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सोमवार, 20 जुलाई 2020

 गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका

गिलोय के फायदे, नुक्सान और प्रयोग का तरीका



गिलोय ( giloy ) एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई।

इसका वानस्पिक नाम( Botanical name of giloy) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (Tinospora Cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। आइए जानते हैं गिलोय के फायदे…

गिलोय के फायदे – ( Benefits of Giloy )

गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

Giloy Immunity Booster

गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।

ठीक करती है बुखार

Giloy use in Fever

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।

मधुमेह के रोगियों के लिए

giloy for diabetes

गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।

पाचन शक्ति बढ़ाती है


यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।

कम करती है स्ट्रेस

गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है।

बढ़ाती है आंखों की रोशनी

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं।

अस्थमा में भी फायदेमंद

मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

गठिया में मिलेगा आराम

गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है।

अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन

भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है।

बाहर निकलेगा कान का मैल

कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा।

कम होगी पेट की चर्बी

गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है।

यौनेच्छा बढ़ाती है गिलोय

आप बगैर किसी दवा के यौनेच्छा बढ़ाना चाहते हैं तो गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में यौनेच्छा बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जिससे यौन संबंध बेहतर होते हैं।

खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय

गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है….

जवां रखती है गिलोय

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

बालों की समस्या भी होगी दूर

अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

गिलोय का प्रयोग ऐसे करें:-

अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है…

गिलोय जूस

गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है।

काढ़ा

चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं।

पाउडर

यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें।

गिलोय वटी

बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें।

साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम

अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।चीनी के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं।

साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान

वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय का प्रयोग ना करने दें आप .

एक निवेदन :- अभी वर्षाऋतु का काल है अपने घर में, बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें एवं स्वजनों को भी देवें. यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय अवदान है ।

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

डॉक्टर के चक्कर लगा कर हो चुके है परेशान, तो इससे शुगर जैसे रोग को करे जड़ से खत्म

डॉक्टर के चक्कर लगा कर हो चुके है परेशान, तो इससे शुगर जैसे रोग को करे जड़ से खत्म


इसमें कोई शक नहीं कि आज के समय में शुगर एक ऐसी बीमारी है, जो हर घर में आसानी से देखने को मिल जाती है. जी हां आज के समय में हर एक घर में किसी न किसी व्यक्ति को ये बीमारी तो होती ही है. ऐसे में इसकी सबसे बड़ी वजह इंसान की बदलती दिनचर्या है. इसके इलावा भोजन में मिलावट इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है, कि इससे बच पाना मुश्किल होता जा रहा है. इसलिए आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने वाले है, जिसे एक बार तो आपको जरूर आजमाना चाहिए. जी हां अगर आप बार बार डॉक्टर के चक्कर नहीं काटना चाहते तो यकीनन इस उपाय को जरूर आजमाएंगे.

बता दे कि इस उपाय से आपकी शुगर की समस्या काफी हद तक खत्म हो जायेगी. अब इसमें तो कोई दोराय नहीं कि शुगर का रोग हर इंसान के लिए किसी नासुर से कम नहीं होता. ऐसे में वो इससे छुटकारा पाने के लिए लाखो रूपये दवाईयों पर खर्च कर देता है. बरहलाल पुरुष हो या स्त्री, लेकिन ये रोग हर किसी में पाया जाता है. तो चलिए अब आपको इस शुगर विनाशक उपाय के बारे में जरा विस्तार से बताते है.

इसमें सबसे पहले आपको 250 ग्राम इन्द्रजौ कड़वा, 250 ग्राम ही बादाम, 250 ग्राम भुने हुए चने आदि सामग्री लेनी है. यहाँ इस बात का ध्यान रखे कि आपको इन्द्रजौ तल्ख यानि कड़वा ही लेना है और अगर आपको इसके बारे में जानकारी न हो तो आप किसी भी दुकान पर जाकर इसके बारे में पूछ सकते है. इसके इलावा भुने हुए चनो में इस बात का ध्यान रखे कि चने छिलके वाले ही लेने है.

बता दे कि इस उपाय की ज्यादा मात्रा लेने से आपका शुगर लेवल कम भी हो सकता है. इसलिए जितनी मात्रा बताई गई है, केवल उतनी ही ले. गौरतलब है कि अब इन तीनो चीजों को अलग अलग कूट लीजिये, यानि इनका धुरधुरा पाउडर बना लीजिये और फिर इन्हे कांच के एक जार में रख दीजिये.

बता दे कि खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच लेकर दिन में केवल एक बार ही सादे जल के साथ इसका सेवन करे. जी हां बता दे कि इस उपाय का परिणाम आपको अच्छा ही मिलेगा और अगर आपका कोई दोस्त इस रोग से पीड़ित है तो उसे भी ये उपाय एक बार जरूर आजमाने को कहिएगा.

इसके साथ ही आपके लिए ये जान लेना भी बेहद जरुरी है कि ये उपाय उन लोगो के लिए लाभकारी होगा, जिन्हे इन्सुलिन न लगती हो. जी हां यानि अगर इस समय आप इन्सुलिन लगवा रहे है, तो कृपया इस उपाय को मत कीजियेगा, लेकिन अगर आप इन्सुलिन नहीं लगवा रहे, तो बेझिझक इसका इस्तेमाल कर सकते है.

बरहलाल आज कल शुगर हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. ऐसे में आप उन्हें ये चमत्कारी, सरल और सस्ता उपाय बता कर उन्हें एक नया जीवन दे सकते है.

सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

हरे प्‍याज से करें डायबिटीज को जड़ से खत्‍म, पहली खुराक से ही असर शुरू

हरे प्‍याज से करें डायबिटीज को जड़ से खत्‍म, पहली खुराक से ही असर शुरू


डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि ये धीरे-धीरे हमारे शरीर को नासूर की तरह खोखला करती जाती है । ये बीमारी हमारे रक्‍त के जरिए शरीर के हर एक भाग को प्रभावित करती है । एक बार मधुमेह हो जाए तो इससे पीछा छुड़ाना बेहद कठिन है । समय रहते इसको रोक लेने में ही भलाई है, इससे पहले कि आप इस पर हावी हों आप इसकी नब्‍ज पकड़ लें और इसका खात्‍मा कर दें । अच्‍छी जीवनशैली, सही खानपान और मीठे से दूरी आपको इस बीमारी से बचने में मदद करती है। लेकिन तब क्‍या जब आप इस बीमारी के मुहाने पर खड़े हों ।

डायबिटीज से होने वाली बीमारियां
डायबिटीज को अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो ये बहुत सारी स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों का कारण बन जाता है | मधुमेह के कारण हाई ब्लड प्रेशर ,थाइरॉयड ,हार्ट डिसीसेस,किडनी फेलियर और अल्झाइमर जैसी बीमारियों हो सकती है | मधुमेह दो वजहों से होता है या तो हमारे शरीर में इन्सुलिन नहीं बन रहा या फिर आपके शरीर में इन्सुलिन तो बन रहा है मगर आपके सेल इस इन्सुलिन पर प्रतिकिर्या नहीं कर रहे है |

अचूक उपाय
अगर आपके खून में शुगर की मात्रा अधिक हो गई है तो निश्‍चय ही ये परेशान होने की बात है । अगर आप इस पर कंट्रोल नहीं करेंगे तो ये आपको धीरे-धीरे कर पूरा खत्‍म कर देगी । डायबिटीज पर असरदार एक अचूक उपाय हम आपको बताने वाले हैं । आयुवेर्दिक गुणों का प्रयोग कर इस उपाय को आजमाया गया है । लेकिन इसका प्रभाव 100 फीसदी सकारात्‍मक रहेगा ये कहना संभव नहीं है ।

इस सब्‍जी का करें प्रयोग
आप हरे प्‍याज को बाखूबी जानते होंगे, जी हां इसे ही स्प्रिंग अनियन कहा जाता है । पत्‍तेदार प्‍याज के कई फायदों में से एक फायदा है कि ये आपको डायबिटीज से बचाता है । इसका प्रयोग आपको किस प्रकार करना है ये हम अापको आगे बताएंगे । प्‍याज के पत्‍तों का ये उपाय मधुमेह को जड़ से मिटाने का दावा करता है, आप भी इसे आजमा सकते हैं क्‍योंकि इसके कोई साइड इफेक्‍ट्स नहीं हैं ।

ऐसे करें प्रयोग
प्‍याज के पत्‍तों का ये उपाय आपको बहुत ही सिंपल से तीन स्टेप में करना है । पहला स्‍टेप 4 से 5 हरे प्‍याज पत्‍ते समेत लें दूसरा स्‍टेप इन्‍हें दो लीटर पानी में रात भर भिगोकर रख दें, तीसरा और अंतिम स्‍टेप सुबह उठकर इस पानी को छानकर पी जाएं । आपको एक बार में सारा पानी नहीं पीना है । दिनभर में ये दो लीटर पानी खत्‍म करना है । इसी तरह ये प्रयोग करते रहें । पहले दिन से ही आपको शुगर नियंत्रण में लगने लगेगी

एक महीने तक लगातार करें सेवन
हरे प्‍याज का ये प्रयोग आपको पहले दिन से ही अपना असर दिखाना शुरू कर देगा । लेकिन इसके बेहतर परिणाम के लिए आप इस उपाय को पूरे एक महीने तक बिना एक भी दिन छोड़ें करें । आपकी शुगर कंट्रोल में आ जाएगी और आपकी हेल्‍थ भी सुधर जाएगी । इस उपाय के साथ दावा किया जाता है कि आपको शुगर की दवाएं लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी अगर आप इस तरह से इसका प्रयोग करें तो ।

हरे प्‍याज के अन्‍य फायदे
हरा प्‍याज कई और तरह से भी फायदेमंद है । इसे आप कई प्रकार के खाने के व्‍यंजन में प्रयोग में ला सकते हैं । हरा प्‍याज खाने से कॉलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होता है । यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम बनाए रखता है । जिससे आप मोटापे के शिकार नहीं होते । अगर आप डायट कर रहे हैं तो हरे प्‍याज की सब्‍जी आपको बहुत फायदा पहुंचाती है । इसे खाने से पेट की प्रॉब्‍लम भी नहीं होती ।

एंटी एजिंग है हरा प्‍याज
हरा प्‍याज खाने से व्‍यकित की इम्‍यूनिटी बिल्‍ड होती है, ये आपके चेहरे की झुर्रियों को समय से पहले नहीं आने देता । हरा प्‍याज खाने से आंखों की रौशनी तेज होती हैं । ये शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है । अगर आपके बाल टूट रहे हैं या बेजान हो गए हैं तो हरे प्‍याज को मिक्‍सी में पीस लें अब इस लेन को सिर पर लगाएं। बाल गिरने भी बंद हो जाएंगे और बालों की सफेदी भी नहीं रहेगी ।

और भी हैं फायदे
मिर्गी का रोगी अगर अचानक बेहोश हो जाए तो प्‍याज को कूटकर सुंघाने से उसे तुरंत होश आ जाता है  । इसकी गंध दिमाग के नर्वस सिस्टम पर झटके जैसा असर करता है । यह गठिया और अस्‍थमा के रोगियों के लिए भी लाभदायक होता है । यूरीन ना आने की समस्‍या हो तो 2 चम्मच प्याज का रस और गेहूं का आटा लें और इसका पेस्‍ट बना लें । इस पेस्‍ट को पेट पर लगाने से यूरीन की समस्‍या खत्‍म हो जाती है ।

मंगलवार, 30 जनवरी 2018

शुगर जैसी अनेक बीमारियों के लिए रामबाण इलाज़ है भिंडी का पानी

शुगर जैसी अनेक बीमारियों के लिए रामबाण इलाज़ है भिंडी का पानी


आज हम आपको ऐसी खबर बता रहे है जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। भिंडी काफी लोगों की पसंदीदा सब्‍जी है। लेकिन वह आपकी थाली में शायद इसलिए रहती है क्योंकि वह स्वादिष्ट होती है. हालांकि ये लेख पढ़ने के बाद भी भिंडी आपकी थाली में बनी रहेगी, लेकिन उसकी वजह बदल जाएगी. अब सिर्फ स्वाद की वजह से ही नहीं, बल्कि सेहत की वजह से भी भिंडी आपकी पसंदीदा सब्‍जी बन जाएगी। आइये जाने भिंडी खाने के फायदे।

डायबिटीज का इलाज है भिंडी के पास
डायबिटीज के इलाज में उपयोगी होती है. भिंडी में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी वजह से यह डायबिटीज के इलाज में उपयोगी होती है। दो भिंडी लें के दोनों सिरों को काटकर उसे एक गिलास पानी में डालकर रात भर रख दें। सुबह उठकर भिंडी निकालकर इस पानी को पिएं। ये इन्सुलिन को बढ़ाता है साथ ही इसके पानी से शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ेगी और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहेगा। इसका असर आपको 15 दिनों में देखने को मिल सकता है क्योंकि यह ब्लड शुगर के लेवल पर निर्भर करता है। यदि यह ज्यादा है तो कुछ सप्ताह लग सकते है यदि कम है तो कुछ दिनों में परिणाम मिल सकता है।

विटामिन K का है खजाना :
भिंडी में विटामिन के भरपूर मात्रा में होता है, जो रक्त संचार को बनाए रखता है. भोजन में भिंडी खाने से शरीर में विटामिन के की मात्रा संतुलित रहती है, जिससे रक्‍त के थक्के नहीं बनते।

प्रेग्नेंसी में जरूर खाएं भिंडी :
वे महिलाएं, जो गर्भवती हैं या फिर गर्भधारण करना चाहती हैं, उन्हें भिंडी का सेवन जरूर करना चाहिए. भिंडी में काफी मात्रा में फॉलिक एसिड होता है, जो भ्रूण के विकास के लिए जरूरी है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है :
भिंडी में विटामिन सी पाया जाता है, जिसकी वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. शरीर में विटामिन सी की संतुलित मात्रा होने से मौसमी एलर्जी होने का खतरा भी कम रहता है।

आंखों के लिए फायदेमंद है भिंडी :
विटामिन ए और बीटा कैरोटीन आंखों की रौशनी बढ़ाता है. भिंडी में ये दोनों ही प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

भिंडी के सेवन से वजन नहीं बढ़ता है
भिंडी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और फाइबर काफी होता है. वजह से यह शरीर को भरपूर ऊर्जा तो देती है, लेकिन इसके सेवन से वजन नहीं बढ़ता है।

कब्‍ज का रामबाण इलाज :
अगर आप कब्‍ज से परेशान हैं तो अपने भोजन में भिंडी को शामिल कर लें. भिंडी में मौजूद फाइबर रोज सुबह पेट साफ करने में मददगार होते हैं।

रविवार, 28 जनवरी 2018

जानिए मधुमेह के ऐसे उपाय जो आपको कही नही मिलेंगे

जानिए मधुमेह के ऐसे उपाय जो आपको कही नही मिलेंगे


मधुमेह यानि डाइबि‍टीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लाँघ चुका है। दुनिया भर में मधुमेह के मरीजों का तेजी से बढ़ता आँकड़ा एक चिंता का विषय बना हुआ है। यहाँ मधुमेह के रोगियों के लिए कुछ देशी नुस्खे पेश किए गए हैं। लेकिन इनमें से किसी भी नुस्‍खे को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक की राय जरूर ले लें।

नींबू से प्यास बुझाइए
मधुमेह के मरीजों को प्यास ज्‍यादा लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने पर पानी में नींबू निचोड़कर पीने से प्यास कम लगती है और वह स्‍थाई रूप से शांत होती है।
भूख मिटाने के लिए खाएँ खीरा
मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से बार-बार भूख लगती है। ऐसी स्थिति में खीरा खाकर अपनी भूख मिटानी चाहिए।

गाजर और पालक
मधुमेह के रोगियों को गाजर और पालक का रस पीना चाहिए। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है।

शलजम
मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। अतः शलजम की सब्जी और विभिन्‍न रूपों में शलजम का सेवन करना चाहिए।

जमकर खाएँ जामुन
मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। यदि कहा जाए कि जामुन मधुमेह के रोगी का ही फल है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में अत्‍यंत लाभकारी हैं। मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन करना चाहिए। जामुन की गुठली भी बहुत फायदेमंद होती है। इसके बीजों में जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकता है। गुठली का बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार तीन ग्राम चूर्ण का पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा की मात्रा कम होती है।

करेले से ना डरें
प्राचीन काल से करेले मधुमेह के इलाज में रामबाण माना जाता रहा है। इसके कड़वे रस के सेवन से रक्‍त में शर्करा की मात्रा कम होती है। मधुमेह के रोगी को प्रतिदिन करेले के रस का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इससे आश्चर्यजनक लाभ प्राप्‍त होता है। नवीन शोधों के अनुसार उबले करेले का पानी मधुमेह को शीघ्र और स्थाई रूप से खत्‍म करने की क्षमता रखता है।

मेथी भी है इलाज
मधुमेह के उपचार के लिए मेथी के दानों का प्रयोग भी किया जाता है। अब तो बाजार में दवा कंपनियों की बनाई मेथी भी उपलब्‍ध है। मधुमेह का पुराना से पुराना रोग भी मेथी के सेवन से दुरुस्‍त हो जाता है। प्रतिदिन प्रात:काल खाली पेट दो-तीन चम्‍मच मेथी के चूर्ण को पानी के साथ निगल लेना चाहिए।

चमत्कारी है गेहूँ के जवारे
गेहूँ के पौधों में रोगनाशक गुण होते हैं। गेहूँ के छोटे-छोटे पौधों का रस असाध्य बीमारियों को भी जड़ से मिटा डालता है। इसका रस मनुष्य के रक्त से चालीस फीसदी मेल खाता है। इसे ग्रीन ब्लड भी कहते हैं। रोगी को प्रतिदिन सुबह और शाम में आधा कप जवारे का ताजा रस दिया जाना चाहिए।

अन्य उपचार
नियमित रूप से दो चम्मच नीम का रस और चार चम्‍मच केले के पत्ते का रस लेना चाहिए। चार चम्मच आँवले का रस, गुडमार की पत्ती का काढ़ा भी मधुमेह नियंत्रण के लिए रामबाण है।