खाने से वजन तेजी से प्राप्त होगा।

5. केला : 

तुरंत वजन बढाना हो तो केला खाइये। रोज़ दो या दो से अधिक केले खाने से आपका पाचन तंत्र भी अच्छा रहेगा।

6. काजू : 

काजू स्वस्थ काया पाने का आसान तरीका है। काजू के तेल में न केवल वजन बढ़ाने बल्कि काजू रोज़ खाने से आपकी त्वचा कोमल और बाल चमकदार दिखने लगेने।

7. ब्राउन राइस : 

ब्राउन राइस कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की एक स्वस्थ खुराक का स्रोत है। भूरे रंग के चावल कार्बोहाइड्रेट का भंडार है इसलिए नियमित रूप से इसे खाने से वजन तेजी से हासिल होगा।

8. आलू : 

आलू कार्बोहाइड्रेट और काम्प्लेक्स शुगर का अच्छा स्त्रोत है। ये ज्यादा खाने से शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है।

10. बीन्स : 

जो लोग शाकाहारी है और नॉनवेज नहीं खाते उनके लिए बीन्स से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। बीन्स के एक कटोरी में 300 कैलोरी होती है। यह सिर्फ वजन बढ़ने में ही मदत नहीं करता बल्कि पौष्टिक भी होता है।

11. जैतून का तेल : 

जैतून के तेल में आवश्यक कैलोरी बहुत बड़ी मात्रा में पाई जाती है। और यह हृदय रोग से लड़ने में भी बहुत मदद करता है।

12. मक्खन : 

मक्खन में सबसे ज्यादा कैलोरी पाई जाती है। मक्खन खाने के स्वाद को सिर्फ बढ़ाता ही नहीं बल्कि वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।

13. किशमिश : 

किशमिश में अनाज की 99 % कैलोरी पायी जाती है और फाइबर भी बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये शरीर के फैट को हटा के स्वस्थ कैलोरी में परिवर्तित करता है।

शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

इन चीजों का करें सेवन, दिनों-दिन तेज होगा दिमाग

इन चीजों का करें सेवन, दिनों-दिन तेज होगा दिमाग


पहले तो उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों की याददाश्त कमजोर होने लगती थी लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी बार-बार भूलने की समस्या देखी जाती है। जो लोग इस समस्या से परेशान होते है। यह सिर्फ उनको ही नहीं बल्कि उनके साथ जुड़े लोगों को भी कई बार दिक्कतों में डाल देती हैं लेकिन अाप अपने खाने में कुछ चीजों को शामिल करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। अाइए जानते है क्या है वो...

1.सूखी ब्राह्मी

याददाश्त तेज करने के लिए ब्राह्मी का रस या चूर्ण पानी या मिश्री के साथ लेने से फायदे होता है अौर इसके तेल से मालिश करने से दिमाग मजबूत होता रहता है।
2.फल
लाल और नीले रंगों के फलों का सेवन भी याद्दाशत बढ़ाने में सहायक होता हैं। जैसे सेब और ब्लूबेरी खाने से दिमाग तेज अौर भूलने की बीमारी दूर होती है।
3.सब्जियां
सब्जी के रूप में बैंगन का सेवन करना काफी फायदेमंद होता हैं। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व दिमाग के टिशू को स्वस्थ्य रखने में मददगार होते हैं। इसके साथ ही चुकंदर और प्याज भी दिमाग बढ़ाने का काम करते हैं।
4.गेहूं
अगर अापकी याददाश्त कमजोर है तो गेहूं के जवारे का जूस पीएं। गेहूं से बने हरीरा में शक्कर और बादाम मिलाकर पीने से भी स्मरण शक्ति बढ़ती है।
5.अखरोट
अखरोट में एंटीऑक्सीडेंट्स व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है।

सोमवार, 26 सितंबर 2016

सफ़ेद दाग दूर करने के आसान से उपाय

सफ़ेद दाग दूर करने के आसान से उपाय


सबसे पहली बात विरुद्ध आहार छोड़ दो ( सब्जी-रोटी खाये और ऊपर से थोड़ी देर बाद दूध पी लिया, दूध पिया है फिर थोड़ी देर बाद कुछ खा लिया नमक मिर्च वाला )

सफेद दाग का ईलाज :-

एक मुट्ठी काले चने, १२५ मिली पानी में डाल दे सुबह ८-९ बजे डाल दे.... उसमे १० गरम त्रिफला चूर्ण डाल दे, २४ घंटे वो पड़ा रहे ...ढक के रह दे ... २४ घंटे बाद वो छाने जितना खा सके चबाकर के खाये.... सफ़ेद दाग जल्दी मिटेंगें और होमियोपैथीक दवा लें, सफ़ेद दाग होमियोपैथी से जल्दी मिटते है |
*शरीर का विषैला तत्व (Toxic) बाहर निकलने से न रोकें जैसे- मल, मूत्र, पसीने पर डीयो न लगायें।

*मिठाई, रबडी, दूध व दही का एक साथ सेवन न करें।
*गरिष्ठ भोजन न करें जैसे उडद की दाल, मांस व मछली।
*भोजन में खटाई, तेल मिर्च,गुड का सेवन न करें।
*अधिक नमक का प्रयोग न करें।
*ये रोग कई बार वंशानुगत भी होता है।
*रोज बथुआ की सब्जी खायें, बथुआ उबाल कर उसके पानी से सफेद दाग को धोयें कच्चे बथुआ का रस दो कप निकाल कर आधा कप तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकायें जब सिर्फ तेल रह जाये तब उतार कर शीशी में भर लें। इसे लगातार लगाते रहें । ठीक होगा धैर्य की जरूरत है।
*अखरोट खूब खायें। इसके खाने से शरीर के विषैले तत्वों का नाश होता है। अखरोट का पेड़ अपने आसपास की जमीन को काली कर देती है ये तो त्वचा है। अखरोट खाते रहिये लाभ होगा।
*रिजका (Alfalfa) सौ ग्राम, रिजका सौ ग्रा ककडी का रस मिलाकर पियें दाद ठीक होगा।
*लहसुन के रस में हरड घिसकर लेप करें तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से दाग मिट जाता है।
*लहसुन के रस में हरड को घिसकर कर लेप करें साथ साथ सेवन भी करें।
*पानी में भीगी हुई उडद की दाल पीसकर सफेद दाग पर चार माह तक लगाने से दाद ठीक हो जायेगा।
*तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर कूटपीस लें रस निकाल लें। आधा लीटर पानी आधा किलो सरसों का तेल डाल कर पकायें हल्की आंच पर सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। ये तेल बन गया अब इसे सफेद दाग पर लगायें।
*नीम की पत्ती, फूल, निंबोली, सुखाकर पीस लें प्रतिदिन फंकी लें।सफेद दाग के लिये नीम एक वरदान है। कुष्ठ जैसे रोग का इलाज नीम से सर्व सुलभ है। कोई भी सफेद दाग वाला व्यक्ति नीम तले जितना रहेगा उतना ही फायदा होगा नीम खायें, नीम लगायें ,नीम के नीचे सोये ,नीम को बिछाकर सोयें, पत्ते सूखने पर बदल दें। पत्ते,फल निम्बोली,छाल किसी का भी रस लगायें वएक च. पियेंभी।जरूर फायदा होगा कारण नीम खु में एक एंटीबायोटिक है।ये अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखता है। इसकी पत्तियों को जलाकर पीस कर उसकी राख इसी नीम के तेल में मिलाकर घाव पर लेप करते रहें। नीम की पत्ती, निम्बोली ,फूल पीसकर चालीस दिन तततक शरबत पियें तो सफेद दाग से मुक्ति मिल जायेगी। नीम की गोंद को नीम के ही रस में पीस कर मिलाकर पियें तो गलने वाला कुष्ठ रोग भी ठीक हो सकता है।

बुधवार, 31 अगस्त 2016

यूं रखें सफेद दागों को खुद से दूर

यूं रखें सफेद दागों को खुद से दूर


सफेद दाग एक तरह का त्वचा रोग है। जो किसी एलर्जी या त्वचा की समस्या के कारण होता है। कई बार ये आनुंवाशिक भी होता है। विश्व में एक से दो प्रतिशत लोग इस रोग से प्रभावित हैं। लेकिन भारत में इस रोग के शिकार करीब चार से पांच प्रतिशत लोग है। इस बीमारी में रोगी के शरीर पर अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग आकार के सफेद दाग देखे जाते हैं। इसे ठीक करने के लिए काफी धैर्य की जरूरत होती है। आज हम आपको घरेलू उपायों के द्वारा इस समस्या से निजात दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि इन घरेलू उपायों में इस समस्या का समाधान छुपा है। जिसे सिर्फ धैर्य के साथ अपनाने की जरूरत है।

सफेद दाग एक त्वचा रोग है। हमारे देश में कई लोगों ने इस रोग को कुष्ठ रोग का नाम देकर लोगों के मन में इस रोग के लिए घृणा पैदा कर दी है। लेकिन आपको बता दें कि समाज में अभिशाप की तरह देखे जाने वाले इस सफेद दाग को साधारण और आसान घरेलू उपायों से दूर किया जा सकता है। यह परेशानी किसी को भी हो सकती है। जैसे बच्चे, महिलाएं और पुरूष कोई भी इस रोग की चपेट में आ सकता है और ये किसी भी उम्र के व्यक्ति में पाई जा सकती है। इस बीमारी के लक्षण सर्वाधिक महिलाओं में ही पाए जाते हैं।

इस रोग को दूर करने के उपाय :

अखरोट  :

जितना ज्यादा से ज्यादा हो अखरोट खाना चाहिए। क्योंकि अखरोट में आपकी सफेद पड़ चुकी त्वचा को काली करने की ताकत होती है।

नीम :

नीम की पत्तियां और फल कई प्रकार के रोगों के लिए फलदायक हैं। नीम की पत्ती का पेस्ट बनाएं और उसे दाग वाली जगह पर एक महीने तक लगातार लगाएं। साथ ही नीम के फल को रोजाना खाएं और नीम के पत्तों का जूस पिएं। इससे खून साफ होता है साथ ही त्वचा संबंधित सारे रोग खत्म हो जाते हैं।

बथुआ :

रोजाना बथुए की सब्जी खानी चाहिए। बथुआ उबाल कर उसके पानी से सफेद दाग को धोएं। कच्चे बथुआ का रस दो कप निकालकर उसमें एक कप तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं जब सिर्फ तेल रह जाए तब उतार कर उसे एक शीशी में भर लें और इसे हमेशा लगाते रहें।

हल्दी :

हल्दी के उपयोग से हमारी त्वचा की खोई हुई रंगत निखर जाती है। यह हमारे त्वचा के पिग्मेंट को स्वस्थ रखता है। इसके उपयोग से भी सफेद दाग से छुटकारा पाने में काफी मदद मिलती है।

अदरक :

रोजाना अदरक का जूस पिएं और अदरक के एक टूकड़े को खाली पेट चबाएं। साथ ही अदरक को पीसकर सफेद त्वचा पर लगाना चाहिए। अत: इसके इस्तेमाल से भी सेफद दाग से छुटकारा मिलता है।

अल्फाल्फा :

अल्फाल्फा (रिजका) यह मटर परिवार फबासिए का फूल देने वाला पौधा है। जिसकी खेती एक महत्वपूर्ण चारे के फसल के रूप में की जाती है। रिजका सौ ग्राम और सौ ग्राम ककड़ी का रस मिलाकर पिएं तो दाग काफी हद तक सही हो जाएगा।

शरीर को शुद्ध रखें :

कई बार देखा जाता है की लोग मल मुत्र को रोककर रखते हैं। इससे शरीर के अंदर अपशिष्ट पदार्थों का जमावड़ा हो जाता है। जो शरीर को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हमेशा शरीर के विषैले तत्वों का बाहर निकालें और शरीर का शुद्ध रखें।

आपको बता दें कि इन उपायों के साथ-साथ आपको कई खाने की चीजों से परहेज भी करना चाहिए। जिससे सफेद दाग की समस्या ना बढ़े। मिठाई, रबड़ी, दूध या दही का एक साथ सेवन ना करें। साथ ही दूध की किसी चीज के साथ मछली का सेवन ना करें।