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सोमवार, 16 अप्रैल 2018

7 दिन सुबह खाली पेट खा लें सिर्फ 4 काली मिर्च, ये परेशानियां हो जाएगी खत्म।

7 दिन सुबह खाली पेट खा लें सिर्फ 4 काली मिर्च, ये परेशानियां हो जाएगी खत्म।


काली मिर्च क्वीन ऑफ स्पाइस के नाम से भी मशहूर हैं। यह हमारे भारतीय मसाले का अहम हिस्सा हैं। काली मिर्च हमारे भोजन का स्वाद ही नहीं बल्कि यह कई बीमारियों के ईलाज में बहुत ज्यादा लाभदायक हैं। काली मिर्च खाने के फायदे बहुत होते हैं। आप इसे लगभग सभी तरह की सब्जियों में डालकर खा सकते है और इसके गुणों का लाभ उठा सकते है। इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, कैरोटिन, थाईमन जैसे पोष्टिक तत्व होते है। अगर आप इसे खाली पेट खाते हैं तो इसके कई सारेे फायदे आपको मिलेंगे। 7 दिन में ही आपकी कई सारी परेशानियां खत्म होने लगेगी। कई परेशानियां तो तुरंत इसको खाते ही खत्म हो जाएंगी।

मलेरिया में काली मिर्च का बहुत फायदा होता हैं। साथ ही दांतों के दर्द को यह पलक झपकते ठीक कर देती हैं। आँखों की रौशनी के लिए भी यह बहुत गुणकारी होता हैं। अगर शरीर के किसी अंग पर सूजन हो जाए तो काली मिर्च को पीसकर उसका लेप लगाने से आराम मिलता हैं। एक चम्मच घी और 8 काली मिर्च व शक्कर को मिलाकर रोजाना चाटने से याद शक्ति में सुधार होता है तथा दिमाग की कमजोरी दूर होती है |

कालीमिर्च के इस्तेमाल से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन बनता है, जो अच्छे मूड के लिए जिम्मेदार होता है। सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ने से डिप्रेशन में फायदा मिलता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ गया हो तो 5 काली मिर्च का पाउडर को आधे गिलास पानी में मिलाकर पीएं। आपका बीपी कंट्रोल होने लगेगा। चुटकी भर पीसी हुई काली मिर्च आधा चमच घी के साथ मिला कर खाना खाने के बाद चाटने से खांसी ठीक हो जाती है।

कटे नींबू पर काला नमक और काली मिर्च का पाउडर लगाकर इसका रस चूसें। यह आपकी अपच व गैस की समस्या को पल भर में दूर कर देगी। यदि पेट में कीड़े की समस्या हो तो थोड़ी सी मात्रा में काली मिर्च के पाउडर को एक गिलास छाछ में घोलकर पी लें। कालीमिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लैवोनॉयड्स और एंटी -ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो कि कैंसर से बचाव करते हैं।

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

अनेक रोगों का जड़ से नाश करता है सत्यनाशी का पौधा

अनेक रोगों का जड़ से नाश करता है सत्यनाशी का पौधा



आर्युवेद में सत्यनाशी पौधा एक बहुउपयोगी औषधि रूप है। सत्यनाशी यानि कि सभी प्रकार के रोगों का नाश करने वाला खास वनस्पति। सत्यनाशी पौधा बंजर, नदी किनारे, जगलों, खाली जगहों में पाये जाते हैं। सत्यनाशी पौधा लगभग 3 फीट तक लम्बा होता है। फूल पीले और पत्ते हरे तेज नुकीले होते हैं। और बीज सरसों दानों की तरह होते हैं। कोमल पत्ते-तने तोड़ने पर दूध जैसा तरल निकलता है। सत्यनाशी पौधा भारत में लगभग सभी राज्यों में पाया जाता है। जिसे अलग-अलग नामों  स्वर्णक्षीरी, कटुपर्णी, पीला धतूरा, स्याकांटा, फिरंगीधूतरा, भड़भांड़, काटे धोत्रा, मिल धात्रा, दारूड़ी, चोक, कटसी, भटकटैया पौधा, सोना खिरनी, कुश्मक, शियालकांटा, कुडियोटिट, और अंग्रेजी में Argemone mexicana, Prickly Poppy, Mexican Poppy, Satyanashi से पुकारा जाता है। सत्यनाशी औषधि और तेल रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

पीलिया रोग में उपयोगी
सत्यनाशी के पौधे का उपयोग पीलिया रोग में बहुत कारगर साबित होता हैं। पीलिया के रोगी को आधा चम्मच सत्यनाशी तेल गन्ने के जूस के साथ पीने से पीलिया रोग में जल्दी छुटकारा मिल जाता हैं।

जलोदर में सत्यनाशी का उपयोग
जलोदर यानि पेट, फेफड़ो और शरीर के अंगो में पानी भरने की समस्या में सत्यनाशी को रामबाण औषधि माना जाता हैं। इसके लीये 1 चम्मच सत्यनाशी तेल और चुटकी भर सेंधा नमक को एक गिलास गुनगुने पानी में डालकर रोज सुबह पिया जाए तो, कुछ ही दिनों में इस समस्या से छुटकारा मिल जाता हैं।

मुंह के छाले की समस्या
मुंह में छाले होने पर सत्यनाशी के कोमल डंठल और पत्तियां चबानी चाहिए। और कुछ देर बाद थोड़ा दही और चीनी खाने से मुंह के छालों में तुरंत रहत मिलती हैं।

बवासीर में सत्यनाशी 
बवासीर को ठीक करने में सत्यनाशी एक खास औषधि रूप है। सत्यनाशी जड़, चक्रमरद बीज और सेंधा नमक बारीक पीसकर चूर्ण तैयार कर लें। रोज सुबह शाम चुटकी भर सत्यनाशी मिश्रण चूर्ण दही के साथ खाने से बवासीर घाव ठीक करने और बवासीर जड़ से मिटाने में सहायक है। सत्यनाशी जड़, चक्रमरद बीज और सेंधा नमक मिश्रण गुड़ पानी के साथ भी सेवन कर सकते हैं।

चोट घाव में सत्यनाशी पौधा 
चोट घाव ठीक करने में सत्यनाशी फूल, पत्तियों का रस अचूक औषधि मानी जाती है। सत्यनाशी फूल पत्तियों का रस घाव जल्दी भरने में सहायक और घाव को संक्रमित होने से बचाने सहायक है।

दमा रोग में सत्यनाशी 
सत्यनाशी फूल, कोमल पत्तों से कांटे अलग करे, फिर फूल और कांटे बिने पत्तों को बरीक पीसकर फंक बना लें। रोज सुबह शाम सत्यनाशी आधा चम्मच से कम फंक गर्म पानी के साथ सेवन करने से दमे की खांसी से जल्दी आराम मिलता है। और 1 चम्मच सत्यनाशी तेल मिश्री, गुड़ के साथ खाने से दमा रोग से जल्दी छुटकारा मिलता है।

कुष्ठ रोग रोकथाम में सत्यनाशी 
कुष्ठ रोग फैलने से रोकने में सत्यनाशी सहायक है। सत्यनाशी के फूल, पत्तों और नींम के पत्तों को बारीक कूटकर पानी में उबालें। फिर पानी गुनगुना ठंड़ा होने पर नहायें। आधा चम्मच सत्यनाशी फूल रस दूध के साथ सेवन करें। सत्यनाशी तेल खाने में इस्तेमाल, और कुष्ठ ग्रसित त्वचा पर लगायें। सत्यनाशी पौधा कुष्ठ रोगी के लिए फायदेमंद है।

आंखों के विकारों के लिए सत्यनाशी 
नजर कमजोर होने पर, मोतियाबिन्दु होने पर सत्यनाशी के दूध को मिश्री, कच्चे दूध के साथ सेवन करना फायदेमंद है। सत्यनाशी दूध और ताजा मक्खन या फिर गाय के घी के साथ मिलाकर आंखों पर सुरमे - काजल की तरह लगाने से अंधापन्न, रतौंदी, आंखों जलन समस्या दूर करने में सहायक है।

तुतलाने-हकलाने पर सत्यनाशी  
हकलाने तुतलाने की समस्या में सत्यनाशी पत्तों - तनों के दूध को जीभ कर लगाना फायदेमंद है। और सत्यनाशी पत्तों का रस बरगद के पत्तों पर लगाकर हल्का 5-7 मिनट सुखायें। फिर खाने के दौरान थाली की जगह बरगद के पत्तों का इस्तेमाल करें। और बरगद के पत्तों पर लगे सत्यनाशी रस पर शहद लगाकर चाटने से बच्चों की तुतलाने-हकलाने की समस्या जल्दी ठीक करने में सहायक है।

दांतों के लिए सत्यनाशी 
दांतों में कीड़ा लगने पर सत्यनाशी तने और नींम तने से लगातार रोज दांतून करने से दांतों के कीड़ा, दांत दर्द से जल्दी छुटकारा मिलता है। दांतों के लिए सत्यनाशी तना और नींम तना से एक साथ मिलाकर दांतुन करना खास फायदेमंद है। 

गैस कब्ज में सत्यनाशी 
गैस कब्ज समस्या में सत्यनाशी जड़ और अजवाइन उबालकर काढ़ा तैयार कर लें। रोज सुबह शाम सत्यनाशी काढ़ा पीने से गैस कब्ज की समस्या मात्र 10-15 दिनों में ठीक करने में सहायक है।

पेट कीड़ साफ करे सत्यनाशी  
पेट में कीड़ों की समस्या होने पर सत्यनाशी जड़ और आधे से थोड़ा कम मात्रा में कलौंजी मिलाकर पीसकर फंक गुनगुने पानी के साथ पीने से पेट के कीड़े शीध्र नष्ट करने में सहायक है।

खाज खुजली में सत्यनाशी 
सत्यनाशी बीज और सत्यनाशी दूध मिश्रण कर ग्रसित खाज खुजली वाली त्वचा पर लगाने से जल्दी आराम मिलता है। सत्यनाशी फूल पत्तों का आधा-आधा चम्मच रस रोज सुबह शाम पीयें। खाज खुजली ठीक करने में सत्यनाशी फायदेमंद है।

गठिया जोड़ों के दर्द में सत्यनाशी तेल 
सत्यनाशी तेल में लहसुन पकाकर अच्छे से मालिश मसाज करने से गठिया जोड़ों के दर्द में असरदार दर्द निवारण है।

पुरूर्षों महिलाओं की अन्दुरूनी कमजोरी दूर करे सत्यनाशी 
पुरूर्षों महिलाओं दोनों की अन्दुरूनी गुप्त बीमारी नपुंसकता, धातुरोग, वीर्य कमजोरी, शुक्राणुओं की गड़बड़ी और निसंतान कलंक दूर करने में सत्यनाशी पौधा एक अचूक प्राचीनकालीन औषधि है। महिलाओं पुरूर्षों के गुप्त रोगों में सत्यनाशी के फूल रस, पत्तियों का रस  आधा चम्मच सुबह शाम कच्चे दूध के साथ सेवन करना फायदेमंद है। सत्यनाशी बीज तेल से मालिश और 50 ग्राम सत्यनाशी जड़ों 1 लीटर पानी में हल्की आंच में उबाल कर काढ़ा तैयार करें और रोज सुबह शाम 2-2 चम्मच पीने से जल्दी फायदा होता है। निसंतान दंम्पतियों के लिए सत्यनाशी पौधा अचूक औषधि मानी जाती है। पुरूर्षों महिलाओं के लिए सत्यनाशी Libido Boosters  है। 

लिंग कमजोरी दूर करे सत्यनाशी तेल मालिस 
सत्यनाशी बीज तेल मालिस मसाज पुरूर्षों की लिंग स्थिलिता कमजोरी दूर करने में खास सहायक है। सत्यनाशी तेल मालिस कमजोर नसों में रक्त संचार तीब्र और सुचारू बनाये रखने में और लिंगवर्धक में सक्षम है।

पेशाब जलन में सत्यनाशी 
पेशाब में जलन, संक्रामण होने पर सत्यनाशी जड़ों को उबालकर काढ़ा तैयार कर लें। रोज सुबह शाम पीने से पुरानी से पुरानी पेशाब जलन - दर्द समस्या दूर करने में सहायक है।

सावधानियां 
  • सत्यनाशी सेवन गर्भावस्था के दौरान मना है।
  • गम्भीर सर्जरी में सत्यनाशी सेवन मना है।
  • सत्यनाशी सेवन 2 साल से छोटे बच्चों के लिए मना है।
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बुधवार, 24 जनवरी 2018

नीम की दातुन से दांत साफ़ करने के फायदे

नीम की दातुन से दांत साफ़ करने के फायदे


दांतों को मनुष्य का अनमोल रत्न माना जाता है। इसलिए इनकी देखभाल करना भी बेहद जरुरी है। आजकल बाजार में बहुत से ऐसे प्रोडक्ट मौजूद है जो दावा करते है की इसे यूज करने के बाद आपके दांत मजबूत और चमकीले बनेंगे। लेकिन वास्तव में देखा जाए तो ये चीजें केवल परेशानी का कारण बनती है। भले ही एक दो दिन ये आपको कोई समस्या नहीं दें लेकिन लंबे समय तक प्रयोग करने के बाद होने वाले नुकसान आपके दांतों के लिए काफी दुखदायी होते है।

ये बात तो आप सभी जानते होंगे, पुराने जमाने में कोई ब्रांडेड टूथपेस्ट और मंजन नहीं हुआ करते थे लेकिन उस समय भी लोगों के दांत बुढ़ापे तक सही सलामत रहते थे। जिसका कारण उनके द्वारा यूज की जाने वाली आयुर्वेदिक चीजें हुआ करती थी। लेकिन वर्तमान में अधिकतर लोग दांतों से संबंधित समस्यायों से परेशान दिखाई पड़ते है। जिसका सीधा अर्थ ये है की दांत साफ करने के लिए गलत चीजों का इस्तेमाल बहुत नुकसानदायक हो रहा है।
ऐसे में प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। दातुन के बारे में तो आप सभी भली-भांति जानते होंगे। क्योंकि शहरों में न सही लेकिन गावों में आज भी बहुत से लोग है जो अपने दांतों को साफ़ करने के लिए टूथपेस्ट नहीं बल्कि दातुन का प्रयोग करते है। दातुन करने से न केवल आपके दांत साफ़ होते है बल्कि उन्हें कई बिमारियों से सुरक्षा भी मिलती है।
दातुन करने से केवल दांत ही नहीं अपितु आपको जीभ भी अच्छी तरह साफ़ होती है और उस पर मौजूद कीटाणु भी नष्ट हो जाते है। लेकिन आजकल के ब्रांडेड टूथपेस्ट के समक्ष कोई भी व्यक्ति इसे पूछता तक नहीं। क्योंकि वे इसे केवल समय की बर्बादी और पेड़ का तना ही समझते है। जबकि वे नहीं जानते की ये पेड़ का तना भी उनके दांतों के लिए कितना लाभकारी है। यहाँ हम आपको दातुन करने के कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे है। जिन्हें जानकर हो सकता है आप भी इस प्राकृतिक वस्तु का इस्तेमाल करने लगें।

आयुर्वेद के अनुसार दांतों के लिए वरदान है दातुन :-
आयुर्वेद के अनुसार अर्क, न्यग्रोध, खदिर, करज्ज, नीम बाबुल आदि के पेड़ों के तने से दातुन करने के लिए कहा जाता है। इस वेद के मुताबिक, मुंह को कफ की सबसे बड़ा वजह माना जाता है। जब आप रात्रि के बाद सुबह जागते है तो आपके मुंह में कफ जमा हो जाता है जिसमे कई बैक्टीरिया और हानिकारक विषाणु भी होते है। इन विषाणुओं को समाप्त करने के लिए नियमित रूप से दातुन करने की सलाह दी जाती है।

जिसमे सबसे अधिक महत्व नीम की दातुन को दिया जाता है। क्योंकि इससे न केवल आपके दन्त स्वस्थ होते है अपितु आपकी पाचन क्रिया भी सुधरती है और आपके फेस पर एक नया ग्लो भी आता है। इसलिए आज भी बहुत से लोग नीम की दातुन का इस्तेमाल दांत साफ़ करने के लिए करते है।

टूथपेस्ट से बेस्ट होता है दातुन :-
आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकतर टूथपेस्ट को बनाने में केमिकल का इस्तेमाल किया जाता जो दांतों को साफ करते है। लेकिन मसूड़ों तक पहुंचने के बाद ये टूथपेस्ट काफी नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा कई बच्चे टूथपेस्ट निगल भी लेते है जो उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

जबकि दातुन न केवल आपको दांतों की सफाई करता है अपितु आपकी जीभ को भी बैक्टीरिया मुक्त करता है। साथ ही यह मसूड़ों से संबंधित समस्यायों को भी दूर करता है। और गलती से आप अगर इसके रस को निगल भी लें तो उसका स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव भी नहीं होता।

नीम की दातुन करने के क्या-क्या फायदे होते है?
दांतों को साफ़ करने के लिए सबसे अधिक नीम की दातुन का ही इस्तेमाल किया जाता है। ये न केवल आपके दांतों को स्वस्थ बनाती है। बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए बभी अच्छी होती है। इसके फायदे कुछ इस प्रकार है –

1. दांतों का पीलापन :
नियमित रूप से नीम की दातुन करने से दांतों का पीलापन दूर किया जा सकता है। आज के समय में अधिकतर लोगों के दांतों पीले नजर आते है। ऐसे में अगर आप नीम की दातुन करते है तो आपके दांतों का पीलापन दूर हो जाएगा साथ ही वे सफ़ेद, मजबूत और चमकदार बनेंगे।

2. मुंह के छालें :
नीम में मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण और एंटी ओक्सिडेंट तत्व मुंह के छालों को ठीक करने में मदद करते है। ये मुंह में मौजूद सभी बैक्टीरिया को समाप्त करते समस्या को दुबारा पनपने नहीं देते।

3. फेस की कसरत :
अक्सर अपने देखा होगा की ब्रश तो आप सामान्य रूप से करते है लेकिन जब दातुन किया जाता है तो दांतों की सफाई के साथ साथ आपके फेस की भी कसरत होती है। जिससे फेस की नियमित एक्सरसाइज होती रहती है। ऐसे में आपका फेस सुन्दर और स्लिम भी बनता है।

4. दांतों का दर्द :
नीम की दातुन से निकलने वाला रस न केवल दांतों की समस्यायों को दूर करता है अपितु आपके दांतों के दर्द को भी ठीक करता है। इसमे मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल गुण दांतों की नसों को आराम दिलाकर दर्द ठीक करने में मदद करते है। साथ ही इससे मसूड़े भी मजबूत होते है। नीम की दातुन करने से बुढ़ापे तक दांतों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

5. दांत में कीड़ा :
चॉकलेट आदि खाने की वजह से अक्सर छोटे बच्चों के दांतों में कीड़ा लग जाता है। जिसकी वजह से दांतों में तो दर्द होता ही है साथ-साथ खाने पीने में भी समस्याएं होने लगती है। ऐसे में यदि आप अपने बच्चे को नियमित रूप से नीम की दातुन कराते है तो उसके दांतों में कीड़ा नहीं लगेगा। और वे अच्छी तरह से साफ़ होंगे। इस दातुन से मुंह में मौजूद कीटाणु भी समाप्त हो जाएँगे।

6. सांसों की बदबू :
अक्सर खाने पीने या किसी अन्य कारण की वजह से सांसों से बदबू आने लगती है। ऐसे में यदि आप नियमित रूप से नीम का दातुन का इस्तेमाल करते है तो आपके मुंह से कभी बदबू नहीं आएगी। और आपकी सांसे फ्रेश और ताजगी भरी रहेंगी।

7. सेंसिटिविटी :
दांतों में सेंसिटिविटी होना आज के समाज की आम समस्या बनता जा रहा है। इए में अगर आप नीम की दातुन का इस्तेमाल करते है तो आपके दांतों से सेंसिटिविटी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी और आपके दांत स्वस्थ और अच्छे रहेंगे।

तो ये थे नीम के कुछ फायदे जिन्हें जानकार आप भी इस प्राकृतिक देन का इस्तेमाल करने के बारे में जरुर सोचेंगे। एक बात और, नीम की दातुन को हमेशा ताजा तोड़कर ही प्रयोग में लाना चाहिए। स्वाद में यह काफी कडवा होता है तो छोटे बच्चों को इस्तेमाल कराते समय विशेष ध्यान रखें।

सोमवार, 15 जनवरी 2018

जानिए कैसे घरेलु चीज़ो से आप बन सकते है घर का वैध

जानिए कैसे घरेलु चीज़ो से आप बन सकते है घर का वैध


रोजमर्रा की जिंदगी में हर दिन इंसान किसी ना किसी परेशानी के साथ दिन की शुरूआत करता है। और इन परेशानियों को सुलझाने में और ज्यादा परेशान हो जाता है। कई ऐसी समस्याएं जो हमारें शरीर से जुड़ी होती है जैसे सुबह उठते ही पता चला कि चेहरें पर एक नया पिपंल्स दस्तक दे चुका है, तो हो गई परेशानी शुरू। फिर ना जाने क्या-क्या उपाय करने लगते है और उन समस्या का निदान होने से ज्यादा उसमें उलझना पड़ता है।

वैसे हमारी रोज की लाइफ में हम कई ऐसी चीजों का उपयोग करते है, जिनका दूसरा इस्तेमाल भी किया जा सकता है लेकिन बिना जानकारी के हम उसे उपयोग में नही कर पातें है। घर में मौजूद चीज़ों से हम अपनी कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। तो चलिए, आज हम आपको भी इन नुस्खों के बारे में बताते हैं, जिन्हें इस्तेमाल कर के अपनी ज़िंदगी को थोड़ा आसान बना सकते हैं….

वोदका
शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेकिन इसके कई ऐसे उपयोग है जिन्हें हम नही जानते है, अगर शराब के उपयोग के बारें में किसी से भी पुछा जाएं तो सभी के पास एक ही जवाब रहता है कि ये पीने के काम आती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि शराब से आपके पैरो से आने वाली बदबू को खत्म किया जा सकता है। इसके लिए एक कपड़े में शराब डालकर उस कपड़े से अपने पैरो को साफ करें इससे बदबू गायब हो जाऐगी और अगर इस काम को आप लगातार 1 हफ़्ते तक करें, तो फिर कभी पैरों से बदूब आने का कोई चांस नहीं होगा।

टूथपेस्ट
टूथपेस्ट का नाम आते ही दिमाग में ब्रश और टूथपेस्ट मुंह में घुमने लगते है। लेकिन क्या आपको पता है टूथपेस्ट से दांतों को साफ़ करने के अलावा भी कुछ और काम में लिया जा सकता है। अगर आपके चेहरें पर अनचाहे मुहांसे और पिपंल्स है तो आपको किसी महंगी क्रीम या फ़ेसवॉश की जरूरत नही है बस थोड़ा सा टूथपेस्ट मुहांसे और पिम्पल्स पर लगा लिजिए, ऐसा करने से वे हमेशा के लिए जड़ से ही खत्म हो जाएंगे।

लार 
लार हमारें शरीर के लिए काफी उपयोग है, अगर आपके चेहरें पर मुहांसे और पिम्पल्स हो रहें है तो परेशान ना हो, आपको सुबह उठकर बिना ब्रश किए और पानी पिएं अपने मुंह की लार को अपने मुहांसे और पिम्पल्स पर लगाना है। और करीब एक घंटें बाद आप उसे धो लें ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपके चेहरें से मुहांसे और पिम्पल्स हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।

बेकिंग सोडा और नींबू
कई बार पानी की शिकायत या फिर ज्यादा दवाइयों के उपयोग से दांत खराब हो जाते है। ऐसे में ब्रश करने पर भी दांत साफ नही हो पाते है और पीलेपन की शिकायत रहती है। ऐसे में आप घबराएं नहीं बल्कि थोड़ा सा बेकिंग सोडा और नींबू लेकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट से अपने दांतों को साफ करें लेकिन याद रहें कि रोजाना ना करें। सिर्फ सप्ताह में एक बार साफ करने पर ही आपके दांत मोतियों से चमकने लगेंगे।

क्रोसिन टैबलेट
क्रोसिन टैबलेट को देखते ही कई लोगो का सिरदर्द कम होने लगता है और कईयों का लेने के बाद खत्म हो ही जाता है। लेकिन क्या आपको पता है यह गोली शैम्पू का भी काम कर सकती है। असल में क्रोसिन की सिर्फ दो गोली का चूरा बनाकर इसें शैम्पू में मिलाकर आपे बालों में लगाएं। ऐसा करके बालों को 5 मिनट के लिए छोड़ दे। और उसके बाद बालों को धो लें। ये आपके बालों से पूरी तरह से डैंड्रफ़ को हटा देगा।

सरसों का तेल
सरसों का तेल काफी गुणवत्ता और सेहत के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि कई लड़कियां अपने आप को फिट रखने के चक्कर में इससे परहेज करती है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप लम्बें नाखून रखने की शौकिन है तो आपको अपने नाखून पर रोज सरसों के तेल की मालिश करनी शुरू कर देनी चाहिए। इससे आपके नाखून मजबूत होंगे और उनमें तेजी से ग्रोथ होगी।

चॉकलेट
चॉकलेट का नाम सुनते ही आपके भी मुंह में पानी आ गया ना ! लेकिन क्या आपको पता है चॉकलेट खाने से शरीर का तनाव खत्म होता है। और अगर आपकी त्वचा रूखी और बेजान है तो भी ये आपके लिए काफी फायदेमंद है। इसक लिए आपको एक चम्मच आॅलिव आॅयल में चाॅकलेट को मिलाकर उसके पेस्ट को अपने चेहरें पर लगाना होगा। फिर देखिए आपका चेहरा कैसे चमकने लगता है और रूखापन भी खत्म हो जाएगा।

प्याज़
प्याज़ का नाम सुनते ही कई लोग मुंह चिढाने लगते है क्योकि उनके मुंह से प्याज की बदबू जो आने लगती है। वैसे प्यार हर रसोई में आपको मिल जाएगा। आपको पता है प्याज शरीर के लिए काफी फायदेमंद भी है। अगर आप प्याज को पीसकर उसके रस को अपने बालों की जड़ों में लगातें है तो इससे बालों का झड़ना बंद हां जाएगा और साथ ही नए बाल आने में भी काफी मदद मिलेगी।

कोल्ड ड्रिंक्स
वैसे तो ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पीना स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। लेकिन फिर भी अगर ये आपकी बीमारी में आपका साथ दे सकती है वो भी सिर्फ दवाई के तौर पर। अगर आपको पेट दर्द या गैस की समस्या है तो कुछ वक्त के लिए दर्द से निजात पाने के लिए आप एक गिलास कोल्ड ड्रिंक पी सकते है। इससे आपको फौरन आराम मिलेगा और दर्द से भी छूटकारा।

ब्रेड और अंडा
कई लोग अपने ब्रेकफास्ट में ब्रेड और अंडा लेना पसंद करते है। जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अच्छा है। लेकिन देर रात आपने ज्यादा शराब पी ली और उसकी वजह से हैंगओवर होना शुरू हो गया है, तो आप ब्रेड और अंडा खा लें। आपका हैंगओवर मिनटों में गायब हो जाएगा।

रविवार, 24 सितंबर 2017

बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर करेगी छोटी-सी काली मिर्च

बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर करेगी छोटी-सी काली मिर्च


काली मिर्च का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते होंगे की काली मिर्च सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद विटामिन ए, विटामिन बी, सेलेनियम और बीटा कैरोटीन जैसे तत्व शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाती है। आपको कैंसर, पेट में अल्सर, डिप्रेंशन, डायरिया, हृदय रोग, आर्थराइटिस और दांतों में दर्द से बचाता है। रोजाा काली मिर्च का प्रयोग करके आप कई तरह की प्रॉब्लम को दूर कर सकते है। तो आइए जानते है किस तरह काली मिर्च आपको इन बीमारियों से दूर रखती है।

1. कैंसर और गठिए की समस्या
काली मिर्च में मौजूद पिपेराइन में आर्थराइटिस और कैंसर से लड़ने के एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते है। इसमें हल्दी मिला कर खाने से इसका असर और भी ज्यादा होता है। इसके अलाव इसमें पोलीफिनोल्स शरीर की रक्त कोशिशकाओं को बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। इससे महिलाएं बैस्ट कैंसर से बची रहती है। इसके अलावा पीसी काली मिर्च में हल्का गर्म तेल मिला कर मालिश करने से मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।

2. पेट का अल्सर
ये पेट के अल्सर के लिए ड्रग की तरह काम करती है। काली मिर्च पेट की सूजन को घटा कर गैस्ट्रिक स्त्राव को रोकने के बाद अंदरुनी लाइंनिग को खुरचती है। जिससे आपके पेट का अल्सर ठीक हो जाता है। एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च का सेवन करने से अल्सर के दर्द से  तुरंत राहत मिलेगी। इसके अलावा इसको 1 गिलास छाछ में मिला कर पीने से पेट में कीड़े भी मर जाते है।

3. उच्च रक्तचाप
उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए काली मिर्च औषधि का काम करती है। इसमें मौजूद पिपेराइन और कैल्शियम शरीर के ब्लड प्रैशर को कंट्रोल करते है। रोजाना सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से ये पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को नम्र बनाता है। काली मिर्च हाईपरटैंशन के रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।

4. दातों के दर्द से राहत
दातों के क्सी भी तरह के दर्द में इसका सेवन करने से आपकी प्रॉब्लम दूर हो जाएगी। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व दात दर्द, सड़न, मुंह के छालों, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू को दूर करता है। काली मिर्च, नमक और लौंग के तेल को मिला कर सुबह इससे कुल्ली करें। इससे कुछ ही समय में आपको इन सब समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।

5. डिप्रेंशन में फायदेमंद
अक्सर लोगों को काम के प्रैशर के कारण डिप्रेंशन का समस्या हो जाती है। इसकी मदद से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन बनता है, जो आपको डिप्रेंशन की समस्या से दूर रखता है। रोजाना सुबह इसका सेवन करने से आप दिन-भर ताजा महसूस करते है।