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रविवार, 8 जनवरी 2017

पपीता खाने से वजन कम होने के साथ मिलते है ये अनोखे लाभ, जानिए

पपीता खाने से वजन कम होने के साथ मिलते है ये अनोखे लाभ, जानिए


पपीता बहुत ही पौष्टिक फल है। इसका सेवन करने से आपक कई बीमारियों से बच सकते है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए, बी और कुछ मात्रा में विटामिन डी और कैल्शियम और कैरोटीन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है। 

पपीता एक ऐसा फल है जिसे आप कच्चा या पक्का दोनों तरह खा सकते है। पपीता पेप्सिन नामक पाचन तंत्र का एक प्राकृतिक स्त्रोत है। पपीता को खाने से काफी फायदे है। इसे खाने से शरीर मजबूत रहता है। जिसके कारण कई बीमारियां पास भी नही आती है। कुछ लोग कच्चे पपीते की सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल करते है। जो बहुत ही स्वादिष्ट रेसिपी बनती है। यह बाजार में आपको आसानी से मिल जाएगा। पपीता के बीज भी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते है। यह पपीता को काटने पर छोटे-छोटे काले रंग के निकलते है। इसे खाने से कई फायदे है। जानिए पपीता खाना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।

वज़न घटाएं
अगर आप अपने वजन को लेकर बहुत परेशान है। आपको समझ नही आ रहा है कि क्या करें, तो आज से ही अपनी डाइट में शामिल करें पपीतें को, क्योंकि पपीता में कैलोरी बहुत ही कम मात्रा में पाई जाती है। इसमें मौजूद फाइबर आपको तरोताजा रखेगा। जिससे आपकी आंत का मूवमेंट ठीक रहेगा। जिससे आप अपना वजन आसानी से घटा सकते है।

मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद
पपीता मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही यह ज्यादा मीठा न होने के कारण शुगर की मात्रा कम होती है। जिससे यह मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है।

डिप्रेशन से दिलाएं निजात
दिन भर भाग-दौड की वजह से कभी-कभी हमें तनाव से महसूस होने लगता है। जिसके कारण हम कोई दूसरा काम ठीक ढंग से नही कर पाते है। इससे बचने के लिए पपीता का सेवन करें। पपीता में विटामिन सी पाया जाता है, जो स्ट्रेस हारमोन को संचालित करने में सक्षम होता है। जिसके कारण आप तनाव से बच सकते है।

आंखों को करें तेज
पपीता में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है। जो आपकी आंखों की रोशनी को कम होने से बचाता है। इसे खाने से आपकी उम्र बढ़ने के बाद भी आंखों का रोशनी पहले की तरह बनी रहेगी।

पीरियड्स के दर्द से दिलाएं निजात
पपीता महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। पीरियड्स के समय के दर्द से यह निजात दिलाता है। पपीता में पापिन नाम एंजाइम पाया जाता है। जिसके कारण पीरियड्स के समय के रक्त के प्रवाह को दर्द से दूर रखता है।

कोलेस्ट्रोल कम करें
पपीता में अधिक मात्रा में फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जो आपकी रक्त-शिराओं में कोलेस्ट्रोल के थक्के नहीं बनने देता। कोलेस्ट्रोल के थक्के दिल का दौरा पड़ने और हाई ब्लेड प्रेशर सहित कई हार्ड से संबंधित रोगों का कारण बनता है।

कैंसर होने से बचाएं
पपीते में एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे कई पदार्थ अधिक मात्रा में पाए जाते है। जिसके कारण आप कोलन और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे से बच जाते है।

गठिया से बचाएं
पपीता में कैल्शियम पाया जात है जिससे यह हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही इसमें विचामिन सी और कई गुण होते है। जिससे यह आपको गठिया जैसे रोग से लड़ता है। एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-सी युक्त भोजन न लेने वाले लोगों में गठिया का खतरा विटामिन-सी का सेवन करने वालों के मुकाबले तीन गुना होता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
पपीता खानें से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढेगी। जिससे आप कई बीमारियों से लड़ सकते है। इसमें इतनी ज्यादा मात्रा में विटामिन सी होती है कि यह आपकी आवश्यकता की पूर्ति करता रहता है। जिससे आपकी तांत्रिका मजबूत बनी रहती है।

बुधवार, 6 अप्रैल 2016

पपीता - रोग नाशक

पपीता - रोग नाशक

अनेक रोग नाशक भी है पपीता

पपीता एक ऐसा मधुर फल है जो सस्ता एवं सर्वत्र सुलभ है। यह फल प्राय: बारहों मास पाया जाता है। किन्तु फरवरी से मार्च तथा मई से अक्तूबर के बीच का समय पपीते की ऋतु मानी जाती है। कच्चे पपीते में विटामिन ‘ए’ तथा पके पपीते में विटामिन ‘सी’ की मात्रा भरपूर पायी जाती है।
आयुर्वेद में पपीता (पपाया) को अनेक असाध्य रोगों को दूर करने वाला बताया गया है। संग्रहणी, आमाजीर्ण, मन्दाग्नि, पाण्डुरोग (पीलिया), प्लीहा वृध्दि, बन्ध्यत्व को दूर करने वाला, हृदय के लिए उपयोगी, रक्त के जमाव में उपयोगी होने के कारण पपीते का महत्व हमारे जीवन के लिए बहुत अधिक हो जाता है।
पपीते के सेवन से चेहरे पर झुर्रियां पड़ना, बालों का झड़ना, कब्ज, पेट के कीड़े, वीर्यक्षय, स्कर्वी रोग, बवासीर, चर्मरोग, उच्च रक्तचाप, अनियमित मासिक धर्म आदि अनेक बीमारियां दूर हो जाती है। पपीते में कैल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व, विटामिन- ए, बी, सी, डी प्रोटीन, कार्बोज, खनिज आदि अनेक तत्व एक साथ हो जाते हैं। पपीते का बीमारी के अनुसार प्रयोग निम्नानुसार किया जा सकता है।
१) पपीते में ‘कारपेन या कार्पेइन’ नामक एक क्षारीय तत्व होता है जो रक्त चाप को नियंत्रित करता है। इसी कारण उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के रोगी को एक पपीता (कच्चा) नियमित रूप से खाते रहना चाहिए।
२) बवासीर एक अत्यंत ही कष्टदायक रोग है चाहे वह खूनी बवासीर हो या बादी (सूखा) बवासीर। बवासीर के रोगियों को प्रतिदिन एक पका पपीता खाते रहना चाहिए। बवासीर के मस्सों पर कच्चे पपीते के दूध को लगाते रहने से काफी फायदा होता है।
३) पपीता यकृत तथा लिवर को पुष्ट करके उसे बल प्रदान करता है। पीलिया रोग में जबकि यकृत अत्यन्त कमजोर हो जाता है, पपीते का सेवन बहुत लाभदायक होता है। पीलिया के रोगी को प्रतिदिन एक पका पपीता अवश्य खाना चाहिए। इससे तिल्ली को भी लाभ पहुंचाया है तथा पाचन शक्ति भी सुधरती है।
४) महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म एक आम शिकायत होती है। समय से पहले या समय के बाद मासिक आना, अधिक या कम स्राव का आना, दर्द के साथ मासिक का आना आदि से पीड़ित महिलाओं को ढाई सौ ग्राम पका पपीता प्रतिदिन कम से कम एक माह तक अवश्य ही सेवन करना चाहिए। इससे मासिक धर्म से संबंधित सभी परेशानियां दूर हो जाती है।
५) जिन प्रसूता को दूध कम बनता हो, उन्हें प्रतिदिन कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिए। सब्जी के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है।
६) सौंदर्य वृध्दि के लिए भी पपीते का इस्तेमाल किया जाता है। पपीते को चेहरे पर रगड़ने से चेहरे पर व्याप्त कील मुंहासे, कालिमा व मैल दूर हो जाते हैं तथा एक नया निखार आ जाता है। इसके लगाने से त्वचा कोमल व लावण्ययुक्त हो जाती है। इसके लिए हमेशा पके पपीते का ही प्रयोग करना चाहिए।
७) कब्ज सौ रोगों की जड़ है। अधिकांश लोगों को कब्ज होने की शिकायत होती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे रात्रि भोजन के बाद पपीते का सेवन नियमित रूप से करते रहें। इससे सुबह दस्त साफ होता है तथा कब्ज दूर हो जाता है।
८) समय से पूर्व चेहरे पर झुर्रियां आना बुढ़ापे की निशानी है। अच्छे पके हुए पपीते के गूदे को उबटन की तरह चेहरे पर लगायें। आधा घंटा लगा रहने दें। जब वह सूख जाये तो गुनगुने पानी से चेहरा धो लें तथा मूंगफली के तेल से हल्के हाथ से चेहरे पर मालिश करें। ऐसा कम से कम एक माह तक नियमित करें।
९) नए जूते-चप्पल पहनने पर उसकी रगड़ लगने से पैरों में छाले हो जाते हैं। यदि इन पर कच्चे पपीते का रस लगाया जाए तो वे शीघ्र ठीक हो जाते हैं।
१०) पपीता वीर्यवर्ध्दक भी है। जिन पुरुषों को वीर्य कम बनता है और वीर्य में शुक्राणु भी कम हों, उन्हें नियमित रूप से पपीते का सेवन करना चाहिए।
११) हृदय रोगियों के लिए भी पपीता काफी लाभदायक होता है। अगर वे पपीते के पत्तों का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से एक कप की मात्रा में रोज पीते हैं तो अतिशय लाभ होता है।

मंगलवार, 29 अगस्त 2017

रोज खाएंगे पपीता नहीं होगी झुर्रियां और बाल झड़ने की परेशानी

रोज खाएंगे पपीता नहीं होगी झुर्रियां और बाल झड़ने की परेशानी


पपीता सदाबहार फल है. यह बाकी फलों की तुलना में सालभर लगभग एक जैसी ही कीमत में मिलता है. पपीता रोज खाने में भले ही बोरिंग लगे पर इसके फाएदे चौंकाने वाले हैं. पूरे साल आसानी से मिल जाने वाला पपीता बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद है. पपीते को सलाद में भी खाया जा सकता है. कच्चे पपीते की सब्जी भी बनाई जा सकती है.

पपीते के फायदे-

1. रोजाना पपीता खाने से झुर्रियां पड़ना, बालों का झड़ना, बवासीर, स्किन प्रॉब्लम्स में फाएदा पहुंचता है.

2. पपीता दिल और शुगर के मरीजों के लिए बेहद फाएदेमंद है.
3. कब्ज की परेशानी में पपीता रोज खाने से दिक्कत दूर होती है. नॉनवेज खाते हैं तो पपीते रोज खाना ज्यादा फाएदेमंद है.
4. पपीते में विटामिन ए, पोटैशियम और कैल्शियम होता है. इसे वो लोग भी खा सकते हैं, जिनकी पाचन शक्ति कमजोर हो.
5. रोजाना पपीता खाने से हाई बीपी को कंट्रोल किया जकता है. इससे दाद, खाज, खुजली दूर हो जाती है.
6. पपीते से शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है. कटने, सूजने, या जलने वाली जगह पर पपीता लगाने से आराम मिलता है.
7. रोजाना पपीता खाने से सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां नहीं होती.
8. पपीते में मौजूद फाइबर हाई कोलेस्ट्राल को कम करने में मदद करता है.

बुधवार, 21 दिसंबर 2016

पपीते को आजमाएं, निखरी त्वचा पाएं

पपीते को आजमाएं, निखरी त्वचा पाएं

पपीता एक तरफ जहां आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है वहीं यह आपकी सौंदर्य समस्याओं से भी निजात दिलाता है। आइए जानें पपीता कैसे आपका रूप निखारता है।

सौंदर्य समस्याओं का उपचार है पपीता

पपीता सेहत के साथ-साथ सौंदर्य भी संवारता है। यह रंग निखारता है, मुंहासे दूर करता है और साथ ही त्वचा की कई समस्याओं को भी दूर करता है। उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर झुर्रियां आनी शुरू हो जाती हैं। लेकिन, रोज पपीते का सेवन करने से आप इस समस्या को दूर रख सकते हैं। पपीते में मौजूद विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट आपकी त्वचा को झुर्रियों से बचाते हैं। आइए जानने की कोशिश करते हैं पपीते के अन्य सौंदर्य लाभ के बारे में।

दाग धब्बे हटाए

अगर आपके चेहरे पर काले-काले धब्बे हो गए हों तो खीरे, पपीता और टमाटर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लेप करें। जब यह लेप सूख जाए तो इस मिश्रण को दोबारा लगायें। इस प्रकार सूखने पर तीन-चार बार इस लेप को चेहरे पर लगाएं। चेहरे पर लेप को बीस मिनट लगा रहने के बाद चेहरा ठंडे पानी से धो लें। पपीते का पैक दो मुंहे बालों से निजात दिलाने में कारगर है। एक पका हुआ आधा पपीता लें (यदि बाल लंबे हैं तो अधिक पपीते की जरूरत पड़ सकती है), इसे छीलें और बीजों को बाहर निकाल लें। इसके गूदे को आधा कप दही के साथ मिलाएं और बालों में लगाएं। इसे आधे  घंटे के लिए छोड़ दें और सिर को सामान्य पानी से धो लें।

डेड स्किन हटाए

पपीते में बीटा हाइड्रॉक्सिल एसिड यानी बीएचएए रसायन पाया जाता है। बीएचएए एक्सफोलिएंट का काम करता है। यानी इसमें त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने की क्षमता होती है, जिससे त्वचा ज्यादा मुलायम और चिकनी होती है। साथ ही यह फल बीएचएए के जरिए त्वचा की गंदगी और तेल को भी हटाता है, जो मुहांसे का मुख्य कारण है।पपीते में एक गुण यह भी है कि इससे नियमित स्क्रब करने से चेहरे पर मौजूद दाग धब्बे हल्के हो जाते हैं और रंग भी निखरता है। पपीता लेकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। इसे चेहरे पर पांच मिनट तक मलें फिर साफ पानी से चेहरा धो लें।

थकान दूर करे

पपीते का पैक बनाने के लिए पपीते के बीज निकाल कर 2-3 स्लाइस काट लें। अब इनके टुकड़े करके इन्हें मिक्सी में ब्लैंड कर लें। अब इसमें 1/2 कप दही मिलाएं। इस पैक को चेहरे और गर्दन पर 20 मिनट तक लगाकर रखें। उसके बाद चेहरा धो लें। इस पैक को लगाने से आपको ठंडक महसूस होगी तथा आपकी थकान कम होगी। पपीते के गूदे में पुदीने को पीस लें और ध्यान रखें कि पपीते के बीज भी साथ में ही रहें। इसके बीज स्क्रबिंग का काम करेंगे और पपीता बैक्टीरिया को रोकता है। इससे आपकी स्किन क्लीन और शाइन करने लगेगी।
सनबर्न से राहत

पपीता का फेस पैक सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है। यह सन बर्न की समस्या से राहत दिलाता है। आधा कप पपीता लें और उसे दूध में पीस लें। इस लेप को चेहरे पर लगाएं। करीब 10-15 मिनट के बाद चेहरा धो दें। पपीते का गूदा, शहद और दही को मिलाएं और इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें। फिर इसे पानी से साफ करें। लगातार दिन में एक बार इस पैक के इस्तेमाल से मुंहासे पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

वज़न कम करने का गज़ब का घरेलु नुस्खा पपीते और मिर्च

वज़न कम करने का गज़ब का घरेलु नुस्खा पपीते और मिर्च


मोटापा एक बड़ी समस्या है और साथ ही कई गंभीर बीमारियों का कारण भी। वहीं मोटापा घटाना भी एक चुनौतीपूर्ण काम हैं, लेकिन नामुम्किन कतई नहीं। बशर्ते आपने मोटापा कम करने का सही तरीका चुना हो। तो चलिये इस बार पपाया-ब्लैक पैपर (पपीता और काली मिर्च) कॉम्बो ट्राई करके देखिये। ये असरदार घरेलू नुस्खा आपकी कमर को कुछ इंच ज़रूर कम कर पाएगा। असरदार, सस्ते व कारगर होने के चलते घरेलू नुस्खों को सदियों से अपनाया जाता रहा है। कच्चा पपीता और काली मिर्च का संयोजन भी वजन कम करने के लिए एक कारगर घरेलू गुस्खा है।

पपीते के गुण
पपीता एंटीऑक्सीडेंट जैसे खनिज - पोटेशियम और मैग्नीशियम, विटामिन सी, बी और ई तथा एन्जाइम्स का प्रचुर श्रोत होता है। यही कारण है कि पपीता को गुणों की खान कहा जाता है। यह पेट का बेहतर खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती को भी निखारता है। यह कई बीमारियों से शरीर को दूर रखने वाला पपीता स्वाद के भी बेजोड़ होता है। नियमित पपीता खाते रहने से कमर की अतिरिक्त चर्बी भी दूर होती है।  

तो यदि आप आप मोटे हैं या पाचनतंत्र में गड़बड़ी है? आंतें कमजोर हैं या भूख नहीं लगती? तो फिर एक अदद पपीता ही आपकी ऐसी दजर्नों समस्याओं का निवारक बन सकता है। पपीते को पेट के लिए तो वरदान माना जाता है। इसमें पाये जाने वाला तत्व पेप्सिन भोजन को पचाने में मदद करता है।

मिर्च  
मिर्च आपके चयापचय दर को बढ़ाने में मदद करती है और कच्चे पपीते की ही तरह एक गर्म मसाला है। यह एक पाचन उत्तेजक है और कच्चे पपीते के साथ मिलकर आंतों की अंदरूनी परत के समुचित कार्य को बढ़ावा देते हुए वजन कम करने में मदद करता है। जी हां, लाल मिर्च आपके वजन को संतुलित रखने में मदद करती है। एक शोध के मुताबिक खाने में लाल मिर्च का पाउडर मिलाने से आपकी मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज होती है और भोजन के बाद शरीर से अवांछित कैलोरी कम होती है और मोटापा नहीं बढ़ता है।

कैसे करें इस नुस्खे (पपीता और काली मिर्च कॉम्बो) का उपयोग?

सबसे पहले एक कच्चा पपीता लें, इसे छीलें और फिर छोटे-छोटे चौकोर आकार में काट लें। अब, थोड़ा पानी लें (जितना पपीते को पकाने के लिये काफी हो) और इसमें थोड़ा नमक (स्वाद के लिये) और फिर दो छोटे चम्मच पीसी मिर्च के मिलायें। अब कटे हुए पपीते के टुकड़ों को इस घोल में डाल दें और पाकाना शुरू करें। प्रभावी परिणाम के लिए दिन में एक बार इस पकवान को खाएं। वैकल्पिक रूप से आप कच्चे पपीते और मिर्च का सलाद भी खा सकते हैं।

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017

कच्चा पपीता खाने के ये फायदे जानकार हैरान रह जाएंगे आप

कच्चा पपीता खाने के ये फायदे जानकार हैरान रह जाएंगे आप


आप पके हुए पपीते का इस्तेमाल अधिक करते हो। यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। रोज पपीता खाने से इंसान को रोग नहीं लगते हैं। क्या आप कच्चे पपीता खाने के फायदों के बारे में जानते हैं। और यह कितना फायदेमंद होता है हमारे शरीर के लिए। कच्चे पपीता का प्रयोग हम सब्जी बनाने के लिए भी करते हैं। यदि आप कच्चे पपीते की सब्जी नियमित करते रहेगें तो आपको पेट की किसी भी तरह की बीमारी नहीं लगेगी।

आइये अब जानते हैं कच्चे पपीते के गुणों के बारे में। कच्चे पपीते में पोटेशियम, मैग्नीशियम, वटिामिन ए, सी, ई और बी प्रचूर मात्रा में होता है।

अब आपको बताते हैं कच्चे पपीते खाने के एैसे फायदे जो आपको कई रोगों से बचाते हैं।

डायबीटिज की बीमारी में
यदि घर में कोई मधुमेह के रोग से ग्रसित है तो उस इंसान को कच्चे पपीते का सेवन कराएं। डायबिटीज के रोगी को कच्चे पपीते के रस का सेवन भी नियमित करना चाहिए। कच्चे पपीते का रस ब्लड शूगर लेवल के स्तर को कम करता है जिससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है।

कब्ज की बीमारी से बचाए
फाइबर की भरपूर मात्रा होती है कच्चे पपीते में। जो कब्ज से आपको बचाती है। कच्चे पपीते में मौजूद एंजाइम पेट में गैस को बनने से रोग देते हैं और शरीर से विषैले तत्वों को बाहार निकाल देते हैं साथ ही साथ हमारे पाचन को भी सुधरता है।

हो किसी प्रकार के विटामिन की कमी
शरीर में विटामिन्स की कमी की वजह से कई तरह से कमजोरी आ सकती है। यदि आपके शरीर मंे किसी भी तरह के विटामिन की कमी हो गई हो तो आप कच्चा पपीता जरूर खाएं।

वजन घाटाने में सहायक
अधिक वजन हो गया हो और वह कम ना हो रहा हो तो आप कच्चा पपीता खाएं। कच्चा पपीता आपका वजन तेजी से घटाता हैै। इसमें सक्रिय एंजाइम होते हैं जो वजन को तेजी से कम करते हैं।

रोके बैक्टीरिया को बढ़ने से
अक्सर महिलाओं को मूत्र में संक्रमण की समस्या हो जाती है। यदि एैसी समस्य हो गई हो तो आप जरूर कच्चे पपीते का सेवन करें।

बढ़ाए मां का दूध
स्तन पान करने वाली मांताओं को कभी कभी दूध की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से बच्चे को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है। ऐसे में स्तनपान करवाने वाली माताएं जरूर कच्चे पपीते का सेवन करें। इससे दूध बढ़ने में आसानी से मदद मिलती है। साथ ही आपके शरीर की कमजोरी भी दूर होती है।

इम्यून सिस्टम को दे ताकत
दोस्तों कच्चे पपीते में हर तरह के विटामिन्स होते हैं जो शरीर के इम्यून तंत्र को ताकत देते हैं। यही नहीं यदि आप कच्च पपीता खाते हैं तो इससे आपको सर्दी व जुकाम कभी आपको प्रभावित नहीं करेगा।

मासिक धर्म में होने वाला दर्द
हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कच्चे पपीता का सेवन करने से महिलाओं के शरीर में आॅक्सीटोसिन और प्रोस्टाग्लैंडीन का स्तर बढ़ता है। जो गर्भाशय में संकुचन लाती है और मासिक धर्म के दर्द को भी कम कर देती है।

शनिवार, 23 सितंबर 2017

जांघो का कालापन दूर करने के घरेलू उपाय

जांघो का कालापन दूर करने के घरेलू उपाय


आंतरिक जांघों पर गहरे रंग की त्वचा पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक शर्मनाक चीज है। जांघो के कालेपन से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आपकी पैर की त्वचा की उचित देखभाल करें। इसके लिए आप घरेलू उपायों को अपना सकते हैं।

जांघो का कालापन दूर करता है एलोवेरा
त्वचा में निखार लाने के लिए एलोवेरा एक प्राकृतिक औषधि है। बढ़ती उम्र से त्वचा पर होने वाले कुप्रभाव को कम करना हो या त्वचा को भीतर से खूबसूरत बनाना हो एलोवेरा बेहतर तरीके से अपना काम करती है। एलोवेरा जांघो के कालेपन को दूर करने काम करता है। इसकी पौष्टिकता और एंटीऑक्सीडेंट गुण आपकी त्वचा की मरम्मत और त्वचा के कायाकल्प को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं।

यह हाइपरप्लगमेंटेशन को भी कम कर सकता है तथा डार्क स्किन के पैच को मिटाने का काम कर सकता है।इसलिए आप अपने जांघों पर इसके जेल को 5 से 10 मिनट के लिए क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में रगड़ें। सूख जाने के बाद इसे पानी से धोयें।

जांघो का कालापन हटाए पपीता
पपीता सेहत के लिहाज से जितना फायदेमंद है उतना ही त्वचा की चमक के लिए भी सही है। पुराने समय से इसे बतौर ब्यूटी-प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जाता रहा है। पपीता त्वचा से अशुद्धताओं को दूर करने में मदद करता है और उसे साफ करता है। पपीता का पेस्ट न केवल जांघो के कालेपन को दूर करता है बल्कि उसे सुंदर भी बनाता है। इसके लिए आपको पपीता लेकर जांघों पर नियमित रूप से लगाना होगा। आप त्वचा को रोशन करने के लिए नरम ब्रश का उपयोग कर सकते हैं।
जांघो के कालेपन से मुक्ति दे दही
दही हमेशा से एक असरदार घरेलू उपचार रही है। सुन्दरता में चार चांद लगाने के लिए लोग इसका हर तरीके से इस्तेमाल करते हैं जांघो के कालेपन से मुक्ति पाना है, तो आपको दही लगाना चाहिए।

जांघो के कालेपन के लिए असरदार है नींबू
जांघो के कालेपन को दूर करने के लिए नींबू असरदार है। स्वास्थ्य से सम्बंधित उपाय हों या त्वचा और सौंदर्य से संबंधित उपाय नींबू अपनी अम्लीय संरचना के कारण एक बेजोड़ औषधि है। नींबू का रस व्यापक रूप से त्वचा पर मृत कोशिकाओं को साफ करने और अन्य दोष हटाने के लिए उपयोग किया जाता है।

जांघो के कालेपन को दूर करने के लिए पानी के साथ नींबू के रस को मिलाइए और 5 मिनट के लिए इसे जांघो पर लगाइए तथा पानी से धो लीजिए। बहुत जल्द फायदा मिलेगा। इस बात का ध्यान दीजिए कि आप नींबू को सीधे त्वचा पर न लगाए। इससे त्वचा लाल हो सकती है।

जांघो के कालेपन को भगाए शहद
प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में काम करने वाला शहद आपकी त्वचा को जवान रखता है और सूजन को कम करता है। यह न केवल बैक्टीरिया को मारता है बल्कि मुंहासों को कम करता है, यह आपकी त्वचा को पोषण देने का काम करता है। बॉडी स्कर्ब के रूप में इसे लगाने से त्वचा में चमक आती है। यह त्वचा में अंदर से नमी लाता है और उसे मुलायम बनाता है। जांघो के कालेपन को भगाने के लिए आप इसे पांच मिनट तक रकड़े और आंधे घंटे बाद धो लें।

जांघो के कालेपन को हटाने के लिए लाभकारी है खीरा
खीरा में मॉइस्चराइजिंग और त्वचा-चमकाने वाले गुण हैं। खीरा सौंदर्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे विटामिन के, सी और मैंगनीज और बीटा-कैरोटीन बालों और त्वचा को सेहतमंद रखने में बहुत कारगर होते हैं।

जांघों पर रोज़ाना 10 मिनट के लिए खीरे के स्लाइस को रगड़ें। इससे कालापन दूर हो सकता है। इसे और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए आप खीरे के स्लाइस पर नींबू की दो बूंदे डाले और रगड़ें, आपको लाभ मिलेगा।

सोमवार, 24 अप्रैल 2017

पपीते और नीबू का सेवन आपको बचाएगा इन बीमारियों से

पपीते और नीबू का सेवन आपको बचाएगा इन बीमारियों से


पपीता हमारी सेहत के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता हैं, यह तो आप सभी जानते हैं, यह हमारे पेट के लिए बहुत ज्यादा मुफीद हैं यह कब्ज़ के लिए सबसे अच्चा इलाज माना जाता हैं, पपीता जितना हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद हैं उससे कही ज़यादा यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता हैं, अगर आप पपीते में नीबू मिला कर खायेंगे तो यह आपको दोगुना फायदा देगा, नीबू भी हमारी त्वचा वा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं.

विटामिन ए, बी और सी तथा फाइबर से भरपूर पपीता और नींबू पेट, आंख और त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटैशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, काबरेहाइड्रेट, प्रोटीन, सोडियम तथा अन्य खनिज-लवण भी मौजूद रहते हैं, जो स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक होते हैं.

पपीते को नीबू के साथ सेवन करने पर यह होंगे फायदे:

कब्ज की शिकायत दूर होती है:
सभी जानते है कि पपीते का सेवन पेट के लिए अच्छा होता है, पपीते के छोटे-छोटे टुकड़े करके काली मिर्च का चूर्ण, सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से भोजन के प्रति अरुचि की शिकायत दूर होती है और भोजन अच्छे से हजम हो जाता है. पपीते में पपाइन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो आहार को पचाने में अत्यंत मददगार साबित होता है, इसके सेवन करने से मंदाग्नि की शिकायत दूर होती है इसमें दस्त और पेशाब के रोगों को दूर करने में भी कारगर साबित होती हैं.

लीवर सिरोसिस से बचाव:
पपीते और नींबू रस लीवर सिरोसिस के लिए काफी लाभदायक घरेलू उपाय है, पपीता लीवर को काफी मज़बूती प्रदान करता है और नींबू लीवर को पित्त के उत्पादन में सहायता करता है और शरीर से गन्दगी को बाहर निकालता हैं, इसलिए हर रोज दो चम्मच पपीता के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं, इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाने के लिए इस मिश्रण का सेवन तीन से चार सप्ताहों के लिए करें, अगर आपकी यह समस्या गंभीर हैं तो बेहतर हैं आप डॉक्टर से परामर्श कराए, लेकिन लीवर को दुरुस्त रखने के लिए आपको चाहिए की आप पपीते का सेवन नियमित रूप से करे.

कैंसर से बचाव:
पपीते के गुण से आप कैंसर जैसी बिमारी से भी बाख सकते हैं इसके  सेवन से कोलन कैंसर, प्रोस्‍टेट कैंसर और ब्‍लड कैंसर आदि की कैंसर कोशिकाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

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आंखों के लिए फायदेमंद:
नींबू और पपीते में मौजूद गुण विटामिन ए आंखों की कमजोरी को दूर करता है, पपीते में कैल्श्यिम, कैरोटीन के साथ विटामिन ए विटामिन बी, और सी, डी की की भरपूर मात्रा होती है.

यह आंखों की दिक्कतों को खत्म करती है, इसके सेवन से रतौंधी रोग दूर होता है और आंखों की रौशनी भी बढती हैं आँखों की द्रष्टि अच्छी बनाएं रखने के लिए इसका सेवन जरूर करे, जिन बच्‍चों को कम उम्र में ही चश्‍मा लग जाता है उनके लिए यह बेहद लाभकारी होता है. इसके अलावा विटामिन ए भी उम्र से संबंधित धब्बेदार पतन के विकास को रोकता है और आँखों के लिए स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है.

वजन घटाने मे कारगर:
अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं और अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो आपको चाहिए की आप नियमित रुप से सुबह खाली पेट पपीते और नींबू के रस का सेवन करें, नींबू और पपीते में पेक्टिन फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो भूख की प्रबल इच्छा से लड़ने में मदद करता है और आप एक लंबे समय के लिए भूख को महसूस नहीं होने देता हैं

पेट को भरा भरा महसूस करवाने के साथ यह आंतों के कार्यों को ठीक रखता है जिसके फलस्‍वरूप वजन घटाना आसान हो जाता है इससे आपका मेटाबोलिज्म अच्चा रहता हैं और इससे वज़न भी घटता हैं इसके बाद अपना वजन चेक करें उसमें निश्चित ही कमी दिखेगी.इसके सेवन से कमर की चर्बी कम होती है, और इसके साथ ही अगर आप एक्सरसाइज और योग का सहर लेंगे तो आपका वज़न निश्चित रूप से सही होगा.

दिल रखें सुरक्षित:
नींबू और पपीता फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को कम करता है, अगर आप कोलेस्ट्रोल की समस्या से पीड़ित अहिं तो आपको इसका सेवन करना चाहिए.

अधिक कोलेस्ट्रॉल का निर्माण धमनियों को ब्लॉक कर सकता है और दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है इसीलिए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण में रखना बहुत ज्यादा ज़रूरी होता हैं,  नींबू का सेवन नसों में निरन्तर रक्त संचार को बेहतर बनाता हैं और दिल के दौरे और अटैक को रोकने में सक्षम है.

ब्लडप्रेशर रखे नियंत्रित:
नींबू में पोटाशियम भी होता है जो ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और ब्रेन एवं नर्व सिस्टम को दुरूस्त करता है, पपीता में भी ब्लडप्रेशर ठीक करने प्राकृतिक गुण छिपे हुयें है. इन दोनों के सेवन से कुछ समय के लिए उसका शरीर रिलैक्‍स हो जाता है क्‍योंकि उसके शरीर से तनाव दूर करने वाले हारमोन्‍स की मात्रा बढ़ जाती. इनमे मौजूद कई पोषक तत्व शरीर को मौसम बदलने के साथ होने वाले संक्रमणों से दूर रखने में मदद रखता हैं, इस प्रकार अगर आप बलोद प्रेशर के शिकार हैं तो आपको इसका सेवन करना चाहिए.

शुक्रवार, 22 दिसंबर 2017

जानिये पपीता और नींबू का एक साथ सेवन करने से होते है ये फायदे

जानिये पपीता और नींबू का एक साथ सेवन करने से होते है ये फायदे


विटामिन A, B और C तथा फाइबर से भरपूर पपीता और नींबू पेट, आंख और त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटैशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, काबरेहाइड्रेट, प्रोटीन, सोडियम तथा अन्य खनिज-लवण भी मौजूद रहते हैं, जो स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक होते हैं।

कब्ज की शिकायत दूर होती है: आपको बता दे कि पपीते का सेवन पेट के लिए अच्छा होता है। पपीते के छोटे-छोटे टुकड़े करके काली मिर्च का चूर्ण, सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से भोजन के प्रति अरुचि की शिकायत दूर होती है और भोजन सरलता से हजम हो जाता है।इसमे पपाइन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो आहार को पचाने में अत्यंत मददगार साबित होता है। इसके सेवन करने से मंदाग्नि की शिकायत दूर होती है। इसमें दस्त और पेशाब की समस्या को दूर करने का गुण है।
लीवर, सिरोसिस और कैंसर से बचाव: पपीते और नींबू रस लीवर सिरोसिस के लिए काफी लाभदायक घरेलू उपाय है। पपीता लीवर को काफी मज़बूती प्रदान करता है और नींबू लीवर को पित्त(बाइल) के उत्पादन में सहायता करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ को निकालने में भी मदद करता है। इसलिए हर रोज दो चम्मच पपीता के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं।
इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाने के लिए इस मिश्रण का सेवन तीन से चार सप्ताहों के लिए करें। इसके सेवन से कोलन कैंसर, प्रोस्‍टेट कैंसर और ब्‍लड कैंसर आदि की कैंसर कोशिकाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

आंखों के लिए फायदेमंद: नींबू और पपीते में मौजूद विटामिन ए आंखों की कमजोरी को दूर करता है। पपीते में कैल्श्यिम, कैरोटीन के साथ विटामिन ए विटामिन बी, और सी, डी की की भरपूर मात्रा होती है। जो आंखों की दिक्कतों को खत्म करती है।इसके सेवन से रतौंधी रोग का निवारण होता है और आंखों की ज्योति बढ़ती है।आंखों की दृष्टि अच्‍छी बनाएं रखने के लिए इसका सेवन जरूर करे। जिन बच्‍चों को कम उम्र में ही चश्‍मा लग जाता है उनके लिए यह बेहद लाभकारी होता है।इसके अलावा विटामिन ए भी उम्र से संबंधित धब्बेदार पतन के विकास को रोकता है और आँखों के लिए स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है।
वजन घटाने मे कारगर: नियमित रुप से सुबह खाली पेट पपीते और नींबू के रस का सेवन करें।नींबू और पपीते में पेक्टिन फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो भूख की प्रबल इच्छा से लड़ने में मदद करता है और आप एक लंबे समय के लिए तृप्त महसूस करते है। पेट को भरा भरा महसूस करवाने के साथ यह आंतों के कार्यों को ठीक रखता है जिसके फलस्‍वरूप वजन घटाना आसान हो जाता है। इसके बाद अपना वजन चेक करें उसमें निश्चित ही कमी दिखेगी। इसके सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।

दिल औऱ ब्लडप्रेशर रखें सुरक्षित: नींबू और पपीता फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के निर्माण को कम करता है। बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल का निर्माण धमनियों को ब्लॉक कर सकता है और दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है। नींबू का सेवन नसों में निरन्तर रक्त संचार सुचारू करने में सक्षम है। और दिल दौरे और अटैक को रोकने में सक्षम है।

नींबू में पोटाशियम भी होता है जो ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और ब्रेन एवं नर्व सिस्टम को दुरूस्त करता है। पपीता में भी ब्लडप्रेशर ठीक करने प्राकृतिक गुण छिपे हुयें है। इन दोनों के सेवन से कुछ समय के लिए उसका शरीर रिलैक्‍स हो जाता है क्‍योंकि उसके शरीर से तनाव दूर करने वाले हारमोन्‍स की मात्रा बढ़ जाती है। इनमे मौजूद कई पोषक तत्व शरीर को मौसम बदलने के साथ होने वाले संक्रमणों से दूर रखने में मदद रखता हैं।

गुरुवार, 18 अगस्त 2016

कच्चे पपीते से ऐसे पाएं अनचाहे बालों से परमानेंट छुटकारा

कच्चे पपीते से ऐसे पाएं अनचाहे बालों से परमानेंट छुटकारा


शरीर पर अनचाहे बाल देखने में काफी भद्दे लगते हैं और इनसे छुटकारा पाना भी मुश्किल होता है। हर महीने इन्हें साफ़ करने के लिए वैक्स या शेव करना आपके लिए बोझिल और दर्दनाक हो सकता है। खैर, हम आपको एक नेचुरल उपाय बता रहे हैं जिसके ज़रिए आप अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकते हैं। इतना ही नहीं इस उपाय से अनचाहे बालों को दोबारा उगने से भी रोका जा सकता है। ये उपाय है कच्चा पपीता।
  • कच्चे पपीते से ऐसे पाएं अनचाहे बालों से परमानेंट छुटकारा
  • कच्चा पपीता ही क्यों
  • कच्चे पपीते में एक शक्तिशाली एंजाइम होता है, जिसे पैपिन (papin) के नाम से जाना जाता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ फार्मसूटिक्स
  • प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पैपिन बालों के रोम को कमजोर कर और उन्हें दोबारा से बढ़ने से रोककर आपको अनचाहे बालों से छुटकारा दिलाने में सहायक है। इस मामले में कच्चा पपीता बाज़ार में उपलब्ध अन्य क्रीम से ज्यादा प्रभावी है। आपको बता दें कि कच्चे पपीते में पके हुए पपीते की तुलना में पैपिन की मात्रा अधिक होती है।
कच्चा पपीता और हल्दी पैक
हल्दी भी अनचाहे बालों से छुटकारा दिलाने में सहायक है और एंटीबैक्टरियल प्रभाव के कारण ये इन्फेक्शन से भी बचाती है।

 ऐसे बनाए ये पैक:
  • कच्चे पपीते के कुछ टुकड़े लें और इन्हें कुचलकर पेस्ट बना लें।
  • इसमें एक चुटकी हल्दी मिलाएं।
  • इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगायें और सूखने तक लगा रहने दें।
  • सूखने पर अच्छी तरह से रगड़ लें।
  • रगड़ने से अनचाहे बाल हट जाएंगे।
  • ऐसा हफ्ते में एक बार करें।
  • पपीता, बेसन, हल्दी और एलोवेरा पैक
इन तीनों चीजों से अनचाहे बालों से छुटकारा मिलता है। एलोवेरा और बेसन से स्किन पर चमक भी आती है। ऐसे बनाएं ये पैक:
  • कच्चे पपीते के कुछ टुकड़े लेकर उन्हें ऐलोवेरा के गुदे के साथ पीस लें।
  • इसमें थोड़ी हल्दी और बेसन मिलाएं।
  • इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगायें और सूखने दें।
  • सूखने पर बालों के विकास की विपरीत दिशा में रगडें।
  • इसे रोजाना लगाने पर दोबारा अनचाहे बाल नहीं उगेंगे।
इस बात का रखें ध्यान
इन पैक का इस्तेमाल करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपको इनमें शामिल किसी चीज से एलर्जी तो नहीं है। बेहतर परिणाम के लिए नेचुरल उपाय का इस्तेमाल नियमित रूप से ज़रूरी है। इसलिए तत्काल परिणाम की इच्छा न रखें।

रविवार, 27 नवंबर 2016

खाएं ये फल, दूर होगी पेट के रोगों की समस्या

खाएं ये फल, दूर होगी पेट के रोगों की समस्या


आए दिन पेट की समस्या से हर कोई दो चार होता है। आयुर्वेद की माने तो पेट का रोग शरीर के हर रोग का प्रमुख कारण होता है। इसी से ही कई रोग जन्म लेते हैं। पेट में गैस बनना, बार-बार डकार आना, पेट में एसिड बनना, अल्सपर होना, अपच होना, डायरिया या लूज मोशन होना ये सब पेट के ऐसे रोग हैं जिनका सामना आपसे होता है। इसके पीछे की मुख्य वजह खाना ठीक से न पचना माना गया है।

अगर आप इन समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खान-पान में बदलाव लाइए। उन चीजों को खाना बिलकुल ही कम या बंद कर दीजिए जो आपके पेट के रोगों का कारण है। जैसे, वसा वाले भोजन, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड आदि। अगर आप पेट की समस्या से रोज परेशान रहते हैं तो इन चीजों से दूरी बनाकर रखनी होगी। आप पानी पीने का समय निर्धारित कीजिए। कभी भी पानी खाना खाते समय मत पीजिए। पानी खाना खाने के एक या आधे घंटे बाद पीजिए। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे फल जिसका सेवन करके आप अपने पेट को हमेशा स्वस्थ्य रख सकते हैं।

केला का सेवन 

केले में बहुत सारे गुण पाए जाते हैं। यह न केवल आपको शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है बल्कि इसमें पेट के जलन को खत्म करने की भी क्षमता है। यह पर्याप्त रूप से एंटेसिड होने के कारण पेट में जलन की स्थिति से निजात दिलाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा यह पाचन क्रिया को दुरूस्ति बनाता है क्यों कि यह आसानी से पच जाता है। इसलिए यदि आपके पेट में गड़बड़ी है तो केला खाएं।

पपीता का सेवन 

विटामिन ए, बी और सी तथा फाइबर से भरपूर पपीता पेट के लिए सबसे बड़ा वरदान माना गया है। रोजाना भोजन के बाद पपीता खाने से कब्ज का निवारण होता है। पपीता को गुणों की खान कहा गया है। इससे पेट तो दुरुस्त रहता ही है साथ ही आंख और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

संतरा का सेवन 

विटामिन सी से भरपूर संतरा अपने गुणों और स्वाद की वजह से हर किसी के लिए एक पसंदीदा फल है। यह नींबू, नारंगी और मौसमी की जाति का फल है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है। यह आपके पेट को स्वस्थ्य और शरीर को उर्जा से युक्तक बना देता है।

नींबू का सेवन 

जिस तरह संतरा खाना पेट के लिए लाभदायक है उसी तरह नींबू को भी पेट के रोगियों के लिए एक रामबाण के रूप में देखा जाता है। आपको बता दें नींबू पानी को पीने से हाजमा दुरूस्ता रहता है। इसे पीने से पाचन क्रिया भी अच्छीन हो जाती है। गर्मियों में लोग नींबू पानी पीकर प्यास बुझाते हैं तो वहीं दूसरी तरफ इसके जरिए शरीर के विषाक्त पदार्थ को भी बाहर निकालते हैं।

शनिवार, 27 मई 2017

क्या आप जानते है कच्चे पपीते के इन गुणकारी फायदों को जो सेहत के लिए है उपयोगी

क्या आप जानते है कच्चे पपीते के इन गुणकारी फायदों को जो सेहत के लिए है उपयोगी


आपने पपीते को कई रुपो मे इस्तेमाल किया है यह हमारे सौदर्य के साथ-साथ हमारी सेहत मे भी बहुत फायदेमंद साबित होता है इसके इस्तेमाल से ना सिर्फ हमारे सौदर्य मे निखार आता है बल्कि यह हमारी सेहत मे भी बहुत फायदा करता है । हम पपीते को खाने के कई रुपों मे इस्तेमाल करते है जैसे शेक के रुप मे जूस के रुप मे खाने के रुप मे आप पके हुए पपीते का इस्तेमाल करते है । पर क्या आपको पता है कि यह पके हुए पपीतो के साथ-साथ कच्चे पपीते भी हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है आप पके हुए पपीते का इस्तेमाल अधिक रुप से करते हो यह आपकी सेहत के लिए तो फायदेमंद होता ही है।  पर क्या आप कच्चे पपीते के इन गुणकारी फायदो के बारे मे जानते है। 

हमारे शरीर के लिए कच्चे पपीता का प्रयोग हम सब्जी बनाने के इस्तेमाल करते है जो हमारे शरीर को बहुत ही फायदा करती है आप कच्चे पपीते की सब्जी नियमित सब्जी खाएंगे तो आपको पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलेगा और आपका शरीर दुरुस्त रहेगा।

तो चलिए जानते है कि कच्चे पपीते के इन गुणकारी फायदों के बारे मे

  • कच्चे पपीते में पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी, ई और बी प्रचूर मात्रा में होता है।
  • कच्चे पपीते डायबीटिज की बीमारी में उपयोगी होते है।
  • यदि घर में कोई मधुमेह के रोग से ग्रसित है तो उस इंसान को कच्चे पपीते का सेवन कराएं डायबिटीज के रोगी को कच्चे पपीते के रस का सेवन भी नियमित करना चाहिए। कच्चे पपीते का रस ब्लड शूगर लेवल के स्तर को कम करता है जिससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है।
  • कब्ज की बीमारी से बचाने मे उपयोगी होता है। कच्चे पपीते मे फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो कब्ज से आपको बचाने मे उपयोगी होता है। कच्चे पपीते में मौजूद एंजाइम पेट में गैस को बनने से रोक देते हैं और शरीर से विषैले तत्वों को बाहार निकाल देते हैं साथ ही साथ हमारे पाचन को भी सुधारने मे बहुत उपयोगी होते है।
  • विटामिन की कमी को पूरा करने मे उपयोगी होते है। शरीर में विटामिन्स की कमी की वजह से कई तरह से कमजोरी आ सकती है। यदि आपके शरीर मे किसी भी तरह के विटामिन की कमी हो गई हो तो कच्चे पपीते के इस्तेमाल से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
  • वजन घटाने मे उपयोगी होता है। अगर आपको वजन सबंधी कोई दिक्कत है और आपका वजन जरुरत से  ज्यादा हो गया है और उसे कम नही कर पा रहे है तो आप कच्चे पपीते का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए आप खाने मे कच्चे पपीते का इस्तेमाल करे इसके इस्तेमाल से आपका वजन तेजी से घटेगा इसमे मौजूद सक्रिय एंजाइम वजन को घटाने मे उपयोगी होगें
  • मां के दूध के लिए है उपयोगी कच्चा पपीता स्तनपान कराने वाली मां के दूध के लिए उपयोगी होता है। अक्सर स्तनपान कराने वाली माता अपने शिशु को दूध न आने की वजह से ठीक तरह से नही पिला पाती है । जिसकी वजह से बच्चे को पूरा पोषण नही मिल पाता है। ऐसे मे जरुरी है कि स्तनपान कराने वाली मां को कच्चे पपीते का सेवन अवश्य करना चाहिए। जिससे वह अपने शिशु को ठीक तरह से दूध पिला सके। यह स्तनपान कराने वाली मां के शरीर मे दूध की मात्रा को बढ़ाता है।
  • इम्यून सिस्टम की बढ़ाता है ताकत कच्चे पपीते में हर तरह के विटामिन्स  होते हैं जो शरीर के इम्यून तंत्र को ताकत देते हैं। यही नहीं यदि आप कच्चा पपीता खाते हैं तो इससे आपको सर्दी व जुकाम कभी प्रभावित नही करेगा।
  • मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द मे है उपयोगी कच्चे पपीता का सेवन करने से महिलाओं के शरीर में ऑक्सीटोसिन और प्रोस्टाग्लैंडीन का स्तर बढ़ता है। जो गर्भाशय में संकुचन लाती है और मासिक धर्म के दर्द को भी कम करने मे उपयोगी होता है।

रविवार, 5 फ़रवरी 2017

यदि गठिया की बीमारी से है परेशान, तो कच्चे पपीते का सेवन कर इस बीमारी से पाए राहत !

यदि गठिया की बीमारी से है परेशान, तो कच्चे पपीते का सेवन कर इस बीमारी से पाए राहत !


वैसे तो हर फल ही गुणों से भरपूर होता है, पर बहुत कम लोग जानते है, कि पपीता भी हमारे लिए एक फायदेमंद फल है. जी हां आपको जान कर हैरानी होगी कि, पपीता बहुत सी चीज़ों के काम भी आता है. अभी तक तो आप पपीते को केवल एक फल की तरह ही खाते होंगे, क्यूंकि आपको पता ही नहीं होगा कि यह स्वास्थ के लिए कितना फायदेमंद है.

अब यदि आपके पैर की उंगलियों, घुटनों और एडी में दर्द हो, तो समझिये कि आपके खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ गई है . दरअसल जब यूरिक एसिड क्रिस्‍टल के रूप में हमारे हाथ और पैरों के जोड़ों में जम जाता है, तो उसे गाउट की बीमारी बोलते हैं. इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि कैसे कच्चा पपीता आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद है और कैसे ये आपको कई बीमारियों से मुक्त रखता है .

गौरतलब है, कि अगर गाउट की समस्‍या को अनदेखा कर दिया जाये, तो समझ लीजिये कि आपका उठना बैठना तक मुश्‍किल हो जाएगा. पर आप इस रोग से निजात पा सकते है. जी हां हम आपको बता दे कि एक ड्रिंक जो कच्‍चे पपीते और पानी से तैयार की जाती है और जिसको दिन भर पीने से गाउट के दर्द से धीरे धीरे आराम भी मिलता है . इसके इलावा इस ड्रिंक को बनाना भी बहुत आसान है . तो चलिए हम आपको बताते है, कि इसे बनाने की विधि कितनी आसान है .

1. इस विधि में सबसे पहले 2 लीटर साफ पानी ले कर उबाल लीजिये .

2.फिर एक मध्‍यम साइज का कच्‍चा पपीता ले कर उसे अच्छी तरह से धो लीजिये .

3. साथ ही पपीते के अंदर से बीज निकाल कर उसके यानि पपीते के छोटे छोटे टुकडे़ भी कर लें .

4. इसके बाद पपीते के इन टुकड़ों को उबलते पानी में डाल कर 5 मिनट तक उबालें.

5. फिर इसमें 2 चम्‍मच ग्रीन टी की पत्‍तियां डालें और कुछ और समय तक उबलने दे .

6. अब अंत में पानी को छान कर ठंडा कर लीजिये और दिन भर में इसे पीते रहिये . इससे आपको यक़ीनन फायदा होगा .

बुधवार, 29 नवंबर 2017

केवल चार दिन पपीते के बीज खाइए, बीमारियों को दूर भगाइए

केवल चार दिन पपीते के बीज खाइए, बीमारियों को दूर भगाइए


पपीता तो एक शानदार फल है ही और इसके गुणों से आप सब बहुत अच्छी तरह से परिचित भी हो । इस लेख में हम आपको बता रहे हैं भोपाल की रहने वाली श्रीमति ज्योति श्रीवास्तव का एक खास अनुभव जो उन्होने पपीते के बीज खाने के बाद महसूस हुआ । उन्होने पपीते के बीजों से मिलने वाले कुछ लाभों का वर्णन हमारे पास इस आग्रह से भेजा कि हम इसको आप सबके पास तक पहुँचायें । चलिये जानते हैं उनके अनुभव के बारे में ।

पपीते के बीज सेवन करने का तरीका :-

पके पपीते का फल काटकर उसमें मौजूद बीजों को थोड़ी देर के लिये पानी में डाल दें ऐसा करने से उसमें लगी झिल्ली फूल जायेगी । फिर इस झिल्ली को हाथों से मसलकर छुटा दें । फिर इन बीजों को तेज धूप में कड़क होने तक पूरी तरह सए सुखा लें । सूखने पर ये बीज काली मिर्च जैसे नजर आयेंगे । अब इन बीजों को मिक्सी में चलाकर बारीक पाउडर तैयार कर लें । यह पाउडर ही आपको सेवन करना है । रोज सुबह और शाम के समय 3-5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करना है । आगे हम बात करते हैं कि पपीते के बीज के इस चूर्ण के सेवन से क्या क्या लाभ प्राप्त होते हैं ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है डाइबिटीज में :-
पपीते के बीजों का लाभ मधुमेह के रोगियों के लिये इन्सुलिन सरीखा होता है । पपीते के बीजों के द्वारा शुगर के लेवल को नियन्त्रित किया जा सकता है । कुछ रिसर्च के अनुसार यदि रोज पपीते के बीजों का सेवन किया जाये तो इससे मधुमेह के रोग की सम्भावनाओं को काफी कम किया जा सकता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है फोड़े फुन्सी और एलर्जी में :-
त्वचा पर होने वाले अधिकतर रोगों में पपीते के बीजों का चूर्ण समाधान के लिये बहुत ही लाभकारी होता है। यदि इस पाउडर को पपीते के गूदे के साथ मिलाकर त्वचा पर लेप किया जाये और सेवन भी किया जाये तो यह त्वचा विकारों को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है । इसके इस तरह से प्रयोग करने से स्किन के रोग जल्दी ठीक होते हैं और पपीते के गूदे के साथ मिलाकर लगाने से फोड़े-फुन्सी के दाग भी नही रहते हैं । इस तरह से यह फोड़े फुन्सी और दाग मिटाने में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है ।
पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है आँखों की रोशनी के लिये :-
पपीते में विटामिन ए, प्रोटीन, प्रोटियोलिटिक एंजाइम पाये जाते हैं और इसके यही गुण इसके बीजों में भी मौजूद रहते हैं । चिकित्सक आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिये पपीते के सेवन की सलाह देते हैं । यदि पपीते के बीज का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गाय के दूध के साथ सेवन किया जाये तो यह आँखों की माँसपेशियों को मजबूती देकर रोशनी बढ़ाने का काम करता है । यही कारण है कि आँखों के कमजोर हो जाने की समस्या हो जाने पर पपीते के बीजों को उपयोगी माना जाता है ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है गुर्दे की पथरी में :-
गुर्दे में पथरी हो जाये तो पपीते के बीजों का चूर्ण रोज सुबह और शाम के समय गुनगुने पानी में चौथाई ग्राम खाने का सोडा मिलाकर उसके साथ सेवन करना चाहिये । पपीते का बीज पथरी को फोड़ने का काम करता है और पानी में मिला हुआ खाने वाला सोडा पेशाब आने की मात्रा को बढ़ाता है जिससे पथरी टूटकर जल्दी ही पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है । यदि आपके साथ भी मूत्र मार्ग की पथरी की समस्या हो तो एक बार 4-5 दिन के लिये इस प्रयोग को जरूर आजमायें । इसके साथ ही पथरी के रोग में उचित परहेज का भी पालन करें ।

पपीते के बीज का चूर्ण लाभकारी है कैंसर से बचाव में :-
कुछ रिसर्च इस तरफ इशारा करती हैं कि पपीते के बीज का पाउडर सेवन करने से कैन्सर के रोगियों को प्रारम्भिक अवस्था में लाभ होता है । कैन्सर के रोग में पपीते के बीजों को साबुत ही निगला जा सकता है अथवा चबाकर खाया जा सकता है और पाउडर बनाकर भी सेवन किया जा सकता है ।

पपीते के बीज के पाउडर से मिलने वाले स्वास्थय लाभों की जानकारी वाला यह लेख आपको अच्छा और लाभकारी लगा हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँचती है और हमको भी आपके लिये और बेहतर लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है । इस लेख के समबन्ध में आपके कुछ सुझाव हों तो कृपया कमेण्ट के माध्यम से हमको जरूर सूचित करें ।

गुरुवार, 21 सितंबर 2017

पपीता खाने के इन साइड इफेक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप, ज्यादा सेवन से हो सकता है पीलिया

पपीता खाने के इन साइड इफेक्ट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप, ज्यादा सेवन से हो सकता है पीलिया


तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर पपीते का सेवन कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाने में काफी फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी का भंडार होता है। इसे कच्चा और पके हुए दोनों रूपों में खाया जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने, वजन घटाने में, इम्यूनिटी और आंखों की रोशनी बढ़ाने में इसके काफी फायदे होते हैं। इन सबके अलावा पपीता खाने के कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। कई बार पपीते का सेवन हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह भी होता है। आज हम आपको पपीते के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं।

पीलिया होने की संभावना – पपीते में पाए जाने वाले पपाइन और बीटा कैरोटीन नामक पदार्थ की वजह से शरीर में पीलिया और अस्‍थमा जैसी खतरनाक बीमारियों की संभावना काफी बढ़ जाती है। पपीते में इन दोनों पदार्थों की काफी मात्रा पाई जाती है।

गर्भपात की संभावना – कच्चे पपीते की वजह से गर्भपात के बारे सब जानते हैं। कच्‍चे पपीते में मौजूद लैटेक्‍स नाम के तत्व की वजह से गर्भाशय के सिकुड़ने की संभावना बनी रहती है, जिसके कारण गर्भपात या फिर समय से पहले प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। यदि कच्‍चा पपीता प्रेगनेंसी के अंतिम चरण में खाया जाए तो लेबर पेन का भी खतरा रहता है।

किडनी में पथरी – यूं तो पपीते के सेवन से कैंसर, हाइपरटेंशन, ब्‍लड वेसेल डिस्‍ऑर्डर से सुरक्षा मिलती है लेकिन एक अध्‍ययन में यह बात भी सामने आई है कि पपीते के अत्‍यधिक सेवन से किडनी में पथरी की समस्‍या पैदा हो सकती है। पपीते में बहुतायत मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन सी इसके लिए जिम्मेदार है।

स्किन को नुकसान – अधिक मात्रा में पपीते का सेवन करने की वजह से स्किन के रंग में पीलापन दिख आ जाता है। इसमें मौजूद बीटा केरोटीन त्वचा के रंग को प्रभावित करता है।

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बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

चिकनगुनिया से बचने के असरदार घरेलू और देशी उपचार

चिकनगुनिया से बचने के असरदार घरेलू और देशी उपचार

चिकनगुनिया के घरेलू उपचार –

1. बुखार आते ही ब्लड चेक करा लो


आपको जिस दिन बुखार आये, आप उसी दिन सबसे पहले तो अपना ब्लड चेक कराने जाएँ. अभी समस्या यह है कि एक ही साथ तीन तरह के बुखार अपना प्रकोप फैलाये हुए हैं. एक तरफ चिकनगुनिया है तो दूसरी तरफ डेंगू और वायरल समस्या है. तो बेहतर यही है कि आप जल्द से जल्द अपने ब्लड की जाँच करा लें.

2. साफ़ और गुनगुना पानी है रामबाण

पानी हर तरह के बुखार में इंसान की जान बचा लेता है. आपको अगर बुखार हुआ है तो आप पानी की मात्रा खुद से बढ़ा दें. साफ़ और गुनगुना पानी शुरूआती चिकनगुनिया को खुद से रोक सकता है. बस पानी साफ़ हो इस बात का ध्यान आपको रखना होगा.

3. बुखार होते ही नीम का ईलाज

वैसे चिकनगुनिया कोई बड़ी खतरनाक चीज नहीं है. चिकनगुनिया घातक तभी है जब आप इसकी तरफ ध्यान नहीं देते हैं. किसी को अगर यह बुखार हो भी जाये तो वह नीम के पत्ते ले और कुछ 1 लीटर पानी के अंदर यह पत्ते डालने के बाद इसको अच्छे से गर्म करे. जब पानी रंग बदल दे तब इसको वह व्यक्ति पीये जिसको चिकनगुनिया हो गया है. साथ ही डॉक्टर की दवायें भी आप लेते रहें.

4. पपीता और करेला खाते रहें

चिकनगुनिया होने पर व्यक्ति को पपीता और करेला खाते रहना चाहिए. करेला का जूस भी इस बुखार में लाभदायक होता है. आप पपीता जरूर खाते रहें.

5. सबसे बड़ी गलती जो करते हैं लोग

चिकनगुनिया के मरीज सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वह खाना नहीं खाते हैं. जबकि इस बुखार में कुछ ना कुछ तो इंसान को खाना ही चाहिए. आप यदि भूखे रहेंगे तो यह बुखार आपके ऊपर हावी हो जायेगा.

6. गिलोय का जूस पीते रहें

गिलोय एक बेल है जिसका रस पानी में मिलाकर पीने से काफी लाभ होता है. यह तो रामबाण ईलाज बताया गया है. गिलोय को तो इस मौसम में सभी इस्तेमाल करें तो बेहतर होगा.

7. गाजर और अंगूर को ज्यादा से ज्यादा खायें

चिकनगुनिया वाले व्यक्ति को गाजर और अंगूर खाना भी लाभदायक रहता है. आप पपीता और अंगूर दोनों के जूस को भी अलग-अलग पीते रहें.

सोमवार, 19 सितंबर 2016

करना है गठिया का दर्द छू मंतर तो कच्चे पपीते का करें सेवन

करना है गठिया का दर्द छू मंतर तो कच्चे पपीते का करें सेवन


पपीता बहुत ही फ़ायदेमंद फल होता है l पपीता बहुत सी चीज़ों के काम भी आता है l अभी तक आप पपीते को एक फल की तरह ही खाते होंगे क्यूंकि आपको पता ही नहीं होगा की स्वास्थ के लिए इसके क्या फायदे होते है l पैर की उंगलियों, घुटनों और एडी में दर्द होता है तो समझिये कि खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ गई है। जब यूरिक एसिड क्रिस्‍टल के रूप में हमारे हाथ और पैरों के जोड़ों में जम जाता है तो उसे गाउट की बीमारी बोलते हैं। आज हम आपको बताएंगे की कैसे कच्चा पपीता आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद है l

अगर गाउट की समस्‍या को अनदेखा कर दिया गया तो समझ लीजिये कि उठना बैठना मुश्‍किल हो जाएगा। हांलाकि एक ड्रिंक है जो कच्‍चे पपीते और पानी से तैयार की जाती है, जिसको दिनभर पीने से गाउट के दर्द में धीरे धीरे आराम मिल जाता है।

आइये जानते हैं इसे बनाने की विधि :

  1. 2 लीटर साफ पानी ले कर उबाल लें।
  2. एक मध्‍यम साइज का कच्‍चा पपीता ले कर उसे भली प्रकार से धो लें।
  3. पपीते के अंदर से बीज निकाल कर उसके छोटे छोटे टुकडे़ कर लें।
  4. इन पपीते के टुकड़ों को उबलते पानी में डाल कर 5 मिनट तक उबालें।
  5. फिर इसमें 2 चम्‍मच ग्रीन टी की पत्‍तियां डालें और कुछ और समय तक उबालें।
  6. अब पानी को छान कर ठंडा कर लें और दिन  में इसे पीते रहें। आपको फायदा जरुर होगा।


सोमवार, 22 अगस्त 2016

झाइयों के उपचार के लिए घर पर बनाये फेसपैक

झाइयों के उपचार के लिए घर पर बनाये फेसपैक

झाइयों से त्वचा पर पड़े गहरे व फीके दाग दूर से ही नजर आ जाते है। अत्याधिक धुप में जाने, उम्र और कुछ हार्मोनल असंतुलन जैसे मुख्य कारण है जिनकी वजह से हमारे सुन्दर से चेहरे को इन धब्बो का सामना करना पड़ता है। स्किनकेयर क्लीनिक और कुछ सैलूनस झाइयों को कई तरीको से जड़ से खत्म करने वादा करते है लेकिन अगर हम धब्बे को कम करने के लिए कुछ प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग करे तो यह त्वचा के लिए सबसे अच्छा हो सकता है। आप नीचे दिए कुछ फेसपैक का इस्तेमाल आपनी गोरी त्वचा से झाइयों के दाग मिटाने के लिए और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए कर सकते है।

1. मूंग की दाल और संतरे के छिलके का फेसपैक : 

मूंग की दाल और संतरे के छीलके का मेल झाइयों से निजात दिलाने के लिए सबसे प्रभावशाली मेल साबित हो सकता है। मूंग की दाल से त्वचा को बी 1, बी 5, बी 9 और बी-6 महत्वपूर्ण मात्रा में प्रदान कर सकते हैं जो त्वचा में रक्त संचार को बढ़ाने में आपकी मदद करते है। विटामिन बी एक एजेंट के रूप में कार्य कर आपकी त्वचा से झाइयों के निशान आसानी से मिटा सकता है। संतरे के छिलके में साइट्रिक अम्ल होता है जो आपकी त्वचा के दर्द मिटा उसे मुलायम करता है।

बनाने की विधि और उपयोग का तरीका : 

2 बड़े चम्मच मूंग दाल ले और उसमे थोडा पानी मिलाकर रात भर सूखने के लिए रख दे और सुबह उस मुंग को पीस कर पेस्ट बना ले। उसके बाद आप संतरे के छिलके को पीस कर पाउडर बना ले अब मूंग दाल के पेस्ट और संतरे के छिलके के बने पाउडर दोनों को मिला लें। दोनों के मिलाने के बाद उनके अन्दर शहद के 2 चम्मच और डाल दें। अब इस पेस्ट को चिकना करने के लिए उसमे धीर-धीरे दूध का मिश्रण करे। अब ये पेस्ट बन कर तैयार है इसे चेहरे पर लगा कर 20-25 मिनट तक सूखने दे उसके बाद हलके गुनगुने पानी से इसे धो ले।

सप्ताह में दो बार इस पैक को लगा कर आप झाइयों के असर को कम कर सकते है।

2. एवोकैडो युक्त फेसपैक : 

एवोकैडो झाइयों पर चमत्कारिक ढंग से काम करता है। विटामिन ई, फैटी एसिड और ओलिक एसिड से युक्त एवोकैडो झाइयों का उपचार कर आपकी त्वचा का कायाकल्प कर देता है।

एवोकैडो फेसपैक बनाने की विधि और उपयोग का तरीका :


एवोकैडो को मैश कर उसका एक पेस्ट बना ले। उसके पश्चात उसमे दूध के 2 बड़े चम्मच डाल कर इन्हे अच्छी तरह से मिलाएं। उसके बाद जब फेसपैक तैयार हो जाए तो इसे 25 मिनट के लिए आपने फेस पर ही लगा रहने दे उसके बाद इसे साफ़ पानी से धो ले।

अगर आप इस पैक का इस्तेमाल निरंतर करेंगी तो कुछ दिन बाद से ही आप को बहुत ही सार्थक परिणाम मिलेंगे। 

3. दही और ओटमील से बना पैक : 

दही में पाया जाने वाल लैक्टिक एसिड सबसे मुश्किल भूरे रंग के झाइयों को बाड़ी आसानी से दूर कर सकता है और ओटमील में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह दुर्घटना में पड़े निशानों को भी कम कर सकता है इसलिए ये पैक आपकी झाइया मिटाने के साथ-साथ आपकी त्वचा में चमक लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

दही और ओटमील फेसपैक बनाने की विधि और  तरीका : 

4 बड़े चम्मच ओटमील और 2 बड़े चम्मच सादे दही का मिश्रण बना ले इसके अन्दर आप 2 चम्मच नींबू के रस का प्रयोग करे इन्हे अच्छी तरह से मिला ले। उसके बाद इस पैक के लगा कर आधे घंटे के लिए आप फ्री हो जाए,समय पूरा होते ही इसे अच्छी तरह से धो ले। अगर आप इस फेसपैक से अच्छे रिजल्ट की उम्मीद रखते तो आपको ये पैक एक महीने तक रोज प्रयोग में लाना होगा।

4. चंदन और गुलाब जल का फेसपैक : 

पुराने समय से ही चंदन ब्यूटी प्रोडक्ट्स का एक अहम अंग रहा है। जहा चंदन में रोगाणुरोधक गुण होने के कारण ये त्वचा के उपचार में हमारी मदद करता है वही गुलाब जल रुखी त्वचा और वातावरण में मौजूद कण से हमारी रक्षा करने के अलावा झाइयों पर भी असरदार साबित होता है।

चंदन और गुलाब जल फेसपैक बनाने की विधि और तरीका : 

चंदन पाउडर के 2 बड़े चम्मच के साथ 2 चम्मच गुलाब जल का मिश्रण बना लेवे उसके बाद उनके ऊपर से ग्लिसरीन डाल दे और अब पेस्ट तैयार कर ले। पेस्ट बनाने में आप नींबू के रस का प्रयोग भी कर सकते है। अब पेस्ट को चेहरे पर लगा कर सूखने के लिए छोड़ दें। पैक सूखने के बाद आप इसे गर्म पानी से धो ले।

झाइयां आसानी से नही जाती इसलिए हर दूसरे दिन इस पैक का प्रयोग करें।

5. पपीता का फेसपैक : 

पपीता काले धब्बे और झाइया मिटाने के साथ-साथ मृत कोशिकाओं से भी हमारी त्वचा को छुटकारा दिलाता है इसके अतिरिक्त आप इसका इस्तमाल चेहरे में कसाव लाने के लिए भी कर सकते है।

पपीता फेसपैक बनाने की विधि और उपयोग का तरीका : 

ताजे कच्चे पपीता का आधा हिस्सा पैक के लिए रख ले और कच्चे दूध के 4 बड़े चम्मच की सहायता से पेस्ट बना ले। चेहरे को धोने से पहले इस पैक को अपने फेस पर 20 मिनट तक रहने दे उसके बाद इस पेस्ट को चेहरे से हटाने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करे। 

सप्ताह में तीन बार इस्तेमाल से झाइयों के निशान खत्म हो जायेंगे। 

शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

मोतियाबिंद के लिए घरेलू नुस्ख़े

मोतियाबिंद के लिए घरेलू नुस्ख़े


जब आंखों की बात हो तो समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यदि आंखों की रोशनी एक बार चली गई तो दोबारा नहीं पाई जा सकती। मोतियाबिंद भी ऐसी ही गंभीर समस्या है, जिसमें आंखों के लेंस पर एक धब्बा आ जाता है। जिससे आप जो भी चीज देखते हैं वह आपको धुंधली नजर आती है और वहां आपको धब्बा जैसा नजर आता है।
यूं तो मोतियाबिंद को सर्जरी के द्वारा हटाया जा सकता है लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से भी मोतियाबिंद का इलाज संभव है। यदि शुरूआत में सचेत होकर यह अपनाए जाएं तो संभव है आपको सर्जरी या ऑपरेशन न करवाना पड़े।

मोतियाबिंद के लिए घरेलू नुस्ख़े

लहसुन 
लहसुन के असंख्य स्वास्थ्य लाभ हैं और यह आंखों के लिए भी समान रूप से लाभकारी है। लहसुन की दो से तीन कलियां रोजाना खाने से आंखों से एकदम साफ दिखाई देने लगेगा और कुछ ही दिनों में धब्बे की शिकायत दूर हो जाएगी।
पालक 
पालक खाने से मोतियाबिंद काफी हद तक ठीक हो जाता है। पालक में बीटा कैरोटीन ओर एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। पालक को रोजाना खाने से आंखों का मोतियाबिंद कुछ दिन में ही खत्म हो जाता है और आंखें पहले जैसी हो जाती हैं।
दूध और बादाम 
मोतियाबिंद से परेशान लोगों की आंखें ज्यादातर लाल रहती हैं और समस्या से निपटना और भी मुश्किल होता है। ऐसे में दूध और बादाम आंखों को लाभ देते हैं। उपचार के लिए बादाम को रात भर दूध में भिगाकर छोड़ दें। इस दूध को सुबह छानकर इसकी बूंदे आंखों में डालें और बादाम को चबा कर खा लें।
ग्रीन टी 
ग्रीन टी से आंखों की रोशनी तेज हो सकती है। ग्रीन टी सामान्य आंखों की समस्या में भी लाभकारी है। रोजाना तीन से चार बार ग्रीन टी पीने आंखों को स्वास्थ्य लाभ होता है। ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आंखों को नई ताजगी देते हैं।
कच्चा पपीता 
कच्चे पपीते में पपेन नाम का एंजाइम होता है जो कि प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है। मोतियाबिंद से परेशान लोगों को प्रोटीन को पचाने में दिक्कत आती है, ऐसे में कच्चा पपीता मोतियाबिंद से ग्रसित लोगों को लाभ देता है। कच्चा पपीता रोजाना इस्तेमाल करने से आंखों के लेंस नए जैसे चमकने लगते हैं।
विटामिन सी 
मोतियाबिंद के इलाज में विटामिन सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन सी के सेवन से मोतियाबिंद संरचनाओं को रोका जा सकता है। आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों को इस्तेमाल करें, जिनमें विटामिन सी ज्यादा से ज्यादा हो। इसके अलावा विटामिन सी सप्लीमेंट के रूप में भी लिया जा सकता है।
कच्ची सब्जियां 
कच्ची सब्जियां आंखों के लिए चमत्कार का काम कर सकती है। कच्ची सब्जियों में पोषक तत्व और विटामिन ए की उच्च मात्रा होती है जो कि आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अपने दैनिक आहार में कच्ची सब्जियों को इस्तेमाल करने से मोतियाबिंद के साथ ही आंखों की अन्य सामान्य समस्याओं से भी निपटा जा सकता है। कच्ची सब्जियों को सलाद के रूप में जितना संभव हो खाएं।
जामुन 
जामुन से मोतियाबिंद पूरी तरह नहीं हटता लेकिन दृष्टि की अस्पष्टता को जामुन खाने से ठीक किया जा सकता है। जामुन में एंथोसायनोसाइड्स तथा फ्लेवनाइड्स काफी अधिक होते हैं जो कि रेटिना और आंखों के लैंस की रक्षा करते हैं।

(नोट: किसी भी प्रकार के प्रकार के घरेलू नुस्ख़े आजमाने से पहले डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।)

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

प्राकृतिक रूप से ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हैं ये 7 आहार

प्राकृतिक रूप से ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हैं ये 7 आहार

अगर आप कम होते प्‍लेटलेट्स से परेशान हैं तो घबराइए नहीं क्‍योंकि आप अपने आहार कुछ फूड को शामिल कर ब्‍लड प्‍लेटलेट्स को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं और खुद को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त भी कर सकते हैं।

शरीर में प्‍लेटलेट्स की संख्‍या कम होने की स्थिति को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के नाम से जाना जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट ब्‍लड में 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रोलीटर होते है। लेकिन जब यह काउंट 150 हजार प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाये तो इसे लो प्लेटलेट माना जाता है। कुछ खास तरह की दवाओं, आनुवंशिक रोगों, कुछ खास तरह के कैंसर, कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट, अधिक एल्कोहल के सेवन व कुछ खास तरह के बुखार जैसे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के होने पर भी ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। लेकिन घबराएं नहीं क्‍योंकि कुछ आहारों की मदद से ब्‍लड प्‍लेटलेट्स को प्राकृतिक रूप से बढ़ाया जा सकता है।


चुकंदर :
चुकंदर का सेवन प्‍लेटलेट को बढ़ाने वाला एक लोकप्रिय आहार है। प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट और हेमोस्टैटिक गुणों से भरपूर होने के कारण, चुकंदर प्‍लेटलेट काउंट को कुछ ही दिनों बढ़ा देता है। अगर दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक गिलास गाजर के रस में मिलाकर पिया जाये तो ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं। और इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट की मौजूदगी के कारण यह शरीर की प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ाते हैं। 

पपीता :
पपीता के फल और पत्तियां दोनों का ही इस्‍तेमाल कुछ ही दिनों के भीतर कम प्‍लेटलेट को बढ़ाने में मदद करते हैं। 2009 में, मलेशिया में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एशियाई संस्थान में शोधकर्ताओं ने पाया कि डेगू बुखार में गिरने वाले प्‍लेटलेट को पपीता के पत्ते के रस के सेवन से बढ़ाया जा सकता है। आप चाहें तो पपीते की पत्तियों को चाय की तरह भी पानी में उबालकर पी सकते हैं, इसका स्वाद ग्रीन टी की तरह लगेगा।

नारियल पानी:
शरीर में ब्‍लड प्‍लेटलेट को बढ़ाने में नारियल का पानी भी बहुत मददगार होता है। नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स अच्छी मात्रा में होते हैं। इसके अलावा यह मिनरल का भी अच्छा स्रोत है जो शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

आंवला :
प्‍लेटलेट को बढ़ाने के लिए आंवला लोकप्रिय आयुर्वेदिक उपचार है। आंवला में मौजूद भरपूर मात्रा में विटामिन सी प्‍लेटलेट्स के उत्‍पादन को बढ़ाने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है। नियमित रूप से सुबह के समय खाली पेट 3-4 आंवला खाये। यह आप दो चम्‍मच आंवले के जूस में शहद मिलाकर भी ले सकते हैं।

कद्दू :
कद्दू कम प्‍लेटलेट कांउट में सुधार करने वाला एक और उपयोगी आहार है। यह विटामिन ए से समृद्ध होने के कारण प्‍लेटलेट के उचित विकास का समर्थन करने में मदद करता है। यह कोशिकाओं में उत्‍पादित प्रोटीन को नियंत्रित करता है, जो प्‍लेटलेट के स्‍तर को बढ़ाने के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। कद्दू के आधे गिलास जूस में एक से दो चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार लेने से भी ब्‍लड में प्लेटलेस्ट की संख्या बढ़ती है।

गिलोय :
गिलोय का जूस ब्‍लड में प्‍लेटलेट को बढ़ाने में काफी मददगार होता है। डेंगू के दौरान नियमित रूप से इसके सेवन से ब्लड प्लेट्स बढ़ने लगती हैं और आपकी प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती है। दो चुटकी गिलोय के सत्व को एक चम्मच शहद के साथ दिन में दो बार लें या फिर गिलोय की डंडी को रात भर पानी में भिगो कर सुबह उसका छना हुआ पानी पी लें। इससे ब्‍लड में प्‍लेटलेट बढ़ने लगते हैं। 

पालक :
पालक विटामिन 'के' का एक अच्‍छा स्रोत है और अक्सर कम प्लेटलेट विकार के इलाज में मदद करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। विटामिन 'के' सही तरीके से होनी वाली ब्‍लड क्‍लॉटिंग के लिए आवश्‍यक है। इस तरह से यह बहुत अधिक ब्‍लीडिंग के खतरे को कम करता है। दो कप पानी में 4 से 5 ताजा पालक के पत्‍तों को डालकर कुछ मिनट के लिए उबाल लें। इसे ठंडा होने के लिए रख दें। फिर इसमें आधा गिलास टमाटर मिला दें। इसे मिश्रण को दिन में तीन बार पीयें। इसके अलावा आप पालक का सेवन सूप, सलाद, स्‍मूदी या सब्‍जी के रूप में भी कर सकते हैं।